PM मोदी ने अजीत डोभाल संग की 1 घंटे तक मीटिंग, सीमापार कार्रवाई के अगले चरण पर मंथन, होगा कुछ बड़ा!

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद अब 'ऑपरेशन सिंदूर 2' की अटकलें तेज हो गई हैं। बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के बीच हुई बंद कमरे की एक घंटे लंबी बैठक ने नई रणनीतिक हलचल को जन्म दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक बेहद गोपनीय रही और इसमें सीमापार कार्रवाई के अगले चरण पर मंथन हुआ। भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। इस जवाबी हमले में भारत ने न केवल आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब दिया बल्कि पहलगाम हमले का हिसाब भी चुकता कर दिया। अब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। देश में जश्न, सरहद पर तनाव जहां एक ओर भारत में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर जश्न का माहौल है, वहीं पाकिस्तान में अफरा-तफरी और मातम पसरा हुआ है। पाकिस्तान के लाहौर में आज सुबह हुए ड्रोन अटैक और तीन जोरदार धमाकों ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। सर्वदलीय बैठक में युद्ध की रणनीति पर चर्चा भारत सरकार ने 8 मई को एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। इस बैठक में विपक्षी दलों को ऑपरेशन की जानकारी दी गई और सीमा पर बिगड़ते हालात पर चर्चा हुई।   भाग लेने वाले प्रमुख नेता: कांग्रेस: मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी शिवसेना (UBT): संजय राउत सपा: रामगोपाल यादव TMC: सुदीप बंदोपाध्याय NCP: सुप्रिया सुले  PM मोदी और NSA डोभाल के बीच रणनीतिक बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने ऑपरेशन के बाद सुबह एक बंद कमरे में अहम बैठक की। सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान की संभावित प्रतिक्रिया और भारत की अगली रणनीति पर चर्चा हुई है।  लाहौर में धमाकों से दहशत लाहौर के वाल्टन रोड, गोपाल नगर और नसीराबाद इलाके में लगातार तीन धमाकों से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। ड्रोन हमले की आशंका जताई जा रही है। कराची, सियालकोट और लाहौर एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।  LOC पर गोलाबारी, Poonch में हाई अलर्ट जम्मू-कश्मीर के पूंछ और उरी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग जारी है। नेशनल हाइवे बंद कर दिया गया है, स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजा जा रहा है।   recent visitors 47

मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव प्रशंसनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल नवविवाहित जोड़ों को सफल वैवाहिक जीवन का दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समरसता, एकता और मितव्ययिता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एक ही मंडप में कई जोड़ों का विवाह होना सामाजिक चेतना और बदलती सोच का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रजाखेड़ी बजरिया (मकरोनिया) में सम्पन्न सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का एक ही मंडप में विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब सामूहिक विवाह समाज द्वारा प्रसन्नतापूर्वक सहजता से अपनाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि हमारे समाज की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। यह बेहद प्रशंसनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैवाहिक आयोजनों से वर-वधू दोनों ही पक्षों का आर्थिक बोझ कम हो जाता है और इससे सामाजिक एकता को भी बल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीय अपील की कि हम सब इसी प्रगतिशील सोच को अपनाएं और समाज में सद्भाव, सहयोग एवं सादगी को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से अब तक लाखों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। यह योजना जरुरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान की तरह है। उन्होंने वर-वधू से कहा कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ें। हमारी सरकार सबके रोजगार और सबके हितों की चिंता कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए श्री हितानंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि समाज के जरुरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह का जिम्मा अब सरकार ने ले लिया है। बेटियों के हित में पूरी सरकार साथ हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में एक मिसाल पेश की है। यहां धन के अभाव के कारण किसी गरीब परिवार को अपनी बेटी के विवाह के लिए क़र्ज़ नहीं लेना पड़ता। यहां सरकार कन्यादान योजना में अपने खर्च पर बेटियों का विवाह कराती है। कार्यक्रम स्थल से उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इससे समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए बताया कि आज ही सभी जोड़ों के खाते में योजना में कुल 6 करोड़ 37 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। सम्मेलन के आयोजक नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सबके सहयोग से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस सामूहिक सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया है। कार्यक्रम स्थल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक सागर श्री शैलेंद्र जैन, विधायक बीना श्रीमती निर्मला सप्रे, विधायक बंडा श्री वीरेंद्र लंबरदार, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे।   recent visitors 53

राजस्व विभाग ने पटवारियों के लिए अलग तबादला नीति की जारी, लोकायुक्त केस वालों का नहीं होगा ट्रांसफर

भोपाल मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने पटवारियों के अंतर्जिला संविलियन के लिए नई नीति 2025 जारी की है, जिसमें कई नई शर्तें और प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। इस नीति के तहत पटवारी अब अपनी गृह तहसील में पदस्थ नहीं हो सकेंगे और एक बार जिला आवंटित हो जाने के बाद उसमें कोई बदलाव भी संभव नहीं होगा। नीति में यह भी उल्लेख है कि यदि संविलियन आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पटवारी उपस्थिति नहीं देता है, तो आदेश निरस्त माना जा सकता है। संविलियन प्रक्रिया पर विभाग का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। पटवारी को एक बार जिला मिलने के बाद उसे उस जिले में उपस्थिति देनी ही पड़ेगी जिसके लिए उसने अप्लाई किया है। उस जिले में भी खाली पद होने की स्थिति में ही ट्रांसफर किया जाएगा। राजस्व विभाग ने ये साफ कर दिया है कि आरक्षण नियमों के अनुसार ही ट्रांसफर किए जाएंगे। तीन साल बाद तबादलों से हटी रोक आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। उसके बाद अब तक कोई नई नीति नहीं आई है। अब डॉ मोहन सरकार में नई तबादला नीति 2025 लागू होगी। इस ट्रांसफर पॉलिसी को सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयार किया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। पटवारी परीक्षा 2022 के परिणाम 16 फरवरी 2024 से पहले नियुक्त पटवारी ही सामान्य स्थिति में संविलियन के लिए पात्र होंगे। इसके बाद नियुक्त पटवारी केवल विशेष परिस्थितियों जैसे पति/पत्नी का शासकीय पदस्थापन, गंभीर बीमारी या आपसी आधार पर ही आवेदन कर सकेंगे। संविलियन के बाद जिला कलेक्टर द्वारा तहसील में पदस्थापना की जाएगी, लेकिन गृह तहसील में किसी भी पटवारी की पदस्थापना नहीं की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन करना होगा आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए उनको आयुक्त भूअभिलेख को  ऑनलाइन देना होगा। ऑफलाइन आवेदन या दस्तावेज स्वीकार नहीं होंगे। आवेदन में विशिष्ट श्रेणी जैसे चयन का वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनारक्षित एवं उपवर्ग ओपन, महिला, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग बताना होगा। संविलियन उन्हीं जिलों में होगा, जहां रिक्त पद उपलब्ध होंगे और आरक्षण नियमों एवं जिला रोस्टर का पालन किया जाएगा। एक बार जिला आवंटित हो जाने पर फिर से जिला परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी और पटवारी को अनिवार्यतः कार्यभार ग्रहण करना होगा। नवीन जिले में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पटवारी की वरिष्ठता उसकी प्रथम नियुक्ति तिथि से मानी जाएगी और विभागीय दायित्व भी वहीं से होंगे। तबादले के लिए ऐसे आवेदन कर सकेंगे पटवारी     तबादले के लिए आवेदन करने वाले पटवारी आयुक्त भू-अभिलेख को ऑनलाइन प्रक्रिया के आवेदन करेंगे।     आवेदन में अपनी विशिष्ट श्रेणी जैसे चयन का वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनारक्षित तथा उपवर्ग ओपन, महिला, भूतपूर्व सैनिक दिव्यांग की स्थिति बतानी होगी।     तबादले के लिए कोई ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं होंगे।     जिले के पटवारियों के ऑनलाइन आवेदन में दी गई जानकारी का सत्यापन जिला कलेक्टर द्वारा ऑनलाइन ही किया जाएगा।     आवेदन पत्रों की जांच के बाद संविलियन के लिए पात्र और अपात्र आवेदकों की सूची आयुक्त भू-अभिलेख मप्र ‌द्वारा तैयार की जाकर विभाग को भेजी जाएगी। संविलियन आदेश राज्य शासन के अनुमोदन से आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा जारी किए जाएंगे। संविलयन के लिए इन शर्तों का पालन जरूरी     जिस जिले में संविलयन चाहा गया है, उस जिले में संबंधित वर्ग के रिक्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में ही संविलयन किया जाएगा।     आरक्षण के प्रावधानों एवं जिला आरक्षण रोस्टर के परिपालन में ही संविलयन किया जा सकेगा।     आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर पटवारी को संविलयन किये गये जिले में उपस्थिति देनी होगी।     जिले के अंदर पदस्थापना जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी परंतु किसी भी पटवारी को उसके गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जायेगा।     संविलियन आदेश में किसी भी प्रकार के संशोधन की अनुमति नहीं होगी।     संविलियन पर एक बार जिला आवंटित हो जाने पर पुनः जिला परिवर्तन की पात्रता नहीं होगी।     प्रशासनिक कारणों से किए गए संविलियन में ही पटवारी ‌द्वारा नए जिले में पदभार ग्रहण करने पर उस जिले की संधारित सूची में पटवारी की वरिष्ठता की गणना उसकी संवर्ग में प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाएगी। उधर, डीजीपी ने निरस्त किया रीवा आईजी का आदेश डीजीपी कैलाश मकवाना ने रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत का आदेश निरस्त कर दिया। उन्होंने 1 मई को एसपी रीवा, सीधी, सतना, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली को आदेश जारी किया था। कहा था कि चौकी प्रभारियों, सहायक उपनिरीक्षकों के साथ सब इंस्पेक्टरों और निरीक्षकों के कोई भी तबादले बगैर उनके अनुमोदन के नहीं किए जाएंगे। डीजीपी ने इस आदेश को निरस्त करते हुए कहा है कि यह निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी तबादला नीति की कंडिका 8 में तय किए गए प्रावधानों के विरुद्ध है इसलिए आईजी रीवा के निर्देश निरस्त किए जाते हैं। recent visitors 35

सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने एयरस्ट्राइक की सराहना की और सरकार के हर निर्णय, सेना की हर कार्रवाई में साथ देने की बात कही

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च कर पाकिस्तान में आतंकियों के नौ ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था. सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक में सभी दलों के नेताओं ने एयरस्ट्राइक की सराहना की और सरकार के हर निर्णय, सेना की हर कार्रवाई में साथ देने की बात कही. ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुई इस बैठक में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बैठक में शामिल नहीं होने का मुद्दा उठाया. खड़गे ने बैठक में यह भी कहा कि जो काम कर रहे हैं, करते रहिए. हम आपके साथ हैं. उन्होंने बैठक में राफेल मार गिराने के पाकिस्तानी दावे का भी जिक्र किया, लेकिन किसी ने भी इस विषय पर सरकार से जवाब देने को नहीं कहा. सर्वदलीय बैठक के बाद बाहर आए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमें जो बताया गया, हमने वह सुन लिया. हमने सरकार को समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि हम इस घड़ी में सरकार के साथ खड़े हैं. पीएम को शायद लगता है कि वह संसद से ऊपर हैं. जब वक्त आएगा, तब बात करेंगे लेकिन अभी इस घड़ी में हम किसी की आलोचना नहीं करेंगे. यह समय एकजुटता का- राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा कि हमने कहा है कि देशहित में सरकार के साथ रहेंगे. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम एकजुट हैं और शुरुआत से ही सरकार के साथ हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हां, कुछ चिंताएं हैं लेकिन ठीक है. यह समय एकजुटता का है. बैठक के बाद राहुल गांधी ने बाहर आकर कहा कि हम सभी ने सरकार को समर्थन दिया है. सभी दलों के नेताओं को बोलने के लिए 4 से 5 मिनट का समय दिया गया. कांग्रेस के साथ ही समाजवादी पार्टी ने भी सर्वदलीय बैठक से प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी का मुद्दा उठाया. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने बठिंडा में फाइटर जेट मार गिराए जाने वाले दावे से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट का मुद्दा उठाया. बैठक की शुरुआत में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में जानकारी दी. हालांकि, रक्षा मंत्री ने इस बैठक में ऑपरेशनल डिटेल नहीं दी. सभी पार्टियों के नेताओं ने सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि हम साथ हैं. बैठक के बाद बाहर आए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे अच्छा बताया. किरेन रिजिजू ने कहा कि यह ऑपरेशन अभी जारी है, इसलिए इस पर अलग से ब्रीफिंग नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि यह बहुत संवेदनशील विषय है और सभी ने पूरी गंभीरता से अपनी बातों को रखा है. किरेन रिजिजू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पूरे देश की राजनीतिक पार्टियों के एक लाइन पर बयान आ रहे हैं. यह भी बहुत अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने परिपक्वता दिखाई है. हमारे देश के राजनीतिक दलों ने दिखाया है कि भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है. किरेन रिजिजू ने यह भी कहा कि जब हम ऐसे विषयों पर बात करते हैं, तब इसमें राजनीति का महत्व नहीं है. उन्होंने सभी विपक्षी पार्टियों को धन्यवाद दिया और यह भी कहा कि फेक न्यूज से एकता प्रभावित होती है. PAK पर कार्रवाई दुरुस्त, चीन-तुर्की को भी नसीहत… ओवैसी  इस बैठक के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पूरी जानकारी दी.ओवैसी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में मैंने हमारी सेना की तारीफ की. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया. मैंने बैठक में कहा कि हमें टीआरएफ के खिलाफ इंटरनेशनल कैंपेन चलाना चाहिए, खासतौर से सिक्योरिटी काउंसिल इसका ऐलान करें. ओवैसी ने कहा कि हमें अमेरिका को बताना है कि वो अपने ही मुल्क में टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित करें.  उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में हाफिज सईद के बेटे ने एक स्पीच में कहा था कि हम 2025 में जिहाद करेंगे. ये जिहाद का नाम लेकर भारत में कत्ल करना चाहते हैं. आतंक फैलाना चाहते हैं. हम संयुक्त राष्ट्र से आग्रह करते हैं कि टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित करे. पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में रखा जाए. ओवैसी ने कहा कि हमने ब्रिटेन के साथ ट्रेड डील भी की है. ऐसे में हम उनसे भी कहेंगे कि टीआरएफ को बैन करे. ब्रिटेन का वित्त मंत्रालय पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाए. हमारी अमेरिका से ट्रेड डील होने जा रही है तो ऐसे में अमेरिका से भी कहेंगे कि पाकिस्तान को आतंकी सूची में डाले.   recent visitors 47

केदारनाथ में ITBP तैनात, पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान भी मुस्तैद, अब उत्‍तराखंड के चारधामों में सुरक्षा बढ़ाई

देहरादून भारतीय सेना के पाकिस्तान व पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद अबउत्‍तराखंड के चारधामों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केदारनाथ समेत पड़ाव स्थलों पर आईटीबीपी तैनात है। बदरीनाथ धाम में अब सुरक्षा का जिम्मा आईआरबी संभालेगी। वहीं सीमांत उत्तरकाशी जनपद में पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद हैं। केदारनाथ समेत पड़ाव स्थलों पर आईटीबीपी तैनात रुद्रप्रयाग। पाकिस्तान व भारत के बीच पैदा हुए तनाव के चलते केदारनाथ समेत यात्रा पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केदारनाथ धाम में आईटीबीपी तैनात है, जबकि यात्रा पड़ावों पर भी आईटीबीपी तैनात की गई है। बुधवार को भारत द्वारा पाकिस्तान के नौ ठिकानों पर किए गए कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केदारनाथ धाम आने व जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही जनपद में भी सभी स्थानों पर आने जाने वालों पर पुलिस नजर रख रही है। केदारनाथ धाम में शीतकाल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था आईटीबीपी के पास थी, उसे अभी भी तैनात किया गया है। रेगुलर पुलिस के साथ ही पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था में लगी है। गौरीकुंड, सोनप्रयाग, सीतपुर, रामपुर, गुप्तकाशी व फाटा समसेत यात्रा पड़ावों पर पुलिस के साथ ही आईटीबीपी तैनात की गई है। केदारनाथ धाम में तीस जवान आईटीबीपी के तैनात हैं, इसके अलावा पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के जवान भी तैनात हैं। सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने भी सख्त निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाए। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। युद्ध जैसे हालात की स्थिति को देखते हुए जागरुकता अभियान तेज कर दिए गए हैं। बताया कि केदारनाथ, सोनप्रयाग, गौरीकुंड के साथ ही अन्य प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक एक प्लाटून आईटीबीपी के जवान तैनात है। केदारनाथ धाम में 30 से अधिक आईटीबीपी जवान तैनात हैं। जबकि पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड सहित पर्याप्त फोर्स मौजूद है। जनपद में पुलिस की सरकारी खुफिया एजेंसी द्वारा हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बदरीनाथ में एटीएस तैनात, चलाया चेकिंग अभियान चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्री बदरीनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं व अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने बुधवार को धाम में सघन चेकिंग अभियान चलाया। विशेष रूप से दर्शन के लिए पहुंचे सभी श्रद्धालुओं की गहनता से तलाशी व उनके सामान, बैग की जांच की गई। इस दौरान पुलिस श्रद्धालुओं से लगातार अनुरोध करती रही कि वह अपने साथ मंदिर परिसर के भीतर बैग या बड़ा सामान लेकर न आएं। धाम की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आतंकवादी निरोध दस्ता (एटीएस) को भी तैनात किया गया है। पूरे बदरीनाथ धाम की सुरक्षा का जिम्मा अब एटीएस के कंधों पर है। बदरीनाथ धाम में अब सुरक्षा का जिम्मा आईआरबी को गोपेश्वर: श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने के साथ ही, यहां की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शीतकाल के दौरान धाम की सुरक्षा का दायित्व संभालने वाली भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने अब इंडियन रिजर्व बटालियन को यह जिम्मेदारी सौंप दी है। अब बदरीनाथ धाम की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईआरबी संभालेगी। गौरतलब है कि हर साल शीतकाल में जब श्री बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं, तब विषम परिस्थितियों और भारी बर्फबारी के बीच धाम की सुरक्षा का जिम्मा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को ही सौंपा जाता है। आईटीबीपी के जवान इस दौरान दुर्गम परिस्थितियों में भी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं। इस वर्ष कपाट खुलने के बाद धाम की आगे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए आज यह जिम्मा आईआरबी द्वारा संभाल लिया गया है। सुरक्षा हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत आईटीबीपी की सीमाद्वार यूनिट से आए जवानों ने औपचारिक रूप से आईआरबी को चार्ज सौंपा दिया है। सीमांत उत्तरकाशी में पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भी पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद हैं। यहां चारधाम यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के साथ यात्रा रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बता दें कि मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे बाद भारत ने पाकिस्तान व पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर बमबारी की, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की संभावना जतायी गयी है। recent visitors 36

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मुरिदके शहर स्थित लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर नेस्तनाबूद

 मुरिदके भारतीय सैन्यबलों ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात पाक के कब्जे वाले कश्मीर समेत पाकिस्तान स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया. सेना ने पीओके के मुजफ्फराबाद को निशाना बनाया ही, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरिदके को भी सैन्य एक्शन की जद में लिया. सेना ने मुरीदके के मरकज तैयबा कैंप को नेस्तनाबूद कर दिया. यह वही मरकज है, जहां 26/11 के गुनहगार अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली की ट्रेनिंग हुई थी. भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान से कई वीडियो सामने आए, जो तबाही के निशान समेटे हुए थे. पाकिस्तान के मुरीदके से अब एक नया वीडियो सामने आया है. ताजा वीडियो लश्कर के मुख्यालय मरकज तैयबा का बताया जा रहा है. करीब 82 एकड़ जमीन में फैले इस परिसर के वीडियो में रेस्क्यू की गाड़ियां, एम्बुलेंस खड़ी नजर आ रही हैं. हाफिफ सईद के टेरर कैंप की ध्वस्त इमारतों का बिखरा मलबा भारतीय हमले में हुई तबाही का मंजर बयान कर रहे हैं. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इमारतों की छतें फर्श में तब्दील हो गई हैं. इमारत के अंदर भी दीवारों ने जो बोझ उठा भी रखा है, उसमें भी बस सरिया ही नजर आ रहा है. इमारतों की दीवारों पर लकड़ियों के फ्रेम तो हैं, लेकिन वह भी ऐसे नहीं जो अंदर देखने से रोक पाएं. इमारतों में रखे फर्नीचर तक तबाह हो गए हैं. लश्कर के आतंकी जिस मरकज परिसर में पहुंचकर ट्रेनिंग लेते थे, भारत में आतंकी गतिविधियों के दौरान दिशानिर्देश लेते थे, आका का फरमान पाते थे, उस परिसर में हर तरफ मलबा ही मलबा बिखरा नजर आ रहा है. ताजा तस्वीर यह है कि जिसे पाकिस्तान में आतंकियों की सबसे बड़ी नर्सरी कहा जाता था, वहां बस तबाही ही तबाही नजर आ रही है. ध्वस्त इमारतों के इर्द-गिर्द पाकिस्तान की ओर से लगाया गया सील का लेबल तबाही की कहानी खुद ही बयान कर रहा है. गौरतलब है कि इस मरकज की स्थापना 25 साल पहले हुई थी. तल्‍हा सईद मारा गया या नहीं? यह हमला पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में हुआ, जहां से तल्‍हा सईद ऑपरेशन चल रहा था. हमले में कैंप की दीवारें खून से सन गईं. चारों ओर लाशें ही लाशें बिखरी नजर आईं. सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में तल्‍हा सईद के पांच टॉप कमांडर मारे गए हैं, कहा जा रहा है क‍ि इसमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान भी शामिल था. कैंप में रखे गए सारे हथियार और गोला बारूद जमींदोज हो गए हैं. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ताल्हा सईद स्ट्राइक के वक्त वहां पर मौजूद था या नहीं. तल्हा सईद कैसे चला रहा था कैंप? तल्हा सईद लश्कर-ए-तैयबा का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर है और संगठन की वित्तीय गतिविधियों को संभालता है. 2023 में हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाद तल्हा ने मुजफ्फराबाद कैंप की कमान संभाली थी. कैंप में 18-25 साल के युवाओं को भर्ती कर उन्हें हथियार चलाने, बम बनाने और गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जाती थी. पहलगाम हमले के लिए आतंकियों को इसी कैंप में प्रशिक्षित किया गया था. तल्हा ने सऊदी अरब और खाड़ी देशों से फंडिंग जुटाई, जिसका इस्तेमाल हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया. उसने जिहाद के नाम पर ऑनलाइन डोनेशन कैंपेन भी चलाए.   recent visitors 51

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 126 वीं बैठक की अध्यक्षता कर परियोजनाओं को दी मंजूरी

तय समय पर पूरी हों सभी वृहद परियोजनाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव दो वृहद परियोजनाओं को मिली मंजूरी बी.पी.सी.एल. पेट्रोकेमिकल परियोजना के लिए महुता घाट के डाउनस्ट्रीम में बनेगा बैराज: मुख्यमंत्री डॉ यादव गोठड़ा से शनि मंदिर तक कान्ह नदी के दोनों तटों पर बनेंगे घाट एवं क्षिप्रा नदी के बाएं एवं दाएं तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक होगा घाटों का निर्माण मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 126 वीं बैठक की अध्यक्षता कर परियोजनाओं को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य की सभी विकास परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति में गति लायी जाए और हर स्तर पर नियोजन की स्पष्टता हो। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि परियोजनाओं की सफलता का मूल मंत्र समर्पण, पारदर्शिता और समय प्रबंधन है। उन्होंने कहा कि अधूरी अथवा लंबित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य में तेजी लायी जाए, जिससे जनहित में समय रहते लाभ पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 126 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश में चल रही विभिन्न वृहद परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को समुचित दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के हर पहलू को प्राथमिकता दे रही है। सरकार के प्रयासों का जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिले, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इन 2 वृहद परियोजनाओं को मिली मंजूरी इसके तहत वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 वृहद परियोजनाओं को मंजूरी दी। टर्न की पद्धति पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) पेट्रोकेमिकल परियाजना के लिए महुता घाट के डाउनस्ट्रीम में बैराज एवं संबंधित कार्यों का निर्माण कराया जाएगा। विदिशा एवं सागर जिले में इस परियोजना के तहत 42.94 मिलियन घन मीटर जल संग्रहण क्षमता वाला बांध निर्माण किया जाएगा। कुल 229.78 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली इस वृहद परियोजना में 6.6 कि.मी. लम्बाई की पाइप लाइन बिछाने का काम, पम्प हाउस एवं इंटेकवेल के निर्माण सहित 1.25 मेगावाट के पम्प हाउस का निर्माण कार्य भी कराया जाएगा। यह सम्पूर्ण कार्य अगले 33 माह में पूरा किया जाएगा। उज्जैन जिले के गोठड़ा से शनि मंदिर तक कान्ह नदी के दोनों ओर तटों पर घाटों का निर्माण (कुल लम्बाई लगभग 29.21 किमी) एवं क्षिप्रा नदी के बाएं एवं दाएं तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक घाट निर्माण कार्य एवं कान्ह नदी पर पंथ पिपलई, जमालपुरा, गोठड़ा स्टॉप डेम, पिपलिया राधौ बैराज नम, रामवासा बैराज नं. 2 का स्टॉप डेम का निर्माण कार्य एवं क्षिप्रा नदी पर किथोदाराव बैराज का निर्माण कार्य एवं उन्डासा और जस्ताखेड़ी तालाब का मरम्मत कार्य तथा दुर्गादास की छतरी के पास सीसी रोड का निर्माण कार्य किया जाएगा। कुल 593.62 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली यह वृहद परियोजना अगले 30 माह में पूरी की जाएगी।   recent visitors 29