छत्तीसगढ़ नक्सली ऑपरेशन में जवानों को बड़ी सफलता, करेगुट्टा पहाड़ी पर फहराया गया तिरंगा

कर्रेगुट्टा   छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी, लंबे समय से नक्सलियों का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी। लेकिन अब ये पहाड़ी भारतीय सुरक्षाबलों के नियंत्रण में है। 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत 9 दिनों की कठिन चढ़ाई और रणनीतिक अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने इस पहाड़ी पर कब्जा कर लिया और वहां तिरंगा झंडा फहरा दिया है। इस ऐतिहासिक जीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जवान गर्व से तिरंगा लहराते नजर आ रहे हैं। ऑपरेशन संकल्प: नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान कर्रेगुट्टा पहाड़ी समुद्र तल से लगभग 5,000 फीट की ऊंचाई पर है। बताया जाता है कि ये पहाड़ी लंबे समय से नक्सलियों के पीपुल्स लिबरेशन गेरिला आर्मी (PLGA) के बटालियन नंबर 1 का मुख्य ठिकाना थी। इस क्षेत्र में करीब 500-1,000 नक्सली छिपे हुए थे। यह क्षेत्र हिड़मा, देवा, दामोदर, आजाद और सुजाता जैसे शीर्ष नक्सली कमांडरों का केंद्र रहा है। 21 अप्रैल से शुरू हुए 'ऑपरेशन संकल्प' में करीब 10,000 सुरक्षाकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसमें छत्तीसगढ़ पुलिस, तेलंगाना पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, एसटीएफ, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स शामिल थे। अभियान के दौरान 500 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों को हेलिकॉप्टरों के जरिए पहाड़ी पर उतारा गया। 40-45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी, दुर्गम रास्तों और नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चुनौतियों के बावजूद जवानों ने नक्सलियों को खदेड़कर पहाड़ी के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। इस दौरान दो जवान आईईडी विस्फोट में घायल हुए, और कई जवान डिहाइड्रेशन का शिकार हुए। नक्सलियों का गढ़ अब जवानों के कब्जे में कर्रेगुट्टा पहाड़ी को नक्सलियों का 'ब्लैक फॉरेस्ट' या 'ब्लैक हिल्स' भी कहा जाता है, क्योंकि यह क्षेत्र इतना घना और दुर्गम है कि शाम 4 बजे के बाद अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोग इस इलाके में जाने से डरते थे। सुरक्षाबलों ने न केवल पहाड़ी पर कब्जा किया, बल्कि वहां एक अस्थायी कैंप भी स्थापित किया, जिससे निगरानी और अभियान को और मजबूती मिलेगी। रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को चारों ओर से घेर लिया गया है। करीब 2,000 नक्सलियों को घेरने की खबर है, जबकि कुछ शीर्ष नक्सली नेता, जैसे हिड़मा, तेलंगाना की ओर भाग गए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नक्सलियों की गुफा का खुलासा अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर एक विशाल गुफा मिली, जो इतनी बड़ी थी कि इसमें 1,000 नक्सली छिप सकते थे। इस गुफा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री रखने की व्यवस्था थी। गुफा के अंदर एक प्राकृतिक सुरंग भी मिली, जो नक्सलियों के लिए भागने का रास्ता थी। जवानों ने इस गुफा पर भी कब्जा कर लिया। नक्सलियों का शांति प्रस्ताव, सरकार का इनकार नक्सलियों ने ऑपरेशन के दबाव में शांति वार्ता और युद्धविराम का प्रस्ताव दिया। सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय प्रवक्ता अभय और तेलंगाना कैडर के नक्सली शांता ने इसके लिए बयान और प्रेस नोट जारी किए। हालांकि, छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने को कहा। स्थानीय लोगों में राहत, विकास की उम्मीद कर्रेगुट्टा पर सुरक्षाबलों के कब्जे के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने इस अभियान का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब क्षेत्र में शांति और विकास के रास्ते खुलेंगे। सुरक्षाबलों की योजना इस क्षेत्र में एक स्थायी चौकी (फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस) स्थापित करने की है, ताकि नक्सली गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सके। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उत्साह सुरक्षाबलों द्वारा जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा फहराते दिख रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक्स पर कई यूजर्स ने इसे 'नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक जीत' करार दिया। एक यूजर ने लिखा, "छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर लाल आतंक का पर्याय रही कर्रेगुट्टा पहाड़ी अब तिरंगे की शान के साथ जवानों के कब्जे में है।" सरेंडर और नक्सलियों पर बढ़ता दबाव अभियान के दौरान बीजापुर में 28.50 लाख रुपये के इनामी 14 नक्सलियों समेत कुल 24 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 11 महिलाएं शामिल थीं। इससे नक्सलियों पर बढ़ते दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। recent visitors 47

मध्य प्रदेश की नई तबादला नीति 2025, 10 प्वाइंट में विस्तार से समझें, आज 1 से 30 मई तक राज्य में होंगे ट्रांसफर

भोपाल प्रदेश में आज से 30 मई तक तबादलों का मौसम एक्टिव रहेगा। राजधानी भोपाल और जिला मुख्यालयों में तबादले का इंतजार कर रहे अधिकारी-कर्मचारी ऑनलाइन और आफ लाइन आवेदन के जरिए अपनी पसंद की जगह पर तबादला कराने के लिए आवेदन करेंगे। इस दौरान राज्य स्तर से जारी होने वाले हर आदेश को संबंधित विभाग के ई-ऑफिस में रजिस्टर कराने के बाद ही जारी किया जा सकेगा। हालांकि तबादले की मंजूरी के 36 घंटे बाद भी सामान्य प्रशासन विभाग अभी तक 2025 की नई तबादला नीति जारी नहीं कर सका है। मोहन यादव कैबिनेट ने 29 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में तबादलों को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद अब गुरुवार से आवेदन लेने और आदेश जारी करने का काम शुरू हो जाएगा। मंत्रियों ने सरकार से स्वैच्छिक आवेदन वाले तबादला आदेश को तबादला नीति में तय सीमा से अलग रखने की मांग की थी। लेकिन सीएम ने स्वैच्छिक आधार के तबादलों को भी इसी में शामिल रखने के निर्देश दिए हैं। कब कौन सी फाइल मूव हुई, ई-ऑफिस में होगी एंट्री ई-ऑफिस मॉड्यूल में ट्रांसफर फाइल के मूवमेंट से यह पता लग जाएगा कि जिस अधिकारी-कर्मचारी का ट्रांसफर किया जा रहा है, उसकी फाइल तबादले के लिए तय समय सीमा में ही मूव की गई है। जो फाइल 30 मई 2025 की रात 12 बजे के बाद मूव की जाएगी, उस तबादले को मंजूरी नहीं दी जाएगी। इस स्थिति के बारे में सभी मंत्रियों को भी बता दिया गया है। उनसे कहा गया है कि फाइल का मूवमेंट तय तारीख तक होने के बाद आदेश भले ही अगले दिन जारी हो जाए, लेकिन तबादले की समय सीमा के बाहर काम नहीं होना चाहिए। 36 घंटे बाद भी तबादला नीति जारी नहीं मोहन कैबिनेट ने मंगलवार (29 अप्रैल) को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे के करीब नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। इसके बाद से 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग नई तबादला नीति जारी नहीं कर सका है। ऐसे में विभागों के कर्मचारी आज से तबादले के लिए आवेदन भले ही करने लगेंगे पर किस आधार पर तबादले किए जाएंगे, अभी यह विभाग प्रमुखों को स्पष्ट नहीं है। सिर्फ पद संख्या के आधार पर किए जाने वाले तबादलों का प्रतिशत ही कैबिनेट की मंजूरी में साफ हुआ है। लेकिन विभागों को इसकी भी लिखित जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग अब एक मई को नई तबादला नीति के निर्देश जारी करेगा। नई तबादला नीति 2025, 10 प्वाइंट में विस्तार से समझें 1. तबादला नीति के तहत हर वर्ष कुछ दिनों के लिए तबादलों पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाता है। सभी वर्गों के अधिकारियों-कर्मचारियों के ट्रांसफर किये जाते हैं। नियमानुसार दूरस्थ जिलों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी अपने गृह जिले या पसंद के जिले में तबादला करवाते हैं। 2. सभी श्रेणी के अधिकारी-कर्मचारी के तबादले किए जा सकेंगे। यह संख्या जीएडी द्वारा निर्धारित अधिकतम तबादला संख्या के आधार पर लागू होगी। आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक व राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी इस नीति के दायरे में सीधे नहीं आते। 3. कर्मचारियों को ट्रांसफर के लिए अपने विभाग की तरफ से तय की गई प्रक्रिया के आधार पर आवेदन करना होगा। कई विभाग आनलाइन आवेदन करवाएंगे। वहीं, कुछ में ऑफलाइन प्रक्रिया चलेगी। विभागीय मंत्री और विभाग के प्रमुख के यहां आवेदन जमा हो सकेंगे। 4. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले सीधे विभागीय मंत्री कर सकेंगे। 5. मंत्री अपने विभागों में एक से दूसरे जिले में अधिकारी, कर्मचारी के टआ कर सकेंगे। इसके अलावा वे अपने प्रभार के जिलों में जिले से जिले के अंदर तबादला कर पाएंगे। 6. विधायक अपनी पसंद के अधिकारी, कर्मचारी को अपने जिले या क्षेत्र में पदस्थ कराने के लिए अनुशंसा के लिए स्वतंत्र रहेंगे। 7. तबादला आदेश जारी होने के 15 दिन तक कर्मचारी-अधिकारी नए पदस्थापना स्थल पर जॉइन करना होगा। 8. जब प्रदेश में तबादला नीति लागू नहीं थी तब भी तबादले हो रहे थे। लेकिन यह तबादले प्रशासनिक आधार पर किए जा रहे थे। कुछ मामलों में स्वैच्छिक आधार पर मंत्री, प्रमुख सचिव की सहमति से तबादले हो रहे थे। 9. कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले प्रदेश के एक से दूसरे जिले में हो सकेंगे। इसके अलावा जो कर्मचारी जिले में पदस्थ हैं और वे जिले में ही अन्य स्थान पर पदस्थ होना चाहते हैं तो वे भी तबादला करवा सकेंगे। 10. शासकीय नौकरी में पदस्थ पति-पत्नी को एक ही जिले में तबादला के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। नई तबादला नीति के प्रमुख बिन्दु     स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 में 1 मई 2025 से 30 मई 2025 तक की अवधि के लिए स्थानांतरण पर प्रतिबंध शिथिल किया गया है।     प्रत्येक पद/संवर्ग में वर्ष में प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक (प्रतिबंध अवधि एवं प्रतिबंध शिथिलीकरण अवधि को मिलाकर) स्थानांतरण निर्धारित संख्या तक किए जा सकेंगे।     पद/संवर्ग की संख्या 200 तक 20 प्रतिशत, 201 से 1000 तक 15 प्रतिशत, 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत, 2001 से अधिक 5 प्रतिशत के आधार पर स्थानांतरण किये जायेंगे।     स्वैछिक ट्रांसफर भी इसमें ही जोड़े जायेंगे यानि स्वैच्छिक ट्रांसफर में भी इसी अनुपात का ध्यान रखा जायेगा। कोई भी विभाग अपनी तबादला नीति बना सकता है लेकिन उसे सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृति लेनी होगी और फिर इसी अनुपात और इसी अवधि में तबादले कर सकता है।     ई-ऑफिस के माध्यम से स्थानांतरण होंगे। विभाग अपने स्तर पर भी नीति बना सकता हैं।     जिलों में तबादला आदेश के 15 दिन बाद तक ज्वाइन करना होगा, कर्मचारी-अधिकारी नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन नहीं करेगा तो सरकार उस पर निलंबन की कार्रवाई भी कर सकती है।     कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले प्रदेश के एक से दूसरे जिले में हो सकेंगे।     जो कर्मचारी जिले में पदस्थ हैं और वे अपने गृह विधानसभा या तहसील में पदस्थ होना चाहते हैं, तो वे जिला स्तर पर आवेदन कर अपने तबादले करा सकेंगे। एमपी में 2023 से लगा हुआ था तबादलों पर प्रतिबंध गौरतलब है कि 2023 में हुए एमपी विधानसभा चुनाव के बाद से प्रदेश में तबादलों पर बैन लगा हुआ था और नई तबादला नीति घोषित नहीं की गई थी, जिसके चलते … Read more

मुख्यमंत्री साय ने रायपुर और बिलासपुर के डे-स्कॉलर विशेष बच्चों के लिए निःशुल्क बस सेवा का किया शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को एक बड़ी सौगात देते हुए दो विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें रायपुर और बिलासपुर स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालयों में अध्ययनरत डे-स्कॉलर बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सुविधा विशेष बच्चों के लिए न केवल सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास, शिक्षा की निरंतरता और सामाजिक समावेश को भी मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल उन माता-पिता के लिए भी राहत लेकर आएगी, जो अपने बच्चों की दैनिक आवाजाही को लेकर चिंतित रहते हैं, विशेष रूप से जब दोनों अभिभावक कार्यरत हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर विशेष आवश्यकता वाले बच्चे तक पहुँचा जाए और उन्हें एक बेहतर जीवन देने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। यह बस सेवा केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि विशेष बच्चों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि शिक्षा तक पहुंच सभी बच्चों का अधिकार है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी शारीरिक बाधा के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उल्लेखनीय है कि इन विशेष बसों के संचालन से रायपुर और बिलासपुर के सैकड़ों दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को प्रतिदिन सम्मानजनक और सुरक्षित यात्रा का अवसर मिलेगा, जिससे वे मुख्यधारा की शिक्षा से सहज रूप से जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी एवं समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 24

मध्यप्रदेश में मई खूब तपेगा, पारा 48 डिग्री पहुंचेगा, इस हफ्ते बारिश- ओले के आसार, बैतूल में तेज आंधी से टावर गिरा

भोपाल अमूमन मई-जून में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। इस बार भी मध्यप्रदेश में मई महीना खूब तपने वाला है। इस सब के बावजूद मई के पहले हफ्ते में बारिश और ओले गिरने के आसार हैं। महीने के अंतिम सप्ताह में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। कुछ जिलों में पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। गुरुवार, को बैतूल में BSNL का टावर गिरने से चार मवेशियों की मौत हो गई। मध्यप्रदेश में मई महीने में भीषण गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान और उत्तर प्रदेश बॉर्डर से जुड़े एमपी के जिलों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इस बार भी ऐसी ही गर्मी पड़ सकती है। खरगोन, खंडवा और रतलाम में 43 डिग्री के पार पहुंचा पारा बुधवार को सबसे गर्म मालवा-निमाड़ यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहर रहे। खरगोन में 43.2 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 43.1 डिग्री, रतलाम-शाजापुर में 43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान पहुंच गया। वहीं, गुना, नरसिंहपुर, धार, सागर, शिवपुरी, टीकमगढ़, रायसेन और दमोह में पारा 41 डिग्री से ऊपर ही रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में 41.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 39.3 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट जारी किया है। बैतूल में BSNL का टावर गिरा बुधवार को दिनभर की गर्मी के बाद शाम को कई शहरों में तेज आंधी आई। बैतूल के भीमपुर खंड के पिपरिया गुरुवा में 100 फीट ऊंचा BSNL का टावर गिर गया। इस हादसे में एक किसान के चार बैल मारे गए और दो घायल हुए। हालांकि, किसी इंसान के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं, इंदौर में भी शाम को तेज हवा चलने लगी, जिससे एक पेड़ गिर गया। भोपाल में शाम 4 बजे के बाद बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इंदौर-उज्जैन में सबसे ज्यादा गर्मी बुधवार को इंदौर और उज्जैन के शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी। खरगोन में तापमान 43.2 डिग्री, खंडवा में 43.1 डिग्री और रतलाम-शाजापुर में 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं गुना, नरसिंहपुर, धार, सागर, शिवपुरी, टीकमगढ़, रायसेन और दमोह में तापमान 41 डिग्री से ऊपर चला गया। बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 41.6 डिग्री, ग्वालियर में 39.3 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 39 डिग्री सेल्सियस का तापमान देखा गया। इस महीने 48 डिग्री पहुंचेगा टेम्प्रेचर मौसम विभाग के मुताबिक, मई का महीना गर्मी के लिए बहुत खास होता है। इस महीने में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 सालों के आंकड़ों के अनुसार, कई शहरों में तापमान 47-48 डिग्री तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी एक ट्रेंड होता है। इस बार मई की शुरुआत में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, 30 अप्रैल को प्रदेश में गर्मी, आंधी और बारिश का मौसम रहा। मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी ट्रेंड रहता है। इस बार मई की शुरुआत में ही मौसम बदला हुआ रहेगा। हालांकि, एक दिन पहले 30 अप्रैल को प्रदेश में गर्मी, आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। पहले सप्ताह में ओले और बारिश का अलर्ट मई के पहले सप्ताह में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। अगले 4 दिन यानी 1 से 4 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से में बादल, बारिश, आंधी, गरज-चमक और ओले गिरने की संभावना है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के एक्टिव होने से अगले 24 घंटे में सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडोरी में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। इस हफ्ते ओले-बारिश का अलर्ट मई के पहले हफ्ते में मौसम का मिक्स असर देखने को मिलेगा। अगले 4 दिन, यानी 1 से 4 मई तक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल, बारिश, आंधी, गरज-चमक और ओले गिरने की उम्मीद है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से अगले 24 घंटे में सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडोरी में हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम ? 1 मई को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी में हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 2 मई को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, शाजापुर, सीहोर, इंदौर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल में भी आंधी चल सकती है। 3 मई को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की चेतावनी है। वहीं ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, हरदा, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी और अनूपपुर में … Read more

देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता : मंत्री जायसवाल

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है सजग और प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मंत्री जायसवाल देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता : मंत्री जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के उत्कृष्ट स्वास्थ्य कर्मियों को किया सम्मानित रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज रायपुर मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित टीबी उन्मूलन एवं एनक्यूएएस (NQAS) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजग, संवेदनशील और सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ भी पूरे समर्पण और संकल्प के साथ काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य को सर्वश्रेष्ठ ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जो हम सभी के लिए गौरव की बात है। राज्य की 4103 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। यह उपलब्धि ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों की सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए टीम भावना से काम करना जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। गौरतलब है कि निक्षय निरामय अभियान के अंतर्गत राज्य में 36 लाख से अधिक हाई रिस्क व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, 4.5 लाख एक्स-रे जांच और 1.5 लाख टीबी जांच उच्च तकनीक NAT मशीनों से की गई। इन प्रयासों से 100 दिनों के भीतर 17 हजार नए टीबी मरीजों की पहचान कर उपचार प्रारंभ किया गया। साथ ही 3130 नए नि-क्षय मित्रों का पंजीयन कर, 25 हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे जमीनी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य तय करना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देना है। टीबी के खिलाफ हमारी यह लड़ाई अब केवल अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सेवा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि 'नि-क्षय मित्र' अभियान ने प्रदेश में सामुदायिक भागीदारी की एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष टीबी उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा और सभी स्वास्थ्यकर्मी इसे अपना व्यक्तिगत संकल्प मानें। सम्मान समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलों को पुरस्कृत किया गया। 350 से कम पंचायतों की श्रेणी में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को पहला, कोरिया को दूसरा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, 350 से अधिक पंचायतों की श्रेणी में जशपुर को प्रथम, सरगुजा को द्वितीय और रायगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। नि-क्षय मित्र पहल श्रेणी में गरियाबंद को प्रथम और रायपुर को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान में उच्च वरीयता वाले जिलों के अंतर्गत नारायणपुर को प्रथम और कोंडागांव को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि निम्न वरीयता वाले जिलों में कांकेर को पहला और मुंगेली को दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण (NQAS) श्रेणी में रायपुर को प्रथम, महासमुंद को द्वितीय और दुर्ग को तृतीय पुरस्कार मिला। इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में संचालक डॉ. सुरेंद्र पामभोई, विभागीय अधिकारीगण, जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, डीपीएम सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे। recent visitors 24

मुख्यमंत्री ने ग्राम दाउदखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर 70 नव-दम्पतियों को दिया आशीर्वाद

सामूहिक विवाह सामाजिक सुधार का है महत्वपूर्ण कदम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के सभी केन्द्र धार्मिक केन्द्रों के रूप में किए जाएंगे विकसित- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ग्राम दाउदखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर 70 नव-दम्पतियों को दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश एवं प्रदेशवासियों को परशुराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल महालोक कॉरिडोर की सौगात के बाद से उज्जैन ने विकास के नित नए आयाम स्थापित किए हैं। उज्जैन को धर्म और धार्मिक पर्यटन का मुख्य केन्द्र बनाया जा रहा है। धर्म ही समाज को एक सूत्र में पिरोता है। सामूहिक विवाह का आयोजन सामाजिक सुधार का महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दाउदखेड़ी में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह का आयोजन सामूहिक रूप से करने से मितव्ययता आती है और वैवाहिक कार्यक्रम के लिए अनावश्यक कर्ज का बोझ नहीं पड़ता है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में प्रत्येक वधु को 49 हजार रूपये एवं आयोजनकर्ता निकाय को प्रति कन्या 6 हजार रूपये प्रदान किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना हुई एक वरदान साबित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्रिकालदर्शी महामृत्युंजय बाबा महाकाल को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के पुण्य अवसर पर आज प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब परिवार की कन्याओं का विवाह कराने के लिए माता-पिता कर्ज में डूब जाया करते थे। बेटी के जन्म के साथ ही उसकी शादी की चिंता सताने लगती थी, लेकिन अब सरकार बेटियों का कन्यादान कर रही है। माता-पिता अब बेटियों के जन्म पर उदास नहीं होते, बधाई गीत गाते हैं। निर्धन परिवारों की बेटियों के वि वाह के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना एक वरदान साबित हुई है। सामूहिक विवाह आज समाज में परिवर्तन का माध्यम बन रहे हैं, इन आयोजनों के माध्यम से समाज में समरसता और अपनत्व की भावना भी बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल 70 नवदंपत्तियों को बधाई एवं आशीर्वाद दिया। हमारा प्रदेश महिला सशक्तिकरण का रोल-मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में हो रहे प्रयासों को देश भर में सराहा जा रहा है। मध्यप्रदेश मॉडल को विभिन्न राज्यों ने अपनाया है। कई राज्य हमारी योजनाओं का अनुसरण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के सशक्तिकरण का जो संकल्प लिया है, हमारी सरकार उसी के अनुरूप महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक संबल देने एवं नारी सशक्तिकरण के लिए हर कदम उठा रही है। प्रदेश में नारी शक्ति के कल्याण और विकास के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 27 हजार 147 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 5 लाख 3 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन स्व-सहायता समूहों से 62 लाख 30 हजार से अधिक महिला सदस्य जुड़ी हैं और सरकार की आजीविका विकास योजनाओं से लाभान्वित हो रही हैं। बहनों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। सड़कों और सेतु निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास ने पकड़ी नई रफ्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के स्थानों को धार्मिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में सड़क,सेतु और आधारभूत संरचनाओं का विकास कर ग्रामीण अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर,जनपद अध्यक्ष उज्जैन श्रीमती भंवरबाई,जनप्रतिनिधी संजय अग्रवाल,शोभाराम मालवीय, दीपक चौधरी,सरपंच पुष्पा उदय सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ब्रह्म भट्ट क्षत्रिय समाज के 38वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए सम्मिलित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में अखिल भारतीय ब्रह्म भट्ट क्षत्रिय समाज के 38वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में 23 नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने वाले समाजसेवी राधेश्याम परमार एवं उनकी टीम को सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव-दम्पत्तियों को उपहार स्वरूप चांदी की पायजेब भेंट की। उन्होंने नव-दम्पत्तियों से चर्चा कर उनके सुखद वैवाहिक मंगलमय जीवन के लिए मंगलकामनाएं दी। समारोह में ब्रह्मभट्ट समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 30

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक हितग्राहियों को 600 करोड़ रुपए किए अंतरित

कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा पीएम मित्र पार्क से लाभ, 3 लाख रोजगार होंगे सृजित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने उमरबन में सामूहिक विवाह सम्मेलन में 2123 नव विवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक हितग्राहियों को 600 करोड़ रुपए किए अंतरित 85 लाख से अधिक किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की प्रथम किश्त की 1704.94 करोड़ राशि ट्रांसफर 1870 करोड़ लागत की धार माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना और 277 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान), और नारी सशक्तिकरण के लिए 4 मिशन लॉन्च किए हैं। हितग्राहियों को कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र से राज्य सरकार प्रदेश को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए संकल्पित है। युवाओं को रोजगार, लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता, गरीब जरूरतमंदों के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था है। जनजातीय क्षेत्रों सहित प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं का जाल बिछाया है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाकर प्रदेश के सिंचित रकबे को 55 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 1 लाख हेक्टेयर करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके लिए केन-बेतवा लिंक और पार्वती-चंबल-कालीसिंध लिंक परियोजनाओं की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि धार को पीएम मित्र पार्क की सौगात केन्द्र से मिली है। यहां 2100 करोड़ से औद्योगिक पार्क आकार लेगा और लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। धार अंचल के किसान कपास की खेती करेंगे तो उन्हें भी अधिक लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को धार के उमरबन में आयोजित सामूहिक विवाह एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी, विधायक हीरालाल अलावा, विधायक कालू सिंह ठाकुर ,श्रीमती रंजना बघेल, चंचल पाटीदार, सरदार सिंह सहित बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। उमरबन में परिणय सूत्र में बंधे 2123 जोड़े मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उमरबन में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन में परिणय सूत्र में बंधे 2123 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि आज उमरबन की धरती से प्रदेश को कई सौगातें मिली हैं। कन्या विवाह योजना में बेटियों को प्रावधान के अनुसार 49 हजार का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही सामूहिक विवाह सम्मेलन में कल्याणी विवाह और अन्तर्जातीय विवाह करने पर राज्य सरकार की ओर से 2-2 लाख रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह में गैर-जरूरी खर्च से बचा जाए और यह राशि परिवार और बच्चों की पढ़ाई जैसे जरूरी कार्यों पर खर्च किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहनों का भाई गरीब से गरीब की बेटी का विवाह कराएगा। 27 हजार से अधिक संबल हितग्राहियों को 600 करोड़ रूपए अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में प्रदेश के 27 हजार से अधिक संबल हितग्राहियों को 600 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संबल योजना से जुड़ने वाले सभी परिवारों को मुश्किल समय में सहायता प्रदान करती है। पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड योजना का भी लाभ मिल रहा है। हितग्राहियों का 5 लाख रुपए तक का इलाज फ्री है। हमारी सरकार ने सभी आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की है। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में संकट या कोई कष्ट आएगा तो सरकार हर संभव सहायता करेगी। लाड़ली बहनों के खातों में भी हर महीने 1250 रुपए आते रहेंगे। 1870 करोड़ लागत की धार माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1870 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली धार माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एवं धार जिले के लिए 277 करोड़ के लागत से विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने प्रदेश के 85 लाख से अधिक किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना वर्ष 2025-26 की प्रथम किश्त के रूप में 1704.94 करोड़ रुपए की राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो परियोजनाओं के कार्य प्रदेश में समृद्धि लाएंगे। प्रदेश का सिंचाई रकबा 55 लाख हेक्टेयर हो चुका है, अब इसे 1 लाख करोड़ हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। उमरबन के 1 लाख 3 हजार किसानों को भी नई सिंचाई परियोजना का लाभ मिलेगा। जनजातीय समुदाय के विकास का संकल्प पूर्ण कर रही प्रदेश सरकार केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में केन्द्र की सभी कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हो रहा है। धार जिले में हर खेत तक पानी पहुंचाने का कार्य हो रहा है। जनजातीय समुदाय के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को पूरा किया जा रहा है। बुजुर्गों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ जनकल्याणकारी कार्यों में लगी है। नारी सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जोड़कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर कृषि विभाग सहित अन्य विभागों की विकास प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन धार की ओर से प्रकाशित "देवस्थानम" पुस्तक का विमोचन भी किया।   recent visitors 21