रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ

देश की संस्कृति उदार एवं महान है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नवदम्पत्तियों को दी शुभकामनाएं कालापीपल के रामपुरा में मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह में सम्मिलित हुए रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ भोपाल हमारी संस्कृति उदार और महान है। दुनिया में ऐसी कोई संस्कृति नहीं है, जिसमें भारत की तरह हर कार्य संस्कार के अनुसार होते हैं। हमारी संस्कृति में जन्म से लेकर मृत्यु तक संस्कार हैं, जिसमें पाणिग्रहण संस्कार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में संबोधित करते हुए यह बात कही। सामुहिक विवाह में कुल 1247 विवाह हुए, जिसमें 1133 कन्याओं का विवाह हिन्दु रीति रिवाज के साथ तथा 114 निकाह हुए। कार्यक्रम में नवविवाहित दम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि 49 हजार रूपये के चेक प्रदान किए गये। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक प. प्रदीप मिश्रा, संतकल्याणदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतश्यामदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतरामगिरी महाराज, रघुनाथदास महाराज, विष्णुपुरी महाराज, सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी, क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, डॉ. रवि पाण्डे एवं अशोक नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटियां नए परिवार की सदस्य बनने जा रही है, जहां उसे नए माता-पिता मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बेटी को नए परिवार के सदस्य आदर एवं सम्मान दें। बेटियां भी नए परिवार के सदस्यों का आदर करें। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया आज हमारी संस्कृति की तरफ बड़ी आशा भरी निगाहों से देखती है, वो हमारी संस्कृति को जानना एवं समझना चाहती है। हमारी तो संस्कृति इतनी उदार और महान है कि जो व्यक्ति अपना घर, संसार सब छोड़ देते हैं, उसके चरणों में प्रणाम करके अपना जीवन धन्य मानती है। यह हमारी संस्कृति वह है जो संग्रह करने में विश्वास नहीं करती, अपितु अपनी वस्तु दूसरों को देकर सुख महसूस करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की दिशा क्या होना चाहिए? सरकार की सोच क्या होना चाहिए, सरकार के मनोभाव क्या होना चाहिए, इसका आदर्श उदाहरण हमारे अपनी संस्कृति से आता है। प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई है, उन स्थानों पर धार्मिक तीर्थ स्थल बनाएंगे। भगवान परशुराम की जन्म स्थली जानापाव को विकसित किया जायेगा। प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में एक गीता भवन बनाएंगे, जहां युवाओं को पढ़ने का स्थान उपलब्ध कराने के लिए अच्छी लायब्रेरी बनाई जायेगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश ना केवल फल-फूल रहा है, बल्कि सुख, आनन्द, वैभव के साथ विकास के समृद्धि के सारे द्वार भी खोल रहा है। देश के दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने के लिए देश के खिलाफ काम करने वाले आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने में हमारी सरकार सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य गरीबों, महिलाओं, किसानों एवं समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए उनका विकास करना एवं बेहतर जीने के संसाधन मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आने वाले वर्षों में किसानों से 2700 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी होगी। वर्तमान में 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे समृद्धशाली बनें। किसानों के लिए 05 रूपये में बिजली का कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है। शाजापुर जिले में नदी जोड़ो अभियान के तहत पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना से किसान लाभांवित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को एक-एक खेत को पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 5 लाख रूपये लगते हैं, सरकार 10 प्रतिशत की राशि में यानी की 50 हजार रूपये में सोलर पंप देगी, इससे किसानों को बिजली के बिल से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सोलर पंप के उपयोग के उपरांत बची हुई बिजली को सरकार भी खरीदेगी, इससे किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के लिए इन्दौर-उज्जैन संभाग के सभी किसानों को लेकर मन्दसौर के सीतामऊ में 03 मई को मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसमें किसानों के लिए उन्नत खेती, उद्योग आदि की जानकारी उपलब्ध रहेगी। किसानों को फसलों की बेहतर कीमत उपलब्ध कराने के लिए संभागों में कृषि का महाकुम्भ लगाकर किसानों की बेहतरी के लिए काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार गौ-पालन को प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है। सरकार के माध्यम से गौशालाएं संचालित होगी। गौ-शालाओं को 40 रूपये प्रति गाय की दर से अनुदान दिया जायेगा। सरकार दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। प्रदेश दूध उत्पादन के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर है। सरकार इसे पहले स्थान पर लाने के लिये काम करेगी। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कालापीपल क्षेत्र के रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में 1247 कन्याओं के विवाह पर स्थानीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सामुहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। यहां 114 मुस्लिम कन्याओं का निकाह भी संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास के क्षेत्र में प्रदेश को नम्बर वन बनाया है। प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर माँस का विक्रय बंद कराया, वही धार्मिक स्थलों एवं नगरों में शराब का विक्रय बंद कराकर नशामुक्त क्षेत्र बनाया है। उन्होंने दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं अशीर्वाद दिया। कार्यक्रम ओएमजी के पर्यवेक्षक प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता ने विश्व रिकार्ड का प्रमाण पत्र भी दिया। उन्होंने यह प्रमाण पत्र सामुहिक विवाह सम्मेलन में बड़ी संख्या में हुए सामुहिक विवाह और कम समय में विवाह संपन्न कराने तथा कई लोगों को एक साथ भोजन कराने पर बने रिकार्ड पर दिया।   recent visitors 26

धोनी की CSK ने रचा शर्मनाक इतिहास, प्लेऑफ की रेस से हुई बाहर

चेन्नई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के 49वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 4 विकेट से करारी शिकस्त दी. इस हार के साथ ही सीएसके की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद भी खत्म हो गई है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. सीएसके की टीम पूरे 20 ओवर नहीं खेल सकी और 190 पर सिमट गई थी. चहल ने 19वें ओवर में हैट्रिक लगाई और एक ओवर में 4 विकेट झटके थे. इसके जवाब में उतरी पंजाब ने अय्यर की तूफानी पारी के दम पर ये मैच 20वें ओवर में चेज कर लिया. ऐसी रही पंजाब की बल्लेबाजी 191 के जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी रही. प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन ने कमाल की शुरुआत की. दोनों के बीच 44 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन 5वें ओवर में खलील ने प्रियांश का विकेट झटका. प्रियांश ने 23 रनों की पारी खेली. लेकिन इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और प्रभसिमरन के बीच शानदार साझेदारी हुई. दोनों ने 10 ओवर में पंजाब का स्कोर 90 के पार पहुंचा दिया. लेकिन 13वें ओवर में प्रभसिमरन का विकेट गिर गया. प्रभसिमरन ने 54 रनों की पारी खेली. लेकिन एक छोर पर कप्तान श्रेयस अय्यर टिके रहे. उन्होंने 32 गेंदों पर फिफ्टी लगाई. इसके बाद नेहाल वढ़ेरा भी सस्ते में आउट हो गए. लेकिन अय्यर ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी रखी. अय्यर ने 42 गेंद में 72 रनों की आतिशी पारी खेली और 19वें ओवर में उनका विकेट गिरा. लेकिन उनकी इस पारी के दम पर पंजाब ने ये मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया. इस हार के साथ ही चेन्नई की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद भी खत्म हो गई है. ऐसी रही चेन्नई की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में चेन्नई को पहला झटका लगा जब शेख रसीद को अर्शदीप ने अपना शिकार बनाया. रसीद के बल्ले से केवल 11 रन ही निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में आयुष म्हात्रे भी अपना विकेट गंवा बैठे. आयुष के बल्ले से 7 रन आया. इसके बाद जडेजा अच्छी लय में दिख रहे थे. लेकिन छठे ही ओवर में बरार ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखाया. जडेजा के बल्ले से 17 रन आए. हालांकि, इसके बाद सैम करन और डेवाल्ड ब्रेविस के बीच एक अच्छी साझेदारी पनपी. हालांकि, 15वें ओवर में ब्रेविस का विकेट गिरा और 78 रनों की पार्टनरशिप टूट गई. लेकिन दूसरे छोर पर सैम करन टिके रहे. सैम करन ने 30 गेंद में अर्धशतक जड़ा. फिफ्टी जड़ने के बाद करन ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की. 18वें ओवर में उनका विकेट गिरा. करन ने 47 गेंद में 88 रनों की तूफानी पारी खेली. दुबे के साथ भी उनकी 46 रनों की साझेदारी हुई. एमएस धोनी के बल्ले से 11 रन निकले. उन्होंने चहल के ओवर में एक छक्का लगाया. लेकिन इसके बाद चहल ने हैट्रिक लगाई. 19वें ओवर में चहल ने कुल 4 विकेट झटके. चेन्नई की टीम 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 190 रन पर ही सिमट गई. चेपॉक में लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी चहल ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ चेपॉक स्टेडियम में खेलते हुए एक ही ओवर में चार विकेट लेकर इतिहास रच दिया. इस ओवर में उन्होंने हैट्रिक भी पूरी की, जो आईपीएल में उनकी दूसरी हैट्रिक थी. इससे पहले उन्होंने 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ ब्रेबोर्न स्टेडियम में हैट्रिक ली थी. एक ओवर में 4 विकेट लेने वाले गेंदबाज अमित मिश्रा (SRH vs PWI, पुणे 2013) – युजवेंद्र चहल (RR vs KKR, ब्रेबोर्न 2022) – आंद्रे रसेल (KKR vs GT, नवी मुंबई 2022) – युजवेंद्र चहल (PBKS vs CSK, चेन्नई 2025) आईपीएल में सर्वाधिक हैट्रिक – अमित मिश्रा – 3 (2008, 2011, 2013) – युवराज सिंह – 2 (2009) – युजवेंद्र चहल – 2 (2022, 2025) आईपीएल में सर्वाधिक 4+ विकेट हॉल – युजवेंद्र चहल – 9 – सुनील नारायण – 8 – लसिथ मलिंगा – 7 – कगिसो रबाडा – 6 पंजाब किंग्स के लिए हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज – युवराज सिंह – 2 – अमित मिश्रा – 1 – सैम करन – 1 – युजवेंद्र चहल – 1 चहल का यह प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उनकी टीम के लिए भी गेम-चेंजर साबित हुआ है. उनकी गेंदबाजी ने पंजाब किंग्स को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई हैं और उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखा है. बता दें कि इस मुकाबले में टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. सीएसके की टीम पूरे 20 ओवर नहीं खेल सकी और 190 पर सिमट गई थी. चहल ने 19वें ओवर में हैट्रिक लगाई और एक ओवर में 4 विकेट झटके थे. इसके जवाब में उतरी पंजाब ने अय्यर की तूफानी पारी के दम पर ये मैच 20वें ओवर में चेज कर लिया. प्लेऑफ की दौड़ से हुई बाहर चेन्नई सुपर किंग्स की टीम 10 मैच में 8वीं हार के साथ ही आईपीएल 2025 के प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है। सीएसके ने मुंबई के खिलाफ जीत के साथ सीजन की शुरुआत की थी लेकिन उसके बाद उसका हाल बेहाल हो गया। सीएसके उसके बाद नौ मुकाबलों में से केवल एक लखनऊ के खिलाफ लखनऊ में जीत दर्ज कर सकी और 8 मुकाबले गंवा दिए। इसके साथ ही उसका आईपीएल 2025 में सफर खत्म हो गया।​ चेपॉक में मिली लगातार पांच हार सीएसके ने आईपीएल इतिहास में पहली बार अपने घरेलू मैदान में लगातार पांच मैच गंवाए हैं। इससे पहले साल 2008 में चेन्नई ने अपने घरेलू मैदान पर 7 में से चार मैच गंवाए थे। 18 साल बाद घर पर सीएसके का हाल बेहाल हुआ है। चेन्नई को आरसीबी, दिल्ली कैपिटल्स, केकेआर, सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स के खिलाफ घर पर हार मिली है।​ लगातार दूसरी बार प्लेऑफ में नहीं हुई एंट्री चेन्नई सुपर किंग्स 18 साल के आईपीएल के इतिहास में लगातार दूसरी बार प्लेऑफ से बाहर हो गई है। पिछले सीजन आखिरी वक्त में आरसीबी ने नेट रन रेट के आधार पर सीएसके को पीछे छोड़ दिया था। 2020 के बाद तीसरी बार सीएसके प्लेऑफ में पहुंचने में … Read more

836 करोड़ की लागत से भोपाल के 16 KM लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून से

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रत्नागिरी इलाके से लेकर आशाराम तिराहे तक 16 किलोमीटर लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून 2025 से शुरू होने जा रहा है। काम की लागत 836 करोड़ रुपए आने की संभावना है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंयक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने इस संबंध में मंत्रालय में निर्माण एजेंसी एनएचएआई के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारियों निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की।  इस दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नरवाल ने बताया कि, सबसे पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि यातायात बाधित न हो। चौड़ीकरण में आने वाले पेड़ों को हटाया जाएगा। साथ ही, इनके बदले में इसी सड़क पर चार गुना से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। सड़क चौड़ीकरण में आने वाले बिजली पोल- पाइप लाइन को शिट करने के लिए भी समय सीमा तय की गई है। 6 प्लस 2 यानी 8 लेन होगी सड़क राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि, करीब 2 साल में इस परियोजना को पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य का दायित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपा गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 836 करोड़ रुपए है। चौड़ीकरण का काम 1 जून से शुरू होगा। मुख्य सड़क निर्माण से पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि शहर का यातायात बाधित न हो। यह बायपास वर्तमान में 6 लेन है। 2 सर्विस रोड निर्माण के बाद यह 8 लेन हो जाएगा। आनंद नगर में बनेगा फ्लाई ओवर बैठक में आनंद नगर लाई ओवर निर्माण, रत्नागिरी तिराहे पर मैट्रो रेल लाई ओवर निर्माण व अन्य निर्माण कार्यों उकी समीक्षा की गई। आनंद नगर फ्लाई ओवर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए गए। मेट्रो के लिए भी यहां काम होगा और एलिवेटेड लेन बनेगी। उन्होंने बायपास चौड़ीकरण के दौरान 8 हजार पेड़ों की कटाई के बदले 4 गुना अधिक पौधों का रोपण करने का दावा किया हैं। इस बायपास के दोनों ओर 8 हजार पेड़ काटे जाएंगे। यह प्रदेश की आदर्श सड़क बनेगी राज्यमंत्री गौर ने स्पष्ट कहा हैं कि निर्माण में किसी भी प्रकार की अड़चन को जल्द रूप से हल किया जाएं। कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो जल्द से जल्द कार्य को पूरा करना हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रदेश की एक आदर्श सड़क बनेगी, जिसमें फ्लाईओवर और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी। recent visitors 50

राजधानी भोपाल में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी, मैनिट के एक्सपर्ट ने तैयार किया रूट प्लान

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड और मैनिट के एक्सपर्ट हैदराबाद की तर्ज पर भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मॉडल तैयार कर रहे हैं। पिछले दिनों हैदराबाद से लाकर कुछ बसों को ट्रॉयल किया गया।   24 लाख आबादी के बीच 200 बसें करीब 24 लाख की आबादी वाले भोपाल शहर में अभी 200 लो लोर बसें संचालित हैं। इनके अलावा कुछ बसें स्थानीय ऑपरेटर्स संचालित करते हैं, इन बसों में क्षमता से 3 गुना ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इलेक्ट्रिक बसों के सीमित संख्या में चलते यह समस्या और बढ़ सकती है। अरेरा हिल्स, राज भवन और न्यू मार्केट मैनिट के विशेषज्ञ यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि भोपाल के पहाड़ी इलाकों में ओवरलोडेड बसों के संचालन में कोई समस्या न हो। खासकर, अरेरा हिल्स, राज भवन और न्यू मार्केट जैसे चढ़ाई वाले रूट पर इलेक्ट्रिक बसों को आने जाने में परेशनी न हो।    मैनिट के विशेषज्ञों की टीम शहर के पहाड़ी इलाकों के हिसाब से इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की पूरी संख्या भरने के बाद लोडेड व्हीकल को पहाड़ी की ऊंचाई पर चलने योग्य रूट का चयन करेगी। अरेरा हिल्स, राज भवन, न्यू मार्केट जैसे घाट क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों ने बेहतर प्रदर्शन किया था। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड अब इस बात को सुनिश्चित करना चाह रहा है की दोगुनी संख्या में यात्रियों को लेकर चलने के दौरान इन बसों के संचालन में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो। इसलिए परीक्षण जरूरी भोपाल शहर 24 लाख की आबादी वाला शहर है। इसके मुकाबले भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड एकमात्र ऐसी संस्था है जो सस्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराती है। शहर में बीसीएलएल के अलग-अलग ठेकेदार 200 लो लोर बसों को संचालित करते हैं जिनमें क्षमता से तीन गुना तक ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इलेक्ट्रिक बसों के सीमित संख्या में चलने के बाद भी यही हश्र हो सकता है। बीसीएलएल चला रही लो फ्लोर बसें भोपाल में लो फ्लोर बसों के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी बीसीएलएल के डायरेक्टर मनोज राठौर ने ई-बसों के संचालन की तैयारियां की जा रही हैं। विषय विशेषज्ञों से भी इसके लिए सलाह ली जा रही है। EV हब बनेंगे इंदौर-भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल और इंदौर को ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) हब के रूप में विकासित करने का ऐलान किया है। इन शहरों में ई-रिक्शा और ई-बसों के संचालन पर जोर दिया जा रहा है। आम नागरिकों को भी ई-कार और ई-बाइक खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनके लिए चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने का प्रयास जारी है। recent visitors 43

भेल की 4 हजार एकड़ जमीन पर लगेंगे उद्योग, मोहन सरकार ने जमीन लेने के लिए बनाई कार्ययोजना

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बीचों-बीच हजारों एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस पर चाहकर भी मध्यप्रदेश सरकार विकास कार्य नहीं कर पा रही है। यहां पर हजारों एकड़ भूमि खुले रूप में मौजूद है। जिस पर अवैध कब्जा हो चुका है। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने इसे लेने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिया है। दरअसल, यह भूमि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) की है। पूर्व में यह जमीन सरकार मांग चुकी है, लेकिन भेल ने इसे देने से मना कर दिया। अब सरकार इस जमीन को भेल से लेकर उसका पुनर्विकास करने का प्लान बना रही है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की निगरानी में यहां प्लान तैयार हो रहा है। 4000 एकड़ पर विकास कार्य का मॉडल यह जमीन थोड़ी बहुत नहीं, बल्कि 4 हजार एकड़ है। जब तक जमीन नहीं मिल जाती, तब तक विकास मॉडल के आधार पर यहां काम किया जाएगा। ये ऐसे मॉडल होंगे, जिनमें भेल की अतिक्रमण वाली खाली पड़ी जमीनों पर भोपाल के विकास से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे हाईराइज बिल्डिंग व औद्योगिक इकाईयों का निर्माण किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह पहल भोपाल के विकास के साथ भेल को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम करेगी। राजस्व का होगा 50-50 बंटवारा सरकार भेल से यह जमीन यूं ही नहीं लेने वाली। इसके बदले में जमीन का कुछ हिस्सा भेल को भी विकसित करके दिया जाएगा। यही नहीं, इस जमीन में लगने वाले उद्योग या अन्य साधनों से मिलने वाले राजस्व को भेल और शासन के बीच 50-50 फीसदी बांटे जाने का प्लान है। क्या है भेल करीब 62 वर्ष पहले भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) को भोपाल में 6000 एकड़ जमीन मिली थी। इसमें से करीब 764 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। करी 700 एकड़ पर निजी खेती की जा रही है। 90 एकड़ जमीन पर जंबूरी मैदान है और करीब 12 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से अन्ना नगर बसा है। कुछ वर्ष पहले राज्य शासन ने भेल से जमीन मांगी थी, लेकिन भेल प्रशासन ने साफ-साफ मना कर दिया था। केंद्र सरकार से ऐसे मांगेगे जमीन दरअसल, भोपाल को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है। लेकिन भोपाल के एक ओर वन क्षेत्र की बड़ी सीमा है, जिसे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है। यहां विकास नहीं किया जा सकता। दूसरा भोपाल झीलों की नगरी है, बड़ा तालाब रामसर साइट है। यह भोपाल की बड़ी सीमा को घेरता है। दूसरे तालाब व नदियां भी हैं, उन्हें प्रभावित नहीं किया जा सकता। वहीं, भोपाल का बड़ा हिस्सा भेल को दी जमीन से लगा है। उक्त जमीन का बड़ा हिस्सा खाली है। भोपाल से लगे बाकी जो क्षेत्र बचे हैं, उनमें लगातार विकास हो रहा है, आबादी बस रही है। ऐसे में भेल की जमीन सरकार के लिए उपयोगी हो सकती है। यहां विकास के ऐसे कार्य किए जाए जिससे राजस्व की प्राप्ति हो सके। खाली जमीन पर हो रहा अतिक्रमण भेल को मिली 6 हजार एकड़ जमीन में से अभी तक 2000 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस खाली पड़ी जमीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। भेल की 700 अधिक अतिक्रमण वाली जमीन पर निजी लोग खेती कर रहे हैं। वहीं, यहां के खाली पड़े जर्जर आवासों का लोग अवैध तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। recent visitors 55

श्रमिकों की आशा बने मुख्यमंत्री साय जिले में हो रही बदलाव की नई बयार

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, एक मई, एक ऐसा दिन है जो श्रम की महत्ता, मेहनतकश हाथों के सम्मान और सामाजिक न्याय की भावना को उजागर करता है। यह दिवस न केवल इतिहास में दर्ज है बल्कि 1886 के शिकागो आंदोलन को भी याद दिलाता है, जिसमें मजदूरों ने 8 घंटे काम, 8 घंटे विश्राम और 8 घंटे आत्म विकास के अधिकार की मांग की थी, बल्कि यह आज भी उस संघर्ष को व्यक्त करता है जो श्रमिक अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए हर दिन करते हैं । एमसीबी जिले में श्रमिक कल्याण योजनाओं का दिख रहा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला जो छत्तीसगढ़ के नए जिलों में से एक है, यहाँ के मेहनतकश श्रमिकों की मेहनत और लगन इस क्षेत्र की आर्थिक धड़कन बन चुकी है। इस जिले की सड़कों से लेकर निर्माण स्थलों तक, खेतों से लेकर खदानों तक श्रमिकों का पसीना इस इलाके की तरक्की में संजीवनी की तरह काम करता है। जब हम इस क्षेत्र में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह जिला श्रमिक शक्ति का केंद्र बन चुका है। मंडल स्तर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल (BOC) के अंतर्गत 30,534 श्रमिक पंजीकृत हैं और असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल में 30,118 श्रमिकों का नाम दर्ज है। जिला गठन के बाद भी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में 6,257 और असंगठित क्षेत्र में 4,601 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। कुल मिलाकर 71,510 श्रमिकों का पंजीकरण होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं लोगों तक पहुँच रही हैं और श्रमिक अपने हक के प्रति जागरूक हो रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर बात करें तो मनेंद्रगढ़ में 26,065 श्रमिक पंजीकृत हैं, वहीं खड़गवां ब्लाक में 22,847 और भरतपुर ब्लाक में 10,739 श्रमिक पंजीकृत है, ये आँकड़े न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी प्रमाणित करते हैं कि श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी कितनी अहम है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं है लागू छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाएं श्रम की गरिमा को बढ़ावा देने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सराहनीय पहल हैं। महतारी जतन योजना के तहत अब तक 1,351 श्रमिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं को पोषण और प्रसवपूर्व देखभाल हेतु वित्तीय सहायता देती है, ताकि मातृत्व और शिशु जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 2,672 विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई है, जिससे उन्हें स्कूल जाने में सुविधा हो और शिक्षा बाधित न हो। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1,887 श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप औजार उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर कार्य में दक्षता ला सकें। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 306 महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन दी गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। वहीं श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई, जिसके तहत 3,536 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली है। इससे शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है और भविष्य की राहें खुली हैं। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 211 छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास योजना में 1,031 श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों और कार्य दक्षता की जानकारी दी गई है, जिससे वे बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त कर सकें। सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 1,230 निर्माण श्रमिकों को हेलमेट, जैकेट, सेफ्टी शूज़ आदि दिए गए, जिससे उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 78 श्रमिक परिवारों को राहत दी गई, जिनके सदस्य या तो दिव्यांग हुए या जिनकी मृत्यु कार्य के दौरान हो गई हो । मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 494 लड़कियों को विवाह, शिक्षा या स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता दी गई। वृद्ध श्रमिकों को भी सरकार ने नहीं भुलाया, उन्हें मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत पेंशन स्वरूप 56 लाभार्थियों को सहायता दी जा रही है । इसके अतिरिक्त बच्चों को निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना से 507 छात्र लाभान्वित हुए, जिससे वे गरिमामय तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे श्रमिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 8 छात्रों को संसाधन व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है। निर्माण श्रमिकों को आवास हेतु मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 7 श्रमिकों को घर बनाने में मदद मिली है । केंद्र सरकार की श्रमिक कल्याण योजना से भी हो रहे है लाभान्वित केंद्र सरकार की योजनाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 709 श्रमिकों को नाममात्र प्रीमियम पर 2 लाख का जीवन बीमा कवर प्रदान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 1,412 श्रमिकों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिला है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की एक और उल्लेखनीय पहल है “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना“ जिसका शुभारंभ 29 मार्च 2025 को मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद परिसर में किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 200 से 250 श्रमिकों को मात्र 05 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह न केवल भूख की समस्या का समाधान है, बल्कि यह श्रमिकों को आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने की राह भी देता है। छत्तीसगढ़ सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। इस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर हम सभी का कर्तव्य बनता है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करें, उन्हें सम्मान दें और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहभागी बनें। क्योंकि जब श्रमिक मुस्कुराता है, तो समाज मुस्कुराता है। जब श्रमिक सुरक्षित होता है, तो राष्ट्र सशक्त होता है। और जब श्रमिक प्रगति करता है, तो देश आगे बढ़ता है। recent visitors 38

MP में पराली जलाने वाले किसानों को सम्मान निधि योजना की वित्तीय सहायता एक साल के लिए निलंबित

भोपाल मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पराली जलाने वाले किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता एक साल के लिए निलंबित करने को मंजूरी दे दी है. इस बात की जानकारी एक मंत्री ने एक न्यूज एजेंसी को दी है. जिसके मुताबिक कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि ऐसे किसानों की उपज एक साल तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के हिसाब से नहीं खरीदी जाएगी. शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने  कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि राज्य सरकार प्रदूषण फैलाने वाली पराली जलाने पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है. सरकार पराली जलाने वाले किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता निलंबित करेगी और उनकी उपज एक साल तक एमएसपी के हिसाब से नहीं खरीदी जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि के तौर पर हर साल 12000 रुपये देती है. इसमें से 6000 रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत और इतनी ही राशि राज्य सरकार देती है. राज्य सरकार किसानों को दंडित नहीं करना चाहती. लेकिन हमारे किसान भाइयों को छोटे-मोटे लाभ के लिए बड़ा नुकसान नहीं उठाना चाहिए. क्योंकि अगर पर्यावरण प्रभावित हुआ तो उनके अपने बच्चे भी इसका शिकार होंगे. पर्यावरण संरक्षण के लिए यह निर्णय आवश्यक था. विजयवर्गीय ने कहा कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए नई स्थानांतरण नीति को भी मंजूरी दी है. बैठक में कई अन्य निर्णय भी लिए गए, जिसमें राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत की वृद्धि और इसे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाना शामिल है, जैसा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले घोषणा की थी. पर्यावरण संरक्षण के लिए फैसला जरूरी- कैलाश विजयवर्गीय शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि सरकार पराली जलाने वाले किसानों की किसान सम्मान निधि योजना के तहत आर्थिक सहायता को रोक देगी। इसके साथ ही ऐसे किसानों की फसल को एमएसपी पर नहीं खरीदा जाएगा। विजयवर्गीय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह फैसला जरूरी था। कितनी मिलती है आर्थिक सहायता? मध्य प्रदेश की सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में प्रति वर्ष 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इस रकम में से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6,000 रुपये और राज्य सरकार की ओर से 6000 रुपये दिए जाते हैं। अब अगर किसानों ने पराली जलाई तो उन्हें ये पैसे मिलने में समस्या हो सकती है।   recent visitors 36