प्रदेश में 10 मई को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी, शर्तों के तहत दी जाएगी छूट

भोपाल प्रदेश में 10 मई 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को ही प्रकरणों में छूट दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। प्री-लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। नेशनल लोक अदालत में उपरोक्‍तानुसार दी जा रही छूट आकलित सिविल दायित्‍व राशि दस लाख रुपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 10 मई 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।   recent visitors 33

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी और 3 मई को मंदसौर में होगा एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं की आत्मनिर्भरता और रोजगार के लिए राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। उद्योगों में निवेश प्रोत्साहन के लिए आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी इंडस्ट्री-कॉन्क्लेव और 3 मई को एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव मंदसौर में आयोजित की जा रही है। मालवांचल सहित प्रदेश में कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। उन्नत फसलों और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप प्रदान कर बिजली के बिल से बोझ से उन्हें मुक्त करने के लिए भी कार्य कर रही है। किसान खेती की नई तकनीक की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें, इस उद्देश्य से कृषि पर केन्द्रित कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसान के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।   recent visitors 53

पदोन्नति और वेतन लाभ का मामला अटका, वित्त विभाग की आपत्ति, पुरानी तारीख से आर्थिक लाभ देने पर सहमति नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश में नौ वर्ष के बाद पदोन्नति नियम तैयार किए जा रहे हैं लेकिन वेतन के लाभ का मामला अटका हुआ है। यह कब से दिया जाएगा, तय नहीं हो पा रहा है। सरकार ने पदोन्नति बंद होने के कारण कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उच्च पदों का प्रभार तो दिया लेकिन आर्थिक लाभ नहीं दिया। अब जब पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ होगी तो वेतन लाभ 2016 से दिया जाए या फिर आदेश के समय से, इस पर कोई राय नहीं बन पा रही है। प्रदेश में पदोन्नति नियम 2002 के निरस्त होने के बाद वर्ष 2016 से पदोन्नतियां बंद हैं। बड़े पद खाली होते जा रहे थे सेवानिवृत्ति होते रहने और पदोन्नति न होने के कारण उच्च पद रिक्त होते जा रहे थे। इसे देखते हुए उच्च पद का प्रभार देकर काम तो चलाया गया लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक लाभ नहीं हुआ। वेतन लाभ का मामला अटका प्रभार संबंधी आदेश में इसका उल्लेख किया गया कि आर्थिक लाभ नहीं दिया जाएगा और न ही वे इसका दावा कर सकेंगे लेकिन कर्मचारी आश्वस्त हैं कि सरकार उन्हें निराश नहीं करेगी और हक मिलेगा। वेतन लाभ का मामला अटका हुआ है। यह कब से दिया जाए, इसको लेकर शासन स्तर पर कोई राय नहीं बनी है। वित्त विभाग के साथ अभी जो अनौपचारिक चर्चा हुई है, उसमें वह इस बात को लेकर सहमत नहीं है कि पुरानी तारीख से आर्थिक लाभ दिया जाए यानी जिस तिथि से पदोन्नति दी जाए, उस समय से ही आर्थिक लाभ भी दिया जाए। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सभी पक्षों से चर्चा के बाद लेंगे ताकि नौ वर्ष बाद विवादित मामले का जो निराकरण हो रहा है, वह फिर न्यायिक प्रक्रिया में न उलझ जाए। यही कारण है कि पदोन्नति नियम बनाने में विभिन्न न्यायालयों द्वारा समय-समय पर दिए निर्देशों का ध्यान रखा जा रहा है और यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सबके हित सुरक्षित रहें। recent visitors 40

प्रदेश में सबसे अधिक 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया, गर्मी ने ढाया कहर

भोपाल लगातार चल रही गर्म हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में गर्मी की तीखे तेवर बरकरार हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रदेश में सबसे अधिक 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। खजुराहो देश के सबसे गर्म शहरों में सातवें क्रम पर रहा। प्रदेश के सभी शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से 44.4 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहा। छिंदवाड़ा में लू का प्रभाव रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। शनिवार से बादल छाने के कारण तापमान में कुछ गिरावट होने की भी संभावना है। शनिवार से तापमान से आएगी गिरावट     मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर-दक्षिणी द्रोणिका मध्य छत्तीसगढ़ से विदर्भ, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु से होते हुए मन्नार की खाड़ी तक बनी हुई है।     मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि आसपास के राज्य भीषण गर्मी की चपेट में हैं। वहां से आ रही गर्म हवाओं के कारण ही मध्य प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। शुक्रवार को मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है।     शनिवार से उत्तर-दक्षिणी द्रोणिका के असर से नमी आने के कारण प्रदेश के कई शहरों में बादल छाने लगेंगे। इस वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट का सिलसिला भी शुरू हो सकता है। गुरुवार को देश के सबसे गर्म सात शहर शहर ब्रह्मपुरी- 45.9 अकोला- 45.2 झारसुगड़ा- 45.2 चंद्रपुर- 45.0 निजामाबाद- 45.0 बारमेड़- 44.8 खजुराहो- 44.4 (नोट:- तापमान डिग्री सेल्सियस में।) recent visitors 60

शांति और उकसावा साथ-साथ नहीं चल सकते, अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह के दौरान बंद रहेंगे गेट

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में गत 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर पंजाब के अटारी, हुसैनीवाला और सादकी में रिट्रीट सेरेमनी के दौरान होने वाले औपचारिक प्रदर्शन का पैमाना कम करने का फैसला लिया गया है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पंजाब फ्रंटियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह में भारतीय गार्ड कमांडर और पाकिस्तानी गार्ड कमांडर के बीच प्रतीकात्मक हाथ मिलाने की परंपरा बंद की जाएगी। इसके अलावा, समारोह के दौरान गेट भी बंद रहेंगे। बीएसएफ ने कहा कि यह कदम सीमा पार शत्रुता पर भारत की गंभीर चिंता को दर्शाता है और यह पुष्टि करता है कि शांति और उकसावा साथ-साथ नहीं चल सकते। बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर ने कहा कि पहलगाम में हाल ही में हुए दुखद हमले के मद्देनजर पंजाब के अटारी, हुसैनीवाला और सादकी में रिट्रीट समारोह के दौरान औपचारिक समारोह का पैमाना छोटा करने का यह सुनियोजित निर्णय लिया गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कड़े नीतिगत कदमों की घोषणा की है। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने सिंधु जल संधि को फिलहाल रोकने और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है। साथ ही, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी गई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल 2025 से रद्द कर दिए जाएंगे। पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल 2025 तक वैध होंगे। वर्तमान में देश में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा की संशोधित अवधि समाप्त होने से पहले भारत छोड़ देना होगा। वहीं, भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी गई है। साथ ही, वर्तमान में पाकिस्तान में मौजूद भारतीय नागरिकों को भी जल्द से जल्द स्वदेश लौटने की सलाह दी गई है। recent visitors 59

शहडोल में 4 हजार से अधिक जल संरचनाओं का किया जाएगा संरक्षण एवं संवर्धन: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार जल-संरक्षण एवं संवर्धन को जन-आंदोलन के रूप में विकसित कर ‘जल-समृद्ध मध्यप्रदेश’ बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘जल-गंगा संवर्धन अभियान’ अब प्रदेश के हर गांव, हर परिवार और हर नागरिक की सहभागिता वाला जन-अभियान बन गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शहडोल जिले की जनपद पंचायत जयसिंह नगर अंतर्गत ग्राम पंचायत टिहकी में आयोजित जन-चौपाल को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण और संवर्धन आज समय की मांग है। प्राकृतिक संतुलन के लिए आवश्यक है। प्रदेश सरकार ने जल-गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की है, ताकि हम जल को संग्रहित करें, उसका संरक्षण करें और जल-स्रोतों को पुनर्जीवित करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि धरती की कोख – यानी भूमिगत जल स्रोतों को भी पुनर्भरण (रिचार्ज) की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि यदि हम केवल निकालते रहेंगे और वापस नहीं लौटाएँगे, तो भविष्य में अगली पीढ़ी को जल संकट का सामना करना पड़ेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आमजन से आह्वान किया कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि पानी केवल कृषि और पेयजल का साधन नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य से भी सीधा जुड़ा हुआ है। उन्होंने ग्रामवासियों से आग्रह किया कि जल संरक्षण को सांस्कृतिक जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का हिस्सा बनाएं। प्रत्येक विद्यालय, ग्राम सभा, स्व-सहायता समूह और युवा मंडल इस कार्य में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश इस दिशा में अग्रणी बनकर उभर रहा है। निरोगी काया अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को दी बधाई उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुवाई में देश एवं प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे है, महिलाएं सशक्त हो रही हैं, सामाजिक कार्यों में उनकी सहभागिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चारों तरफ पुल-पुलियों, सड़कों का निर्माण होने से व्यापार के अवसर बढ़ रहें हैं, लोगों को रोजगार मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जीवन का पहला सुख निरोगी काया है, सभी लोग निरोगी रहें, इसके लिए सरकार निरोगी काया अभियान चलाकर घर-घर सर्वे कराकर रोगियों की पहचान कर रही है। इससे आमजन को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। शहडोल जिला इस अभियान में तीसरे स्थान पर है, जिसके लिए जिला प्रशासन तथा सी. एम. एच. ओ. डॉ. राजेश मिश्रा को बधाई दी। श्रमदान, कर दिया जल संरक्षण का संदेश उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ग्राम पंचायत टिहकी में राम सागर बड़ा तालाब जीर्णोधार कार्य का शुभारंभ किया तथा श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि पहले गांव के तालाब, कुआं, बावड़ी, में कभी पानी की कमी नहीं होती थी। सभी जगह साल भर पानी भरपूर मात्रा में रहता था, लेकिन अब इस दौर में कुआं, तालाब एवं बावड़ी का पानी गर्मी का सीजन आते ही सूख जाता है।उन्होंने कहा कि हमें आसपास के तालाब, कुआं, बावड़ी सहित अन्य जल संरचनाओं को बचाना होगा। उनकी साफ सफाई कर उनका जीर्णोधार करना होगा। कलेक्टर डॉ.केदार सिंह ने जल गंगा संवर्धन अभियान के प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 4 हजार से अधिक जल संरचनाओं का चयन किया गया है, एक तिहाई कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं, लगातार जल चौपाल लगाकर लोगों को सहभागी बनाया जा रहा है।   recent visitors 40

सीएम डॉ.यादव ने कहा- ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में होगा टेक निवेशकों के लिए निवेश का सुनहरा अवसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 देश-दुनिया के टेक दिग्गजों के लिए निवेश का स्वर्णिम अवसर होगा। राज्य का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इस कॉन्क्लेव का आयोजन 27 अप्रैल 2025 को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है। यह आयोजन जीआईएस-भोपाल में आए निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में शामिल अतिथि टेक-दिग्गजों और निवेशकों को प्रदेश के तकनीकी और डिजिटल नवाचार और उससे संबंधित आर्थिक दृष्टिकोण से परिचित कराएंगे। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्री संजय दुबे ने बताया है कि कॉन्क्लेव राज्य सरकार का दृष्टिकोण समझाने के साथ ही इसके ठोस क्रियान्वयन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में 2 माह में ही कई परियोजनाओं का भूमि-पूजन और आईटी इकाइयों के लिए आवंटन पत्र जारी कर दिए हैं। कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसोफ्ट, एनवीडिया, सीमेन्स-ईडीए, एएनएसआर, थोलोन्स, योट्टा, सीटीआरएलएस डाटा सेंटर्स, रैकबैंक, नेटलिंक, इफोबीन्स, डेटा इंजीनियस ग्लोबल, केन्स टेक्नोलॉजी, एचएलबीएस टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), पंचशील रियल्टी, एंबर एंटरप्राइज़ेस, केदारा कैपिटल, बॉस्टन इंडिया, प्राइमस पार्टनर्स, वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया, और कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (केडीईएम) समेत अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों की भागीदारी होगी। साथ ही, मध्यप्रदेश की अग्रणी आईटी एवं स्टार्ट-अप कंपनियाँ जैसे इंपेटस टेक्नोलॉजीज, अपोइंटी और यश टेक्नोलॉजीज भी इस आयोजन में सम्मिलित होंगी। इस कॉन्क्लेव में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्टेन्डेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) उद्योग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस आयोजन में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) एवीजी समिति, क्रेजी एनिमेसन्स स्टूडियो, पर्पल टर्टल,एबीएआई, कायरा एनिमेशन्स और सेंटर फॉर एंटरटेनमेंटआर्ट्स जैसी संस्थाएँ भी इस कॉन्क्लेव में हिस्सा लेंगी। इंदौर के भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन जैसे शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता से अकादमिक-उद्योग सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में ‘नीतिगत घोषणाएं, एमपीएसईडीसी’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन और ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स, सेमीकंडक्टर्स, कॉमिक्स और एक्टेन्डेड रियलिटी और ड्रोन्स से संबंधित नीति-निर्देश जारी किए जाएंगे। कॉन्क्लेव में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेशन हब, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर नोड्स, नए आईटी पार्क, स्किल डेवेलपमेंट सेंटर, और स्टार्ट-अप इनक्यूबेटर का शिलान्यास किया जाएगा। राउंड टेबल मीटिंग में रणनीति साझेदारी पर होगा संवाद सुबह सेक्टोरल राउंड-टेबल्स में जीसीसी, आईटी, आईटीईस, सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन्स और एवीजीस-एक्सआर पर चर्चा होगीष इसमें उद्योग जगत और सरकारी अधिकारी रणनीतिक साझेदारी पर संवाद करेंगे। प्रमुख उद्योगपतियों से वन-ऑन-वन होगी मीटिंग दोपहर बाद मुख्यमंत्री और प्रमुख उद्योगपतियों के बीच वन-ऑन-वन मीटिंग्स होंगी, ताकि निवेश प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति और परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। एकीकृत प्रोत्साहन पोर्टल का होगा शुभारंभ राज्य सरकार के एकीकृत प्रोत्साहन पोर्टल का शुभारंभ भी किया जाएगा, जो सभी निवेश परियोजनाओं के लिए रियलटाइम अपडेट और सिंगल विंडो सुविधा प्रदान करेगा। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025, डिजिटल भारत की दिशा में मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका को सुनिश्चत कर प्रदेश को वैश्विक नवाचार मानचित्र पर प्रदान करेगा।   recent visitors 35