सुरक्षा बल की ओर से अब तक का सबसे बड़ा अभियान, तीन राज्य के 10 हजार जवानों ने हिड़मा को घेरा, 3 माओवादी ढेर

जगदलपुर बीजापुर जिले के तेलंगाना सीमा से सटे कर्रेगुट्टा क्षेत्र में हिड़मा समेत शीर्ष माओवादी नेताओं की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बल की ओर से अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ा गया है। अभियान के केंद्र में कुख्यात माओवादी हिड़मा है, जिसे मार गिराने छत्तीसगढ़, तेलंगाना व महाराष्ट्र की फोर्स के दस हजार से अधिक जवान बीते सोमवार से अभियान पर है। अभियान के 72 घंटे बीत जाने के बाद पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार गुरुवार की सुबह साढ़े नौ बजे कर्रेगुट्टा की पहाड़ी के पास हुए मुठभेड़ में तीन महिला माओवादियों के शव व हथियार मिले हैं। मारे गए माओवादी हिड़मा की बटालियन के सदस्य हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। शीर्ष माओवादियों की उपस्थित पर छेड़ा अभियान     पुलिस के शीर्ष अधिकारी ने इस अभियान को माओवादियों के विरुद्ध एक निर्णायक लड़ाई बताते हुए कहा कि बीजापुर जिले की सीमा पर तेलंगाना के मुलुगु जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर बीते कुछ सप्ताह से बड़ी संख्या में माओवादियों की उपस्थिति मिल रही थी।     इंटलीजेंस के अनुसार मोस्ट वांटेड शीर्ष माओवादी नंबल्ला केशव राव उर्फ बसव राजू, तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य दामोदर, चंद्रन्ना समेत हिड़मा, देवा व माओवादियों की बटालियन की उपस्थिति थी। इसके बाद तीन राज्यों की ओर से एक संयुक्त अभियान सोमवार को छेड़ा गया। वायुसेना-थलसेना व एनटीआरओ की जमीन से आसमान तक घेराबंदी     शीर्ष माओवादियों की उपस्थिति पर छेड़े गए अभियान में एनटीआरओ (राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन) के सेटेलाइट से लाइव सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों की टीम अभियान को आगे बढ़ा रही है।     उपग्रह के साथ ही 20 से अधिक यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल) ड्राेन की सहायता से माओवादियों की हर गतिविधि पर नजर रखते हुए अभियान किया जा रहा है।     तेलंगाना के चेरला में वायुसेना का लांच पैड बनाया गया है, जहां से सेना के दो एमआइ-17 हेलीकाप्टर से भी माओवादियों पर आसमानी हमला किया जा रहा है। सप्ताह पहले बनी रणनीति फिर शाह के इशारे पर अभियान     केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर सोमवार को माओवादियों के विरुद्ध यह अभियान छेड़ा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री से मिलकर शीर्ष नक्सलियों की उपस्थिति की पक्की सूचना दी।     इसके कुछ घंटों बाद ही तीन राज्यों की ओर से संयुक्त अभियान छेड़ दिया गया। यद्यपि इसके कई दिनों पहले से ही इसकी तैयारी थी।     पिछले दिनों माओवादियों ने पत्र जारी कर कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर भारी संख्या में इंप्राेवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) लगाने की बात कहते हुए ग्रामीणों को वहां आने से मना किया था।     इससे सुरक्षा बल को यह अंदेशा हो गया कि यहां भारी संख्या में माओवादी हो सकते हैं। एनटीआरओ ने सैटेलाइट और ड्रोन से क्षेत्र पर नजर रखनी शुरु की तो इसकी पुष्टि हो गई।     इसके तुरंत बाद 14 अप्रैल को उपमुख्मंयत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा सुकमा जिले के आकस्मिक प्रवास पर पहुंचे, जहां सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ हिड़मा को घेरने की रणनीति तैयार की गई। माओवादियों के कई बंकर ढहाए, 100 से अधिक विस्फोटक मिले अभियान में शामिल एक जवान ने बताया कि बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ी तेलंगाना व छत्तीसगढ़ की सीमा तय करती है। लगभग 15 किमी में विस्तृत इस पहाड़ी के आस-पास और भी कई पहाड़ है। यहां माओवादियों को घेरने त्रिस्तरीय घेराबंदी की गई है। आउटर व इनर कार्डन के साथ एक किलिंग टीम है, जो कि सीधे माओवादियों के ठिकाने की ओर बढ़ रही है। रास्ते में माओवादियों के कई बंकर भी फोर्स को मिले हैं, जिन्हें ढहाया गया है। पिछले दो दिन में फोर्स को 100 से अधिक आइईडी बरामद करने में भी सफलता मिली है। recent visitors 49

पंचायतें लोकतंत्र की जड़ें हैं, इन्हें सशक्त बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

रायपुर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की मूल कड़ी हैं। मैं पांच साल पंच रहा और निर्विरोध रूप से सरपंच का दायित्व संभालने का अवसर भी मिला। अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए यदि आप अच्छा काम करेंगे तो जनता का स्नेह हमेशा मिलेगा और गांव के विकास में आप बड़ी भूमिका निभा पाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर से ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ का वर्चुअल शुभारंभ कर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के खास मौके पर शुरू हुई इस योजना से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति आएगी और प्रदेश के सरकारी सेवाओं और योजनाओं की पहुंच आम लोगों तक सुगम होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के उद्देश्य से प्रदेश के 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों में मोर गांव मोर पानी महाअभियान का शुभारंभ कर पंचायत प्रतिनिधियों और नागरिकों से जल संरक्षण का आह्वान करते हुए शपथ दिलाई।   मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंचायतें हमारे लोकतंत्र की जड़ें हैं और इन्हें मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से वादा किया था कि ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को बैंक शाखाओं तक न जाना पड़े। आज मोदी की इस गारंटी को पूरा करते हुए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्ग पेंशनधारी, महतारी वंदन योजना से लाभान्वित माताएं बहनें, अन्नदाता किसानों को पीएम किसान निधि समेत डीबीटी से प्राप्त राशि के आहरण की सुविधा अब गांव में ही मिलने लगेगी। श्री साय ने कहा कि ग्रामीणों को अब लंबी दूरी तय कर बैंक नहीं जाना पड़ेगा और समय के साथ-साथ उनके आने-जाने में खर्च होने वाली राशि की भी बचत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन योजनाएं, राशन कार्ड जैसी सरकारी सेवाएं भी ग्रामीणों के लिए आसान और सुगम हो जाएंगी। श्री साय ने विश्वास जताया कि यह योजना डिजिटल इंडिया मिशन को जमीनी स्तर पर मजबूती देगी और ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी व उत्तरदायी शासन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि आज 1460 ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था शुरू हुई है और आने वाले समय में इस योजना को विस्तार दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भू जल स्तर में लगातार कमी हो रही है और जल संचयन के उद्देश्य से मोर गांव मोर पानी महाअभियान का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने  पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि जल संचयन की दिशा में आप सभी को गंभीरता के साथ कार्य करना है। वर्षा जल संचयन के साथ-साथ वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों को भी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। इन प्रयासों के माध्यम से ही हम आने वाले समय में प्रदेश में पानी की कमी को दूर कर पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के 51 हजार परिवारों को पीएम आवास की 300 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है। प्रधानमंत्री सभी जरूरतमंद परिवार को पक्का घर मिले इसकी लगातार चिंता करते हैं। उन्होंने बताया कि अभी आवास प्लस प्लस का सर्वे चल रहा है और इसका दायरा बढ़ाते हुए कुछ अतिरिक्त छूट के प्रावधान भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सर्वे में शामिल होकर योजना का लाभ लेने की बात कही और पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे भी इसकी जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को सशक्त बनाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आय-जाति निवास प्रमाणपत्र, भूमि दस्तावेज, डिजिटल भुगतान और ई-डिस्ट्रिक्ट की अनेक सेवाएं आसानी से ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद की 10 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में यह सुविधा प्रारंभ की जा रही है और आगामी छह महीनों में 8,000 से अधिक पंचायतों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संग्रहण और भू-जल स्तर को पुनःस्थापित करने हेतु मोर गांव-मोर पानी महाभियान प्रारंभ किया गया है। हर ग्राम पंचायत में नागरिकों की सहभागिता से जल संचयन की योजनाएं बनाई जाएंगी और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सरपंचों, जनपद एवं जिला पंचायत सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्निर्माण और संरक्षण की दिशा में सक्रिय कार्य करें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की जड़ है और ग्राम विकास की रीढ़ है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों की सूची तैयार कर उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, सचिव पंचायत भीम सिंह, संचालक पीएम आवास ग्रामीण तारन प्रकाश सिन्हा सहित अधिकारी कर्मचारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों से पंचायत प्रतिनिधि, हितग्राही और आमजन वर्चुअली मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के हितग्राहियों और जनप्रतिनिधियों से किया संवाद      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के शुभारंभ के अवसर पर सूरजपुर, धमतरी, बस्तर, कबीरधाम, रायगढ़ और जशपुर जिले के विभिन्न हितग्राहियों से योजना को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीणों की सुविधा की दृष्टि से प्रारंभ किया गया है और इसकी जानकारी अधिक से अधिक लोगों को दी जाए। बस्तर जिले के नानगुर ग्राम पंचायत की श्रीमती सुमनी बघेल ने मुख्यमंत्री को बताया कि महतारी वंदन से प्रति माह उन्हें 1 हजार रूपये की राशि मिलती है। जिसे वह पोस्ट ऑफिस में जमा कर रही हैं ताकि आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही बेटी को कम्प्यूटर क्लास के लिए लैपटॉप दिलवा सके। उनके पंचायत में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र खुल जाने से अब … Read more

प्रधानमंत्री मोदी का माना मुख्यमंत्री ने धार में पीएम मित्रा पार्क की सौगात के‍ लिए आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय बहुल धार जिले को केन्द्र सरकार से प्रधानमंत्री मित्रा पार्क की सौगात मिलना बड़ी उपलब्धि है। इससे युवाओं के लिए 3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार औद्योगीकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमने 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के विकास में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन और सहयोग प्रदेश सरकार को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र की ओर से 2100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना है। प्रदेश सरकार औद्योगिक केन्द्रों के विस्तार और पीएम मित्रा पार्क के शीघ्र लोकार्पण के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से हम प्रदेश में उद्योगों से विकास की गंगा बहाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मीडिया के लिए जारी संदेश में कहा कि धार का यह पीएम मित्रा पार्क प्रदेश में औद्योगिक संरचना का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे वस्त्र उद्योग सहित अन्य उद्योग धंधों को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। वस्त्र उद्योग, मध्यप्रदेश की पहचान रहा है, केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य के जनजातीय अंचलों सहित प्रदेश में कपास की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और हम कॉटन को पुनर्स्थापित कर पाएंगे। प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को भी पीएम मित्रा पार्क का लाभ मिलेगा।   recent visitors 22

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- जन सहभागिता के लिए नवाचार और नई सोच के साथ प्रयास किए जाने चाहिए

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जन सहभागिता के लिए नवाचार और नई सोच के साथ प्रयास किए जाने चाहिए। पर्यावरण संतुलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर पर लम्बे समय से काफी चिंतन हो रहा है। जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग अभी भी चुनौती बनी हुई है। आज आवश्यकता है कि हर व्यक्ति को पर्यावरण संतुलन के प्रति उत्तरदायी बनाने के समन्वित प्रयास किये जायें। पर्यावरण संतुलन की चिंता के प्रति समाज संवेदनशील हो। सामाजिक वातावरण हर व्यक्ति, समुदाय को पर्यावरण संतुलन के लिए सजग और सक्रिय बनाने वाला हो। बच्चे, बड़े सभी के दिल और दिमाग में अंकित हो कि पर्यावरण संतुलन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या किया जाना चाहिए, क्या नहीं किया जाना है।  राज्यपाल श्री पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन एप्को की 13वीं साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सरकार के कार्यक्रमों में जन चेतना के जुड़ जाने की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण इंदौर शहर है। लगातार 7 बार से देश का सबसे स्वच्छतम नगर की उपलब्धि नगर निगम के एकल प्रयासों का परिणाम नहीं है। यह नगर निगम और इंदौर के नागरिकों के सहभागी प्रयासों का प्रतिफल है। नागरिकों का स्वच्छता आग्रह और स्वच्छता के प्रति जन चेतना की सक्रियता का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने गुजरात के कच्छ इलाके के ग्रामीण विद्यालय के शिक्षक दम्पती की छोटी सी पहल से होने वाले बड़े बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शिक्षक दम्पती ने नई सोच के साथ विद्यालय के वीरान परिसर में पौध-रोपण शुरू किया। विद्यालय के समस्त विद्यार्थियों को पौधे उपलब्ध कराये और परिसर में पौध-रोपण कराया। बच्चों से कहा कि जब वे स्कूल आए तो घर में सब्जियों को धोने वाले पानी को किसी डब्बे अथवा बोतल में लेकर आए। उनके द्वारा लगाए गए पौधे में वही पानी डाल दे। इस नई सोच ने कच्छ जैसे सूखे इलाके के विद्यालय के परिसर को हरा भरा करने का करिश्मा कर दिया है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि समाज में बच्चों की वित्तीय सुरक्षा के लिए बैंकों में धन राशि जमा करते हैं। यह नहीं समझते कि यदि पर्यावरण नहीं रहेगा तो जीवन ही नहीं रहेगा। इस लिए संतान के भावी जीवन की वित्तीय सुरक्षा की चिंता से ज्यादा जरूरी पर्यावरण संतुलन की चिंता है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन की चिंता को समाज की सर्वोच्च चिंता बनाने की दिशा में पहल की जरूरत बताई है। उन्होंने मिशन लाईफ और जलवायु परिवर्तन विषय पर प्रशिक्षित युवाओं से उनके द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने नदियों के आस-पास के उद्योगों और बस्तियों के कचरा निष्पादन प्रणालियों की गहन निगरानी की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को बढ़ाने और अनदेखी के मामलो में कड़ी कार्रवाई अत्यधिक गंभीरता के साथ की जाना चाहिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा अभियान के तहत पौध-रोपण कार्य के लिए वन विभाग को नोडल बनाकर कार्य किए जा रहे है। यह निर्णय किया गया है कि नर्सरी में तीन-चार वर्ष के तैयार पौधों का ही रोपण किया जाए। प्रदेश में आगामी दो-तीन वर्षों में शत प्रतिशत बड़े पौधों का रोपण होने लगेगा। उन्होंने अधिकारियों को एस.एल.सी.टी.सी. के तहत किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग रिपोर्ट राजभवन को नियमित अंतराल पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। अपर मुख्य सचिव श्री डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा कान्ह नदी के दूषित जल के डायवर्जन हेतु कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्जन प्रोजेक्ट के तहत 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। क्षिप्रा नदी को अविरल-निर्मल बनाए जाने का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि देश की सबसे सुरक्षित चंबल नदी की सुरक्षा के लिए पार्वती कालीसिंध परियोजना में प्रावधान किए गए है। बेतवा नदी के जल प्रवाह को बढ़ाने और सोन नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के कार्य भी किए जा रहे है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यावरण डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, सचिव जल संसाधन श्री जॉन किंग्सली, सचिव वित्त श्री लोकेश कुमार जाटव, सचिव वन श्री अतुल मिश्रा, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश श्री श्रीकांत बनोठ, आयुक्त मनरेगा श्री अविप्रसाद, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन कार्यपालक निर्देशक श्रीमती उमा माहेश्वरी और साधारण सभा के सदस्यगण, विशेषज्ञ उपस्थित थे।      recent visitors 23

गूगल, एपल, माइक्रोसाफ्ट और शाओमी को एमपी हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस, लगाया डाटा चुराने का आरोप

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने साफ्टवेयर कंपनियों पर मोबाइल एप के जरिए उपयोगकर्ताओं का डाटा चुराने और सायबर ठगी करने के आरोप के मामले में जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, स्टैंडर्ड टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन डायरेक्ट्रेट (एसटीक्यूसी), सीडेक, गूगल, एपल, माइक्रोसाफ्ट और शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किए गए हैं।   एप उपयोगकर्ता की सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो रहे जनहित याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने अपना पक्ष स्वयं रखा। उन्होंने दलील दी कि मोबाइल में मौजूद प्री-इंस्टाल या गूगल प्ले स्टोर और एपल स्टोर से डाउनलोड किए गए एप उपयोगकर्ता की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं। मोबाइल डाटा चोरी का यंत्र बन गया ये एप उपयोगकर्ता की जानकारियां कई कंपनियों को साझा करती हैं, जो आगे चलकर एक सायबर ठगी का रूप भी ले सकती हैं। कई एप ऐसे होते हैं जिनमें कान्टेक्ट, फाइल्स या कैमरा का कोई उपयोग नहीं होता फिर भी इंस्टाल करने के बाद इन सभी एप्लीकेशन की परमिशन मांगते हैं। इस तरह से मोबाइल ही डाटा चोरी करने का एक यंत्र बन जाता है। रोकथाम के लिए कड़े नियम बनाए जाएं देश में डिजिटल क्रांति के साथ-साथ सायबर धोखाधड़ी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। आम नागरिकों की गोपनीय जानकारी, बैंकिंग विवरण और व्यक्तिगत डेटा चोरी हो जाते हैं। जनहित याचिका में कहा गया कि वर्तमान कानूनी ढांचा केवल तब सक्रिय होता है जब किसी एप के जरिए पहले ही नुकसान हो चुका होता है। अगर कोई एप नुकसान पहुंचा देता है, तब संबंधित एजेंसियां उसकी जांच करती हैं और उसे प्रतिबंधित करती हैं। जनहित याचिका में मांग की गई है कि इसकी रोकथाम के लिए कड़े नियम बनाए जाएं। recent visitors 22

पहलगाम घटना के बाद एक और बड़ा ऐक्शन, भारत ने पाकिस्तानियों को देश छोड़ने के लिए 48 घंटे का दिया समय

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 27 अप्रैल 2025 से सभी पाकिस्तानी नागरिकों को जारी वीजा रद्द करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल तक वैध रहेंगे। सरकार के इस निर्णय के मुख्य बिंदु: – 27 अप्रैल से सभी प्रकार के पाकिस्तानी वीजा होंगे रद्द -मेडिकल वीजा 29 अप्रैल तक ही मान्य होंगे – जिन पाक नागरिकों को पहले से वीजा जारी किया गया था, उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ना होगा -नई वीजा प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी गई है यह फैसला भारत सरकार ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया है, जिसमें 28 निर्दोष लोगों की जान गई और कई घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन TRF (द रेसिस्टेंस फ्रंट) ने ली थी। हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई CCS (कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी) की आपात बैठक में यह कड़े कदम उठाए गए हैं, जिनका मकसद पाकिस्तान को स्पष्ट और कड़ा संदेश देना है कि भारत अब आतंकी हमलों पर चुप नहीं बैठेगा। भारत ने देश छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिकों को दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस वीजा योजना के तहत फिलहाल भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास देश छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने यह निर्णय लिया. अटारी-वाघा सीमा से पाकिस्तान लौटने लगे लोग बैठक में घोषणा की गई कि अटारी में एकीकृत चेक-पोस्ट (आईसीपी) को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा और जो लोग वैध दस्तावेजों के साथ पाकिस्तान गए हैं, वे एक मई से पहले उस रास्ते से वापस आ सकते हैं. बृहस्पतिवार की सुबह कई पाकिस्तानी परिवार अटारी-वाघा सीमा मार्ग से स्वदेश लौटने के लिए अमृतसर स्थित आईसीपी पर पहुंचे. कराची के एक परिवार ने कहा कि वे लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने दिल्ली गए थे. हम दोनों देशों के बीच भाईचारा चाहते हैं : पाकिस्तानी नागरिक परिवार के एक सदस्य ने कहा कि हम 15 अप्रैल को यहां (भारत) आए थे और आज हम घर लौट रहे हैं, हालांकि हमारे पास 45 दिनों का वीजा था. पहलगाम हमले पर एक सवाल का जवाब देते हुए, पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि जिसने भी यह किया है वह पूरी तरह से गलत है. हम दोनों देशों के बीच आपसी भाईचारा और दोस्ती चाहते हैं. मंसूर नामक एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ 15 अप्रैल को 90 दिन के वीजा पर भारत आया था. मंसूर ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा कि लेकिन हम आज घर लौट रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था. पाकिस्तानी जानें के लिए भारतीय नागरिक भी पहुंचे पाकिस्तान जाने के लिए वीजा प्राप्त कुछ भारतीय नागरिक भी बृहस्पतिवार को आईसीपी पहुंचे, जिनमें गुजरात का एक परिवार भी शामिल था, जो कराची में अपने रिश्तेदारों से मिलने जाना चाहता था. परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य ने कहा, ‘‘हमें दो महीने पहले वीजा मिला था. हालांकि जब उन्हें बताया गया कि अटारी-वाघा सीमा मार्ग बंद कर दिया गया है, तो बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि अगर ऐसा है तो वे घर लौटने को तैयार हैं. पाकिस्तान जाने के लिए बुधवार शाम को अमृतसर पहुंचे राजस्थान के दो व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें अटारी-वाघा सीमा मार्ग बंद किए जाने के बारे में जानकारी नहीं थी.   recent visitors 29

BHEL भोपाल के भेल क्षेत्र में लगी भीषण आग, फायर बिग्रेड की गाड़िया मौके पर मौजूद

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के परिसर में आज गुरुवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग भेल के गेट नंबर 9 के पास वेस्ट मटेरियल एरिया में लगी, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भयानक थी कि उसके काले धुएं के बादल 15 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहे थे और लपटें 20 फीट तक ऊंची उठती नजर आईं। ऑयल टंकियों में धमाके से बढ़ी आग प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भेल कैंपस के जिस हिस्से में आग लगी वहां ऑयल टंकियां भी रखी गई थीं, जिनमें विस्फोट हुआ है। विस्फोट के बाद आग ने और विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे में हजारों पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए, जिससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौके पर दमकल और सुरक्षा बल तैनात आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं, जो आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। सीआईएसएफ (CISF) की टीम को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया है ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके। फिलहाल किसी भी व्यक्ति को कैंपस के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अफसर आग की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव, और अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा। फिलहाल भेल प्रबंधन ने किसी भी तरह के प्राकृतिक या मानव जनित नुकसान की पुष्टि नहीं की है। हालांकि जिस जगह आग लगी है। वह गेट नंबर 9 से करीब 200 मीटर दूर है और भेल की मुख्य फैक्ट्री उससे काफी दूरी पर है। लेकिन आग की भीषणता को देखकर कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और लोगों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल के आसपास न जाएं। recent visitors 42