पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर के गांव से किया मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का शुभारंभ मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का शुभारंभ आवासहीन एवं कच्चे मकान वाले परिवारों के सर्वेक्षण का विशेष अभियान   पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय स्वयं हितग्राहियों के घर पहुंचकर किया सर्वे राज्य में 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा मोर दुआर-साय सरकार महाभियान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर जिले के ग्राम घाटपदमपुर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए प्रदेशव्यापी मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री इस दौरान उन्होंने घाटपदमपुर के कई हितग्राहियों के घर पहुंचकर स्वयं सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम घाटपदमपुर आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी और नवनिर्मित घरों को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किया पात्र परिवारों का सर्वे मुख्यमंत्री साय जब हितग्राही श्रीमती शिलोमणि कश्यप एवं श्रीमती करुणा कश्यप के घर पहुंचे तब परिवारजनों ने उनका परंपरागत रूप से आत्मीय स्वागत किया। शिलोमणि कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में कुल पाँच सदस्य हैं पति हरिसिंह, बेटा अभिनव जो 9वीं कक्षा में पढ़ता है, बेटी अनुप्रिया (8वीं कक्षा) और छोटा बेटा अभिषेक जो तीसरी कक्षा में है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहा था, जो अब इस योजना के तहत पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने गांव की एक अन्य हितग्राही श्रीमती लूदरी कश्यप के घर का भी सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्वयं ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। इस दौरान लूदरी कश्यप ने भावुक होकर कहा कि बरसों से पक्के मकान का सपना देखा था, आज वह साकार होता दिख रहा है। यह मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है। लूदरी कश्यप ने यह भी साझा किया कि बरसात के दिनों में कच्चे घर में सांप का डर और घर की मरम्मत पर होने वाले खर्च से वे परेशान रहती थीं। उन्होंने कहा कि अब इस योजना से उन्हें इन सभी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। श्रीमती लूदरी कश्यप ने बताया कि उनके साथ पति मनबोध कश्यप, बहू श्रीमती करुणा कश्यप, पुत्र ईश्वर कश्यप और पोता रहते हैं। लूदरी कश्यप ने कहा कि उनका पूरा परिवार मजदूरी पर निर्भर है और सीमित आय के चलते पक्के मकान का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उनका एक सुरक्षित और स्थायी पक्का मकान का सपना जल्द ही पूरा होगा। ग्राम पंचायत घाटपदमपुर की कुल जनसंख्या 2,078 है, जिसमें वर्तमान में 583 परिवार निवासरत हैं। इस पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूर्व में स्थायी प्रतीक्षा सूची के आधार पर 11 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई थी, जिनके मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। महतारी वंदन योजना बनी सहारा मुख्यमंत्री साय को ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना से उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने दैनिक खर्चों के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए भी कुछ बचत कर पा रहे हैं। हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री शर्मा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डे … Read more

चहल के ‘जाल ‘ में फंसी KKR, पंजाब ने ऐसे पलटा हारा मैच, रहाणे एंड कंपनी का डब्बा गोल

कोलकाता पंजाब किंग्स (PBKS) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच मंगलवार को खेले गए रोमांचक मुकाबले में श्रेयस अय्यर की टीम ने कमाल कर दिया. पंजाब किंग्स ने रसेल, रिंकू और रहाणे से सजी केकेआर को 112 रन नहीं बनाने दिए और 16 रनों से मुकाबला जीत लिया. इस मैच में युजवेंद्र चहल ने कमाल की गेंदबाजी की और 4 विकेट झटककर केकेआर को गेम से बाहर कर दिया. आईपीएल में कई बार 4 से ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड आईपीएल में एक मैच में 4 विकेट लेने के मामले में अब चहल सुनील नरेन के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर आ गए हैं. चहल ने अबतक 8 बार एक मैच में 4 विकेट झटके हैं. देखें लिस्ट… 8 – युजवेंद्र चहल 8 – सुनील नरेन 7 – लसिथ मलिंगा 6 – कगिसो रबाडा 5 – अमित मिश्रा पंजाब ने बचाया सबसे छोटा स्कोर आईपीएल के इतिहास में पंजाब किंग्स पहली टीम बन गई है जिसने इतने छोटे टोटल को डिफेंड किया है. पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 111 रन बनाए थे. लेकिन केकेआर को 95 रन पर ही रोक दिया. 111 – पीबीकेएस बनाम केकेआर, मुल्लांपुर, 2025 116/9 – सीएसके बनाम पीबीकेएस, डरबन, 2009 118 – SRH बनाम MI, 2018 119/8 – पीबीकेएस बनाम MI, डरबन, 2009 119/8 – SRH बनाम PWI, पुणे, 2013 *बारिश से प्रभावित खेल शामिल नहीं हैं ऐसी रही कोलकाता की पारी 112 रनों के जवाब में उतरी केकेआर की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ही ओवर में सुनील नरेन बोल्ड हो गए. उनके बल्ले से केवल 5 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में क्विंटन डिकॉक भी पवेलियन लौटे. उनके बल्ले से केवल 2 रन निकले. लेकिन इसके बाद रहाणे ने कुछ अच्छे शॉट लगाए. लेकिन 8वें ओवर में वो भी आउट हो गए. रहाणे ने 17 रन बनाए. इसके बाद 10वें ओवर में रघुवंशी भी चलते बने. इसके बाद अगले ही ओवर में मैक्सवेल ने वेंकटेश अय्यर को आउट कर दिया. इसके बाद चहल ने अपने खाते के तीसरे ओवर में रिंकू सिंह और रमनदीप को चलता किया. इसके बाद कोलकाता कुछ खास नहीं कर पाई. रसेल ने कुछ आक्रामक शॉट जरूर लगाए. लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके. 16वें ओवर की पहली गेंद पर केकेआर ऑलआउट हो गई. पंजाब की टीम ने 16 रन से मुकाबला जीत लिया. ऐसे रही पंजाब की बल्लेबाजी टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी पंजाब की शुरुआत तो अच्छी रही. प्रियांश आर्य ने अच्छे शॉट भी लगाए. लेकिन चौथे ओवर में प्रियांश आर्य को हर्षित राणा ने आउट किया. आर्य के बल्ले से 22 रन निकले. इसके बाद पंजाब को बैक-टू-बैक झटके लगे. चौथे ही ओवर में श्रेयस अय्यर भी बिना खाता खोले आउट हो गए. इसके बाद अगले ओवर में जोश इंगलिस भी आउट हो गए. पावरप्ले के आखिरी ओवर में प्रभसिमरन सिंह भी चलते बने. उनके बल्ले से केवल 30 रन निकले. 9वें ओवर में नेहाल वढ़ेरा भी 10 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद पंजाब की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. पंजाब की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 16वें ओवर में ही 111 के स्कोर पर सिमट गई. पंजाब ने ऐसे पलटा हारा मैच, रहाणे एंड कंपनी का डब्बा गोल  युजवेंद्र चहल को IPL (इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग) इत‍िहास का चतुर गेंदबाज क्यों कहा जाता है, ये बात उन्होंने 15 अप्रैल को कोलकाता नाइटराइडर्स (IPL) के ख‍िलाफ मुकाबले में साबित कर दी. पंजाब किंग्स (PBKS) की ओर से चहल ने यादगार स्पेल किया और ऐसी जीत द‍िलाई, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. चहल ने चार विकेट (चौसर समझें) ल‍िए और कोलकाता की टीम फंस गई. पंजाब किंग्स की टीम इस मुकाबले में 111 रन पर सिमट गई. पंजाब किंग्स ने कम स्कोर वाले रोमांचक मैच में वापसी करते हुए केकेआर को 16 रन से हराया. युजवेंद्र चहल ने 4-0-28-4 और मार्को जानसेन ने 17 रन देकर 3 विकेट चटकाए. इस तरह पंजाब किंग्स ने आईपीएल हिस्ट्री में सबसे कम स्कोर का बचाव किया. इससे पहले सबसे कम स्कोर को ड‍िफेंड चेन्नई सुपर किंग्स ने 2009 में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 116 रन बनाकर किया था. वापस आते हैं चहल के उस कमाल के स्पेल पर. एक समय कोलकाता की टीम 60 रन पर दो विकेट के स्कोर पर थी, फ‍िर वो 95 रन पर स‍िमट गई. मैंने गलत शॉट खेला जहां KKR की टीम जीता-ज‍िताया मैच हार गई. KKR  के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अपनी टीम की चौंकाने वाली हार का दोष अपने ऊपर लिया. एक समय कोलकाता की टीम 62 रन पर दो विकेट के स्कोर पर थी, लेकिन इसके बाद वो 95 रन पर ऑल-आउट हो गई. हाणे ने कहा- कुछ भी समझाने की जरूरत नहीं है, जो कुछ मैदान पर हुआ, हम सभी ने देखा. टीम के प्रयास से काफी निराश हूं, मैं दोष लेता हूं, मैंने गलत शॉट खेला, हालांकि यह (गेंद) मिस हो गई थी. कुल म‍िलाकर केकेआर के कप्तान का यह बयान बेहद चर्चा में हैं. क्योंकि ऐसा बेहद कम होता है कि कोई कप्तान हार के ल‍िए खुद ज‍िम्मेदारी ले. रहाणे ने कहा- हमने बैट‍िंग यून‍िट के रूप में वास्तव में खराब बैट‍िंग की, हम पूरी जिम्मेदारी लेते हैं, गेंदबाजों ने इस प‍िच पर वाकई में अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप 111 रन पर सिमट गई. युजी चहल ने ऐसे पलटा मैच, एक ओवर में झटके 2 विकेट युजवेंद्र चहल ने सबसे पहले अपने स्पेल में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अंज‍िक्य रहाणे (17) को LBW आउट किया. हालांकि रहाणे ने अगर DRS (ड‍िसीजन र‍िव्यू स‍िस्टम) का सहारा लिया होता तो वो बाल-बाल बचे होते. इसके बाद चहल की फ‍िरकी का जादू एक बार और चहला और उन्होंने अपने अगले ही ओवर में जम चुके अंगकृष रघुवंशी को 37 रनों के स्कोर पर जैव‍ियर बैरेट के हाथों कैच आउट करवा दिया. अंगकृष रघुवंशी के आउट होते ही कोलकाता का स्कोर 72/4 हो गया. फ‍िर 12वें ओवर की तीसरी और चौथी गेंद पर रिंकू सिंह (2) को स्टम्प आउट करवाकर और रमनदीप (0) को कैच आउट करवाकर चहल ने पूरा मैच पंजाब की ओर मोड़ दिया. रमनदीप तो … Read more

आज करोड़ों लाड़ली बहनों को मिलेगा तोहफा, CM जारी करेंगे 23वीं किस्त, फिर खाते में आएंगे 1250 रुपए, जानें अपडेट

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए अच्छी खबर है। आज बुधवार 16 अप्रैल को सीएम मोहन यादव मण्डला जिले के ग्राम टिकरवारा से 23वीं किस्त के 1250 रुपए बहनों के खाते में जारी करेंगे। इसके अलावा गैसे रिफिलिंग की भी राशि जारी की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश। नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं। इन योजनाओं के पैसे भी मिलेंगे     खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश…     नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं। लाड़ली बहना (Ladli Behna Yojana Big Update) को प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए की किस्त 16 अप्रैल को खातों में आएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव मंडला के टिकरवारा से राशि सिंगल क्लिक से जारी करेंगे। हर माह राशि 10 तारीख को आती है। इस बार विलंब को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया। अब तक योजना में 33 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। सीएम सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 56 लाख लोगों को 337 करोड़ व 25 लाख बहनों को गैस सिलेंडर के 57 करोड़ भी देंगे। कई लाड़ली बहना योजना से हुई बाहर एमपी विधानसभा में महिला बाल विकास मंत्री के मुताबिक, प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से अब तक 15,748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद हटाए हैं। 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम स्वत: पोर्टल से हट गए हैं। फिलहाल राशि बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं(Ladli Behna Yojana Big Update) को स्कीम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उनकी उम्र 60 साल से ऊपर हो गई थी। इस कारण जनवरी में 60 साल की उम्र से ऊपर होने पर कई महिलाओं के नाम योजना से काट दिए गए थे। इस वजह से इन लाड़ली बहनों के खाते में योजना के पैसे ट्रांसफर नहीं हुए। अगर आपके दस्तावेज में भी आपकी उम्र 60 साल से अधिक हो गई है तो, आप भी अपात्र महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं और आपको भी अप्रैल में योजना की 23वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। इस बार किस्त में 6 दिन की देरी आमतौर पर हर माह की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है।कभी कभी त्यौहारों और विशेष अवसर को देखते हुए तय तारीख से पहले भी राशि भेज दी जाती है, लेकिन इस बार तय तारीख निकलने के बाद भी पैसे नहीं मिले।हालांकि पहले खबर आई थी कि 11 अप्रैल पीएम मोदी के अशोकनगर दौरे या 12 अप्रैल को हनुमान जयंती या फिर 13 अप्रैल को गृहमंत्री अमित शाह के एमपी आने पर राज्य की मोहन यादव सरकार 23वीं किस्त जारी करेगी, लेकिन जारी नहीं हुई और अब 16 अप्रैल को किस्त जारी होगी। हर महीने मिलते है 1250 रुपए     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। पैसे मिलेंगे या नहीं?, चेक करें लिस्ट में अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। ये … 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रूस में जन्म दर हर साल गिर रही, 1800 के बाद सबसे कम बच्चे पैदा हुए, चीन और जापान भी इस समस्या से जूझ रहे

मॉस्को  रूस में जन्म दर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रूस की जनसंख्या में गिरावट इतनी ज्यादा है कि पिछले करीब 200 वर्षों के रेकॉर्ड टूट गए हैं। कम बच्चे पैदा होने की वजह से रूस में जनसंख्या घट रही है और सरकार के सामने ये गंभीर चुनौती बनती जा रही है। यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझी रूस की व्लादिमीर पुतिन सरकार की हालिया वर्षों में जन्म दर को बढ़ाने की कई कोशिशों के बावजूद इस दिशा में कोई खास फायदा नहीं हुआ है। रूस की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है, इससे देश में काम करने वाले घटते जा रहे हैं। मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रोस्टेट नाम की सरकारी एजेंसी ने जनसंख्या के नए आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस साल जनवरी और फरवरी रूस में सिर्फ 1,95,400 बच्चे पैदा हुए। यह आंकड़ा पिछले साल के इन महीनों के मुकाबले तीन फीसदी कम है। फरवरी महीने में तो और ज्यादा गिरावट आई। फरवरी में जन्म दर 7.6% तक गिर गई और सिर्फ 90,500 बच्चे पैदा हुए। जनसांख्यिकी विशेषज्ञ अलेक्सी का कहना है कि 2025 की पहली तिमाही में रूस की जन्म दर 1800 के दशक के बाद सबसे कम है। लगातार कम हो रही रूसी आबादी अलेक्सी का इस साल मार्च में 95,000 से 96,000 बच्चे पैदा होने का अनुमान है। इस तरह पहली तिमाही में कुल 293,000 से 294,000 बच्चे पैदा हुए। अलेक्सी का कहना है कि 2025 की पहली तिमाही में पिछले 200 सालों में सबसे कम बच्चे पैदा हुए। हालांकि रोस्टेट ने अभी तक मार्च महीने के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। रूस में बीते साल, 2024 में 12.22 लाख बच्चे पैदा हुए थे। यह 1999 के बाद सबसे कम आंकड़ा है। इस साल ये आंकड़ा और भी कम हो सकता है। रूस में बीते एक दशक में 2014 के मुकाबले जन्म दर में एक तिहाई की कमी आ गई है। साल 2016 से 2024 के बीच ही रूस की जनसंख्या में 30 लाख से ज्यादा की कमी आ चुकी है। अभी और बढ़ेगा रूस में संकट! रोस्टेट के अनुसार, रूस में जन्म दर में गिरावट आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी। अगले दो साल यानी 2027 तक यह आंकड़ा 11.4 लाख तक गिर सकता है। 2030 के बाद थोड़ी रिकवरी हो सकती है लेकिन 2045 तक भी जन्म दर 2014 से पहले के मुकाबले 25% कम रहेगी। साफ है कि हालिया समय में रूस इससे बाहर नहीं आ पाएगा। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर मौतों की संख्या हर साल 18 लाख के आसपास स्थिर होती है तो भी रूस की जनसंख्या में हर साल 5 लाख की कमी आएगी। रोस्टेट के अनुसार, 2046 तक रूस की जनसंख्या 13.88 करोड़ तक गिर सकती है। यहं तक कि जनसंख्या 13 करोड़ तक भी गिर सकती है। यह आंकड़ा 1897 के रूसी साम्राज्य की आबादी के बराबर होगा। recent visitors 31

रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की स्‍थायी सदस्‍यता मांग का खुलकर समर्थन किया

नई दिल्ली/ मास्‍को  भारत और रूस की राजनयिक दोस्‍ती के 78 साल पूरे हो गए हैं। शीत युद्ध से लेकर पाकिस्‍तान युद्ध तक रूस ने भारत के साथ दोस्‍ती निभाई है। अब एक बार फिर से रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही मांग का खुलकर समर्थन किया है। रूस ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थायी सदस्‍यता देने की मांग को फिर से दोहराया है। साथ ही रूस ने भारत के साथ आने वाले वर्षों में भी अच्‍छे रिश्‍ते बरकरार रखने की उम्‍मीद जताई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने संदेश में दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्‍ते स्‍थापित होने के 78 साल पूरे होने की बधाई दी। इस बीच स्‍लोवाकिया ने भी भारत की संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता का समर्थन किया है। टेलिग्राम पर दिए अपने संदेश में रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम भारत के साथ रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करना चाहते हैं। रूसी मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद मजबूत बना रहेगा और दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकातों का दौर जारी रहेगा। साल 2024 में पीएम मोदी और रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन के बीच दो शिखर सम्‍मेलन हुए थे। इस साल भी पुतिन भारत आने वाले हैं। रूस ने विक्‍ट्री डे परेड में पीएम मोदी को न्‍योता दिया था। इसमें हिस्‍सा लेने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर जा रहे हैं। भारत और रूस बढ़ाएं दोस्‍ती रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्‍यापार लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा दोनों देश परमाणु ऊर्जा पर भी सहयोग कर रहे हैं और तमिलनाडु के कुंडनकुलम में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाया जा रहा है। रूस ने कहा कि दोनों देशों को रक्षा, स्‍पेस, तकनीक और सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान को जारी रखना चाहिए ताकि एक बहुध्रुवीय दुनिया को बनाया जा सके। यह वैश्विक प्रशासन में ग्‍लोबल साऊथ की भागीदारी को बढ़ाएगा। सुरक्षा परिषद की दावेदारी में कहां फंसा पेंच? संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता के लिए कई साल से भारत मांग कर रहा है। यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली निकाय है लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत इसका स्‍थायी सदस्‍य नहीं है। साल 1945 में बनाए गए संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा पर‍िषद 15 सदस्‍य हैं और इसमें केवल 5 ही स्‍थायी सदस्‍य हैं। ये देश हैं- अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन। 10 गैर अस्‍थायी सदस्‍य होते हैं जिन्‍हें दो साल के लिए चुना जाता है। स्‍थायी सदस्‍यों के पास वीटो पावर होता है लेकिन अस्‍थायी सदस्‍यों के पास यह ताकत नहीं होती है। भारत को रूस, अमेरिका, फ्रांस समेत दुनिया के कई ताकतवर देशों का समर्थन हासिल है लेकिन नई दिल्‍ली की राह में सबसे बड़ी बाधा चीन बना हुआ है। चीन नहीं चाहता है कि एशिया में उसके एकाधिकार को भारत चुनौती दे। इसी वजह से चीन सुरक्षा परिषद में एशिया से अकेले प्रतिनिधित्‍व करना चाहता है।   recent visitors 56

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी Meta के खिलाफ चल रहे केस में हुई सुनवाई, मुसीबत में जुकरबर्ग

वाशिंगटन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स- फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा को अपने दो प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को बेचना पड़ सकता है। वजह है कंपनी के खिलाफ अमेरिका के वाशिंगटन में एंटीट्रस्ट मामले की सुनवाई। कंपनी पर US कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर वॉच डॉग ने आरोप लगाया है कि उसने मार्केट के कॉम्पिटिशन खत्म करने और अपना एकाधिकार बनाने के लिए 2012 में इंस्टाग्राम (1 बिलियन डॉलर) और 2014 में व्हाट्सएप (22 बिलियन डॉलर) को खरीद लिया था। फेडरल ट्रेड कमिशन का आरोप है कि मेटा ने सालों पहले इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को खरीदकर अपने राइवल्स को खत्म कर दिया है. FTC के वकील का कहना है कि Meta ने अपने कंपटीटर से मुकाबला करने से बजाय, उन्हें खरीद लिया. ये कदम उन्होंने फेसबुक के दबदबे को बनाए रखने के लिए किया है. FTC केस जीतता है तो बेचने पड़ सकते हैं प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को खरीदने के लिए फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ने ही परमिशन दी थी। लेकिन नियमों के तहत FTC को डील के परिणाम को भी मॉनिटर करना होता है। इसलिए उसे मेटा के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ा। अगर (FTC) केस जीत जाता है तो वह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप दोनों को बेचने के लिए मजबूर कर सकता है। जुकरबर्ग और पूर्व COO को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है रिपोर्ट के मुताबिक, जुकरबर्ग और कंपनी की पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) शेरिल सैंडबर्ग दोनों को इस मुकदमे में सुनवाई के दौरान पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एंटी ट्रस्ट केस की सुनवाई 6 हफ्तों से ज्यादा चल सकती है। जुकरबर्ग के खिलाफ तर्क…     वेंडरबिल्ट लॉ स्कूल में एंटीट्रस्ट की प्रोफेसर रेबेका हॉ एलेंसवर्थ ने कहा कि जुकरबर्ग ने फेसबुक को इंस्टाग्राम से मिल रहे कॉम्पिटिशन को बेअसर करने के लिए उसे खरीद लिया था।     जुकरबर्ग के बातचीत और उनके ईमेल मुकदमे में सबसे ठोस सबूत पेश कर सकते हैं। जकरबर्ग ने कहा था मार्केट में कॉम्पिटिशन करने की जगह उस कंपनी को ही खरीद लेना ही बेहतर है। मार्क जुकरबर्ग का तर्क…     मेटा ने तर्क दिया कि वह केस जीत जाएगा, क्योंकि इंस्टाग्राम को खरीदने के बाद उसके यूजर्स का एक्सपीरियंस बढ़ा।     रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा यह तर्क दे सकता है कि किसी एंटीट्रस्ट मामले में इरादा ज्यादा प्रासंगिक नहीं है। मेटा के खिलाफ बड़ा सबूत FTC के ओर से डेनियल मैथेसन ने 2012 के एक इंटरनल मेमो का हवाला दिया, जो मेटा CEO मार्क जकरबर्ग की ओर से था. इस मेमो में इंस्टाग्राम को 'न्यूट्रलाइज' करने की बात कही गई है. वहीं मेटा ने इसके जवाब में कहा है कि ये केस गुमराह करने वाला है. मेटा ने बताया है कि दोनों ही अधिग्रहण के वक्त FTC ने खुद इन्हें रिव्यू किया था और अधिग्रहण को मंजूरी दी थी. कंपनी के अटॉर्नी ने कहा कि ये डील्स प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और कंज्यूमर एक्सपीरियंस को बेहतर करने के लिए की गईं थी. अगर इस मामले में फैसला FTC के पक्ष में जाता है, तो Meta को वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम को बेचना पड़ेगा. FTC ने कहा है कि मेटा ने इन प्लेटफॉर्म्स को खरीदने के लिए ज्यादा पैसे दिए थे. कितने में खरीदा था? मेटा ने साल 2012 में इंस्टाग्राम को 1 अरब डॉलर में खरीदा था, जबकि वॉट्सऐप को कंपनी ने साल 2014 में 19 अरब डॉलर में खरीदा था. हालांकि, मेटा का कहना है कि उन्हें TikTok, X (पहले ट्विटर), YouTube और Apple iMessage से अभी भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इस सुनवाई के दौरान मार्क जकरबर्ग और पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर Sheryl Sandberg को भी बुलाया जा सकता है. कयास है कि इस मामले में सुनवाई कई हफ्तों तक चलेगी. बता दें कि इस मामले की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान हुई थी. recent visitors 47

30 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, घर से करना चाहते हैं पूजा तो ऐसे करें बुकिंग

देहरादून इस वर्ष चारधाम की यात्रा 30 अप्रैल 2025, अक्षय तृतीया के दिन से शुरू होने जा रही है. अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10 बकर 30 मिनट पर खोले जाएंगे.  वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए 2 मई 2025, शुक्रवार को सुबह 7 बजे तक खुलेंगे. इसके अलावा, बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई 2025, रविवार के दिन खुलेंगे. चारधाम यात्रा की तारीखों का निर्धारण महाशिवरात्रि के अवसर पर धार्मिक विद्वानों के द्वारा किया गया था. चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालुओं जाते हैं. भक्त इन पवित्र धामों में जाकर मां गंगा, मां यमुना, भगवान केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन करते हैं. चारधाम यात्रा के लिए गाइडलाइंस जारी, यात्रा से पहले ऐसे करें तैयारी केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हो रही है. वहीं लोगों ने इस साल दर्शन के लिए रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन कराए हैं. चारधाम यात्रा के सभी तीर्थस्थल हिमालयी क्षेत्र में है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मीटर से भी अधिक है. इन स्थानों पर यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आर्द्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉइलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए समय-समय पर तीर्थ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु दिशा निर्देश (Health Advisory) जारी किए जाते हैं. उत्तराखंड टूरिज्म (उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड) की तरफ से चारधाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों के लिए कुछ दिशा निर्देश भेजे गए हैं जिन्हें सभी को फॉलो करना चाहिए. यात्रा शुरू करने से पहले सभी को योजना बनाना, तैयारी करना, पैकिंग करना काफी जरूरी होता है. इसकी आप एक लिस्ट बना सकते हैं. योजना बनाना – अपनी यात्रा की योजना कम से कम 7 दिनों के लिए बनाएं, वातावरण के अनुरूप अपना कंफर्टेबल समय चुनें. – ब्रेक ले लेकर ट्रेक करें. ट्रेक के हर एक घंटे बाद या ऑटोमोबाइल चढ़ाई के हर 2 घंटे बाद, 5-10 मिनट का ब्रेक लें. तैयारी करना – रोजाना 5-10 मिनट के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें. – रोजाना 20-30 मिनट टहलें – यदि यात्री की आयु 55 साल से अधिक है या वह हृदय रोग, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से ग्रस्त है तो यात्रा से पहले फिटनेस चैक करने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण कराएं.  पैकिंग करना – गर्म कपड़े ऊनी स्वेटर, थर्मल, पफर जैकेट, दस्ताने, मोजे रखना न भूलें. – बारिश से बचाव के रेनकोट, छाता भी रखें. – स्वास्थ्य जांच उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर. – पहले से मोजूद स्थितियों (हृदय रोग, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज) वाले यात्री सभी जरूरी दवा, टेस्टिंग इक्युपमेंट और डॉक्टर के नंबर साथ में रखें. कृपया अपनी यात्रा से पहले मौसम रिपोर्ट की जांच करें और ध्यान दें कि ठंडे तापमान के लिए आपके पास पर्याप्त गर्म कपड़े हों. अगर आपके डॉक्टर यात्रा न करने की सलाह देते हैं, तो कृपया यात्रा न करें. चार धाम तक कैसे पहुंचे? चारधाम यात्रा या तो हरिद्वार या देहरादून से शुरू होती है. यात्रा शुरू करने के दो तरीके हैं- सड़क और हेलीकाप्टर द्वारा. 1. सड़क मार्ग से सड़क मार्ग से चार धाम यात्रा हरिद्वार, दिल्ली, ऋषिकेश,और देहरादून से शुरू कर सकते हैं. हरिद्वार रेलवे स्टेशन इन पवित्र स्थानों से सबसे निकट रेलवे स्टेशन है. हरिद्वार सड़क और रेल नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है. राज्य परिवहन और निजी बसें इन पवित्र तीर्थ स्थलों के लिए उपलब्ध हैं. 2. हेलीकॉप्टर हेलीपैड, देहरादून से चार धाम के लिए हेलीकाप्टर सेवा उपलब्ध है. हेलीकॉप्टर सेवा देहरादून से खरसाली तक है, जो यमुनोत्री मंदिर से लगभग 6 किमी. दूर है. हरसिल हेलीपैड गंगोत्री मंदिर के लिए निकटतम हेलिपैड है, जो मंदिर से 25 किमी. दूर स्थित है. बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के हेलिपैड भी मंदिर के पास स्थित हैं. चार धाम यात्रा की पूजा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए ऑनलाइन पूजा का रजिस्ट्रेशन 10 अप्रैल से शुरू हो चुका है. जो श्रद्धालु घर बैठे केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में पूजा करवाना चाहते हैं, वह बदरी केदार मंदिर समिति की वेबसाइट https://badrinathkedarath.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करवा सकते है. ऑनलाइन पूजा करवाने वाले लोगों के नाम से न सिर्फ पूजा की जाएगी बल्कि उन श्रद्धालुओं को उनके एड्रेस पर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का प्रसाद भी भेजा जाएगा. जानिए कौन-कौन सी पूजा हो सकती है ऑनलाइन बदरीनाथ धाम में ब्रह्म मुहूर्त में होने वाला महाभिषेक और अभिषेक पूजा के साथ ही वेद पाठ, गीता पाठ, विष्णु सहस्रनामावली, सायंकालीन स्वर्ण आरती, चांदी आरती, गीत गोविंद पाठ के साथ ही शयन आरती भी शामिल है. इसी तरह केदारनाथ धाम में षोडशोपचार पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और सायंकालीन आरती के लिए आनलाइन बुकिंग की जाती है. चार धाम यात्रा का महत्व चार धाम यात्रा श्रद्धालुओं को चार महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों पर ले जाती है: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ. ये हिमालय स्थल धार्मिक महत्व रखते हैं और हर साल लाखों तीर्थयात्री यहां आते हैं. यमुनोत्री– तीर्थयात्रा यमुनोत्री मंदिर से शुरू होती है, जो देवी यमुना को समर्पित है. मंदिर तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों को जानकी चट्टी से 6 किमी. की पैदल यात्रा करनी पड़ती है. उसके बाद टिहरी गढ़वाल के महाराजा प्रताप शाह द्वारा निर्मित यह मंदिर एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल है. गंगोत्री– दूसरी यात्रा है गंगोत्री, जो गंगा नदी को समर्पित है. 3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर उन लोगों के लिए भक्ति का स्थान है जो पवित्र नदी का सम्मान करना चाहते हैं. केदारनाथ– तीसरी यात्रा केदारनाथ की है. भारत के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है केदारनाथ. 3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर हिमालय से घिरा हुआ है. मान्यताओं के अनुसार, मंदिर मूल रूप से पांडवों द्वारा बनाया गया था और बाद में आदि शंकराचार्य द्वारा इसको दोबारा बनवाया गया था. बद्रीनाथ- अंतिम यात्रा बद्रीनाथ धाम की है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. इसमें बद्रीनारायण की 3.3 मीटर ऊंची काले पत्थर की मूर्ति है और यह वैदिक युग की है.   recent visitors 21