गैरकानूनी तरीके से षडयंत्र करके सोनिया, राहुल ने नेशनल हेराल्ड की प्रोपर्टीज पर कब्जा क्यों किया : वीडी शर्मा

भोपाल नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की चार्जशीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने से कांग्रेस भड़क गई है, इसे लेकर आज कांग्रेस पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है और ईडी दफ्तरों का घेराव कर रही है, उधर कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा हमलावर है , मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इस मामले में कांग्रेस पर पलटवार किया है पूरे देश में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, बड़े नेता सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक भाजपा और मोदी सरकार पर हमलावर हैं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के नताओं के निशाने पर भी भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, कमाल्नात्थ, दिग्विजय सिंह,जीतू पटवारी सहित अन्य वरिष्ठ नेता इसे बदले की भावना से की जा रही कार्यवाही कह रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं उधर भाजपा ने भी इसका जवाब दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने आज इसी मुद्दे पर मीडिया से बात की उन्होंने कहा, यह देश किसी एक पार्टी की जागीर नहीं है और न ही सोनिया गांधी या राहुल गांधी कानून से ऊपर हैं। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार किया, शेयर की हेराफेरी की और फिर संपत्ति बनाई। गैरकानूनी तरीके से षडयंत्र करके सोनिया, राहुल ने प्रोपर्टीज पर कब्जा क्यों किया है, ये बताया जाये? सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट से भी नहीं मिली है राहत वीडी शर्मा ने कहा सोनिया गांधी, राहुल गांधी जमानत पर हैं, इन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन इन्हें वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। नेशनल हेराल्ड 1937 में शुरू हुआ जिसमें 5000 शेयर होल्डर्स थे, ये नेहरू खानदान की तब जागीर नहीं थी, इसमें तब बड़े बड़े लोगो ने सहयोग किया। 2008 में नेशनल हेराल्ड बंद हो गया, उसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ रुपये फंड इस अखबार को दिया, जिसके बाद नेशनल हेराल्ड ने लोन देने से मना कर दिया, फिर कॉरपोरेट षड्यंत्र करके यंग इंडिया के नाम की कंपनी बनाई गई जिसमें 38-38 प्रतिशत शेयर सोनिया गांधी-राहुल गांधी के थे। हम कांग्रेस पार्टी व गांधी परिवार की भर्त्सना करते हैं भाजपा अध्यक्ष ने कहा जो अखबार आजादी के आंदोलन में लड़ने वाले लोगों की आवाज को मजबूत करने का अखबार था उसको इन लोगों ने अपने प्राइवेट व्यापार में बदल दिया, ATM बना दिया। हम कांग्रेस पार्टी व गांधी परिवार की भर्त्सना करते हैं और ED को जो धमकाने की बात की जा रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है यह देश की कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है, इसे हम उचित नहीं मानते। धरना देने से ED दबाव में नहीं आएगी वीडी शर्मा बोले-  आपने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में कहा था हमें फंसाया जा रहा है हाई कोर्ट ने आपकी बात मानी क्या, सुप्रीम कोर्ट ने मानी क्या? प्रदर्शन करने के अधिकार को मैं चुनौती नहीं दूंगा, लेकिन प्रदर्शन किस बात के लिए?प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की सरकार में एजेंसियों को ईमानदारी से काम करने की छूट है और काम होगा। धरना देने से ED दबाव में नहीं आएगी और आनी भी नहीं चाहिए। recent visitors 55

सभी लाड़ली बहनो के खाते में आ गए 1250 रुपए, लाड़ली बहना योजना की 23वीं क़िस्त जारी

  मंडला  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में बुधवार को योजना की राशि भेज दी गई. मंडला जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत करोड़ों रुपए हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर किए.  CM यादव ने 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1552 करोड़ 38 लाख रुपए ट्रांसफर किए, जो इस योजना की 23वीं किस्त है. इसके अलावा, 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रुपए और 25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 57 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए. दरअसल, जिले के टिकरवारा गांव में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था. इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन के साथ की. इसके साथ ही, उन्होंने विवाह बंधन में बंधने वाले 1100 से अधिक जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उनका आशीर्वाद दिया.  मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों के सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की.   इस दौरान CM यादव ने कहा, ''हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है. लाड़ली बहना योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के माध्यम से हम लाखों परिवारों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं.'' बता दें कि लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. हर महीने की तरह ही इस बार भी सभी लाभार्थी महिलाओं को 10 अप्रैल का इंतजार था और महिलाओं को यह ज्ञात था कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना की 23वीं किस्त 10 अप्रैल तक हर हाल में जारी कर दी जाएगी परंतु ऐसा नहीं हुआ और महिलाओं को 10 अप्रैल तक इस योजना की नवीनतम किस्त का लाभ प्राप्त नहीं हुआ जिसके कारण से लाभार्थी महिलाओं के बीच में नाराजगी साफ तौर पर देखी गई लेकिन अब ऐसा नहीं है। जैसा कि आपको बताया गया है कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त को लेकर घोषणा की गई थी जिसमें उनके द्वारा बताया गया है कि आज के दिन ही यानी की 16 अप्रैल को इस योजना की 23वीं किस्त को ट्रांसफर किया जा रहा है और आज के दिन ही सभी लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में 23वीं किस्त के रूप में धनराशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। लाडली बहना योजना की शुरुआत की गई थी तो मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा ऐसा कहा गया था कि वह धीरे-धीरे इस योजना से प्रदान की जाने वाली धनराशि में इजाफा करेगी तो अभी फिलहाल सभी महिलाओं को यही इंतजार है कि क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 23वीं किस्त की धन राशि में कोई परिवर्तन किया जाएगा। इस धनराशि में इजाफा किया जाएगा, तो फिलहाल ऐसा नहीं है और अभी आपको कोई भी अतिरिक्त धन राशि नहीं मिलेगी और जैसे आपको पिछली किस्त में 1250 रुपए की धनराशि प्राप्त हुई है ठीक है इतनी ही धनराशि आपको इस 23वीं किस्त में भी प्राप्त होगी यानी कि आपको आज 1250 रुपए की धनराशि ही बैंक खाते में प्राप्त होगी। लाडली बहना योजना 23वीं किस्त का लाभ इस योजना के माध्यम से सभी पंजीकृत महिलाओं को 23वीं किस्त की राशि लाभ प्राप्त होगा और अगर आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक नहीं है तो आपको बैंक अकाउंट में ₹1250 की धनराशि आज के ही दिन मिलने वाली है। जो महिला 60 वर्ष से अधिक आयु की पाई गई है उनको योजना से बर्खास्त कर दिया गया है। यदि आप सभी महिलाओं को भी यह 23वीं किस्त प्राप्त होती है तो निश्चित ही आप अपनी बुनियादी जरूरत को आसानी से पूरा कर सकेंगी। लाडली बहना योजना 23वीं किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?     लाडली बहना योजना 23वीं किस्त का भुगतान चेक करने के लिए इस योजना की वेबसाइट को ओपन कर लेना है।     जब आप योजना की वेबसाइट को ओपन करेगी तो आपके सामने इसका मुख्य पृष्ठ आ जाएगा।     अब मुख्य पृष्ठ में आवेदन एवं भुगतान की स्थिति का विकल्प मिल जाएगा जिस पर आपको क्लिक कर देना है।     इसके बाद में आपके सामने नया पेज खुलेगा जिसमें एप्लीकेशन नंबर समग्र आईडी ध्यानपूर्वक दर्ज करनी पड़ेगी।     इतना करने के बाद दिए गए कैप्चा कोड को ध्यानपूर्वक दर्ज करके गेट ओटीपी के ऑप्शन पर क्लिक करें।     अब पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाली ओटीपी को दर्ज करना होगा एवं वेरीफाई के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा     अब आपके डिवाइस पर आगामी 23वीं किस्त के भुगतान की स्थिति का विवरण प्रदर्शित होने लगेगा।     इस तरह से आप आगामी किस्त के भुगतान की स्थिति को आसानी से चेक करसकेंगे।     recent visitors 45

मध्य प्रदेश में कहीं बारिश तो कहीं लू चलने के आसार, कहीं लू तो कहीं बूंदाबूंदी, IMD ने जारी किया अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मंगलवार, 15 अप्रैल को एक बार फिर तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिला. कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. हालांकि रतलाम में बारिश हुई. वहीं कई क्षेत्रों में बादल भी छाए रहे. इस बीच मौसम विभाग ने तेज गर्मी, हीट वेव और लू का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. रतलाम में हुई बारिश, ये क्षेत्र रहा सबसे गर्म मंगलवार की दोपहर रतलाम के सैलाना में बारिश हुई. हालांकि यह क्षेत्र मध्य प्रदेश का सबसे गर्म रहा. दरअसल, बीते दिन रतलाम में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इस बीच बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई गई है. तीन दिन बाद फिर बदलेगा मौसम मध्य प्रदेश मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में अभी तीन सिस्टम एक्टिव है। इनमें दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन और तीसरा ट्रफ शामिल हैं। 16 अप्रैल से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रभावित कर सकता है। ऐसा होता है तो प्रदेश में दो दिन बाद असर देखने को मिलेगा। जिससे पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। मंगलवार को तेज गर्मी का असर रहा। इस कारण कई शहरों में दिन का पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया।  रतलाम में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई।  यहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार-नर्मदापुरम में 41.2 डिग्री, खंडवा में 41.1 डिग्री, शाजापुर-नरसिंहपुर में 40.6 डिग्री और खरगोन में तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 40.8 डिग्री रहा। इंदौर में 40.1 डिग्री, भोपाल में 39.5 डिग्री, जबलपुर में 38.6 डिग्री और ग्वालियर में तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसा रहेगा अप्रैल माह में मौसम  तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि चौथा सप्ताह मे उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। रतलाम के सैलाना में बारिश हुई, यही पर सबसे ज्यादा गर्मी मध्यप्रदेश में मंगलवार को तेज गर्मी का असर रहा। इस कारण कई शहरों में दिन का पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। दोपहर में रतलाम के सैलाना में कुछ देर तक बारिश भी हुई। यही पर सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार-नर्मदापुरम में 41.2 डिग्री, खंडवा में 41.1 डिग्री, शाजापुर-नरसिंहपुर में 40.6 डिग्री और खरगोन में तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 40.8 डिग्री रहा। इंदौर में 40.1 डिग्री, भोपाल में 39.5 डिग्री, जबलपुर में 38.6 डिग्री और ग्वालियर में तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। अब हीट वेव चलेगी अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल में दूसरे पखवाड़े में अलग-अलग जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। अब जानिए, 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी के बारे में मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। recent visitors 19

पुजारी से अभद्रता के मामले में विधायक पुत्र ने पुजारी के पैर छूकर मांगी माफी, संघ प्रचारक ने भी जताई थी नाराजगी

देवासइंदौर-3 विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष ने अपने चार साथियों के साथ थाने में सरेंडर कर दिया. जहां उन्हें निजी मुचलके पर जमानत मिल गई. जमानत मिलने के बाद वह सीधे देवास माता टेकरी पहुंचा, यहां हंसते हुए मंदिर के पुजारी से माफी मांगी. पुजारी से माफी मांगते हुए रुद्राक्ष शुक्ला ने पुजारी के पैर भी छुए. शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को माताजी टेकरी पर मंदिर के पट खुलवाने को लेकर पुजारी पुत्र के साथ विवाद हुआ था। मामले में मंगलवार को विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने शाम करीब 7:40 बजे सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। साथ ही मंदिर पहुंचकर पुजारी से माफी मांगी है। अपने चार साथियों के साथ रुद्राक्ष पहुंचा थाना रुद्राक्ष के साथ उसके इंदौर निवासी चार अन्य साथी भी थाने पहुंचे। सभी आरोपी वकीलों के साथ थाने आए थे। थाने से बाहर निकलने के दौरान रुद्राक्ष मीडिया से बचता नजर आया। इस दौरान उसे पुलिस प्रोटेक्शन मिला। जमकर धक्का मुक्की हुई। इंदौर से साथ आए लोग पुलिस की मदद से उसे थाने से बाहर निकालकर मीडिया से बचाते हुए गाड़ी में बैठाकर निकल गए। दोस्तों के साथ टेकरी पहुंचा इसके बाद रुद्राक्ष रोप वे से माताजी टेकरी पहुंचा। जहां उसने देवास की माताजी टेकरी पर स्थित बड़ी मां तुलजा भवानी और छोटी मां चामुण्डा देवी के दर्शन किए। इस दौरान रुद्राक्ष और उसके साथी टेकरी पर जय माताजी के जयकारे लगाते हुए नजर आए। पुजारी का सम्मान कर मांगी माफी वहीं, छोटी मां चामुण्डा देवी के सामने जहां विवाद हुआ था। उस स्थान पर खड़े होकर रुद्राक्ष ने मंदिर पुजारी और पुजारी पुत्र का शाल श्रीफल से सम्मान कर माफी मांगी, पैर छुए। गौरतलब है कि शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात (11-12 अप्रैल की दरमियानी रात) को रुद्राक्ष शुक्ला अपने समर्थकों के साथ दर्शन करने के लिए रात करीब 12:30 बजे माताजी टेकरी पहुंचा था। जहां मां चामुण्डा देवी मंदिर के पट खुलवाने को लेकर पुजारी पुत्र उपदेश नाथ से विवाद हुआ था। रुद्राक्ष की 7 गाड़ियों का काफिला शंख द्वार से हूटर बजाते हुए, चमचमाती लाल बत्ती में टेकरी पहुंचा था। जिसमें रुद्राक्ष के साथी गाड़ियों में लटकते हुए वीडियो बनाते नजर आ रहे थे। दो अलग-अलग एफआईआर इस मामले में पुलिस ने 12 और 13 अप्रैल को दो अलग- अलग FIR दर्ज की थी। 12 अप्रैल को पुजारी पुत्र की शिकायत पर रुद्राक्ष के समर्थक जीतू रघुवंशी के खिलाफ गाली गलौच, मारपीट करने और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। लाल बत्ती लगे कारों के काफिले को लेकर चालकों और वाहन मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। लेकिन रुद्राक्ष का नाम किसी FIR में शामिल नहीं था। इस मामले के तूल पकड़ता देख पुलिस ने जांच के दौरान सोमवार रात रुद्राक्ष और उसके अन्य साथियों के नाम केस में शामिल कर उन्हें भी आरोपी बनाया था। मामले में रुद्राक्ष समेत कुल 9 आरोपी बनाए गए है। पांच लोगों की हुई गिरफ्तारी रुद्राक्ष की गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि पांच लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है। इनमें इंदौर निवासी अमन, लोकेश, मनीष, अनिरुद्ध और रुद्राक्ष शामिल हैं। थाने में गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को मुचलके पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गवाह के समक्ष कार्रवाई की। वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। रुद्राक्ष की कार जब्त पुलिस ने रुद्राक्ष की इंदौर पासिंग सफेद फॉर्च्यूनर MP 09 WL 0009 को भी जब्त कर लिया है। इस तरह अब टेकरी पर पहुंचे काफिले की 7 में से 5 गाड़ियां भी जब्त हो गई है। काफिले में शामिल अन्य वाहनों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, रुद्राक्ष के साथ आए वकील का कहना है कि आरोप निराधार है। पूरा मीडिया ट्रायल चला। आलाकमान की सख्ती के बाद बदली रणनीति बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, मामले को शांत करने के लिए पहले यह तय किया गया था कि विधायक गोलू शुक्ला और रमेश मेंदोला देवास जाकर पुजारी और उनके परिवार से मिलेंगे। इसकी सूचना जनसंपर्क के माध्यम से जारी भी की गई थी। लेकिन जब यह जानकारी संगठन तक पहुंची तो इसे रोक दिया गया। कहा गया कि विधायक पार्टी का चेहरा हैं, उनके जाने से पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है। इसके बाद तय हुआ कि रुद्राक्ष शुक्ला स्वयं देवास जाकर पहले थाने में सरेंडर करेंगे और फिर पुजारी से क्षमा मांगेंगे। संगठन मंत्री की बैठक में हुआ अंतिम निर्णय बीजेपी संगठन मंत्री हितानंद शर्मा ने इस पूरे मुद्दे को लेकर इंदौर के भाजपा कार्यालय में दो घंटे तक बैठक की। इसमें प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, जिला अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में हितानंद शर्मा ने स्पष्ट कहा कि अब इस विवाद पर किसी भी नेता को बयानबाजी नहीं करनी है। उन्होंने निर्देश दिए कि विधायक गोलू शुक्ला खुद को और पार्टी को विवादों से बचाएं। बेटे रुद्राक्ष को भी शांत रहने के लिए कहें। संगठन चाहता है कि अब मामला पूरी तरह शांत हो और मीडिया में इसे लेकर कोई नई प्रतिक्रिया न आए। चार दोस्त और चाचा के साथ पहुंचे थे थाने रुद्राक्ष शुक्ला मंगलवार शाम 7:40 बजे अपने दोनों चाचा बब्बी शुक्ला और कमल शुक्ला के साथ देवास के कोतवाली थाने पहुंचे। उनके साथ चार अन्य साथी- अनिरुद्ध पंवार, अमन शुक्ला, लोकेश चांदवानी और मनीष तेजवानी भी मौजूद थे। एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि सभी पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके बाद सभी को निजी मुचलके पर जमानत दी गई। इससे पहले 12 अप्रैल को देर रात पुलिस ने रुद्राक्ष समेत 9 आरोपियों पर केस दर्ज किया था। इनमें इंदौर के अमन शुक्ला, हनी, उज्जैन के लोकेश चंदवानी, मनीष तेजवानी, अनिरुद्ध सिंह पंवार, देवास के जीतू रघुवंशी, सचिन और प्रशांत के नाम शामिल हैं।   recent visitors 29

कोंडागांव में जवानों को मिली बड़ी सफलता.. मुठभेड़ में दो खूंखार नक्सली ढेर, AK-47 समेत अन्य हथियार बरामद

रायपुर  कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो खूंखार माओवादी मारे गए। मारे गए नक्सलियों में ईस्ट बस्तर डिवीजन का DVCM हलदर और ACM रामे शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से AK-47 राइफल और अन्य हथियार बरामद किए हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। मुखबिर से मिली थी सूचना कोंडागांव और नारायणपुर जिले के किलम-बरगुम मरकाम पाल इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की खबर मिली थी। इसके बाद कोंडागांव DRG/बस्तर फाइटर्स की टीम नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर निकली थी। 15 अप्रैल की शाम को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए। अब तक की जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान पूर्वी बस्तर के खूंखार माओवादी कमांडर DVCM हलदर कश्यप और ACM रामे शोरी उर्फ रामू के रूप में हुई है। दोनों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था – हलदर कश्यप पर 8 लाख और रामे शोरी पर 5 लाख रुपये। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जिन्हें कोंडागांव जिला मुख्यालय लाया गया है। फिलहाल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि अन्य नक्सलियों की तलाश की जा सके और इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सके। यह कार्रवाई सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, जिससे नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। 13 लाख के इनामी थे नक्सली सुरक्षा बलों को ईस्ट बस्तर डिवीजन के खूंखार माओवादी कमांडर DVCM हलदर और ACM रामे को मारने में सफलता मिली। मारे गए माओवादियों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हलदर पर 8 लाख और रामे पर 5 लाख का इनाम था। विस्फोटक और हथियार बरामद मुठभेड़ स्थल से 01 AK-47 राइफल, अन्य हथियार, विस्फोटक और माओवादी सामग्री बरामद हुई है। सुरक्षाबल घेराबंदी कर तलाशी ले रहे हैं। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। बस्तर आईजी ने की पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने पुष्टि करते हुए कहा, 'मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से 2 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मारे गए दोनों नक्सली की शिनाख्त की गई है। इसमें एक बस्तर ईस्ट डिवीजन का खूंखार माओवादी कमांडर डीवीसीएम हलदर है और दूसरा एसीएम रामे है।' recent visitors 46

कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग के विकास की नई रणनीति पर काम प्रारंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : बस्तर संभावनाओं की धरती : सब मिलकर लिखेंगे बस्तर के विकास की नई ईबारत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसान, महिला समूह, युवा उद्यमी और आदिवासी समुदाय मिलकर बनाएंगे बस्तर को आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग के विकास की नई रणनीति पर काम प्रारंभ रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष मौजूदगी में आज जगदलपुर में आयोजित “विकसित बस्तर की ओर” परिचर्चा में बस्तर के समग्र विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में बस्तर की संभावनाओं को उजागर करने और विकास की नई दिशा तय करने पर गहन और सार्थक चर्चा हुई। संबंधित विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार-विमर्श कर मुख्यमंत्री ने बस्तर को नक्सलवाद के अंधेरे से निकालकर विकास के प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प दोहराया। यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिवसीय प्रवास पर जगदलपुर गए हुए हैं। अपने प्रवास के पहले दिन विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ने दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेला है, लेकिन अब यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, नैसर्गिक सुन्दरता, कृषि विकास, कौशल उन्नयन, उद्योग और खनिज संसाधनों के साथ विकास की नई राह पर अग्रसर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़ @2047” का संकल्प “नवा अंजोर” विजन के माध्यम से साकार होगा, और इसकी शुरुआत बस्तर से हो रही है। बस्तर के किसान, महिला समूह, युवा उद्यमी, और आदिवासी समुदाय छत्तीसगढ़ की प्रगति की नई इबारत लिखने को तैयार हैं। परिचर्चा के पहले सत्र में बस्तर के किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन, पशुपालन, और जैविक खेती पर विस्तार चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के स्वदेशी और जैविक उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, “बस्तर के उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान बनेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी जगह बनाएंगे। बस्तर संभाग में लगभग 9 लाख हेक्टेयर में खरीफ तथा पौने तीन लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की खेती होती है। खरीफ की मुख्य फसल धान एवं मक्का है। बस्तर संभाग में 1.85 हेक्टेयर में मक्का की खेती होती है, जिसे आगमी तीन वर्षों में बढ़ाकर 3 लाख हेक्टेयर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। मक्का उत्पादक कृषकों के साथ जैव ईंधन, बायोफार्मास्युटिकल, स्टार्च एवं पोल्ट्री फीड उद्योगों के साथ मार्केट लिंकेज कराने पर जोर दिया गया, ताकि कृषकों को उनकी उपज का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। इसी तरह आगामी तीन वर्ष में मिलेट्स की खेती को 52 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 75 हजार हेक्टेयर करने तथा स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाई की स्थापना और स्कूलों, आंगनबाड़ियों तथा छात्रावास के बच्चों के खाद्यान्न में मिलेट्स को शामिल करने पर जोर दिया गया है। बस्तर में जैविक खेती को प्रोत्साहन देने तथा प्राइवेट कंपनियों की सहभागिता से बाजार एकीकरण, सिंचाई क्षेत्र में विस्तार के लिए तीन वर्षों में 27 हजार 600 सोलर पंप तथा नदी-नालों के किनारे सोलर लिफ्ट सिंचाई पंप की स्थापना की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष 30 से 40 नए कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बस्तर में वर्तमान में 1010 कृषि यंत्र केन्द्र संचालित है। बस्तर में काजू, कोंडागांव में आचार, मसाला एवं कोकोनट आयल, कांकेर में सीताफल पल्प, दंतेवाड़ा में शहद एवं हल्दी पाउडर, सुकमा, नारायणपुर एवं बीजापुर में मसाला प्रसंस्करण की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। परिचर्चा के दौरान यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री कौशल योजना, और नियद नेल्ला नार योजनाओं के तहत अब तक 90 हजार युवाओं को प्रशिक्षित और 40 हजार युवाओं को नियोजित किया गया है। इसके अलावा, बस्तर में 32 नए कौशल विकास केंद्र और सातों जिलों में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को बाजार और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। नक्सल पीड़ित परिवारों, आत्मसमर्पित नक्सलियों और महिलाओं को इन योजनाओं में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कौशल प्रशिक्षण के लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी, एनएसडीसी एवं नीति आयोग से अनुबंध किया गया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों में 6123 लोगों को विभिन्न ट्रेड का प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलता है, को देशभर में और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री आगामी पर्यटन सीजन के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी योजनाओं की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को पर्यटन में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन सर्किट विकसित करने गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और प्राचीन गुफाओं जैसे आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अद्भुत परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए अभी से तैयारी के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पर्यटक जीवंत जनजातीय गांवों का भ्रमण कर बस्तर दशहरा जैसे पारंपरिक त्योहारों का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय शिल्प तथा व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। पर्यटन स्थलों की दृश्यता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए निजी एजेंसियों के सहयोग से गूगल मैपिंग सेवाओं में सुधार किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि नई छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2025, शीघ्र प्रकाशित की जाएगी। मौजूदा पर्यटन संपत्तियों को निजी होटल व्यवसायियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत लीज पर देने की योजना बनाई जाएगी। तीरथगढ़ जलप्रपात के पास कांच के पुल के निर्माण हेतु … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महा नाट्य के माध्यम से रंगमंच के महत्व से भी पूरे राष्ट्र को अवगत करवा दिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विक्रम संवत जिनके नाम पर प्रारंभ हुआ, ऐसे कल्याणकारी शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसमें विक्रम विश्वविद्यालय का नामकरण, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय करने का निर्णय भी शामिल है। इसके पूर्व वार्षिक विक्रम उत्सव की शुरुआत कर राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य को यथोचित सम्मान देने का कदम उठाया था। इस क्रम में हाल ही में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महा नाट्य के माध्यम से रंगमंच के महत्व से भी पूरे राष्ट्र को अवगत करवा दिया है। वैसे तो इस डिजिटल युग में सूचना और मनोरंजन के कई फॉर्मेट लोकप्रिय हो चुके हैं, लेकिन भारतीय नाट्यशास्त्र की सुदृढ़ और समृद्ध परंपरा से जन-जन को विशेष रूप से युवा वर्ग परिचित करवाने के लिए नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य नाटक का निरंतर तीन दिन मंचन होना महत्व रखता है। बहुत दिन नहीं हुए जब हम डिजिटल तकनीक को आत्मसात कर बैठे थे। ऐसा लगता था कि पारंपरिक कलाओं को हम भूल रहे हैं। लेकिन मध्यप्रदेश से जो संदेश पूरे राष्ट्र में पहुंचा है वह यह है कि अभिनय, प्रकाश संयोजन, संगीत, वेशभूषा और विशाल मंच के माध्यम से हमारे पौराणिक चरित्रों का जीवन सामने आना चाहिए। हमारे वे आदर्श शासक और आराध्य जो युवा पीढ़ी द्वारा भुला दिए गए हैं या युवा पीढ़ी को हमने उनसे परिचित ही नहीं करवाया तो इसमें कसूर वर्तमान पीढ़ी का भी है। युवाओं के पास समय भी है। सृजन की शक्ति भी है, जिज्ञासा का तत्व भी विद्यमान है तो फिर उन्हें इन राष्ट्र के आदर्श प्रतीकों की जानकारी से वंचित क्यों रखा जाए और बच्चे भी कलाओं के प्रति रुचि रखते हैं, वे भी इस विधा के लिए जिज्ञासु हो सकते हैं। यदि उन्हें महान व्यक्तित्वों के बारे में ज्ञानवर्धक विवरण देने वाले नाटक मंचन से जोड़ा जाए। प्रतापी शासक राजा भोज और अन्य सेनानियों की गाथा भी आएगी मंच पर भोपाल में कुछ वर्ष पूर्व लाल परेड मैदान पर जाणता राजा का मंचन हुआ था, जिसमें शिवाजी महाराज के कृतित्व को दर्शाया गया था। इस नाटक के मंचन से यह जागृति प्रारंभ हो जाती लेकिन वह लहर न बन सकी। एकाध मंचन हुआ और मामला समाप्त हो गया। देश की राजधानी में लाल किले पर तीन दिन लगातार सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नवाचार है। हमारे ऐसी दानवीर शासक जिन्होंने वीरता और न्याय के क्षेत्र में भी दृष्टांत स्थापित किए, वे पाठ्य-पुस्तकों में तो आ गए हैं लेकिन पाठ्य-पुस्तकों से बाहर मंच तक क्यों न पहुंचें। आखिर युवा पीढ़ी को उनकी विस्तार पूर्वक जानकारी क्यों नहीं दी जाना चाहिए? यह नवाचार आगे जाएगा अन्य राज्यों में भी न केवल सम्राट विक्रमादित्य के कार्यों की जानकारी, नागरिकों को मिलेगी बल्कि भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, राजा भोज, सम्राट अशोक और स्वतंत्रता सेनानियों सहितभारत के गौरव रहे अन्य महापुरुषों के कृतित्व की गाथा बताने वाली नाट्य प्रस्तुतियां होंगी। दिल्ली में हुए नाट्य मंचन सफल रहे हैं। हाथी, घोड़ों के उपयोग और बीसियों की संख्या में कलाकार दल के साथ इतिहास के उस दौर को जीवंत करना साधारण कार्य नहीं है। संस्कृति विभाग, विक्रमादित्य पीठ, सामाजिक संगठन और सांस्कृतिक संगठन इसके लिए एकजुट हुए। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इन कार्यक्रमों के लिए जो समन्वय किया उसकी भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशंसा की है। युवाओं को मिलेगी प्रेरणा कलाओं के विकास के साथ भारतीय गौरव का स्मरण करते हुए देश की प्राचीन संस्कृति, भारतीय अस्मिता को सामने लाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ कहने के लिए विरासत से विकास की बात नहीं कही, वे चाहते हैं इसका दायरा विस्तृत हो। हमारे युवा हेरिटेज वॉक करें। वे किलों और स्मारकों को देखें। तत्कालीन शासकों के शौर्य से परिचित हों। भारतीय स्वाभिमान के प्रसंग चर्चा का विषय बनें। सिर्फ बंद कमरों में संगोष्ठी न हो बल्कि भारत के ऐसे गौरवशाली व्यक्तित्व बच्चों के बीच भी जाने जाएं। स्कूली पाठ्यक्रम से लेकर विद्यालयों, महाविद्यालय के पाठ्यक्रमों में सगर्व उनका उल्लेख हो और नाट्य मंचन उस थ्योरी को प्रैक्टिकल रूप में रंगमंच पर प्रस्तुत करे। महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन युवाओं को रंगमंच विधा की ओर आकर्षित करने के लिए प्रेरित करेगा। रंगमंच कलाकार भी हुए उत्साहित रंगमंच से जुड़े देश के हजारों कलाकारों का मन हर्षित है और वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार का भाव रखते हैं, जो उन्होंने इस कला को महत्व दिया और राज्याश्रय भी दिया। सैकड़ों कलाकारों को प्रोत्साहित किया। थिएटर की शक्ति सही दिशा में और सही विषय को लेकर दिखाई दी है।   recent visitors 31