योगी ने कहा कि दंगाइयों का उपचार ही डंडा है, बंगाल जल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं

 हरदोई पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सहित कई जिलों में भड़की हिंसा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है. योगी ने कहा कि बंगाल हिंसा पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी खामोश है. योगी आदित्यनाथ ने हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल जल रहा है. वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. योगी ने कहा कि इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है. बंगाल जल रहा है लेकिन वहां की मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं. अरे लातों के भूत, बातों से कहां मानने वाले हैं. सेक्युलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे दी है. पूरा मुर्शिदाबाद एक हफ्ते से जल रहा है लेकिन सरकार मौन है. उन्होंने कहा कि दंगाई डंडे से ही मानेंगे, जिसे बांग्लादेश पसंद है, वो बांग्लादेश चला जाए. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बंगाल हिंसा पर खामोश है. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. दंगाई डंडे से ही मानेंगे. इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए. मैं धन्यवाद करना चाहूंगा वहां के न्यायालय को जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की व्यवस्था करने का कदम उठाया है. बता दें कि सबसे पहले शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के सूती में हिंसा की शुरुआत हुई थी. उसके बाद जंगीपुर से पुलिसबल मौके पर पहुंचा और हालात संभालने में जुट गया. इसी दौरान सूती से 10 किमी दूर शमशेरगंज में भी बवाल की खबरें आईं. हालांकि, पुलिसबल सूती में हाइवे से जाम हटवाने में जुटा रहा. पुलिस शमशेरगंज तक नहीं पहुंच पाई और वहां हिंसा का ताडंव मचा रहा. ऐसे में सेंट्रल फोर्स BSF को उतरना पड़ा, तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था. दोपहर से शुरू हुई हिंसा देर रात तक चलती रही. जब मालदा और बहरामपुर से फोर्स आई और इन इलाकों में पहुंची, तब हिंसा पर काबू पाया जा सका. भीड़ ने पहले नेशनल हाइवे 34 जाम किया. जब पुलिस ने उन्हें हटाना शुरू किया तो पत्थरबाजी होने लगी. पुलिस ने फिर आंसू गैस छोड़ी. लाठीचार्ज किया. दो दिन पहले भी मुर्शिदाबाद पुलिस पर हमला हुआ था. तब प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी थी. एनआरसी के दौर में भी मुर्शिदाबाद में जबरदस्त हिंसा देखने को मिली थी. दरअसल, मुर्शिदाबाद में शुक्रवार की नमाज के बाद वक्फ विधेयक के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर पड़े और नेशनल हाइवे 34 ब्लॉक कर दिया था. जब पुलिस ने नेशनल हाइवे से अवरोध हटाने की कोशिश की तो पुलिस के साथ एक तरह से जंग छिड़ गई. ठीक उसी समय मुर्शिदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर शमशेर गंज में भी नेशनल हाइवे पर हजारों की संख्या में लोग आ गए थे.   recent visitors 61

कैबिनेट बैठक: भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति

भोपाल किसानों को सशक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार उनकी आय बढ़ाने के रास्ते खोज रही है। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। फसल बीमा योजना का लाभ शत-प्रतिशत किसानों को दिलाने के साथ सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए सरकार ने कार्य योजना बनाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में अन्नदाता मिशन को दी गई स्वीकृति। किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए गए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनाई जाएगी उच्च स्तरीय समिति। जिला स्तर पर भी बनेगी कमेटी। किसानों को खेती के शासक पशुपालन, उद्यानिकी आदि क्षेत्र में भी किया जाएगा प्रोत्साहित। खाद्य प्रसंस्करण को भी दिया जाएगा बढ़ावा। भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति। सतना में अस्पताल बनेगा‌। लाडली बहन योजना बंद नहीं होगी। अब प्रतिमाह 10 से 15 तारीख के बीच होगा राशि का अंतरण। 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री मंडला में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में राशि करेंगे अंतरित। किसानों से वसूली जा रही ऋण की राशि इस बीच, हरदा से खबर है कि शासकीय खरीदी में उपज बिक्री के बाद किसानों से सहकारी समिति ऋण वसूल रही है। ऋण की राशि वसूली करने से किसान परेशान हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों में उपज बिक्री के बाद शासन द्वारा राशि खातों में डाली जाती है। किसान अपना केसीसी ऋण चुकता करते हैं, लेकिन राशि समय पर न मिलने से किसानों को अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ता है। किसान सुरेश पटेल ने बताया कि किसानों के खाते में पूरी राशि आना चाहिए। इस संबंध में समिति के सहायक प्रबंधक अखिलेश पाटिल ने बताया कि चने की राशि में थोड़ा समय लगता है। जल्द ही किसानों के खातों में राशि जमा कराई जाएगी। recent visitors 31

38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए

जम्मू 38 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण पूरे देश में उत्साह के साथ शुरू हो गया है। जम्मू में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की रिहाड़ी चुंगी शाखा समेत कई नामित बैंक शाखाओं में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। यह तीर्थ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। हर बार की तरह इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5 मार्च को राजभवन में हुई श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की 48वीं बैठक के दौरान इस बार की तिथियों का ऐलान किया था। इस बार भी यात्रा अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी। यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए बोर्ड ने इस वर्ष व्यवस्थाएं और सुविधाएं और बेहतर बनाने के प्रस्ताव दिए हैं। यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं ई-केवाईसी, आरएफआईडी कार्ड जारी करने और स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा अब जम्मू, श्रीनगर, नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों पर उपलब्ध होगी। बालटाल, पहलगाम, नुनवान और पंथाचौक श्रीनगर में भी लोगों के लिए सुविधा केंद्र बढ़ाए जाएंगे। श्रद्धालुओं में उत्साह रिहाड़ी चुंगी शाखा पर पंजीकरण कराने पहुंचीं सुनंदा शर्मा (37) ने बताया, "यह मेरी दूसरी यात्रा होगी और मैं बाबा अमरनाथ के दर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हूं।" वहीं राजेश कुमार (41) ने कहा, "मैं पिछले सात वर्षों से लगातार बाबा के दर्शन कर रहा हूं और जब तक शरीर साथ देगा, तब तक जाता रहूंगा।" इन्हें यात्रा की परमिशन नहीं 13 से 70 वर्ष की आयु वाले श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। गर्भवती महिलाएं, जिनकी गर्भावस्था 6 सप्ताह या उससे अधिक की है, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं है। यात्रियों के उत्साह और सरकार की तैयारियों को देखते हुए, इस बार की अमरनाथ यात्रा और भी भव्य और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है। recent visitors 42

अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की धमकी, मिला धमकी भरा ई-मेल, जांच में जुटा प्रशासन

अयोध्या  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया है. इसमें राम मंदिर की सुरक्षा को चुनौती दी गई है. ट्रस्ट की ओर से इसकी जानकारी अफसरों को दी गई है. इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं हैं. मंदिर परिसर में गश्त बढ़ा दी गई है. हालांकि अभी तक मामले में किसी प्रशासनिक अफसर का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.  रात को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया. इसमें मंदिर की सुरक्षा को चुनौती देते हुए इसे खतरे में डालने की बात कही गई थी. इसके बाद इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई. सीटीवी कैमरों के जरिए आसपास के इलाकों में भी नजर रखी जा रही है. यह मेल तमिलनाडु से भेजा गया है. अयोध्या से लेकर तमिलनाडु तक सभी साइबर क्राइम एक्सपर्ट को एक्टिव कर दिया गया है. अयोध्या जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट को एक संदिग्ध ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है. ईमेल में ट्रस्ट को राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर खतरे की चेतावनी दी गई है. सुरक्षा एजेंसियों अलर्ट पर इस मेल के बाद अयोध्या में सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर विस्तृत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. साथ ही बाराबंकी, चंदौली जैसे अन्य जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया, क्योंकि इन जिलों के डीएम को भी मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में पता चला है कि ये धमकी भरे मेल तमिलनाडु से भेजे गए हैं. अब साइबर सेल इन मेल्स की जांच में जुट गई है, ताकि मेल भेजने वाले की पहचान की जा सके. फिलहाल अयोध्या, बाराबंकी, चंदौली और अन्य संबंधित जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. चंदौली कलेक्ट्रेट को बम से उड़ने की धमकी से हड़कंप चंदौली जिलाधिकारी के ऑफिशियल मेल आईडी पर चंदौली के कलेक्ट्रेट आफिस को बम से उड़ा देने की धमकी भरा मेल आया. यह मेल तमिलनाडु के रहने वाले गोपाल स्वामी नाम के किसी व्यक्ति के द्वारा भेजा गया था. कलेक्ट्रेट आफिस में विस्फोट करने के धमकी भरे मेल के आने के बाद तत्काल प्रभाव से तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं. आनन फानन में पुलिस फोर्स और बम स्क्वायड टीम को भी बुला लिया गया और पूरी बिल्डिंग की तलाशी कराई गई. लेकिन राहत की बात यह रही की तलाशी के दौरान किसी भी तरह का कोई विस्फोटक या अन्य कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला. तब जाकर कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली. चंदौली के जिलाधिकारी का आया बयान चंदौली के जिलाधिकारी निखिल टी. फूंडे के अनुसार गोपाल स्वामी नाम के किसी व्यक्ति ने यह मेल किया था. जिसमें यह बताया गया था कि तमिलनाडु में वहां की किसी समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है और इसी कारण चंदौली के कलेक्ट्रेट को बम से उड़ा दिया जाएगा. फिलहाल कलेक्ट्रेट में पूरी तरह से तलाशी और जांच पड़ताल के बाद किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं पाया गया है. सुबह ईमेल के जरिए दी गई धमकी निखिल टी. फूंडे ने कहा कि सुबह ईमेल के माध्यम से वार्निंग दी गई कि आज चंदौली के कलेक्ट्रेट में कोई बम विस्फोट हो सकता है. उसके पीछे उन्होंने तमिलनाडु से रिलेटेड कुछ कारण बताया था. उसे व्यक्ति ने जो एड्रेस दिया था वह भी तमिलनाडु का था और जो इशू था वह भी तमिलनाडु का कोई पॉलिटिकल इशू था. लेकिन फिर भी एहतियात बरतते हुए हम लोगों ने कप्तान साहब की मदद से पूरे कलेक्ट्रेट को चेक कराया. बम स्क्वॉड की टीम भी आई और उन्होंने चेक किया. चेकिंग के दौरान कुछ भी नहीं पाया गया. मेल के जो कंटेंट थे उसको पढ़ने से ही बात हल्की लग रही थी. लेकिन फिर भी हम लोगों ने सतर्कता बरतते हुए समय से चेकिंग कर ली और किसी भी तरह की कोई भी चीज नहीं मिली है. अलीगढ़ जिला मुख्यालय को भी बम से उड़ने की धमकी अलीगढ़ जिला मुख्यालय को भी बम से उड़ने की धमकी मिली है. ईमेल के माध्यम से दी गई धमकी के बाद पुलिस प्रशासन के लोग अलर्ट हो गए हैं. जिला मुख्यालय पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ ही डॉग स्क्वायड और अन्य उपकरणों के साथ जांच कराई जा रही है. फोन पर पुष्टि करते हुए डीएम ने बताया कि इस संबंध में एक मेल आया है जिसकी जांच की जा रही है. recent visitors 39

थोक महंगाई में राहत, खाने-पीने की चीजें सस्ती हुईं, मार्च में महंगाई 2.38% से घटकर 2.05% पर आई, यह चार महीने में सबसे कम

नई दिल्ली महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। खाने-पीने के सामान सस्ते होने से थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति मार्च में घटकर 2.05 प्रतिशत रह गई, जो फरवरी में 2.38 प्रतिशत थी। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। हालांकि, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में वार्षिक आधार पर वृद्धि हुई है। मार्च 2024 में यह 0.26 प्रतिशत थी। उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मार्च 2025 में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, खाद्य वस्तुओं, बिजली व कपड़ा विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण बढ़ी। सरकार के अनुसार, मार्च 2025 में महंगाई दर बढ़ने का मुख्य कारण खाने-पीने की चीजों, अन्य उत्पादों, बिजली और कपड़ों की कीमतों में बढ़ोतरी है। थोक खाद्य महंगाई दर पिछले महीने घटकर 4.66% हो गई। फरवरी में यह 5.94% थी। इसका मतलब है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतें अब कम तेजी से बढ़ रही हैं। सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी के 3.38 प्रतिशत से घटकर मार्च में 1.57 प्रतिशत रह गई। सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट इसकी मुख्य वजह रही। हालांकि, विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति मार्च में बढ़कर 3.07 प्रतिशत हो गई, जबकि फरवरी में यह 2.86 प्रतिशत थी। ईंधन तथा बिजली में भी वृद्धि देखी गई और मार्च में यह 0.20 प्रतिशत रही। WPI फूड इंडेक्स WPI  फूड इंडेक्स, जिसमें खाद्य पदार्थ और विनिर्मित खाद्य उत्पाद शामिल हैं, फरवरी में 189.0 से मार्च में 188.8 पर थोड़ा कम हुआ। WPI आधारित खाद्य मुद्रास्फीति दर मार्च में 5.94 प्रतिशत से घटकर 4.66 प्रतिशत हो गई। WPI ईंधन मार्च में 0.20 प्रतिशत था, जबकि फरवरी में यह -0.71 प्रतिशत था। ईंधन और बिजली समूह सूचकांक में मार्च में 0.91 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण बिजली की कीमतों में 2.31 प्रतिशत की गिरावट और खनिज तेल की कीमतों में 0.70 प्रतिशत की गिरावट थी। कोयले की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। यहां भी आई कमी प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर मार्च में घटकर 0.76% हो गई। फरवरी में यह 2.81% थी। प्राथमिक वस्तुएं वे होती हैं जो सीधे खेतों या खदानों से मिलती हैं, जैसे अनाज, फल, सब्जियां आदि। ईंधन और बिजली की थोक कीमतें मार्च में 0.20% रहीं। फरवरी में यह नेगेटिव 0.71% थी। इसका मतलब है कि ईंधन और बिजली की कीमतें अब बढ़ रही हैं, जबकि फरवरी में यह कम हुई थीं। विनिर्मित उत्पादों की कीमतें 3.07% बढ़ीं। फरवरी में यह 2.86% बढ़ी थीं। विनिर्मित उत्पाद वे होते हैं, जो फैक्ट्रियों में बनते हैं। थोक मूल्य सूचकांक में इनका हिस्सा लगभग 64% होता है। लेकिन बढ़ सकती है महंगाई इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश भर में लू चलने की चेतावनी दी है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। BofA ग्लोबल रिसर्च के राहुल बजोरिया का कहना है कि जैसे-जैसे मौसम खराब होगा और गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे सब्जियों और फलों की कीमतें बढ़नी शुरू हो जाएंगी। खुदरा महंगाई दर की क्या स्थिति? भारत की खुदरा महंगाई दर फरवरी में घटकर 3.61% हो गई। यह पिछले सात महीनों में सबसे कम है। जनवरी में यह 4.31% थी। खुदरा महंगाई दर का मतलब है, जो सामान हम दुकानों से खरीदते हैं, उसकी कीमतों में बदलाव। सरकार मंगलवार शाम मार्च के खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी करेगी। सब्जियों का उत्पादन बढ़ने से थोक बाजारों में खाने-पीने की चीजों की कीमतें कम हुई हैं। सब्जियों की कीमतें 15.88% घटी हैं। पिछले महीने यह 5.80% घटी थीं। प्याज की महंगाई दर मार्च में घटकर 26.65% हो गई। फरवरी में यह 48.05% थी। आलू की महंगाई दर -6.77% रही। फरवरी में यह 27.54% थी। इसका मतलब है कि आलू की कीमतें अब कम हो रही हैं। दालों की महंगाई दर पिछले महीने -2.98% रही। फरवरी में यह -1.04% थी। इसका मतलब है कि दालों की कीमतें भी कम हो रही हैं। अनाज की कीमतें बढ़ीं थोक बाजारों में अनाज की कीमतें मार्च में 5.49% बढ़ीं। पिछले महीने यह 6.77% बढ़ी थीं। इसका मतलब है कि अनाज की कीमतें अभी भी बढ़ रही हैं, लेकिन पहले की तुलना में कम तेजी से। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि महंगाई कम हुई है। खाने-पीने की चीजों के अच्छे उत्पादन की वजह से ऐसा हुआ है। MPC का मानना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में महंगाई और कम होगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी। recent visitors 33

तुर्किए से आया पैसा, मुर्शिदाबाद में भड़की आग, 3 महीने से चल रही थी साजिश, 500-500 में बिके हमलावर !

मुर्शिदाबाद वक्फ कानून के विरोध पश्चिम बंगाल में भारी हिंसा देखने को मिली, मुर्शिदाबाद में हिंसा में 3 लोगों की मौत, सैकड़ों लोग घायल हुए तो वहीं कई लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह ठिकाना लेना पड़ा है. हिंसा को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है. इसके साथ ही हिंसा वाले इलाके में कड़ा पहरा है. इस बीच मुर्शिदाबाद दंगा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय जांच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो इस हिंसा की प्लानिंग लंबे समय से की जा रही थी. पिछले 3 महीनों से इलाके के लोग इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. इसके लिए विदेशों से फंडिंग की गई थी. जांच एजेंसियों को क्या पता चला? पूरे मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि यह आतंकवाद फैलाने का नया तरीका है, दो महीने पहले एटीबी के दो जाने-माने सदस्य मुर्शिदाबाद आए और कहा कि एक बड़ी दावत होगी. वे ट्रिगर पॉइंट का इंतजार कर रहे थे. शुरू में रामनवमी की तारीख तय थी, लेकिन सुरक्षा के कारण चीजें बदल गईं, लेकिन वक्फ बिल ने ट्रिगर पॉइंट दे दिया. ट्रेनों को बाधित करना, सरकारी संपत्ति को खत्म करना, हिंदुओं की हत्या करना, घरों को लूटना उनका पहला टारगेट था. हमलावरों से कहा गया था कि जितनी ज्यादा चीजों को खराब करेंगे उन्हें उतना ही ज्यादा पैसा दिया जाएगा. शुरू में एक सूची बनाई गई थी कि यदि वे अपने किए का ब्यौरा देंगे तो उन्हें कितना धन दिया जाएगा. विदेशों से हो रही थी फंडिंग मुर्शिदाबाद हिंसा की प्लानिंग और पूरे खर्च का दारोमदार तुर्की के भरोसे चल रहा था, यहीं से हिंसा को लेकर पूरा फंड दिया जा रहा है. जांच एजेंसियों की मानें तो इस योजना में शामिल हर हमलावर और पत्थरबाजों को लूटपाट के लिए 500 रुपये दिए गए थे. इनकी पिछले 3 महीनों से लगातार ट्रेनिंग चल रही थी. साजिशकर्ताओं ने बंगाल को भी बांग्लादेश बनाने की योजना बनाई थी, जैसे दंगे बांग्लादेश हिंसा में देखने को मिले थे. ठीक वैसे ही यहां भी प्लान था. सीएम ममता की जनता से अपील मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद लोगों से शांति की अपील की है. उन्होंने कहा कि मैं सभी से कहूंगी कि सभी को अनुमति लेकर शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है लेकिन कानून अपने हाथ में न लें. चाहे कोई भी हो. कानून तोड़ने वालों की कोई जरूरत नहीं है. जो शांत दिमाग रखता है, वही जीतता है. कब शुरू हुई थी मुर्शिदाबाद में हिंसा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में 10 अप्रैल से हिंसा जारी है. मुर्शिदाबाद में पहले से ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के करीब 300 जवान तैनात हैं और केंद्र ने व्यवस्था बहाल करने में मदद के लिए केंद्रीय बलों की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात की हैं. बता दें कि केंद्र सरकार के वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भड़की हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को आग लगा दी, सड़कें जाम कर दीं और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. बंगाल में चुनावों के लिए अभी 1 साल से ज्यादा का समय बाकी है. ऐसे में ये दंगों की खबरों से लोग खासे परेशान हैं. वक्फ बिल बना ‘ट्रिगर पॉइंट’ एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, साजिशकर्ताओं को दंगे के लिए सही मौके की तलाश थी। शुरुआत में रामनवमी को लेकर योजना बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण वो सफल नहीं हो पाई। इसी दौरान वक्फ बिल पर आक्रोश को ‘ट्रिगर पॉइंट’ बनाया गया और दंगे को अंजाम दे दिया गया। मुर्शिदाबाद को बांग्लादेश जैसा बनाने की कोशिश सूत्रों का कहना है कि साजिशकर्ताओं का मकसद मुर्शिदाबाद को अस्थिर करके बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना था। इसे ‘नए तरह का आतंकवाद’ बताया जा रहा है, जिसमें भीड़ को भड़काकर हिंसा फैलाई जाती है। इलाके में सख्त सुरक्षा स्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्र से सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल लगाया गया है। फिलहाल, पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।वक्फ बिल बना ‘ट्रिगर पॉइंट’ एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, साजिशकर्ताओं को दंगे के लिए सही मौके की तलाश थी। शुरुआत में रामनवमी को लेकर योजना बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण वो सफल नहीं हो पाई। इसी दौरान वक्फ बिल पर आक्रोश को ‘ट्रिगर पॉइंट’ बनाया गया और दंगे को अंजाम दे दिया गया। मुर्शिदाबाद को बांग्लादेश जैसा बनाने की कोशिश सूत्रों का कहना है कि साजिशकर्ताओं का मकसद मुर्शिदाबाद को अस्थिर करके बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना था। इसे ‘नए तरह का आतंकवाद’ बताया जा रहा है, जिसमें भीड़ को भड़काकर हिंसा फैलाई जाती है। इलाके में सख्त सुरक्षा स्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्र से सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल लगाया गया है। फिलहाल, पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। recent visitors 40

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा प्रदेश के हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में ग्वालियर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण योजना की गहन समीक्षा की उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जय आरोग्य अस्पताल, ग्वालियर में सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी) विभाग के आवश्यक पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार करने और अस्पताल भवन के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में ग्वालियर क्षेत्र के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के अधोसंरचना विकास, मैन पॉवर, उपकरण उपलब्धता की विस्तारपूर्वक समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाओं के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार समस्त अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है कि नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और चिकित्सकीय स्टॉफ की पर्याप्त नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत सांवेर विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, तथा संचालक नीरज कुमार सिंह उपस्थित रहे।   recent visitors 41