चीता परियोजना संचालन समिति ने कुनो नेशनल पार्क से गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में कुछ चीतों को स्थानांतरित करने की अनुमति दी

मंदसौर  मध्य प्रदेश में चीतों को बसाने की योजना में एक नया मोड़ आया है। केंद्र सरकार केन्या, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से और चीते लाने की बात कर रही है। वहीं, कुछ चीतों को कूनो नेशनल पार्क से गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में भेजने की मंजूरी मिल गई है। समिति ने यह भी कहा है कि चीतों को सड़क मार्ग से ले जाते समय गर्मी जैसे तनाव देने वाले कारकों का ध्यान रखा जाए। 300 किलोमीटर है दोनों जगह के बीच की दूरी गांधी सागर, कुनो से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। यह फैसला पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में लिया गया। अभी भी यह चिंता बनी हुई है कि गांधी सागर में चीतों के लिए पर्याप्त शिकार है या नहीं और वहां तेंदुए जैसे शिकारी जानवर भी हैं। गांधी सागर को चीतों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण जगह माना जा रहा है। इसका लक्ष्य कूनो-गांधी सागर क्षेत्र में 60-70 चीतों की आबादी बनाना है। एक साल से चीतों के लिए तैयार हो रहा गांधी सागर मध्य प्रदेश का वन विभाग एक साल से गांधी सागर को चीतों के लिए तैयार कर रहा है। पहले यह योजना थी कि अफ्रीका से आने वाले चीतों को यहां रखा जाएगा, लेकिन अभी तक भारत और अफ्रीकी देशों के बीच बात नहीं बन पाई है। पहले चरण में, चार-पांच चीतों को अभयारण्य के पश्चिमी भाग में एक बाड़े में छोड़ा जाएगा। 64 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया गया है और तेंदुओं को वहां से हटा दिया गया है ताकि चीतों और तेंदुओं के बीच लड़ाई न हो। अभी यह तय नहीं हुआ है कि गांधी सागर में कूनो से लाए गए चीतों को छोड़ा जाएगा या उन चीतों को जो अभी भी बड़े बाड़ों में हैं। कूनो के जंगल में घूम रहे 17 चीते कूनो में 26 चीतों में से 17 जंगल में हैं और नौ बाड़ों में हैं। गांधी सागर में शिकार की कमी एक चिंता का विषय है। समिति ने मध्य प्रदेश के अन्य जंगलों से चीतल लाकर शिकार बढ़ाने के प्रयासों पर भी चर्चा की। गांधी सागर में शाकाहारी जानवरों के बाड़े भी हैं ताकि शिकार वहीं पर पैदा हो सके। मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुभारंजन सेन ने कहा कि गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में शिकार बढ़ाने का काम चल रहा है। हमारे पास शिकार के तौर पर फिलहाल चिंकारा, चौसिंघा, नीलगाय और चीतल हैं। चीता परियोजना संचालन समिति देख रही मामला इस पूरे मामले को चीता परियोजना संचालन समिति देख रही है। समिति ने हाल ही में एक वीडियो पर भी बात की। इस वीडियो में वन विभाग द्वारा काम पर रखे गए एक ड्राइवर को चीता फैमिली को पानी पिलाते हुए दिखाया गया था। सदस्यों ने इस पर नाराजगी जताई और वन विभाग को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि चीतों के साथ बातचीत के लिए बने नियमों का पालन किया जाए। क्या है चीता परियोजना संचालन समिति का काम चीता परियोजना संचालन समिति का गठन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने मई 2023 में किया था। इसका काम परियोजना की समीक्षा और निगरानी करना और एक सलाहकार निकाय के रूप में कार्य करना है। प्रोजेक्ट चीता 2022 में शुरू हुआ था। इसके तहत नामीबिया से आठ और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था। इस परियोजना को उस समय झटका लगा जब इनमें से आठ चीतों और कूनो में पैदा हुए पांच शावकों की मौत हो गई। recent visitors 27

मध्यप्रदेश में बारिश के साथ हीटवेव का अलर्ट, 7 जिलों में गिरेगा पानी, जानें कब शुरू होगा लू का टॉर्चर?

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों बारिश के साथ आंधी और ओले देखने को मिल रहे हैं. सोमवार को पांढुर्णा, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिंगरौली, अनूपपुर, सीधी, सिवनी, रीवा आदि जिलों में बादल छाए रहे. कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई है. हालांकि अब आंधी और बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी. आज शहडोल, छिंदवाड़ा, सिवनी, अनूपपुर, डिंडौरी, बालाघाट, मंडला में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. मध्य प्रदेश के एक हिस्से में आंधी-बारिश के साथ ओले देखने को मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के बाकी के हिस्से में गर्मी का असर है. दरअसल, सोमवार को रतलाम में दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. आज इन जिलों में होगी बारिश ! बारिश और लू के बीच मौसम विभाग ने मंगलवार, 15 अप्रैल के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 7 जिले- डिंडौरी, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश होने की संभावना है. हालांकि इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के जिलों में आज लू चलेगी. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में मंगलवार को तेज गर्मी का असर दिखेगा. यहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है. 16 अप्रैल से फिर MP में शुरू होगा लू का टॉर्चर? बता दें कि मध्य प्रदेश में 16 अप्रैल से हीट वेव यानी लू का असर शुरू हो जाएगा. हालांकि अगले 2 दिनों तक बारिश की गतिविधियां भी रहेगी. मौसम विभाग के मुताबिक, 16 अप्रैल को कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 11 जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में मंगलवार को गर्मी का असर तेज रहेगा। यहां पारा 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है। बारिश और आंधी की गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी। रतलाम में पारा 42 डिग्री रहा प्रदेश में सोमवार को भी मौसम के दो रंग देखने को मिले। पांढुर्णा, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिंगरौली, अनूपपुर, सीधी, सिवनी, रीवा आदि जिलों में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई है। दूसरी ओर, प्रदेश के बाकी के हिस्से में गर्मी का असर रहा। रतलाम में दिन का तापमान सबसे ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया। शाजापुर-धार में पारा 41 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री और नर्मदापुरम में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां पारा 41 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 39.5 डिग्री, इंदौर में 39.7 डिग्री, ग्वालियर में 37.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।     तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। पहले-दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। अब हीट वेव चलेगी अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल में दूसरे पखवाड़े में अलग-अलग जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। अब जानिए, 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी के बारे में मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। recent visitors 41

अतीक का पूरा साम्राज्य खत्म, हत्याकांड के बाद से पत्नी शाइस्ता और अशरफ की पत्नी जैनब व गुड्डू मुस्लिम फरार

प्रयागराज प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को सरेआम उमेश पाल की गोली और बम मार कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या में अतीक अहमद के बेटे असद के साथ कई शूटर सीसीटीवी में उमेश पाल और उसके सुरक्षा में लगे दो पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ बम और गोलियां चलाते दिखे थे. हमले में उमेश पाल और सुरक्षा में लगे दो जवानों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी. इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के साथ बेटे असद के अलावा कई साथियों को आरोपी बनाया गया था. इसी मर्डर केस के जांच के दौरान 15 अप्रैल को अतीक अहमद और अशरफ अहमद की काल्विन हॉस्पिटल के गेट पर में तीन शूटर्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. फिलहाल अतीक और अशरफ को मारने वाले तीनों शूटर इस वक्त जेल में बंद हैं और बाहर भी नहीं निकलने चाहते हैं. तीनों ने अतीक की हत्या दबादबा बनाने और चर्चित होने के लिए की थी. अहमद ब्रदर की हत्या के 2 साल पूरे हो गए हैं. हालांकि अभी भी अहमद ब्रदर की हत्या का केस जिला अदालत में ट्रायल पर है. हत्या के 2 साल बीत जाने के बाद अतीक अहमद की तकरीबन 3000 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की गई है. ये संपत्तियां अतीक ने जरायम की दुनिया से कमाए गए पैसे से हासिल की थी. जरायम के पैसे से अतीक अहमद ने पूरा अंपायर खड़ा किया था. जिस पर प्रदेश सरकार ने अपने कार्यवाही का डंडा चलाया. 2 साल में जानिए क्या हुआ अतीक और अशरफ की हत्या के 2 सालों में उसका पूरा परिवार अलग-अलग पड़ गया है. अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन  को भी उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया गया था. फिलहाल वह फरार है.  पुलिस ने शाइस्ता परवीन पर इनाम भी घोषित कर रखा है. वहीं, अतीक अहमद के पांच बेटों में एक बेटे असद को पुलिस ने झांसी में हुए एनकाउंटर में मार गिराया था. क्योंकि असद उमेश पाल मर्डर केस में वांछित था. जबकि अतीक अहमद के दो बड़े बेटे में सबसे बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है, तो वही छोटा बेटा अली अहमद प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में बंद है. अतीक गैंग के आधे मेंबर जेल में, आधे फरार अतीक अहमद के चकिया वाले घर से महज 200 मीटर की दूरी पर उसके साढ़ू इमरान का घर है। अब यह पूरी तरह से जमींदोज हो चुका है। करीब दो साल का वक्त बीत गया, कोई मलबा तक उठाने नहीं आया। इसी तरह से अतीक के फाइनेंसर रहे माशूक उद्दीन, अतीक के शूटर रहे असद के घर, अशरफ की पत्नी जैनब के भाई जैद मास्टर के घर को भी जमींदोज किया गया। ये सभी अतीक के गैंग IS-227 के सदस्य रहे हैं। इसी तरह से गुड्डू मुस्लिम, शूटर अरमान और साबिर, खालिद जफर के घर और जमीन को कुर्क किया गया। उमेश पाल मर्डर केस के बाद अतीक गैंग में शामिल लोगों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। 2023 और 2024 में अतीक गैंग के सदस्यों की लिस्ट जारी हुई। 2023 में गैंग में कुल सदस्यों की संख्या 66 थी। 2024 में जब लिस्ट जारी हुई तो इसके सदस्यों की संख्या 34 हो गई। प्रशासन ने 2025 में लिस्ट को दोबारा से जारी करने की तैयारी कर रखी है। अंदाजा है कि इस बार भी करीब 30 मेंबर रहेंगे। इसमें आधे से ज्यादा जेल में हैं। कुछ फरार हैं। कुछ नए अपराधी शामिल किए जाने हैं। अतीक अहमद के दो छोटे बेटे पहले बाल सुधार गृह में बंद थे, बालिग़ होने के बाद दोनों प्रयागराज के बमरौली हटवा में अपने रिश्तेदार के घर पर रह रहे हैं. वही अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा भी पिछले दो सालों से फरार है. इन पर भी उमेश पाल मर्डर में साजिश रचने का आरोप लगा है. अशरफ के एक बेटी और बेटा हैं, जो अभी छोटे हैं, फिलहाल यह दोनों बच्चे कहां हैं ये किसी को नहीं पता है. बसपा शासन काल से अतीक अहमद पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ था, क्योंकि अतीक अहमद और अशरफ अहमद पर बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप था. अतीक और अशरफ पर कई मामले दर्ज हुए, लेकिन ऐसा कहा जाता था कि अतीक के रसूख के चलते कोई आरोप तय नहीं हो पाता था. बदलते दौर के साथ प्रदेश में सरकार बदलने लगी वैसे वैसे अतीक का रुतबा भी कम होने लगा, पिछले कई चुनाव में अतीक अहमद को हार का सामना करना पड़ा. कई चुनाव तो उसने जेल से ही लड़ा. लेकिन जीत नहीं मिली. उत्तर प्रदेश सरकार ने माफिया और भू माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जिसमें अतीक अहमद के अपराध से अर्जित किए गए हजारों करोड़ों रुपए की संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अब अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के 2 साल बीत जाने के बाद पुराने घर कसरिया गांव में भी ताला लगा है. जबकि कसारी मसारी के घर को भी बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है. इसके अलावा अतीक अहमद के चकिया कार्यालय के आगे बने अवैध निर्माण को बुलडोजर से गिरा दिया गया है. उमेश मर्डर केस के तीन आरोपी फरार उमेश पाल मर्डर केस के बाद अतीक अहमद के परिवार का रसूख को खत्म हो गया. उमेश पाल हत्याकांड में शामिल असद, गुलाम, विजय चौधरी उर्फ उस्मान, ड्राइवर अरमान, को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया, तो वहीं इसी मर्डर में शामिल गुड्डू मुस्लिम, अरबाज, साबिर अभी भी फरार हैं. इन सभी पर पुलिस ने 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था और उमेश पाल के अपहरण मामले में अतीक अहमद के वकील शोहलत हनीफ, और दिनेश पासी को आजीवन कारावास की कोर्ट ने सजा सुनाई थी. अतीक और अशरफ का केस लड़ रहे विजय मिश्रा को भी पुलिस ने उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया है. ऐसा कहा जा रहा है था कि विजय मिश्रा ने ही उमेश पाल की हत्या से पहले हत्यारों को लोकेशन दी थी. अतीक के किस बेटे को गैंग लीडर बनाया जा सकता है इस गैंग में नंबर 1 … Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल पंचायत दिवस से शुरू होगी नगद भुगतान की सुविधा सहित अन्य डिजिटल सेवाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम को किया संबोधित कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता और सरपंचों के बीच हुआ एमओयू रायपुर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी पूरी होने जा रही है। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से नगद भुगतान सहित अन्य डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में "अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र" के लिए एमओयू किया गया। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाताओं और सरपंचों के बीच आज एमओयू हुआ। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया गया। इन सुविधा केंद्रों के आरंभ होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें बहुत-सी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मोदी की गारंटी की एक और गारंटी पूरी करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सवा साल में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी हो या पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का पुनः प्रारंभ, या 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये देने का वादा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शुरू हो रहे इन सुविधा केंद्रों से किसान धान का भुगतान, महतारी वंदन योजना, पेंशन तथा अन्य योजनाओं की राशि का भुगतान ले सकेंगे, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। आवास सर्वे की सूची में हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का नाम हो शामिल, योजना का मिले लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर किसी का पक्का मकान हो। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। अभी तक हमें केंद्र से 14 लाख आवास मिले हैं। दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख आवास स्वीकृत करने जा रहे हैं। सभी को आवास मिले, इसके लिए हमने "आवास प्लस प्लस" सर्वे में पात्रता के दायरे को बढ़ाया है, जिससे हर किसी के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस का सर्वे 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हो रहा है। इस सर्वे की सूची में सभी जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों का नाम शामिल हो, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। गांव-गांव में वाटर हार्वेस्टिंग की अपील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गांव-गांव में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। इनसे निश्चित ही एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग हो या छात्रवृत्ति, पेंशन राशि का आहरण की सुविधा ग्राम पंचायतों में ही उपलब्ध होगी। इससे हम ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भू-जल का गिरता स्तर बहुत ही चिंताजनक है। इसके लिए गांव-गांव में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु विभाग से अलग से एसओपी जारी किया जा रहा है। हम जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों से भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच सहित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिन पंचायतों में पहले से PMAY-G पंचायत एंबेसडर हैं, उन्हें विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। जिन पंचायतों में अब तक कोई PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुआ है, वहाँ उपयुक्त व्यक्ति को चयनित कर एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा "मोर दुवार साय सरकार" महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी दी गई तथा वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक पीएमएवाई ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं। recent visitors 35

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को राष्ट्रपटल पर लाए हैं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य अतीत के स्वर्णिम पृष्ठ का प्रकटीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन, न्याय, वीरता और दानशीलता का स्थापित किया महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को राष्ट्रपटल पर लाए हैं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया विक्रमादित्य के शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव बधाई के पात्र: राज्यसभा उपसभापति हरिवंश सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देता है: दिल्ली मुख्यमंत्री श्रीमती गुप्ता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निरंतर तीन दिन हुआ महानाट्यसम्राट विक्रमादित्य का मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की राजधानी में लाल किले की प्राचीर पर ऐतिहासिक महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन उस युग को जीवंत करने का प्रयास है। यह विश्व में भारत द्वारा सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने की दिशा में कारगर रहेगा। फिल्मों के निर्माण और डिजिटल युग के बावजूद प्राचीन नाट्य परम्परा से परिचित करवाने वाले इस महानाट्य के अंश अविस्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में तीन दिवसीय महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के मंचन के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में महानाट्य के कलाकारों का सम्मान भी किया गया। इसमें अनेक जनप्रतिनिधि, धर्म और आध्यात्म क्षेत्र की हस्तियां और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे। विरासत से विकास के मंत्र पर हो रहा है कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास का मंत्र दिया है। वास्तव में वर्तमान काल अदभुत है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को प्रधान सेवक मानते हैं। आज भारत की गरिमा विश्व में निरंतर बढ़ रही है। एक समय था जब सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, वीरता और सुशासन के महत्व को स्थापित किया। सम्राट विक्रमादित्य के युग को पुन: महानाट्य के माध्यम से जीवंत किया गया है। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पक्षों को महानाट्य के माध्यम से आमजन सामने लाने का अभूतपूर्व कार्य हुआ है। नाट्य विधा प्राचीन विधा है, इसका आज भी है महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नाट्य विधा एक प्राचीन विधा है। आज के डिजिटल युग में भी इस विधा का महत्व बरकरार है। फिल्मों के निर्माण के साथ अनेक माध्यमों से कला और संस्कृति के दर्शन होते हैं लेकिन महानाट्य से सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और शासन काल को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह महानाट्य हमारे इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ और गौरवशाली अतीत से परिचय करवाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन के लिए आवश्यक समन्वय एवं सहयोग प्रदान करने के लिये दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। विशिष्ट अतिथियों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली में महानाट्य के मंचन को देखने के लिए पधारे राज्य सभा के उप सभापति हरवंश सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, स्वामी अचलानंद जी, मध्यप्रदेश के मंत्रीगण राकेश सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, नरेंद शिवाजी पटेल, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद का उपस्थिति के लिए आभार माना और संस्कृति मंत्रालय एवं विक्रमादित्य शोध पीठ के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। केंदीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि भारत के इतिहास के महान योद्धा और कुशल शासक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति में आयोजित महानाट्य के माध्यम से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इनकी गौरवगाथा को राष्ट्रीय पटल पर लाने का श्रेष्ठ काम किया है। भविष्य में इसे विश्व पटल पर भी पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं भी सम्राट विक्रमादित्य के शासन की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य से भावनात्मक रूप से विगत 18 वर्षों से जुड़े हुए हैं। जब वे सम्राट विक्रमादित्य के पिताकी भूमिका निभाते आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विरासत और विकास को जोड़ने का प्रशंसनीय काम किया है। राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने कहा कि अतीत के प्रेरक प्रसंगों से भविष्य गढ़ने की ताकत और ऊर्जा मिलती है। वर्तमान युग भारत के पुनर्जागरण का युग है, ऐसे में इतिहास के गौरवशाली प्रसंग प्रेरणा देते हैं। सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, धर्म, कला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई के पात्र हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन को महानाट्य रूप में प्रस्तुत करने का सौभाग्य दिल्ली को प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस अवसर के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल्लीवासियों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकारें को अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृतियों का आदान-प्रदान कर शीर्ष पर ले जाने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभिन्न प्रदेशों की संस्कृतियों को माला के मोतियों की तरह पिरो कर जनता तक पहुंचाने की शुरुआत की है। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद वीडी शर्मा, आचार्य अचलानंद जी महाराज, गृह और ऊर्जा मंत्री दिल्ली शासन आशीष सूद भी उपस्थित थे।   recent visitors 47

Stock Market: सेंसेक्स की बड़ी छलांग, मार्केट खुलते ही दौड़ा बाजार, सेंसेक्स 1600 और निफ्टी 500 के पार

मुंबई मंगलवार को शेयर मार्केट फिर से झूम उठी। तीन दिन बंद रहने के बाद मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में तेजी आई। मंगलवार को सेंसेक्स 1600 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 76,852.06 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी ने भी ऊंची छलांग लगाई और यह 500 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 23,368.35 अंक पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को भी मार्केट बढ़त के साथ बंद हुई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,310 अंक की बढ़त के साथ 75,157 पर और निफ्टी 429 अंक की तेजी के साथ 22,828 पर बंद हुआ था। शेयर बाजार में तेजी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ यानी टैक्स को 90 दिनों के लिए टालने को माना जा रहा है। ट्रंप ने दो अप्रैल को अमेरिका को माल निर्यात करने वाले करीब 60 देशों पर टैरिफ लगाया था। शुक्रवार को बाजार में तेजी का नेतृत्व ऑटो और फार्मा शेयरों ने किया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.03 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इसके अलावा, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, एनर्जी और मीडिया के साथ सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के कारण छुट्टी थी। क्यों आई तेजी? शेयर मार्केट में तेजी दुनिया भर के बाजारों में आई तेजी और व्यापार को लेकर तनाव कम होने की उम्मीद के कारण है। अमेरिका की सरकार ने कुछ ऐसे संकेत दिए हैं जिससे लग रहा है कि वे टैरिफ में कुछ राहत दे सकते हैं। खासकर सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में। वहीं निवेशकों को लग रहा है कि यह चीन के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की ओर एक कदम हो सकता है। दुनिया के मार्केट में दिखा असर ट्रंप के इन फैसलों का असर दुनियाभर के शेयर बाजार में देखने को मिला। सोमवार को एशिया, यूरोप और अमेरिका के बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे। अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 6 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखी गई। एशियाई बाजारों की बात करें तो ज्यादातर में तेजी रही। ताइवान का वेटेड इंडेक्स 1.6 फीसदी से ज्यादा बढ़ा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.79 फीसदी ऊपर गया, जापान का निक्केई 225 0.88 फीसदी ऊपर गया और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.07 फीसदी ऊपर गया। एसआईपी से भी मिला सहारा भारतीय निवेशकों का बाजार पर भरोसा बना हुआ है। मार्च में नकदी की कमी के बावजूद, भारतीय SIP निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। इससे बाजार को काफी सहारा मिला है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 11 अप्रैल को पिछले सत्र में 2,519 करोड़ रुपये निकाले। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) 3,759 करोड़ रुपये का निवेश करके नेट खरीदार बने रहे। recent visitors 51

टूट गईंचेन्नई सुपर किंग्स की हार की बेड़ियां, धोनी और दुबे का कमाल; लखनऊ को 5 विकेट से हराया

लखनऊ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-30 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लखनऊ सुपरजायंट्स को 5 विकेट से हराया. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. इस मैच में टॉस जीतकर चेन्नई ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. लखनऊ की टीम पहले बैटिंग करते हुए पंत की फिफ्टी के दम पर सीएसके के सामने 167 रनों का लक्ष्य दिया था. इसके जवाब में उतरी सीएसके ने 20वें ओवर में यह लक्ष्य हासिल कर लिया. धोनी ने 10 गेंदों में 26 रनों की नाबाद पारी खेली. ऐसी रही चेन्नई की बल्लेबाजी 167 रनों के जवाब में उतरी सीएसके की शुरुआत बेहद शानदार रही. शेख रसीद और रचिन रविंद्र ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. हालांकि, 5वें ओवर में शेख रसीद आउट हो गए. उनके बल्ले से 27 रन निकले. हालांकि, 8वें ओवर में रविंद्र का विकेट गिरा. उनके बल्ले से 37 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में राहुल त्रिपाठी भी आउट हो गए. जडेजा भी कमाल नहीं कर सके और 7 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 15वें ओवर में विजय शंकर भी 9 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. धोनी ने 11 गेंद में 26 रन बनाए. वहीं, शिवम दुबे ने 43 रन बनाए. जिसके दम पर चेन्नई ने 20वें ओवर में ये मैच जीत लिया. लगातार 5 मैचों में मिली हार के बाद सीएसके को ये जीत मिली है. पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर में खलील अहमद ने मारक्रम को आउट किया. इसके बाद निकोलस पूरन भी चौथे ओवर में कंबोज का शिकार हो गए. पूरन के बल्ले से केवल 8 रन निकले. इसके बाद पंत और मार्श के बीच अच्छी साझेदारी हुई लेकिन 10वें ओवर में जडेजा ने मार्श को बोल्ड कर दिया. इसके बाद 14वें ओवर में जडेजा ने अच्छी लय में दिख रहे बदोनी को आउट कर दिया. बदोनी के बल्ले से केवल 22 रन निकले. लेकिन ऋषभ पंत एक छोर पर डटे रहे. पंत ने 63 रनों की पारी खेली. इसके दम पर लखनऊ ने चेन्नई को 167 रनों का टारगेट दिया. 167 रनों के जवाब में उतरी सीएसके की शुरुआत बेहद शानदार रही. शेख रसीद और रचिन रविंद्र ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. हालांकि, 5वें ओवर में शेख रसीद आउट हो गए. उनके बल्ले से 27 रन निकले. हालांकि, 8वें ओवर में रविंद्र का विकेट गिरा. उनके बल्ले से 37 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में राहुल त्रिपाठी भी आउट हो गए. जडेजा भी कमाल नहीं कर सके और 7 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 15वें ओवर में विजय शंकर भी 9 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. धोनी ने 11 गेंद में 26 रन बनाए. वहीं, शिवम दुबे ने 43 रन बनाए. जिसके दम पर चेन्नई ने 20वें ओवर में ये मैच जीत लिया. लगातार 5 मैचों में मिली हार के बाद सीएसके को ये जीत मिली है. पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर में खलील अहमद ने मारक्रम को आउट किया. इसके बाद निकोलस पूरन भी चौथे ओवर में कंबोज का शिकार हो गए. पूरन के बल्ले से केवल 8 रन निकले. इसके बाद पंत और मार्श के बीच अच्छी साझेदारी हुई लेकिन 10वें ओवर में जडेजा ने मार्श को बोल्ड कर दिया. इसके बाद 14वें ओवर में जडेजा ने अच्छी लय में दिख रहे बदोनी को आउट कर दिया. बदोनी के बल्ले से केवल 22 रन निकले. लेकिन ऋषभ पंत एक छोर पर डटे रहे. पंत ने 63 रनों की पारी खेली. इसके दम पर लखनऊ ने चेन्नई को 167 रनों का टारगेट दिया. recent visitors 39