इस बार बढ़ेंगे लू के दिन 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर पड़ेंगे : एक्सपर्ट

नई दिल्ली उत्तर और पश्चिम भारत में इस वक्त आसमानी आफत से लोग परेशान हैं. अप्रैल के पहले हफ्ते में जिस तरह से मई जैसी गर्मी पड़ रही है, उससे लोग हैरान हैं, लोग डरे हुए हैं कि इस बार पिछले साल से भी ज्यादा गर्मी पड़ी तो क्या होगा? आखिर इससे राहत कब मिलेगी? साल 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल माना गया था पिछले साल देश ने 1901 के बाद सबसे ज्यादा गर्मी झेली लेकिन जिस तरह से अप्रैल में ही गर्मी जला रही है उसने बता दिया है कि इस बार गर्मी पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ देगी अब सवाल ये है कि क्या साल 2025 सबसे गरम साल के रूप में याद किया जाएगा? अप्रैल में ये हाल तो मई-जून में क्या होगा? उत्तर भारत के अधिकतर शहरों का यही हाल है. गर्मी और लू की वजह से बाहर निकलना मुश्किल है. घर से बाहर जाने से पहले इसी तरह से तैयार होना पड़ता है. गर्मी को लेकर लोगों का एक ही सवाल है कि मई-जून में क्या होगा? कुछ साल पहले तक इन्हीं दो महीनों में इस तरह की गर्मी पड़ती थी लू के थपेड़े झेलने पड़ते हैं लेकिन इस बार अप्रैल में ये सब देखकर लोग हैरान हैं. दो दिन अभी और सताएगी गर्मी वैसे तो पूरे उत्तर भारत में गर्मी डराने में लगी है, दिल्ली-एनसीआर वालों की हालत भी खराब है. इस सीजन में ये पहली बार है जब दिल्ली में पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा. दिल्ली में हफ्ते के पहले चार दिन तापमान 40 डिग्री या उसके पार जाने की संभावना है गुरुवार को भी तापमान 40 के पार रहेगा. मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि दिल्ली को लू की श्रेणी में रख सकते हैं. राजस्थान में यही हाल है. दिन-रात के तापमान ज्यादा है और अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक चला गया है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और NCR के इलाकों में यही कंडीशन है और 2 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा. दिल्लीवालों के लिए दो दिन गर्मी के लिहाज से बहुत ही भारी रहने वाले हैं यानी कि सोमवार से शुरू हुई भीषण गर्मी गुरुवार तक जारी रहेगी.  तापमान में गिरावट होने का अनुमान मौसम विभाग ने 'येलो' अलर्ट के दौरान लोगों को गर्मी की चपेट में आने से बचने के लिए हल्के-फुल्के और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और अपने सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने की सलाह दी है.  IMD वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, इस तरह हफ्ते के आखिरी दिनों में दिल्लीवालों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी. दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में गिरावट होने का अनुमान है. क्या 2025 बनेगा अब तक का सबसे गर्म साल? पिछले साल भारत में 536 हीटवेव यानी लू देखी गईं, जो 14 सालों में सबसे ज़्यादा थी. पिछले साल पहली हीटवेव 5 अप्रैल को दर्ज की गई थी, वहीं इस बार सोमवार यानी 7 अप्रैल को इस मौसम में लू का पहला दिन था. चिंता की बात ये है कि देश में इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्मी पड़ने वाली है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल देश के उत्तर और पश्चिम के राज्यों यानी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली में लू के दिनों की संख्या दोगुनी होने की आशंका है. इस बार बढ़ेंगे लू के दिन आमतौर पर अप्रैल से जून के महीनों में लगातार 5-6 दिन लू चलती है, लेकिन इस बार 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर आ सकते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर हीटवेव के दिनों की संख्या दोगुनी होती है तो 2025 अब तक का सबसे गर्म साल होगा. ऐसे में पारा सामान्य से 5 डिग्री या इससे भी ज्यादा रह सकता है. तो आगे गर्मी से बड़ी जंग लड़नी अभी बाकी है, जिसका ट्रेलर अप्रैल की शुरुआत में ही दिखने लगा है.   recent visitors 39

मोदी कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, रेल लाइन प्रोजेक्ट, जीरकपुर बाईपास समेत तीन परियोजनाओं को दी मंजूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें जीरकपुर बाईपास निर्माण, तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन का दोहरीकरण और कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य की यातायात सुविधाओं को सुधारना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। कैबिनेट ने पंजाब और हरियाणा में स्थित जीरकपुर बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी। यह बाईपास छह लेन का होगा और इसकी कुल लंबाई 19.2 किलोमीटर होगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। बाईपास एनएच-7 (जीरकपुर-पटियाला) के जंक्शन से शुरू होकर एनएच-5 (जिरकपुर-परवाणू) के जंक्शन तक जाएगा। इसके निर्माण से जीरकपुर और पंचकूला के अत्यधिक शहरीकृत और भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचा जा सकेगा। यह परियोजना पटियाला, दिल्ली, मोहाली एरोसिटी से आने वाले यातायात को डाइवर्ट करके हिमाचल प्रदेश के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे इन क्षेत्रों में यातायात की भीड़-भाड़ कम होगी। इस परियोजना की कुल लागत 1,878.31 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य यात्रा समय को कम करना और मुख्य शहरी मार्गों पर यातायात के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करना है। इसके अलावा कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन के दोहरीकरण को भी मंजूरी दी। इस परियोजना पर 1,332 करोड़ रुपये खर्च होगा और इसका उद्देश्य रेलवे की लाइन क्षमता को बढ़ाकर ट्रेनों की गति और सेवा को सुधारना है। यह दोहरीकरण परियोजना भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों में से एक में आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास को सुनिश्चित करेगा, जिससे यात्री और माल परिवहन में सुधार होगा। इस परियोजना के पूरा होने से रेलवे की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और भारतीय रेलवे की सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण है। इस योजना को 2025-2026 की अवधि के लिए मंजूरी दी गई है, और इसकी प्रारंभिक कुल लागत 1,600 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा सिंचाई नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और किसानों को सूक्ष्म सिंचाई सुविधाएं प्रदान करना है। जल प्रबंधन के लिए एससीएडीए और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल उपयोग की दक्षता में सुधार होगा। इस योजना से कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और उन्हें जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकार की प्राथमिकता देश में बुनियादी ढांचे का विकास करना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को गति देना है। recent visitors 48

राष्ट्रपति मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई

ब्रातिस्लावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रेसिडेंट पीटर पेलेग्रिनी के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-स्लोवाकिया संबंधों के अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई। बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू और पेलेग्रिनी ने साझे वैश्विक और क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष की ओर से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में राज्य मंत्री निमूबेन बंभानिया के साथ-साथ सांसद धवल पटेल, संध्या रे और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और पहल की सराहना की। दोनों नेताओं की उपस्थिति में दो एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मू का प्रेसिडेंशियल पैलेस में प्रेसिडेंट पेलेग्रिनी ने स्वागत किया। उनका गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत किया गया। लोक परिधान पहने एक जोड़े ने पारंपरिक स्लोवाक तरीके से उनका स्वागत ब्रेड और नमक के साथ किया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने स्लोवाकिया की यात्रा पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक आदर्शों और वैश्विक सहयोग के साझा दृष्टिकोण पर आधारित हैं। दोनों देश विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह लगभग तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया की दो दिवसीय यात्रा इस बात का संकेत देती है कि भारत स्लोवाक गणराज्य के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को कितना महत्व देता है। इससे रक्षा, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गहन सहयोग और नई पहलों के शुरू होने की उम्मीद है। recent visitors 58

स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस और पूर्व अधिकारियों-कर्मचारियों ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर जताया आभार

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर  भिलाई नगर निगम में वर्ष 2018 से लंबित सेवानिवृत्त व  दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया है। वर्षों से लंबित जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स का भी भुगतान अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया है। लंबे समय से इन राशियों का इंतजार कर रहे भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजनों ने इस पर खुशी जताते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है। उन्होंने भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ साव के रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया। भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त व दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी के वर्ष 2018 से भुगतान नहीं होने की बात संज्ञान में आते ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया था। उन्होंने पिछले दो वर्षों से लंबित अधिकारियों-कर्मचारियों के जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स के भी भुगतान की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए संचित निधि से 10 करोड़ 85 लाख 36 हजार रुपए तथा जीपीएफ/सीपीएफ एवं अवकाश नगदीकरण के भुगतान के लिए लीज फ्री-होल्ड की राशि से चार करोड़ 36 लाख 38 हजार रुपए के भुगतान की अनुमति भिलाई नगर निगम को दी है। विगत 3 अप्रैल को राज्य शासन द्वारा अनुमति प्रदान किए जाने के दो दिनों के भीतर ही 300 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के खातों में 15 करोड़ रुपए अंतरित कर दी गई है। ग्रेच्युटी एवं अन्य राशि मिलने से खुश सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजन, भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया। ये सभी लंबे समय से इन राशियों के भुगतान की बाट जोह रहे थे। किसी के यहां बेटी की शादी थी, तो किसी को इलाज या मकान बनाने के लिए राशि की जरूरत थी। उप मुख्यमंत्री साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि आपकी संवेदनशील पहल और नेतृत्व से ही आज सैकड़ों परिवारों के बीच बहुत ही सुखद क्षण आया है। अनेक मायूस परिवारों में मुस्कुराहट लौटी है। हम सभी परिवारों की ओर से आपको धन्यवाद देते हैं और आभार प्रकट कर रहे हैं। साव से मुलाकात के दौरान स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के सर्वसंजय शर्मा, शरद दुबे, विष्णु चन्द्राकर, शशिभूषण मोहंती, कृष्णा देशमुख, सुरेन्द्र सोनबेर, वामन राव, विनय मेश्राम, संतोष पाण्डेय, रामायण सिंह, थानूराम साहू, टहल राम साहू, सुरीता चतुर्वेदी और सुशालिनी गुरव मौजूद थीं। recent visitors 43

मंत्री सिलावट ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप किया श्रमदान

जल की बूंद-बूंद का संरक्षण करें : मंत्री सिलावट मंत्री तुलसी राम सिलावट ने 'जल गंगा संवर्धन' अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप श्रमदान किया मंत्री सिलावट ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप किया श्रमदान भोपाल जल संसाधन विभाग मंत्री तुलसी राम सिलावट ने बुधवार को 'जल गंगा संवर्धन' अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप श्रमदान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों से जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने का आह्वान किया। मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प को पूरा करने और नदियों एवं तालाबों के संवर्धन के लिए प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक 'जल गंगा संवर्धन' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में जल स्रोतों के संरक्षण, जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य व्यापक पैमाने पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सभी अपनी सक्रिय भागीदारी से सफल बनाएं। केरवा डैम, भोपाल के समीप जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आयोजित किए गए श्रमदान कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, तीरथ मीणा, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, सरपंच श्रीमती मीरा तोमर, पर्यावरण विद अभिलाष खांडेकर, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को जल स्रोतों के सौंदर्यीकरण और गहरीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के तालाबों पर हर प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने के भी सख्त निर्देश दिए। सिलावट ने कहा कि जल संकट का समाधान जल गंगा संवर्धन अभियान में निहित है। उन्होंने झाबुआ जिले की प्रसिद्ध हलमा प्रथा से प्रेरणा लेते हुए सभी से अपने जीवन में कम से कम 1 घंटा श्रमदान करने का आग्रह किया। मंत्री सिलावट ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के संकल्प को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से पूरा किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सिलावट ने मध्य प्रदेश में अगले पांच वर्षों में सिंचाई रकबे को 65 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लक्ष्य की भी बात कही। मंत्री सिलावट ने वहां उपस्थित सभी लोगों को जल संसाधनों की रक्षा और संरक्षण करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि यह अभियान हम सभी का है और इसकी सफलता की नींव प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर टिकी हुई है।   recent visitors 20

यह भारत का महानिर्माण काल है, जिसमें प्रत्येक नागरिक, संस्था और संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र के रूप में वैश्विक क्षितिज पर उभर रहा है। यह भारत का महानिर्माण काल है, जिसमें प्रत्येक नागरिक, संस्था और संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल सफल रिट्रीट भोपाल में एमईएस बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ऑल इंडिया काउंसिल मीट-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने एसोसिएशन के सभी प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों प्रतिनिधियों को सम्मानित किया अब हम दुश्मन को घर में घुसकर जवाब देते है उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को आशा और संभावनाओं की दृष्टि से देख रही है। भारत वह राष्ट्र है जो विश्व में शांति स्थापित करने की सामर्थ्य रखता है। आज का भारत अपने निर्णय अंतर्राष्ट्रीय दबाव में नहीं, बल्कि वैश्विक हित में लेता है। हमारी सेनाएं पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं। अब वह समय नहीं जब हम ज़मीन पर विजय के बाद टेबल पर हार जायें, अब हम दुश्मन को घर में घुसकर जवाब देते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भारतीय सेना के साथ जुड़कर कार्य करना गौरव और राष्ट्रसेवा का अवसर है। एमईएस बिल्डर्स एसोसिएशन के सदस्य सैन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। सैन्य क्षेत्र में उत्पादों की गुणवत्ता, अनुशासन और प्रतिबद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और एसोसिएशन इन सभी मानकों पर खरा उतर रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भविष्य में हथियार भी भारतीय होंगे उन्हें चलाने वाले भी स्वदेशी होंगे। एमईएस बिल्डर्स एसोसिएशन के सदस्य भारतीय सेना के साथ कदम से कदम मिलाकर भारत माता की सेवा कर रहे हैं, यह अत्यंत गर्व की बात है। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के 80 जिलों से आए एसोसिएशन के पदाधिकारी, बिल्डर्स, सैन्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।   recent visitors 33

हाउस ऑफ पुचका रायपुर की संस्थापक ईशा पटेल ने पीएम मोदी को बताई अपनी बिजनेस जर्नी

रायपुर पीएम नरेंद्र मोदी ने रायपुर की युवा उद्यमी से बातचीत की है। इसका वीडियो सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  X पर पोस्ट किया है। सीएम ने लिखा कि आसमान की कोई सीमा नहीं होती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी रायपुर की एक युवा उद्यमी और हाउस ऑफ पुचका की संस्थापक से बातचीत की। इन्होंने घर पर खाना पकाने से लेकर एक सफल कैफे व्यवसाय स्थापित करने तक की अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। ईशा का रायपुर में गोलगप्पे (गुपचुप) का कैफे है। हाउस ऑफ पुचका नाम का ये स्टार्टअप हाल ही में ईशा ने शुरू किया है। बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कर चुकीं ईशा मुंबई की एक कंपनी में 6 लाख रुपए सालाना के पैकेज पर काम कर रही थीं। कॉर्पोरेट कंपनी में काम से उब चुकीं 23 साल की ईशा ने, अपना बिजनेस शुरू करने का सोचा। दोस्तों और परिवार के लोगों से मिले सपोर्ट के बाद उन्होंने इसे शुरू किया। 6 लाख रुपए का मुद्रा लोन लिया। फंडिंग एजेंसियों ने शुरू में नहीं जताया भरोसा ईशा बताती हैं जब मैंने फंडिंग के बारे सोचा तो लोन चाहिए था। तब मेरी उम्र 22 थी, इस उम्र में बैंक लोन दें और ये पैसे कैसे वापस बैंक को हम लौटाएंगे, इसे लेकर फंडिंग एजेंसी भरोसा नहीं जता पा रही थीं। ऐसे में मैंने रिसर्च किया तो सरकारी योजना के बारे पता चला और हमें मदद मिली। हर महीने की 50 हजार की सैलरी छोड़ना रिस्क था PM नरेंद्र मोदी ने ईशा से मुलाकात में कहा कि आपने इतना रिस्क लिया। आपके दोस्त इसपर क्या सोचते हैं, ईशा ने जवाब में बताया कि प्रॉपर रिसर्च के साथ काम करें तो रिजल्ट मिलते हैं। दैनिक भास्कर से चर्चा में ईशा ने कहा कि अच्छी सैलरी छोड़ कर आना रिस्क तो था ही मगर काम करने के दौरान कुछ सेविंग की और कैफे बिजनेस के बारे में लगातार दोस्तों से बात की। स्टडी किया तो समझ आया कि कैसे प्रॉफिट जनरेट किया जाए। इसके बाद काम शुरू किया, आज रिस्पॉन्स अच्छा है। अहमदाबाद से ली मशीन ईशा ने बताया कि हम 5 तरह के चटपटे पानी के साथ गोलगप्पे सर्व करते हैं। कोलकाता वाला पानी खूब पसंद किया जाता है। इसलिए हमनें अपने स्टार्टअप का नाम हाउस ऑफ पुचकास रखा। इसके लिए हमनें अहमदाबाद से मशीनें मंगवाई हैं, जो हाइजीन के साथ गोलगप्पे तैयार करती है। ईशा ने बताया कि उनका परिवार रायपुर के खमतराई में रहता है। पिता नवीन पटेल बिजनेसमैन और मां रश्मि होममेकर हैं। PM Mudra Yojana: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंटरप्रेन्योर ईशा पटेल की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और हाउस ऑफ पुचका की संस्थापक ईशा पटेल के बीच बातचीत इस प्रकार है… लाभार्थी ईशा पटेल– सपने वो नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते हैं। मुसीबतें होंगी और मुश्किलें भी आएंगी, जो संघर्ष करेगा, वही सफलता पाएगा। ईशा पटेल– I am the founder of हाउस ऑफ़पुचका. घर पर खाना-वाना बनाते थे तो हाथों में टेस्ट अच्छा था, तो सबने सजेस्ट किया कि आप कैफे फील्ड में जाओ। फिर उसमें रिसर्च करके पता चला कि प्रॉफिट मार्जिन वगैरा भी अच्छा है, तो फूड कॉस्ट वगैरा मैनेज करेंगे, तो आप एक सक्सेसफुल बिजनेस रन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी– एक यूथ, एक जनरेशन है, कुछ पढ़ाई की तो उनको लगता है कि नहीं-नहीं मैं तो कहीं नौकरी करके सेटल हो जाऊंगा, रिस्क नहीं लूंगा। आप में रिस्क टेकिंग कैपेसिटी है। ईशा पटेल– जी। प्रधानमंत्री मोदी– तो आपके रायपुर के भी दोस्त होंगे और corporate वर्ल्ड के दोस्त होंगे, स्टूडेंट दोस्त भी होंगे। उन सब में इसकी क्या चर्चा है? क्या सवाल पूछते हैं? उनको क्या लगता है? ऐसा कर सकते हैं? करना चाहिए, उनको भी आगे आने का मन करता है? ईशा पटेल– सर, मैं जैसे कि अभी मेरी ऐज 23 ईयर्स है, तो मेरे पास अभी रिस्क टेकिंग एबिलिटी भी है, और टाइम भी है, तो यही समय होता है, मैं ना यूथ को लगता है कि हमारे पास फंडिंग नहीं है, बट वह गवर्नमेंट स्कीम्स के बारे में अवेयर नहीं है, तो मैं अपनी साइड से यहीं उन्हें सजेशन देना चाहूंगी, आप थोड़ा रिसर्च करो, जैसे मुद्रा लोन भी है, वैसे पीएम ईजीपी लोन भी है, कई लोन जो आपको विदाउट mortgage मिल रहे हैं, तो अगर आप में पोटेंशियल है तो आप जब ड्रॉप करो, क्योंकि sky has no limits for you, तो आप बिजनेस करिए और जितना चाहे उतना grow कर सकते हैं। PM मोदी ने किया स्टार्टअप के लिए इंस्पायर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर ये मिट-अप किया। प्रधानमंत्री ने यूथ को स्टार्टअप के लिए इंस्पायर करते हुए बताया कि मुद्रा लोन से वो ये काम कर सकते हैं। शुरुआत में 50,000 रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक के लोन का दायरा था। अब इसे बढ़ाकर अब 20 लाख रुपए कर दिया गया है। इस योजना के तहत 52 करोड़ का लोन अब तक दिया गया है। आप भी ले सकते हैं लोन और शुरू करें स्टार्टअप 2015 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वाले से लेकर छोटे कारोबार को बिना किसी जमानत के लोन मुहैया कराना है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन ले सकता है।     इस योजना की सबसे अच्छी बात ये है कि इसके तहत बिना गारंटी के लोन मिलता है। इसके अलावा लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है।     लोन लेने वाले को एक मुद्रा कार्ड मिलता है, जिसकी मदद से कारोबारी जरूरत पर आने वाले खर्चों का पेमेंट उससे कर सकता है।     ये लोन वाणिज्यिक (कमर्शियल) बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, छोटे फाइनेंस बैंकों, सहकारी बैंकों, माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में आवेदन देकर पाया जा सकता है। recent visitors 42