अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिरेंगे, भारत में 55,000 प्रति 10 ग्राम आएंगे भाव

नई दिल्ली  क्या कभी सोने की कीमत 55 हजार हो जाएगी। क्या सोने की कीमतों के लिहाज से वक्त 2 साल पीछे हो जाएगा, जब 2023 में 10 ग्राम सोने की कीमत तकरीबन यही थी…संभव हो ऐसा हो। एक अमेरिकी एनालिटिकल कंपनी ने तो कुछ ऐसा ही अनुमान लगाया है। मगर, ऐसा क्यों होगा, इसके पीछे क्या ईरान-अमेरिका, रूस-यूक्रेन युद्ध, बांग्लादेश में तख्तापलट या इजरायल-हमास जंग है, जिसके खत्म होने के आसार लगाए जा रहे हैं। आइए-समझते हैं। किसने की सोने पर ऐसी खुशी देने वाली भविष्णवाणी अमेरिकी कंपनी मॉर्निंगस्टार के विश्लेषक ने यह भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिर सकते हैं। भारत में 24 कैरेट सोने का दाम लगभग 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह $3,100 से ऊपर है। अगर सोने के दाम 40% गिरते हैं, तो भारत में यह लगभग 55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। सोने के दाम कब बढ़ जाते हैं और क्यों यह सुरक्षित निवेश सोने के दाम लगातार बढ़ ही रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि दुनिया बीते कई सालों से युद्ध, महामारी, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के चलते उतार-चढ़ाव से जूझ रही है। चूंकि, युद्ध या संघर्षों के दौरान सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। चीन के साथ अमेरिका का ट्रेड वॉर भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से सोने ने दिखाई अकड़ 2018 में यूक्रेन ने इस क्षेत्र पर रूस के कब्जे की घोषणा की। संघर्ष के इन पहले आठ वर्षों में नौसैनिक घटनाएं और साइबर युद्ध भी शामिल थे। 20 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर आक्रमण किया और कब्जा कर लिया। इस युद्ध की शुरुआत वैसे तो 2014 में तब शुरू हुई थी, जब फरवरी 2014 में यूक्रेन के स्वायत्त गणराज्य क्रीमिया पर रूसी सैनिको ने गुप्त रूप से आक्रमण कर दिया था। इसके बाद से ही छिटपुट युद्ध चलता रहा है। 2022 में इसकी बाकायदा शुरुआत हो गई। तभी से एक और विश्वयुद्ध की आशंका के चलते सोने के भाव बढ़ते चले गए। 2023 में सोना करीब 55 हजार ही था, मगर बीते दो साल में यह दोगुने के करीब पहुंच चुका है। इजरायल-हमास युद्ध ने भी बढ़ाए सोने के भाव बीते कई सालों से इजरायल-हमास के बीच जारी युद्ध के दौरान सोने की चमक लगातार बढ़ती गई। बीते साल अक्टूबर तक सोना 76000 के पार निकल गया था। जो अब 90 हजार के पार पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि अगर यही हाल रहा तो इसकी कीमत इसी साल 1 लाख के पार हो जाएगी। बीते कुछ महीनों से इजरायल और हमास के बीच जंग और गहरी हो गई है। गाजा पट्टी को लेकर संघर्ष भी बढ़ गया है। अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु युद्ध को लेकर टेंशन बीते कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु प्रसार को लेकर भी टेंशन बढ़ रही है। ईरान के गुपचुप तरीके से यूरेनियम संवर्द्धन की खबरें आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास इतनी परमाणु सामग्री जमा हो चुकी है कि वह मौका पाते ही बेहद कम समय में परमाणु हथियार बना लेगा, जो अमेरिका और उसके समर्थक देशों के लिए तबाही ला सकता है। इस बात को लेकर भी अमेरिकी शेयर बाजार कई बार टूटे हैं। मगर, उस वक्त भी सोने ने अंगद की तरह पांव जमा रखे थे। उसके भाव बढ़ते रहे हैं। इन वजहों से गिर सकते हैं सोने के भाव दरअसल, मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट का कहना है कि सोने का उत्पादन बढ़ गया है। 2024 की दूसरी तिमाही में सोने की खदानों को एक औंस पर $950 का मुनाफा हुआ। इसका मतलब है कि सोना निकालने वाली कंपनियों को फायदा हो रहा है। दुनिया भर में सोने का भंडार भी 9% बढ़कर 2,16,265 टन हो गया है। ऑस्ट्रेलिया में सोने का उत्पादन बढ़ गया है। साथ ही, पुराने सोने को पिघलाकर फिर से इस्तेमाल करने का चलन भी बढ़ गया है। क्या सोने की मांग कम होने से दाम गिरना संभव यह भी कहा जा रहा है कि दुनिया में सोने की मांग कम हो सकती है। पिछले साल केंद्रीय बैंकों ने 1,045 टन सोना खरीदा था। लेकिन अब वे शायद उतना सोना न खरीदें। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे में पता चला है कि 71% केंद्रीय बैंक या तो अपना सोने का भंडार कम करेंगे या उसे उतना ही रखेंगे। इससे सोने के दाम में संभव है कि उतनी तेजी न आए, जितना आमतौर पर देखने को मिलती है। क्या सोने का बाजार का यह सैचुरेशन पीरियड यह भी कहा जा रहा है कि सोने का बाजार शायद अब चरम पर पहुंच गया है। 2024 में सोने के कारोबार में विलय और अधिग्रहण 32% बढ़ गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि बाजार अब ऊपर जाने के बजाय नीचे आ सकता है। कुछ मामलों में लोग सोना खरीदने-बेचने के बजाया सोने में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। क्या रूस-यूक्रेन की जंग होगी खत्म, जिससे घटेगा सोना रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमर कस ली है। वह दुनिया के दिग्गज राजनेताओं से इस बारे में मुलाकात और बात भी कर चुके हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस युद्ध के खात्मे के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि अगर ये कोशिशें जारी रहती हैं तो वह दिन दूर नहीं जब दोनों देशों के बीच युद्ध थम जाएगा। वैसे भी दोनों देश अब ज्यादा लड़ने के इच्छुक भी नहीं हैं। अगर ऐसा हुआ तो बाजार सुधरेगा और दुनिया में सोने की बेतहाशा खरीददारी भी थम सकती है। जब सोने की मांग घटेगी तो जाहिर है सोने की कीमतें भी गिर सकती हैं। क्या इजरायल-हमास जंग के भी खत्म होने के आसार है इजरायल और हमास के बीच वैसे तो जंग पूरी तरह से खत्म होने के आसार नहीं हैं। मगर, ये है कि ये संघर्ष कुछ समय के लिए थम सकता है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे लेकर प्रयास कर रहे … Read more

राजेन्द्र शुक्ल ने कहा- स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना ज़रूरी

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना ज़रूरी है। प्रदेश सरकार के द्वारा निरंतर कोशिश की जा रही है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सर्व सुविधायुक्त बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उज्जैन ज़िले के घट्टिया जनपद पंचायत में 9 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भूमि-पूजन किया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय और पैरामेडिकल की भर्ती की जाएगी। सरकार के द्वारा पूरे प्रदेश में चिकित्सा स्टाफ की 30 हज़ार भर्तियां की जाएंगी। हम स्वास्थ्य और शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम सभी प्रयासरत हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से कहा के भवन का निर्माण गुणवत्ता के साथ किया जाए। साथ ही समय सीमा से पहले ही निर्माण कार्य को पूर्ण करने का प्रयास किया जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया का निर्माण कार्य आगामी 15 महीने में पूर्ण किया जाना है।उन्होंने घट्टिया में एंबुलेंस की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि यहां पर एंबुलेंस की सेवा शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी। क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं के लिए उन्होंने विस्तृत कार्य योजना बना कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया से आसपास के 100 गांव लाभान्वित होंगे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत घट्टिया श्री भगवान सिंह पंवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल, विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 48

जयपुर सीरियल ब्लास्ट केस में चारों आरोपी दोषी करार, विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा 8 अप्रैल को होगी सजा

जयपुर राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दौरान चांदपोल में मंदिर के पास मिले जिंदा बम मामले में आज विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया है। विशेष अदालत के न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि 8 अप्रैल को आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी। हालांकि, आरोपियों को 124(A) (राजद्रोह) के आरोपों से बरी कर दिया गया है, लेकिन अन्य धाराओं में दोषी ठहराया गया है। 17 साल बाद आया बड़ा फैसला दरअसल, जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट के दौरान 8 बम धमाके हुए थे, लेकिन नौवां बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। यह बम धमाकों के 15 मिनट पहले ही डिफ्यूज कर दिया गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अब इस जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। इससे पहले जयपुर बम धमाकों से जुड़े 8 मामलों में यही आरोपी फांसी की सजा पा चुके थे, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में सभी को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों की कई खामियों को उजागर किया था, जिसके बाद सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जो अभी पेंडिंग है। क्या है बम ब्लास्ट का पूरा मामला? गौरतलब है कि 13 मई 2008 को जयपुर के चारदीवारी इलाके में 8 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 72 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में विशेष अदालत ने पहले 20 दिसंबर 2019 को चार आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में इस फैसले को पलटते हुए चारों आरोपियों को बरी कर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने इन चारों को जिंदा बम रखने के मामले में गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ एक नया केस दर्ज किया गया। 4 आरोपी दोषी करार, पहले हो चुके हैं बरी जिंदा बम मामले में दोषी करार दिए गए चारों आरोपी मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद हैं। मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान फिलहाल जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद जमानत पर बाहर हैं। इससे पहले इन चारों आरोपियों को 2019 में जयपुर बम धमाकों में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा दी गई थी, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में सभी को बरी कर दिया था। 112 गवाह और 1200 दस्तावेज पेश किए गए इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 112 गवाहों के बयान दर्ज कराए और करीब 1200 दस्तावेज अदालत में पेश किए। साइकिल मैकेनिक दिनेश महावर ने बताया कि किसी ने उसके पास बम वाली साइकिल कसवाई थी। पत्रकार प्रशांत टंडन और पूर्व एडीजी अरविंद कुमार जैन को भी गवाह बनाया गया था। पहले हाईकोर्ट ने क्यों किया था बरी? राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में आरोपियों को बरी करते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि साइकिल बम किसने रखी थी। अदालत ने जांच एजेंसियों की खामियों पर भी सवाल उठाए थे। वहीं, अब जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जिससे इस केस में नया मोड़ आ गया है। recent visitors 54

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के विचार वाली भारतीय संस्कृति संपूर्ण विश्व को परिवार मानती है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'वसुधैव कुटुंबकम' के विचार वाली भारतीय संस्कृति संपूर्ण विश्व को परिवार मानती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इस सिद्धांत पर चल रही राज्य सरकार सभी के हित और कल्याण के लिए समर्पित है। परिवारों का वातावरण खराब न हो, मेहनत से कमाए गए पैसे का उपयोग परिवार के हित में हो, यह सुनिश्चित करने के लिए ही शराबबंदी लागू की गई है। धार्मिक नगरों में पवित्र भाव की अनुभूति होती है, अत: प्रदेश में विद्यमान 19 देव-स्थानों की गरिमा को बनाए रखने के लिए ही इन स्थानों पर शराबबंदी लागू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव माँ पीताम्बरा की नगरी दतिया में शराबबंदी लागू करने के लिए आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दतिया में शराबबंदी के लिये नागरिक अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया सहित प्रदेश में जहां-जहां देवी मां की कृपा है, वहां देवी लोक विकसित किए जाएंगे। चित्रकूट सहित भगवान श्रीराम से जुड़े प्रदेश के सभी स्थानों का श्रीराम वनपथ गमन मार्ग के अंतर्गत उन्नयन किया जा रहा है। इसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण की जहां-जहां भी लीलाएं हुईं, उन स्थानों को भी तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति के मूल भाव "सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामय:" के अनुरूप राज्य सरकार सबके कल्याण के लिए ही समर्पित भाव से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। राज्य सरकार के लिए कृषकों का हित सर्वोपरि है, किसानों को उनकी मेहनत और उपज का सही दाम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए ही 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के लिए 'केन-बेतवा' लिंक परियोजना और 'चंबल-काली सिंध-पार्वती' नदी जोड़ों परियोजना जैसी सौगात प्रदेश को दी है। साथ ही ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से जमीन नहीं बेचने का आहवान करते हुए कहा कि इन नदी जोड़ो परियोजनाओं से दतिया भी लाभान्वित होगा और किसान परिवारों का खुशहाल जीवन सुनिश्चित है। डबल इंजन की सरकार में जनता का हित सर्वोपरि है, प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जो कहा वह करके दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनावश्यक खर्चों से परहेज करने के लिए जनसामान्य को प्रेरित करते हुए कहा कि विवाह और मृत्यु भोज जैसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च करना व्यर्थ है। अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके भविष्य निर्माण पर ध्यान देना ही परिवारों की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। हर गरीब को रहने के लिए पक्का मकान, हर जरूरतमंद के लिए भोजन की व्यवस्था जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में संचालित सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण की गतिविधियां राम राज्य के आदर्श के समान है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया सहित प्रदेश के अनेक धार्मिक शहरों में शराबबंदी का जो निर्णय लिया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। शराब की लत के कारण अनेक परिवार परेशानी झेलते हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिये मुख्यमंत्री द्वारा न केवल देश में बल्कि विदेशों में जाकर उद्योगपतियों से चर्चा कर प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के सार्थक प्रयास किए हैं। उनके प्रयासों से ही अनेक उद्योगपतियों ने प्रदेश में आकर उद्योग धंधे स्थापित कर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। विधायक सेवढ़ा श्री प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि माँ पीताम्बरा की नगरी दतिया में शराबबंदी का जो ऐतिहासिक निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। इसके लिये दतिया के सभी निवासी मुख्यमंत्री के प्रति आभारी हैं। मुख्यमंत्री ने माँ पीताम्बरा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को दतिया में माँ पीताम्बरा माई के दरबार में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उनके साथ पूर्व गृह मंत्री डॉ. मिश्रा सहित जन-प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 34

MP में वक्फ प्रॉपर्टी में करोड़ों की गड़बड़ी, 15008 संपत्तियां, नए संशोधन बिल से क्या होगा असर

भोपाल  मध्यप्रदेश में वक्फ बोर्ड के अधीन 15008 संपत्तियां दर्ज हैं। इस हिसाब से इन सभी संपत्तियों से कम से कम 100 करोड़ रुपए सालाना आय होना चाहिए। जबकि सच यह है कि 02 करोड़ रुपया साल भी नहीं आ रहे हैं। कई नेताओं ने वक्फ की आमदनी से अपना पेट भरा है। इस नए बिल से उन्हीं लोगों का विरोध सामने आ रहा है। वास्तव में जरूरतमंद मुसलमान तो इस बिल से खुश है। यह बातें मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सनवर पटेल ने कही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अभी पैसा जन कल्याण के काम में खर्च नहीं हो पाता। अब नए बिल के लागू होने के बाद राशि आएगी तो जनकल्याण के लिए खर्च की जा सकेगी। सनवर ने आरोप लगाए कि वक्फ की संपत्तियों का अवैध उपयोग भी हो रहा है। वक्फ प्रापर्टी का गलत उपयोग भोपाल में नईम खान ने वक्फ की प्रापर्टी का गलत उपयोग किया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। सनवर पटेल ने एक प्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश भर में वक्फ की संपत्तियों को लेकर कई जगहों पर शिकायतें हुईं। जिसमें न्यायालय के साथ सरकार के दफ्तर भी शामिल हैं। वक्फ बिल पेश हुआ तो विपक्ष ने डराने का काम किया। जेपीसी ने देश भर में घूमकर सुझाव मांगे। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुझाव मांगे हैं। 2 करोड़ लोगों ने दिए सुझाव दो करोड़ से अधिक लोगों ने इस पर अपने सुझाव दिए हैं। पटेल ने कहा कि देश के भाईचारे और समाज व देश हित में वक्फ बिल लाया गया है। असल हकदार जरूरतमंद मुसलमानों के लिए यह बिल है। चंद ताकतवर मुसलमान लोग वक्फ की जमीन पर कब्जा करके बैठे थे, वे इसका विरोध कर रहे हैं। अब असली जरूरत मंद मुसलमानों के हित में इन संपत्तियों से होने वाली आय को खर्च किया जा सकेगा। बड़ी गड़बड़ी का हुआ खुलासा वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेता रियाज खान ने वक्फ में 15 दुकानें बताई थी, इसकी जांच हुई तो 115 दुकानें मिलीं। ऐसे कई मामले हैं। ये वक्फ की आमदनी से अपना पेट भर रहे हैं। इस बिल से उन्हीं लोगों का विरोध सामने आ रहा है। जबकि जरूरतमंद मुसलमान तो इस वक्फ नए बिल से खुश हैं। विपक्ष पांच नाम बताए जिन्हें सीएए के कारण देश से निकाला गया पटेल ने कहा कि विपक्ष के लोग आज भी पांच नाम या एक नाम बता पाने की स्थिति में नहीं हैं कि सीएए के बाद किसी को देश से निकाला गया है। जेपीसी के बाद 15 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई थी और कलेक्टरों को फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। एमपी वक्फ बोर्ड ने 15 में से 12 बिंदुओं पर जानकारी भेज दी है। अब एमपी के लिए एक नया पोर्टल वामसी नाम से बनाया जा रहा है। शेष तीन बिन्दु राजस्व विभाग से संबंधित हैं जिसमें राजस्व रिकार्ड में संपत्तियों की क्या स्थिति है? निजी है या सरकारी है। बंदोबस्त के पहले जमीन का खसरा नम्बर क्या था? इसकी जानकारी कलेक्टरों से मांगी गई है। कांग्रेस नेताओं का वक्फ पर कब्जा, इसलिए कर रहे विरोध वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेता रियाज खान 7.11 करोड़ की आरआरसी जारी हुई है। इन्होंने वक्फ में 15 दुकानें बताई थी, इसकी जांच हुई तो 115 दुकानें मिलीं। ऐसे ही 1.84 करोड़ की रिकवरी सागर जिले के बीना में कांग्रेस नेता इकबाल खान पर निकली है। नईम खान भोपाल के हैं, उनके विरुद्ध भी सवा करोड़ रुपए आरआरसी जारी हुई है। ये वक्फ की आमदनी से अपना पेट भर रहे हैं। इस बिल से उन्हीं लोगों का विरोध सामने आ रहा है। वास्तव में जरूरतमंद मुसलमान तो इस बिल से खुश है। recent visitors 33

सरकार द्वारा दी गई जानकारी, भारतीय रेलवे के ट्रैक नेटवर्क के विस्तार के लिए चार परियोजनाओं को दी मंजूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने भारतीय रेलवे के ट्रैक नेटवर्क के विस्तार के लिए 18,658 करोड़ रुपये के निवेश से चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। शुक्रवार को सरकार द्वारा यह जानकारी दी गई। तीन राज्यों (महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़) के 15 जिलों को कवर करने वाली चार परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 1,247 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में संबलपुर-जरापड़ा तीसरी और चौथी लाइन, झारसुगुड़ा-सासोन तीसरी और चौथी लाइन, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा पांचवीं और छठी लाइन और गोंदिया-बल्हारशाह रेलवे लाइन का दोहरीकरण शामिल हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया कि बढ़ी हुई लाइन क्षमता से मोबिलिटी में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की दक्षता बढ़ेगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएंगे और भीड़भाड़ को कम करेंगे, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्ततम खंडों पर इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। ये परियोजनाएं पीएम मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र के लोगों को "आत्मनिर्भर" बनाएंगी, जिससे उनके लिए रोजगार/अवसरों में वृद्धि होगी। ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा हैं, जिसमें एकीकृत योजना की आवश्यकता होती है और ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। इन परियोजनाओं के साथ, 19 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों (गढ़चिरौली और राजनांदगांव) की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 3,350 गांवों और लगभग 47.25 लाख आबादी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा लाइन बलौदा बाजार जैसे नए क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और इससे क्षेत्र में सीमेंट संयंत्रों सहित नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं पैदा होंगी। सरकार ने बयान में आगे कहा कि ये लाइनें कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट और चूना पत्थर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। नए ट्रैक बनने से 88.77 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। recent visitors 31

शाही ईदगाह और कृष्ण जन्मभूमि विवाद ने रोचक मोड़ लिया, नहीं मान सकते मस्जिद, मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली मथुरा की शाही ईदगाह को मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसकी वजह है कि यह भारतीय पुरातत्व विभाग के तहत संरक्षित स्थान है। हिंदू पक्ष ने यह दलील दी है, जिसके बाद मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस तरह मथुरा के शाही ईदगाह और कृष्ण जन्मभूमि विवाद ने रोचक मोड़ ले लिया है। इस पर शीर्ष अदालत का कहना है कि वह इस बात का परीक्षण करेगी कि आखिर इस दावे की क्या वैधता है। दरअसल हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की दलील के बाद इस मामले में ASI को भी पार्टी बनाने को कहा था। मुस्लिम पक्ष की याचिका सुनते हुए चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने हिंदू पक्ष को नोटिस जारी किया है। मुस्लिम पक्ष की अपील सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'जहां तक यह सवाल है कि क्या एएसआई संरक्षित स्थान का इस्तेमाल मस्जिद के तौर पर किया जा सकता है। इस मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जा सकता। आपने इस बारे में हाई कोर्ट को भी कुछ नहीं कहा। इस मामले को मेरिट के आधार पर ही सुना जाएगा।' यही नहीं अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष को अपनी याचिका में संशोधन करने की परमिशन दी है, जो पहली नजर में सही फैसला लगता है। हिंदू पक्ष ने हाई कोर्ट में कहा था कि ASI द्वारा संरक्षित किसी स्मारक को मस्जिद के तौर पर प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा हिंदू पक्ष की दलील है कि ASI संरक्षित स्मारक होने के कारण यहां प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट भी लागू नहीं होता। अदालत ने कहा- दूसरी अर्जियों के साथ ही इसकी भी होगी सुनवाई बेंच ने कहा कि आपके पास अधिकार है कि अपनी अर्जी में संशोधन करें। अदालत ने कहा कि हिंदू पक्ष अपनी याचिका में संशोधन कर सकता है और उसमें यह दावा हो सकता है कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट लागू नहीं होता। अदालत ने कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है। हम नई अर्जी को भी पहले से दायर मामलों के साथ ही सुनेंगे। अब इस मामले में 8 अप्रैल को अदालत में सुनवाई होगी। दरअसल हिंदू पक्ष ने इस मामले में हाई कोर्ट का रुख किया था। उनका कहना था कि एएसआई को भी इस केस में पार्टी बनाया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि शाही ईदगाह मस्जिद का संरक्षण वही करता है। इसलिए उसे भी पक्षकार बनाने के बाद ही मामले को आगे बढ़ाया जाए। recent visitors 34