बलूचिस्तान विद्रोहियों के हमलों ने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ाई, भारत के पास बड़ा मौका!

इस्लामाबाद पाकिस्तान के लिए बलूचिस्तान नासूर बनकर उभरा है। यह पाकिस्तान के उन दो प्रांतों में शामिल है, जिसके बड़े भूभाग पर पाकिस्तान का नियंत्रण नहीं है। इस सूबे में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और दूसरे विद्रोही समूह अपनी समानांतर सरकार चला रहे हैं। हाल में ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने रेलवे ट्रैक पर बम विस्फोट कर एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। इस घटना ने पूरी दुनिया में बलूच विद्रोहियों की आवाज को पहुंचाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बलूच अवाम हथियार उठाने को क्यों मजबूर है और संसाधन संपन्न होने के बावजूद इस सूबे में इतनी गरीबी क्यों है। पाकिस्तान ने दावा किया कि कुल 31 लोग मारे गए, और उसके सैन्य अभियान ने 33 बलूच विद्रोहियों को मार डाला। हालांकि, BLA ने इन दावों को "झूठ" बताया और कहा कि उन्होंने ट्रेन में सवार 214 बंधकों को मार डाला था, जिनमें से ज़्यादातर सैन्य और पुलिस कर्मी थे। 16 मार्च को नोशकी में एक और घातक BLA हमला हुआ जिसमें आत्मघाती हमलावरों ने अर्धसैनिक बलों के काफिले पर हमला किया। कुल मिलाकर, BLA ने अकेले 2024 में 302 हमलों की जिम्मेदारी ली, जिसमें क्वेटा के मुख्य रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट भी शामिल है जिसमें 14 सैनिकों सहित 26 लोग मारे गए थे। बलूच कौन हैं? बलूच एक सुन्नी मुस्लिम जातीय समूह है जो ईरान-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर और दक्षिणी अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में रहते हैं। बलूचिस्तान इस क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा है, इसके बाद ईरान की तरफ सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत हैं। यह क्षेत्र लगभग फ्रांस के आकार का है। इस इलाके में लगभग 9 मिलियन बलूच आबादी रहती है, जो भौगोलिक परिदृश्य के कारण काफी विरल है। इस कारण वे खुद को किसी एक राज्य या देश के बांधे हुए नहीं रख पाते हैं। बलूचिस्तान पाकिस्तान के प्रांतों में सबसे बड़ा और सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यह प्रांत पाकिस्तान में सबसे गरीब है, जिसकी लगभग 70% आबादी को 'गरीब' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसके बावजूद बलूचिस्तान सोने, हीरे, चांदी और तांबे जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। इसका सीधा का मतलब यह है कि प्रांत के लोगों को उनका हिस्सा नहीं मिला या जानबूझकर नहीं दिया गया। यह उन कई कारणों में से एक है जिससे इस राज्य के लोग असंतुष्ट हैं और अपनी मांग को लेकर हथियार उठाने तक को तैयार हैं। विभाजन के बाद, बलूचिस्तान मार्च 1948 तक पाकिस्तान के नए राज्य के साथ मैत्री संधि के तहत स्वतंत्र रहा। कलात के खान, मुख्य आदिवासी नेता थे, जिनका शासन इस क्षेत्र के अधिकांश भाग पर चलता था। वह स्वतंत्र रहने के इच्छुक थे, लेकिन पाकिस्तान में शामिल होने के लिए उन पर बहुत दबाव था, जिसमें उनके सामंत, मकरान, लास बेला और खारन के शासक शामिल थे। दशकों से, बलूच अपनी स्वायत्तता या स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं, जिसका सीमा के दोनों ओर हिंसक दमन किया गया है। पाकिस्तान में, ऐसे प्रयासों को राष्ट्र को खंडित करने के प्रयासों के रूप में देखा जाता है – जबकि ईरान में, बलूच मुख्य रूप से शिया देश में सुन्नी मुस्लिम अल्पसंख्यक होने के कारण स्थिति और भी जटिल हो जाती है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, पाकिस्तान में, 2011 से 10,000 से अधिक बलूच गायब हो गए हैं। बलूचिस्तान विद्रोह के बारे में हम क्या जानते हैं? पाकिस्तान का अशांत दक्षिण-पश्चिमी प्रांत, जो ईरान और अफ़गानिस्तान की सीमा पर है, 1948 में बलूचिस्तान के जन्म के बाद से ही उग्रवाद के अधीन है। हिंसक अलगाववादी विद्रोह, जो मुख्य रूप से आदिवासी नेतृत्व वाले थे, 1958, 1962 और 1973 में फिर से हुए। लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत में, हिंसा ने एक नया मोड़ ले लिया। बलूच राष्ट्रवादी, जिन्होंने लंबे समय से पाकिस्तानी सरकार और सेना पर बलूचिस्तान के खनिज संसाधनों का दोहन करने, इसके लोगों पर अत्याचार करने और इसके चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाया था, संगठित विद्रोही सेनाओं में जुटने लगे, जिन्होंने एक स्वतंत्र बलूच राज्य की मांग की। हालांकि इस अभियान में कई वर्षों तक छिटपुट हमले और घात लगाकर हमला किया गया। लेकिन हाल के वर्षों में उग्रवाद ने गति पकड़ी। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी कैसे बनाई गई? 2000 के दशक की शुरुआत में बना BLA सबसे बड़ा बलूच उग्रवादी समूह है और दशकों से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहा है, बलूचिस्तान की आजादी और चीन को बाहर निकालने की मांग कर रहा है। BLA के उग्रवादियों ने हमले किए हैं, खास तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बीजिंग की CPEC (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) परियोजना को निशाना बनाया है। बलूचिस्तान में बहुसंख्यक जातीय बलूच, पाकिस्तानी सरकार से नाराज़ हैं क्योंकि वे अपने क्षेत्र के संसाधनों का अनुचित दोहन कर रहे हैं। पाकिस्तान ने 2006 में BLA पर प्रतिबंध लगा दिया था और संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2019 में इसे वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया था। बलूचिस्तान आंदोलन को बढ़ावा किसने दिया 1999 में सैन्य तख्तापलट के बाद परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान की सत्ता में आए, जिससे बलूचों में अलगाव बढ़ गया। ऐसा इसलिए है क्योंकि बलूच सेना में बलूच प्रतिनिधित्व की कमी को देखते हैं क्योंकि पंजाबी लोगों के हितों का वर्चस्व है – पाकिस्तान में मुख्य जातीय समूह जो देश की आबादी का लगभग 45% हिस्सा है।" बलूचों की एक प्राथमिक शिकायत ग्वादर के मेगा बंदरगाह का निर्माण है, जो 2002 में शुरू हुआ और अभी भी जारी है। इसके महत्व के बावजूद, पाकिस्तानी सरकार ने ग्वादर विकास प्रक्रिया से बलूचों को बाहर रखा है। यह परियोजना पूरी तरह से संघीय सरकार द्वारा संचालित है और विशाल बंदरगाह के निर्माण में कुछ बलूचों को रोजगार दिया गया है, इसके बजाय चीनी इंजीनियरों और मजदूरों पर निर्भर है। इंटरनेशनल अफेयर्स रिव्यू की एक रिपोर्ट के अनुसार, बलूच और पाकिस्तानी सरकार के बीच तनाव को बढ़ाने वाला एक अन्य कारक 2006 में सेना द्वारा उनके नेता नवाब अकबर बुगती की हत्या है। 2008 में मुशर्रफ की सैन्य सरकार से राष्ट्रपति आसिफ अली ज़दारी की नागरिक सरकार में परिवर्तन ने बलूच असंतोष को कम करने में बहुत कम मदद की। 2009 में, 792 हमले हुए जिनमें 386 मौतें हुईं; लगभग 92% हमले बलूच राष्ट्रवादी उग्रवादियों से जुड़े थे। … Read more

भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को लेकर इन बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया

नई दिल्ली हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद नवीन जिंदल ने बुधवार को संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य खतरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सख्त नियमन, पारदर्शिता और उपभोक्ता जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि जनता को स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार मिले।भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने रिफाइंड तेल और प्रोसेस्ड फूड पर कानूनों को और सख्त करने की अपील की। भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को लेकर इन बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रिफाइंड बीज तेलों के दुष्प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि कई अध्ययनों से पता चला है कि बार-बार किए गए रिफाइनिंग प्रोसेस के कारण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और हानिकारक ट्रांस फैट उत्पन्न होते हैं, जिससे हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड के खतरे पर भाजपा सांसद ने कहा कि इन खाद्य उत्पादों में अत्यधिक कैमिकल प्रिजर्वेटिव और हानिकारक फैट होते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देते हैं। उन्होंने स्पष्ट लेबलिंग की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उपभोक्ता अक्सर भ्रामक पैकेजिंग और लेबलिंग के कारण यह समझ ही नहीं पाते कि वे क्या खा रहे हैं। स्पष्ट खाद्य लेबलिंग अनिवार्य करने पर जोर देते हुए नवीन जिंदल ने सरकार से आग्रह किया कि खाद्य उत्पादों पर स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वे रिफाइंड तेलों का उपयोग करते हैं या अल्ट्रा प्रोसेस्ड श्रेणी में आते हैं। उन्होंने सरकार से रिफाइंड तेल और अल्ट्रा प्रोसेस्ड पदार्थों के स्वास्थ्य पर प्रभावों को लेकर एक श्वेत पत्र प्रकाशित करने की मांग की, ताकि इस विषय पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गहन अध्ययन हो सके। उन्होंने स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा देने का जिक्र करते हुए पारंपरिक और कोल्ड-प्रेस्ड तेलों, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवीन जिंदल ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से उपभोक्ताओं को छिपे हुए स्वास्थ्य खतरों से बचाने और एक प्रभावी खाद्य नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। recent visitors 110

राजस्थान रॉयल्स ने दिया कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य,

गुवाहाटी. आईपीएल 2025 का छठा मैच राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जा रहा। राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य दिया है। राजस्थान की तरफ से सर्वाधिक रन ध्रुव जूरेल ने बनाए है ध्रुव ने 33 रनों की पारी खेली इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने 29 और कप्तान रियान पराग ने 25 रनों की पारी खेली। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाया था। कोलकाता की तरफ से वैभव ने 2, वरुण ने 2 और मोइन अली 2 बल्लेबाजो को वापस भेजा वहीं हर्षित राणा को 2 विकेट मिला है। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर राजस्थान को बैटिंग का न्योता दिया है। कोलकाता के ऑलराउंडर सुनील नरेन मैच नहीं खेल रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं हैं। उनकी जगह मोईन अली को मौका मिला है। वहीं, राजस्थान ने फजलहक फारुकी की जगह वानिंदु हसरंगा को शामिल किया है। आरआर और केकेआर को 18वें सीजन के अपने पहले मैच में हार का मुंह देखना पड़ा था। राजस्थान को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के हाथों 44 रन से शिकस्त मिली जबकि कोलकाता को रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (आरसीबी) ने सात विकेट से मात दी। दोनों टीमों की नजर आज के मैच से जीत का खाता खोलने पर होगी। बारसापारा में भी रियान पराग राजस्थान की कमान संभाल रहे हैं। हालांकि, उंगली की सर्जरी से उबर रहे नियमित कप्तान संजू सैमसन खेल रहे हैं। शुभम दूबे के रूप में गिरा 6th विकेट शुभम दूबे भी लौटे पवैलियन। राजस्थान का छठा विकेट गिरा। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अरोड़ा की गेंद पर रसेल ने पकड़ा शानदार कैच। दूबे ने 12 गेंदों में 9 रन बनाए। इसमें एक चौका भी शामिल है। मोईन और वरुण की फिरकी पर नाचे बल्लेबाज राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों को मोईन अली और वरुण चक्रवर्ती ने काफी परेशान किया है। दोनों अब तक 2-2 विकेट हासिल कर चुके हैं। सस्ते में लौटे संजू सैमसन आरआर का पहला विकेट संजू सैमसन के रूप में गिरा है। वह सस्ते में आउट हुए। उन्हें वैभव अरोड़ा ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड किया। सैमसन के बल्ले से 11 गेंदों में 13 रन निकले। उन्होंने यशस्वी संग (19*) 33 रनों की साझेदारी की। recent visitors 53

जन-जन तक सूचनाएं पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं पत्रकार: विधानसभा अध्यक्ष तोमर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी होते हैं। सरस्वती के साधक होने के साथ ही कड़ी मेहनत से सूचनाओं को आमजनों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुरैना जिला मुख्यालय पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के त्रिवर्षीय दो दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा पत्रकारों के हित में जो मांगें रखी गई हैं, उसके निराकरण के लिये शासन स्तर से एक कमेटी का गठन किया जायेगा। इस कमेटी में श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल कर पत्रकारों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार संघ पत्रकारों के हित में कार्य करने वाला बहुत पुराना संगठन है। संगठन के अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया पत्रकारों के हित में निरंतर कार्य करते रहते हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश भर में श्रमजीवी पत्रकार संघ कार्य कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर, विधायक श्री दिनेश गुर्जर, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष श्री भदौरिया, श्री आशीष अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री बलवीर डण्डौतिया, श्रमजीवी पत्रकार संघ के ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रभारी श्री सुरेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक श्री राजकुमार दुबे, जिला अध्यक्ष श्री रामशरण शर्मा एवं प्रदेश भर से आए पत्रकार साथी उपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की सबसे जागरूक कौम है। श्रमजीवी पत्रकार संघ मध्यप्रदेश का सबसे पुराना संगठन है। संगठन के अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया के नेतृत्व में प्रदेश भर में पत्रकारों के हित में यह संगठन कार्य कर रहा है। पत्रकार साथी निरंतर कार्य कर महत्वपूर्ण सूचनाओं को आम जन तक पहुँचाने के दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांत अध्यक्ष श्री भदौरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार संगठन की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकार बीमा कराने की तिथि बढ़ाने की घोषणा की, जिसके कारण प्रदेश भर के पत्रकारों को लाभ हुआ है। उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्रकारों के हित में विभिन्न माँगों का एक ज्ञापन भी सौंपा। श्री भदौरिया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पत्रकारों के हितों के लिये इन मांगों को प्रदेश सरकार शीघ्र पूर्ण करे। कार्यक्रम में प्रदेश भर के जिलों से आए श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्षों ने भी अपनी-अपनी बात रखी।   recent visitors 42

मुख्यमंत्री ने मुरैना में रोटरी क्लब के राहत स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिल जाये तो डॉक्टर उसके लिये भगवान बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव काया में कोई भी कष्ट बड़ी चुनौती होती है। आमजन की शारीरिक व्याधियों के उपचार के लिये चंबल में वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन और उसमें देश के बडे़ चिकित्सकों के आगमन पर प्रसन्नता के साथ ही आभार भी माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल की धरती वीरों की भूमि है। इस वीर भूमि के जवान हमेशा देश की रक्षा में आगे बढ़कर अपने प्राणों की आहुति देने के लिये तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने मुरैना के एसएएफ ग्राउण्ड में आयोजित रोटरी राहत वृहद स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ अवसर पर यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इसका लाभ सभी जरूरतमंदों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ के बाद ओपीडी के सभी काउंटरों का भ्रमण कर चिकित्सकों एवं रोटेरियन के सदस्यों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिविर में उपचार के लिये बेहतर प्रबंध किये गये हैं। चम्बल क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 5 हजार से अधिक मरीजों की समुचित रूप से स्क्रीनिंग की गयी है। स्क्रीनिंग के बाद विभिन्न वर्गों में विभाजित कर मरीजों के उपचार की व्यवस्था करना बड़ी बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अस्पताल प्रबंधन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा के रूप में दो भागों में विभाजित था। हमारी सरकार बनने के बाद हमने दोनों विभागों का एकीकरण कर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा बनाया है। इससे अस्पताल प्रबंधन आसान हुआ है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में बेहतर मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण कर नागरिकों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाये। सरकार द्वारा नागरिकों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्य शासन, जिले के प्रशासन एवं रोटरी क्लब की मदद से इस वृहद शिविर का आयोजन किया गया है। पहले चंबल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएँ इतनी अच्छी नहीं थी। मुरैना, श्योपुर एवं भिण्ड जिले को मिलाकर जहाँ 100 बिस्तरों की उपलब्धता थी, वहाँ आज 600 बिस्तर का अस्पताल मौजूद है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सदैव प्रयास किये जाते रहे हैं। गंभीर स्थिति में रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिये अन्यत्र ले जाने में आमजन की असमर्थता के कारण क्षेत्र में वर्ष 2017 में भी जिला प्रशासन की मदद से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। नेत्र शिविर लगाया गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन की मदद से ये शिविर सफल होगा। राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा ने कहा कि माहेश्वरी परिवार की मोहनप्यारी देवी जी की स्मृति में इस शिविर का आयोजन किया गया है। अभी तक इस मिशन के चलते सेवा भाव से हम 40 हजार से ज्यादा सर्जरी एवं लाखों ओपीडी की सेवाएँ दे चुके हैं। जहाँ भी रोटरी मिशन का आयोजन किया जाता है, वहाँ ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मिशन से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाता है। हमारी कोशिश रहेगी कि आगे भी महिलाओं में सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हम निःशुल्क करवा सकें। शिविर में ख्याति प्राप्त चिकित्सक देंगे अपनी सेवाएँ शिविर में कार्डियोलॉजिस्ट एवं कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रैहान मेदान्ता हॉस्पिटल से अपनी टीम से साथ एवं नेशनल हार्ट इंस्टिट्यूट के डॉ. ओ.पी. यादव, डॉ नितिश शाह ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट साइंस, एवं मैक्स एवं मनीपाल हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट अपनी सेवाएँ देंगे। अन्य विशेषज्ञो में ऑक्नोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश भूरानी रहेगें, अस्थिरोग में एम्स दिल्ली से डॉ. विवेक शंकर एवं नितिश नायक, डॉ. प्रकाश कोतवाल रहेगें। पेन के डॉ. नीरज जैन मैक्स दिल्ली से आकर सेवाऐं देंगे। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. मीनू वाजपेयी रेन्बो हॉस्पिटल दिल्ली से आ रही हैं। कामता शाह मुम्बई नानावटी हॉस्पिटल से, बच्चों मे हार्निया, हाइपोस्पेडियास एवं सभी बच्चों की आवश्यक सर्जरी करेगी। किडनी विशेषज्ञ डॉ. रावत सर गंगाराम हॉस्पिटल से, डॉ. एस.बी बंसल, मेदान्ता हॉस्पिटल से तथा लेप्रोस्कोपिक सर्जन, गॉल ब्लेडर, हार्निया, लेप्रोस्कोपिक पद्दति से डॉ. मुकुन्द खेतान एवं चंडीगढ़ से डॉ. परमार एवं उनकी टीम द्वारा किये जायेंगे। वेरियेटिक सर्जन इंदौर के डॉ. मोहक भण्डारी पेट के मोटेपन की वेरियेटिक सर्जरी करेंगे। दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल, सर गंगाराम हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ, बच्चेदानी के ऑपरेशन एवं जटिल ऑपरेशन का कार्य सभालेंगे। दिल्ली के श्रॉफ आई हॉस्पिटल की टीम तथा एम्स भोपाल, एम्स दिल्ली, अरविन्दो हॉस्पिटल इंदौर एवं चंडीगण हॉस्पिटल के विश्व प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा परामर्श एवं सर्जरी का कार्य 26 मार्च से लेकर 2 अप्रैल तक किया जाएगा। वंचित लोग 26 मार्च से 2 अप्रैल तक करा सकेंगे पंजीयन रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन राहत 2 वृहद स्वास्थ्य शिविर मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक लगेगा। शिविर में ओपीडी, खून की जाँच, बीपी शुगर, ईसीजी, आयुष्मान का काउन्टर एवं दवा वितरण किया जायेगा। शिविर में कार्डियोलॉजी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, फिजियोथेरेपी अन्य वरिष्ठ चिकित्सक अपनी सेवाएँ देंगे। ऑनलाइन मरीजों के पंजीयन किये जा रहे हैं। जनता 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक एसएएफ परेड ग्राउड में पंजीयन कराकर डॉक्टर से परामर्श ले सकते है। चिकित्सकों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में आये चिकित्सकों का सम्मान किया। इनमें कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. युगल मिश्रा नंदियाल, सीनियर प्रोफेसर एम्स दिल्ली डॉ. मीनू बाजपेयी, पद्मश्री से सम्मानित डॉ. निशित नायर, जबलपुर के ख्याति प्राप्त डॉ. धीरावनी शामिल थे। कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति राज्यसभा सांसद ग्वालियर श्री अशोक यादव, सांसद मुरैना-श्योपुर श्री शिवमंगल सिंह तोमर, सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, पूर्व मंत्री श्री मुंशी लाल, श्री गिर्राज डण्डोतिया, पूर्व विधायक श्री रघुराज कंषाना, रोटरी के पदाधिकारी श्री भूपेन्द्र जैन, चंबल कमिश्नर श्री मनोज खत्री, डीआईजी श्री कुमार सौरभ, समाजसेवी श्री कमलेश कुशवाह, डॉ. योगेशपाल गुप्ता, रोटरी के पदाधिकारी डॉ. संजीव बांदिल, डॉ. वीरेन्द्र गंगवाल सहित दिल्ली, हरियाणा, ग्वालियर, इंदौर से आये डॉक्टर्स और रोटरी मेडिकल … Read more

अगर मेरी 52 जुमा और होली एक बार आती है, वाली बात गलत थी तो कोर्ट जाते मुझे सजा करवाते: अनुज चौधरी

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में सीओ अनुज चौधरी एक और बड़ा बयान आया है. उन्होंने अपने 52 जुमे और एक होली वाले बयान को दोहराते हुए पूछा कि इसमें गलत क्या है. यदि इसमें कुछ भी गलत था तो आप कोर्ट जा सकते थे. उन्होंने इसी बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ईद की सेवइयां खिलानी हैं तो आपको भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि मन में कड़वाहट लेकर आप भाईचारे की बात नहीं कर सकते. सीओ अनुज चौधरी बुधवार को संभल में आयोजित पीस कमेटी की मीटिंग में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भाईचारे की बात तो तभी हो सकती है, जब दोनों ओर से मुंह मीठा हो. ऐसा नहीं है कि मन में कड़वाहट भरा हो और ऊपर से भाईचारे की बात हो जाए. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को समझाते हुए कहा कि यदि आप हमें ईद की सेवइयां खिलाना चाहते हैं तो आप को भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. इसी से भाईचारा मजबूत होगा. इस मौके पर उन्होंने अपना होली वाला बयान फिर से दोहराया. कहा कि हिंदुओं की होली साल में एक बार आती है और आपका जुमा हर हफ्ते आता है. इसलिए इसमें कुछ भी गलत नहीं है. भाईचारा के लिए सभी दिखाएं बड़ा दिल यदि किसी को गलत लगता है तो वह कोर्ट जा सकता है और इसके लिए उन्हें सजा भी करा सकता है. सीओ अनुज चौधरी ने कहा कि देश में और समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए सभी को बड़ा दिल दिखाना होगा. एसडीएम सदर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एएसपी श्रीचंद भी मौजूद रहे. बैठक में एसडीएम ने साफ तौर पर कहा कि ईद और अलविदा जुमा की नमाज किसी हाल में सड़क पर नहीं होगी. इसके अलावा मकान की छतों पर भी नमाज की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने इसकी वजह भी बताई. सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की अनुमति नहीं पीस कमेटी की बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए थे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा, सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। सीओ ने बिना किसी का नाम लिए सवाल किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए समान रूप से बात कही थी. ये विवाद होली से कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ जब उन्होंने कहा कि होली एक ऐसा त्योहार है जो साल में एक बार आता है, जबकि जुमे की नमाज 52 बार होती है. जो कोई भी होली के रंगों से असहज महसूस करता है, उसे उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमारा हमेशा से उद्देश्य रहा है कि हम जहां भी रहें, शांति भंग न हो." उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अपमान करना नहीं था, बल्कि सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देना था. अनुज चौधरी ने आपसी सम्मान और एक-दूसरे के उत्सवों में भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया. इसके साथ ही संभल में हुई हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई पर लगे आरोपों के बारे में भी बात करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं. इसके साथ ही मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया. बताते चलें कि संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद से ही तनाव व्याप्त है. इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में पुलिसवाले जख्मी हुए थे. ये हिंसा कोर्ट के आदेश के बाद जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई थी. लोगों ने इस सर्वे का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद इलाके में लंबे समय तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था. करीब सात दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.   इसके बाद 25 मार्च को संभल के शाहवाजपुर सूरा नगला गांव में आयोजित होने वाले वार्षिक नेजा मेले पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल को दरगाह पर तैनात किया गया था. किसी को भी वहां आने-जाने की अनुमति नहीं थी. इसे लेकर भी मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी गई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद्र ने बताया कि मंगलवार को मेला स्थल पर कोई सभा या कार्यक्रम नहीं हुआ है. यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. एएसपी ने कहा था, "यह मेला ऐतिहासिक रूप से एक लुटेरे, आक्रमणकारी और हत्यारे की याद में आयोजित किया जाता था. लोगों ने इस प्रथा की अनुपयुक्तता को समझ कर छोड़ दिया है.'' संभल के अधिकारियों ने आक्रमणकारी महमूद गजनवी के भतीजे सैयद सालार मसूद गाजी की याद में आयोजित होने वाले 'नेजा मेले' के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि देश को लूटने आए किसी व्यक्ति की स्मृति का महिमामंडन करना सही नहीं है.  recent visitors 43

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद

बेंगलुरू, देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन,  आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे। देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की। छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक – GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी। – क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी। – ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा। – कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा। – गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां 200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी। – BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। – पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं। recent visitors 29