मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 मार्च को 505 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 मार्च को मंत्रालय में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 23 हजार 162 प्रकरणों में 505 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग योजनांतर्गत वर्तमान तक 06 लाख 58 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 5 हजार 927 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिये जा चुके है।   recent visitors 40

कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ धमाकेदार जीत की दर्ज, डिकॉक ने नाबाद 97 रनों की पारी खेली

 कोलकाता  अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स को गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में 8 विकेट के अंतर से मात देकर सीजन में अपनी पहली जीत दर्ज की। मैच में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 151 रन बना सकी। इसके बाद जीत के लिए मिले 152 रन के लक्ष्य को केकआर ने 17.3 ओवर में क्विंटन डिकॉक की 97* (61) और अंगकृष रघुवंशी की 22* (17) रन की पारियों की बदौलत हासिल कर लिया। अजिंक्य रहाणे ने 18 (15) रन की पारी खेली। डिकॉक ने अपनी पारी में 8 चौके और 6 छक्के जड़े। राजस्थान ने 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 151 रन बनाए। जीत के लिए केकेआर को 152 रन का लक्ष्य मिला है। केकेआर की कसी हुई गेंदबाजी के सामने राजस्थान के बल्लेबाज शुरुआत से अंत तक दबाव मे ंरहे और खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर सके। राजस्थान के लिए सबसे ज्यादा 33 रन की पारी ध्रुव जुरेल ने खेली। 29 रन यशस्वी जायसवाल ने बनाए। केकेआर के लिए चार गेंदबाजों वैभव अरोड़ा, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती और मोईन अली ने 2-2 विकेट लिए। वहीं एक सफलता स्पेंसर जॉनसन को मिली। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में खेले जा रहे मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। दोनों टीमें एक-एक बदलाव के साथ मैच में उतरी हैं। केकेआर की टीम में सुनील नरेन की जगह मोईन अली को जगह मिली है। वहीं राजस्थान रॉयल्स की एकादश में फज़लहक फारूकी की जगह वनिंदु हसरंगा को शामिल किया। राजस्थान रॉयल्स की पारी का हाल:     टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की टीम। संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल ने की राजस्थान के लिए पारी की शुरुआत।     33 के स्कोर पर राजस्थान को पहला झटका संजू सैमसन के रूप में लगा। सैमसन वैभव अरोड़ा की गेंद पर बोल्ड हो गए। सैमसन ने 13 (11) रन की पारी खेली।     राजस्थान ने पॉवरप्ले में बनाए 1 विकेट पर 64 रन, जायसवाल के छक्के के साथ राजस्थान पहुंचा 50 रन के पार।     राजस्थान को दूसरा झटका आठवें ओवर की पांचवीं गेंद पर रियान पराग के रूप में लगा। पराग 25 रन बनाकर कैच विकेट के पीछे कैच दे बैठे।     पराग के आउट होने के बाद अगले ही ओवर में यशस्वी जायसवाल को मोईन अली ने अपने पहले ही ओवर की चौथी गेंद पर हर्षित राणा के हाथों कैच करा दिया। जायसवाल 29 (24) रन बना सके। recent visitors 52

कर्मयोगी बनें विषय पर कार्यशाला का राज्यपाल पटेल करेंगे शुभारंभ

भोपाल राजभवन में “कर्मयोगी बनें” विषय पर कल एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यशाला में शामिल होंगे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्राचीन ज्ञान और आधुनिक नेतृत्व-विधाओं के साथ संयोजित कर उपयोग करने का प्रशिक्षण देना है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में कर्मयोग के सिद्धांतों के समावेश, विकास और सेवा का वातावरण बना कर सकारात्मक बदलाव लाना है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं कुलसचिव, पी.एम. एक्सीलेंस और स्वशासी कॉलेज के प्राचार्य सहित विभिन्न संकायों के प्राध्यापक शामिल होंगे। तकनीकी सत्र “शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा में कर्मयोग” विषय पर दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक होगा। इस सत्र के मुख्य वक्ता मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग और केन्द्र सरकार के 'मिशन कर्मयोगी' के सदस्य प्रो. बालासुब्रमण्यम, ग्लोबल कन्वर्टर यूनाइटेड कॉन्शसनेस के संयोजक डॉ. विक्रांत सिंह तोमर, आई.आई.टी. कानपुर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. के. राधाकृष्णन और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली की कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुडी पंडित होंगे। “एक कर्मयोगी शिक्षाविद्-चुनौतियां और उसके समाधान” विषय पर चर्चा एवं संवाद सत्र का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।   recent visitors 32

सागर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जल्द ही कैंसर अस्प‍ताल की सुविधा शुरू होगी, 6 जिलों के कैंसर मरीजों को मिलेगा लाभ

सागर  बुंदेलखंड का पहला सरकारी कैंसर अस्पताल सागर में खुलेगा. 80 बिस्तरों वाले इस अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है. इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 70 करोड़ का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था. इस पर सहमति भी बन चुकी है. अब सिर्फ नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है. कैंसर अस्पताल को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की यूनिट के रूप में संचालित किया जाएगा. बीएमसी प्रबंधन ने पीडब्ल्यूडी से बिल्डिंग का प्रस्ताव तैयार कराया है. वहीं, डॉक्टर, स्टाफ और मशीनरी के लिए अलग से प्रस्ताव भेजा गया है. जिला अस्पताल के पीछे वाले हिस्से में भवन बनेगा. यह सागर का पहला सरकारी कैंसर अस्पताल होगा. यहां कैंसर के मरीजों को उचित इलाज मिलेगा. बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते 23 दिसंबर को कैंसर अस्पताल की घोषणा की थी. अभी जाते थे मुंबई, नागपुर सागर संभागीय मुख्यालय पर कैंसर अस्पताल शुरू होने से आसपास के 5-6 जिलों के कैंसर मरीजों को इलाज मिल पाएगा. अभी कैंसर के मरीजों को मुंबई, नागपुर, भोपाल और इंदौर जाना पड़ता है. कैंसर मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में रखने की जरूरत होती है, जिससे परिजन आर्थिक तौर पर टूट जाते हैं. 6 जिलों के मरीजों को लाभ बुंदेलखंड अंचल में महिलाओं में ब्रेस्ट और पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे ज्यादा हो रहा है. युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. बीएमसी और जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सागर, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी और पन्ना जिलों से औसतन 5-6 मरीज कैंसर के पाए जा रहे हैं. प्रथम स्टेज में ही कैंसर की पहचान होने से बड़े जोखिम से बचा जा सकता है. कैंसर अस्पताल बनने से सर्जरी और कीमोथेरेपी की सुविधा मिल सकेगी. शासन को भेजा प्रस्ताव बीएमसी के डीन डॉ. प्रमेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि कैंसर अस्पताल भवन के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था. इसकी तकनीकी स्वीकृति जल्द आएगी. विशेषज्ञ, स्टाफ और मशीनरी के लिए अलग से प्रस्ताव भेजा गया है. उम्मीद है कि सागर में जल्द कैंसर अस्पताल शुरू होगा.  बुंदेलखंड क्षेत्र में कैंसर के मरीजों की निरंतर बढती संख्या, मरीज हित में स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि को देखते हुए कैंसर अस्पताल खोला जाना आवश्यक है। बीएमसी में स्वीकृत होगा न्यूरोसर्जन का पद खाद्य मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बताया कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पिछले 15 सालों से न्यू‍रोसर्जन का पद स्वीकृत नहीं है। जिससे हेड इंजरी के मरीजों को इलाज के लिए सागर से बाहर जाना पड़ता है। कई बार रास्ते में इलाज के अभाव में मरीज दम तोड़ देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भरोसा दिया है कि जल्द ही मेडिकल कॉलेज सागर में न्यूरोसर्जन का पद स्वीकृत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर संभाग में 6 जिले सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी को मिलाकर सागर संभाग की संख्या करीब 79 लाख है। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय में सागर जिले और आसपास के जिलों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है। जिससे मरीज को उपचार के लिए अन्य महानगरों में जाना पड़ता है और उन्हें कई बार आर्थिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। सागर जिले में कैंसर अस्पताल की सुविधा होने से इन सभी समस्याओं का निदान हो सकेगा। बीएमसी में जल्द कैंसर अस्पताल शुरू कराने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है। recent visitors 51

साइबर हमले से निपटने, साइबर जालसाजों के नेटवर्क का राजफाश करने के लिए प्रदेश में साइबर कमांडो पदस्थ होंगे

भोपाल  देश में आतंकी घटनाओं से लेकर वीवीआईपी की सुरक्षा में जिस तरह कमांडो तैनात रहते हैं, उसी तरह साइबर हमले से निपटने, साइबर जालसाजों के नेटवर्क का राजफाश करने के लिए प्रदेश में कमांडो पदस्थ होंगे। अप्रैल से छह कमांडो काम करने लगेंगे। मप्र के लिए साइबर कमांडो के पहले बैच का छह माह का प्रशिक्षण 31 मार्च को पूरा हो रहा है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर में अलग-अलग बैच में मिलाकर पांच हजार कमांडो तैनात करने का निर्णय लिया है। दूसरे बैच में 39 पुलिसकर्मियों को भेजा जाएगा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि दूसरे बैच में प्रदेश के 39 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। परीक्षा के बाद इनका चयन भी हो चुका है। जल्द ही यह तय हो जाएगा कितने पुलिसकर्मियों को कहां प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशिक्षण लिए जाने वालों में आरक्षक से लेकर उप पुलिस अधीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। यह काम करेंगे साइबर कमांडो     साइबर सुरक्षा : साइबर खतरों से नेटवर्क और डाटा को सुरक्षित रखना।     साइबर हमले से सुरक्षा : कमांडो साइबर नेटवर्क या सिस्टम में हैकिंग और वायरस के हमलों से निपटने के लिए काम करेंगे। हमले की स्थिति में त्वरित निराकरण के लिए काम करेंगे। खतरों से आगाह भी करेंगे।     नेटवर्क की निगरानी : साइबर कमांडो की जिम्मेदारी नेटवर्क की निगरानी करने की रहेगी।     डेटा सुरक्षित रखने का काम : महत्वपूर्ण संस्थानों का डेटा लीक नहीं होने पाए, इसके लिए भी सुझाव देंगे।     अपराधों की जांच : बड़े साइबर अपराधों की जांच और डाटा के विश्लेषण में सहयोग करेंगे। साथ ही साइबर सुरक्षा की नीतियां बनाने में सहयोग करेंगे। दूसरे बैच के लिए भी चयन किया गया     हमारे छह पुलिसकर्मी साइबर कमांडो का प्रशिक्षण ले रहे हैं, जो शीघ्र आ जाएंगे। इसके अतिरिक्त दूसरे बैच के लिए भी चयन कर लिया गया है। – ए साई मनोहर, एडीजी साइबर   recent visitors 39

सरकार टैक्स चोरों या ब्लैक मनी रखने वालों को पकड़ने के लिए सोशल मीडिया मैसेज को भी खंगाल रही : सीतारमण

नई दिल्ली  व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम आदि पर आप भी मैसेज भेजते होंगे। उस पर आप अपनी निजी जानकारी भी किसी से शेयर करते होंगे। अभी तक ऐसा करते रहे हैं तो संभल जाइए। सरकार टैक्स चोरों या ब्लैक मनी रखने वालों को पकड़ने के लिए सोशल मीडिया मैसेज को भी खंगाल रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कल ही इसका खुलासा किया है। उन्होंने लोकसभा में इनकम टैक्स बिल, 2025 के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार टैक्स चोरी रोकने के लिए नए तरीके अपना रही है। गूगल मैप और व्हाट्सऐप मैसेज से सुराग सीतारमण ने बताया कि Google Maps की मदद से उन जगहों का पता चला जहां लोग कैश छुपाते थे। Instagram अकाउंट्स से 'बेनामी' संपत्ति के मालिकों का पता लगाया गया। WhatsApp मैसेज से क्रिप्टो एसेट्स से जुड़े 200 करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया। टेक्नोलॉजी से पकड़े जा रहे हैं चोर उन्होंने बताया, "Encrypted मैसेज से 250 करोड़ रुपये का काला धन मिला। क्रिप्टो एसेट्स के WhatsApp मैसेज से सबूत मिले हैं। WhatsApp से 200 करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया।" इसका मतलब है कि टैक्स अधिकारी अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके टैक्स चोरों को पकड़ रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स अधिकारियों को डिजिटल रिकॉर्ड देखने का अधिकार देना ज़रूरी है। इससे टैक्स चोरी और धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी वर्चुअल एसेट्स, जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी, का इस्तेमाल करके टैक्स न बचा पाए। नए बिल में ज्यादा अधिकार नए बिल के अनुसार, अधिकारियों को ईमेल, WhatsApp और Telegram जैसे कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स को एक्सेस करने का अधिकार होगा। वे बिजनेस सॉफ्टवेयर और सर्वर भी देख सकेंगे, जिनका इस्तेमाल वित्तीय लेनदेन को छुपाने के लिए किया जाता है। सीतारमण जी ने कहा कि सरकार टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि टैक्स कानून आधुनिक हों और टैक्स चोरी करने वालों को पकड़ा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का यह कदम टैक्स भरने वाले ईमानदार लोगों के लिए है, ताकि कोई भी टैक्स चोरी करके बच न सके। सरकार हर तरह से टैक्स चोरी रोकने के लिए तैयार है। recent visitors 45

इंदौर में ​होगा भोपाल से पहले 6 किमी के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर में मेट्रो का कमर्शियल रन, अंतिम मंजूरी का इंतजार

इंदौर मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) जनक कुमार गर्ग और अन्य अधिकारियों ने दो दिनों में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के एक हिस्से का जायजा लिया और तमाम व्यवस्थाओं की भी जांच की. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के एक अधिकारी ने बताया कि एमपीएमआरसीएल इंदौर में मेट्रो रेल का कमर्शियल संचालन शुरू करने के लिए सीएमआरएस की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है. उन्होंने कहा कि गर्ग के नेतृत्व में एक टीम ने सोमवार और मंगलवार को गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर तीन के बीच सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण, सिग्नल तंत्र, दूरसंचार प्रणाली और अन्य व्यवस्थाओं का निर्धारित मानकों पर परीक्षण किया. मेट्रो रेल अधिकारी ने कहा कि पहले चरण में शहर में 5.90 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी. उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया जा चुका है. अधिकारी के अनुसार, कुल 7500.80 करोड़ रुपये की लागत वाली इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का शिलान्यास 14 सितंबर 2019 को किया गया था. करीब 31.50 किलोमीटर का गोलाकार मेट्रो रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा. जल्द ही 80 की रफ्तार से दौड़ लगाएगी मेट्रो ट्रेन, जानिए किराया लंबे इंताजार के बीच मार्च के अंत तक इंदौर मेट्रो के कमर्शियल रन की संभावना है. कार्मशियल रन शुरू हो जाने से इंदौरवासियों को सफर करने में आसानी होगी. कार्मशियल रन शुरू होने से पहले कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग इंदौर पहुंचेंगे और मेट्रों का निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण के दौरान 80 की स्पीड से दौड़ेगी मेट्रो जानकारी के मुताबिक, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी जनक कुमार गर्ग 24 मार्च को इंदौर पहुंचेंगे. वे मेट्रो के निरीक्षण के लिए दो दिनों तक रहेंगे. वे सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर में बने पांचों मेट्रो स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करेंगे. इस दौरान सी-एमआरएस की टीम मेट्रो कोच में बैठकर गति निरीक्षण भी करेंगे. इस दौरान मेट्रो कोच को तय स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा. इससे पहले सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग  22 जनवरी को इंदौर में मेट्रो डिपो व कोच का निरीक्षण किया था. रेलवे से मिला अप्रूवल गौरतलब है कि भारत में मेट्रों रेलवे एक्ट के तहत संचालित होती है. ऐसे में मेट्रो को वाय-डक्ट पर चलाने से पहले रेलवे बोर्ड से अप्रूवल लेना होता है. रेलवे बोर्ड की तरफ से इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए मेट्रो कोच और ट्रैक से संबंधित अप्रूवल मिल गया है. रेलवे बोर्ड ने मेट्रो के कोच और ट्रैक को पूरी तरह से फिट बताया है. वहीं, अब रेलवे बोर्ड की मजूंरी के बाद  सी-एमआरएस से फाइनल चेक होना है. इस फाइनल चेकिंग के बाद मेट्रों का संचालन शुरू हो जाएगा. 15-30 मिनट पर होगा संचालन जानकारी के मुताबिक, इंदौर में मेट्रो के एक सेट का संचालन 15-30 मिनट के अंतराल पर होगा. हालांकि यात्रियों के संख्या के आधार पर समय को बढ़ाया घटाया जा सकता है. अगर बात करें किराया कि तो अभी तक इंदौर मेट्रो की तरफ से इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि बताया जा रहा है कि इंदौर मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपए हो सकता है. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि यात्रियों को शुरुआत में 10 रुपए का प्रमोशनल डिस्काउंट देने की भी योजना बन रही है. मेट्रो प्रबंधन ने  मार्च के अंतिम हफ्ते में इंदौर में कॉमर्शियल रन का टारगेट रखा था. लेकिन ऐसा लग रहा है कि यह रन अप्रैल माह में ही हो पाएगा. इंदौर मेट्रो का संचालन गांधीनगर मेट्रो स्टेशन से सुपर कॉरिडोर मेट्रो स्टेशन नंबर 3 के बीच 5.9 किलोमीटर के हिस्सों किया जाएगा.    recent visitors 41