आज गुवाहटी में होगा मुकाबला, राजस्थान रॉयल्स वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स मैच के लिए पिच रिपोर्ट क्या कहती है?

नई दिल्ली IPL 2025 का छठा मुकाबला आज राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच है। गुवाहटी में ये मुकाबला खेला जाएगा, जिसे राजस्थान रॉयल्स का दूसरा होम ग्राउंड कहा जाता है। गुवाहटी में राजस्थान की टीम पिछले दो सीजन से कम से कम दो-दो मुकाबले खेल रही है। इस बार भी टीम दो होम गेम यहां खेलने वाली है। इनमें से एक मुकाबला तो आज ही होना है, जबकि दूसरा मैच चेन्नई सुपर किंग्स यानी सीएसके से 30 मार्च को शेड्यूल है। हालांकि, आप यहां जान लीजिए कि राजस्थान रॉयल्स वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स मैच के लिए पिच रिपोर्ट क्या कहती है? क्या बल्लेबाजों की बल्ले-बल्ले होगी या गेंदबाज कहर बरपाएंगे? गुवाहटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम की बात करें तो यहां 4 मुकाबले अब तक आईपीएल के खेले गए, जिनमें पहले बल्लेबाजी करते हुए दो टीमें जीती हैं। वहीं, एक मैच बाद में बैटिंग करने वाली टीम जीती है। एक मैच बेनतीजा रहा है। पहली पारी का औसत स्कोर आईपीएल में इस मैदान में 135 रहा है। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के आंकड़े भी इस मैदान के लगभग इसी तरह के हैं, जहां सात मैचों के बाद पहली पारी का औसत स्कोर 137 है। ऐसे में यहां हाई स्कोरिंग मैच शायद ही देखने को मिले। वहीं, अगर बात गेंदबाजी की नजरिए से करें तो यहां पेसर्स हावी रहते हैं, लेकिन स्पिनरों को भी अच्छी खासी मदद इस पिच से मिलने की उम्मीद है। आईपीएल का सैंपल साइज यहां छोटा है, लेकिन फिर भी 66.67 फीसदी विकेट पेसर्स को मिले हैं और स्पिनरों को 33.33 फीसदी विकेट मिले हैं। टी20आई क्रिकेट में पेसर्स को 52.63 और स्पिनर्स को 47.37 फीसदी विकेट मिले हैं। इससे कहा जा सकता है कि इस पिच पर गेंदबाजों का बोलबाला देखने को मिलने की पूरी संभावना है। बल्लेबाज रनों के तरसते हुए नजर आ सकते हैं। recent visitors 46

मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार

रायपुर : जशपुर की छवि को राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर उकेरने मुख्यमंत्री साय की पहल: तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार रायपुर मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों—आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक (स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज), प्राकृतिक एवं वन्य जीव (नेचर एंड वाइल्ड लाइफ) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट—का लोकार्पण किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं पोंटून बोट में सवार होकर मधेश्वर महादेव के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया और कहा कि मयाली एडवेंचर ज़ोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहाँ एक्वा साइक्लिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बम्पर बोट जैसे एडवेंचर एक्टिविटी की शुरुआत की गई है। तीन नए पर्यटन सर्किटों की झलक मुख्यमंत्री साय द्वारा जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का लोकार्पण किया गया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं। स्पिरिचुअल और हेरिटेज सर्किट कोतेबीरा से शुरुआत होती है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पहाड़, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थलों से होकर गुजरता है—यह सर्किट श्रद्धा, विरासत और जनजातीय परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है। प्राकृतिक एवं वन्य जीव सर्किट उन पर्यटकों को आकर्षित करेगा जो प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारुडीह का चाय बागान तक शामिल हैं—प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा। साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच के शौकीनों को आकर्षित करेगा। इसमें दनगरी कैम्प साइट, बेलवार जलप्रपात, देशदेखा हिल कैम्प, सरना ईको एथेनिक रिसोर्ट और क्लाइम्बिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और नेचर-कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनेंगे। जनजातीय युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वास मुख्यमंत्री साय की पहल पर अब जशपुर के जनजातीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश के मियाड़ घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइम्बिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पर्यटन और युवाशक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय से अभियान में जाने वाले बच्चों ने मिलकर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें ये अनोखा अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन द्वारा युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराने की इच्छा दर्शाई थी जिसे तुरन्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उसने किलीमंजारो फतह किया। इसी तरह आपको भी खूब मेहनत कर राज्य का नाम ऊंचा करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा अब हमारी पारी है हम भी राज्य को गौरवान्वित करेंगे। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा—पर्यटन ने बदली जिंदगी मयाली नेचर कैम्प में कार्यरत लक्ष्मी एवं तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि पर्यटन की वजह से अब उन्हें नियमित आय मिल रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की काष्ठ-निर्मित कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री साय की यह पहल पर्यटन को सिर्फ सैर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और जनजातीय आत्मबल को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है। recent visitors 32

छत्तीसगढ़ में CBI का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम बघेल समेत कई IAS-IPS अफसरों के घर पर छापा

रायपुर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर और भिलाई में सीबीआई की टीम ने छापेमारी शुरू की है. एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी शुरू की है. महादेव बेटिंग ऐप मामले में बघेल के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी जारी है. ईडी के बाद सीबीआई ने भी महादेव बेटिंग ऐप मामले में एंट्री की है. इस मामले में हजारों करोड़ की ठगी की गई थी. सीबीआई के अधिकारी सुबह-सुबह भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंच गए. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी करने पहुंची है. इससे पहले ईडी की टीम ने भी इसी समय छापेमारी की थी.     अब CBI आई है.     आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. मिली जानकारी के अनुसार, CBI की 10 से अधिक टीमें 26 मार्च की तड़के पहुंची है। महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम बघेल, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के घर दबिश दी है। साथ ही अभिषेक पल्लव समेत चार IPS और सात पुलिस अफसरों के घर पर रेड पड़ी है। पूर्व सीएम के कार्यालय ने किया ट्वीट पूर्व सीएम के कार्यालय ने एक ट्वीट भी जारी किया है। जिसमें लिखा- अब सीबीआई आई है। अहमदाबाद में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित ड्राफ्टिंग कमेटी की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। उससे पूर्व ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है। वहीं मामले को लेकर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा- भाजपा की मोदी सरकार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर सीबीआई को भेजा है।    पूर्व डिप्टी सीएम ने कसा तंज मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का ट्वीट किया है। लिखा- बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है। ये केवल भूपेश की छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है।प्रदेश की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को चलाने में असमर्थ साबित हो रही है। इसीलिए जनता से जुड़े मुद्दों से का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रयास कर रही है।     बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है। ये केवल भूपेश जी छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है। CBI की कार्रवाई लोकतंत्र का हनन – पूर्व डिप्टी सीएम  पहले ED फिर CBI – जांच एजेंसियों को भाजपा की B team बन कर काम करने से फुर्सत ही नहीं है। अभी हाल में ED द्वारा विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई को रिपोर्ट खुद सरकार को जब दिखानी पड़ी तो निश्चित हो गया कि यह केवल धमकाने और परेशान करने का हथियार बना हुआ है। भाजपा द्वारा राजनीतिक द्वेष की भावना से की जा रही यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है। क्या है महादेव बेटिंग ऐप? महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था. दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें. हाल ही में हुई थी ED की रेड पिछले दिनों ईडी ने भूपेश बघेल के आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने का दावा किया था. इसकी गिनती के लिए ईडी अधिकारियों ने दो कैश गिनने वाली मशीनें मंगवाई थी. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए. ये मामला शराब घोटाले से जुड़ा था. recent visitors 26

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का  जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया। चिंतामन गणेश मंदिर स्थित महाकाल परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशाल जनसमूह ने स्वागत किया। इनमें बड़ी संख्या में महिला, बच्चे ,पुरूष सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान, नगर निगम सभापति श्रीमति कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़ और अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम जनता का आभार जताते हुए कहा कि आपके स्नेह और आशीष के बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है। आपसे मिले बिना जी नहीं भरता है। इसलिए मैं दौड़ के आपके पास चला आता हूं। उन्होंने कहा कि उज्जैन की भूमि पर उद्योगों की बहार आने लगी है। आज हमने 1200 करोड़ रुपए से अधिक के उद्योगों को लगाने के लिए भूमि-पूजन किया है। इसमें 5000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा और आने वाले समय में कई लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हमारे प्रदेश में आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकास के नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। लगातार प्रयास से हम सफलता पा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। विकास की रफ्तार अब नहीं रुकेगी। आम जनता और युवाओं को रोजगार उपलब्ध करने के लिए हम कृत संकल्पित हैं। सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव को फलों से तौला भी गया और मित्र मण्डल कार्यकर्ताओं ने कतार लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूल, मोतियों की माला से स्वागत किया। इस अवसर पर लोगों ने आत्मीयता से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद भी दिया।   recent visitors 30

मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की

व्यापार में कमिटमेंट का है सर्वाधिक महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश आ रहा है, उद्योग भी लग रहे है और रोजगार सृजित का सृजन कर विकास का लिखा जा रहा है नया अध्याय मुख्यमंत्री ने 1127 करोड़ की लागत की औद्योगिक इकाइयों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन औद्योगिक इकाइयों से 5046 युवाओं को मिलेगा रोजगार विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ की लागत वाले सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की कृपा से देश और प्रदेश में समृद्धि बरस रही है। सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली नगरी उज्जयिनी में पहली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ था। इसके बाद क्रमवार संभागीय मुख्यालयों पर 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इन आरआईसी में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'विकसित भारत' को साकार करने प्रदेश में 1127.24 करोड़ रुपए के निवेश से 26 विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर विकास का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। यह परियोजनाएं उज्जैन को एक नया औद्योगिक आयाम देंगी, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक और आर्थिक विकास होगा। इन इकाइयों से हमारे लगभग 5046 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। स्वच्छ भारत की परिकल्पना को समाहित कर प्रदेश में स्थित भारत के सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विक्रम व्यापार मेला उज्जैन में आयोजित औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापार वचन से होता है, व्यापार में वचन का ही सर्वाधिक महत्व है। मध्यप्रदेश सरकार औद्योगिकरण और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दिए गए वचनों को पूरा करने संपूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक  से प्रदेश की 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से प्रदेश को नंबर 1 बनायेंगे। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का जो सपना देखा है, वो साकार हो रहा है। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, इंदौर, देवास, धार, शाजापुर जिलों को मिलाकर एक नए मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन और विदिशा को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा। जबलपुर, ग्वालियर और उनके आस-पास के जिलों का भी विकास मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में भविष्य में किया जाएगा। इससे व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 का आयोजन भी किया जा रहा है। विक्रम व्यापार मेले में भी व्यापार व्यापक स्तर पर हो रहा है और बहुत अधिक संख्या में गाड़िया बिक रही है। अगले कुछ वर्षों में हम भव्य स्तर पर सिंहस्थ-2028 महापर्व का भी आयोजन करेंगे। आस्था का ये महाकुंभ अर्थव्यवस्था को गति देने में इतिहास लिखेगा और उज्जैन को प्रमुख वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा। इस वर्ष 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में सिंहस्थ के लिए 2 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है, जो आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करने के कार्य के लिए है। लाड़ली बहना हमारे प्रदेश का गौरव है, बजट में लाड़ली बहनों का विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में अमूल द्वारा दूध प्र-संस्करण का कारखाना भी स्थापित किया गया है। प्रदेश की सांची डेयरी को भी अमूल की तर्ज पर विकसित कर सांची को हम प्रदेश की पहचान बनाएंगे। उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महाकाल महालोक बनाए जाने के बाद धार्मिक पर्यटन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से अभी तक जिले में 60 करोड़ से अधिक धार्मिक पर्यटक आए है जिससे जिले में होटल व्यवसाय ने भी बहुत तरक्की की है। इस प्रकार उद्योग के साथ आध्यात्मिक विकास का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का हुआ सफल आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। जीआईएस में प्रधानमंत्री मोदी ने 18 नई औद्योगिक नीतियों की शुरूआत की। समिट के दौरान 70 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई और प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो 17 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने का अवसर प्रदान करेंगे। जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए विगत एक माह में 19 नवीन औद्योगिक इकाइयों को 315 हैक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश को 9168 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हो चुका है और इससे 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश अब औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। सरकार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है। प्रदेश में गरीब युवाओं, अन्नदाताओं, नारी शक्ति और सभी के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।प्रदेश के चंबल क्षेत्र में भी औद्योगिक विकास किया जा रहा है, अब वहाँ बंदूकों की आवाज की जगह औद्योगिक मशीनों की आवाज सुनाई दे रही है। झाबुआ में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही किसान भाइयों के लिए और दूध उत्पादन बढ़ाने विक्रम विश्वविद्यालय में प्रदेश का पहला डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूके, जर्मनी और जापान यात्राओं  में प्रदेश को एक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। वहाँ से मिले समर्थन और निवेशकों की इच्छाओं को देखकर हमें यह विश्वास हुआ कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में हाल ही में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद, जो निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, वे अब धरातल पर … Read more

PBKS की पहली जीत के बाद कप्‍तान Shreyas Iyer ने किया बड़ा खुलासा; दो गेंदबाजों की खूब की तारीफ

अहमदाबाद यह हाई-स्कोरिंग मैच आखिरी ओवर तक बेहद संघर्षपूर्ण रहा, जहां हर गेंद पर खेल का रुख बदलता नजर आया, लेकिन पंजाब के गेंदबाजों ने अंतिम क्षणों में शानदार प्रदर्शन कर गुजरात टाइटंस के जबड़े से जीत छीन ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी (97 रन) की बदौलत 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। उनकी इस धमाकेदार पारी में शानदार स्ट्रोकप्ले देखने को मिला, जिससे टीम को मजबूत आधार मिला। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम ने शानदार शुरुआत की और ऐसा लग रहा था कि वे आसानी से लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे, लेकिन मैच के अंतिम ओवरों में विजय कुमार वय्शक ने कसी हुई गेंदबाजी कर खेल का पूरा समीकरण बदल दिया। उनके सटीक यॉर्कर और बेहतरीन लाइन-लेंथ के आगे गुजरात के बल्लेबाज दबाव में आ गए और अंततः पूरी टीम 232 रन ही बना सकी, जिससे पंजाब ने 11 रन से मुकाबला जीत लिया। इससे पहले गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 243 रन बनाए और गुजरात को 244 रन का विशाल लक्ष्य दिया। श्रेयस अय्यर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रन बनाए, लेकिन वह अपने पहले आईपीएल शतक से चूक गए। श्रेयस अय्यर ने 42 गेंदों पर 97 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी इस शानदार पारी में पांच चौके और नौ छक्के जड़े। वहीं, शशांक सिंह ने नाबाद 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली। शशांक सिंह ने मात्र 16 गेंदों में 44 रन ठोकते हुए छह चौके और दो छक्के लगाए। प्रियांश आर्य ने 47 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे पंजाब किंग्स ने विशाल स्कोर खड़ा किया। गुजरात टाइटंस के लिए साई सुदर्शन (74) और जोस बटलर (54) ने शानदार पारियां खेलीं, जिससे एक समय ऐसा लग रहा था कि गुजरात आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेगा। दोनों बल्लेबाजों की मौजूदगी में गुजरात की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पंजाब किंग्स ने आखिरी ओवरों में जबरदस्त वापसी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। साई सुदर्शन ने 41 गेंदों में 74 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें उन्होंने पांच चौके और छह गगनचुंबी छक्के लगाए। वहीं, जोस बटलर ने 33 गेंदों में 54 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। पंजाब किंग्‍स के कप्‍तान श्रेयस अय्यर को उम्‍दा पारी खेलने के लिए प्‍लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अय्यर ने केवल 42 गेंदों में 5 चौके और 9 छक्‍के की मदद से नाबाद 97 रन बनाए। उन्‍हें शशांक सिंह का अच्‍छा साथ मिला, जिन्‍होंने केवल 16 गेंदों में 6 चौके और दो छक्‍के की मदद से नाबाद 44 रन बनाए। इन दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 81 रन की अविजित साझेदारी हुई। अपनी पारी से खुश श्रेयस अय्यर ने प्‍लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड लेने के बाद प्रसारणकर्ता से बातचीत में कहा, 'उत्‍साहित हूं। पहले ही मैच में नाबाद 97 रन बनाने से अच्‍छा महसूस हो रहा है। ईमानदारी से कहूं तो इससे बेहतर एहसास नहीं कुछ। मेरे लिए जरूरी था कि आगे आकर परिस्थितियों में खुद को ढालना। मैंने पहली गेंद पर चौका जमाया, जिससे काफी विश्‍वास बढ़ा।' एक शॉट ने सब बदल दिया कगिसो रबाडा की गेंद पर फ्ल‍िक के जरिये जो छक्‍का जमाया, मेरे ख्‍याल से वहां से पूरी तरह लय बदल गई। पिच में थोड़ा अतिरिक्‍त उछाल भी था। हमने परिस्थितियों में जल्‍द खुद को ढाल लिया। आपने देखा कि शशांक ने केवल 16 या 17 गेंदों में 44 रन ठोक दिए। हमने देखा कि ओस आ गई है तो हम जानते थे कि दृश्‍य बदलेंगे। अच्‍छी बात है कि हम अपनी रणनीति में कामयाब रहे। नए नियम से मिली मदद श्रेयस अय्यर ने अपने दो गेंदबाजों विजयकुमार वैशाक और अर्शदीप सिंह की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा, 'वैशाक मजेदार किरदार हैं। उनके पास कई मिश्रण हैं, जिसके कारण उनका एटीट्यूड शानदार है। उनकी सोच बहुत अच्‍छी है। उन्‍हें बाहर से देखकर बहुत खुशी हुई।' पंजाब किंग्‍स के कप्‍तान ने कहा, 'मेरे ख्‍याल से अर्शदीप ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि गेंद थोड़ी रिवर्स स्विंग हो रही है तो लार लगाने से मदद मिलेगी। हम सफल रहे। सीजन शुरू होने से पहले हमने कोई कमी नहीं छोड़ी। सभी अपनी मानसिकता के साथ आए। मैदान में सभी ने हिस्‍सा लिया और फैसले लेने में अपनी दिलचस्‍पी दिखाई। recent visitors 47

वैज्ञानिकों को समुन्द्र तल में 540 बिलियन डॉलर का विशाल लिथियम भंडार मिला, अमेरिका की हुई बल्ले -बल्ले

वॉशिंगटन  अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बहुत बड़े लिथिमय भंडार की खोज की है। इस बेशकीमती भंडार की खोज कैलिफोर्निया के साल्टन सागर के धुंधले पानी के नीचे की गई है। एक अनुमान के अनुसार, इस भंडार की कीमत 540 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकती है। लिथियम को सफेद सोना कहा जाता है, जो अमेरिका को इस धातु के मामले में आत्मनिर्भर बनने का एक मौका प्रदान कर सकता है। इससे विदेशी आयात पर उसकी निर्भरता काफी कम हो जाएगी। सफेद सोने को हासिल करने में चुनौती यह खोज अमेरिका के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इस खजाने को निकालने के लिए कई चुनौतियां भी आती हैं, जो स्थानीय समुदायों, पर्यावरण और भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती हैं। दक्षिणी कैलिफोर्निया के इंपीरियल काउंटी में स्थित साल्टन सागर लंबे समय से आकर्षण और चिंता का विषय रहा है। कभी पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य रहा यह झील पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। लिथियम का बड़ा भंडार इसकी सतह के नीचे दुनिया में लिथियम ब्राइन के सबसे बड़े भंडारों में से एक है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग की फंडिंग से किए गए हाल के अध्ययन बताते हैं कि झील के नीचे लगभग 1.8 करोड़ टन लिथियम दबा हुआ है। यह पहले पुष्ट किए गए 40 लाख टन से कहीं ज्यादा है। लिथियम का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी बनाने में होता है। यह ईवी बैटरी उद्योग का नया रूप दे सकता है। इससे 38.2 इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए पर्याप्त लिथियम उपलब्ध होगा। यह वर्तमान में अमेरिकी सड़कों पर चलने वाले वाहनों की कुल संख्या से भी ज्यादा है। चीन पर खत्म होगी निर्भरता अध्ययन में योगदान देने वाले कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, रिवरसाइड के प्रोफेसर ने खोज के महत्व पर जोर देते हुए कहा, यह दुनिया के सबसे बड़े लिथियम ब्राइन भंडारे में से एक है। इससे अमेरिका लिथियम में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकता है और चीन से इसका आयात बंद कर सकता है। बैटरी के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के चलते सफेद सोना कहे जाने वाले लिथियम के भंडार ने कैलिफोर्निया के राजनीतिक हलकों में भी उत्साह जगाया है। गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने खोज के बाद साल्टन सागर को लिथियम का सऊदी अरब कहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की लहर के कारण लिथियम की वैश्विक मांग आसमान छू रही है। ऐसे में अमेरिका के पास लिथियम उत्पादन में वैश्विक नेता के रूप में खुद को स्थापित करने का एक अनूठा अवसर है। संभवतः यह प्राथमिक आपूर्तिकर्ता के रूप में चीन को पीछे छोड़ सकता है। recent visitors 39