मध्‍य प्रदेश में गर्मी का मार्च शुरू, दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होने लगी

भोपाल वर्तमान में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है। इस वजह से दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होने लगी है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रदेश में इस सीजन में पहली बार रतलाम में लू चली। वहां दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। रात का सबसे कम 13.5 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में रिकार्ड हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 12.2 डिग्री पर रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। उसके बाद तापमान में कुछ गिरावट होने की संभावना है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के आसपास बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि हवा का रुख पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। तीन दिन में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उसके बाद तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है।   recent visitors 47

गुजरात को दिया पंजाब ने 244 का टारगेट, कप्तान अय्यर शतक से चूके

अहमदाबाद. आज आईपीएल 2025 का पांचवां मैच गुजरात टाइटंस (जीटी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीम अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आमने-सामने हैं। पीबीकेएस ने जीटी को 244 रनों का लक्ष्य दिया है। पंजाब ने टॉस गंवाने के बाद निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 243 रन बटोरे। श्रेयस अय्यर (97) अपने पहले आईपीएल शतक से चूक गए। शशांक सिंह 44 रन बनाकर नाबाद रहे। स्टोइनिस बने साई के शिकार पंजाब की आधी टीम पवेलियन लौट गई है। साई किशोर ने 16वें ओवर की दूसरी गेंद पर मार्कस स्टोइनिस का शिकार किया। उन्होंने 15 गेंदो में 20 रन बनाए, जिसमें एक चौका और दो छक्के शामिल हैं। स्टोइनिस ने अय्यर (64*) के संग पांचवें विकेट के लिए 57 रनों की पार्टनरशिप की। recent visitors 50

मुख्यमंत्री ने जन्मदिन पर गौ-अभयारण्य में लगाया आंवले का पौधा, विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत-भूमि की सनातन संस्कृति में जन्म होना हमारा सौभाग्य है। मेरा परम सौभाग्य है कि प्रदेश के सबसे बड़े गौ-अभयारण्य में जन्मदिन पर साधु-संतों एवं गौ-माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। ये हमारी संस्कृति को न केवल पुष्पित-पल्लवित करते है, बल्कि हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सालरिया में गौ-माताओं को शुद्ध घी से बने 6100 लड्डूओं का भोग लगाया। उन्होंने सालरिया में 58 करोड़ 93 लाख रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 186 स्व-सहायता समूहों को 6 करोड़ 12 लाख रूपये का बैंक ऋण वितरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या-पूजन कर उपहार भेंट किये। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जन्मदिन पर गौ-अभयारण्य सालरिया (सुसनेर) में एक वर्षीय वेदलक्षणा महा-महोत्सव अन्तर्गत गौ-कथा उपसंहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ हवन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता में हमारे 33 कोटि देवी-देवता विराजमान है, गौ-माता अपने आंचल से हमको जीवन देती है, यह प्रकृति के समान हमको जीना सिखाती है। उन्होंने कहा कि जो गाय पालते हैं, वे सभी गोपाल हैं। जिन घरों में गाय का कुल है, वह गोकुल हैं। हमें हर घर को गोकुल बनाना है। उन्होंने कहा कि जिस गांव में कोई विवाद न हों, जहां हर घर में गौ-माता हों, ऐसे गाँव को हम वृंदावन बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हर-घर में गौवंश बढ़ाने का निर्णय लिया है, इसके लिये निंरतर कार्य कर रही है, गौ-शालाओं को आहार अनुदान की राशि 20 रूपए से बढ़ाकर 40 रुपए की गई है। जो व्यक्ति अपने घर में 10 से अधिक गौवंश पालेगा, उसे भी सरकार अनुदान राशि देगी। इसके साथ ही पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन पर प्रति लीटर पर 5 रूपए बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में दूध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड से दुग्ध उत्पादन 20 प्रतिशत तक बढ़ाकर प्रदेश को देश में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। प्रदेश की सभी बड़ी नगर निगम में 10-10 हजार गौवंश की क्षमता वाली गौशालाओं बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में विकास के नये कीर्तिमान स्थापित हो रहे है। प्रधानमंत्री के 'ज्ञान पर ध्यान' के मंत्र को साकार करने के लिये प्रदेश सरकार कृत-संकल्पित होकर मिशन मोड में काम कर रही है। प्रदेश में हर एक किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का कार्य सरकार कर रही है। आने वाले समय में पार्वती-कालीसिंध-चंबल(पीकेसी) लिंक परियोजना से जिले के कृषकों को भी सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में वर्ष-2028 में होने वाला सिंहस्थ का आयोजन ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व होगा। आयोजन की भव्यता में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास के लिये रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव (आरआईसी) के साथ ही पहली बार राजधानी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का आयोजन किया। इससे क्षेत्रीय विकास के साथ प्रत्येक क्षेत्र के युवाओं के लिये स्थानीय स्तर पर रोजगार के नवीन अवसर सृजित करने का अभिनव प्रयास सफलतापूर्वक किया है। इनसे प्रदेश में 30 लाख 77 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। चहुमुँखी विकास कर आगर-मालवा को प्रदेश का नम्बर-1 जिला बनाएंगे। उन्होंने कहा कि आगर मे उद्योगों के लिय अपार संभावनाएँ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-अभयारण्य सालरिया में कुण्डालिया डेम से पानी लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जन्मदिन पर गौ-अभयारण्य में रोपा आँवले का पौधा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन्मदिन पर गौ-अभयारण्य सालरिया में आँवले का पौधा रोपा। किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौध-रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी अपने जन्मदिन, शादी-सालगिरह एवं अन्य विशेष अवसर पर पौध-रोपण कर उसकी सुरक्षा एवं संरक्षण कर पेड़ के रूप में विकसित करने का संकल्प लें। सालरिया में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ 1008 पौधों का गौ-अभयारण्य परिसर में रोपण किया गया। कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री श्री लखनसिंह पटेल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेंटवाल, विधायक श्री हरदीपसिंह डंग, विधायक आगर श्री मधु गेहलोत, विधायक सुसनेर श्री भैरूसिंह बापू, केन्द्रीय संरक्षण श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद महाराज, पूज्य स्वामी गोपालानन्दजी सरस्वती महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नी चौहान, जिलाध्यक्ष श्री ओम मालवीय, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पिंकी राजपाल, पूर्व विधायक श्री गोपाल परमार, श्री लालजीराम परमार, श्रीमती रेखा रत्नाकर, श्री फूलचन्द्र बेदिया, श्री लालजीराम मालवीय, श्री मुरलीधर पाटीदार, श्री विक्रम सिंह राणा, श्री बद्रीलाल सोनी, श्री चिंतामण राठौर, श्री गोविन्द सिंह बरखेड़ी, श्री सोनू गेहलोत, श्री दिलीप सकलेचा recent visitors 37

भारत की ज्ञान परंपरा को पुनः शोधित करके मनुष्य के जीवन के लिए उपयोगी बनाना होगा: इंदर सिंह परमार

भोपाल अटल इंक्यूबेशन सेंटर-रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी और आईसेक्ट ग्रुप के सहयोग से मध्य भारत के सबसे बड़े इनोवेशन कार्निवाल 'नवोन्मेष 2025' का उद्घाटन किया गया। इस कार्निवाल का उद्देश्य उद्यमिता, रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों में मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, आईसेक्ट ग्रुप के चेयरमैन श्री संतोष चौबे, स्कोप ग्लोबल स्किल विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप की डाइरेक्टर अदिति चतुर्वेदी वत्स,  आईसेक्ट की एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और गेट सेट पेरेंट की फाउंडर डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी, एआईसी-आरएनटीयू के निदेशक डॉ. नितिन वत्स, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो आर.पी. दुबे, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह और कुलसचिव डॉ. सीतेश सिन्हा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी द्वारा स्वागत वक्तव्य से हुई। उन्होंने बताया कि नवोन्मेष 2025 में देशभर से 1600 पार्टिसिपेंट्स ने रजिस्ट्रेशन किया। जिसमें 440 पार्टिसिपेंट्स को चयनित किया गया।  मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने विद्यार्थियों को दिया सशक्त संदेश मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग मंत्री ने कार्यक्रम में श्री संतोष चौबे द्वारा किए गए नवोन्मेष कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि श्री चौबे की दीर्घ तपस्या और अथक प्रयासों से स्किल्ड पेशेवरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी, जिससे उद्योग जगत को योग्य कर्मियों की आवश्यकता पूरी हो सकेगी। आगे उन्होंने कहा कि आजकल इंडस्ट्री में स्किल्ड लोग नहीं मिल रहे हैं, और श्री संतोष चौबे जी द्वारा किए जा रहे प्रयासों से इस कमी को पूरा किया जा सकेगा। उनके कार्य से विद्यार्थियों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र में भी समाधान प्राप्त होगा। इसके अलावा, यहां जो स्टार्टअप्स आए हैं, वे रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अतिरिक्त, मंत्री जी ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्ता को स्वीकार करते हुए कहा, भारत की ज्ञान परंपरा में विज्ञान, चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा की परंपरा समृद्ध रही है। हमें इसे पुनः शोधित करके मनुष्य के जीवन के लिए उपयोगी बनाना होगा। आईसेक्ट ग्रुप के चेयरमैन श्री संतोष चौबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि नवोन्मेष नई दिशा को खोजने का तरीका है और आईसेक्ट का आधार हिंदी भाषा रही है। हिंदी भाषा को प्रमोट करते हुए, आईसेक्ट ग्रुप ने तकनीकी शिक्षा, आर्गेनिक कृषि, और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा श्री संतोष चौबे, डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी और डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी की किताब 'बिग कंट्री, लिटिल बिजनेस' का विमोचन भी किया गया।  पर्सिसटेंस, एथिक्स और आरओआई का माइंडसेट से मिलती है सफलता – अमन गुप्ता कार्यक्रम में शार्क टैंक फेम और बोट कंपनी के को-फाउंडर अमन गुप्ता का की-नोट सेशन आयोजित किया गया जिसे डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी ने मॉडरेट किया। इस दौरान उन्होंने अपनी सक्सेस की जर्नी साझा करते हुए कहा कि माता पिता नौकरियों में थे तो एक मीडिल क्लास फैमिली वाली लाइफ को जिया है। पर हमेशा मन में अंदर से एक प्रेरणा आती थी कि हम भी कर लेंगे, कोई न कोई बिजनेस हम भी बना लेंगे। इसी प्रेरणा के चलते पहले सीए किया, फिर इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया। इसके बाद जेबीएल में जॉब कर रहे थे तो समझ आया कि बिजनेस करना है फिर क्या पांच बिजनेस ट्राय किए उसके बाद बोट के जरिए सफलता मिली। अपने वक्तव्य में उन्होंने सफलता के लिए 3 चीजों को आवश्यक बताया जिसमें पहला, “पर्सिसटेंस” यानि आप लगातार और बार-बार प्रयास करते रहें, दूसरा – “रिटर्न ऑफ इंवेस्टमेंट” (आरओआई) का माइंडसेट रखना चाहिए यानी 10 रुपए खर्च करो तो 100 बनाने पर दिमाग लगाते रहो। तीसरा- गवर्नेंस और एथिक्स का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि अक्सर स्टार्टअप गलत रास्ते पर चले जाते हैं और डूब जाते हैं। भारत में वर्तमान में स्टार्टअप परिदृष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत में बहुत अच्छा समय है स्टार्टअप्स के लिए। इंटरप्रेन्योर्स भी सेलेब्रिटी बनने लगे हैं वरना अब तक केवल क्रिकेटर या एक्टर ही सेलेब्रिटी बन पाते थे। स्टार्टअप शुरू करना भी आसान है। अगर आपके पास अच्छा आईडिया हो तो ठीक नहीं तो आप कोई चलते हुए बिजनेस आईडिया को कॉपी करके बेहतर एक्जीक्यूशन के जरिए भी अपना बिजनेस बना सकते हैं। यह आवश्यक है कि आईडिया को तेजी से एग्जीक्यूट किया जाए।    शार्क टैंक के बारे में बात करते हुए कहा अमन गुप्ता ने कहा कि यह शायद देश का अकेला नॉन स्क्रिप्टेड शो है और इसमें शार्क्स को भी नहीं पता होता है कि अगली पिच कौन सी आने वाली है। शार्क टैंक के अनुभव से  उन्होंने बडिंग स्टार्टअप्स की गलतियों को भी रेखांकित करते हुए कहा कि कई बार एंटरप्रेन्योर्स को अपने स्टार्टअप के बारे में ही ठीक से मालूम नहीं होता है जिसके चलते वे गलत नंबर्स दिखाते हैं और समझा नहीं पाते।   recent visitors 38

शराब के शौकीनों के लिए बड़ी सौगात, ठेकों पर लगी लम्बी-लम्बी कतार

नोएडा नोएडा में मंगलवार को शराब की दुकानों पर शराब प्रेमियों की भीड़ टूट पड़ी। देखते ही देखते कई दुकानों से शराब का स्टॉक खत्म हो गया। एक पेटी पर एक पेटी फ्री का ऑफर लेने के लिए दुकानों पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। शराब विक्रेताओं को 31 मार्च तक पुराना स्टॉक खत्म करना है, इसलिए शराब की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। नोएडा के सेक्टर 18 में शराब की दुकानों पर छूट की सूचना मिलते ही लोग की भीड़ उमड़ रही है। कुछ लोग लाइन में लगे हैं और कुछ लोग अपनी बारी न आने पर आपस में बहस करते नजर आ रहे हैं। तभी एक शख्स की मानो लाटरी लग गई है। वह पेटी के साथ दारू ले जाता दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार यह खबर यूपी के नोएडा से सामने आयी है। बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग का वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। ऐसे में जिन दुकानदारों के पास अभी कोटा बचा हुआ है वह आफर के साथ उसे बेचकर खत्म करने की जुगत लगा रहे हैं। इसीलिए नोएडा में कुछ चुनिंदा दुकानों ने अपना स्टॉक खत्म करने के लिए एक के साथ एक बोतल ​फ्री का आफर निकाला है। सस्ते में शराब खरीदने की होड़ के चलते कई ठेकों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्राहक पूरी पेटी ही खरीद कर ले जा रहे हैं। शराब के ठेकों पर लगी भीड़ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नोएडा में शराब की दुकानों पर भारी भीड़। इस भीड़ और मारामारी का कारण यह है कि पिछले दिनों ई-लाटरी से दुकानों का आवंटन किया गया है। जिसके चलते काफी पुराने शराब की दुकानें के संचालकों की ई-लाटरी में दुकानें नहीं मिल सकी। पुराने दुकानों पर 31 मार्च तक स्टॉक खत्म करना जरूरी है। जिसके चलते कई दुकानों ने शराब की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी है। नोएडा में शराब की दुकानों के बाहर कुछ वैसी ही भीड़ नजर आ रही है जिस तरह कुछ साल पहले दिल्ली में नई शराब नीति लागू होने के बाद एक पर एक बोतल मुफ्त वाली ऑफर के बाद दिखी थी। recent visitors 31

1 अप्रैल से 6% वाला गूगल टैक्स खत्म करेगा भारत?

मुंबई भारत सरकार 1 अप्रैल से उन विदेशी कंपनियों से "गूगल टैक्स" हटा देगी, जो डिजिटल विज्ञापनों के जरिए पैसा कमाती हैं। इसका मतलब यह है कि अब कंपनियों जैसे Google और Meta को भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं पर कम टैक्स देना पड़ेगा। इस बदलाव से इन कंपनियों को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि अब उन्हें पहले से कम टैक्स देना होगा, जिससे वे अपने कारोबार को और बढ़ा सकेंगी। Equalisation Levy क्या था? भारत सरकार ने इस टैक्स को "इक्वलाइजेशन लेवी" कहा था, जिसे 2016 में लागू किया गया था। यह टैक्स विदेशी कंपनियों पर लगाया जाता था जो भारतीय यूजर्स को ऑनलाइन सेवाएं देती थीं, जैसे विज्ञापन, शॉपिंग, और क्लाउड सेवाएं। इससे यह सुनिश्चित किया जाता था कि विदेशी कंपनियां भारतीय टैक्स सिस्टम का हिस्सा बने और भारत में उनके द्वारा किए गए कारोबार पर टैक्स लिया जाए। कैसे होगा इन कंपनियों को फायदा? अब इस 6% टैक्स को हटा दिया जाएगा, जिससे कंपनियों को भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं की कीमतें और ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाने का मौका मिलेगा। इससे इन कंपनियों को भारत में अपने ऑपरेशंस को और बढ़ाने का अवसर मिलेगा और वे भारतीय बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकेंगी। इन कंपनियों को अब भारत में अपनी डिजिटल सर्विसेस से होने वाली इनकम पर कम टैक्स देना होगा। इससे उनका कुल टैक्स बिल कम होगा और वे अपनी इनकम का ज्यादा हिस्सा अपने इन्वेस्टमेंट या ग्रोथ के लिए यूज कर सकेंगी। यह टैक्स कटौती अमेरिकी कंपनियों जैसे Google और Meta के लिए एक बड़ी राहत है, और इससे भारतीय डिजिटल मार्केट में और निवेश और विकास की संभावना बढ़ सकती है। EY के वरिष्ठ सलाहकार सुधीर कपाड़िया ने रॉयटर्स से कहा कि ये शुल्क हटाना सरकार का एक स्मार्ट कदम है, क्योंकि कलेक्‍शन बहुत अधिक नहीं था और यह अमेरिकी सरकार के लिए चिंता का विषय था. इस कदम को आगे के व्यापार विवादों को रोकने और एक स्थिर व्यापारिक माहौल बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.   गूगल और मेटा जैसे प्‍लेटफॉर्म पर विज्ञापन लागत कम करने से भारतीय व्यवसायों द्वारा डिजिटल विज्ञापन पर अधिक खर्च करने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप इन प्लैटफॉर्म पर अधिक विज्ञापनदाता आकर्षित होंगे और उनके राजस्व में वृद्धि होगी. इसके अलावा, इस कदम से इन तकनीकी कंपनियों के लिए प्रॉफिट में सुधार होने की संभावना है. इस फैसले से भारत के डिजिटल क्षेत्र में और अधिक विदेशी निवेश आने की भी उम्मीद है. डिजिटल विज्ञापन को सस्ता बनाकर सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और विकास और नवाचार के अवसर प्रदान करने की उम्मीद करती है. टैक्‍स हटाने के साथ-साथ सरकार विदेशी टेक कंपनियों को पहले से उपलब्ध कुछ टैक्‍स छूट को भी कैंसिल करने की योजना बना रही है. हालांकि टैक्‍स हटा दिया जाएगा, लेकिन इन कंपनियों पर अभी भी अन्य प्रावधानों के तहत टैक्‍स लगाया जा सकता है, जिससे एक संतुलित टैक्‍स बना रहेगा. recent visitors 42

प्रदेश का पहला पॉड होटल भोपाल स्टेशन पर खुल रहा , सस्ते में मिलेगा लग्जरी स्टे,अप्रैल में होगा भव्य उद्घाटन

भोपाल भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आरामदायक ठहराव के लिए एक नई पहल की गई है। प्रदेश का पहला पॉड होटल पूरी तरह से तैयार हो चुका है और जल्द ही इसका उद्घाटन भी किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पॉड होटल का उद्घाटन 3 या 4 अप्रैल को होने की संभावना जतायी जा रही है। इस अवसर पर रेलवे के जनरल मैनेजर शोभना बंदोपाध्याय डिविजनल मैनेजर देवांश त्रिपाठी और कई जन प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। आपको बता दें, यह पॉड होटल भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 6 पर बनाया गया है। इसका स्थान यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक है, वो इसलिए क्योंकि यह सीधे प्लेटफॉर्म पर स्थित है। यहाँ से यात्री आसानी से ट्रेनों तक पहुँच सकते हैं और अपने प्रस्थान समय तक आराम से ठहर सकते हैं। क्या होता है पॉड होटल? पॉड होटल जिसे कैपसूल होटल भी कहा जाता है, यह एक नई और मॉर्डन सुविधा है जो जापान से शुरू हुई। यह होटल छोटे-छोटे कैप्सूल जैसे कमरों में यात्रियों को ठहरने की जगह देता है। ख़ासतौर पर यह उन लोगों के लिए बिलकुल सही माना जा रहा है जो कम पैसों में आरामदायक को सुरक्षित जगह चाहते हैं। इस होटल की सबसे बड़ी ख़ास बात यह होती है कि इसमें कम जगह में ही बढ़िया सुविधाएँ मिलती है। हर कैप्सूल में एक बिस्तर, लाइट, चार्जिंग प्वाइंट, TV और फ़्री वाई फ़ाई की सुविधा भी मिलती है। इन कैप्सूल को कुछ इस तरह से बनाया जाता है कि यात्री आराम से सो सके और उन्हें प्राइवसी भी मिल सके। भोपाल में पॉड होटल की जरूरत भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस पॉड होटल की योजना बनाई गई थी। नई बिल्डिंग 20 अक्टूबर 2019 को शुरू की गई थी और लगभग 6 साल बाद यात्रियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध होने जा रही है। इससे पहले साल 2021 में मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर पहला पॉड होटल खोला गया था। अब भोपाल स्टेशन पर यह सुविधा यात्रियों के आरामदायक और किफायती ठहराव को सुनिश्चित करेगी। दो तरह के पॉड सिंगल पॉड यह पॉड एकल यात्रियों के लिए बनाया गया है जिन्हें कुछ घंटो यार रात भर के लिए आराम की ज़रूरत होती है। यह उन लोगों के लिए बेस्ट ऑप्शन हैं जो अकेले यात्रा कर रहे हैं और सुरक्षित और आरामदायक जगह चाहते हैं। फ़ैमिली पॉड यह पॉड परिवार या ग्रुप में यात्रा करने वाले लोगों के लिए हैं। इसमें एक साथ कई लोग ठहर सकते हैं। यह उन परिवारों या दोस्तों के लिए बहुत उपयोगी है, जो एक साथ यात्रा कर रहे हैं और एक ही जगह पर ठहरना चाहते हैं। फ़ैमिली पॉड में जगह थोड़ी ज़्यादा होती है, जिससे सभी लोग आराम से रह सकें। किराया क्या होगा? अभी तक पॉड होटल का किराया तय नहीं किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अगले दो दिनों में किराये का निर्धारण किया जाएगा। हालाँकि, यह उम्मीद की जा रही है कि किराया यात्रियों के लिए किफ़ायती होगा, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग सुविधा का लाभ उठा सकें। भोपाल में पॉड होटल की ज़रूरत क्यों? दरअसल, भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इसी को ध्यान में रखते हुए पॉड होटल बनाने की योजना बनायी गई। यहाँ हर दिन हज़ारों यात्री आते जाते हैं, और कई बार उन्हें कुछ घंटो या रात भर के लिए ठहरने की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में पॉड होटल जैसी सुविधा यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। recent visitors 28