शराब के शौकीनों के लिए बड़ी सौगात, ठेकों पर लगी लम्बी-लम्बी कतार

नोएडा नोएडा में मंगलवार को शराब की दुकानों पर शराब प्रेमियों की भीड़ टूट पड़ी। देखते ही देखते कई दुकानों से शराब का स्टॉक खत्म हो गया। एक पेटी पर एक पेटी फ्री का ऑफर लेने के लिए दुकानों पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। शराब विक्रेताओं को 31 मार्च तक पुराना स्टॉक खत्म करना है, इसलिए शराब की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। नोएडा के सेक्टर 18 में शराब की दुकानों पर छूट की सूचना मिलते ही लोग की भीड़ उमड़ रही है। कुछ लोग लाइन में लगे हैं और कुछ लोग अपनी बारी न आने पर आपस में बहस करते नजर आ रहे हैं। तभी एक शख्स की मानो लाटरी लग गई है। वह पेटी के साथ दारू ले जाता दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार यह खबर यूपी के नोएडा से सामने आयी है। बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग का वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। ऐसे में जिन दुकानदारों के पास अभी कोटा बचा हुआ है वह आफर के साथ उसे बेचकर खत्म करने की जुगत लगा रहे हैं। इसीलिए नोएडा में कुछ चुनिंदा दुकानों ने अपना स्टॉक खत्म करने के लिए एक के साथ एक बोतल ​फ्री का आफर निकाला है। सस्ते में शराब खरीदने की होड़ के चलते कई ठेकों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्राहक पूरी पेटी ही खरीद कर ले जा रहे हैं। शराब के ठेकों पर लगी भीड़ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नोएडा में शराब की दुकानों पर भारी भीड़। इस भीड़ और मारामारी का कारण यह है कि पिछले दिनों ई-लाटरी से दुकानों का आवंटन किया गया है। जिसके चलते काफी पुराने शराब की दुकानें के संचालकों की ई-लाटरी में दुकानें नहीं मिल सकी। पुराने दुकानों पर 31 मार्च तक स्टॉक खत्म करना जरूरी है। जिसके चलते कई दुकानों ने शराब की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी है। नोएडा में शराब की दुकानों के बाहर कुछ वैसी ही भीड़ नजर आ रही है जिस तरह कुछ साल पहले दिल्ली में नई शराब नीति लागू होने के बाद एक पर एक बोतल मुफ्त वाली ऑफर के बाद दिखी थी। recent visitors 29

यूपी में आवंटित हुईं शराब की करीब 26 हजार दुकानें, अब एक ही दुकान पर मिलेगी बीयर और अंग्रेजी शराब

लखनऊ उत्तर प्रदेश में अब बीयर और अंग्रेजी शराब एक ही दुकान पर मिल सकेगी. 1 अप्रैल से आवंटित हुई नई दुकानों में बीयर और अंग्रेजी शराब की उपलब्धता रहेगी. नई आबकारी के तहत प्रदेश में कुल 25 हजार से अधिक दुकानें आवंटित की गई हैं. आपको बता दें कि प्रदेश सरकार ने शराब की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है. पहले चरण में 25677 शराब की दुकानें आवंटित की गईं. नई आबकारी नीति के तहत पहली बार कंपोजिट शॉप का आवंटन किया गया है. लखनऊ में ई-लॉटरी से 543 देसी शराब, 400 कंपोजिट शॉप, 56 मॉडल शॉप और 42 भांग की दुकानों का आवंटन हुआ. इस आवंटन से राज्य सरकार को 4278.80 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस मिलेगी. इस प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, जिसके बाद ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानें आवंटित की गईं. आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के निर्देशन में प्रदेश में शराब और भांग की दुकानों के लाइसेंस के लिए पहले चरण की ई-लॉटरी पूरी हुई. आबकारी विभाग के मुताबिक, शराब की दुकानों के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे. इसके बाद ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानें आवंटित की गईं. राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई ई लॉटरी में लखनऊ के लिए 543 देसी शराब, 400 कंपोजिट शॉप, 56 मॉडल शॉप और 42 भांग की दुकानों का आवंटन हुआ. वहीं, 146 देसी मदिरा, 21 कंपोजिट शॉप, 142 भांग की दुकानों और 5 मॉडल शॉप का आवंटन दूसरे चरण में होगा. दुकानों और मॉडल शॉप का आवंटन इस दौरान कुल 25,677 शराब (90 फीसदी से अधिक) की दुकानों और मॉडल शॉप का आवंटन हुआ है.  इसमें देसी मदिरा की 15,906 दुकानें, 9341 कंपोजिट शॉप, 430 मॉडल शॉप के अलावा 1317 भांग की दुकानें भी शामिल हैं. आपको बता दें कि नई आबकारी नीति के तहत पहली बार कंपोजिट शॉप का आवंटन किया गया है. लखनऊ में ई लॉटरी से कितनी दुकानों का आवंटन  वहीं इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई ई लॉटरी में लखनऊ के लिए 543 देसी शराब, 400 कंपोजिट शॉप, 56 मॉडल शॉप और 42 भांग की दुकानों का आवंटन हुआ. दूसरे चरण  में होगा इतनी दुकानों का आवंटन इन दुकानों के आवंटन से राज्य सरकार को 4278.80 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस मिलेगी. 146 देसी मदिरा, 21 कंपोजिट शॉप, 142 भांग की दुकानों और 5 मॉडल शॉप का आवंटन दूसरे चरण में किया जाएगा. उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई है.  राज्य सरकार ने शराब की दुकानों के आवंटन के लिए ऑनलाइन प्रणाली को अपनाया है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके. यूपी में बंपर कमाई राजस्व के मामले में उत्तराखंड uttar pradesh से आगे है. यूपी में पिछले साल शराब बिक्री से 43 हजार करोड़ की कमाई हुई थी. इस बार टारगेट 50 हजार करोड़ रुपये का है. उत्तराखंड में आबकारी के राजस्व में प्रति व्यक्ति का औसत योगदान 4217 रुपये है. लेकिन कुल राजस्व पांच हजार करोड़ के करीब ही है. यह आंकड़ा पड़ोसी प्रदेश हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश के साथ ही हरियाणा और दिल्ली से कहीं ज्यादा है. अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने काफी तैयारी की हुई है. सभी जिलों में लॉटरी स्थल पर कड़ी सुरक्षा है. शराब के ठेकों की संख्या दूसरे राज्यों से कम होने के बाद भी राजस्व के मामले में उत्तराखंड आगे हैं. उत्तर प्रदेश का लक्ष्य एक लाख करोड़ अगर उत्तराखंड की जनसंख्या और आबकारी राजस्व की तुलना यूपी की जनसंख्या और राजस्व के हिसाब से की जाए तो वहां का राजस्व लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपए होना चाहिए.  हालांकि, वहां का लक्ष्य इस आंकड़े के करीब आधा यानी 50 हजार करोड़ रुपये ही है. उत्तराखंड में शराब बिक्री से राजस्व 5 हजार करोड़ के करीब है. कैसे होती है ई-लॉटरी शराब के ठेके की ई-लॉटरी एक ऑनलाइन प्रक्रिया है जिसमें शराब के ठेके के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों का चयन किया जाता है.  यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होने के लिए डिज़ाइन की जाती है.आवेदकों को पंजीकरण स्लिप या आईडी कार्ड से ही प्रवेश मिलता है. एक आवेदक को अधिकतम दो दुकानें.  एक आवेदक को प्रदेश में अधिकतम 2 दुकानें ही ई-लाटरी में आवंटित होती हैं.  यह दुकानें एक ही जिले या एक से अधिक जिले में भी हो सकती हैं.   recent visitors 58