आईपीएल के 18वें सीजन का ये 5वां मैच आज, पहला मैच खेलने उतरेगी गुजरात और पंजाब की टीम

नई दिल्ली गुजरात टाइटन्स और पंजाब किंग्स आज आईपीएल 2025 का अपना पहला मुकाबला खेलने उतरेंगी। आईपीएल के 18वें सीजन का ये 5वां मैच है। गुजरात ने एक बार खिताब जीता है, जबकि पंजाब किंग्स नए कप्तान की अगुआई में नए सीजन की शुरुआत करना चाहेगी। कप्तान के तौर पर शुभमन गिल के लिए पिछला सीजन अच्छा नहीं रहा, लेकिन गुजरात की टीम अपने घर पर कमाल की क्रिकेट खेलती रही है। ऐसे में पंजाब के लिए यहां चुनौती भरा सफर होगा। इस मैच में दोनों की प्लेइंग इलेवन कैसी होगी, ये जान लीजिए। सबसे पहले बात मेजबान गुजरात टाइटन्स की करते हैं, जिसमें कुछ नए चेहरे शामिल हुए हैं। शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत जोस बटलर करेंगे। ग्लेन फिलिप्स मध्य क्रम में होंगे। स्पिनर में राशिद खान का साथ वॉशिंगटन सुंदर देंगे। कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज पेस बॉलिंग में होंगे। इस तरह टीम हर मोर्चे पर मजबूत है। क्या मैदान पर भी खिलाड़ी दमदार प्रदर्शन करेंगे? ये देखने वाली बात होगी। पंजाब किंग्स की बात करें तो कप्तान से लेकर ऑलराउंडर तक पूरी टीम बदली-बदली नजर आएगी। श्रेयस अय्यर कप्तान हैं, लेकिन इस बार सवाल ये होगा कि ओपन कौन करेगा। एक तो प्रभसिमरन होंगे, दूसरे क्या मार्कस स्टोइनिस होंगे? ये देखना दिलचस्प होगा। पंजाब किंग्स काफी मजबूत लग रही है, क्योंकि उनके पास ऑलराउंडर से लेकर पेसर और स्पिनर सब दमदार हैं। मोटी-मोटी कीमत पर पंजाब किंग्स ने खिलाड़ियों को खरीदा है, क्योंकि उनके पास सबसे बड़ा पर्स था। दोनों टीमों का 18वें सीजन में यह पहला मुकाबला है। जीटी और पीबीकेएस की शाम साढ़े सात बजे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भिड़ंत होगी। टॉस सात बजे होगा। जीटी की कमान स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल के हाथों में है। जीटी पिछले सीजन में आठवें स्थान पर रही थी। वहीं, पंजाब का नेतृत्व श्रेयस अय्यर करेंगे। अय्यर आईपीएल के सफल कप्तानों में शामिल हैं। उनकी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने पिछले साल ट्रॉफी जीती थी। हालांकि, खिताब जीतने के बावजूद केकेआर ने अय्यर को रिटेन नहीं किया। अय्यर की अगुवाई में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) ने 2020 में फाइनल में जगह बनाई थी। अब अय्यर की नजर पंजाब को पहला खिताब जिताने पर होगी। गिल को इसलिए चाहिए 29 रन जीटी कैप्टन शुभमन गिल टी20 क्रिकेट में 4,500 रन पूरे करने के करीब हैं। उन्हें यह आंकड़ा छूने के लिए 29 रनों की जरूरत है। हेड-टू हेड रिकॉर्ड आईपीएल में गुजरात और पंजाब के बीच कुल 5 पांच खेले गए हैं। जीटी ने तीन और पीबीकेएस ने दो मैचों में जीत हासिल की। गुजरात ने पिछले साल पंजाब के खिलाफ आखिरी मैच में तीन विकेट से विजयी परचम फहराया था। गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग इलेवन शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर, साई सुदर्शन, शाहरुख खान, ग्लेन फिलिप्स, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, प्रसिध कृष्णा और मोहम्मद सिराज पंजाब किंग्स संभावित प्लेइंग इलेवन श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रभसिमरन सिंह, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, शशांक सिंह, नेहल वढेरा/प्रियांश आर्य, मार्को यानसेन, हरप्रीत बराड़, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल recent visitors 53

उप मुख्यमंत्री ने खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता प्रबंधन की समीक्षा में दिये निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "मन की बात" में देशवासियों को उचित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि संतुलित और स्वच्छ भोजन नागरिकों के स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और खाद्य संस्थानों को सही खाद्य पदार्थों का उपयोग और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिये की जा रही कार्यवाहियों और गतिविधियों की वृहद समीक्षा की। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, आयुक्त फूड सेफ्टी संदीप यादव, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश कुमार मौर्य, संयुक्त नियंत्रक श्रीमती माया अवस्थी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। हर ज़िले में हेल्दी और हाईजीनिक फ़ूड स्ट्रीट बनायें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि प्रदेश में एक महीने का विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया जाये। जिसमें सभी जिलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच हो साथ ही अच्छी प्रैक्टिस की जानकारी भी दी जाये। एक माह बाद खाद्य गुणवत्ता में सुधार के प्रभाव की समीक्षा कर आगामी कार्य योजना का निर्धारण किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी बेहतर तरीकों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने का प्रयास किया जाए ताकि वे अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता का प्रसार कर सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हर ज़िले में हेल्दी और हाईजेनिक फ़ूड स्ट्रीट प्रमाणन के प्रयास किए जायें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "ईट राइट इंडिया अभियान" को गति देगा और नागरिकों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश को आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि हेल्दी और हाइजीनिक फूड की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। 3 नवीन संभागीय खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं का किया जा रहा है निर्माण खाद्य पदार्थों की जाँच में तेज़ी लाने के लिये 3 नई संभागीय खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं का निर्माण इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में किया जा रहा है। इंदौर और जबलपुर में मशीनें स्थापित कर मानव संसाधन उपलब्ध कराकर परीक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। ग्वालियर में 60% सिविल कार्य पूरा हो चुका है। भोपाल में हाइटेक माइक्रो बॉयोलॉजी प्रयोगशाला का 80% निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। संयुक्त नियंत्रक श्रीमती अवस्थी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 अंतर्गत प्रदेश में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2024 तक 10,670 लीगल नमूने और 31,387 सर्विलेंस नमूने लिए गए, जिनमें से 30,692 नमूनों का विश्लेषण किया गया। इनमें 1,663 नमूने असुरक्षित, अवमानक या मिथ्या छाप पाए गए। विभाग ने 1,729 प्रकरण दायर किए और 2,015 प्रकरणों का निपटारा किया, जिनमें से 2,000 प्रकरणों में दोष सिद्धि हुई। इस अवधि में 24,485 लाइसेंस और 1,46,258 रजिस्ट्रेशन जारी किए गए। लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन से ₹12.47 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि ₹9.02 करोड़ का अर्थदंड अधिरोपित कर ₹2.98 करोड़ की वसूली की गई। 13 हज़ार से अधिक खाद्य कारोबारियों को किया जा चुका है प्रशिक्षित खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु 270 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 13,588 खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित किया गया है। चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से 563 जनजागरूकता कार्यक्रमों में 15,185 नागरिकों को प्रशिक्षण दिया गया। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल निर्माताओं को भारत सरकार के सहयोग से प्रशिक्षित किया गया। ‘ईट राइट’ गतिविधि के तहत 10 ईट राइट कैंपस, 9 ईट राइट स्कूल, 3 क्लीन वेजिटेबल मार्केट, 4 सेफ भोग प्लेस, 188 हाईजीन रेटिंग और 2 ईट राइट स्टेशनों को प्रमाणित किया गया है। अवमानक असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नियंत्रण के वैधानिक प्रावधान संयुक्त नियंत्रक श्रीमती अवस्थी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य पदार्थों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। अवमानक खाद्य (सब स्टैंडर्ड) वह होता है जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता, लेकिन इससे मानव स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं होता। मिथ्या छाप खाद्य (मिस ब्रांड) वह खाद्य पदार्थ है, जिसके संबंध में आवश्यक जानकारी या गुण-दोष लेवल पर सही तरीके से अंकित नहीं किए गए हों। वहीं, असुरक्षित खाद्य (अनसेफ) ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनकी प्रकृति, गुणवत्ता या सामग्री मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। अधिनियम के तहत दो प्रकार के प्रकरण अभियोजित किए जाते हैं। सिविल प्रकरण (धारा 51 से 58 एवं 61, 63) में अवमानक या मिथ्या छाप से संबंधित अपराध या नियमों का उल्लंघन होने पर मामले न्याय निर्णायक अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं। आपराधिक प्रकरण (धारा 59, 60, 62, 64, 65) में असुरक्षित खाद्य या बिना लाइसेंस व्यापार से जुड़े मामले प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत होते हैं, जिनमें अधिकतम आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।   recent visitors 33

15 दिवसीय विशेष अभियान : हैंडपंप और सार्वजनिक नलों की मरम्मत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है। बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में 'सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली' लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 41

दिल्ली: ‘जनता को अब ₹10 लाख का बीमा मिलेगा’, बजट में CM रेखा का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश कर रही हैं. यह 27 वर्षों में दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा प्रस्तुत पहला बजट है. बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रदूषण नियंत्रण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बजट के लिए जनता से सुझाव मांगे थे, जिसमें ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए 10,000 से ज्यादा सुझाव मिले थे.  सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के लिए नई औद्योगिक नीति पेश करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नई औद्योगिक नीति के साथ नई वेयरहाउस पॉलिसी लेकर आएगी. उन्होंने दिल्ली में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन का भी ऐलान किया. सीएम ने कहा कि व्यापार के लिए लोग दिल्ली से बाहर जा रहे हैं. एक रिडेवलपमेंट प्लान के तहत सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा, जिससे व्यापारी भाई अपना बिजनेस ठीक से कर सकें. उन्होंने कहा कि आज हम सदन में घोषणा करते हैं, ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाएगी. यह व्यापरियों की समस्याओं की पहचान करने के साथ ही उसका निवारण करेगी. दिल्ली विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने विधायक निधि के लिए 350 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की. सीएम ने कहा कि सभी विधायकों को काम करने के लिए पूरा फंड मिलेगा. अब विधायकों को फंड के लिए कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जेजे कॉलोनी (झुग्गी बस्तियों का विकास) के विकास के लिए 696 करोड़ रुपये आवंटित किए. उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'पिछली सरकार के मुख्यमंत्री ने अपने लिए शीश महल बनवाया, उसमें लाखों रुपये का टॉयलेट सीट लगवाया. हम झुग्गी वालों के लिए शौचालय बनाएंगे. लेकिन हमारी सरकार झुग्गियों का विकास करेगी. वहां पानी और सड़क पहुंचाएगी.' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 100 स्थानों पर अटल कैंटीन खोलेगी जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 50,000 अतिरिक्त सीसीटीवी लगाए जाएंगे. दिल्ली के सड़क परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास और एनसीआर के साथ कनेक्टिविटी पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.  बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ ही 10 फोकस एरिया को चिह्नित किया गया है. इसमें बिजली, पानी, और सड़क का विकास का शामिल है. सीएम ने कहा कि 2025-26 के बजट में इंफ्रा प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से 1 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. सीएम ने कहा कि हम दिल्ली को नया रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के बुनियादी ढांचे को हमारी सरकार मजबूत करके राष्ट्रीय राजधानी के तेज विकास की रफ्तार सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि ₹28,000 करोड़ के पूंजीगत व्यय से बीजेपी सरकार दिल्ली में सड़क, पुल, जल निकासी, ट्रांसपोर्ट और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में व्यापक सुधार करेगी. यह बजट दिल्ली को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर में बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है. दिल्ली सरकार के बजट में पीएम जन आरोग्य योजना के लिए 2,144 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसके तहत दिल्ली में पात्र लोगों को 10 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज मिलेगा. इसमें 5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 5 लाख रुपये दिल्ली सरकार देगी.  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में दिल्ली की महिलाओं के लिए महत्वकांक्षी योजना का ऐलान किया. उन्होंने सदन को बताया कि महिला समृद्धि योजना के लिए बजट में 5100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. बता दें कि बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में दिल्ली के महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा किया था.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार में सड़कों पर बहता सीवर का पानी दिल्ली की पहचान बन चुकी थी. उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी दिया जलता है.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपने बजट में आम आदमी पार्टी की सरकार के 15000 करोड़ रुपये की तुलना में 28000 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आवंटित किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पहली बार दिल्ली के इतिहास में ऐसा हुआ कि 2024 25 में बजट घटा. इस बार दिल्ली सरकार का बजट एक लाख करोड़ का है. पिछले साल की तुलना में 31.5% अधिक बजट है. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय पिछली सरकार के दौरान देश की तुलना में कम गति से बढ़ी. आम आदमी पार्टी की सरकार की इच्छा शक्ति काफी कम थी, वह ना खर्च कर पाई और ना लोगों की आय बढ़ा पाई.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 10 सालों में विकास के हर पैमाने पर दिल्ली फिसलती गई. यमुना की सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए कोई काम नहीं हुआ. पिछली सरकार की नीतियों की वजह से जनता त्रस्त रही.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपना बजट भाषण शुरू करते हुए कहा, आज एक ऐतिहासिक दिन है. यह साधारण बजट नहीं हैं. दिल्ली की नई सरकार जो ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में आई है, वह अपना पहला बजट पेश कर रही है. पूरा देश आज दिल्ली का बजट देखना चाहता है. ये केवल सरकारी लेखा-जोखा नहीं है बल्कि 10 साल से बेहाल दिल्ली को विकसित बनाने के लिए यह बजट है. दिल्ली बजट में 500 करोड़ रुपये का सीवेज ट्रीटमेंट प्लान दिल्ली बजट में इस बार सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पानी और सीवर अब समस्या नहीं रहेगी। सीएम ने कहा कि 250 करोड़ का प्रावधान पुरानी सीवर लाइन बदलने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि सीवर साफ करने के लिए 31 सुपर सकर मशीन किराये पर लाए गए हैं। जरूरत के हिसाब से और मशीने मंगाई जाएंगी। दिल्ली में खत्म होगा टैंकर घोटाला सिस्टम, टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगाएंगे दिल्ली … Read more

दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जारी है मुठभेड़, 5 नक्सली ढेर होने की खबर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर-नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। अब तक 5 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मौके से 3 शव और इंसास राइफल बरामद की गई है। नक्सलियों के बड़े कैडर्स की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने कोर इलाके में घेराबंदी की। करीब 500 जवान इस अभियान में शामिल हैं। फायरिंग सुबह 8 बजे से जारी है। इंद्रावती नदी के पार ऑपरेशन पुलिस को जानकारी मिली थी कि इंद्रावती नदी के पार भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी आधार पर एक दिन पहले दंतेवाड़ा और बीजापुर से जवानों को अभियान के लिए रवाना किया गया था। 25 मार्च की सुबह नक्सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। सूत्रों के मुताबिक, फोर्स ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय और एएसपी आरके बर्मन ने बताया कि मुठभेड़ जारी है। पूरी स्थिति सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही स्पष्ट होगी। दोनों ओर से हो रही फायरिंग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंगल में पहले से मौजूद नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से लगातार गोलियां चल रही हैं। खबर है कि जवानों ने नक्सलियों को घेर लिया है। मुठभेड़ के बारे में पूरी जानकारी कुछ देर बाद पता चलेगी। लेकिन माना जा रहा है कि फोर्स ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है, जिससे कई नक्सली मारे जा सकते हैं। नक्सलियों को हो सकता है भारी नुकसान दंतेवाड़ा के SP गौरव राय ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। फिलहाल मुठभेड़ जारी है और ज्यादा जानकारी का इंतजार है। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हो रही है जब बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस मुठभेड़ से नक्सलियों को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। चार दिन पहले इसी इलाके में 30 नक्सली मारे गए थे चार दिन पहले इसी इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 30 नक्सलियों को मार गिराया था। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर 26 और कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए थे। यह नक्सलियों के लिए उनके TCOC (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) माह में सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह हमला हाल ही में सरेंडर किए नक्सली दिनेश मोड़ियाम की सूचना के आधार पर किया गया था। recent visitors 49

सिंचाई के क्षेत्र में हासिल की अभूतपूर्व उपलब्धियां: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

जन्मदिवस पर विशेष भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर कहते हैं कि प्राचीन काल में भारत में पारस पत्थर हुआ करता था, जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता था। इस पारस पत्थर का काम पानी करता है जब वह सूखे खेतों पर पहुंचता है। जल के स्पर्श से खेतों में सुनहरी फसलें लहलहाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की धरती को "शस्य श्यामला" बनाने के संकल्प से ही जुड़ा हुआ है मुख्यमंत्री डॉ. यादव का "संकल्प "हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना" जिससे हर खेत में सुनहरी फसलें लहलहाएं और किसान समृद्धशाली बने। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे निरंतर जुटे हुए हैं और इसके परिणाम स्वरुप प्रदेश ने गत 1 वर्ष में सिंचाई के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने दो दशक पहले देश की नदियों को जोड़कर हर खेत तक पानी पहुंचाने का सपना देखा था, जो राज्यों के बीच जल विवाद के चलते दो दशकों से अधिक समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी महत्वाकांक्षी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार और राज्यों से निरंतर चर्चा कर इन परियोजनाओं के गतिरोध को समाप्त किया और प्रदेश ने दो बड़ी परियोजनाओं के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश आकर देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि अब महाराष्ट्र सरकार के साथ वार्ता के बाद विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वॉटर रीचार्ज अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना "ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना" का अवरोध दूर हो गया है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ इस संबंध में करार करने की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि "ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे।" केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। रूपये 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे। सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अन्तर्राज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केन्द्र के मध्य 28.01.2024 को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ और दोनों राज्यों एवं केन्द्र के मध्य 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ रूपये की है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 11 जिले क्रमशः गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों में कुल 6.14 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनीकरण से भिंड मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चत की जायेगी। परियोजना से लगभग 03 हजार 150 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी एवं इस समेकित परियोजना में मध्यप्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवहमान बने और सिहंस्थ 2028 में क्षिप्रा के जल में ही श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाए। क्षिप्रा नदी के जल को शुद्ध रखने के लिए 900 करोड़ रूपये की लागत की "कान्ह डयवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना'' के द्वारा कान्ह नदी के दूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जायेगा। वर्ष-2028 से पहले यह योजना पूर्ण कर ली जायेगी। क्षिप्रा को वर्ष भर अविरल, प्रवहमान बनाने के लिए उज्जैन जिले की सेवरखेडी एवं सिलारखेडी (लागत लगभग 615 करोड़) योजना का कार्य भी आंरभ हो गया है। इससे आमजन एवं श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष भर विशेष पर्वों पर उनकी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप क्षिप्रा नदी में स्नान करने का अवसर मिलेगा। क्षिप्रा नदी पर सिंहस्थ में स्नान सुविधा के लिये क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में घाटों का निर्माण किया जायेगा, जिसकी राशि रू. 778.91 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर को बढ़ाने, पेयजल संकट को दूर करने एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "अटल भू-जल योजना" प्रारंभ की गई है। यह योजना प्रदेश के 06 जिलों के 09 विकासखण्डों में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना से चयनित क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार होने से स्थानीय किसानों को लाभ प्राप्त होगा तथा किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल प्रदाय के लिये टिकाऊ जल स्त्रोत भी उपलब्ध हो सकेंगे। बांधों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बांधों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पूरी सजगता के साथ काम कर रही है। इसके लिये प्रदेश में "डैम सेफ्टी रिव्यू पेनल" गठित है, जो प्रतिवर्ष संवेदनशील बांधों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। आने वाले 05 वर्षों में प्रदेश के 27 बांधों की सुरक्षा एवं मरम्मत की जावेगी। इसके लिये विश्व बैंक के सहयोग से 551 करोड़ … Read more

लखनऊ के मुंह से आशुतोष-विपराज ने छीनी जीत, आखिरी पांच ओवरों में पलट दी हारी हुई बाजी, पंत हुए मायूस

 नई दिल्ली  आशुतोष शर्मा और विपराज निगम ने हैरतअंगेज बल्लेबाजी करते हुए सोमवार को लखनऊ सुपरजायंट्स के मुंह से जीत छीन दिल्ली कैपिटल्स को दे दी। इन दोनों की तूफानी पारियों के दम पर दिल्ली ने आईपीएल-2025 के अपने पहले मैच में लखनऊ को 1 विकेट से हरा दिया। दिल्ली को जीत के लिए 210 रन चाहिए थे। उसने अपने पांच विकेट 65 रनों पर ही खो दिए थे। ट्रिस्टन स्टब्स ने कुछ लड़ाई लड़ी। हालांकि वह 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर 113 के कुल स्कोर पर आउट हो गए। यहां से आशुतोष और विपराज ने जो अटैकिंग बैटिंग की है उसने सभी को हैरान कर दिया और दिल्ली को वहां से जीत दिलाई जहां से किसी को उम्मीद नहीं थी। ये दिल्ली की लखनऊ के खिलाफ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है। लखनऊ के लिए निकोलस पूरन ने 30 गेंदों पर 75 रनों की तूफानी पारी खेली जिसमें छह चौके और सात छक्के शामिल रहे। उनके अलावा मिचेल मार्श ने 36 गेंदों पर 72 रनों की पारी खेली जिसमें छह चौके और इतने ही छक्के जड़े। दिल्ली के लिए कोई भी मार्श और पूरन वाला काम नहीं कर सका। नहीं मिली अच्छी शुरुआत दिल्ली के पास जैक फ्रेसर मैक्गर्क और फाफ डु प्लेसी की सलामी जोड़ी है। ये दोनों अपनी तूफानी बैटिंग के लिए जाने जाते हैं, लेकिन शार्दुल ठाकुर ने दिल्ली का पूरा गेम बिगाड़ दिया। नीलामी में ठाकुर को किसी ने नहीं खरीदा था। मोहसिन खान के चोटिल होने के बाद वह टीम में आए और इस मैच में खेले। पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने मैक्गर्क (1) को बड़ोनी के हाथों में कैच कराया। इसके बाद उन्होंने अभिषेक पोरेल को पवेलियन की राह दिखाई। वह खाता तक नहीं खोल सके। समीर रिजवी को एम सिद्धार्थ ने अपना शिकार बनाया और दिल्ली को तीसरा झटका दिया। अक्षर और डुप्लेसी भी फेल उम्मीद अब डुप्लेसी और कप्तान अक्षर से थी। दोनों ने कुछ अच्छे शॉट्स मार उम्मीद भी जगाई। ज्यादा तेजी दिखाने के चक्कर में अक्षर, दिग्वेश राठी का शिकार बने। अक्षर ने 11 गेंदों पर 22 रन बनाए जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। रवि बिश्नोई ने डुप्लेसी को डेविड मिलर के हाथों कैच करा दिल्ली तो पांचवां झटका दिया। डुप्लेसी ने 18 गेंदों पर 29 रन बनाए। ट्रिस्टन स्टब्स आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को रास्ते पर लाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ज्यादा आगे नहीं जा सके। सिद्धार्थ की गेंद ने उनके डंडे उड़ा दिए। स्टब्स ने 22 गेंदों पर 34 रन बनाए। आशुतोष और विपराज निगम ने बांधा दिल्ली की टीम ने अभी भी हार नहीं मानी थी। आशुतोष शर्मा और विपराज निगम तेजी से रन बना टीम को जीत दिलाने की कोशिश में लगे हुए थे। इन दोनों ने 22 गेंदों पर 55 रन जोड़े। तभी 16वें ओवर के बाद टाइम आउट हुआ और इसके बाद पहली गेंद पर विपराज गलत शॉट खेल दिग्वेश का शिकार बने। उन्होंने 15 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्कों की मदद से 39 रन बनाए। 18वें ओवर की पहली गेंद पर बिश्नोई ने स्टार्क को आउट कर दिल्ली को आठवां झटका दिया। आशुतोष ने 18वें ओवर की आखिरी तीन गेंद पर छक्का, चौका और छक्का मार एक बार फिर दिल्ली को मैच में ला दिया। आखिरी दो ओवरों में दिल्ली को जीत के लिए 22 रन चाहिए थे। कुलदीप 19वें ओवर की पहली गेंद पर चौका मार तीसरी गेंद पर रन आउट हो गए। चौथी गेंद पर दो रन लेकर आशुतोष ने अपना अर्धशतक पूरा किया। आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर आशुतोष ने छक्का मार अपनी टीम को जीत दिलाई। लखनऊ का तूफान इससे पहले, पहली पारी खेलने उतरी लखनऊ ने विशाखापट्टनम के एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में तूफान ला दिया। मिचेल मार्श और एडेन मार्करम की जोड़ी ने टीम को तेज शुरुआत दी। पहले विकेट के लिए दोनों ने 46 रन जोड़े। विपराज निगम ने मार्करम को आउट कर दिल्ली को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने 15 रन बनाए। इसके बाद आया असली तूफान। मार्श और पूरन ने फिर दिल्ली के गेंदबाजों की अच्छे से खबर ली। मार्श ने 21 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों ने टीम का स्कोर 133 रनों तक पहुंचा दिया। मुकेश कुमार ने मार्श को 12वें ओवर की चौथी गेंद पर आउट कर लखनऊ को दूसरा झटका दिया। उनके बाद आए कप्तान पंत खाता तक नहीं खोल सके। हालांकि, पूरन एक छोर से मार रहे थे और लग रहा था कि लखनऊ आसानी से 230 के पार जाएगी। पूरन को मिचेल स्टार्क ने 15वें ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड कर लखनऊ को चौथा झटका दिया। यहां से फिर दिल्ली ने वापसी की। मिलर ने पहुंचाया 200 पार दिल्ली ने फिर बडोनी (4), ठाकुर (0), शाहबाज अहमद (9) के विकेट जल्दी खो लिए और यहां लगने लगा कि लखनऊ अब 200 के पार भी नहीं जा पाएगी। 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर रवि बिश्नोई भी आउट हो गए और उनके रूप में लखनऊ ने अपना आठवां विकेट खोया। आखिरी ओवर में डेविड मिलर ने दो छक्के मार टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। दिल्ली के लिए स्टार्क ने तीन विकेट लिए। कुलदीप के हिस्से दो विकेट आए। निगम और मुकेश कुमार को एक-एक सफलता मिली। recent visitors 47