रूसी तेल पर अमेरिकी बैन बेअसर, रूस के तेल का भारत में फिर से आयात बढ़ गया

नई दिल्ली रूसी तेल पर अमेरिकी बैन बेअसर नजर आ रहा है। भारत ने रूस से तेल खरीदना फिर से तेज कर दिया है। जनवरी और फरवरी के मुकाबले मार्च में इसमें तेजी आई है। जनवरी में अमेरिका ने रूस पर कुछ बैन लगाए थे। इसमें भारत और चीन बेचे जाने वाला कच्चा तेल भी शामिल था। यह बैन जो बाइडेन के प्रशासन ने लगाए थे। डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद भी ये बैन लगे हुए हैं। हालांकि रूस ने मार्च में तेल बेचने की रफ्तार बढ़ाई है। इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक भारत ने मार्च में रूस से काफी मात्रा में तेल खरीदा है। इसकी वजह ये है कि रूस का तेल आसानी से मिल रहा है। वहीं ज्यादातर तेल 60 डॉलर प्रति बैरल से कम कीमत पर मिल रहा है। इससे भारत को तेल लाने के लिए बिना पाबंदी वाले जहाज आसानी से मिल जा रहे हैं। रूस के पास तेल ज्यादा होने की एक बड़ी वजह ये भी है कि यूक्रेन ने रूस के तेल कारखानों पर ड्रोन से हमले किए हैं। इससे रूस में तेल की खपत कम हो गई है और वो तेल बाहर बेचने को मजबूर है। कितना खरीदा तेल? तेल बाजार पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर (Kpler) ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार मार्च के पहले 21 दिनों में भारत ने रूस से हर दिन औसतन 1.85 मिलियन बैरल तेल खरीदा है। फरवरी में ये आंकड़ा 1.47 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) था। वहीं जनवरी में यह 1.64 मिलियन bpd था। इसका मतलब है कि भारत ने मार्च में रूस से ज्यादा तेल खरीदा है। मार्च में भारत ने जितना भी तेल खरीदा है, उसमें से रूस की हिस्सेदारी 35 फीसदी से ज्यादा रही है। फरवरी में ये हिस्सेदारी 31% और जनवरी में 33% थी। भारत और चीन सबसे आगे जनवरी से मार्च के महीने में भारत ने रूस से हर दिन औसतन 1.75 मिलियन bpd तेल खरीदा है। पिछले दो सालों में भी भारत ने लगभग इतना ही तेल खरीदा था। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला कर दिया था। इसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया। तब से भारत और चीन, रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले देश बन गए हैं। बाइडेन प्रशासन ने लगाया था बैन रूसी तेल पर जनवरी में जो बाइडेन प्रशासन ने बैन लगाया था। बाइडेन ने यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने से कुछ दिनों पहले ही लिया था। इस दौरान बाइडेन प्रशासन ने 183 जहाजों पर भी बैन लगाया था। ये जहाज रूस से तेल लाने-ले जाने का काम करते थे। इसके अलावा उन्होंने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों और बीमा कंपनियों पर भी पाबंदी लगाई थी। जब बैन तो फिर क्यों आई तेजी? अब सवाल है कि जब अमेरिका ने रूसी तेल पर बैन लगाया है तो फिर ऐसे में रूस तेल क्यों बेच रहा है। दरअसल बैन के कारण भारत के तेल कारखानों को रूस से तेल लाने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी। वे ऐसे जहाजों और बीमा कंपनियों के साथ काम नहीं करना चाहते थे, जिन पर पाबंदी लगी हुई थी। लेकिन अब रूस के तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से कम हो गई है। ऐसे में जहाजों और बीमा की दिक्कत दूर हो गई। G7 देशों और उनके साथियों ने एक नियम बनाया है कि अगर रूस के तेल की कीमत 60 डॉलर से कम है तो पश्चिमी देशों के जहाज और बीमा कंपनियां रूस से तेल लाने-ले जाने में मदद कर सकती हैं। Kpler के डेटाबेस के अनुसार रूस से भारत आने वाले सभी जहाज बिना पाबंदी वाले हैं। recent visitors 51

मोहन यादव आज 25 मार्च को अपने जन्मदिन के दिन उज्जैन में रहेंगे, शहर में आयोजित होंगे कई कार्यक्रम

उज्जैन  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 25 मार्च को जन्मदिन है. मुख्यमंत्री के शहर उज्जैन में सड़के पोस्टर से पट गई है. यह भी संभावना जताई जा रही है कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए मुख्यमंत्री आज मंगलवार को उज्जैन आ सकते हैं. जिला प्रशासन द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 मार्च को अपने जन्मदिन के दिन उज्जैन में रहेंगे। वे कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित विक्रमोत्सव के पौराणिक फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री राम तिवारी ने इस बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कई विदेशी राजनयिक शिरकत करेंगे। इनमें वेनेजुएला के एच.ई. कैपाया रोड्रिग्ज गोंजालेज, राजदूत अल्फ्रेडो जीसस काल्डेरा गुज़मैन और क्यूबा की काउन्सलर मैलेना रोजास मदीना शामिल हैं। समारोह में मुंबई की सीमा कपूर की आत्मकथा 'यूं गुजरी है अब तलक' का लोकार्पण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर उनके स्वागत और सम्मान के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मोहन यादव का आज मंगलवार (25 मार्च) को जन्मदिन है. उनके जन्मदिन के पहले ही उज्जैन में बीजेपी नेताओं ने बधाई और स्वागत के पोस्टर से सड़कों को भर दिया है. मुख्यमंत्री भगवान महाकाल की पूजा अर्चना करने और आशीर्वाद लेने के लिए मंगलवार को उज्जैन भी आ सकते हैं. हालांकि, अभी इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह प्रयास लगाए जा रहे हैं कि वे अपने व्यस्ततम समय में से कुछ समय भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आने के लिए निकाल सकते हैं. सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन रहती है तैयारी उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के मुताबिक अभी आज मंगलवार (25 मार्च) के दौरे के संबंध में औपचारिक जानकारी नहीं आई है, मगर जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी रहती है. मुख्यमंत्री का उज्जैन गृह नगर है. ऐसे में कभी भी आ सकते हैं. पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री मोहन यादव के डर आने वाले दिनों में भी प्रस्तावित है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन तैयारी रहती है. पूरा परिवार साथ मनाता है जन्मदिन मुख्यमंत्री मोहन यादव का परिवार हर साल उनके जन्मदिन एक साथ एकत्रित होकर मानता है, क्योंकि वे भोपाल के सीएम हाउस में अकेले रहते हैं. उनका पूरा परिवार उज्जैन में रहता है, इसलिए परिवार के साथ भी वे समय व्यतीत करने के लिए उज्जैन आ सकते हैं. उज्जैन की सड़कों पर बड़ी संख्या में समर्थकों ने पोस्टर लगा दिए हैं. इससे भी यह संभावना है कि वे उज्जैन आ सकते हैं. recent visitors 37

Ladli Behna Yojana की अप्रैल में आएगी 23वीं किस्त, फिर खाते में आएंगे 1250 रुपए, क्या बढ़ेगी राशि?

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए अपडेट है। योजना के लिए नए पंजीयन कब से शुरू होंगे? कब राशि बढ़ाई जाएगी? विधानसभा में विपक्ष द्वारा पूछे गए इस सवाल पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने और नई लाडली बहनों के नाम जोड़ने का विभाग स्तर पर कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्री ने आगे कहा कि अब तक 15,748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद हटाए गए हैं, जबकि 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली 3,19,991 महिलाओं के नाम स्वतः पोर्टल से हट गए हैं। हालांकि राशि 1250 रुपए से बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक करने को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव कई बार ऐलान कर चुके हैं। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सवाल किया था कि क्या सरकार दोबारा से नए पंजीयन शुरू करेगी और ₹3,000 की राशि देने का वादा कब पूरा होगा?इस पर मंत्री ने यह जवाब दिया है। 8 मार्च शनिवार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सीएम मोहन यादव ने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 22वीं किस्त के 1552.73 करोड़ की राशि और 26 लाख बहनों के खाते में सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 55.95 करोड़ की राशि अंतरित कर दी है।अब अप्रैल में 23वीं किस्त जारी की जाएगी।इसके तहत फिर 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे।चुंकी आमतौर पर हर माह की 10 तारीख को योजना की राशि जारी होती है हालांकि कई बार त्यौहार और विशेष अवसर पर समय से पहले भी पैसे भेजे जाते है।अब देखना है कि इस बार अगली राशि कब आएगी। लाड़ली बहना योजना में हर माह मिलते है 1250 रु     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।     जनवरी 2024 से फरवरी 2025 तक लाड़ली बहनों के खाते में 22 हजार 227.89 करोड़ की राशि जारी की गई है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। इन लाड़ली बहनों को मिलता है योजना का लाभ     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है। ऐसे करें चेक अबतक की अपडेट     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। recent visitors 52

मध्य प्रदेश सरकार अंगदान करने वालों के स्वजन को एक और बड़ी सुविधा देने जा रही, मिलेगा इस योजना का लाभ

भोपाल अंगदानियों को अंतिम संस्कार के समय 'गार्ड आफ आनर' देने का निर्णय लेने के बाद मध्य प्रदेश सरकार उनके स्वजन को एक और बड़ी सुविधा देने जा रही है। उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाएगा, जिसमें प्रति परिवार वर्ष में पांच लाख रुपये तक निश्शुल्क उपचार की सुविधा रहेगी। इसमें आय सीमा का कोई बंधन नहीं रहेगा। इसके प्रचार-प्रसार व जागरूकता के लिए 18 लाख रुपये से डाक्यूमेंट्री बनवाई जा रही है। ब्रेन डेड रोगियों के अंगदान के लिए स्वजन को प्रोत्साहित करने को प्रदेश सरकार यह कदम उठाने जा रही है। इसके अलावा स्टेट आर्गन एवं टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन एक पोर्टल भी तैयार कर रहा है, जिसमें अंगदान करने वाले और जरूरतमंद दोनों पंजीयन करा सकेंगे। पोर्टल में अंगदान के नियम प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी। तमिलनाडु अंगदान में सबसे आगे बता दें कि नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन की वर्ष 2023 में अंगदान की रिपोर्ट के अनुसार अंगदान के मामले में तमिलनाडु देश में अव्वल है। जहां वर्ष 2023 में 500 से अधिक अंग प्रत्यारोपण हुए। इसके बाद तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात का नंबर है। एमपी में 2016 से अब तक 243 अंगदान हुए मध्य प्रदेश में वर्ष 2016 से अब तक करीब 65 ब्रेन डेड लोगों के 243 अंगदान हुए हैं। इस लिहाज से यहां जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश के कुछ बड़े निजी और सरकारी अस्पतालों में हार्ट सहित सभी अंगों के प्रत्यारोपण की सुविधा है। दरअसल, 'आयुष्मान भारत' केंद्र की योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों मिलकर प्रीमियम देते हैं, पर राज्य आवश्यकता के अनुसार कुछ समूहों को अलग से जोड़ सकते हैं। इनका प्रीमियम राज्य सरकार चुकाती है। ब्रेन डेड के अंगदान जब किसी व्यक्ति का ब्रेन(दिमाग) काम करना बंद कर देता है, पर दिल काम करता रहता है, तो इसे ब्रेन डेड की अवस्था कहा जाता है। ऐसे रोगियों का कुछ घंटे बाद दिल भी काम करना बंद कर देता है। उसके पहले उसके अंग निकाले जाते हैं। फेफड़ा, हार्ट, दो किडनी, लिवर, पैंक्रियाज, कार्निया दान की जा सकती है। डाक्यूमेंट्री भी तैयार कराई जा रही     अंगदान करने वालों के स्वजन को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाएगा। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर पर निर्णय हो जाएगा। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कई प्रयास किए जा रहे हैं। डाक्यूमेंट्री तैयार कराई जा रही है। – डॉ. एके श्रीवास्तव, संचालक चिकित्सा शिक्षा मप्र।   recent visitors 45

इंदौर में 200 स्कूल 31 मार्च से बंद होंगे, हजारों विद्यार्थी प्रभावित

इंदौर इंदौर में लगभग 200 स्कूल बंद होने वाले हैं। यह स्कूल नए नियमों का पालन नहीं कर पाए। इस कारण 2025-26 के सत्र से इन्हें बंद किया जा रहा है। इससे हजारों छात्र प्रभावित होंगे। छात्रों और अभिभावकों को स्कूल बंद होने की जानकारी नहीं दी गई है। प्रशासन ने इन छात्रों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है। छात्रों को दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने में परेशानी हो सकती है। खासकर गरीब परिवारों के बच्चों को दिक्कत आएगी। ये 200 स्कूल 31 मार्च से बंद हो जाएंगे। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि उन्होंने मान्यता के नए नियमों का पालन नहीं किया। राज्य सरकार ने कहा था कि 2025-26 सत्र के लिए मान्यता नवीनीकरण 20 मार्च तक कराना होगा। जिले के 1684 स्कूलों में से केवल 1478 ने ही नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। अब उनका निरीक्षण चल रहा है। 1 अप्रैल से बंद हो जाएंगे ये स्कूल जिन 206 स्कूलों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया, वे 31 मार्च से बंद हो जाएंगे। इससे हजारों छात्र सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। ज्यादातर स्कूलों ने अभिभावकों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। कई छात्र परीक्षा दे चुके हैं और अगली कक्षा में जाने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनका स्कूल 1 अप्रैल से बंद हो जाएगा। एडमिशन के लिए बच्चे होंगे परेशान स्कूल बंद होने की वजह से अभिभावकों ने दूसरे स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इससे स्थिति और भी मुश्किल हो गई है। सरकार ने 1 अप्रैल से सरकारी स्कूलों में 'एडमिशन फेस्टिवल' शुरू करने की घोषणा की है। लेकिन बंद हो रहे स्कूलों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। गरीब बच्चों के लिए खासी परेशानी अधिकारियों का कहना है कि छात्र अपनी पसंद के किसी भी स्कूल में दाखिला ले सकते हैं। लेकिन गरीब परिवारों के छात्रों के लिए यह आसान नहीं होगा। कई स्कूल जो बंद होने वाले हैं, वे पिछड़े इलाकों में हैं। वहां प्राइवेट स्कूल कम हैं या छात्रों के घरों से बहुत दूर हैं। प्राइवेट स्कूलों में सीटें भी कम हैं। इसलिए सभी छात्रों को दाखिला मिलना मुश्किल है। ऐसे में सरकारी स्कूल ही एकमात्र विकल्प हैं। अधिकारी का कहना जिला परियोजना समन्वयक संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रभावित छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए 25 अप्रैल के बाद एक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन स्कूलों को मान्यता नहीं मिली है, उन्हें भी कहा गया है कि वे अभिभावकों को दूसरे स्कूल चुनने के लिए कहें। प्रशासन ने अधिकारियों को 25 मार्च तक 100% नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नए छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें मिलेंगी और सीनियर छात्र उनका स्वागत करेंगे।   recent visitors 43

IMF के अनुसार पिछले दशक में भारत की GDP दोगुनी हुई, 2025 में अर्थव्यवस्था $4.3 ट्रिलियन होगी, जापान और जर्मनी से आगे निकल जाएगी.

नई दिल्ली भारत की अर्थव्यवस्था बीते 10 वर्षों में तेजी से बढ़ी है और इसकी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में दोगुनी हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत की जीडीपी 2015 में 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी, जो 2025 में बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है। नीतिगत सुधार और स्थिर आर्थिक विकास से सम्भव हुई तेज आर्थिक वृद्धि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के चलते भारत 2025 में जापान और 2027 में जर्मनी को पीछे छोड़ देगा। इससे भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। IMF ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि का मुख्य कारण मजबूत नीतिगत सुधार और स्थिर आर्थिक विकास है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि साहसिक आर्थिक नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और व्यापार करने में आसानी पर फोकस के कारण भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद किसी भी सरकार को यह सफलता हासिल नहीं हुई थी। 2025 तक जर्मनी, 2027 तक जापान को छोड़ देगी पीछे बीजेपी नेता अमित मालवीय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की गई पोस्ट में कहा गया कि विकास की यह गति भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करती है, जो 2025 तक जापान और 2027 तक जर्मनी को पीछे छोड़ देगी. मालवीय ने आगे कहा कि यह असाधारण उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी सरकार के अथक प्रयासों का प्रमाण है. सक्रिय आर्थिक नीतियों, साहसिक संरचनात्मक सुधारों और व्यापार करने में आसानी पर निरंतर फोकस के माध्यम से मोदी सरकार ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना दिया है. शानदार वृद्धि के पीछे कई अन्य कारक मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। मजबूत स्टार्टअप तंत्र और आईटी क्षेत्र की निरंतर प्रगति ने भी आर्थिक विकास को गति दी है। 10 साल में कोई और देश भी आसपास नहीं देश 2015 में जीडीपी 2025 में जीडीपी वृद्धि दर जर्मनी 3.4 4.9 44% जापान 4.4 4.4 0% यूके 2.9 3.7 28% फ्रांस 2.4 3.3 38% इटली 1.8 2.5 39% कनाडा 1.6 2.3 44% ब्राजील 1.8 2.3 28% रूस 1.4 2.2 57% द. कोरिया 1.5 1.9 27% ऑस्ट्रेलिया 1.2 1.9 58% स्पेन 1.2 1.8 50%   महत्वपूर्ण सुधारों को अपनाने में करता है मदद   अमित मालवीय ने साथ ही कहा कि यह एक ऐसी उपलब्धि जो आजादी के बाद से किसी भी पिछली सरकार को हासिल नहीं हुई थी. इस महीने की शुरुआत में, भारत की विवेकपूर्ण नीतियों की सराहना करते हुए आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा है कि देश का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए महत्वपूर्ण सुधारों को अपनाने में मदद कर सकता है.आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा कि संरचनात्मक सुधार देश में उच्च-गुणवत्ता की नौकरियां पैदा करने और निवेश के लिए काफी जरूरी हैं. इस महीने की शुरुआत में IMF के कार्यकारी बोर्ड ने भी भारत की आर्थिक नीतियों की तारीफ की। बोर्ड ने कहा कि भारत का मजबूत प्रदर्शन उसे 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने में मदद कर सकता है। IMF ने यह भी सुझाव दिया कि भारत को लेबर मार्केट में सुधार करने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों का सृजन हो सके।   recent visitors 53

मुस्‍कान के बाद अब साहिल ने भी जेल प्रशासन से सरकारी वकील की मांग की

 मेरठ मेरठ में क्रूरता से सौरभ राजपूत की हत्‍या करने वाली उसकी पत्‍नी मुस्‍कान और उसका प्रेमी साहिल शुक्‍ला जेल में हैं। मुस्‍कान के बाद अब साहिल ने भी जेल प्रशासन से सरकारी वकील की मांग की है। इस सनसनीखेज हत्‍याकांड के सामने आने के दोनों के परिवारों ने उनसे पल्‍ला झाड़ लिया है। मुस्‍कान के पिता प्रमोद रस्‍तोगी ने तो यहां तक कहा है कि वह अपनी बेटी से मिलने कभी नहीं जाएंगे। उसके लिए कभी वकील नहीं करेंगे। इतना ही नहीं अपने दामाद को इंसाफ दिलाने के लिए कोर्ट में बेटी के खिलाफ गवाही भी देंगे। अपने माता-पिता के गुस्‍से से वाकिफ मुस्‍कान रस्‍तोगी ने जेल अधीक्षक से मिलकर सरकारी वकील दिलाने की मांग की थी। अब साहिल ने भी ऐसा ही किया है क्‍योंकि उसे भी लग गया है कि परिवार से उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आएगा। सौरभ राजपूत हत्‍याकांड के बाद मुस्‍कान के माता-पिता ने खुलकर अपनी बेटी के खिलाफ बयान दिए थे। उनका दावा है कि मुस्‍कान ने 18 मार्च को जब उन्‍हें अपने गुनाहों की जानकारी दी तो वे ही उसे लेकर थाने गए और पुलिस के हवाले कर दिया। मुस्‍कान के माता-पिता उसके लिए फांसी की मांग कर रहे हैं। वे मुस्‍कान-साहिल के हाथों बेरहमी से कत्‍ल किए गए अपने दामाद सौरभ राजपूत को अपने बेटे की तरह बता रहे हैं। उधर, साहिल के पिता नीरज शुक्ला का भी ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। नीरज शुक्ला भी अपने बेटे साहिल शुक्ला से पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं। मुस्‍कान या साहिल से जेल में अब तक कोई मिलने भी नहीं आया है। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने मुस्‍कान के लिए सरकारी वकील की व्‍यवस्‍था कराने की बात पहले ही बताई थी। अब साहिल की मांग सामने आने के बाद माना जा रहा है कि जेल प्रशासन दोनों प्रार्थना पत्र जल्‍द ही कोर्ट को भेजेगा। जेल अधिकारियों के अनुसार यदि कोई बंदी सरकारी वकील की मांग करता है तो यह जेल प्रशासन का कर्तव्‍य है कि वह न्‍यायालय के माध्‍यम से उसे सरकारी वकील उपलब्‍ध कराए। जाहिर है मुस्‍कान-साहिल की मांग पर उन्‍हें भी जल्‍द ही सरकारी वकील मुहैया करा दिया जाएगा। एक गलती से खुला सौरभ मर्डर का ड्रम वाला राज मेरठ के खौफनाक सौरभ हत्याकांड केस में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच एक जानकारी यह भी सामने आई है कि मुस्कान और साहिल ने उस ड्रम को हिमाचल से लौटने के बाद फेंकने का प्लान बनाया था, जिसमें उन्होंने शव के 15 टुकड़ों को सीमेंट के साथ मिलाकर भरा था। लेकिन यहीं पर उनसे चूक हो गई। दरअसल जिस नीले ड्रम में सीमेंट के साथ मिलाकर वे सौरभ के शव के टुकड़ों को रख गए थे, वह बहुत भारी हो गया था। मुस्कान और साहिल को इस चीज का शव को छिपाते वक्त अंदाजा नहीं था, लेकिन पूरा ड्रम ही जब सीमेंट से भर गया और उसमें शव के टुकड़े भी थे तो उसका वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया। पुलिस की जांच के अनुसार मुस्कान और साहिल ने 3 मार्च की रात को सौरभ को मार डाला था। फिर उसके शव के 15 टुकड़े कर डाले। इन टुकड़ों को गीले सीमेंट में मिला गया और उसे ड्रम में भर दिया गया। मुस्कान और साहिल इसके बाद दो सप्ताह की हिमाचल ट्रिप पर निकल गए। उनका प्लान था कि लौटने के बाद ड्रम को कहीं फेंक देंगे। दोनों इसी इरादे के साथ 17 मार्च को छुट्टियां मनाकर वापस लौटे। इसके लिए उन्होंने अगले कुछ मजदूरों को बुलाया और कहा कि वे ड्रम को उठाकर कहीं फेंक आएं। उन मजदूरों ने ऐसा करने की कोशिश भी की, लेकिन वजन बहुत ज्यादा होने के चलते उठा नहीं सके। ऐसा करने के दौरान ड्रम का ढक्कर जरूर एक तरफ से खुलने लगा। इसके चलते अंदर बंद शव के सड़े हुए टुकड़ों से बदबू बाहर आने लगी। इस पर मजदूरों को भी संदेह हुआ और वे वहां से चले गए। अब उस ड्रम को साहिल और मुस्कान के बस का उठाना नहीं था। अंत में मुस्कान अपने मायके चली गई और साहिल अपने कमरे पर निकल गया। मां-बाप के यहां पहुंची मुस्कान ने शुरुआत में सौरभ के मर्डर का जिम्मा उसकी बहन और बहनोई पर डालने की कोशिश की। लेकिन पूरी कहानी में मुस्कान की मां और पिता को झोल नजर आया। उन्होंने उसे खूब झकझोरा तो उसने बता दिया कि साहिल के साथ मिलकर मैंने ही सौरभ को मार डाला है। एक पड़ोसी ने बताया कि साहिल अकसर मुस्कान के यहां आता था। लेकिन उनका यह भी कहना था कि दोनों मिलकर ऐसा कोई कांड करेंगे। इस बात का दूर-दूर तक कोई अंदेशा नहीं था। उन्होंने कहा कि मुस्कान का व्यवहार काफी सही थी। उसके बर्ताव से किसी तरह का कभी संदेह नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को मुस्कान को शांत अकेले ही बैठा देखा था। वह कहते हैं कि अब हमें लगता है कि शायद वह सोच रही थी कि कैसे ड्रम को ठिकाने लगाया जाए। मुझे भी किसी ने बताया कि इसके लिए मजदूर बुलाए थे, लेकिन वे ड्रम को उठा ही नहीं पाए। बता दें कि सौरभ और मुस्कान की 2016 में लव मैरिज हुई थी। मुस्कान ने 2019 में एक बेटी पीहू को जन्म दिया था, लेकिन उसके ठीक बाद से ही दोनों के रिश्ते बिगड़ते गए। इसकी वजह साहिल की मुस्कान की जिंदगी में एंट्री थी। फिर यहीं से सौरभ की जिंदगी की मुस्कान छिनती चली गई। recent visitors 134