मध्यप्रेदश में न्याय व्यवस्था के सभी विभाग एक दूसरे से जुड़ेंगे, ऑनलाइन होगा क्राइम जस्टिस सिस्टम, शुरू होगी नई व्यवस्था

देवास अपराधिक न्याय व्यवस्था के अलग अलग स्तंभों के मध्य सूचनाओं का आदान-प्रदान डिजिटल प्लेटफार्म पर करने के लिए देवास जिला पायलेट जिले के रूप में चयनित किया गया है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश का यह पहला जिला होगा, जिसमें विवेचकों के पास टेबलेट होंगे। अपराधिक न्याय से जुड़े सभी विभाग ऑनलाइन एक दूसरे से जुड़ेंगे। विवेचना, वारंट, समन, एमएलसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच, न्यायालय, अभियोजन और जेल विभाग जानकारियां साझा करेंगे। इस व्यवस्था को प्रदेश में लागू करने के लिए देवास जिले को पायलेट जिले के रूप में लेकर यहां पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, एफएसएल अधिकारी, अभियोजन के वकीलों विवेचकों की ट्रेनिंग करवाई जाएगी। सिस्टम पूरी तरह से लागू होने पर अपराधिक न्याय व्यवस्था सुलभ, पारदर्शी और तेज हो जाएगी। भारतीय दंड संहिता को भारतीय न्याय संहिता से बदलने के बाद अब दंड से ज्यादा न्याय पर जोर दिया जा रहा है। पहले कानून में दंड देने की बात होती थी, जो अब पीड़ित को न्याय देने की होती है। पुलिस विभाग पूरी अपराधिक न्याय व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अब सभी स्तंभों को ऑनलाइन करने पर जोर दे रहा है। इसके तहत एफआईआर होने से जेल जाने तक सबकुछ एक क्लिक पर लाने की कोशिश है। इस पूरी कसरत के लिए देवास जिला पायलेट जिले के रूप में चयनित हुआ है और काम शुरू हो चुका है। इसके तहत प्रकरणों की विवेचना करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को टेबलेट भी दिए जाएंगे। सब कुछ पेपरलेस और तेज हो जाएगा न्याय व्यवस्था में एफआईआर से प्रक्रिया शुरू होती है। इसके बाद एमएलसी के लिए डाक्टर से संपर्क किया जाता है। विवेचना सीसीटीएनएस के माध्यम से पूर्व से ऑनलाइन है, परंतु डाक्टरी रिपोर्ट हार्ड कापी में मिलती है और इसके लिए काफी समय भी लगता है। नई प्रक्रिया में थाने से ही ऑनलाइन रिक्वेस्ट संबंधित अस्पताल में जाएगी, जिस पर रिप्लाय भी ऑनलाइन होगा। सभी एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट टाइप की हुई होगी। आमतौर पर डाक्टरों द्वारा लिखे गए पर्चे समझने में दिक्कत होती है, परंतु टाइप होने से आसानी से समझा जा सकेगा। यह काम सीसीटीएनएस और हेल्थ के मेडलेपार साफ्टवेयर को लिंक करने से होगा। इसी तरह, एफएसएल से भी रिपोर्ट हार्ड कापी में आती थी, जो ऑनलाइन आएगी। किसी भी पोस्टमार्टम के बाद विसरा एफएसल जाता है, जिसकी रिपोर्ट काफी समय बाद आती थी। अब एफएसएल सीसीटीएनएस से लिंक होगी, जिससे रिपोर्ट पोर्टल पर थाना प्रभारी को दिखने लगेगी। इससे एफएसएल के इंतजार में प्रकरण लंबित नहीं रहेंगे। विवेचना के दौरान चालान के पूर्व ई-प्रोसिक्यूशन पोर्टल अभियोजन से डायरी स्क्रूटनी होती है। नया सिस्टम लागू होने से सीसीटीएनएस से डायरी इप्रोसिक्यूशन पर चली जाएगी। चालान को सीसीटीएनएस में सबमिट कर प्रिंट आउट निकालकर देते हैं। इसके बजाय अब आनलाइन ही न्यायालय में चार्जशीट चली जाएगी। सबकुछ पेपरलेस और तेज हो जाएगा। अब ई-विवेचना नई व्यवस्था के तहत विवेचना भी ई-विवेचना हो जाएगी। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत जिले के विवेचकों को करीब 300 टेबलेट मिलेंगे। इसके लिए विवेचकों की ट्रेनिंग भी करवाई जाएगी। पूरी व्यवस्था लागू होने से न्याय सुलभ, तेज और पारदर्शी हो जाएगा। इसके लिए कंट्रोल रूम में रविवार को उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के न्यायमूर्तिगण व अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कार्यशाला की जाएगी। ई-समन और वारंट व्यवस्था जारी न्यायालय में विचारण में दौरान समन व वारंट जारी होते हैं। नई प्रक्रिया में कोर्ट से आनलाइन समन और वारंट जारी किए जाएंगे, जो थाना प्रभारी की सीसीटीएनपएस आइडी में दिखेंगे। थाने में पदस्थ सभी स्टाफ के नाम रहेंगे, जिनकी बीट के आधार पर समंस वारंट संबंधित पुलिसकर्मी को आनलाइन भेजे जा सकेंगे। हर पुलिसकर्मी के पास ई-रक्षक एप्लीकेशन रहेगा। संबंधित पुलिसकर्मी वारंट होने पर वहीं संबंधित का फोटो लेकर एप्लीकेशन में अपडेट कर देगा। कोर्ट का सीआइएस सॉफ्टवेयर (कोर्ट इंफरमेशन सिस्टम) में यह दिखेगा। देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने बताया कि वर्तमान में ई-समन और वारंट व्यवस्था को जारी कर दिया गया है। पायलेट प्रोजेक्ट में प्रत्येक विवेचक को टेबलेट दिए जाएंगे। इनके माध्यम से विवेचक घटनास्थल के फोटो, नक्शा मौका, लेटिट्यूट, लांगिट्यूट, बयान, जब्ती की रिकार्डिंग, जब्ती पत्रक आदि की डिटेल फीड कर देंगे। बंदियों का पूरा ब्योरा भी पोर्टल पर दिखेगा न्यायालय से जो भी फैसला होगा, वह भी सीसीटीएनएस में आए नए फार्म में दिखने लगेगा। किसी को सजा होने पर जेल में इप्रिजन साफ्टवेयर में जानकारी डाली जाती है। यह भी सीसीटीएनएस से लिंक हो जाएगा, जिससे जेल में बंद अपराधियों से मिलने कौन आया, वह केस अपराध में बंद है, कब रिहा होगा आदि जानकारियां रहेंगी। आईसीजेएस पोर्टल के माध्यम से यह जानकारी भी आसानी से मिल पाएगी। recent visitors 40

सोनकच्छ की प्रसिद्ध मावाबाटी को जीआई टैग दिलाने की तैयारी, देश में अपनी अलग पहचान बना सकती है

देवास अपने बेहतरीन स्वाद व अन्य मिठाइयों की तुलना में अधिक दिनों तक सुरक्षित रहने वाली देवास जिले के सोनकच्छ की प्रसिद्ध मावाबाटी देश में अपनी अलग पहचान बना सकती है। इस मावाबाटी के लिए जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग हासिल करने की प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। आगामी लगभग एक माह में सोनकच्छ की मावाबाटी से जुड़ी विभिन्न जानकारी सहित इसमें उपयोग आने वाली सामग्री दूध, मावा आदि की टेस्टिंग करवाकर रिपोर्ट के साथ फाइल वरिष्ठ स्तर पर सौंपी जाएगी। इस प्रक्रिया के लिए देवास के उद्यानिकी विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो दिन पूर्व उज्जैन में आयोजित जीआई टैग संबंधी प्रस्तुतीकरण व परिचर्चा में सोनकच्छ की मावाबाटी के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान मावाबाटी बनाने वाले एक हलवाई कनछेदीलाल विश्वकर्मा को भी साथ ले जाया गया था। जीआई टैग मिला तो डेढ़ से दोगुना तक हो सकते हैं दाम मावाबाटी को जीआई टैग दिलाने के लिए प्रस्तुतीकरण देते समय प्रस्तावक रहे आभा फाउंडेशन देवास के आशीष राठौर के अनुसार जीआई टैग मिलने से मावाबाटी बनाने वाले परिवारों को फायदा मिलेगा। वर्तमान में 300-400 रुपये किलो मिलने वाली मावाबाटी का भाव 500 से 600 रुपये तक पहुंच सकता है। मिट्टी के पात्र में दी जाने वाली मावाबाटी 10-12 दिनों तक सुरक्षित रहती है। जीआई टैग मिलने से सोनकच्छ की अलग पहचान देश, विदेश में बनेगी। जहां भी मावाबाटी बेची जाएगी, सोनकच्छ के नाम का जिक्र रहेगा। किसी केमिकल का उपयोग नहीं सोनकच्छ में बनने वाली वास्तविक मावाबाटी में किसी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता है। इसमें मावे की छोटी गोली बनाकर अंदर सूखा मेवा का उपयोग किया जाता है। इसके बाद इस गोली को एक अन्य बड़ी गोली के अंदर डाला जाता है। पकाने के लिए लकड़ी की भटि्टयों का उपयोग किया जाता जिसमें आंच मध्यम या कम रखी जाती है। सोनकच्छ में मावाबाटी का इतिहास 100 साल से भी अधिक पुराना है। recent visitors 39

माशिम का Result समय पर लाने के लिए की नई व्यवस्था, कॉपी चेक करने वालों की ऑनलाइन होगी अटेंडेंस

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इस बार काफी सख्ती बरती है। कई मूल्यांकनकर्ता समय से समन्वयक केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं। निर्धारित नियम के अनुसार, प्रत्येक शिक्षक को हर दिन कम से कम 30 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इस कारण मंडल ने इस बार मूल्यांकनकर्ताओं की उपस्थिति को आनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था की है। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो सभी समन्वयक केंद्रों के पास होगा। सबसे पहले शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके लिए मंडल ने सभी समन्वयक केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं कि एक कंप्यूटर सिस्टम और एक ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए। 24 मार्च से सभी मूल्यांकनकर्ताओं को उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। बता दें कि 10वीं व 12वीं के 17 लाख विद्यार्थियों की 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए करीब 40 हजार शिक्षकों को लगाया गया है।   जांची गई उतरपुस्तिकाओं की संख्या भी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी मंडल ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित होने पर सर्वप्रथम मूल्यांकन केंद्र पर निर्धारित स्थान पर उक्त लिंक के माध्यम से अपने आईडी सिस्टम में दर्ज कराकर अपने आने का समय पंजीकृत कराएंगे। इसी तरह निकलने से पहले प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता फिर आईडी से निकलने का समय ऑनलाइन दर्ज कराएंगे। साथ ही एक दिन में कितनी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। इसकी संख्या भी दर्ज करानी होगी। यह भी निर्देशित किया है कि अगर किसी मूल्यांकनकर्ता ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई तो उसे उस दिन अनुपस्थित मान्य किया जाएगा। दूसरे चरण का मूल्यांकन कार्य शुरू दूसरे चरण का मूल्यांकन कार्य शनिवार से शुरू हुआ है। सुबह 10.30 बजे से साढ़े पांच बजे तक मूल्यांकन कार्य संचालित किया जा रहा है। वहीं तीसरे चरण का मूल्यांकन कार्य 31 मार्च से शुरू होगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बार मई के दूसरे सप्ताह में रिजल्ट घोषित होने की संभावना है। recent visitors 37

सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, भारी मात्रा में डंप हथियार और विस्फोटक बरामद

सुकमा नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है. जिला सुकमा के मरकनगुड़ा और मेट्टागुड़ा के जंगलों में माओवादियों के ठिकानों से भारी मात्रा में डंप हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है. मरकनगुड़ा जंगल से बरामद हुए हथियार दुलेड कैंप के अंतर्गत मरकनगुड़ा के जंगल पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा छुपाए गए 6 भरमार बंदूकें, BGL सेल व भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की है. मेट्टागुड़ा जंगल से भी बरामद हुए हथियार इसी तरह नवीन कैंप मेट्टागुड़ा के अंतर्गत मेट्टागुड़ा के जंगल क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों ने 3 बंदूकें, BGL सेल, भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री जब्त की है. इस कार्रवाई को जिला पुलिस बल, सेकंड वाहिनी सीआरपीएफ, 203 वाहिनी कोबरा और 131 वाहिनी सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है. recent visitors 133

मुंबई को चेन्नई ने 155 रनों पर रोका, नूर ने झटके 4 विकेट

चेन्नई. इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन का तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच चेपॉक में खेला जा रहा है। मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 155 रन बनाए। मुंबई के लिए तिलक वर्मा ने सर्वाधिक 31 रन बनाए। चेन्नई की ओर से नूर अहमद ने चार और खलील अहमद ने तीन विकेट लिए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत खराब रही। टीम को पहले ही ओवर में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के रूप में झटका लगा। रोहित बिना खाता खोले आउट हुए। रेयान रिकल्टन 7 गेंद में 13 रन ही बना सके। विल जैक्स 11 रन बनाकर आउट हुए। सूर्यकुमार यादव 26 गेंद में 29 रन बनाकर आउट हुए। रॉबिन मिन्ज ने तीन और तिलक वर्मा 31 रन बनाकर आउट हुए। नमन 17 रन ही बना सके। सैंटनर 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे। बोल्ट एक बना सके। दीपक चाहर 15 गेंद में 28 रन बनाकर नाबाद लौटे। चेन्नई की ओर से नूर अहमद ने चार और खलील अहमद ने तीन विकेट लिए। recent visitors 58

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर भोपाल में बनेगा पॉर्क, लगेगी प्रतिमा: डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद  विष्णुदत्त शर्मा, बिहार शासन के मंत्री राजू कुमार सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने रविवार को भाजपा प्रदेष कार्यालय में बिहार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘‘ अभियान के तहत आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज बिहार नई करवट ले रहा है। ऐसे में देश में और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। भगवान राम और कृष्ण के नाम से ही हमारी संस्कृति चलती है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी हमेशा भगवान राम और कृष्ण का रास्ता रोकते रहे हैं। इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में भोपाल में पॉर्क भी बनेगा और उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार ने धर्म, आध्यात्म से लेकर संस्कृति को अक्षुण्य बनाने का कार्य किया है। दुनिया को लोकतंत्र की शिक्षा देने का कार्य बिहार ने किया है। बिहार के वैशाली गणराज्य ने दुनिया को सबसे पहले लोकतंत्र की शिक्षा दी है। देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बिहार ने ही सबक सिखाने का कार्य किया है। बिहार के लोग अपनी कर्मठता, कर्मशीलता, मेहनत और विश्वास से दुनिया के कई देशों में स्थापित हैं। भोजपुरी समाज के लोग भोपाल के साथ मध्यप्रदेश के लिए बड़ी ताकत हैं। बिहार शासन के मंत्री राजू कुमार सिंह ने कहा कि देश के विकास में बिहार समाज का अभूतपूर्व योगदान रहा है। भोजपुरी समाज के समर्पण और साधना की चर्चा पूरे देश में होती है। फिरंगियों के खिलाफ सबसे पहले आवाज बिहार से ही उठी थी। देश और बिहार के विकास के लिए एनडीए का साथ दें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बिहार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया : डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जब बिहार में एनडीए की सरकार बनी, तो उस सरकार ने वहां के ऐतिहासिक स्थलों, नालंदा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का जीर्णोद्धार कराया। सड़कें और हाइवे बनाए, आईआईटी और आईआईएम जैसे शैक्षणिक संस्थान खोले और बिहार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया। आज बिहार नई करवट ले रहा है। ऐसे में देश में और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। इस मिलन समारोह में उपस्थित सभी भोजपुरी भाई-बहनें ये संकल्प लें कि आने वाले चुनाव में बिहार में एनडीए की सरकार बनाने के लिए काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार के सपूत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पं. जवाहरलाल नेहरू के मना करने के बावजूद सरदार वल्लभ भाई पटेल के आमंत्रण पर सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था। सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनके इस योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में भोपाल में पॉर्क भी बनेगा और उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। सदियों पुराना है मध्यप्रदेश और बिहार का नाता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार एक स्वतंत्र राज्य के रूप में भले ही 1912 में अस्तित्व में आया हो, लेकिन मध्यप्रदेश से उसके ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। मौर्य काल में जब सम्राट पाटलिपुत्र में बैठते थे, तो भावी सम्राट अवंतिका में बैठकर शासन व्यवस्था संभालते थे। उस काल में सम्राट अशोक ने भी अपने जीवन के 10 वर्ष अवंतिका में बिताए थे। विधर्मियों ने जब राजा भोज के साम्राज्य पर आक्रमण किया, तो यहां के लोगों ने अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए बिहार में ही शरण ली थी। हमें यह बताते हुए गर्व की अनुभूति होती है कि भोजपुरी बोली भी राजा भोज से संबंधित है। बिहार के क्षत्रियों में उज्जैनिया ठाकुर के नाम वाली भी एक शाखा है, जो उज्जैन से बिहार के घनिष्ठ संबंधों को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि बिहार देश का इकलौता राज्य है जिसका नाम वृंदावन बिहारी यानी भगवान कृष्ण के नाम पर है। नरकासुर के वध के लिए भगवान कृष्ण द्वारका से बिहार होते हुए ही असम गए थे। भगवान राम और कृष्ण के नाम से ही हमारी संस्कृति चलती है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी हमेशा भगवान राम और कृष्ण का रास्ता रोकते रहे हैं। इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं। भोजपुरी समाज के लोगों के रग-रग में विश्वास और प्रतिबद्धता है: विष्णुदत्त शर्मा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की दुनिया को शिक्षा देने वाले बिहार ने लोकतंत्र को बचाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। कांग्रेस पार्टी ने जब देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र पर प्रहार किया तो जयप्रकाश नारायण जी ने ही लोकतंत्र बचाने की अलख जगाई और उनके आह्वान पर ही देशभर में आंदोलन शुरू हुआ। जयप्रकाश नारायण जी के आंदोलन से निकली सोच को ही आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी देश की सेवा करने में जुटे हैं। बिहार के लोग देश के हर कोने में मिलेंगे और अपनी योग्यता व कर्मठता से देश व समाज की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। भोजपुरी समाज के लोग भोपाल सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए भी बड़ी ताकत हैं। भोपाल में भोजपुरी समाज से आने वाले स्वर्गीय सुरेन्द्र नाथ सिंह तीन बार भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे हैं। वे विधायक भी रहे हैं। वर्तमान में भोपाल के जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति भी भोजपुरी समाज से आते हैं। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से आज तक देखा जाए तो भोपाल के अधिकांश कलेक्टर और एसपी बिहार और भोजपुरी समाज से ही रहे हैं। बिहार में सशक्त और स्पष्ट सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाएं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार का व्यक्ति जहां भी रहे, वह अपनी विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता के … Read more

इंदौर में चलेगा जल गंगा जल संरक्षण अभियान, सघन वृक्षारोपण भी किया जायेगा

इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार इंदौर जिले में जल गंगा जल संरक्षण अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नये तालाब बनाये जायेंगे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार कराया जायेगा। साथ ही सघन वृक्षारोपण भी होगा। इसके लिए जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। यह अभियान 30 मार्च से प्रारंभ होकर आगामी 30 जून तक सतत चलेगा। यह जानकारी जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई बैठक में दी गई। बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्री मनोज पटेल तथा श्री मधु वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भारत सिंह पटेल, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार यह अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान जन-जन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। "जल है तो कल है", जल से आने वाली ‍पीढ़ी का भविष्य जुड़ा हुआ है। जल चिन्ता व चिंतन दोनों का विषय है। जल हमारी धरोहर है। हमारी संस्कृति एवं परंपरा में जल और वृक्षों की पूजा का बड़ा महत्व है, इसको देखते हुए इस अभियान को बेहतर और प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना होगा। इस अभियान समाज के हर वर्ग की भागीदारी से जन आंदोलन बनाया जायेगा। हमारा प्रयास होगा की यह अभियान एक आदर्श और अनुकरणीय हो तथा देश में नम्बर वन बनें। बैठक के पश्चात अतिथियों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने कहा कि इस अभियान को सभी के सहयोग से जन आंदोलन के रूप में चलाया जायेगा। अभियान में जल संरक्षण के साथ ही वृक्षारोपण पर भी विशेष ध्यान दिया जायेगा। बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत शुरूआत में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में जल संरक्षण के कार्य किये जायेंगे। जल गंगा जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च 2025 से की जायेगी।  इस अभियान में जल स्रोतों और देवालयों की सफाई की योजना बनाई जाएगी। यह संतों, जन प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय और सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित होगा, जिसमें मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन किया जाएगा । कार्य पूर्ण होने पर वरुण पूजन और जल अभिषेक होगा तथा रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समुदायों को दी जाएगी। बनेंगे 19 नये अमृत सरोवर जिले में गत वर्ष चलाये गये अभियान के तहत 101 नये अमृत सरोवर बनाये गये थे। इन सरोवरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्यवाही की जायेगी। अभियान में अमृत सरोवर 2.0 के तहत 19 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 4 करोड़ 18 लाख रुपये व्यय होना संभावित है । अब तक 10 स्थलों का चयन हो चुका है, जबकि शेष का चयन 30 मार्च 2025 तक वैज्ञानिक (GIS) पद्धति से किया जाएगा । तालाबों से हटेंगे अतिक्रमण अभियान के तहत राजस्व विभाग के साथ तालाबों का सीमांकन किया जायेगा। राजस्व अभिलेखों में नवीन तालाबों को दर्ज किया जायेगा। तालाबों पर अतिक्रमण को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। तालाबों की सीमा को दर्शाने हेतु चॉदे-मुनारे बनाये जायेंगे। तालाबों का जन भागीदारी से गहरीकरण होगा । मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से तालाब का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। तालाबों में जल की आवक बढ़ाने के लिये इनलेट क्षमता बढ़ायी जायेगी। तालाबों के पास पौधारोपण होगा । उपयोगकर्ता समूह बनाकर संधारण एवं रख रखाव किया जायेगा। नदियों के स्त्रोत के कैचमेंट पर होंगे कार्य जिले की महत्वपूर्ण नदियों के स्त्रोत से वाटरशेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य किये जायेंगे । रिमोट सेंसिंग और फील्ड सर्वेक्षण के आधार पर कार्ययोजना बनाकर एक वर्ष के भीतर कार्य पूर्ण किया जाएगा । गेबियन संरचना, ट्रेंच, वृक्षारोपण, चेकडेम तालाब आदि कार्य समुदाय की भागीदारी से किये जायेंगे। पूर्व निर्मित जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार पूर्व में उपयोगी रहे लेकिन वर्तमान में अनुपयोगी चेकडेम व स्टॉप डेम का सर्वेक्षण किया जाएगा । सर्वेक्षण के आधार पर जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार कर कार्य किये जायेंगे। गाद निकालने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी । ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक कुँओं की मुण्डेर को सुव्यवस्थित किया जायेगा। recent visitors 36