हमें कुणाल कामरा जहां भी मिलेगा, हम उसकी धुलाई करेंगे: निलेश राणे

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जोक का मामला तूल पकड़ रहा है। कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। साथ ही शिवसेना नेताओं ने कामरा को खुली धमकी दे दी है। वहीं, कमरा अब संविधान के जरिए आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं। उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की है। शिंदे पर की गई टिप्पणी के बाद शिवसेना नेताओं ने आयोजन स्थल पर तोड़फोड़ कर दी थी। कामरा के खिलाफ मुंबई के MIDC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई है। शिवसेना विधायक मुरजी पटेल की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें वह FIR की प्रति दिखाते नजर आ रहे हैं। कामरा ने सोमवार को एक्स पर एक फोटो पोस्ट की है। इसमें वह भारत के संविधान की प्रति लिए नजर आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने लिखा है, 'आगे बढ़ने का सिर्फ एक यही तरीका है।' शिंदे को लेकर उनकी तरफ से की गई टिप्पणी को शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) नेता संजय राउत ने भी शेयर किया था और कहा था, 'कुणाल का कमाल।' शिवसेना ने दी धमकी शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कामरा को चेतावनी दी कि पूरे देश में शिवसेना कार्यकर्ता उनका पीछा करेंगे। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, 'आपको भारत से भागने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।' समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'कुणाल कामरा एक किराए के कॉमेडियन हैं, और वह कुछ पैसों के लिए हमारे नेता पर टिप्पणी कर रहा हैं। महाराष्ट्र की बात तो दूर, कुणाल कामरा पूरे भारत में कहीं भी स्वतंत्र रूप से नहीं जा सकते, शिवसैनिक उन्हें उनकी जगह दिखा देंगे।' उन्होंने कहा, 'हमें संजय राउत और शिवसेना (यूबीटी) के लिए दुख है कि उनके पास हमारे नेता पर टिप्पणी करने के लिए कोई पार्टी कार्यकर्ता या नेता नहीं बचा है, यही वजह है कि वे इस काम के लिए उनके (कुणाल कामरा) जैसे लोगों को काम पर रख रहे हैं… हम बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का पालन करते हैं, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कुणाल कामरा न तो महाराष्ट्र में और न ही देश में कहीं भी स्वतंत्र रूप से घूम सके। कुणाल कामरा को करारा जवाब मिलेगा, और वह आकर अपनी गलती के लिए माफी मांगेंगे।' भाजपा भी भड़की वहीं, भारतीय जनता पार्टी विधायक राम कदम ने कहा, 'कुणाल कामरा ने सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार देश के बड़े राजनेताओं और पत्रकारों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। ऐसा क्यों? अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर क्या वह किसी को भी कुछ भी कह सकते हैं? एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं। वह पूर्व CM हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'किसे कॉन्ट्रैक्ट पर वह काम कर रहे हैं? ठाकरे गुट के? टाइमिंग देखिए। दिशा सालियान केस में ठाकरे परिवार के नाम आया तो ध्यान भटकाने के लिए क्या कुणाल कामरा ने जानबूझकर इस समय उनका नाम लिया? वो भी ठाकरे गुट के कहने पर? क्या वजह है? समय आ गया है कि वह जहां भी नजर आएं, उनका चेहरा काला कर दिया जाए। महाराष्ट्र सरकार कुणाल कामरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। हम उन्हें चेतावनी देते हैं कि वह सस्ती लोकप्रियता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते।' केस दर्ज शिवसेना युवा सेना (शिंदे गुट) के महासचिव राहुल कनाल और 19 अन्य के खिलाफ कल हैबिटेट स्टैंडअप कॉमेडी सेट पर तोड़फोड़ करने के आरोप में FIR दर्ज की गई। विभाग प्रमुख श्रीकांत सरमालकर ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में सरमालकर ने कहा, 'हमें पुलिस स्टेशन लाया गया है और हमें देखना है कि गिरफ्तार किया गया है या नोटिस देने के बाद छोड़ दिया जाएगा'। 20 नाम अज्ञात में हैं। recent visitors 42

सीएम मोहन ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के योगदान का उल्लेख किया और उनके नाम पर पार्क बनाने की घोषणा

भोपाल बिहार के विधानसभा चुनाव पास आ गए हैं और इसके साथ ही बीजेपी की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। बिहार के चुनाव में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव भी पार्टी की ओर से अहम भूमिका निभाएंगे। बिहार के यादव वोटर्स को लुभाने का दायित्व उन्हें भी दिया गया है। डॉ. मोहन यादव CM Mohan yadav ने यह जिम्मेदारी निभाना शुरु भी कर दिया। राजधानी भोपाल में बिहार दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बिहारवासियों के लिए अहम ऐलान किए। कार्यक्रम में आए बिहार के लोगों से बीजेपी को जिताने की अपील की और पूर्व सीएम लालू यादव के परिवार पर निशाना भी साधा।  बिहार तो बिहार मध्य प्रदेश में भी बिहार दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन सत्ताधारी मोहन यादव सरकार ने कराया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया। एमपी सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ। राजेंद्र प्रसाद को लेकर एक बड़ी घोषणा भी की है। इससे दोनों राज्यों के रिश्तों में और सकारात्मक सुधार होगा। भोपाल में एक कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम बिहार दिवस के मौके पर था। मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने मिलकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का नाम 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' था। सीएम मोहन ने की बिहार की तारीफ मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि देश और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम और कृष्ण के रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया। विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार ने धर्म और संस्कृति को बचाने का काम किया है। राजू कुमार सिंह ने देश के विकास में बिहार के योगदान की बात कही। उन्होंने लोगों से एनडीए का साथ देने की अपील की। उन्होंने याद दिलाया कि इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, 'आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं।' मोहन सरकार की बड़ी घोषणा सीएम मोहन यादव ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि भोपाल में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के नाम पर एक पार्क बनाया जाएगा। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। यह पार्क सभी सुविधाओं से लैस होगा। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने पं. जवाहरलाल नेहरू के मना करने के बाद भी सरदार वल्लभ भाई पटेल के बुलाने पर सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को बचाने में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का यह योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की मूर्ति भी लगाई जाएगी। सीएम ने पूछा कि रामजी का मंदिर बन गया तो वहां दर्शन करने क्यों नहीं गए! उन्होंने कहा कि यमुनाजी का किनारा खाली है… गोपाल कृष्ण बुला रहे हैं… अब वहां मंदिर बनाने की बात कर लो। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जिसका भगवान कृष्ण के नाम पर नामकरण किया गया है। recent visitors 37

आर्थिक तंगी से परेशान महिला को मंत्री सारंग ने आर्थिक सहायता और रोजगार का दिया भरोसा

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने एक बार फिर अपनी दरियादिली और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। रविवार को छोला क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर में दर्शन कर लौटते समय मंत्री सारंग की नजर मंदिर की चौखट पर रो रही एक महिला पर पड़ी, जो अपने दो छोटे बच्चों के साथ परेशान हाल में खड़ी थी। महिला की दशा देखकर मंत्री सारंग तुरंत उसके पास पहुंचे और उसकी समस्या सुनी। महिला ने आंसू भरी आंखों से बताया कि उसके पति वेल्डिंग का काम करते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनका घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। यहां तक कि वे बच्चों की स्कूल फीस भरने में भी असमर्थ हैं। महिला बोली-पति का काम धंधा ठीक नहीं चल रहा मंत्री सारंग ने महिला से कहा- क्या बात है यहां खेड़ापति भगवान के सामने क्यों रो रही हो? तो हम सब मिलकर तुम्हारी समस्या हल करेंगे। मंत्री के काफी देर पूछने के बाद महिला ने रुंधे हुए गले से कहा- घर में तंगी चल रही है। मंत्री ने पूछा आपके पति क्या काम करते हैं? महिला ने बताया वेल्डिंग का काम करते हैं लेकिन, काम अच्छा नहीं चल रहा। मंत्री सारंग ने कहा, चिंता मत करो, पति देव को मेरे पास भेजना। उनके रोजगार की व्यवस्था करेंगे और आपकी मदद भी करेंगे। तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ है। कितने बच्चे पढ़ते हैं, कोई दिक्कत तो नहीं? महिला ने बताया कि दो बच्चे हैं लेकिन, उनकी फीस नहीं भर पा रही हूं। मंत्री ने फिर कहा आप पति देव को भेजना आपकी समस्याएं भाई हल कराएगा। चिंता नहीं करना। खेड़ापति सबके पालनहार हैं सबकी मदद करेंगे। मां को रोते देख बच्ची हाथ जोड़े खड़ी दिखी महिला जब मंत्री को अपनी परेशानी बता रही थी। उसी दौरान उसकी बेटी हाथ जोड़े खड़ी थी। ये देख मंत्री भी भावुक नजर आए। महिला की व्यथा सुनने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने उसे ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, "खेड़ापति हनुमान जी ने ही आपकी मदद के लिए मुझे भेजा है।" मंत्री सारंग ने महिला को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उसके पति को रोजगार उपलब्ध कराने और बच्चों की स्कूल फीस माफ करवाने का वादा किया। मंत्री के इस आश्वासन से महिला की चिंता कुछ कम हुई और उसने राहत की सांस ली। मंत्री सारंग ने दिया हर संभव सहायता का आश्वासन महिला की व्यथा सुनने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने उसे ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, "खेड़ापति हनुमान जी ने ही आपकी मदद के लिए मुझे भेजा है।" मंत्री सारंग ने महिला को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उसके पति को रोजगार उपलब्ध कराने और बच्चों की स्कूल फीस माफ करवाने का वादा किया। मंत्री के इस आश्वासन से महिला की चिंता कुछ कम हुई और उसने राहत की सांस ली। मंत्री सारंग इससे पहले भी कई मौकों पर जरूरतमंदों की सहायता कर चुके हैं। पिछले वर्ष नरेला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक दिव्यांग बच्ची के पिता ने मंत्री सारंग से इलाज के लिए गुहार लगाई थी। मंत्री ने तत्काल पहल करते हुए बच्चे के ऑपरेशन की व्यवस्था करवाई थी। उल्लेखनीय है कि मंत्री सारंग हर दिन अपने निवास पर जनदर्शन के माध्यम से जनता की समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हैं, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। recent visitors 31

पीएम की सभा के लिए तैयारी शुरू, 55 एकड़ में सभा स्थल, 5 हेलीपेड, 120 सेक्टर में बैठने की व्यवस्था

बिलासपुर बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को करीब 100 एकड़ में प्रधानमंत्री की सभा होने की तैयारी शुरू हो गई है. इसमें 55 एकड़ में सभा स्थल और शेष में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. रूट चार्ट के अनुसार अलग-अलग रूट के लिए पार्किंग की कलर कोडिंग कर जिलेवार आरक्षित रखे गए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे. इसका ध्यान रखते हुए सभा स्थल में पांच हेलीपेड तैयार किए जा रहे है. इसमें प्रधानमंत्री एवं उनके स्टॉफ के उतरने के लिए स्थल के किनारे तीन हेलीपेड लगभग तैयार हो गए हैं. वहीं स्थल के एक किनारे पर दो और हेलीपेड बनाये जा रहे हैं. जो राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के लिए है. गर्मी के साथ बारिश को ध्यान में रखते हुए हो रही तैयारी आमसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा. बदलते मौसम का भी ध्यान रखा जा रहा है. तेज गरमी के साथ बरसात की स्थिति को देखते हुए तैयारी किए जाने को कहा गया है. दो लाख लोग PM मोदी को सुनने पहुंचेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री को सुनने के लिए पहुंचेंगे. इनकी संख्या करीब दो लाख तक पहुंचने की संभावना है. पीएम के आने-जाने से हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसका ध्यान रखने को कहा गया है. वहीं सुरक्षा प्रोटोकाल के चलते दो-तीन घण्टे पहले हितग्राहियों को पहुंचना होगा. 120 सेक्टर में होगी बैठने की व्यवस्था सभास्थल में सभी डोम मिलाकर 120 सेक्टर में लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. प्रत्येक सेक्टर में 1000 से 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. उनके पानी, नाश्ता, दवा और साफ-सफाई से जुड़े लगभग 7 कर्मचारी सहयोग करेंगे. चूंकि लोग 4-5 घण्टे तक सभास्थल पर ठहरेंगे, इसलिए लगभग 150 पक्के टॉयलेट भी निर्मित किए जा रहे है. 25 मार्च के बाद सभास्थल की ब्राण्डिंग एवं फिनिशिंग का कार्य किया जाएगा. recent visitors 35

सुप्रीम कोर्ट में भी अब एआई का इस्‍तेमाल, मौखिक दलीलें लिखना होगी आसान

नई दिल्ली देश की सर्वोच्‍च अदालत सुप्रीम कोर्ट में भी अब आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। भारत का सुप्रीम कोर्ट, न्यायिक प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग (ML) टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर रहा है। इसकी मदद से कोर्ट के काम, केस फाइल करने और कानूनी अनुवाद में तेजी आने की उम्‍मीद है। जज भी कानूनी रिसर्च आसानी से कर पाएंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में एक लिखित बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट, AI और ML बेस्‍ड टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। इससे कोर्ट का काम और तेजी से होगा। बताया गया है कि एआई का इस्तेमाल संविधान पीठ के मामलों में मौखिक दलीलों को लिखने में किया जा रहा है। एआई की मदद से लिखी गई दलीलों को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी नेशनल इन्‍फर्मेटिक्‍स सेंटर (एनआईसी) के साथ मिलकर एआई और एमएल बेस्‍ड टूल्स का इस्‍तेमाल कर रही है। इसका मकसद अंग्रेजी भाषा से 18 भारतीय भाषाओं जैसे- असमिया, बंगाली, गारो, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, खासी, कोंकणी, मलयाली, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संताली, तमिल, तेलुगु और उर्दू में फैसलों को ट्रांसलेट करना है। आईआईटी मद्रास की भी मदद बताया गया है कि हाल ही में 200 एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड को प्रोटोटाइप तक पहुंच दी गई है, ताकि वो एआई टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर पाएं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी आईआईटी मद्रास की मदद से एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) टूल्स के प्रोटोटाइप्स का परीक्षण कर रही है। इन टूल्‍स को इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग मॉड्यूल और केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर यानी इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (आईसीएमआईएस) के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। न्‍यायिक फैसलों को एआई का इस्‍तेमाल नहीं सरकार की तरफ से स्‍पष्‍ट किया गया है कि AI का इस्तेमाल न्यायिक फैसले लेने के लिए नहीं किया जा रहा है। अभी इसका इस्‍तेमाल सिर्फ संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान कही गई बातों को लिखने में किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे नियमित सुनवाई के दिनों में भी इस्तेमाल करने की योजना है। गौरतलब है कि एआई टूल्‍स अब हर जगह बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल हो रहे हैं। मेटा के मालिकाना हक वाला वॉट्सऐप में अपने ऐप में एआई टूल को राइटिंग के स्‍तर पर लाने वाला है। उसकी मदद से यूजर्स को अपना मैसेज लिखने में आसानी होगी। मैसेज रिराइट कराया जा सकेगा। recent visitors 39

राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों पर अंकुश लगाने का लिया निर्णय

जयपुर राजस्थान में खाप पंचायतों की पुरानी परंपरा पर अब रोक लगने जा रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों और उनसे जुड़ी सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए एक पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है। इस आयोग में चार वकील और एक सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे, जो गांवों में जाकर खाप पंचायतों की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। खाप पंचायतें – कानून से परे फैसले राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में खाप पंचायतें एक गैर-सरकारी अदालत के रूप में काम करती हैं। ये पंचायतें अपने नियम खुद बनाती हैं और गांव के सभी लोगों को उन्हें मानने के लिए बाध्य करती हैं। हालांकि, ये पूरी तरह से अवैध हैं और कई बार क्रूर फैसले सुनाकर लोगों का जीवन तबाह कर देती हैं। हाल ही में खाप पंचायतों द्वारा सामाजिक बहिष्कार और भारी जुर्माने जैसे कई मामले सामने आए हैं। कई परिवारों को गांव से बाहर निकालने या उन पर आर्थिक दंड लगाने के फरमान दिए गए। इसके खिलाफ कई शिकायतें भी दर्ज हुईं, लेकिन अभी तक खाप पंचायतों को पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त फैसला राजस्थान हाईकोर्ट ने अब इस मामले में दखल देते हुए सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस फरजंद अली की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अर्जुन सिंह ने खाप पंचायतों की अमानवीय गतिविधियों को उजागर किया। हाईकोर्ट ने पाया कि खासकर पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर ग्रामीण, बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, नागौर और पाली जैसे जिलों में खाप पंचायतों की सामाजिक बुराइयां गहराई तक फैली हुई हैं। राजस्थान में सामाजिक सुधार की जरूरत कोर्ट ने अपने फैसले में राजा राम मोहन राय द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में समय-समय पर कुरीतियों को खत्म करने के प्रयास किए गए हैं। लेकिन अब ग्रामीण स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति का विश्लेषण करने की जरूरत है, ताकि इन समस्याओं को जड़ से समाप्त किया जा सके। खाप पंचायतों की निगरानी के लिए गठित आयोग     यह आयोग कोर्ट कमिश्नर के रूप में काम करेगा।     आयोग के सदस्यों को पुलिस अधीक्षक से संपूर्ण सहयोग और सुरक्षा मिलेगी।     वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, स्थानीय पुलिस, सरपंच, ग्राम सेवक और ब्लॉक विकास अधिकारियों से बातचीत करेंगे।     रीति-रिवाजों और परंपराओं की आड़ में हो रहे कदाचारों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।   recent visitors 53

उधमपुर में विमान सेवा शुरू करने पर मिली सहमति, अब सीधे फ्लाइट से वैष्णो देवी जा सकते हैं श्रद्धालु

उधमपुर जम्मू संभाग के उधमपुर में विमान सेवा शुरू करने पर सहमति मिलने इस पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए सुखद है। इससे विमान सेवा से बाहर जाने वालों को तो राहत मिलेगी ही, उधमपुर व रियासी जिले के पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। अभी तक विमान सेवा सिर्फ जम्मू और श्रीनगर के राजधानी शहरों में ही उपलब्ध है। इस कारण अगर किसी को दिल्ली, मुंबई या फिर कहीं पर भी जाना पड़े तो उसे पहले जम्मू एयरपोर्ट पर आना ही पड़ता है। हालांकि, अभी उधमपुर में कब सेवा शुरू होगी और किस जगह से सीधे फ्लाइट उतरेगी, इस पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है। अब सीधे फ्लाइट से वैष्णो देवी जा सकते हैं श्रद्धालु अभी एक उच्च स्तरीय टीम मूल्यांकन करने के लिए आ रही है और बहुत हद तक उनकी रिपोर्ट पर ही आगे की कार्रवाई होगी, लेकिन इससे इस जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए एक नई उम्मीद जग गई है। श्री माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए हर वर्ष एक करोड़ के आसपास श्रद्धालु आते हैं। बहुत से श्रद्धालु हवाई मार्ग से जम्मू में आते हैं। अगर उन्हें यह सुविधा उधमपुर तक मिलेगी तो कटड़ा से नजदीक होने के कारण श्रद्धालु उधमपुर को प्राथमिकता दे सकते हैं। यही नहीं अपने धार्मिक व पहाड़ी पर्यटन के लिए जाने जाने वाले उधमपुर, रियासी, डोडा जैसे जिलों में भी पर्यटक जाने को प्राथमिकता दे सकते हैं। फ्लाइट सर्विस के लिए उधमपुर होगा तीसरा शहर लेकिन इसके लिए क्षेत्र में अभी आधारभूत ढांचा विकसित करने की आवश्यकता है। अच्छी बात यह है कि उधमपुर एक सैन्य क्षेत्र भी है। यहां पर सेना की उत्तरी कमान का मुख्यालय है। वायु सेना और सीमा सुरक्षा बल का प्रशिक्षण केंद्र भी कुछ ही दूरी पर स्थित है। जहाज उतारने से इन सभी को भी लाभ होगा। जहाज उतारने के लिए पहले से ही उधमपुर में सुविधा है। ऐसे में यह उम्मीद लगाई जा सकती है कि आने वाले दिनों में चाहे कुछ एक ही सही लेकिन जहाज सेवा शुरू हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो जम्मू-कश्मीर में जम्मू और श्रीनगर के बाद उधमपुर तीसरा ऐसा शहर हो जाएगा जहां पर जहाज सेवा होगी। इससे लोगों की यात्रा बेहद आसान होगी। recent visitors 34