जबलपुर में धान खरीदी में 30 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा, घोटाले में 74 लोगों के खिलाफ 12 थानों में एफआईआर दर्ज

जबलपुर  जबलपुर जिले में धान की खरीदी, परिवहन और मिलिंग में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर इस फर्जीवाड़े में शामिल 74 लोगों के खिलाफ जिले के 12 थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। इस पूरे खेल में 13 कर्मचारी, 17 राइस मिलर, 25 सोसाइटी के 44 कर्मचारियों समेत 74 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने आरोपितों की खोजबीन शुरू कर दी है। कई जगह छापेमारी भी की गई। जिला प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ 12 थानों में केस दर्ज कराया है। आरोपियों ने फर्जी आरो के जरिए फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। इन 74 लोगों में नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक दिलीप किरार, निगम के 13 कर्मचारी, 17 राइस मिल संचालक और 44 सोसाइटी व उपार्जन केंद्र के कर्मचारी शामिल हैं। बता दें कि जिले में पहले से ही 3 लाख 81 हजार मैट्रिक टन धान खरीदी में अनियमितताएं पाई गई थीं। इस मामले में 22 लोगों पर पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इनमें समिति प्रबंधक, खरीदी केंद्र प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और वेयर हाउस संचालक शामिल थे। जिला प्रशासन को जांच में हेरा फेरी मिली पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अजय बिश्नोई की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच की थी। जांच में पता चला कि मिलरों ने धान का उठाव नहीं किया और दलालों के माध्यम से धान की हेराफेरी की। दरअसल, समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान के लिए जिले के बाहर के 17 राइस मिलर्स से एग्रीमेंट किया गया था। इन्हें धान का उठाव करना था। फर्जी नंबर वाले वाहनों से किया परिवहन जांच टीम ने जब टोल नाकों से धान परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रकों की लिस्ट मंगवाई तो पता चला कि जिन ट्रक नंबरों से धान का परिवहन होना था वो टोल नाकों से गुजरे ही नहीं। बल्कि फर्जी रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों के जरिए धान का परिवहन हो गया। टोल नाकों से 614 ट्रिप में 15 ट्रक ही गुजरे टीम ने जब पूरे प्रकरण की छान बीन की तो पता चला कि 1 लाख 31 हजार क्विंटल से अधिक धान का परिवहन फर्जी नंबर वाले वाहनों से किया गया। वहीं जांच में टोल नाकों के सीसीटीवी फुटेज और टोल पर्ची से पता चला कि रजिस्टर्ड नंबर वाले ट्रकों के 614 ट्रिप टोल नाकों से गुजरने थे, लेकिन महज 15 ट्रक ही इन टोल नाकों से गुजरे थे। मोबाइल बंद कर फरार हो गए इधर, सुबह से ही जिला प्रशासन की कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा रहा। इसकी भनक लगते ही मिलर्स, सोसाइटी प्रबंधक, कम्प्यूटर ऑपरेटर और कर्मचारी अपने मोबाइल बंद कर फरार हो गए। इस फर्जीवाड़े की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन से जुड़े कर्मचारियों ने मिलर, सोसाइटियों के साथ मिलकर कागजों पर धान चढ़ाई, परिवहन किया और फर्जी रिलीज ऑर्डर काटे। करीब 30 करोड़ 14 लाख की धान कागजों पर खरीद ली गई। इसमें से करीब 14 करोड़ की धान जबलपुर के बाजार में ही बेंची गई और शेष 16 करोड़ की धान को आनलाइन पोर्टल पर चढ़ाया। स्थानीय दलालों को बेची धान ग्वालियर, उज्जैन, मुरैना, मंडला, मनेरी आदि स्थानों के मिलर्स द्वारा सोसाइटी से धान उठाने के बजाए स्थानीय दलालों को बेची गई। इन्होंने कागजों पर ट्रक से धान का फर्जी परिवहन दिखाया, जबकि न तो इन ट्रक का टोल कटा और न ही टोल कैमरे में दिखे। जांच समिति ने यह गड़बड़ी पकड़ने के लिए धान का परिवहन करने वाले ट्रक का एनएचएआइ के टोल नाके से मूवमेंट की जांच की। परिवहन विभाग की सहायता से ट्रक की श्रेणी प्रकार और लोडिंग क्षमता की जांच में गड़बड़ी सामने आई और ट्रक यहां से गुजरे नहीं। अधिकारियों-कर्मचारियों और मिलर्स की सांठगांठ आई सामने जांच समिति ने जब पूरे फर्जीवाड़े के तार जोड़े तो कई अधिकारी, कर्मचारियों और मिलर्स की सांठगांठ सामने आई। इस दौरान 17 मिलर्स ने धान का परिवहन करने के बजाए उसे जबलपुर में ही बेच दिया। इसमें मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन के अधिकारी से लेकर ऑपरेटर और केंद्र प्रभारी व कंप्यूटर ऑपरेटर सीधे तौर पर शामिल रहे। 18 में से 17 राइस मिलर संचालक ने पूरा परिवहन का फर्जी रिकार्ड तैयार किया। इसके साथ ही 25 सोसायटियों यानी उपार्जन केंद्र द्वारा राइस मिलर संचालक और मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कारपोरेशन जबलपुर के कर्मचारियों के साथ मिलकर अन्य जिलों में धान बेचने का रिकार्ड तैयार कर उसे कागजों पर दिखाया गया। इन पर अधिनियम 1955 की सुसंगत धाराओं के तहत 12 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। 571 ट्रक फर्जी धान दिखाई     17 मिलर ने यह फर्जीवाड़ा किया, इन्होंने टोल पर 571 ट्रक की फर्जी जानकारी दिखाई।     धान ले जाने वाले जिन वाहनों का उपयोग किया गया, उन ट्रकों में कार के नंबर दिखाए गए।     ऑनलाइन पोर्टल में 324 डीओ जारी हुए, जिसमें 14 हजार मीट्रिक टन धान थी।     जांच टीम ने मोहतरा टोल, बहोरीपार टोल, सालीवाड़ा टोल और शहपुरा टोल की जांच की। 17 मिलर्स के साथ दलालों ने खेला फर्जीवाडे़ का खेल जबलपुर की 25 सोसायटियों ने कम्प्यूटर ऑपरेटर के साथ मिलकर बड़ा खेल खेला। उन्होंने उपार्जन केंद्र के प्रभारी और उससे जुड़े वेयरहाउस संचालक के साथ मिलकर उपार्जन केंद्र ने जिस धान को आनलाइन पोर्टल पर चढ़ाया, लेकिन भौतिक तौर पर वह है ही नहीं। इनका फर्जी वाहन में परिवहन दिखाया। नागरिक खाद्य आपूर्ति निगम को जिन वाहनों के परिवहन की जानकारी भेजी गई, वह ट्रक की नहीं बल्कि कई कारों की थी। इतना ही नहीं फर्जीवाड़े में जबलपुर के दलाल भी शामिल रहे, जिन्होंने अन्य जिलों के मिलर्स को यहां लाया और फिर विभाग के बाबू और कर्मचारियों से लेकर सोसायटी प्रबंधक के साथ बैठक करवाई। इन्हें प्रति धान बोरे के करीब एक हजार रुपये का कमीशन भी मिला, ताकि काम आसानी से हो सके। इस कमीशन की कई लोगों में बंदरबाट हुई। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें कई उपार्जन समिति से जुड़े लोग भी शामिल हैं, जिन्हें अभी तक जांच के दायरे से बाहर रखा गया है, लेकिन इनकी भी गोपनीय जांच चल रही … Read more

दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 , 269 शहरों में परीक्षण का कार्य पूरा

भोपाल स्वच्छता एक संकल्प है, जिसे मध्यप्रदेश में एक जन आंदोलन बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता संकल्प को प्रदेश ने आत्मसात किया है। स्वच्छता आंदोलन के परिणाम दिखाई देने लगे हैं। हर वर्ष की तरह दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 जारी है। स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश के शहर बहुत गंभीरता के साथ अपनी भागीदारी कर रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान भारत सरकार की सर्वेक्षण टीमें आकर शहरों में स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लेती हैं। इसमें स्वच्छता की आधारभूत तैयारियों का परीक्षण, खुले में शौच से मुक्ति और मल-जल का निस्तारण (ओडीएफ++ और वॉटर+) कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग (1,3 5 व 7 स्टार रेटिंग) सहित कुल तीन परीक्षण किए जाते हैं। अभी प्रदेश में आधारभूत तैयारियों का परीक्षण जारी है, जिसमें 269 शहरों में परीक्षण पूर्ण हो चुका है, शेष शहरों के परीक्षण के लिये टीमें पहुँच रही हैं। इसके बाद ओडीएफ++ और स्टार रेटिंग के परीक्षण शुरू होंगे। उल्लेखनीय है की मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय वर्ष भर शहरी स्वच्छता को सँवारने में जुटे रहते हैं। प्रदेश में नियमित कचरा संग्रहण, परिवहन और निपटान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से शहरों की स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ खुले में शौच पर प्रतिबंध को सफल बनाने के बाद शहरों को ओडीएफ़++ और वॉटर+ प्रमाण-पत्र दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग प्रदेश के नागरिकों, युवाओं और जन-प्रतिनिधियों से शहरों को स्वच्छ बनाने में सहयोग की निरंतर अपील कर रहा है। शहरों का बदला हुआ स्वरूप शासन के प्रयासों की सफलता को प्रदर्शित कर रहा है।   recent visitors 35

एमपी में बदला मौसम, अगले दो दिनों तक बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के आसार, इन जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में गर्मी वाले दिनों में बारिश आंधी और ओले गिरने वाला मौसम है। आज शुक्रवार को 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ग्वालियर, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में वर्षा होने के आसार है। मौसम विभाग के मुताबिक, मध्यप्रदेश में 3 सिस्टम एक्टिव है, जिसकी वजह से मौसम का मिजाज बदल गया है। गुरुवार को भोपाल, सागर, सीहोर, रीवा समेत 20 से अधिक जिलों में कहीं ओले गिरे तो कहीं तेज आंधी चली। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई। 21, 22 और 23 मार्च को भी ऐसा मौसम बना रहेगा। मौसम बदलने से कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट आई है। सीधी में 27.8 डिग्री, रीवा में 28.8 डिग्री, सतना में 31.4 डिग्री और नौगांव में पारा 32.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सिंगरौली और मंडला में आज शुक्रवार को गरज-चमक के साथ बारिश हुई। 24 घंटों के दौरान मंडला में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। डिंडौरी में बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग ने 30 जिलों में अलर्ट जारी किया है। जबलपुर, ग्वालियर, सागर और शहडोल संभाग में ज्यादा असर रहेगा। भोपाल की सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- 21, 22 और 23 मार्च को भी ऐसा मौसम बना रहेगा। मौसम बदलने से कई शहरों में दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। सीधी में 27.8 डिग्री, रीवा में 28.8 डिग्री, सतना में 31.4 डिग्री और नौगांव में पारा 32.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दमोह-कटनी में गिरेंगे ओले मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में ओले गिर सकते हैं। मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में तेज आंधी चलने का ऑरेंज अलर्ट है। शिवपुरी, अशोकनगर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में गरज-चमक, तेज आंधी चलने की संभावना है। मार्च के आखिरी दिनों में गर्मी का असर, अप्रैल-मई में हीट वेव प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में फिर से गर्मी का असर देखने को मिलेगा। कुछ इलाकों में लू भी चल सकती है। कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। वहीं मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 22 मार्च: कटनी, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में आंधी और ओले का ऑरेंज अलर्ट है। रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में गरज-चमक और आंधी चल सकती है। 23 मार्च: शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। 24 मार्च से फिर नया सिस्टम डॉ. सुरेंद्रन ने बताया, मौजूदा सिस्टम का असर 23 मार्च तक रहेगा। 24 मार्च से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। भोपाल में बूंदाबांदी, रीवा में ओले गिरे इससे पहले गुरुवार को भोपाल, सीहोर और सागर समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई। भोपाल में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस दौरान बादल छाए रहे और हवाएं भी चली। सागर के बंडा में अचानक बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली‌। हालांकि किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों को खेतों में रखी फसलें खराब होने का डर सता रहा है। रीवा जिले के सिरमौर, गुढ़, जवा, त्योंथर और रायपुर कर्चुलियान में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। बेमौसम बारिश और ओले गिरने से रबी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। दमोह, सिवनी, कटनी, सीधी, सिंगरौली, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, राजगढ़, अशोकनगर, विदिशा, सिवनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, मंड, नरसिंहपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और जबलपुर में भी मौसम बदला रहा। recent visitors 52

CM यादव ने कांग्रेस की लीडरशिप पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार के फैसले को हिंदू विरोधी करार दिया

भोपाल  कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा अल्पसंख्यक ठेकेदारों को 4 फीसदी आरक्षण देने को लेकर प्रदेश में सियासी बवाल खड़ा हो गया है. बीजेपी ने कांग्रेस की लीडरशिप पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार के फैसले को हिंदू विरोधी करार दिया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस मसले पर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में ठेकेदारों को धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था का प्रावधान करना अनुचित एवं निंदनीय है. लोकतांत्रिक देश में इस तरह किसी धर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-प्रावधान कैबिनेट से पास कर लागू करना कांग्रेस के अनैतिक चरित्र का प्रतीक है." उन्होंने आगे लिखा, "दलित, पिछड़े और समाज के वंचित लोगों के उत्थान के लिए भारतीय जनता पार्टी सरकार निरंतर काम कर रही है, जिससे सभी वर्गों को समाज में पूर्ण सम्मान और अधिकार मिल सके." भारत तोड़ो की नीति पर काम कर रहे हैं कांग्रेसी नेता सीएम मोहन यादव ने आगे कहा है कि इतिहास साक्षी है कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान के मूल्यों का सम्मान करने की बजाय जातिगत पक्षपात और समाज के विभिन्न वर्गों में भेदभाव की भावना पैदा करने में मुख्य योगदान दिया है. कांग्रेसी भारत जोड़ो नहीं, भारत तोड़ो की विचारधारा पर काम कर रहे हैं. कर्नाटक सरकार का यह फैसला इसी अपशिष्ट राजनीति का उदाहरण है. मोहन यादव ने लिखा ये भी कहा है कि इस तरह के धर्म आधारित फैसलों के विरुद्ध पूर्व में भी कई बार  न्यायालयों द्वारा निर्णय दिए गए हैं. इस बार भी कांग्रेस सरकार का यह फैसला न्यायालय में नहीं टिक पाएगा. सीएम मोहन यादव के मुताबिक, "मैं धर्म आधारित इस आरक्षण की कड़ी आलोचना करता हूं. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में बैठे मल्लिकार्जुन खड़गे से कहना चाहूंगा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के तुष्टिकरण के फैसले को वापस कराने के लिए उचित कार्रवाई करें." recent visitors 38

अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।  उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है। अबूझमाड़ में तेजी से हो रहे विकास कार्य मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं। आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। recent visitors 36

समना विकासखण्ड को तहसील बनाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना रानी अवंती बाई के अद्भुत साहस और पराक्रम को देखकर अंग्रेज दहशत में रहते थे। उनके बलिदान दिवस पर नमन कर हम सभी उन्हें कृतज्ञता पूर्वक स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी में वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर डिंडौरी में बालपुर स्थित समाधि स्थल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान व्यक्तित्व के धनी अल्पायु में ही ऐसे काम कर जाते हैं, जिससे कि वे सदैव इतिहास में स्मरण किये जाते है। उन्होंने बताया कि अवंती का अर्थ है, 'जिसका कभी अंत न हो।' वीरांगना रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों की हड़प नीति के विरोध में मात्र 26 वर्ष की आयु में आजादी का झण्डा बुलंद करते हुए प्राणोत्सर्ग कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले का समना विकासखंड को तहसील बनाया जायेगा। मुख्यमत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के शौर्य और पराक्रम का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि यह वीरांगनाओं और वीरों की धरती है।यहाँ रानी दुर्गावती, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, देवी अहिल्याबाई, राजा रघुनाथशाह एवं कुंवर शंकरशाह जैसे महान व्यक्तित्व जन्मे हैं। रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंती बाई और राजा रघुनाथ शाह एवं कुंवर शंकरशाह ने अपने सीमित संसाधनों से देश व स्वाभिमान के लिये अंग्रेजी शासन के खिलाफ जमकर लोहा लिया। उन्होंने तात्कालिक समय में कठिन परिस्थतियों में सिर्फ आत्म सम्मान, राष्ट्रभक्ति को लेकर समाज को एक नई दिशा दी। रानी अवंती बाई का चरित्र से हमें सीख मिलती है कि डलहौजी की हडप नीति के विरोध में उन्होंने अपनी शासन की रक्षा की।उनके इस योगदान के कारण लोधी समाज सहित सम्पूर्ण समाज रानी अवंती बाई को पूजता है। महापुरूषों की गौरव गाथा स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के स्वतंत्रता संग्राम में आहूति देने वाले महान लोगों की गौरव गाथा को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है। ऐसे महापुरूषों की गौरव गाथाओं को समाज की अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा ताकि भावी पीढ़ी भी महापुरूषों की शौर्य गाथाओं से परिचित हो सकें। भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य वीर इस बात के प्रतीक हैं। जनजातीय समाज के लिए बिरसा मुंडा भगवान हैं। उनके जन्मदिन पर जनजाति गौरव दिवस मनाया जाता है। वीरांगना रानी दुर्गावती की योगदान याद करने के लिए जबलपुर में मध्यप्रदेश शासन की पहली केबिनेट आयोजित की। जनजातीय गौरव को ध्यान में रखते हुए खरगोन विश्वविद्यालय का नाम क्रांतिसूर्य टंटया मामा के नाम पर किया गया। किसान गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं। श्रीअन्न (मोटे अनाज) के लिए एक हजार रूपए प्रति क्विंटल, धान के लिए 4 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर, गेंहू के लिए 2600 प्रति क्विंटल राशि हस्तांतरित करने वाले हैं। 10 से ज्यादा गौ-पालन करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। इससे गौ-पालन और दुग्ध उत्पादन को बढावा मिलेगा। प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए लगातार प्रयास जारी है। डिंडौरी में दुग्ध आधारित उद्योगों के साथ ही लघु उद्योग, मध्यम उद्योग, कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग लगाएंगे। रानी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष को मना रहे हैं, रानी अवंती बाई और रानी अहिल्या बाई के आदर्शों के सभी पक्षों को लेकर समाज में जा रहे हैं, जिसके आधार पर गरीब, युवा, किसान और नारी के कल्याण कार्यों को कर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रानी अवंती बाई की शहादत की इस पुण्य भूमि में सभी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि रानी अवंतिबाई जैसा पराक्रम इतिहास में कम मिलता है। अंगेजों के शासनकाल में रानी अवंतीबाई ने जनमानस के लिए कर वसूली के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई, रानी ने 26 वर्ष की उम्र में अपने पराक्रम का परिचय देते हुए, आज से 150 से अधिक वर्ष पहले बताया कि न्याय और परोपकार की भावना के साथ हम हर कार्य कर सकते है। संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने अपने सम्बोधन में कहा कि रानी अवंती बाई का पराक्रम असाधारण एवं अद्भुत है। रानी अवंती बाई ने 1857 की क्रांति में भाग लेकर अपने राज्य की रक्षा कर अंग्रेज अधिकारी वाडिंग्टन को भगाया। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश परस्ते ने अपने सम्बोधन में रानी अवंती बाई के बलिदान की शौर्यगाथा का वर्णन किया।क्षेत्र के विकास सौगात के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। डिंडौरी जिले को मिली सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेंहदवानी से आईटीआई तक डामरीकरण का कार्य, शहपुरा में 132 केव्ही. का सब स्टेशन निर्माण, दनदना, राघो, नागदमन, गोरखपुर जलाशयों के पक्की नहरीकरण कार्य, नर्मदा तट पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कार्य, मूसरघाट से शहडोल मार्ग, समनापुर में तहसील कार्यालय का क्रियान्वयन, गौराकन्हारी में कन्या छात्रावास, नेवसा वाटरफॉल के समीप गाजर नदी पर बांध बनाये जाने की सौगात दी। हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत राहुल केशरवानी को 2 करोड़ 27 लाख स्वीकृत राशि राइस मिल के लिए, सीसीएल के तहत मां नर्मदा आजीविका स्व सहायता समूह सहित 2482 स्व-सहायता समूहों को 53 करोड़ 80 लाख की राशि, पीएमएफएमई योजना के तहत अमृता, संतोषी स्व-सहायता समूह को फ्लोर मिल के लिए 7 लाख रूपए की राशि का हितलाभ वितरण मंच से किया गया। उक्त कार्यक्रम में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, चमरू सिंह नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति प्रकाश धुर्वे, तोक सिंह नरवरिया, मनोहर ठाकुर, गिरीश द्विवेदी, होशियार सिंह नरेन्द्र सिंह राजपूत, अवधराज बिलैया, पंकज तेकाम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 78

मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल

सबके जीवन में खुशहाली लाना ही हमारा मूल लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आनंद संस्थान एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में आनंद की कामना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुख और दुःख मनुष्य के जीवन से उसी तरह जुड़े हैं, जैसे दिन के बाद रात। सुख-दुख जीवन के अभिन्न अंग हैं। लोक कल्याणकारी राज्य का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में खुशहाली लेकर आये। हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सबका कल्याण ही हमारा मूल लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्याग, तप, साधना, बलिदान, असंचय, अपरिग्रह और निस्वार्थ सेवा भाव से मन की शांति ही सुख है। प्रकृति के सानिध्य में जब मन, परमात्मा के भावों में लीन हो जाता है, तब ही तादात्म्य ही सच्चा सुखानंद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में उल्लास भरने के लिए हमारी सरकार जी-जान से जुटी है। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. मोहन नागर, रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, कोलकाता से आए स्वामी समर्पणानन्द जी, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश अरोड़ा, आईआईएम इंदौर के पूर्व निदेशक डॉ. एन. रविचन्द्रन, प्रमुख सचिव, आनंद विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सुधिजन एवं आनंदक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में हर्ष, आनंद और खुशहाली लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित कर रही है। नागरिकों के जीवन में खुशहाली और संतोष ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कष्ट सहकर भी जीवन देने का सुख पाये, वो है माता और साधक बनकर भी जीवन का असीम सुख पाये वो है सन्यासी। कष्ट में भी सुख है, इसलिए जीवन का मर्म समझिए कि परमात्मा ने हम सबको आनंद में जीवन जीने के लिए इस धरा पर भेजा है, इसलिए जीवन को आनंदमय होकर ही जियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण से सरकार के साथ मिलकर एक खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान दें। आनंद विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार का उद्देश्य आनंद के नए आयाम और नित नई परिस्थितियों में आनंद की खोज करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष राज्य आनंद संस्थान भोपाल एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच एम.ओ.यू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान न होकर दो जमीन स्तर से प्रभावी संगठनों के समन्वय की महत्वाकांक्षी पहल है। यह समझौता दोनों विभागों के बीते एक वर्ष में कुल 24 हजार 310 और बीते तीन वर्षों में 72 हजार 390 लोगों के जीवन में स्वैच्छिकता और आनंद का कारक बना। स्वामी समर्पणानन्द जी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति और परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। हम अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के संवाहक बनें और मनुष्य में निहित देव गुणों को उभारें। यह मानव जाति की सेवा के लिए हमें प्रेरित करेगा और जब आप सच्चे मन से किसी की सेवा करते हैं तो जो शांति मिलती है, वही आनंद है और वही जीवन का सार है। उन्होंने देश में आनंद विभाग स्थापित करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पंच महा-अमृत शीलों का पालन करना चाहिए, इससे जीवन में खुशहाली आएगी। प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि आनंद व्यक्ति के भीतर से आता है, पर इसका प्रभाव व्यक्ति के चरित्र से बाहर दिखाई देना चाहिए। व्यष्टि से समष्टि तक चारों ओर आनंद है, पर उस आनंद को हमें खोजना आना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन के सभी कार्य बखूबी निभाता है, तभी उसे जीवन का असली सुख प्राप्त होता है। डॉ. एन. रविचन्द्रन ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। सब अपने-अपने तरीकों से आनंद खोज रहे हैं। मन के संतोष से ही व्यक्ति को शांति और आनंद मिलता है। अपने काम, कर्तव्य और रिश्तों को ईमानदारी से निभाएं, यही सच्चा सुख है, यही आनंद है। कार्यक्रम के आरंभ में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार के आयोजन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा गया है। विभाग विविध गतिविधियों से प्रदेश के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयासरत हैं और प्रयास जारी रहेंगे। दो दिवसीय हैप्पीनेस सेमिनार में उपस्थित हुए समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ ने नागरिकों के जीवन में सुख और आनंद बढ़ाने के उपायों एवं नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।   recent visitors 111