रंगपंचमी गेर में पहली बार बड़ा हादसा, एक व्यक्ति की मौत, हादसे के बाद CM मोहन यादव ने रद्द किए कार्यक्रम

इंदौर मध्य प्रदेश आर्थिक शहर इंदौर में रंगपंचमी पर चल रही गेर में बड़ी घटना हो गई है। रंगपंचमी पर शहर में चल रही गेर में लाखों लोगों की भीड़ पहुंची है। इसी दौरान राजवाड़ा क्षेत्र में लोगों पर पानी की बौछार करते चल रहे ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई है।बताया जा रहा है कि, अनियंत्रित होकर गिरे शख्स के पेट के ऊपर से ट्रेक्टर का पहिया निकल गया, जिसके चलते युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन फानन में एंबुलेंस को सूचना दी गई। करीब 3 मिनट के भीतर ही लाखं लोगों की भीड़ के बीच एंबुलेंस पहुंची और गंभीर हालत में युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की ओर से भी बड़ा अपडेट सामने आया है। हादसे पर संवेदनशलता दिखाते हुए सीएम मोहन यादव ने गेर में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यमंत्री इंदौर एयरपोर्ट से ही उज्जैन के लिए रवाना हो गए। फिलहाल गेर में भारी पुलिस बल तैनात है। ड्रोन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जा रही है। भीड़ में दबने से 3 बेहोश हादसे के बाद झूमते-नाचते लोगों के बीच हड़कंप मच गया। अचानक हुई इस घटना के बाद मौके पर टेंशन की स्थिति बन गई। वहीं, भीड़ के बीच दबने के कारण गेर में शामिल 3 लोग घबराहट से बेहोश हो भी गए। जबकि, फाग यात्रा के दौरान एक शख्स की तबीयत भी बिगड़ गई। पुलिस ने जैसे तैसे उसे भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। सीएम मोहन का कार्यक्रम कैंसिल, मुआवजे का ऐलान हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इंदौर में चल रही विश्व प्रसिद्ध गेर में पहुंचने से इंकार कर दिया। अशोकनगर के करेला मेले से लौटते समय मुख्यमंत्री कुछ ही देर में इंदौर पहुंचने वाले थे। यहां सीएम मोहन यादव पहुंच रहे थे, लेकिन हादसे के चलते युवक की मौक हो गई। इस दौरान सीएम यादव ने न सिर्फ मृतक के परिजन मृतक को सांत्वना दी, बल्कि शासन की ओर से मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी कर दी है। अबतक नहीं हो सकी मृतक की पहचान गेर में वाहन की चपेट में आए युवक क मौत के बाद गेर में हड़कंप मच गया। फिलहाल, एंबुलेंस की सहायता से मृतक को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचा दिया गया है। इस दौरान लाखों लोगों में गजब का सोहार्द देखने को मिला, तत्काल एंबिलेंस के घटना स्थल तक पहुंचने और वापस अस्पताल के लिए रवाना होने के लिए एंबुलेंस को रास्ता दिया गया। बताया जा रहा है कि, अबतक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। उसकी उम्र करीब 45 वर्ष मालूम हो रही है। मृतक ने चौकड़ी दार शर्ट और जींस पहन रखी है। सीने पर ट्रैक्टर का टायर चढ़ने से उसकी पसली में अंदरूनी चोट आई, जिसके चलते उसकी मौत होने की संभावना जताई जा रही है। recent visitors 22

शुभांशु शुक्ला ड्रैगन यान से भरेंगे उड़ान, जल्द लौटेंगे धरती पर

नई दिल्ली भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद आज सुबह स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए धरती पर सुरक्षित लौट आई हैं। यह यान फ्लोरिडा के तट पर बुधवार सुबह 3:27 बजे (IST) सफलतापूर्वक उतरा। स्पेसएक्स के ड्रैगन यान से सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की सफल वापसी के बाद अब दुनिया की नजर आगामी एक्सियम मिशन 4 (Ax-4) पर टिकी है, जिसमें भारत की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी। वसंत 2025 में लॉन्च होने वाले इस निजी अंतरिक्ष मिशन में पहली बार भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट और गगनयान मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) भेजा जाएगा। यह मिशन नासा के केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से स्पेसएक्स के ड्रैगन यान के जरिए रवाना होगा और करीब 14 दिनों तक चलेगा। विविध अंतरराष्ट्रीय दल का हिस्सा होंगे शुक्ला Ax-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला के अलावा, नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन कमांडर की भूमिका निभाएंगी। उनके साथ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के अंतरिक्ष यात्री सावोश उजनांस्की-विस्नीवस्की (पोलैंड) और तिबोर कापू (हंगरी) भी होंगे। यह टीम अंतरिक्ष में विभिन्न वैज्ञानिक रिसर्च, शैक्षिक गतिविधियां और व्यावसायिक परियोजनाओं में शामिल होगी। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री निजी मिशन के तहत ISS पर जाएगा। भारत और निजी अंतरिक्ष अभियानों के लिए बड़ी उपलब्धि Ax-4 मिशन न केवल अंतरिक्ष में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है, बल्कि यह भारत और अमेरिका के बीच ISRO और NASA के सहयोग को भी मजबूत करता है। नासा की ISS प्रोग्राम मैनेजर डाना वेइगेल ने कहा, "निजी अंतरिक्ष मिशन माइक्रोग्रैविटी रिसर्च के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ मानव अंतरिक्ष उड़ान की पहुंच को भी व्यापक बना रहे हैं।" गगनयान मिशन को मिलेगा फायदा इसरो इस मिशन पर करीबी नजर रखेगा, क्योंकि इससे मिलने वाले अनुभवों को भारत के गगनयान मिशन में भी इस्तेमाल किया जाएगा। भारत की यह ऐतिहासिक भागीदारी भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण और व्यावसायिक अंतरिक्ष यात्रा के दरवाजे खोल सकती है। एशिया का पहला वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना एक्सियम स्पेस कंपनी भविष्य में दुनिया का पहला निजी स्पेस स्टेशन विकसित करने की योजना बना रही है और Ax-4 मिशन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Ax-4 मिशन की तैयारियां जोरों पर हैं और भारत के शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक यात्रा को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। यह मिशन वैश्विक स्तर पर अंतरिक्ष अभियानों में भारत की भागीदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला साबित हो सकता है। सुनीता विलियम्स की सफल वापसी सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से 5 जून 2024 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए थे, लेकिन ये दोनों तकनीकी समस्याओं के कारण वहां फंस गए। नासा ने स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को बिना चालक दल के वापस धरती पर लाने का फैसला किया था। अब 9 महीने बाद यह जोड़ी स्पेसएक्स ड्रैगन के क्रू-9 मिशन के साथ लौटी। सुनीता विलियम्स के साथ नासा के निक हेग और रूस के रोस्कोस्मोस कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोर्बुनोव भी इस मिशन का हिस्सा थे। यह मिशन, जो शुरू में केवल 8 दिनों के लिए निर्धारित था, तकनीकी खामियों के कारण 9 महीने तक खिंच गया। उनकी वापसी को भारत और विश्व भर में उत्साह के साथ देखा गया। गुजरात के झुलासन गांव, जो सुनीता का पैतृक गांव है, में लोगों ने उनकी सुरक्षित वापसी पर खुशी मनाई और आतिशबाजी की। सुनीता विलियम्स की वापसी और शुभांशु शुक्ला की आगामी यात्रा भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नए अध्याय जोड़ रही हैं। जहां सुनीता ने अपनी अद्भुत अंतरिक्ष यात्रा के साथ एक मिसाल कायम की है, वहीं शुभांशु भारत के अंतरिक्ष सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार हैं। recent visitors 26

सूर्यकुमार यादव कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे जिसकी पुष्टि हार्दिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पिछले सीजन में ओवर-रेट अपराध के लिए मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पांड्या पर एक मैच का निलंबन IPL 2025 संस्करण में भी जारी रहेगा, जिससे ऑलराउंडर रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ अपनी टीम के पहले मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। इस प्रकार सूर्यकुमार यादव कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे जिसकी पुष्टि हार्दिक ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की, जहां उनके साथ टीम के कोच महेला जयवर्धने भी मौजूद थे। अपने निलंबन पर एक सवाल का जवाब देते हुए हार्दिक ने कहा, 'सूर्यकुमार यादव भारत की भी कप्तानी करेंगे। वह पहले मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करेंगे। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे साथ तीन कप्तान खेल रहे हैं – रोहित (शर्मा), सूर्य और (जसप्रीत) बुमराह। वे हमेशा मेरे कंधे पर हाथ रखते हैं और जब भी मुझे किसी मदद की जरूरत होती है, तो वे हमेशा मौजूद रहते हैं।' यह अभी भी तय नहीं है कि बुमराह अपनी पीठ की चोट से कब तक फिट होकर MI टीम में शामिल होंगे। फिलहाल, वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में हैं, जिसकी पुष्टि जयवर्धने ने की है। कोच ने कहा, 'हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि एनसीए की उनके (बुमराह) बारे में क्या प्रतिक्रिया है। वह अभी भी वहां हैं और अच्छे मूड में हैं, उम्मीद है कि वह जल्द ही टीम में शामिल हो जाएंगे। उनका न होना एक चुनौती है…यह किसी और के लिए आगे आकर यह दिखाने का अवसर भी है कि वे क्या करने में सक्षम हैं।' हार्दिक से जब पूछा गया कि क्या नियम में बदलाव होना चाहिए और पिछले सीजन के अपराध का अगले सीज़न पर असर नहीं पड़ना चाहिए? उन्होंने कहा, 'यह मेरे नियंत्रण से बाहर है। पिछले साल जो हुआ वह खेल का हिस्सा था; हम आखिरी ओवर में डेढ़ या दो मिनट पीछे थे। मुझे उस समय इसके परिणाम नहीं पता थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन नियम यही कहते हैं। इसलिए मुझे नियमों के अनुसार चलना होगा। अगले साल (चाहे) वे इस नियम को जारी रखेंगे या नहीं, यह उच्च अधिकारियों पर निर्भर है।' recent visitors 35

प्राइवेट फर्म की मिनीबस में आग लगने से ऑफिस जा रहे कंपनी के चार कर्मचारियों की जलकर मौत, हुआ दर्दनाक हादसा

पुणे महाराष्ट्र में पुणे के पास से बुधवार को एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक प्राइवेट फर्म की मिनीबस में आग लगने से ऑफिस जा रहे कंपनी के चार कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक मिनी बस में सुबह करीब साढ़े 7 बजे पिंपरी चिंचवाड़ इलाके के हिंजेवाड़ी में आग लग गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हादसा तब हुआ जब मिनी बस में पीछे की तरफ मौजूद इमरजेंसी गेट खुल नहीं पाया और कुछ कर्मचारी गाड़ी के अंदर फंस गए। जांच के दौरान पता चला है कि गाड़ी में व्योम ग्राफिक्स कंपनी के कर्मचारी सवार थे। घटना के समय फर्म के 12 कर्मचारी वारजे से हिंजेवाड़ी में काम करने के लिए दफ्तर जा रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक जब गाड़ी डसॉल्ट सिस्टम्स के पास पहुंचा, तो ड्राइवर की सीट के नीचे आग लग गई। ड्राइवर ने गाड़ी को स्पीड कम कर दी जिसके बाद कुछ कर्मचारी मिनीबस से उतर गए। हालांकि कुछ लोग अंदर ही फंस गए। हिंजेवाड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कन्हैया थोरात ने पीटीआई को बताया, "खतरे को भांपते हुए चार कर्मचारी तुरंत मिनीबस से उतर गए। गाड़ी के पीछे बैठे लोगों ने पीछे की तरफ से इमरजेंसी एग्जिट गेट से भागने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए।" वहीं पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के एक दमकल अधिकारी ने बताया कि आग आगे से पीछे की तरफ तेजी से फैली जिससे कर्मचारियों को भागने का मौका नहीं मिला और वे अंदर फंसे लोगों को बचाने में कामयाब रहे। बाद में आग पर काबू पा लिया गया है। recent visitors 36

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में प्रस्तावों का परीक्षण करने के निर्देश दिए

भोपाल सुपर कॉरिडोर इंदौर में आईटी इंफ्रा डेवलपर से 10 हजार और भोपाल में बड़वई आईटी पार्क के प्रारंभ होने से 870 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी तरह भिंड में प्लाई बोर्ड सेक्टर से 750, मुरैना में खाद्य प्रसंस्करण इकाई से 320, धार जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाई से 549 और नीमच जिले में सीमेंट इकाई से 556 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में इन इकाइयों के प्रस्तावों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इसमें नई नीतियों के प्रावधानों को ध्यान में रखा जाए। बैठक में बताया गया कि नए प्रस्तावों से लगभग 13 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा है कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए संबंधित विभाग प्रस्तावों के आवश्यक परीक्षण का काम पूरा करके उद्योग स्थापना में सहयोग करें। जो नई नीतियां बनाई हैं, उनके अनुसार प्रस्तावों का परीक्षण हो ताकि जो सुविधाएं दी गई हैं, उनका लाभ मिल सके। बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्य मंत्री गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 27

गर्मी की शुरुआत में राहत, टमाटर, धनिया व हरी मिर्च आम आदमी के बजट में नजर आ रहे, पारा चढ़ेगा, दाम भी बढ़ेंगे

ग्वालियर गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दी है, लेकिन हरी सब्जियों ने अभी अधिक तेजी नहीं पकड़ी है। सब्जियों के भाव अब भी सामान्य हैं। टमाटर, धनिया व हरी मिर्च आम आदमी के बजट में नजर आ रहे हैं। आलू व प्याज के दामों में अवश्य गिरे हैं। आलू 25 से 30 रुपये किलो से घटकर 15 से 16 रुपये किलो पर आ गया है। प्याज के भाव भी 40 से 50 रुपये से गिरकर 25 रुपये किलो पर आ गए हैं। जैसे-जैसे पारा चढ़ेगा, दाम भी बढ़ेंगे सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी अपना रंग दिखाएगी, वैसे-वैसे सब्जियों के दाम पर ऊपर जाएंगे। फिलहाल सब्जियों में तेजी नजर नहीं आ रही है। गर्मी शुरू होते ही मटर अवश्य गायब हो गई है। पालक और मैथी 10 से 20 रुपये किलो पर अटकी हुई है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंड़ी और बाजार में ठेले वालों के दाम अलग से छत्री मंड़ी में लगने वाली सब्जी मंड़ी और ठेलों पर बिकने वाली सब्जियों के दामों में जमीन आसमान का अंतर है। सिटी सेंटर और थाटीपुर चौराहे के आसपास लगने वाले सब्जी के ठेलों पर सब्जी के दाम छत्री मंड़ी के दामों लगभग दोगुना का अंतर है। इस संबंंध में ठेले वालों का कहना है कि दामों में अंतर सब्जी के गुणवत्ता पर निर्भर करता है। उनका कहना है कि भाड़े से भी दाम बढ़ जाते हैं। हम लोग घर के दरवाजे पर सब्जी उपलब्ध कराते हैं। अगर मंडी जाओगे तो उतना ही पेट्रोल लग जाएगा और समय भी अधिक खराब होगा। recent visitors 33

बस्तर में सक्रिय देश की इकलौती नक्सल बटालियन को भी नक्सलियों ने कई टुकड़ों में तोड़ दिया, गुरिल्ला वार की आशंका

जगदलपुर सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सलियों ने संगठन स्तर पर कई बड़े फेरबदल किए हैं। बस्तर में सक्रिय देश की इकलौती नक्सल बटालियन को भी नक्सलियों ने कई टुकड़ों में तोड़ दिया है। अब नक्सली छोटे-छोटे समूहों में गुरिल्ला वार की रणनीति बना रहे हैं, जबकि पहले गर्मियों में नक्सली बड़े हमले करते थे। बस्तर में मार्च, अप्रैल, मई और जून के समय को नक्सली टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) कहते हैं। यह वही समय है, जब जंगल के भीतर दृश्यता बढ़ जाने का लाभ उठाकर नक्सली बड़े हमले करते रहे हैं। टीसीओसी के दौरान हुए हमले में तीन अप्रैल, 2010 को ताड़मेटला हमले में 76 जवान, 25 अप्रैल, 2017 को सुकमा के बुरकापाल में 32 जवान और तीन अप्रैल 2021 को टेकुलगुड़ेम मुठभेड़ में 22 जवान बलिदान हो गए थे, जबकि इस बार स्थिति बदली हुई है। नक्सलियों के पुनर्वास की सरकार की नई नीति के चलते भी कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। ऐसे लोगों को फिर से मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है। राज्य में शांति स्थापित होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी।   14 महीने में मारे गए 304 नक्सली सुरक्षा बल ने पिछले 14 माह में नक्सलियों के विरुद्ध आक्रामक अभियान करते हुए 304 नक्सलियों को ढेर कर दिया है, जबकि 34 अग्रिम सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके बाद नक्सली भी यह मानकर चल रहे हैं कि टीसीओसी का लाभ फोर्स भी उठा सकती है और संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। पिछली गर्मियों में इसी रणनीति से सुरक्षा बल ने नक्सलियों के विरुद्ध कई बड़े अभियान किए थे। यही कारण है कि जंगल के भीतर से जो जानकारी आ रही है उसके अनुसार नक्सलियों ने इस बार अपने संगठन में भारी बदलाव किया है। कंपनी और प्लाटून स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। एक साल में छीना नक्सलियों का गढ़ पिछले एक वर्ष के भीतर सुरक्षा बल ने बस्तर में नक्सलियों के सबसे ताकतवर किले को ढहा दिया है। सुकमा और बीजापुर जिले का सीमावर्ती क्षेत्र दो दशक से नक्सलियों के बटालियन का केंद्र था। पिछले दो वर्ष में सुरक्षा बल ने यहां टेकुलगुड़ेम, पूवर्ती, तर्रेम, गुंडेम, कोंडापल्ली, जिड़पल्ली, वाटेवागु सहित दस से अधिक अग्रिम चौकियों की स्थापना कर खुद को मजबूत बना लिया है। नक्सली अब बचने के लिए स्माल एक्शन ग्रुप्स में बंटकर हमला करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। मगर, सुरक्षा बल तैयार है। टीसीओसी में नक्सलियों के विरुद्ध अभियान को और भी आक्रामक किया जाएगा। -सुंदरराज पी., आईजीपी बस्तर बड़ा नुकसान पहुंचाने की ताक में हैं नक्सली पूर्व पुलिस महानिदेशक विज नक्सल मामलों के जानकार छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक आरके विज ने कहा कि इस समय सुरक्षा बल की स्थिति जंगल के भीतर मजबूत हुई है। सटीक सूचना के आधार पर अभियानों में नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। यही कारण है कि नक्सली गुरिल्ला लड़ाई तकनीक के अनुसार छोटे-छोटे समूह में बंटकर बड़े नुकसान पहुंचाने की ताक में होंगे। गुरिल्ला युद्ध में छोटा बल भी बड़ा नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है।   recent visitors 29