1 अप्रैल 2025 से बंद हो जाएगा UPI?इन मोबाइल नंबरों की बैंकिंग और UPI सेवा, जानें वजह

मुंबई अगर आप UPI का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे. इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है. क्या है नया नियम? NPCI के नए निर्देशों के अनुसार, बैंकों को उन मोबाइल नंबरों को अपने सिस्टम से हटाना होगा जो बंद हो चुके हैं या नए ग्राहकों को दोबारा असाइन किए गए हैं. यह कदम UPI ट्रांजैक्शन में होने वाली गलतियों को रोकने के लिए उठाया गया है. हर हफ्ते होगा डेटा अपडेट NPCI ने 16 जुलाई 2024 को हुई बैठक में यह फैसला लिया कि:     बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) को अपने डेटा को साप्ताहिक रूप से अपडेट करना होगा.     इस प्रक्रिया में उन मोबाइल नंबरों की सूची को हटाया जाएगा जो अब बंद हो चुके हैं या किसी अन्य ग्राहक को दे दिए गए हैं.     इससे गलत नंबर पर ट्रांजैक्शन होने की संभावना कम हो जाएगी और सुरक्षा बढ़ेगी. UPI यूजर्स को क्या करना चाहिए? NPCI के नए दिशानिर्देशों के चलते UPI यूजर्स को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:     रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट करें: यदि आपने हाल ही में अपना मोबाइल नंबर बदला है, तो तुरंत अपने बैंक और UPI ऐप में इसे अपडेट करें.     UPI ऐप्स के नोटिफिकेशन पर नजर रखें: UPI ऐप्स अब नंबर अपडेट के लिए स्पष्ट सहमति लेंगे. इसके लिए एक ‘ऑप्ट-इन’ विकल्प दिया जाएगा, जिससे उपयोगकर्ता की मंजूरी के बिना कोई बदलाव नहीं होगा.     बैंक से संपर्क करें: यदि आपका पुराना मोबाइल नंबर बंद हो गया है, तो तुरंत बैंक को इसकी सूचना दें ताकि आपके अकाउंट की सुरक्षा बनी रहे.     पैसे प्राप्त करने में रुकावट: यदि किसी ग्राहक का नंबर अपडेट नहीं होता है, तो उन्हें UPI के माध्यम से पैसे प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है. बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नए निर्देश NPCI ने बैंकों और UPI सेवा प्रदाताओं को इन नियमों को लागू करने के लिए 31 मार्च 2025 तक का समय दिया है. 1 अप्रैल 2025 से:     सभी बैंकों को NPCI को मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी.     इस रिपोर्ट में कुल UPI आईडी, सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या, अपडेट किए गए मोबाइल नंबरों के माध्यम से हुए ट्रांजैक्शन और स्थानीय स्तर पर हल किए गए नंबर-बेस्ड ट्रांजैक्शन का विवरण शामिल होगा. नए नियमों का असर NPCI द्वारा लागू किए गए इन नए दिशानिर्देशों का सकारात्मक प्रभाव निम्न रूप से देखा जा सकेगा:     UPI ट्रांजैक्शन में सुरक्षा बढ़ेगी: गलत नंबर पर पैसे भेजने की घटनाओं में कमी आएगी.     धोखाधड़ी की घटनाएं कम होंगी: नंबर अपडेट प्रक्रिया के कारण स्कैम और फ्रॉड की आशंका कम होगी.     UPI का अनुभव बेहतर होगा: उपयोगकर्ता लेन-देन में अधिक सहजता और सुरक्षा महसूस करेंगे. NPCI का उद्देश्य NPCI का मुख्य उद्देश्य UPI ट्रांजैक्शन को सुरक्षित और उपभोक्ता हित में अधिक सुविधाजनक बनाना है. नए नियमों के लागू होने के बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम और अधिक मजबूत व सुरक्षित हो जाएगा. recent visitors 48

आज राज्य स्तरीय ओलंपियाड अंग्रेजी प्रतियोगिता भोपाल के प्रगत शैक्षिक संस्‍थान में आयोजित की जा रही

भोपाल स्‍कूल शिक्षा विभाग के राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 में आयोजित राज्य स्तरीय शैक्षिक ओलंपियाड अंग्रेजी प्रतियोगिता आज और कल भोपाल के प्रगत शैक्षिक संस्‍थान में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में जिला स्तर की अंग्रेजी ओलंपियाड प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थी भाग लेंगे। उल्‍ले‍खनीय है कि राज्‍य स्‍तरीय प्रतियोगिता में सहभागिता करने वाले विद्यार्थी पूर्व में शाला स्‍तर, संकुल स्‍तर, विकासखण्ड स्‍तर और जिला स्तर तक प्रतियोगिताओं के विजेता बनने के बाद यहॉ तक पहुँचे हैं। अंग्रेजी ओलंपियाड में कक्षा 2 से 8 तक के लगभग 14 लाख 60 हजार विद्यार्थी ने भाग लिया था। भोपाल में 20 एवं 21 मार्च को भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता में प्रत्येक जिले से कक्षा 2 ये 8 के 364 विजेता विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता बच्चों को मुंबई में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। recent visitors 55

अप्रैल में 5 दिन बंद रहेंगे बैंक, उससे पहले से निपटा लें जरूरी काम: भारतीय रिजर्व बैंक

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2025 को बैंकों में कामकाज नहीं होने की घोषणा की है। इस दिन सभी बैंकों में कामकाजी गतिविधियाँ बंद रहेंगी। यह कदम वाणिज्यिक बैंकों की वार्षिक लेखाबंदी के कारण उठाया गया है। इसके अलावा अप्रैल महीने में और भी कई दिनों पर बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 अप्रैल 2025 को बैंकों में कोई भी कार्य न होने की घोषणा की है। खासतौर पर इस दिन बैंकों की वार्षिक लेखा-बंदी का कार्य होता है, जिसके कारण इस दिन बैंकों में कोई लेन-देन नहीं होगा। ऐसे में बैंकों के ग्राहक 1 अप्रैल को अपने वित्तीय लेन-देन के लिए अन्य दिन का चयन कर सकते हैं। अप्रैल महीने में और भी छुट्टियाँ: इसके अलावा अप्रैल महीने में 6, 10, 14 और 18 तारीख को भी बैंक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों की सूची में विशेष पर्वों का ध्यान रखा गया है। 6 अप्रैल – रामनवमी: हिंदू धर्म के अनुसार रामनवमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बैंकों में कामकाज बंद रहेगा।   10 अप्रैल – महावीर जयंती: जैन धर्म के तीर्थंकर महावीर स्वामी की जयंती पर भी बैंकों में अवकाश रहेगा। 14 अप्रैल – डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती: भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर यह दिन अवकाश रहेगा। 18 अप्रैल – गुड फ्राइडे: ईसाई धर्म के अनुसार गुड फ्राइडे पर भी बैंकों में कामकाज बंद रहेगा। सरकारी विद्यालयों में भी रहेगी छुट्टी उत्तर प्रदेश में सरकारी विद्यालयों के लिए भी छुट्टियाँ घोषित की गई हैं। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अनुसार 6 अप्रैल को रामनवमी, 10 अप्रैल को महावीर जयंती, 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, और 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे के दिन विद्यालयों में भी अवकाश रहेगा। recent visitors 47

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राशन कार्ड को लेकर घिरीं राज्य सरकारें, सब्सिडी का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि जब राज्यों से विकास सूचकांक बताने के लिए कहा गया तो उन्होंने प्रति व्यक्ति वृद्धि दर ऊंची दिखाई, लेकिन जब सब्सिडी की बात आई तो उन्होंने दावा किया कि उनकी 75 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) है। अदालत ने कहा कि सब्सिडी का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने चाहिए। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा, 'हमारी चिंता यह है कि क्या गरीबों को मिलने वाले लाभ उन लोगों तक पहुंच रहे हैं जो इसके हकदार नहीं हैं? राशन कार्ड अब लोकप्रियता का कार्ड बन गया है।' 75 प्रतिशत आबादी बीपीएल कैसे? पीठ ने कहा, 'ये राज्य सिर्फ इतना कहते हैं कि हमने इतने कार्ड जारी किए हैं। कुछ राज्य ऐसे हैं जो जब अपना विकास दिखाना चाहते हैं तो कहते हैं कि हमारी प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है। फिर जब हम बीपीएल की बात करते हैं तो वे कहते हैं कि 75 प्रतिशत आबादी बीपीएल है। इन तथ्यों को कैसे जोड़ा जा सकता है? विरोधाभास अंतर्निहित है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।' जानिए पूरा मामला यह केस कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासी कामगारों की परेशानियों को दूर करने के लिए शुरू किए गए एक स्वत: संज्ञान मामले से संबंधित है। कुछ हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह विसंगति लोगों की आय में असमानताओं से उपजी है। उन्होंने कहा कि मुट्ठीभर लोग हैं, जिनके पास अन्य आबादी की तुलना में बहुत अधिक संपत्ति है और प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा राज्य की कुल आय का औसत है। अमीर और अमीर होते जा रहे हैं, जबकि गरीब गरीब ही बने हुए हैं। राशन कार्ड जारी करने में राजनीतिक तत्व न हों शामिल भूषण ने कहा कि सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत गरीब प्रवासी कामगारों को मुफ्त राशन दिए जाने की जरूरत है और यह आंकड़ा लभगग आठ करोड़ है। जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि हमें उम्मीद है कि राशन कार्ड जारी करने में राजनीतिक तत्व शामिल नहीं होंगे। मैं अपनी जड़ों नहीं कटा हूं। मैं हमेशा गरीबों की दुर्दशा के बारे में जानना चाहता हूं। अभी भी ऐसे परिवार हैं जो गरीब हैं। 81 करोड़ लोगों को दिया जा रहा मुफ्त राशन भूषण ने कहा कि केंद्र ने 2021 की जनगणना नहीं कराई और 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर काम कर रही है। इसके परिणामस्वरूप मुफ्त राशन की जरूरत वाले करीब 10 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी से बाहर रह गए। जबकि केंद्र की ओर से एएसजी ऐश्वर्य भाटी ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत करीब 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रही है और इसी तरह की एक अन्य योजना में 11 करोड़ अन्य लोग शामिल हैं। पीठ ने मामले को स्थगित कर दिया और केंद्र से गरीबों को वितरित मुफ्त राशन की स्थिति पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। recent visitors 71

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- करीला धाम के विकास के लिए एक करोड़ रूपये की राशि करेंगे स्वीकृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार भगवान श्रीराम के प्रदेश में विभिन्न आगमन स्थलों के संरक्षण और उन्नयन का कार्य कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण लीला-स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिये श्रीकृष्ण पाथेय योजना को क्रियान्वित करने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीला धाम में भी श्रृद्धालुओं को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिये एक करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को अशोकनगर के करीला धाम में माँ जानकी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने रंगपंचमी के पावन पर्व पर श्रृद्धालुओं के साथ फूलों की होली भी खेली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीला धाम में श्रृद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा। मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक पुख्ता किया जायेगा, यह प्रयास किया जायेगा कि करीला धाम मेला राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाये। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में करीला धाम में आने जाने वाले मार्गों पर श्रृद्धालुओं के लिए छाया की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संबंध चंदेरी से होने के कारण यहां की गढ़ी को भव्य बनाया जायेगा। "भगवान श्रीराम का जीवन संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणास्रोत" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीराम, माता जानकी और रघुकुल के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित किये गये आदर्श संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि करीला धाम की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा ऐसी है कि एक बार जो यहां आता है, वह स्वयं को बार-बार आने से रोक नहीं पाता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राई नृत्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब भगवान श्रीराम के घर में लव-कुश का जन्म हुआ होगा, तब इसे 'रघुराई नृत्य' कहा जाता रहा होगा। "प्रदेश को दूध उत्पादन में देश में नंबर वन बनाएंगे" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को 175 रूपये बोनस देकर 2600 रूपये क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। धान पर भी 4000 रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 'गोपाल योजना' प्रारंभ कर रही है। उन्होंने कहा कि 10 से अधिक गाय पालने वालों को सरकार अनुदान देगी। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दूध पर 5 रूपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। वर्तमान में मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमने प्रदेश को पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए ऐतिहासिक बजट मुख्यमंत्री. डॉ यादव ने बताया कि हाल ही में सरकार ने 4.21 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। इसमें समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवास योजनाओं को गति दी जा रही है जिससे कि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके। कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे इसलिये दोबारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है। "सच्चे अर्थों में रोज़ होली और दिवाली" मुख्यमंत्री. डॉ यादव ने कहा कि जब भी भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण का नाम लिया जाता है, तो रोम-रोम में आनंद छा जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की भागीदारी और आस्था ही इस तरह के भव्य आयोजनों को सफल बनाती है। मुख्यमंत्री. डॉ यादव ने सभी प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुखद और समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला,पूर्व मंत्री एवं मुंगावली विधायक श्री बृजेन्द्र सिंह यादव,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय प्रताप सिंह यादव और पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव ने भी संबोधित किया। बीना विधायक श्री निर्मला सप्रे, श्री आलोक तिवारी, सरपंच ग्राम पंचायत जसैया श्रीमती सुनीता यादव, अध्यक्ष करीला मंदिर ट्रस्ट श्री महेन्द्र यादव, आयुक्त ग्वालियर संभाग श्री मनोज खत्री, आईजी श्री अरविन्द सक्सेना, कलेक्टर श्री सुभाष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रृद्धालु उपस्थित थे।   recent visitors 64

मैं किसी से डरता नहीं हूं, मैं किसी की कृपा के भरोसे यहां नहीं आया हूं, चुनाव जीत कर आया हूं, भड़के अमित शाह

नई दिल्ली राज्यसभा में बुधवार को गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हुई. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी सांसद साकेत गोखले को फटकार लगा दी. दरअसल, गृह मंत्रालय पर चर्चा के दौरान साकेत गोखले ने ईडी और सीबीआई का मुद्दा उठाया. इस पर अमित शाह ने कहा, गृह मंत्रालय पर चर्चा हो रही है लेकिन साकेत गोखले ED और सीबीआई की चर्चा कर रहे हैं. लेकिन फिर भी अगर यह इस मुद्दे को लाना चाहते हैं तो मुझे भी मौका दिया जाए मैं हर सवाल का जवाब दूंगा. इसके बाद साकेत गोखले ने कहा कि माननीय मंत्री जी बोलने से पहले ही डर गए हैं. इस पर अमित शाह ने कहा कि मैं किसी से डरता नहीं हूं. क्योंकि मैं किसी की कृपा के भरोसे यहां नहीं आया हूं मैं यहां पर चुनाव जीत कर आया हूं. मैं किसी विचारधारा का विरोध करके यहां नहीं आया हूं. दरअसल, शाह का ये तंज साकेत गोखले पर है. वे टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे हैं. अमित शाह ने कहा, इस सदन को साकेत गोखले गलत तरीके से जानकारी दे रहे हैं.   अमित शाह ने कहा, बंगाल में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश के बाद चुनावी हिंसा के मामले में केस दर्ज हुए हैं, जहां पर हमारी सीट ज्यादा आ गई वहां हमारे कार्यकर्ताओं की चुन चुन कर हत्या की गई. शिकायतकर्ता हाई कोर्ट पहुंचे फिर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने यह आदेश दिया कि फिर सारे मामले दर्ज हों. यह वही केस हैं. शाह ने कहा, ये (टीएमसी) सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते हैं, हाई कोर्ट को नहीं मानते हैं. इस पर टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने कहा, यह लोग कितना अनाप शनाप बोलते हैं पर हम कुछ नहीं बोलते. साकेत गोखले ने बयान वापस लेने से किया इनकार सदन में तीखी बहस को देखते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने साकेत गोखले से कहा कि आपने जो बयान दिया है, उसको वापस लीजिए. इस पर साकेत गोखले ने कहा, मैं इसे वापस नहीं लूंगा. सकेत गोखले ने कहा क्योंकि आपका नाम अमित शाह है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप तानाशाही करेंगे. इस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा किया. जेपी नड्डा ने कहा कि यह एक जाति विशेष को अनुसूचित करता है. जो सकेत गोखले ने कहा वह असंसदीय है उसको सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए. राज्यसभा सभापति धनखड़ ने कहा कि इसको सदन की कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए. उन्होंने साकेत गोखले से कहा या तो आप बयान वापस लीजिए वरना हम हटाते हैं. किरेन रिजीजू ने कहा कि साकेत गोखले ने चर्चा के दौरान एक भी सुझाव नहीं दिया, बल्कि इन्होंने व्यक्तिगत हमले किए हैं. आज तक हमने इस तरीके का कोई सदस्य नहीं देखा, जहां वह इस तरीके की बहस कर रहा हो, इन्होंने राज्यसभा की गरिमा गिरायी है. इस पर टीएमसी सांसद डेरिक ओ ब्रायन ने कहा, सत्ता पक्ष के साथियों ने हमारे सहयोगी के ऊपर सवाल उठाए. उधर, गोखले ने कहा कि मेरी स्पीच को गिरी हुई स्पीच बोला गया. साकेत गोखले ने कहा कि गृह मंत्री बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान करते हैं, और यह जाति के अपमान की बात करते हैं. अगर गृह मंत्रालय ने अपने रवैया में सुधार नहीं किया तो आगे विधानसभा चुनाव में वह (बीजेपी) तड़ीपार हो जाएगी. जेपी नड्डा ने कहा कि मैं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते इस पर आपत्ति दर्ज करवाता हूं, उन्होंने मेरी पार्टी के लिए तड़ीपार जैसे शब्द का इस्तेमाल किया है इसको सदन की कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए.   recent visitors 36

इंदौर-पीथमपुर इकॉनोमिक कॉरिडोर क्षेत्र के किसानों ने विकसित भूमि का 60 प्रतिशत हिस्सा किया आवंटित: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बुधवार को इंदौर-पीथमपुर इकॉनोमिक कॉरिडोर क्षेत्र के किसानों ने विकसित भूमि का 60 प्रतिशत हिस्सा आवंटित करने के राज्य सरकार के निर्णय के लिये आभार व्यक्त किया। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बुधवार को इंदौर एयरपोर्ट पर मिलकर आभार जताया। एयरपोर्ट पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। किसानों ने सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान करना चाहा, जिसे मुख्यमंत्री ने इंदौर गेर में हुए हादसे के कारण विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया। इंदौर-पीथमपुर इकॉनोमिक कॉरिडोर में सरकार द्वारा कुल विकसित भूमि का 60 प्रतिशत हिस्सा किसानों को आवंटित करने के निर्णय से आस-पास के गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। प्रस्तावित योजना में कोडियाबर्डी, नैनोद, रिंजलाय, बिसनावदा, नावदा पंथ, श्रीराम तलावली, सिन्दोड़ा, सिन्दोड़ी, शिवखेड़ा, नरलाय, मोकलाय, डेहरी, सोनवाय, भैंसलाय, बागोदा, टीही और धन्नड़ जैसे गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। इसमें कुल 1290.74 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा, जिसमें से किसानों को मुआवजे के बदले विकसित भूमि का 60% हिस्सा मिलेगा। राज्य सरकार का यह निर्णय क्षेत्रीय विकास, अधोसंरचना निर्माण और किसानों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए लिया गया है। क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इंदौर-पीथमपुर इकॉनोमिक कॉरिडोर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।   recent visitors 49