मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी-2028 में सिंहस्थ को भव्य बनाने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को ओंकारेश्वर में अवधूत सिद्ध महायोगी श्री दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा परिक्रमा यात्रा के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने ओंकारेश्वर स्थित गौमुख घाट पर माँ नर्मदा का मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया। यह यात्रा माँ नर्मदा, धर्म, धरा, धेनु, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण-संवर्धन के लिए पूर्ण समर्पित थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” जो-जो इस ब्रह्माण्ड में है वही सब हमारे शरीर में भी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह परमात्मा हमारे अंदर विद्यमान है, उसी तरह जल माँ नर्मदा में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि श्री दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा यात्रा का समापन हुआ है। यह एक अद्भुत यात्रा थी। उन्होंने श्री दादा गुरुजी को प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम इस मृत्यु लोक में अकेले आते हैं और अकेले ही जाते हैं। इस लोक में हमारे कर्म ही होते हैं जो हमें विभिन्न लक्ष्यों तक पहुँचाते हैं। सब अपने कर्मों के अनुसार पुण्य अर्जित करते हैं। इसलिए हम सबको सत्कर्म करने का प्रण लेना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी-2028 में सिंहस्थ को भव्य बनाने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण से मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इसी तरह "ओंकारेश्वर लोक" का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर धाम भी आने वाले समय में जगमगाएगा। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं जुटाई जायेंगी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जहां लीलाएं की और जहां उनके चरण पड़े, उन सभी देवस्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने सभी धार्मिक नगरों को शराब मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निरंतर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार गौ-पालन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 10 से ज्यादा गाय खरीदेगा, उसे सरकार द्वारा अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवधूत सिद्ध महायोगी श्री दादा गुरुजी के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने बाबा ओंकारेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पैदल पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री राव देवेंद्र सिंह चौहान, सहायक सीईओ श्री अशोक महाजन सहित अन्य ट्रस्टी गण ने प्रतीक स्वरूप बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का चित्र भेंट किया। नर्मदा समापन यात्रा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम विभाग मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, मान्धाता विधायक श्री नारायण पटेल, ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े, महापौर श्रीमती अमृता यादव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद थे। recent visitors 38

अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाऊंगा क्योंकि उनकी सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि अपने बेटों की शादी के बाद अब वह वानप्रस्थ आश्रम में जा रहे हैं और अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाएंगे। चौहान ने प्रश्नकाल में सदस्यों के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘आज से मैं गृहस्थ से वानप्रस्थ आश्रम में जा रहा हूं। आज मेरे बेटों की शादी के बाद ‘रिसेप्शन' है। मैंने सभी को निमंत्रित किया है। कल से मैं वानप्रस्थी हो जाऊंगा और अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाऊंगा क्योंकि उनकी सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है।'' उन्होंने फसल बीमा योजना संबंधी पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि मोदी सरकार से पहले फसल के नुकसान के लिए मुआवजे की सबसे छोटी इकाई तहसील होती थी और जब तक पूरी तहसील में फसल बर्बाद नहीं हो, किसानों को मुआवजा नहीं मिलता था। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में गांव को सबसे छोटी इकाई बनाया गया और एक गांव में फसल को नुकसान होने पर भी किसानों को राहत मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि देश का नेता दूरदृष्टा हो तो व्यवस्थाएं अपने आप बदलने लगती हैं। चौहान ने कहा कि किसानों की हालत एक दशक पहले बहुत खराब थी, लेकिन इस सरकार के आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नहीं, अनेक उपाय किए गए हैं जिसके कारण किसानों की हालत लगातार सुधर रही है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार किसानों की हालत सुधारने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड (केरल) के संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘किसान चाहे केरल का हो या कर्नाटक का, किसान होता है। हम सब भारत मां के लाल हैं और भेदभाव का कोई सवाल नहीं है।'' उन्होंने कहा कि जब भी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं तो नीति आयोग की सिफारिश के अनुसार केंद्र सरकार राज्यों को धन देती है और कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा हो तो केंद्र सरकार विशेष दल भेजकर अतिरिक्त राशि भी देती है। चौहान ने कहा, ‘‘केरल को भी एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा राहत कोष) के तहत 138 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए। आपके माध्यम से मैं सदस्य (प्रियंका गांधी) को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कहीं भी संकट आएगा तो केंद्र बिना भेदभाव के राज्य के साथ खड़ा रहेगा।'' उन्होंने कहा कि जहां भी किसानों पर प्राकृतिक संकट आएगा, वे चाहे किसी भी राज्य के, गांव के हों.. भारत सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।  recent visitors 43

बीजापुर पुलिस ने पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड की चार्जशीट मंगलवार को कोर्ट में पेश की

बीजापुर  छत्तीसगढ़ की बीजापुर पुलिस ने पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के मामले में मंगलवार को कोर्ट में 1200 पेजों की चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने इस हत्याकंड में चार लोगों को आरोपी बनाया है। फिलहाल चारों आरोपी जगदलपुर जेल में हैं। आरोपियों के खिलाफ इस चार्जशीट में 70 से ज्यादा गवाह के बयान दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मुकेश की हत्या मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने करवाई थी। मुकेश ने ठेकेदार के खिलाफ घटिया सड़क निर्माण के काम को उजागर किया था। हत्या मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व करने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया- “जांच के दौरान, डिजिटल और फिजिकल सबूतों को बारीकी से निगरानी की गई। इस चार्जशीट में उन सभी बातों का उल्लेख किया गया है।" उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी चार आरोपियों को अदालत से कड़ी सजा मिले। 20 लाख रुपये का लगा था जुर्माना उन्होंने हत्या के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए कहा- “आरोपी सुरेश इस बात से नाराज था कि मुकेश ने खराब सड़क निर्माण कार्य को उजागर क्यों किया। मामला उजागर होने के बाद उसके खिलाफ जांच हुई थी और ठिकानों पर जीएसटी छापे भी पड़े थे। उस पर लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हत्या से पहले सुरेश ने मुकेश को कई बार फोन किया था। वह चिंतित था कि उसका साम्राज्य टूट जाएगा। अधिकारी ने बताया कि हत्या से कुछ दिन पहले, सुरेश ने मुकेश से मुलाकात की थी और उसे धमकी दी थी। 1 जनवरी को हुई थी हत्या मुकेश की हत्या 1 जनवरी की रात को हुई थी। 1 जनवरी से वह लापता था जिसके बाद उसके भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने खोज शुरू की थी। 3 जनवरी को मुकेश का शव छतनपारा में सुरेश की एक प्रॉपर्टी में बने सेप्टिक टैंक के पास बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, सुरेश के भाई रितेश और एक कर्मचारी महेंद्र रामटेके ने हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस का कहना है कि मुकेश को लोहे की रॉड से कई बार मारा गया और फिर उसके शव को टैंक में फेंक दिया गया, जिसे बाद में कंक्रीट से ढक दिया गया था। सुरेश चंद्राकर के भाई रितेश, दिनेश और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने के बाद तीन दिन बाद हैदराबाद से सुरेश को गिरफ्तार किया गया था। 100 करोड़ की लागत से बनी थी सड़क पूरा मामला बीजापुर जिले के गंगालूर से मिरतुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क का है। मुकेश ने इस सड़क के निर्माण में हुए घोटाले का खुलासा किया था। मुकेश चंद्राकर के खुलासे के बाद सुरेश ने हत्या की साजिश रची थी। recent visitors 24

रंगपंचमी पर करीला मेला में आएंगे सीएम मोहन यादव: कलेक्टर-एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा

अशोकनगर देश के एकमात्र सीता माता मंदिर में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी मेला लगा है। इस मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ये मंदिर एमपी के अशोकनगर जिले के करीला में स्थित है और देशभर में ‘मां जानकी मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सीता माता भगवान राम के बिना विराजमान हैं। मेले से एक दिन पहले ही करीब एक लाख श्रद्धालु करीला(Karila Dham) पहुंच गए और इसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। जहां पर 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 250 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी तो वहीं सुरक्षा में करीब 1500 पुलिस जवान तैनात होंगे। रंगपंचमी पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव(CM Mohan Yadav) भी मां जानकी के दर्शन करने पहुंचेंगे। पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हेलीपैड की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा प्रबंधों और मां जानकी माता के दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 1500 पुलिस जवान तैनात मां जानकी मंदिर करीला(Maa Janki Temple Karila) में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी(Rang Panchami) मेला लगेगा। सोमवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं व दुकानदार सामान लेकर पहुंचना शुरू हो गए, तो वहीं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पैदल ही करीला के लिए जाते दिखे। पुलिस आरआई शिवमंगलसिंह के मुताबिक, 1500 पुलिस जवान तैनात रहेंगे, जिनमें करीब 800 से अधिक पुलिस जवान बाहर से बुलाए गए हैं जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी व गुना का पुलिस बल और एसएएफ की चार कंपनी शामिल रहेंगी। वहीं 19 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करीला आएंगे, इससे अतिरिक्त पुलिस बल लगेगा और इसके लिए हेलीपेड़ भी बनाया गया है। यह भी खास -श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े, इससे रास्तों में ग्रामीणों ने अभी से ट्यूबवेल चालू कर दिए हैं, ताकि रास्तों पर श्रद्धालुओं को आसानी से पानी मिल सके। -कलेक्टर सुभाषकुमार द्विवेदी ने कंपोजिट मदिरा दुकान बंगलाचौराहा व कंपोजिट मदिरा दुकान बहादुरपुर पर 19 मार्च को शराब क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। -पेयजल के लिए अंडरग्राउंड लाइन बिछाकर मेला क्षेत्र में टोंटियां लगाई गई हैं तो वहीं 250 टैंकर व 13 ट्यूबवेल सहित पानी टंकियों से भी पेयजल की व्यवस्था की गई है। -श्रद्धालुओं को बैठने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर पहली बार जिले की सभी जनपद पंचायतें मेला क्षेत्र में बड़े-बड़े टेंट लगा रही हैं, ताकि मेले में श्रद्धालु यहां बैठ सकें। -कंट्रोल रूम बनाया गया है, जरूरत पर श्रद्धालु फोन नंबर 9243982678, 9243980255, 924381883, 9243985103, 9243982659 व 9243993269 पर कॉल करें। दुकानों से 21 लाख रु.से अधिक की राशि की वसूली जनपद पंचायत के मुताबिक मेले में 915 दुकानों के लिए जगह चिन्हित की है और प्रत्येक दुकान की आवंटन राशि ढ़ाई हजार रुपए है। सोमवार शाम तक 726 दुकानों का आवंटन हो गया और इससे 18.15 लाख रुपए की राशि दुकानदारों ने जमा की, हालांकि अभी 189 दुकानें आवंटन के लिए शेष हैं। वहीं फुटपाथ व सडक़ किनारे भी छोटी दुकानें लग गईं, जिनसे करीब तीन लाख रुपए की राशि की वसूली की गई है। इससे मेले में दुकानें लगवाने के एवज में जनपद पंचायत अब तक करीब 21 लाख रुपए की राशि वसूल कर चुकी है। वहीं 189 शेष दुकानों की वजह व अन्य छोटी दुकानें लगने से राशि वसूली की संख्या बढ़ जाएगी। recent visitors 45

महंगाई में कमी का मिलेगी राहत, ज्यादा रेट कट कर सकता है RBI: मॉर्गन स्टैनली

नई दिल्ली अमेरिकी निवेश बैंक एवं फाइनेंशियल सर्विस कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की खुदरा महंगाई औसतन चार प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है. कंपनी ने मंगलवार, 18 मार्च को जारी रिपोर्ट में कहा है कि कन्ज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित मुद्रास्फीति की दर चार प्रतिशत पर रहने का मतलब है कि आने वाले महीनों में आरबीआई द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है, जबकि पहले 0.50 प्रतिशत की कटौती का अनुमान जारी किया गया था. नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती संभव मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी के कारण मुद्रास्फीति में नरमी से अतिरिक्त कटौती की गुंजाइश बनती है. रिपोर्ट में कहा गया है, "लगातार दो महीने (जनवरी और फरवरी में) ओवरऑल मुद्रास्फीति की दर अनुमानों से कम रही है. इसे देखते हुए हम अपने मौद्रिक नीति परिदृश्य को अपडेट करते हैं, और (नीतिगत दरों में) 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती को जोड़ते हैं." वित्त वर्ष 2025-26 में खुदरा महंगाई औसतन 4 प्रतिशत रहेगी: रिपोर्ट इसमें उम्मीद जताई गई है कि वित्त वर्ष 2025-26 में खुदरा महंगाई औसतन चार प्रतिशत रहेगी, जबकि इसके पहले 4.3 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था. अमेरिका कंपनी ने कहा, "इस प्रकार, हम 0.50 प्रतिशत के अपने पिछले अनुमान से 0.75 प्रतिशत की संचयी दर कटौती की ओर अग्रसर हैं." जनवरी और फरवरी के खुदरा महंगाई के आंकड़ों में अपेक्षा से तेज गिरावट देखी गई, जो खाद्य मुद्रास्फीति में कमी के कारण संभव हुई. वहीं, कोर मुद्रास्फीति निचले स्तर पर सीमित दायरे में बनी रही. मॉर्गन स्टेनली ने कहा, "31 मार्च को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए अब हम हमारे पूर्व अनुमान 4.3 प्रतिशत की तुलना में खुदरा महंगाई के औसतन चार प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाते हैं. आरबीआई का ओवरऑल मुद्रास्फीति का एक लक्ष्य (2-6 प्रतिशत) है, इसलिए हमारा मानना ​​है कि इससे अतिरिक्त नरमी की गुंजाइश बनती है." फरवरी में सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति 3.61 प्रतिशत रही. छह महीने में पहली बार यह आरबीआई के चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आई है.खाद्य मुद्रास्फीति पिछले 12 महीने में ओवरऑल मुद्रास्फीति से ज्यादा रही है. इसमें मौसम संबंधी व्यवधानों का भी योगदान रहा है. रबी और खरीफ फसल उत्पादन में सालाना वृद्धि का अनुमान रिपोर्ट में कहा गया है, "हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खाद्य मुद्रास्फीति के परिदृश्य में सुधार हुआ है क्योंकि रबी और खरीफ फसल उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि का अनुमान है, जो अस्थिरता को कम करने में भी मदद करेगा." भले ही विकास में तेजी आ रही है, लेकिन ऋण वृद्धि की प्रवृत्ति अब भी 11 प्रतिशत पर नरम है, जो वित्तीय स्थिरता की चिंताओं को दूर रखता है और विनियमन तथा तरलता के मोर्चे पर और अधिक कटौती की संभावना को दर्शाता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर मुद्रास्फीति में गिरावट आश्चर्यजनक रही है, जो कोर वस्तुओं और सेवाओं की मुद्रास्फीति के निचले स्तर से प्रेरित है.वास्तव में, भले ही बेस इफेक्ट सामान्य होने पर कोर मुद्रास्फीति बढ़ सकती है, लेकिन कमोडिटी की कीमतों में सीमा-बद्ध प्रवृत्ति से प्रेरित होकर इसके चार प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है. खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का असर रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का असर ओवरऑल सीपीआई में गिरावट की प्रवृत्ति की निरंतरता पर दिखने की संभावना है, जिस पर आरबीआई का फोकस होता है.इस संदर्भ में, ओवरऑल मुद्रास्फीति में नरमी आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में और अधिक कटौती के लिए अधिक गुंजाइश पैदा करती है.     recent visitors 41

न्यूनतम समर्थन मुल्य पर गेहूं की बिक्री के लिये अभी तक 10 लाख 20 हजार 224 किसानों ने पंजीयन कराया

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मुल्य पर गेहूं की बिक्री के लिये अभी तक 10 लाख 20 हजार 224 किसानों ने पंजीयन कराया है। मंत्री राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि गेहूँ की बिक्री के लिए समय-सीमा में पंजीयन जरूर करायें। उन्होंने बताया है कि किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं, खरीदी उपार्जन केन्द्रों में 5 मई तक होगी। गेहूँ की खरीदी के लिये 2648 उपार्जन केन्द्र बनाये जा चुके हैं। गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ की बिक्री के लिए जिला बुरहानपुर में 160, खरगौन में 4305, बड़वानी में 577, अलीराजपुर में 85, खंडवा में 11,560, धार में 20,647, झाबुआ में 3934, इंदौर में 31,694 मंदसौर 31,714, नीमच 10,259, आगर-मालवा में 25,357, देवास में 37,038, रतलाम में 19,966, शाजापुर में 53,172, उज्जैन में 78,016, अशोकनगर में 12,557, शिवपुरी में 8662, ग्वालियर में 5880, दतिया में 7680, गुना में 8446, भिंड में 10,470, श्योपुर में 11,157, मुरैना में 7824, जबलपुर 11,075, बालाघाट 806, कटनी में 15,511, पांढुर्णा 89, डिंडौरी में 1773, छिंदवाड़ा में 9091, सिवनी में 24,801, नरसिंहपुर में 20,979, मंडला में 9350, हरदा में 22,227, बैतूल में 8788, नर्मदापुरम में 52,017, विदिशा में 65,348, रायसेन में 57,898, राजगढ़ में 55,855, भोपाल में 26,847, सीहोर में 76,299, सतना में 12,028, रीवा में 9439, सिंगरौली में 4369, मऊगंज 996, मैहर में 3835, सीधी में 4535, अनूपपुर में 521, उमरिया में 4312, शहडोल में 5145, पन्ना में 14,785, निवाड़ी में 1132, दमोह में 22,505, टीकमगढ़ में 8048, छतरपुर में 12,198 और सागर में 56,462 किसानों ने पंजीयन कराया है।   recent visitors 35

सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है- CM विष्णुदेव साय

रायपुर छ्त्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान मुख्य तौर पर राज्य में नक्सलवाद को लेकर चर्चा हुई. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय ने बताया बस्तर में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की. इस बैठक में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने, बस्तर के विकास को तेज करने और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को अवगत कराया कि नक्सलवाद अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है. राज्य और केंद्र के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है. अब अंतिम चरण की रणनीति तैयार कर बस्तर को स्थायी शांति की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है. हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें. बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया. सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है। हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और जल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। इसके साथ ही, बस्तर के समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी विचार किया गया। बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सिर्फ संघर्ष की भूमि न रहकर शांति, विकास और संभावनाओं का नया केंद्र बने। recent visitors 51