Monday, July 6, 2026 10:11 pm

‘Bharat Taxi’ का आज होगा लॉन्च, अमित शाह देंगे सर्ज प्राइसिंग और महंगे किराए को अलविदा

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service Launch: कैब सर्विस के क्षेत्र में आज एक नया आगाज होने जा रहा है. आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ करेंगे. ये नई कैब सर्विस सीधे तौर पर प्राइवेट कैब सर्विस प्रोवाइडर्स की मोनोपोली को सीधी चुनौती देगी. क्योंकि सरकार का दावा है कि, भारत टैक्सी में कैब ड्राइवर्स को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. साथ ही यूजर्स को सर्ज प्राइसिंग और प्राइवेट कैब्स जैसी कंपनियों की मनमानी से भी छुटकारा मिलेगा. अमित शाह ने पिछले साल मार्च में लोकसभा में अपने भाषण में कहा था कि, “हम बहुत जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म लाने वाले हैं. इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा.” आज देश की राजधानी दिल्ली में स्थित विज्ञान भवन में गृह मंत्री अमित शाह भारत टैक्सी का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे. बता दें कि, भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर में कई कैब ड्राइवर्स इस ऐप बेस्ड सर्विस का प्रयोग कर रहे हैं. अब भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉंच से अब तक टॉप परफॉर्मेंस करने वाले सारथियों (कैब ड्राइवर्स) को कार्यक्रम के दौरान को सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा सारथियों को प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ 5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. सरकार का मानना है कि, ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न से इंस्पायर्ड भारत टैक्सी सिटिजन-सेंट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. तो आइये विस्तार से जानते हैं Bharta Taxi देश में मौजूद बाकी प्राइवेट कैब एग्रीग्रेटर्स से किस तरह से अलग होगा. ‘सारथी ही मालिक’  सबसे पहले बता दें कि, भारत टैक्सी के चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार का कहना है कि, सारथी ही मालिक होगा. क्योंकि इस सर्विस के दौरान यूजर द्वारा दिए जाने वाले किराए का पूरा पैसा सीधे कैब चालक के खाते में जाएगा. जहां ओला-उबर जैसी कंपनियां राइड के बाद फेयर में से एक मोटा हिस्सा कमिशन के नाम पर काट लेती हैं, वहीं भारत टैक्सी सीधे तौर पर कैब चालकों को बड़ी राहत देगा. ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, कैब चालक और कंपनियों के बीच फेयर और कमिशन को लेकर झंझट होती रहती है. सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग से भी राहत मिलेगी. जहां प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स पीक ऑवर या खराब मौसम के समय हैवी रश के नाम पर मनमाना किराया वसूलते हैं, वहीं भारत टैक्सी में इस समस्या से भी निजात मिलेगी. जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा. बीते 1 जुलाई से मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन (MVAG) 2025 के अनुसार, कैब एग्रीगेटर्स को अब पीक ट्रैफिक ऑवर के दौरान बेस फेयर से दोगुना तक चार्ज करने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद पीक-ऑवर में मोटी रकम वसूलने का खेल और बढ़ गया है. कैब, ऑटो और बाइक सर्विस भारत टैक्सी में यूजर्स को कैब, बाइक और ऑटो तीनों सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे. सेफ्टी और सिक्योरिटी भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी SOS बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें. इसके अलावा ऐप पर ही यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन की भी सुविधा भी दी जा रही है. 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जानकारी के अनुसार भारत टैक्सी से अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं. और प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं. पिछले महीने ये आंकड़ा 1.4 लाख ड्राइवर्स का था. इससे साफ है कि, समय के साथ भारत टैक्सी का प्रयोग बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा ड्राइवर्स इस सविर्स से जुड़ रहे हैं.  8 सरकारी संस्थाओं का साथ इस सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप लाइव हो चुका है. इसकी बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा. यहां ध्यान रखना जरूर है कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं. recent visitors 23

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा थे उपस्थित: जवानों का बढ़ाया हौसला

रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों के घायल जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल अपनी वीरता से नक्सलवाद का नामोनिशान मिटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में जाकर उन सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में घायल हुए थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उन्हें विश्वास दिलाया कि देश उन पर भरोसा और गर्व करता है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वीर जवानों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर लगातार 21 दिनों तक ऑपरेशन चलाकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। जवानों के इस शौर्य और साहस पर पूरे देश को गर्व है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घायल जवानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवानों के चेहरे पर मुस्कान देखकर गर्व होता है। आपकी भुजाओं की ताकत और साहस को पूरा देश देख रहा है। उन्होंने जवानों के साहस और समर्पण को प्रणाम करते हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। recent visitors 35

इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय

 2026 तक नक्सलमुक्त भारत हमारा संकल्प है: सफल नक्सल ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की सुरक्षा बलों के साहस की सराहना लाल आतंक के विरुद्ध निर्णायक विजय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों के साहस और समर्पण को किया नमन इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय रायपुर नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर ले जाते हुए छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर  नक्सल विरोधी ऑपरेशन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई दी है और इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए हम दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों  विशेषकर सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि लाल आतंक के विरुद्ध चल रही इस निर्णायक लड़ाई में हमारे वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में पूरी बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया है। उनके अदम्य साहस, धैर्य और पराक्रम को मैं नमन करता हूं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि अब वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा, और बस्तर के गांव-गांव में शांति, समृद्धि और विकास की नई रोशनी फैलेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके बताया है कि छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के दुर्गम क्षेत्र पर हाल ही में हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराकर नक्सल उन्मूलन अभियान में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इलाके किया है कि  यह क्षेत्र रणनीतिक योजना, नक्सल प्रशिक्षण और हथियार निर्माण का गढ़ रहा है। आज उसी पहाड़ पर शान से तिरंगा लहरा रहा है – यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की विजय का प्रतीक है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित हैं। मैं देशवासियों को पुनः विश्वास दिलाता हूँ कि 31 मार्च 2026 तक भारत का नक्सलमुक्त होना तय है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन महज 21 दिनों में पूरा हुआ, और इसमें सुरक्षा बलों का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ, जो हमारी रणनीति, समन्वय और शौर्य का प्रमाण है। उन्होंने सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों को खराब मौसम और कठिन भूगोल के बावजूद दिखाए गए अदम्य साहस और अनुशासन के लिए बधाई दी। शाह ने यह भी कहा कि यह सफलता केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक और वैचारिक विजय भी है, जिसने नक्सल नेटवर्क की रीढ़ को हिला दिया है। देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ की जनता को यह विश्वास दिलाता है कि नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कभी लाल आतंक की सत्ता थी, वहाँ आज राष्ट्रध्वज की छाया में शांति, विकास और संविधान का शासन स्थापित हो चुका है।यह अभियान आने वाले समय में सुरक्षा बलों के लिए मॉडल ऑपरेशन के रूप में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि यह साझा प्रयासों का ही परिणाम है कि इतने बड़े अभियान में ज़ीरो कैज़ुअल्टी के साथ इतनी बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा और सामर्थ्य के साथ कार्य कर रही हैं। अमित शाह ने कहा कि यह लक्ष्य अब केवल रणनीति नहीं, राष्ट्रीय संकल्प है। recent visitors 50

अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने राज्यों से पाकिस्तान के लोगों को जल्द से जल्द हटाएं

 नई दिल्ली   जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान से जुड़े सारे वीजा कैंसिल करने के निर्देश दिए हैं.इस संबंध में गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की है. अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने राज्यों से पाकिस्तान के लोगों को जल्द से जल्द हटाएं. गृहमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया राष्ट्रहित सर्वोपरि, अन्य हित इसके बाद- जगदीप धनखड़ पहलगाम आतंकी हमले पर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा- मेरे पास प्रधानमंत्री के लिए कुछ सुझाव हैं। संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस पर चर्चा की जानी चाहिए और सभी से सुझाव लिए जाने चाहिए। देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी तो आतंकवादी है, उसका कोई धर्म नहीं होता। देश की भावना को दुनिया के सामने रखने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। हमें अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, रूस और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए, ताकि हम उन्हें वैश्विक स्तर पर स्थिति के बारे में बता सकें। अगर हम यह कदम नहीं उठाएंगे तो हम कूटनीतिक दबाव नहीं बना पाएंगे। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार लगातार एक्शन मोड में है. इस हमले के बाद भारत सरकार ने सबसे पहले भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. भारत ने पाकिस्तान को औपचारिक पत्र लिखकर सिंधु जल संधि को निलंबित करने की सूचना दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई सुरक्षा मामलों से जुड़ी कैबिनेट कमेटी की बैठक में कड़े फैसले लिए गए थे, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला भी शामिल है. भारत-पाकिस्तान के बीच साल 1960 से सिंधु जल समझौता लागू है. सिंधु नदी को पाकिस्तान की लाइफ लाइन माना जाता है. करीब 21 करोड़ से ज्यादा की आबादी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिंधु और उसकी चार सहायक नदियों पर निर्भर रहती है. इसके अलावा अटारी बॉर्डर को बंद करने का भी फैसला लिया गया. भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों को इस रास्ते से लौटने के लिए एक मई तक का वक्त दिया गया है. भारत में पाकिस्तानी हाईकमीशन में तैनात पाकिस्तानी डिफेंस एडवाइजर्स को देश छोड़ने के लिए एक हफ्ते का समय दिया. साथ ही दोनों हाई कमीशन में तैनात कर्मचारियों की संख्या 50 से घटाकर 30 कर दी थी. बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी जबकि 17 लोग घायल हुए थे.  है. आतंकी मुल्क’ को पत्र लिख मोदी सरकार ने बताया- रोक रहे सिंधु जल समझौता भारत ने CCS (कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी) की बैठक के बाद न केवल सिंधु जल समझौता को निलंबित कर दिया, बल्कि पाकिस्तानियों का वीजा भी रद्द कर दिया। साथ ही पाकिस्तान के रक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को दूतावास छोड़ने का आदेश दिया गया। अटारी-वाघा सीमा को भी बंद कर दिया गया है। अब भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवा निलंबित किए जाने के संबंध में नया बयान जारी किया है। इसमें बताया गया है कि ये फ़ैसला ‘लॉन्ग टर्म वीजा’ पर आए लोगों पर लागू नहीं होता है। ये वो वीजा (LTV) हैं, जिन्हें उन पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थियों को दिया गया है जो प्रताड़ना के कारण भारत में आकर लंबे समय से रह रहे हैं। उन्हें देश नहीं छोड़ना होगा। बता दें कि पड़ोसी इस्लामी मुल्क़ों से प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए CAA (नागरिकता संशोधन क़ानून) के तहत भारत की नागरिकता दिए जाने की भी व्यवस्था है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर साफ़ किया कि पाकिस्तानी हिन्दुओं का वीजा रद्द नहीं होगा। उधर जल शक्ति मंत्रालय के सचिव देवश्री मुखर्जी ने पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है कि हम सिंधु जल समझौते को निलंबित करते हैं। पत्र में कहा गया है कि पहले से अभी के समय में बहुत बुनियादी बदलाव आ गए हैं, जिनमें डेमोग्राफी परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और जल बँटवारे को लेकर पहले जो सोच थी उसमें अब परिवर्तन आया है। पत्र में स्पष्ट लिख दिया गया है कि किसी भी संधि को निभाने के लिए भरोसे और ईमानदारी की ज़रूरत होती है, लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह से पाकिस्तान ने सीमापार आतंकवाद को पोषित किया है, खासकर के जम्मू कश्मीर को निशाना बनाकर – उससे ये भरोसा टूटा है। recent visitors 46

पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक्शन में भारतीय सेना और सरकार, गृह मंत्री शाह की दो टूक- कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

 पहलगाम  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरा देश आहत है। जिस तरह से आतंकियों ने कायराना हरकत को अंजाम दिया और पर्यटकों को अपना निशाना बनाया, उसने पूरे देश को झकझोर के रख दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस टेरर अटैक पर रिएक्ट किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बुधवार को पहलगाम में बैसरन का दौरा किया। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह ने क्या कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'भारी मन से पहलगाम आतंकी हमले के मृतकों को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत आतंक के आगे नहीं झुकेगा। इस नृशंस आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।' पहलगाम टेरर अटैक के बाद पहली बार अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को शाह ने दी श्रद्धांजलि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पहलगाम में बैसरन का दौरा किया। जम्मू कश्मीर में ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर इस पर्यटन स्थल में मंगलवार को आतंकवादियों के नृशंस हमले में 28 पर्यटक मारे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित शोक समारोह में पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद अमित शाह हेलिकॉप्टर से यहां से करीब 110 किलोमीटर दूर बैसरन के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि शाह को सुरक्षा अधिकारियों ने घटना के बारे में जानकारी दी। पहलगाम अटैक में 28 पर्यटकों ने गंवाई जान आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटक स्थल पर हमला किया, जिसमें 28 लोग मारे गए और 16 लोग घायल हो गए। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे तो पहलगाम घूमने के लिए आए थे। अमित शाह हमले के कुछ घंटों के भीतर मंगलवार रात को यहां पहुंचे और उन्हें पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने स्थिति के बारे में जानकारी दी। गृह मंत्री ने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की, जिसमें उपराज्यपाल भी शामिल हुए। recent visitors 32

डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है मध्यप्रदेश, सहकारिता से सरल हुई सशक्तिकरण की राह

भोपाल विशेष लेख संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम है "सहकारिता एक बेहतर दुनिया का निर्माण करती है"। स्व से सब का भाव हो जाना ही सहकार है। भारतीय संस्कृति स्वयं से ऊपर उठकर हम की भावना रखना सिखाती है और इसी भावना से जन्म हुआ है सहकार का। सनातन संस्कृति में जब हम प्रार्थना करते हैं तो सर्वे भवन्तु सुखिनः की कामना करते हैं। सबके सुख और मंगल की यही कामना सहकारिता का मूल भाव हैI हम लाभ से ज्यादा सेवा को महत्त्व देते हैं। एक से ज्यादा समूह को महत्त्व देते हैं। प्रतिस्पर्धा से ज्यादा परस्पर सहयोग को महत्व देते हैं और यही सहकारिता है। भारत का सहकारिता आंदोलन सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में गहराई से निहित है। यह आंदोलन समावेशी विकास, सामुदायिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में विकसित हुआ है। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना और इसकी नवीनतम पहलों के माध्यम से सरकार ने एक सहकारिता-संचालित मॉडल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है, जो देश के हर कोने तक पहुंचेगा और समाज की मुख्य धारा से अलग पड़े समुदायों के लिए स्थायी आजीविका और वित्तीय समावेशन की सुविधा प्रदान करेगा। सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक नीतिगत ढांचा, कानूनी सुधार और रणनीतिक पहल शुरू की। सरकार ने सहकारी समितियों के लिए ‘व्यापार करने में आसानी’, डिजिटलीकरण के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वंचित ग्रामीण समुदायों के लिए समावेशिता को बढ़ावा देने की अपनी पहल पर काफी जोर दिया है। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत का सहकारिता आंदोलन एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। अपनी दूरदर्शी सोच को आधार बनाकर उन्होंने सहकारिता के लिए नई विचारधारा को जन्म दिया है। उनके नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने भारतीय सहकारी आंदोलन में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का विस्तार, पैक्स के लिए बेहतर प्रशासन और व्यापक समावेशिता, पैक्स को कम्प्यूटरीकृत करने एवं पैक्स को नाबार्ड से जोड़ने का काम किया है । नई श्वेत क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश प्रदेश में सहकार से समृद्धि की पहल के तहत केन्द्रीय मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और स्टेट डेयरी को-ऑपरेटिव फेडरेशन तथा फेडरेशन से संबद्ध दुग्ध संघों के बीच कोलेबोरेशन एग्रीमेंट हुआ। इस कोलेबोरेशन एग्रीमेंट के माध्यम से सहकारी डेयरी नेटवर्क को सशक्त बनाने का लक्ष्य है, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि हो सके और सांची ब्रांड का उत्थान और विस्तार किया जा सके। यह नई श्वेत क्रांति की ओर प्रदेश का महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसका लाभ दुग्ध उत्पादकों और दुग्ध उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा। दुग्ध उत्पादक राज्यों में मध्यप्रदेश टॉप-थ्री में है, हमारे यहां देश का करीब 9 प्रतिशत दुग्ध-उत्पादन होता है। प्रदेश में रोजाना करीब 551 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से मध्यप्रदेश स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन और इससे जुड़े संघ करीब 10 लाख किलोग्राम दूध जमा करते हैं।  डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश देश का फ़ूड बास्केट तो है ही, हममें डेयरी कैपिटल बनने की क्षमता भी है। देश का डेयरी कैपिटल बनने के लिए हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं। प्रदेश में सहकारी डेयरी नेटवर्क को हाइटेक बनाने के लिए एक डेयरी डेवलपमेंट प्लान तैयार करने की योजना है, जिसमें लगभग 1450 करोड़ रुपए का निवेश होगा। प्रदेश में औसत दुग्ध संकलन को दोगुना किया जाएगा, दुग्ध संकलन को 10 लाख किलो से बढ़ाकर 20 लाख किलो प्रतिदिन करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जाएगी। प्रदेश भर के 18 हजार गांवों के दुग्ध-उत्पादन से जुड़े किसान भाइयों को सहकारी डेयरी नेटवर्क से जोड़ेंगे। ग्राम स्तर पर दुग्ध शीतलीकरण की क्षमता विकसित करेंगे, औसत पैकेट दुग्ध विक्रय 7 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 15 लाख लीटर प्रतिदिन करेंगे। मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए नए हाइटेक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे दुग्ध संकलन और दुग्ध विक्रय में वृद्धि हो सके। सभी दुग्ध संघों का व्यवसाय 1944 करोड़ से बढ़ाकर 3500 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। एनडीडीबी द्वारा एमपीसीडीएफ एवं दुग्ध‍संघों के प्रबंधन, संचालन, तकनीकी सहयोग, नवीन प्रसंस्कररण एवं अन्य अधोसंरचनाएं विकसित करेंगे। एनडीडीबी द्वारा दुग्ध सहकारी समितियों के सभी सदस्यों, सचिवों, प्रबंधन समिति के सदस्यों और दुग्ध संघों के कर्मचारियों को स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहकारिता से सरल हुई सशक्तिकरण की राह प्रदेश में डेयरी गतिविधियों के लिए त्रि-स्तरीय सहकारी संस्थाओं का गठन कर, ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियां, सहकारी दुग्ध संघ और राज्य स्तर पर एमपीसीडीएफ (मध्यप्रदेश स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड) की स्थापना की गई। ये दुग्ध सहकारी समितियां किसानों से दूध संग्रह, गोवंश के कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित पशु आहार, तकनीकी पशु प्रबंधन, उन्नत चारा बीज, पशु उपचार और टीकाकरण जैसी सुविधाएं देने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों के साथ मध्यप्रदेश सरकार डेयरी क्षेत्र विकसित करने के संकल्पों की सिद्धि के लिए प्रदेश में श्वेतक्रांति मिशन के अंतर्गत 2500 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य है। प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025 की स्वीकृति दी है। गौ-शालाओं को पशु चारे और आहार के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को भी 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना अब डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के नाम से जानी जाएगी। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना अंतर्गत 25 दुधारू गाय अथवा भैंस की इकाई स्थापित करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश की गौ शालाओं को हाइटेक बनाया जा रहा है। ग्वालियर स्थित आदर्श गौ-शाला में देश के पहले 100 टन क्षमता वाले सीएनजी प्लांट की स्थापना की गई है। भोपाल के बरखेड़ी-डोब में 10 हजार गौ-वंश क्षमता वाली हाइटेक गौ-शाला बनाई जा रही है। प्रदेश के सवा 2 लाख किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों को सहकारिता के माध्यम से जोड़ा गया है। सरकार द्वारा दुग्ध सहकारी … Read more

छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की छत्तीसगढ़ कानूनों को जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने:मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री, केन्द्रीय गृह सचिव, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़, महानिदेशक, BPR&D, पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ और निदेशक, NCRB सहित गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के छत्तीसगढ़ में पूर्ण क्रियान्वयन के लिए टॉप  प्रायरिटी एजेंडा बनाकर इस दिशा में काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का लक्ष्य भारतीय न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाना है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य को इसकी और ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ तीन नए आपराधिक कानूनों के संपूर्ण क्रियान्वयन को एक चुनौती के रूप में लेकर इन्हे जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने। अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस उप अधीक्षक (DSP)स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को गंभीरअपराध के मामलों में NATGRID के उपयोग की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सप्ताह में एक बार, राज्य के गृह मंत्री हर 15 दिन और मुख्यमंत्री महीने में एक बार राज्य में नए आपराधिक कानूनों के अमल की प्रगति की समीक्षा करें। recent visitors 52