मध्य प्रदेश में 61,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही, शिक्षा क्षेत्र में भी 19,362 नियुक्तियां करेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में 61,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसमें 8,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती भी है। 5 साल में ढाई लाख नौकरी का लक्ष्य है, जिससे युवाओं को रोजगार के अधिक मौके मिलें। शिक्षा क्षेत्र में भी 19,362 नियुक्तियां करेंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान की व्यवस्था करेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में जिला अस्पताल के नए भवन के लोकार्पण दौरान सभा में ये बातें कहीं। विपक्ष पर निशाना सीएम ने कहा, कांग्रेस सरकार ने कई सुविधाएं बंद कर दी थी, इनमें परिवहन निगम भी है। कांग्रेस ने कई तरह की नौकरियां और योजनाओं पर ताला लगाया, हम उन तालों को खोलने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा, राजगढ़ में ₹500 करोड़ के निवेश से विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी विभागों में निरंतर भर्तियां निकालकर पदपूर्ति करने जा रहे हैं. सरकार ने प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की पुनः स्थापना की. इसके लिए नवीन पदों का सृजन भी किया है. पुलिस बैंड, पुलिस का गौरव है, जो अपनी प्रस्तुति से 26 जनवरी और 15 अगस्त के कार्यक्रमों को गरिमा प्रदान करता है. '61 हजार लोगों को मिला नियुक्ति पत्र' उन्होंने कहा, "मौजूदा समय में कुल मिलाकर 267 शासकीय आईटीआई संचालित कर रहे हैं और 22 नए आईटीआई  शुरू करेंगे. साथ ही 5,280 अतिरिक्त सीट की बढ़ोतरी की जाएगी. जबकि एक साल के अंदर हमने 61 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए हैं." जल्द आएगी वैकेंसी उन्होंने कहा कि सरकार ने 6,600 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की है. प्रदेश में जल्द ही 8,500 से अधिक पुलिस कॉन्स्टेबल और सब-इंस्पेक्टर की नवीन भर्तियां भी शीघ्र निकाली जाएंगी. सीएम यादव ने कहा है कि पुलिस सब प्रकार की चुनौतियों का सामना कर समाज को बेफिक्र होकर जीने का अनुकूल माहौल प्रदान करती है. सीएम ने पुलिस के काम को भी सराहा पुलिस होली, दीपावली और अन्य त्योहारों पर अपने घर से दूर रहकर अपनी पूरी निष्ठा से समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करती है. सुरक्षाकर्मियों का समाज में विशेष सम्मान और महत्व है. बाबा महाकाल की नगरी में पुलिसकर्मियों के साथ होली खेलना हर्ष की बात है. पुलिस के लिए होली पर्व पर व्यवस्था करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. पुलिस की सेवा के कारण ही सभी नागरिक हर्षोल्लास और आनंद के साथ होली का पर्व मनाते हैं. पुलिस, समाज की सुरक्षा के लिए एक अहम कड़ी है. recent visitors 38

भोपाल मेट्रो में सफर करने की तैयारी कर रहे लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा, कमर्शियल रन अगस्त में

भोपाल भोपाल मेट्रो में सफर करने की तैयारी कर रहे लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। जून में शुरू होने वाला कमर्शियल रन अब अगस्त 2025 में शुरू होगा। इससे पहले मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉपोरेशन एम्स, अलकापुरी और डीआरएम मेट्रो स्टेशन का काम पूरा करेगा। सुभाष नगर से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बीच करीब करीब काम पूरा हो गया है। अब इन स्टेशनों पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन सुभाष नगर से एम्स भोपाल मेट्रो स्टेशन के बीच शुरू होगा। कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने अब इसकी नई तारीख अगस्त 2025 दी है। इससे पहले रेलवे ब्रिज पर मेट्रो का लोड भी चेक किया जाएगा। इसके बाद सब कुछ ठीक रहने पर मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर मई या जून में ट्रेक का निरीक्षण कर सकते है, जिनकी रिपोर्ट ठीक आने पर कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। 6.22 किमी की दूरी 11 मिनट में तय करेगी मेट्रो मेट्रो के ट्रायल रन के दौरान इसे रानी कमलापति स्टेशन से एम्स तक 10-20 किमी प्रति घंटा की गति से चलाया गया। कमर्शियल रन में मेट्रो की स्पीड 70-90 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे 6.22 किमी की दूरी मात्र 11 मिनट में पूरी की जा सकेगी। प्राक्कलन समिति भी जता चुकी है नाराजगी पिछले दिनों विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया था। समिति ने मेट्रो के काम में देरी को लेकर नाराजगी जताई थी। उस समय मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने 15 अगस्त तक कमर्शियल रन शुरू करने की समयसीमा दी थी। छह मेट्रो भोपाल पहुंची, 21 और आएंगी भोपाल मेट्रो स्टेशन पर तीन-तीन कोच की मेट्रो को शुरुआत में चलाया जाएगा। स्टेशन छह कोच के हिसाब से तैयार किए गए हैं। अभी भोपाल में 6 मेट्रो कोच के सेट आ गए हैं। इस तरह के कुल 27 मेट्रो कोच के सेट भोपाल आएंगे। अभी 21 मेट्रो कोच के सेट आना बाकी हैं।   recent visitors 34

रील बनाओ…पाओ लाखो का इनाम, रील बनाने पर सरकार देगी पैसा, बस करना होगा ये काम

ग्वालियर मध्यप्रदेश मे अब राज्य सरकार रील बनाने पर युवाओं को पैसा देगा. रील प्रतियोगिता के तहत सरकार युवाओं को दो लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देगी. दरअसल, राज्य सरकार की तरफ से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता की घोषणा की गई है. इसके लिए प्रतिभागियों को 15 अप्रैल तक गांवों में कचरे से जुड़ी जागरूकता पर रील बनाकर सरकार द्वारा निर्धारित लिंक पर अपलोड करनी होगी. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रतियोगिता की घोषणा करते हुए कहा कि, प्रदेशभर से प्राप्त रीलों में से सर्वश्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा.  इस अभियान की शुरूआत की है। इसे स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता नाम दिया गया है। इस कंपटीशन के विषयों और थीम पर रील बनाकर प्रदेशवासी सहभागिता कर सकते हैं। कचरा नहीं यह कंचन है, इसे अलग-अलग करें और पैसा कमाएं की थीम पर रखी गई कंपटीशन की आखिरी तारीख 15 अप्रेल रखी गई है। 30 से 45 सेकंड की एचडी फॉर्मेट रील इस कंपटीशन के लिए 30 से 45 सेकंड तक का एचडी फॉर्मेट में रील बनानी (पोटे्रट फॉर्मेट) होगी। इसकी भाषा सरल हिंदी, स्थानीय भाषा रखनी होगी। वीडियो रील शेयर करने के लिए अपने वीडियो को फेसबुक / यूट्यूब इंस्टाग्राम पर शेयर करें और उसकी लिंक को एमपी.मायजीओवी.इन पर सबमिट करें। रील में म्यूजिक, टेक्स्ट और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन वह सकारात्मक और सभ्य हो। स्वच्छता पर बनाएं रील मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि, गांवों में कचरा न फैले, इसके लिए कचरा प्रबंधन पर सभी को साथ मिलकर काम करना होगा. इस उद्देश्य से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता शुरू की जा रही है. इस प्रतियोगिता के तहत नौजवान बेटे-बेटियां और अभिभावक स्वच्छता और अच्छी आदतों पर रील बनाकर भेज सकते हैं. रील बनाने पर मिलेगा इनाम प्रहलाद पटेल ने कहा इस पहल से न केवल प्रतिभागी आर्थिक पुरस्कार प्राप्त करेंगे, बल्कि समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इसलिए सभी से अनुरोध है कि, एक बार कैमरा उठाएं और स्वच्छता के संदेश के साथ रील बनाने के लिए आगे आएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की कल्पना की थी. इसी को साकार करने के लिए सरकार ने 'कचरा नहीं, यह कंचन है' का संदेश दिया है. यदि कचरे को सही तरीके से अलग किया जाए, तो यह आय का भी स्रोत बन सकता है. इस लिंक पर करें अपलोड स्वच्छता के प्रति जागृति संबंधी रील बनाकर https://mp.mygov.in/task/swachh-madhya-pradesh-reel-making-contest… पर रजिस्ट्रेशन कर रील अपलोड करना होगा. इसमें प्रथम पुरस्कार की राशि 2 लाख रुपए है. मंत्री प्रहलाद पटेल से आग्रह किया है कि 'स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 'स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता' में भाग लेकर http://mp.mygov.in पर 15 अप्रैल तक अपलोड करें. बता दें कि पहला पुरस्कार दो लाख रुपए, दूसरा पुरस्कार एक लाख रुपए और तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपए दिलाएगा. इसके अलावा 25-25 हजार रुपए के दो सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे. ये रखे गए हैं विषय प्रदेश के विभिन्न गांव के लिए वेस्ट मैनेजमेंट पर रील्स बनाना है, जिसके मुख्य विषय ये रखे गए हैं।     गीला सूखा कचरा को अलग-अलग रखना एवं उसका उचित निपटान।     कचरे के दोबारा उपयोग पर रील्स।     खुले में कचरा नहीं फेंकना।     ये मिलेंगे पुरस्कार     प्रथम पुरस्कार : 2,00,000 रुपए     द्वितीय पुरस्कार : 1,00,000 रुपए     तृतीय पुरस्कार : 50,000 रुपए     सांत्वना पुरस्कार (2) : 25,000 रुपए (प्रत्येक) recent visitors 30

बलूचिस्तान में चरम पर आजादी की लड़ाई, चीन के CPEC प्रोजेक्ट में 60 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश

बीजिंग/इस्लामाबाद  बलूचों की आजादी की जंग ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान को समझ नहीं आ रहा है कि बलूचिस्तान को कैसे कंट्रोल में रखा जाए। अगर हालात बिगड़ते हैं तो ना सिर्फ पाकिस्तान टूट जाएगा, बल्कि चीन ने अरबों डॉलर का जो निवेश कर रखे हैं, वो भी डूब जाएंगे। दूसरी तरफ पिछले हफ्ते जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में एक बार फिर से पाकिस्तान की सेना पर भीषण हमला किया है। BLA ने पाकिस्तान जवानों को ले जा रही एक बस को उड़ा दिया और दावा किया कि उसके हमले में कम से कम 90 जवान मारे गये हैं। यानि बलूचों ने पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ आजादी की जंग को काफी तेज कर दिया है, जिससे घबराए चीन ने पाकिस्तान को फौरन सैन्य सहायता देने की पेशकश की है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी अभियान में मदद करने के लिए सैन्य सहायता देने की पेशकश की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने जाफर एक्सप्रेस हाईजैक को लेकर पूछे गये सवाल पर कह है कि "हमने रिपोर्टों पर गौर किया है और इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है।" चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि "चीन पाकिस्तान के साथ आतंकवाद विरोधी और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और संयुक्त रूप से क्षेत्र को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर रखने के लिए तैयार है।" बलूचों के आंदोलन से क्यों घबराया चीन? आपको बता दें कि पिछले हफ्ते BLA के फ्रीडम फाइटर्स ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था, जिसमें 440 यात्री सवार थे। BLA ने 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवानों को मारने का दावा किया है। जबकि पाकिस्तान की सेना ने करीब 50 मौतों की बात कबूली है। जाफर एक्सप्रेस हाईजैक ने बीजिंग में तहलका मचा दिया है। वो अपने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की सुरक्षा को लेकर डर गया है। चीन को लग रहा है कि अरबों डॉलर के इस प्रोजेक्ट को बलूच फूंक देंगे। चीन ने 3,000 किलोमीटर लंबे CPEC में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है। अनुमान है कि चीन ने बलूचिस्तान में अलग अलग प्रोजेक्ट्स के जरिए करीब 65 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो बीजिंग के लिए मध्य पूर्व के बाजारों तक सस्ते और तेज मार्ग और दक्षिण एशिया में प्रभाव बनाने का रास्ता बनाता है। लेकिन अब चीन का ये प्रोजेक्ट फंस गया है और भारत को घेरने का प्लान फेल होता नजर आ रहा है। बलूच विद्रोहियों की मांग ना सिर्फ पाकिस्तान से आजादी है, बल्कि वो चीनी प्रोजेक्ट का भी विरोध कर रहा हैं। बलूचों का कहना है की चीन उनकी संसाधनों को लूट रहा है। लिहाजा बलूच विद्रोही, बलूचिस्तान को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाली सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी कर्मियों पर भी कई हमले किए हैं। बलूचिस्तान संसाधन संपन्न इलाका है, जहां प्राकृतिक गैस, कोयला, तांबा और अन्य मूल्यवान खनिजों का भंडार है। पाकिस्तान और चीन मिलकर इन खनिजों को लूट रहे हैं और बलूचों को कुछ भी नहीं मिल रहा है। लिहाजा बलूचों ने अब बंदूक उठा लिए हैं। बलूच नेशनल मूवमेंट के अध्यक्ष नसीम बलूच ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट की वजह से बलूचों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्वादर पोर्ट बनाने के लिए हजारों बलूचों को उनके घरों से विस्थापित कर दिया गया और उन्हें कहीं और बसाने के भी कोई इंतजाम नहीं किए गये। लिहाजा चीनी कर्मचारियों पर हमले हो रहे हैं। जिससे घबराए चीन ने पाकिस्तान पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों को तैनात करने के लिए पाकिस्तान पर भारी दबाव बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान, चीन के प्रस्ताव को स्वीकार करने में हिचकिचा रहा है, क्योंकि उसे अपनी धरती पर चीनी सुरक्षाकर्मियों को अनुमति देने पर घरेलू राजनीतिक प्रतिक्रिया का डर है। लेकिन अब जबकि बलूचों के हमले खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके हैं तो ऐसी आशंका है कि चीन अपने जवानों को बलूचिस्तान में तैनात कर सकता है। recent visitors 46

स्व-सहायता समूह की 25 महिला सदस्यों द्वारा मधुमक्खी पालन कर लगभग 120 बॉक्स के साथ अपना रोजगार किया प्रारंभ

ग्वालियर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने संगठित होकर मधुमक्खी पालन को अपना व्यवसाय बनाकर अपने जीवन को बेहतर बनाने का उल्लेखनीय कार्य किया है। स्व-सहायता समूह की 25 महिला सदस्यों द्वारा मधुमक्खी पालन कर लगभग 120 बॉक्स के साथ अपना कार्य प्रारंभ किया है। महिलाओं के उत्साह और मेहनत से 700 किलोग्राम शहद एवं 25 किलोग्राम मोम समूह ने एकत्रित किया है। जिले की ग्राम पंचायत उदयपुरा, जखारा एवं इकहरा के 4 स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर मधुमक्खी पालन का व्यवसाय प्रारंभ किया। महिलाओं की मेहनत और प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन से समूह का काम निखरने लगा और उन्हें आर्थिक लाभ भी प्राप्त होने लगा। मधुमक्खी पालन समूह की महिलाओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में पहुँचकर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान को समूह द्वारा तैयार किए गए शहद की बोतल भी प्रदान की। कलेक्टर ने महिलाओं से विस्तार से चर्चा की तथा मधुमक्खी पालन के संबंध में जानकारी प्राप्त की। समूह की महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि जिला पंचायत के माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिलाया गया है। इसके साथ ही समूह द्वारा 120 बॉक्स के माध्यम से मधुमक्खी पालन का कार्य प्रारंभ किया गया। समूह की महिलाओं ने बताया कि शुरूआत में काफी परेशानियां आईं। लेकिन धीरे-धीरे काम बेहतर होने लगा और सभी के प्रयासों से शहद एवं मोम भी समूह को प्राप्त होने लगा। प्राप्त शहद को समूह के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र मुरैना में प्रोसेसिंग कराकर बाजार में 350 रूपए से 400 रूपए प्रतिकिलो के हिसाब से विक्रय किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनके द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय है। समूह की महिलायें स्वयं भी करें और अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के कार्य में जोड़ने का कार्य भी करें। कलेक्टर के निर्देश पर समूह द्वारा तैयार किए गए शहद विक्रय के लिये एक अस्थायी केन्द्र कलेक्ट्रेट में बनाया गया। जिले के अधिकारियों ने भी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से शहद क्रय कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार ने मधुमक्खी पालन के कार्य में लगे स्व-सहायता समूह के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही जिले में अन्य जगहों पर भी स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। recent visitors 47

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया- समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 5 मई तक होगी

भोपाल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू की खरीदी 15 मार्च से शुरू हो चुकी है। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 5 मई तक की जायेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये के अलावा किसानों को 175 रुपये प्रति क्विटल बोनस भी देगी। इस बार 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा। किसानों गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग करनी होगी। साथ ही जिन किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, वे 31 मार्च 2025 तक करवा सकते हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए टेंट, बैठने की व्यवस्था, पानी, पंखे, तौल मशीन और कंप्यूटर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। गेहूं की साफ-सफाई के लिये क्लीनिंग मशीन भी लगाई जा रही है।   recent visitors 37

प्रधानमंत्री ने शहडोल दौरे को किया याद, कहा चार पीढ़ियों से लोग खेल रहे फुटबाल

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ विस्तार से बातचीत में मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के दौरे की स्मृतियों को साझा की। पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने शहडोल जिले के जनजातीय बाहुल्य गांव विचारपुर की चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की यात्रा में उन्हें उस जगह के बारे में पता चला, जहां के निवासियों में फुटबॉल के प्रति अटूट प्रेम है। वे अपने क्षेत्र को मिनी ब्राजील कहते हैं। अमेरिकन पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने कहा कि हमारे यहां सेंट्रल पार्ट ऑफ इंडिया में मध्यप्रदेश एक स्टेट है, वहां शहडोल एक जिला है, शहडोल जिला बहुत बड़ा ट्राइबल बेल्ट है, जहां काफी ट्राइबल लोग रहते हैं वहां ट्राइबल महिलाएं स्व-सहायता समूह चलाती हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल यात्रा में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों और शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के प्रणेता खिलाड़ियों से मिलकर चर्चा की और उनका उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल जिले के भ्रमण की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि मैं उनसे बातचीत कर रहा था। शहडोल में देखा कि स्पोर्ट्स की ड्रेस पहने हुए वहां 80 से 100 के करीब नौजवान, छोटे बच्चे, सभी लोग एक ही प्रकार से बैठे थे। मैं उनके पास गया, उनसे पूछा कि आप लोग कहां से हैं? जवाब मिला, हम मिनी ब्राजील से हैं। मैंने खिलाड़ियों से पूछा कि मिनी ब्राजील क्या है? तो खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव विचारपुर को लोग मिनी ब्राजील कहते हैं। मैंने फिर पूछा कैसे मिनी ब्राजील कहते हैं? खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव में हर परिवार में चार पीढ़ियों से लोग फुटबॉल खेलते आ रहे हैं। गाँव से 80 से अधिक नेशनल प्लेयर निकले हैं। पूरा गाँव फुटबॉल को समर्पित है और वो कहते हैं कि हमारे गांव का इंडिविजुअल मैच जब होता है, तो 20 से 25 हजार दर्शक तो आसपास के गांव से ही आ जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत में फुटबॉल का क्रेज इन दिनों बढ़ रहा है, मैं उसके लिए शहडोल के मिनी ब्राजील को शुभ संकेत मानता हूं। इससे टीम स्पिरिट पैदा होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रोत्साहन के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे शहडोल ही नहीं पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फुटबाल को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हमारी खेल अकादमियों के खिलाड़ियों राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। पूर्व कमिश्नर श्री शर्मा ने भी किया प्रोत्साहित शहडोल संभाग में फुटबाल को प्रोत्साहित करने के लिए शहडोल संभाग के पूर्व कमिश्नर श्री राजीव शर्मा की पहल पर फुटबाल खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास किये गए है। इसके अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं। शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर गांव सहित शहडोल संभाग के लगभग सभी गांवों में फुटबाल क्लबों का गठन किया गया है तथा फुटबाल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मन की बात में भी हो चुका है जिक्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्व में भी "मन की बात" कार्यक्रम में भी शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के संबंध में चर्चा की जा चुकी है, जिससे शहडोल संभाग के फुटबाल खिलाड़ियों में नया उत्साहवर्धन हुआ है।   recent visitors 47