महाकुंभ के दौरान गंगा औ यमुना नदी का पानी नहाने के लिए तय मानकों पर खरा उतरा: सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

नई दिल्ली सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में बताया है कि महाकुंभ के दौरान गंगा औ यमुना नदी का पानी नहाने के लिए तय मानकों पर खरा उतरा है। ये रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को पेश की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा वेरिएबिलिटी के कारण स्टेटिस्टिकल एनालिसिस की दरकार थी। रिपोर्ट में कहा कि स्टेटिस्कल एनालिसिस की जरूरत इसलिए थी क्योंकि अलग-अलग तारीखों में सैंपल जमा किए गए थे और ये सभी सैंपल विभिन्न जगहों से लिए गए थे। सही आकलन में क्या थी दिक्कतें? सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कहा कि अलग अलग सैंपल की वजह से पूरी नदी के पानी के सही आकलन करना बेहद मुश्किल था। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कहा है कि उसने महाकुंभ की शुरूआत के बाद से हर सप्ताह दो बार नदी के पानी की जांच और निगरानी की है। रिपोर्ट में कहा गया कि 12 जनवरी से लेकर 28 फरवरी तक गंगा नदी की 5 जगहों और यमुना नदी की दो जगहों पर पानी की निगरानी की गई और इसके लिए विशेषज्ञों की एक कमिटी तैनात थी।   CPCB ने पिछले महीने गंगा की पानी का बताया था गंदा 17 फरवरी को CPCB ने एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की पैनल को बताया था कि महाकुंभ के दौरान कई स्थानों पर नहाने के लिए जल गुणवत्ता प्राथमिक मानकों पूरा नहीं करती है। बोर्ड ने 17 फरवरी की रिपोर्ट में बताया था कि गंगा-यमुना की पानी में उच्च मात्रा में फीकल कोलीफार्म बैक्टीरिया (Fecal Bacteria)मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया था कि पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 100 मिलीलीटर पानी में 2,500 यूनिट से बहुत ज्यादा मिली है। recent visitors 56

भगोरिया की मस्ती में झूमते-नाचते टोलियों को देखकर पाँव अपने आप लगते हैं थिरकने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ जिले की सांस्कृतिक विविधता एवं महत्व को परिलक्षित करते भगोरिया हाट में सम्मिलित होकर बहुत आनंद आया है। फागुन का रंग चढ़ रहा है। भगोरिया में मदमस्त टोलियों ने एक नए उत्साह का संचार किया है, मन प्रफुल्लित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम स्थल पर ढोल-मांदल लिये नृत्य करते हुए दलों के साथ भगोरिया की मस्ती में झूम उठे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भील महासम्मेलन का भारत माता, क्रांतिसूर्य टंट्या भील, राणा पुंजा एवं शबरी माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया में मस्ती में झूमते-नाचते टोलियों को देखकर पाँव अपने आप थिरकने लगते हैं। उन्होंने कहा कि झाबुआ में हजारों वर्षों से फागुन के माह में ढोल-मांदल की थाप पर भगोरिया उत्सव मनाया जाता रहा है, जो कि इसकी पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप अपने पूर्वजों का अभिनंदन करें और संस्कृति और विरासत को बनाये रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार तत्परता से कार्य कर रही है। अब रोजगार के लिये युवाओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विद्यार्थियों के लिये मेडिकल कॉलेज सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स की नि:शुल्क कोचिंग शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज खोलने की नीति में बदलाव किया गया है। इसमें सबसे पहले जनजातीय बहुल अंचल में मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोलर पम्प योजना के तहत नि:शुल्क बिजली देकर हर खेत तक पानी पहुंचायेंगे। उद्योगों की स्थापना के लिये अनुदान नीति बनायी गयी है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिये नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था की गयी है और दूध उत्पादकों को दूध उत्पादन पर 5 प्रतिशत बोनस तथा गाय खरीदने पर अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले में जल प्रदाय के लिये अनास नदी को नर्मदा नदी से जोड़ने की योजना के परीक्षण के निर्देश दिये। उन्होंने ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में धर्मशाला निर्माण के लिये भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसी तरह झाबुआ में कालका मंदिर से एम-2 होटल तक सड़क निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ कलेक्टर को निर्देश दिये कि कच्चे मकानों की सूची तैयार कर पीएम आवास योजना के तहत सर्वे करायें, जिससे सभी को पीएम आवास योजना में पक्के मकान उपलब्ध कराये जा सकें। दिलीप गेट पर स्थित पूर्व सांसद स्व. भूरिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ में दिलीप गेट पर पूर्व सांसद स्व. दिलीप सिंह भूरिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने जनजातीय अंचल के विकास में उनके योगदान को याद किया। दिलीप क्लब पर भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिलीप क्लब में भगोरिया पर्व पर महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जनजातीय अंचल की झुलड़ी एवं साफा पहनाकर स्वागत किया। साथ ही जनजातीय अस्मिता के प्रतीक तीर-कमान भेंट कर अभिनन्दन किया। भगोरिया गैर मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगोरिया गैर में शामिल हुए। इसमें 250 से अधिक ढोल-माँदल की टोलियॉं शामिल हुईं। ये सभी सांस्कृतिक नृत्य करते हुए कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए। भगोरिया गैर का आनन्द देखते ही बनता था। जनजातीय समाज के लोग हर ओर मस्ती में झूमते, नृत्य करते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनन्दन कर रहे थे। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का झाबुआ जिले में स्वागत है। उन्होंने बताया कि अंचल में उनके पिताजी एवं पूर्व सांसद स्व. भूरिया के प्रयासों से पेसा एक्ट को अधिनियमित किया गया, जिससे जनजातीय क्षेत्र में ग्राम सभाएँ सशक्त हुई हैं। आज अंचल में विभिन्न कार्यों से विकास की गंगा बह रही है। पूर्व सांसद श्री गुमान सिंह डामोर ने कहा कि भील सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति से अंचल की सांस्कृतिक विरासत भगोरिया का आनंद और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने भील समाज के उत्थान के लिए किये गये प्रयासों से अवगत कराया। कार्यक्रम में श्री कलसिंह भाबर, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री श्री कनकमल कटारा और जनजातीय समाज के बंधु उपस्थित रहे। recent visitors 53

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का माधव राष्ट्रीय उद्यान को देश का 58वां और मध्यप्रदेश का 9वां टाईगर रिजर्व की सौगात प्रदान करने के लिये आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर केन्द्र सरकार के इस निर्णय को प्रदेश के वन्य जीव संरक्षण प्रयासों के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि है। माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी जिले में स्थित है। यह ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है। टाइगर रिजर्व घोषित करने से यहां वन्यजीवों के संरक्षण के साझा प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सदैव ही वन्य जीव संरक्षण में अग्रणी रहा है। यह नया टाइगर रिजर्व राज्य की जैव विविधता को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि इससे बाघों के संरक्षण को बल मिलेगा, साथ ही पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट किया कि वन्य जीव प्रेमियों के लिए एक आश्चर्यजनक समाचार प्राप्त हुआ है। भारत वन्य जीव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण करने वाली संस्कृति से धन्य है। हम हमेशा हमारे वन्य प्राणियों की रक्षा करने और एक सतत् विकासशील ग्रह में जीवन कायम रखने में योगदान देने में सबसे आगे रहेंगे। केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाईगर रिजर्व घोषित किए जाने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा पृथ्वी पर पारिस्थितिकी विविधता को बहाल करने पर दिए गए ऐतिहासिक जोर के साथ भारत पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीव संरक्षण में लगातार बड़ी प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि देश ने अपने टाइगर रिजर्व की सूची में 58वां टाइगर रिजर्व जोड़ लिया है, जिसमें नवीनतम नाम मध्यप्रदेश के माधव टाइगर रिजर्व का है। यह मध्यप्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व है। केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने देश के सभी वन्य जीव प्रेमियों और संरक्षणवादियों को बधाई देते हुए कहा कि यह विकास हमारे वन अधिकारियों के अथक प्रयासों का प्रमाण है, जो निस्वार्थ भाव से वन्य जीव संरक्षण के पावन उद्देश्य के लिए काम कर रहे हैं।   recent visitors 63

मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और ऑटोमोबाइल सेक्टर को जबरदस्त गति मिल रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जीआईएस भोपाल के शुभारंभ पर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण की बढ़ती संख्या को मध्यप्रदेश में ईवी क्रांति की बढ़ती स्वीकार्यता और निवेशकों के लिए इसमें अपार संभावनाओं को रेखांकित किया था। मध्यप्रदेश ऑटोमोबाइल और ईवी के क्षेत्र में न केवल निर्माण बल्कि नवाचार और अनुसंधान के हब के रूप में उभर रहा है। सरकार निवेशकों को हरसंभव सुविधाएं प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और ऑटोमोबाइल सेक्टर को जबरदस्त गति मिल रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) भोपाल के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। प्रदेश में स्थापित होंगे ईवी और ऑटोमोबाइल विकास के नए आयाम जीआईएस-भोपाल में देश-विदेश की प्रमुख ऑटोमोबाइल और ईवी कंपनियों ने हिस्सा लिया। वर्तमान में प्रदेश में 30 से अधिक मूल उपकरण निर्माता कंपनियां कार्यरत हैं और 200 से अधिक कंपनियां वाहन कल-पुर्जों का निर्माण कर रही हैं। वाणिज्यिक वाहन निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जबकि बस और ट्रैक्टर निर्माण में यह दूसरे स्थान पर है। जीआईएस- भोपाल में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान इलेक्ट्रो-ग्रेफाइट (एचईजी) ने 1,800 करोड़ रुपये के निवेश का करार किया। देवास में बनने वाले इस संयंत्र में ग्रेफाइट एनोड का उत्पादन होगा, जिससे ईवी बैटरियों की लागत में कमी आएगी और उद्योग को नया प्रोत्साहन मिलेगा। पीथमपुर बन रहा भारत का 'डेट्रॉयट' मध्यप्रदेश का पीथमपुर ऑटो-क्लस्टर लगभग 4,500 हेक्टेयर में फैला हुआ है और यह देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल केंद्रों में से एक बन चुका है। यहां फोर्स मोटर्स, आयशर मोटर्स, एवीटीएसी मोटर्स, काइनेटिक मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियां कार्यरत हैं। साथ ही, 60 से अधिक ऑटो कल-पुर्जा निर्माता कंपनियां यहां अपने उत्पाद बना रही हैं। पीथमपुर में स्थित एशिया का सबसे लंबा हाई-स्पीड टेस्टिंग ट्रैक ‘नैट्रैक्स’ (11 किमी) वाहन परीक्षण के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जो इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है। एमपी मोबिलिटी एक्सपो 2025: नवाचार और निवेश का केंद्र जीआईएस समिट में एमपी मोबिलिटी एक्सपो-2025 का आयोजन किया गया, जिसमें ब्रिजस्टोन, ज़ेडएफ स्टीयरिंग, मदरसन गेबियल, आनंद इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों ने भाग लिया। एक्सपो में सुपर कार और सुपर बाइक प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विभिन्न स्टार्ट-अप्स ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए, जिससे प्रदेश में नई तकनीकों के समावेश को बढ़ावा मिला। ईवी और सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में कदम मध्यप्रदेश ईवी बैटरी निर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और हाइड्रोजन फ्यूल इनोवेशन में तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। स्वच्छ और सस्टेनेबल ऑटोमोबाइल निर्माण को बढ़ावा देने के लिय राज्य सरकार विशेष नीतियां लागू कर रही है। प्रदेश में निवेश के लिये ऑटोमोबाइल और ईवी निवेशकों में उत्साह मध्यप्रदेश सरकार ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कर-प्रोत्साहन, शीघ्र अनुमोदन प्रक्रिया और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा दे रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में प्रदेश के ऑटोमोबाइल और वाहन कल-पुर्जा क्षेत्र ने 19.2 करोड़ डॉलर मूल्य का निर्यात किया। इससे प्रदेश को राजस्व प्राप्त हुआ और हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित हुए। प्रमुख कंपनियों की भागीदारी जीआईएस-भोपाल में ऑटो मोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में काम कर रही प्रमुख कंपनियों ने हिस्सेदारी की। ऑटो-एक्सपो में ब्रिजस्टोन, जेडएफ स्टीयरिंग, बाडवे इंजीनियरिंग, मदरसन गेबियल, पिस्टल देवास, आनंद इंडस्ट्रीज, झालानी इंजीनियर्स, एसडी एक्सेल प्रा. लिमिटेड, जगतजीत इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड, वी.ई. कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड और पिनेकल इंडस्ट्रीज शामिल थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किईवी-मोबिलिटी के विस्तार से मध्यप्रदेश में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन नीति को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे राज्य न केवल आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर होगा, बल्कि हरित ऊर्जा और सतत् विकास की दिशा में भी मिसाल कायम करेगा।   recent visitors 45

उज्जैन महाकाल की तर्ज पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

खंडवा, ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार सहित मां नर्मदा की पूजा-अर्चना, आरती करने के पश्चात संतों की उपस्थिति में धर्म सभा को संबोधित किया। अपने गुरु संत विवेक मिश्रा की अमृतस्य नर्मदा पद परिक्रमा के समापन के अवसर पर तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन महाकाल की तर्ज पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा। यहां ओंकारेश्वर लोक बनाया जाएगा। नर्मदा परिक्रमा स्थल को व्यवस्थित रूप से उसका सौन्दर्यीकरण किया जाएगा, मां नर्मदा की शुद्धता बनी रहे इस और प्रयास किए जाएंगे।   सीएम ने कहा- नर्मदा तटों पर स्वच्छता बनाए रखें मां नर्मदा के तटों पर पौधारोपण कर स्वच्छता बनाए रखें। रासायनिक दवा का काम से कम उपयोग करें, जिससे मां नर्मदा प्रदूषण होने के साथ ही जनजीवन पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणा के अनुरूप धार्मिक तीर्थ क्षेत्रो में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और यह कार्य हम सरकार के माध्यम से कर रहे हैं। एक अप्रैल से शराब दुकान का संचालन बंद होगा। ओंकारेश्वर में अब शराब नहीं बिकेगी। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए गोपालन जरूरी मांसाहार खाने वालों का मुंह नहीं बंद कर सकते, लेकिन जो लोग उसे पसंद नहीं करते हैं उन्हें वह चीज़ दिखे नहीं इसकी भी चिंता करें। खुले में मांस न बिके, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए गोपालन जरूरी है। कर्म के माध्यम से जनता की सेवा में लगे हैं हम सब गौ माता की रक्षा सुरक्षा करें। साधु संत अध्यात्म के माध्यम से अपना एवं हम सब का कल्याण कर रहे हैं, और हम सरकार के माध्यम से, कर्म में ही धर्म है। कर्म के माध्यम से हम जनता की सेवा में लगे हुए हैं। सरकार भी त्योहारों में हो रही शामिल फागुन का यह माह रंगों और गुलाल का त्योहार है। हम सब के जीवन में आपसी सद्भाव रंगों के माध्यम से सदैव बना रहे। हमारे सभी धार्मिक त्योहारों को हम सब मनाते आ रहे हैं, लेकिन अब सरकार भी इन त्योहारों में शामिल हो रही है। नर्मदा क्षेत्र के अलीराजपुर और झाबुआ में मनाए जाने वाले भगोरिया पर्व को भी सरकार उत्साह से आयोजित करेगी। धर्म सभा को संबोधित करते हुए संत विवेक जी ने कहा कि हमारी प्राचीन धनवारों धर्मस्थलों की रक्षा करना हम सबका दायित्व है मां नर्मदा का जल शुद्धता के साथ सतत बहता रहे और परिक्रमा स्थल व्यवस्थित रूप से बना रहे ताकि परिक्रमा वासियों को कोई तकलीफ ना हो। नर्मदा परिक्रमा एवं तीर्थ की रक्षा के लिए प्रदेश की सरकार लगातार कार्य कर रही है इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद भी देता हूं। recent visitors 69

धर्मांतरण को लेकर रायपुर में बवाल, गाड़ियों में तोड़फोड़, भारी पुलिस बल तैनात

रायपुर राजधानी रायपुर में धर्मांतरण को लेकर जमकर बवाल हुआ है. टाटीबंध इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण आरोप लगाते हुए एक घर पर तोड़फोड़ की और बाहर खड़ी गाड़ियों को भी निशाना बनाया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. जानकारी के अनुसार, टाटीबंध स्थित एक घर में धर्मांतरण कराने की जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली, तो वे मौके पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे और इसका विरोध किया. देखते ही देखते माहौल गरमा गया और पूरे मामले हिंसक होता गया. विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल और विशेष समुदाय के बीच जमकर झड़प हुई. इस दौरान कई महंगी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आला अधिकारी भी पहुंचे, जिन्होंने हालात को संभालने का प्रयास किया. इस विवाद के दौरान कुछ लोग घर में फंसे हुए थे. पुलिस ने सभी लोगों को सुरक्षित निकालकर अपनी गाड़ियों में बैठाया और वहां से रवाना किया. इसी बीच बजरंग दल ने मौके पर मंदिर बनाने की मांग की है. मामले में सिटी एएसपी लखन पटले ने कहा कि स्थिति को समझा जा रहा है, हालात अब काबू में है. भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. खबर लिखे जाने तक किसी भी प्रकार के एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी. recent visitors 49

छत्तीसगढ़ में मस्जिदों से मांगी गई आय-व्यय की रिपोर्ट, वक्फ बोर्ड की संपत्ति का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष कदम

रायपुर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के हिसाब-किताब के बाद अब मस्जिदों को भी आय-व्यय के एक-एक रुपये की जानकारी देनी होगी। अभी तक मस्जिदें इससे मुक्त थीं। राज्य वक्फ बोर्ड ने 1,223 मस्जिदों के मौलानाओं को ऑडिट कराने का आदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ में 1,800 से अधिक छोटी-बड़ी मस्जिदें हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें ही आदेश जारी किया गया है, जिनकी आमदनी ज्यादा है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है कि मस्जिदों की राशि के दुरुपयोग की लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। बैंक में अपना खाता खुलवाना हेागा इसलिए आय-व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। मस्जिदों को बैंक में अपना खाता खुलवाना होगा। वक्फ बोर्ड की ओर से पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसमें मौलाना को आमदनी और खर्च का हिसाब डालना जरूरी होगा। तीन साल तक ऑडिट नहीं दिया तो जेल बोर्ड ने कहा है कि यदि तीन साल तक ऑडिट नहीं है, तो जिम्मेदार को जेल तक जाना पड़ सकता है। वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति से होने वाली कमाई और मस्जिदों की आमदनी से 30 प्रतिशत राशि शिक्षा पर खर्च करेगा। बोर्ड का अनुमान है कि बड़ी मस्जिदों में महीने की कमाई डेढ़ लाख और वर्षभर में 15 से 20 लाख रुपये तक होती है। छह मुतवल्लियों को हटाया मस्जिदों से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान समाज के लोगों से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की गई थी। इस बार में बोर्ड ने मुतवल्लियों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर बोर्ड ने छह मुतवल्लियों को पद से हटा दिया है। recent visitors 47