शक्कर कारखाने द्वारा अब तक किसानों को कुल 50.21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

कवर्धा होली त्योहार के पहले गन्ना किसानों को बड़ी सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर होली के त्योहार से पहले गन्ना किसानों के चेहरे पर खुशी लाने के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने 7 मार्च 2025 को 5.22 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया।         पेराई सत्र 2024-25 के दौरान गन्ना किसानों को 315.10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया है। अब तक कारखाने द्वारा कुल 50.21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिला है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में लगातार यह सुनिश्चित किया जा रहा कि गन्ना किसानों को भुगतान समय पर मिले।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा इस सत्र में कुल 2.78 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई, जिससे 2.59 लाख क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ। यह सफलता क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।        उप मुख्यमंत्रीविजय शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के हक और सम्मान को सर्वोपरि मानती है। हमने सुनिश्चित किया कि होली से पहले किसानों को उनका मेहनताना मिले, ताकि वे खुशी और आत्मनिर्भरता के साथ त्योहार मना सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार के इस कदम से गन्ना किसानों में उत्साह देखने को मिल रहा है। किसान परिवार अब होली को और हर्षोल्लास के साथ मना सकेंगे।       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने किसानों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गन्ना किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके परिश्रम से मिठास घर-घर तक पहुंचती है। सरकार उनकी समृद्धि के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनके परिश्रम का पूरा मूल्य मिले और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनें। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों से उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हो रही है। यह भुगतान किसानों के लिए न केवल एक आर्थिक राहत है, बल्कि होली के त्यौहार की मिठास को और बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। recent visitors 65

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- राज्य में मासूम बेटियों के साथ दुराचार पर दोषी को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है

भोपाल बहला-फुसला कर या फिर डरा-धमका कर, किसी भी तरीके से बेटियों के धर्मांतरण कराने वालों की अब खैर नहीं। मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ऐसे मामलों के दोषियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान करने जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज महिला दिवस के अवसर पर घोषणा की कि मासूम बेटियों के साथ दुराचार के दोषियों को फांसी की सजा के प्रावधान के बाद अब राज्य में धर्मांतरण के दोषियों को भी फांसी की सजा का प्रावधान किया जाएगा। डॉ यादव यहां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित 'लाड़ली बहना राशि अंतरण कार्यक्रम' में भाग ले रहे थे। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि राज्य में मासूम बेटियों के साथ दुराचार पर दोषी को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। जोर जबर्दस्ती से या बहला-फुसला कर बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। अब राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण कराए जाने पर भी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से फांसी की सजा का प्रावधान किया जा रहा है। दुराचरण और धर्मांतरण, दोनों के खिलाफ सरकार ने संकल्प लिया है कि समाज की इन कुरीतियों के खिलाफ सरकार कठोरता से पेश आएगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में सहभागिता कर सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.27 करोड़ से अधिक लाड़ली बहना योजना हितग्राहियों के खातों में 1552.73 करोड़ रुपए की राशि जारी की। इसके अलावा 450 रुपए में गैस सिलेंडर रीफिल योजना की 26 लाख से अधिक पात्र हितग्राही बहनों को 55.95 करोड़ रुपए की अनुदान राशि जारी कर उन्हें महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। recent visitors 61

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा- सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से अब किसान वर्ष में तीन बार फसलें पैदा करेंगे

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को मंदसौर जिले के ग्राम रठाना और भावता में 26 करोड़ 63 लाख 76 हजार की लागत से निर्मित होने वाली 6 सड़कों का भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से अब किसान एक वर्ष में 3 बार फसल पैदा कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री देवडा ने कहा कि, 2047 में देश विश्व की सबसे बड़ी ताकत होगी। 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होंगे। इसके लिए सरकार ने आगामी 25 साल का रोड मैप तैयार किया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता की ताकत को आधार बनाकर देश को विश्व गुरु के स्थान पर लाने का संकल्प सरकार ने लिया है। आर्थिक रूप से देश संपन्न होगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति होगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मंदसौर में औद्योगिक निवेश हो इस पर लगातार कोशिश की जा रही है। कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवा, गरीब, किसान, महिलाओं के उत्थान के लिये काम कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। जिससे आसानी से गरीब व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। आयुष्मान कार्ड ने गरीबों को नई जिंदगी प्रदान की है। उनके जीवन को बचाया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा शनिवार को ग्राम रठाना में 11 करोड़ 26 लाख 21 हजार रुपए से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया। भूमि पूजन के अंतर्गत 1 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली पिपलिया कराडिया गांव से शासकीय हाई स्कूल तक सड़क मार्ग, 7 करोड़ 91 लाख 77 हजार रुपए की लागत से निर्मित होने वाली लच्छाखेड़ी से रठाना होते हुए नेतावली तक सड़क मार्ग, 2 करोड़ 8 लाख 39 हजार रुपए की लागत से निर्मित होने वाली खंडेरिया मारू से नावन खेड़ी तक सड़क मार्ग शामिल है। ग्राम भावता में 15 करोड़ 37 लाख से निर्मित होने वाले सड़कों का किया भूमि-पूजन उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ग्राम भावता में 15 करोड़ 37 लाख 55 हजार रुपए से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया। भूमि पूजन के अंतर्गत 4 करोड़ 42 लाख 64 हजार रुपए की लागत से निर्मित होने वाली कुचड़ोद से झावल तक सड़क मार्ग, 4 करोड़ 31 लाख 95 हजार रुपए की लागत से निर्मित होने वाली भावता से कांकरवा बालाजी सड़क मार्ग, 6 करोड़ 62 लाख 96 हजार की लागत से निर्मित होने वाली लसुड़ावन से भाटरेवास सड़क शामिल है।   recent visitors 62

कांग्रेस भोपाल में अपना हाईटेक स्टेट हेडक्वार्टर बनाएगा, 5 मंजिला हाईटेक बिल्डिंग, राष्ट्रीय नेताओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था

भोपाल बीजेपी के बाद अब कांग्रेस भी अपना हाईटेक स्टेट हेडक्वार्टर बनाने की तैयारी कर रही है। भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर स्थित वर्तमान कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स को तोड़कर नया प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालय बनाने की योजना तैयार कर ली गई है। इस परियोजना के तहत 5 मंजिला आधुनिक भवन बनाया जाएगा, जिसमें पार्टी के विभिन्न संगठनों के लिए अलग-अलग कार्यालय होंगे। रोशनपुरा चौराहे पर है दो एकड़ जमीन कांग्रेस सूत्रों के अनुसार रोशनपुरा चौराहे पर पार्टी की करीब दो एकड़ जमीन है। भोपाल की सबसे प्राइम लोकेशन पर कांग्रेस की जमीन और कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स है। हालांकि, कई किराएदार ऐसे हैं जो सालों से किराया ही नहीं दे रहे हैं। ऐसे में पार्टी ने अब अपनी जमीन पर मुख्यालय बनाने की कवायद शुरू कर दी है। नए ऑफिस में किसी भी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधि संचालित नहीं होगी। यानि अब कांग्रेस अपने ऑफिस परिसर में किसी दुकान या शोरुम को किराए पर स्पेस नहीं देगी। पूरे एमपी में कांग्रेस की संपत्तियों की कराई मैपिंग पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भोपाल सहित पूरे मप्र में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग कराई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ ही किस जिले में कांग्रेस की कितनी संपत्ति है। इसकी मैपिंग कराकर जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को दिल्ली भेजी गई है। माना जा रहा है कि पीसीसी के बाद जिलों में भी कांग्रेस कार्यालयों का कायाकल्प कराया जा सकता है। नए भवन में राष्ट्रीय नेताओं के ठहरने की होगी व्यवस्था नए कांग्रेस स्टेट हेडक्वार्टर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, एससी, एसटी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों और टीम के बैठने के लिए कक्ष बनाए जाएंगे। राष्ट्रीय नेताओं के रुकने के लिए भी रुम बनाए जाएंगे। अभी बाहर से आने वाले नेताओं के लिए होटलों में कमरे किराए पर लेने पड़ते हैं। कई बार बड़े आयोजन होने के चलते नेताओं के लिए होटलों में कमरे बड़ी मशक्कत से मिल पाते हैं। अब ऑफिस में ही ठहरने की व्यवस्था होगी। दिल्ली से ग्रीन सिग्नल मिलते ही शुरू होगा काम एमपी कांग्रेस की ओर से नया ऑफिस बनाने का खाका तैयार कर लिया गया है। प्रॉपर्टी की मैपिंग के साथ ही नए प्रदेश कार्यालय की बिल्डिंग के निर्माण को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। एआईसीसी से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद इसका काम शुरू हो जाएगा। पटवारी ने अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस मुख्यालय का कराया रेनोवेशन जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की पूरी बिल्डिंग का रेनोवेशन कराया है। पीसीसी में कांग्रेस के विभाग, प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के चेंबर्स से लेकर स्टाफ के बैठने की व्यवस्था और इंटीरियर डेकोरेशन कराया गया है। सालों पुरानी लिफ्ट बदलकर नई लिफ्ट लगाई गई है। नए स्टेट हेडक्वार्टर की खासियतें         5 मंजिला हाईटेक बिल्डिंग         राजनीतिक संगठनों के लिए अलग-अलग कार्यालय         राष्ट्रीय नेताओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था         कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी         पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग पूरी कहां बनेगा कांग्रेस का नया स्टेट हेडक्वार्टर? रोशनपुरा चौराहे पर स्थित दो एकड़ भूमि पर यह भवन बनेगा। वर्तमान में यहां एक कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर 35 दुकानें और पार्किंग स्पेस है। वर्तमान पीसीसी भवन का क्या होगा? अभी कांग्रेस का प्रदेश कार्यालय भोपाल में एक पुराने भवन में संचालित हो रहा है। नया कार्यालय बनने के बाद मौजूदा भवन का उपयोग प्रकोष्ठ, सामाजिक संगठनों और जिला कांग्रेस कार्यालयों के लिए किया जाएगा। पूरे प्रदेश में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग पूरी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग कराई है। इस रिपोर्ट को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेजा गया है। इस प्रक्रिया के तहत यह देखा गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस के कितने कार्यालय और संपत्तियां हैं। क्या जिलों में भी बनेंगे नए कांग्रेस कार्यालय? ऐसा माना जा रहा है कि भोपाल के बाद विभिन्न जिलों में भी कांग्रेस कार्यालयों के कायाकल्प की योजना बनाई जा सकती है। इसके तहत कांग्रेस की पुरानी संपत्तियों का पुनरुद्धार किया जाएगा और नए कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। नए भवन में क्या सुविधाएं होंगी?     नए कांग्रेस मुख्यालय में विभिन्न कांग्रेस संगठनों के लिए विशेष कार्यालय बनाए जाएंगे:     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यालय     यूथ कांग्रेस (Youth Congress) का कार्यालय     एनएसयूआई (NSUI), महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, एससी-एसटी कांग्रेस के लिए विशेष कक्ष     राष्ट्रीय नेताओं के लिए ठहरने की सुविधा     कैंटीन और बैठक हॉल राष्ट्रीय नेताओं के लिए ठहरने की सुविधा अभी जब बड़े नेता भोपाल आते हैं, तो उन्हें होटलों में ठहरना पड़ता है। कई बार बड़े आयोजनों के चलते होटलों में कमरे मिलना मुश्किल हो जाता है। नया कांग्रेस मुख्यालय बनने के बाद पार्टी कार्यालय में ही उनके ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण कार्य कब शुरू होगा?     कांग्रेस हाईकमान (AICC) से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।     जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी कार्यालय के नवीनीकरण का काम पहले ही पूरा हो चुका है।     नई लिफ्ट और मॉडर्न इंटीरियर डेकोरेशन किया गया है।     क्या कांग्रेस किराए पर कोई दुकान नहीं देगी?     नए भवन में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी। पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक कार्यों के लिए कार्यालय का उपयोग करना है।   recent visitors 69

मध्य प्रदेश में 62 प्रजाति के पेड़ काटने पर जबलपुर हाईकोर्ट का बैन

जबलपुर  हाईकोर्ट की लार्जर बेंच ने 62  प्रजातियों के पेड़ों की कटाई और परिवहन के लिए प्रदान की गई छूट को निरस्त कर दिया है. चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत,जस्टिस एस ए धर्माधिकारी और जस्टिस विवेक जैन की लार्जर बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि साल 2015 में जारी विवादित अधिसूचना और साल 2017 में किए गए संशोधन वन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है. इसके अलावा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 48-ए का उल्लंघन करते हैं. लार्जर बेंच ने विवादित अधिसूचना तथा उसमें किये गये संशोधन को निरस्त करते हुए ट्रांजिट पास नियम 2000 में छूट प्राप्त सभी पेड़ों की प्रजातियों पर तत्काल प्रभाव से लागू की जाये. लार्जर बैंच ने पेड़ों की कटाई को लेकर पुष्पा फिल्म समेत कई उदाहरण देते हुए कार्यपालिका को कड़ी फटकार लगाई. आम आदमी से समन्वय स्थापित करने के लिए वन विभाग ने साल 2015 और 2017 में 62 प्रजातियों पर टीपी की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी। इसके बाद से मध्य प्रदेश में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई चल रही थी। सड़क किनारे खेतों में खड़े आम, बबूल, शू-बबूल, इमली, जामुन, अमरूद सहित अन्य प्रजातियों के पेड़ों को धड़ल्ले काटा जा रहा था। साल 2024 में अवैध रूप से पेड़ काटने के 10 हजार 688 प्रकरण दर्ज हुए हैं। साल 2023 में 50 हजार 180 प्रकरण दर्ज हुए थे। यह स्थिति तब है। जब हाईकोर्ट साल 2019 में 62 प्रजातियों को टीपी मुक्त करने की अधिसूचना पर स्थगन दे चुका है। जिस पर अब फैसला आया है। स्थगन के दौरान नहीं दिया ध्यान 62 प्रजातियों को टीपी मुक्त करने की अधिसूचना पर 5 साल पहले स्थगन आया था, पर वन विभाग के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। तभी तो अभी तक सड़क किनारे या दूरदराज के इलाकों में निजी भूमि पर खड़े पेड़ों को काटा जा रहा था। अकेले भोपाल की बात करें तो आरा-मशीनों पर रोज 50 गाड़ियां लकड़ी आती हैं। प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसे ही हालात हैं। 10 हजार के जुर्माने पर छोड़ रहे इस मामले में हालत यह है कि, पहले तो मैदानी वन अधिकारी और कर्मचारी लकड़ी परिवहन करने वालों को पकड़ ही नहीं रहे और जिन्हें पकड़ते हैं। उनका 10 हजार रुपए का चालान बनाकर छोड़ देते हैं। जबकि ऐसे मामलों में वाहन में मौजूद लकड़ी के बाजार मूल्य की दो गुनी राशि लेने का प्रावधान है। हाईकोर्ट में 2 लोगों ने की थी याचिका दायर गढ़ा जबलपुर निवासी विवेक कुमार शर्मा और एक अन्य की तरफ से दायर अलग-अलग याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार ने सितम्बर 2015 में जारी अधिसूचना के माध्यम से वृक्षों की 53 प्रजातियों को हटाने के अलावा मध्य प्रदेश परिवहन (वनोपज) नियम, 2000 के नियम 4(2) का प्रावधान भी हटा दिया गया है. जिसके परिणामस्वरूप निजी भूमि पर स्थित वृक्षों को काटने या परिवहन करने के लिए कोई अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है. लोगों के द्वारा उपयोग के लिए अधिक वृक्षों को काटने से पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ेगा. पर्यावरण संतुलन बिगड़ने से मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुल्कपाद बनाम भारत संघ के मामले में जारी आदेश के विपरीत है. लार्जर बेंच ने फैसले में पुष्पा फिल्म का किया जिक्र लार्जर बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए पुष्पा फिल्म का जिक्र किया. बेंच ने कहा कि "फिल्म पुष्पा में व्यापारियों और सिंडिकेट को उजागर किया है. जो आंध्र प्रदेश के शेषाचलम के घने हरे-भरे जंगलों में लाल चंदन के अवैध परिवहन, व्यापार और बिक्री में लगे हुए हैं. तस्करों और व्यापारियों का सिंडिकेट इतना प्रभाव और दबदबा बनाने लगता है कि पुलिस ,वन विभाग, नीति निर्माताओं और अंततः विधायकों तक शासन का कोई भी हिस्सा अछूता नहीं रह जाता. यह दर्शाता है कि कैसे वन उपज के अवैध व्यापार का परिवहन कर माफिया घने जंगलों में घुस सकता है और राज्य मशीनरी के साथ मिलीभगत करके जंगल की प्राकृतिक संपदा को लूट सकता है. कार्यपालिका वन उपज के ऐसे विक्रेताओं के प्रभाव और दबदबे के आगे झुक जाती है." 'एक जलाशय दस कुएं के समान और दस पुत्र एक पेड़ के समान' लार्जर बेंच ने अपने आदेश में कहा कि "1 जलाशय 10 कुएं के समान होते हैं और 10 जलाशय 1 पुत्र के समान होते हैं और 10 पुत्र 1 पेड़ के समान होता है. लार्जर बेंच ने 2019 से 2023 तक की एफएसआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश में वन क्षेत्र में 420 वर्ग किलोमीटर की शुद्ध कमी आई है." 'ऐसे ही पेड़ कटे तो 50 साल में आधा वन क्षेत्र हो जाएगा खत्म' इस आंकड़े में अति सघन वन क्षेत्र में 363 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि और इसी अनुपात में लगभग 630 वर्ग किलोमीटर की भारी और तीव्र कमी और मध्यम सघन वन एवं खुले वन क्षेत्र में लगभग 104 वर्ग किलोमीटर की कमी शामिल है. जिससे शुद्ध आंकड़ा 420 वर्ग किलोमीटर हो जाता है. ये आंकड़े इस बात की ओर स्पष्ट संकेत करते हैं कि हर वर्ष वन क्षेत्र तेजी से कम हो रहे है. मध्य प्रदेश में वन क्षेत्र में कमी इसी गति से होती रही तो अगले 50 वर्षों में अधिसूचित वनों से वर्तमान वन क्षेत्र का लगभग आधा हिस्सा मिट जाएगा. 'कोर्ट ने कहा इंदौर वन विभाग के पत्रों ने चौंकाया' वर्तमान मामलों के 1500 से ज्यादा पेजों में दस्तावेज रिकॉर्ड का हवाला देते हुए लार्जर बैंच ने अपने आदेश में कहा है कि "पर्यावरणविद राजवीर सिंह हुरा और एनजीओ पर्यावरण प्रहरी के पदाधिकारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसमें पेश किये गये दस्तावेजों ने हमें चौंका दिया. दस्तावेज में इंदौर के वन प्रभाग के अधिकारियों और वन विभाग के भीतर आंतरिक रूप से आदान-प्रदान किए गए पत्राचार शामिल हैं. वन संरक्षक इंदौर द्वारा अप्रैल 2017 में वन मंडल अधिकारी, इंदौर को संबोधित पत्र में बड़े पैमाने पर हरे-भरे और फलों से लदे पुराने पेड़ों की अवैध कटाई और इंदौर की मंडी में भारी मात्रा में उनके व्यापार का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा यह भी कहा गया कि रोजाना लगभग 100-150 वाहन बाजारों में 1000-1500 टन लकड़ी और वन उपज अवैध रूप लेकर पहुंच रहे हैं. … Read more

फिल्मी अभिनेता शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस, 19 मार्च को कोर्ट में पेश होने के लिए आदेश जारी, यह है वजह?

 जयपुर  जिला उपभोक्ता आयोग-जयपुर द्वितीय ने गुटखे में केसर का दम बताने संबंधी विज्ञापन को लेकर फिल्म अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ तथा गुटखा कंपनी के चेयरमैन को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब मांगा है। आयोग अध्यक्ष ग्यारसीलाल मीणा और सदस्य हेमलता अग्रवाल ने योगेन्द्र सिंह बडियाल के परिवाद पर यह आदेश दिया। विज्ञापन में गुटखे के दाने-दाने में केसर के मिश्रण होने का दावा परिवाद में कहा कि जेबी इंडस्ट्रीज गुटखे का निर्माण कर उसे बाजार में सप्लाई करती है। तीनों अभिनेता इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए विज्ञापन करते हैं। विज्ञापन में गुटखे के दाने-दाने में केसर का मिश्रण होने का दावा किया जाता है, जबकि केसर की कीमत करीब चार लाख रुपए प्रति किलो है और गुटखा पांच रुपए में बिकता है। ऐसे में इसमें केसर मिलाना तो दूर उसकी खुशबू भी नहीं होती। भ्रामक विज्ञापन दिखाकर गुटखे की बिक्री बढ़ाकर निर्माता को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष ग्यारसीलाल मीना और सदस्य हेमलता अग्रवाल ने जयपुर निवासी योगेंद्र सिंह बडियाल द्वारा दायर एक शिकायत की समीक्षा करते हुए यह आदेश जारी किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जेबी इंडस्ट्रीज विमल पान मसाला का उत्पादन करती है और इसे बिक्री के लिए पूरे देश में वितरित करती है। याचिकाकर्ता ने कहा, "शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ समेत तीनों अभिनेता इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए इसका विज्ञापन करते हैं। विज्ञापन में दावा किया जाता है कि इसमें केसर है। जबकि सच्चाई यह है कि केसर की कीमत करीब 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है और उनका पान मसाला विद टोबैको पाउच 5 रुपये का आता है। ऐसे में केसर डालना तो दूर, इसकी खुशबू भी इसमें नहीं डाली जा सकती। कैंसर जैसी बीमारियों को करता है आमंत्रित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भ्रामक विज्ञापन अधिक लोगों को पान मसाला और तंबाकू का कॉम्बो खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे अंततः निर्माता को लाभ होता है। इसमें आगे कहा गया है कि अभिनेता यह कहकर झूठे दावों को बढ़ावा देते हैं कि पान मसाला के हर दाने में केसर होता है। याचिकाकर्ता ने कहा, "निर्माता कंपनी करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही है और दूसरी ओर आम लोग पान मसाला और तंबाकू के हानिकारक और जानलेवा मिश्रण गुटखा का सेवन कर कैंसर जैसी बीमारियों को आमंत्रित कर रहे हैं। परिवाद में विज्ञापन पर रोक लगाने का आग्रह अभिनेताओं की ओर से इस पान मसाले में दाने-दाने में केसर का दम दिखाकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। इससे कंपनी करोड़ों का व्यापार कर रही है, वहीं आमजन को गुटखे के सेवन से बीमारी की चुनौती मिल रही है। परिवाद में विज्ञापन पर रोक लगाने का आग्रह किया है। झूठा प्रचार करने का लगाया आरोप शिकायतकर्ता ने बताया कि जेबी इंडस्ट्रीज विमल पान मसाला बनाती है और पूरे देश में इसकी बिक्री करती है. याचिकाकर्ता ने कहा, 'शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ समेत तीनों सितारे इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए इसका ऐड करते हैं. ऐड में दावा किया जाता है कि इसमें केसर है. जबकि सच्चाई यह है कि केसर की कीमत करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो है और उनका पान मसाला तंबाकू पाउच के साथ 5 रुपये में आता है. ऐसे में केसर डालना तो दूर, इसकी खुशबू भी इसमें नहीं डाली जा सकती.'  यह भ्रामक ऐड इसलिए दिखाया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पान मसाला और तंबाकू पाउच का यह कॉम्बो खरीदें और इसके निर्माता को मुनाफा हो. शिकायत में कहा गया है कि एक्टर इस पान मसाले के हर दाने में केसर की मौजूदगी दिखाकर झूठा प्रचार कर रहे हैं.  ऐड पर रोक लगाने की कि मांग शिकायतकर्ता ने कहा कि,'निर्माता कंपनी करोड़ों रुपए का कारोबार कर रही है और दूसरी ओर आम लोग पान मसाला और तंबाकू के हानिकारक और जानलेवा मिश्रण गुटखा का सेवन कर कैंसर जैसी बीमारियों को न्योता दे रहे हैं. गुटखा के नाम से जाना जाने वाला यह मिश्रण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और निर्माता कंपनी को भी इस बात की जानकारी है. ऐसे में वह आम लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर इसमें केसर होने का दावा कर इसका विज्ञापन कर रही है. ऐसे में इसके ऐड पर रोक लगाई जानी चाहिए.' recent visitors 71

आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने वानुआतु की नागरिकता ली

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष और आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में आवेदन किया है। विदेश मंत्रालय ने  इसकी पुष्टि की। मोदी ने वानुअतु की नागरिकता प्राप्त कर ली है। उनके कानूनी सलाहकार मेहबूब अबदी ने इस खबर की पुष्टि की। मेहबूब अबदी ने बताया कि ललित मोदी ने भारतीय पासपोर्ट को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सकारात्मक रूप से सरेंडर करने के सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने ओशियनियाई देश वानुआतु की नागरिकता ले ली है. भारत की अपनी नागरिकता छोड़ने के लिए लंदन स्थित भारतीय हाई कमिशन में उन्होंने एक एप्लिकेशन दिया है. आइए आपको बताते हैं उस देश वानुआतु की खासियत, जहां कि ललित मोदी ने नागरिकता ली है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि ललित मोदी ने हाई कमिशन में अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए अप्लाई किया है. उन्होंने कहा, "ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए एक एप्लिकेशन दिया है. इसकी नियमों के मुताबिक जांच होगी. हमें यह भी पता चला है कि उन्होंने वानुआतु की नागरिकता ले ली है. उनके खिलाफ चल रहे मामले कानून के मुताबिक जारी रहेंगे." ललित मोदी ने क्यों ली वानुआतु की नागरिकता? वानुआतु की आबादी तीन लाख की है, और यहां गोल्डन पासपोर्ट स्कीम चलता है, जिससे अमीर लोग पैसे देकर आसानी से नागरिकता हासिल कर सकते हैं. इसकी कीमत 1.3 करोड़ रुपये है. दिलचस्प बात ये है कि इसमें ज्यादा डाक्यूमेंटेशन भी नहीं है, और इसे आनलाइन ही सबमिट किया जा सकता है. इस प्रोसेस में एक महीने से भी कम का समय लगता है, और देश में कदम रखने से पहले ही सबकुछ हो जाता है. वानुआतु की नागरिकता लेने में एक बड़ा फायदा ये होता है कि इस देश के पासपोर्ट के साथ 120 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है, जिसमें ब्रिटेन और यूरोपीय देश भी शामिल हैं. एक और दिलचस्प बात ये है कि वानुआतु एक टैक्स हेवेन है, जहां आपको ना तो इनकम, संपत्ति या किसी तरह का कार्पोरेट टैक्स ही लगता है. पिछले दो सालों में 30 अमीर भारतीयों ने यहां की नागरिकता हासिल की है, और यहां नागरिकता लेने वालों में चीनी सबसे आगे है. कहां है वानुआतु? वानुआतु गणराज्य, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप राष्ट्र है. यह द्वीपसमूह ज्वालामुखीय मूल का है और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया से लगभग 1,750 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. इसके अतिरिक्त, वानुआतु न्यू कैलेडोनिया के 500 किलोमीटर पूर्वोत्तर में, फिजी के पश्चिम में और सोलोमन द्वीपों के निकट न्यू गिनी के दक्षिण-पूर्व में स्थित है. यह देश खासतौर से अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्य जीवन और सांस्कृतिक धरोहर के लिए मशहूर है. ललित मोदी 2010 में भाग गए थे ब्रिटेन आईपीएल की शुरुआत करने वाले ललित मोदी 15 साल पहले भारत से ब्रिटेन भाग गए थे. भारत लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है, और कानूनी लड़ाई भी चल रही है लेकिन अब उन्होंने भारत की नागरिकता त्यागने का फैसला किया है, और जिस देश वानुआतु की नागरिकता उन्होंने ली है, वहां की आबादी पुडुचेरी से भी कम है, जिससे मामले में एक फ्रेश ट्विस्ट आया है. हालांकि, वह अपने ऊपर लगे तमाम मनी लान्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोपों को खारिज करते हैं. करोड़ों रुपये के गबन के आरोपी आईपीएल के शीर्ष अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये के गबन के आरोप में ललित मोदी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल है। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई सामने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया है। मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के तहत इसकी जांच की जाएगी। हमें यह भी बताया गया है कि उन्होंने वानुअतु की नागरिकता हासिल कर ली है। हम कानून के तहत उनके खिलाफ मामले को आगे बढ़ा रहे हैं।' वहीं ललित मोदी के सलाहकार मेहबूब अबदी ने बताया कि मोदी के खिलाफ किसी भारतीय एजेंसी द्वारा किसी भी अदालत में कभी भी चार्जशीट या शिकायत नहीं दायर की गई है और न ही किसी भारतीय अदालत में उनके खिलाफ कोई आरोप तय किए गए हैं। ललित मोदी को वापस भारत लाने में बढ़ेंगी मुश्किलें ललित मोदी की नागरिकता का यह कदम कई साल बाद सामने आया है। आईपीएल के संस्थापक के रूप में ललित मोदी के ऊपर कई तरह के आरोप लग चुके हैं। वानुआतु एक दक्षिणी प्रशांत द्वीप राष्ट्र है और अब ललित मोदी यहां के नागरिक बन गए हैं। भारत सरकार को अब ललित मोदी को वापस लाने में मुश्किलें और बढ़ेंगी। recent visitors 49