महिला दिवस पर मंदिर की आरती सहित प्रांगण की समस्त व्यवस्थाएं महिलाओं ने संभाली

राज्य सरकार की योजनाओं से हो रहा है नारी सशक्तिकरण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृ शक्ति ने भगवान पशुपतिनाथ की आरती कर पूजा-अर्चना की उप मुख्यमंत्री ने दी मातृ शक्ति को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं महिला दिवस पर मंदिर की आरती सहित प्रांगण की समस्त व्यवस्थाएं महिलाओं ने संभाली मंदसौर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मंदसौर (दशपुर) की धरा पर स्थापित भगवान पशुपतिनाथ के मंदिर में महिला शक्ति ने सुबह की आरती के साथ समस्त व्यवस्थाएं संभाली। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को मातृ शक्ति के साथ भगवान पशुपतिनाथ की आरती कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मातृ शक्ति को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भगवान पशुपतिनाथ से प्रदेशवासियों के लिए सुख शांति समृद्धि की कामना की। शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मंदिर की प्रात: कालीन आरती के साथ ही दिन की आरती, पूजन और सभी आयोजन एवं मंदिर की व्यवस्थाएं महिलाओं के द्वारा संचालित की गई। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि भारत में सदैव मातृ शक्ति का सम्मान होता रहा है। आदि शक्ति के रूप में पूजे जाने के साथ ही प्रत्येक सनातन परिवार में शुभ कार्य के पूर्व कन्या-पूजन की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार दोनों इस परंपरा का पालन करती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विकास के लिये 4 आधार स्तंभ ज्ञान (जीवायएएन) गरीब, युवा, किसान और नारी सशक्तिकरण को प्रमुखता से शामिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुण्य-श्लोका राजमाता अहिल्या देवी की कार्य स्थली महेश्वर में कैबिनेट की बैठक आयोजित कर उनके नाम पर नारी सशक्तिकरण मिशन प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर राज्य सरकार ने महिलाओं के लिये सरकारी भर्तियों में आरक्षण 33 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। हम महिला सशक्तिकरण के लिये लाड़ली बहना जैसे अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। पूजा-अर्चना के दौरान कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल और बड़ी संख्या में महिला शक्तियां सहित अन्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।   recent visitors 36

मुख्यमंत्री यादव की सुरक्षा और काफिले की पूरी जिम्मेदारी महिला शक्ति के हाथों में सौंपी गई

 भोपाल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2025 आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मौके पर एक अनोखा और प्रेरणादायक कदम उठाया है. इस खास दिन पर उनकी सुरक्षा और काफिले की पूरी जिम्मेदारी महिला शक्ति के हाथों में सौंपी गई है. इतना ही नहीं, सीएम की गाड़ी की सारथी भी आज एक महिला बनी, जो इस पहल को और भी भावुक बनाती है. CM मोहन यादव की सुरक्षा की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बिट्टू शर्मा के कंधों पर है. उनकी गाड़ी को इंस्पेक्टर इरशाद अली चला रही हैं, जिन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाने में गर्व महसूस किया. कारकेड के वाहनों की जिम्मेदारी सपना सहित अन्य महिला चालकों पर है, जबकि अंडर सेक्रेटरी श्रीलेखा क्षोत्रीय ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) का दायित्व संभाल रही हैं. प्रेस अधिकारी की भूमिका बिंदु सुनील और सोनिया परिहार के पास है. ये सभी महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं, जो नारी शक्ति की ताकत को दर्शाता है. इस पहल से जहां एक ओर महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर सीएम यादव का यह कदम भावनात्मक रूप से लोगों को प्रभावित कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर या उससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं. सीएम की इस सोच ने मध्यप्रदेश में एक नई उम्मीद जगा दी है, जहां महिलाएं हर भूमिका में अपनी पहचान बना रही हैं. महिला दिवस के अवसर पर CM मोहन सरकार का यह अंदाज लोगों के दिल को छू गया है. CM हमेशा से महिलाओं के कल्याण और उत्थान के लिए संकल्पित रहे हैं. उनका स्पष्ट मानना है कि महिलाओं के बिना न तो प्रदेश का विकास संभव है और न ही देश का. इसी सोच के तहत उन्होंने महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जो उन्हें समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं. इस पहल से एक बार फिर साबित हो गया कि मुख्यमंत्री महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति कितने गंभीर हैं.   recent visitors 40

होली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत की दरों में वृद्धि कर सकती

नई दिल्ली  केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का इंतजार खत्म होने वाला है। खबर है कि होली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत की दरों में वृद्धि कर सकती है।यह वृद्धि 7th Pay Commission के तहत की जाएगी।इससे 48 लाख केन्द्रीय कर्मचारी और 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। संभावना है कि 12 मार्च बुधवार को पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में डीए वृद्धि का प्रस्ताव रखा जा सकता है। चुंकी पिछले साल भी मार्च में होली से पहले डीए बढ़ाया गया था।अगर मुहर लगती है तो इसके बाद वित्त मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।इससे पहले खबर आई थी कि 5 मार्च को होने वाली कैबिनेट में प्रस्ताव आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जनवरी 2025 से बढ़ाया जाना है महंगाई भत्ता दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है। वर्तमान में केन्द्रीय कर्मचारियों पेंशनरों को 53% की दर से महंगाई भत्ते और राहत का लाभ मिल रहा है। अब अगली वृद्धि 1 जनवरी 2025 से होना है। कितना बढ़ेगा महंगाई भत्ता 2025 वर्तमान में केन्द्रीय कर्मचारियों पेंशनरों को 53% की दर से महंगाई भत्ते और राहत का लाभ मिल रहा है। 1 जनवरी 2025 से फिर डीए की दरों में संशोधन होना है, जो श्रम मंत्रालय द्वारा AICPI Index के जुलाई से दिसंबर 2024 के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।उम्मीद है कि 2 से 3% डीए फिर बढ़ाया जा सकता है, जिसके बाद डीए 55 या 56% पहुंच सकता है, क्योंकि AICPI Index अंक 143.7 और DA स्कोर 55% तक पहुंच चुका है।नई दरें जनवरी से बढ़ेंगी ऐसे में 2 महीने जनवरी फरवरी का एरियर भी मिलेगा। DA Hike पर कितनी बढ़ेगी सैलरी?     उदाहरण के तौर पर, जिन कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये है, उन्हें 2 से 3 फीसदी डीए बढ़ने पर सैलरी 540-720 रुपये प्रति माह तक बढ़ सकती है।2,50,000 रुपये की अधिकतम सैलरी पाने वालों को 7,500 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी।     किसी कर्मचारी को 15,000 प्रति महीना महंगाई भत्ता मिल रहा है, तो यह बढ़कर 15,450 रुपये हो जाएगा। यानी उन्हें 450 रुपये प्रति महीना के हिसाब से अधिक मिलेंगे। पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिनकी पेंशन में 270 से 3,750 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।     यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये है और DA दर 53 प्रतिशत है, तो उसका कुल वेतन (अन्य भत्तों को छोड़कर) 76,500 रुपये होगा। यदि DA दर बढ़ाकर 56 प्रतिशत कर दी जाती है, तो कुल वेतन बढ़कर 78,000 रुपये हो जाएगा। recent visitors 69

आईएएस शिल्पा गुप्ता की बढ़ी मुश्किलें, गिरफ्तारी वारंट जारी, कोर्ट के आदेशों का नहीं किया पालन

जबलपुर  आईएएस अधिकारी और मध्य प्रदेश लोकशिक्षण संचनालय की कमिश्नर शिल्पा गुप्ता की मुश्किलें बढ़ गईं हैं. कन्टैंप्ट ऑफ कोर्ट के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने डीपीआई कमिश्नर शिल्पा गुप्ता के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. हाईकोर्ट ने शिल्पा गुप्ता को 23 मार्च को कम्प्लाइंस रिपोर्ट के साथ कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं. दरअसल जबलपुर हाईकोर्ट ने डीपीआई कमिश्नर शिल्पा गुप्ता को 4 महीने पहले याचिकाकर्ताओं को शिक्षा विभाग में नियुक्ति देने के आदेश दिए थे, लेकिन उन्होने कोर्ट के इस आदेश का पालन करना तो दूर अपना जवाब भी नहीं दिया. हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में आरक्षित वर्ग के मैरिटोरियस उम्मीदवारों को उनकी चॉइस फिलिंग के मुताबिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति देने के आदेश दिए थे, लेकिन शिक्षा विभाग ने उन्हें ट्राइलब वैलफेयर विभाग में ही बरकरार रखा. ऐसे में उम्मीदवारों की ओर से दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की. आईएएस शिल्पा गुप्ता की बढ़ीं मुश्किलें कोर्ट को बताया गया कि आईएएस शिल्पा गुप्ता के खिलाफ हाईकोर्ट में कंटैंप्ट ऑफ कोर्ट के करीब 200 मामले लंबित हैं, जिनसे समझा जा सकता है कि वो अदालत के आदेशों का पालन नहीं करतीं. ऐसे में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए डीपीआई कमिश्नर शिल्पा गुप्ता के खिलाफ 10 हजार रुपयों का जमानती गिरफ्तारी वारेंट जारी कर दिया. हाईकोर्ट ने शिल्पा गुप्ता को ये आदेश दिया है कि वो 23 मार्च को कोर्ट के आदेश का पालन करने की रिपोर्ट के साथ हाईकोर्ट में हाजिर रहें. recent visitors 51

प्रदेश में IAS अफसरों की पोस्टिंग, पंचायत मंत्री के दामाद श्यामवीर सिंह को BDA की कमान; देखें सूची

भोपाल मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। 7 मार्च को जारी आदेश में भोपाल विकास प्राधिकरण के CEO प्रदीप जैन को हटाकर श्यामवीर सिंह को बीडीए की कमान सौंपी गई है। श्यामवीर सिंह पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल के दामाद हैं। वहीं आईएएस महेंद्र सिंह कवचे को उज्जैन से दतिया अपर कलेक्टर बनाए गए हैं। मप्र सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी तबादला आदेश के अनुसार, बीडीए के सीईओ रहे प्रदीप जैन को मंत्रालय में उप सचिव नियक्त किया गया है। जबकि, 2018 बैच के IAS अधिकारी श्यामवीर सिंह को भोपाल विकास प्राधिकरण का सीईओ बनाया गया है। 2018 बैच की आईएएस रूही खान को उद्योग विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   भोपाल विकास प्राधिकरण में करीब एक साल पहले प्रदीप जैन को सीईओ बनाया गया था। शुक्रवार को जारी आदेश में जैन को बीडीए सीईओ के पद से हटाकर मंत्रालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ कर दिया गया है। जैन की पोस्टिंग अभी मंत्रालय में किसी विभाग में नहीं की गई है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में पदस्थ अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कवचे को स्थानांतरित कर अपर कलेक्टर दतिया बनाया गया है। ये दोनों ही अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा के हैं। महिला दिवस के पहले रूही को मिला काम केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटीं आईएएस अधिकारी रूही खान को शासन ने उप सचिव एमएसएमई के पद पर पदस्थ किया है। साथ ही उन्हें उप सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें 31 जनवरी को भोपाल में उपस्थिति देने के एक माह से अधिक समय बाद अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पहले सरकार ने जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत आईएएस अफसर श्याम वीर को भोपाल विकास प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। दूसरी ओर 5 दिसम्बर 2024 से पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत आशीष भार्गव को अभी काम मिलना बाकी है। श्यामवीर सिंह नरवरिया का परिचय श्यामवीर सिंह नरवरिया भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव के निवासी हैं। UPSC परीक्षा में 284वीं रैंक हासिल करने के बाद उन्हें लोधी समाज का गौरव माना गया था। श्यामवीर का विवाह मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की बेटी फलित सिंह पटेल से हुआ है।   recent visitors 71

वक्फ बोर्ड के नोटिस से हड़कंप, ग्रामीणों ने किया विरोध, ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में पहुंच कर न्याय की मांग की

रायसेन  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मखनी गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां वक्फ बोर्ड ने सात परिवारों को 7 दिन के अंदर उनकी जमीन खाली करने का नोटिस दिया है। वक्फ बोर्ड ने नोटिस देते हुए दावा किया है कि ये उसकी सपंत्ति है,और कहा 7 दिन के अंदर जमीन करें खाली नहीं तो करेंगे कानूनी कार्रवाई। वक्फ बोर्ड का नोटिस मिलने से किसान परेशान हो गए और न्याय के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को आवेदन देकर हस्तक्षेप कर वक्फ बोर्ड पर कार्रवाई करने की मांग की है। आपको बता दें कि ग्राम माखनी के सात परिवार कई पीढ़ियों से इसी जमीन पर रहकर निवास कर रहे हैं। इतना ही नहीं सरकारी खसरे में ये जमीन सरकारी बताई जा रही है। ग्रामीणों को इसी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना की कुटीर भी मिली हुई है। इसके बाद भी अचानक वक्फ बोर्ड के नोटिस मिलने से ग्रामीण परेशान है। मंदिर और मुक्तिधाम को लेकर चिंतित नोटिस मिलने के बाद ग्रामीण रामकली का का कहना है कि हमारी जान चली जाए लेकिन इस जमीन को खाली नहीं करेंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर और शमशान घाट भी इसी जमीन पर बना है। एक किसान ने सवाल किया कि अगर यह बक्फ बोर्ड की जमीन थी तो फिर हमें प्रधानमंत्री आवास योजना की कुटीर कैसे मिली? इस मामले में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि कुछ भी हो जाए ना हम अपने मंदिर को तोड़ने नहीं देंगे और ना ही ये जमीन को खाली करेंगे। ना ही मकान को तोड़ेंगे। हिंदू संगठनों ने दर्ज कराया विरोध लेकिन इस घटनाक्रम के बाद हिंदूवादी संगठन सक्रिय होकर ग्राम माखनी पहुंचे और स्पष्ट रूप से कहा कि इस जमीन पर प्राचीन मंदिर बना हुआ है। जिसे किसी भी सूरत में तोड़ने नहीं दिया जाएगा। जो परिवार यहां रह रहे हैं उनको नहीं हटाने दिया जाएगा। इतना कहते हुए हिंदू संगठनों ने आस्था पर हमला बोलते हुए विरोध शुरू कर दिया है। इस मामले में रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा कलेक्टर का कहना है कि मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे कि आखिर बक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों को सुनकर न्याय संगत कार्रवाई करेंगे। मामले में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि कुछ भी हो जाए, हम अपने मंदिर को तोड़ने नहीं देंगे और न ही ये जमीन को खाली करेंगे और मकान को तोड़ेंगे। वहीं, इस मामले में रायसेन कलेक्टर का कहना है कि मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे कि आखिर बक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया है और दोनों पक्षों को सुनकर न्याय संगत कार्रवाई करेंगे। लेकिन इस घटनाक्रम के बाद हिंदूवादी संगठन सक्रिय होकर ग्राम माखनी पहुंचे और स्पष्ट रूप से कहा कि इस जमीन पर प्राचीन मंदिर बना हुआ है, जिसे किसी भी सूरत में तोड़ने नहीं दिया जाएगा और जो परिवार यहां रह रहे हैं, उनको नहीं हटाने दिया जाएगा। जान चली जाए, जमीन नहीं छोड़ेंगे- ग्रामीण पीड़ित ग्रामीण रामकली बाई ने कहा, "हमारी जान चली जाए, लेकिन हम यह जमीन नहीं छोड़ेंगे।" रानू मालवीय ने सवाल किया, "अगर यह वक्फ की जमीन थी, तो हमें प्रधानमंत्री आवास कैसे मिला?" प्रभुलाल ने कहा, "हमारा मंदिर और श्मशान यहां है, हम इसे तोड़ने नहीं देंगे।" कलेक्टर का बयान कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मीडिया से कहा, "मामला मेरे संज्ञान में आया है। वक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया, इसकी जांच की जाएगी। हम दोनों पक्षों को सुनकर न्यायसंगत कार्रवाई करेंगे।" जिला प्रशासन ने अभी तक इसकी भनक न लगने की बात स्वीकारी है, जिससे सवाल उठ रहे हैं।   recent visitors 43

Ladli Behna Yojana Kist:1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को तोहफा, सीएम ने जारी की 22वीं किस्त

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में लाड़ली बहना योजना की मार्च 2025 किस्त जारी की। सीएम ने सिंगल क्लिक के जरिए लाड़ली बहनों के खाते में 1.27 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में लगभग 1552.73 करोड़ रुपये की राशि भेजी। इसके साथ ही वे मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण किया। इसके अलावा गैस सिलेंडर के लिए 450 रुपए के हिसाब से लाखों बहनों के खाते में राशि जारी की गई। आमतौर पर हर माह की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है, हालांकि कभी कभी त्यौहारों और विशेष अवसर को देखते हुए तय तारीख से पहले भी राज्य सरकार द्वारा राशि जारी कर दी जाती है।  इससे पहले भी पिछले साल 2024 महाशिवरात्रि के कारण 1 मार्च को 10वीं और चैत्र नवरात्रि  गुड़ी पड़वा के चलते 5 अप्रैल को 11वीं किश्त, 12वीं किश्त 4 मई और दिवाली के चलते 5 अक्टूबर 2024 को 17वीं किश्त जारी की गई थी। इस बार होली को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके समय से पहले किस्त जारी की गई। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्य कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री ने उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा, सुरक्षा, वीरता एवं साहसिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिला, बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय पुरस्कार का वितरण हुआ। उल्लेखनीय है कि महिला, बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023), राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाजसेवा पुरस्कार (2023-24), रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024) और विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाजसेवा सम्मान पुरस्कार (2024) शामिल हैं। नवाचारों एवं अभियानों का शुभारंभ     मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजिटल ई-न्यूज लेटर ‘आजीविका अनुभूति’ का विमोचन।     सीहोर जिले के समूह सदस्यों को आवागमन के लिए 200 ई-साइकिल का वितरण।     छह प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं धार में जैविक हाट का शुभारंभ।     वित्तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवतियों के लिए पांच प्रशिक्षण बैच।     आरसेटी के माध्यम से बालाघाट, डिंडोरी, अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्प के प्रोत्साहन के लिए कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ।     डीडीयूजीकेवाइ अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।     ‘पढ़ेंगे हम, बढ़ेंगे हम’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     भोपाल जिले के दो स्व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रुपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्वरूप दी। उत्कृष्ट महिलाओं को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान     मुख्यमंत्री उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा, सुरक्षा, वीरता एवं साहसिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य किया है।     मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे।     बता दे कि महिला, बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023), राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाजसेवा पुरस्कार (2023-24), रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024) और विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाजसेवा सम्मान पुरस्कार (2024) शामिल हैं।     मुख्यमंत्री के द्वारा मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजिटल ई-न्‍यूज लैटर ‘आजीविका अनुभूति’ का विमोचन किया जाएगा। सीहोर जिले के समूह सदस्‍यों को आवागमन के लिए 200 ई-साइकिल का वितरण, प्रदेश के 6 प्रमुख शहरों भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, उज्‍जैन एवं धार में जैविक हाट बाजारों का शुभारंभ करेंगे।वित्‍तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवितयों के लिये 05 प्रशिक्षण बैच की शुरूआत करेंगे। बालाघाट, डिण्‍डोरी एवं अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्‍प के प्रोत्‍साहन हेतु कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदाय किए जाएंगे। 2023 में हुई थी शुरू योजना, हर माह मिलते है 1250 रु     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से फरवरी 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 21 किश्तों का अंतरण किया गया है।इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। किन बहनों को मिलता है योजना का लाभ     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।     जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की … Read more