महाशिवरात्रि पर बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ संपन्न, नवदंपति ने गृहस्‍थ जीवन में किया प्रवेश

खजुराहो खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव संपन्न हुआ। खजुराहो एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रपति मुर्मु की अगवानी की। यहां राष्ट्रपति मुर्मु बालाजी मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचीं। यहां शंखध्वनि और मंत्रोच्चार के साथ 11 जोड़ों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर विवाह की रस्म निभाई। इसके बाद अतिथियों ने अपना संबोधन दिया। राष्ट्रपति ने बेटियों को दिया सबल बनने का संदेश राष्ट्रपति ने नवदंपतियों को आशीर्वाद और बधाई देते हुए कहा कि आप सभी के स्वर्णिम भविष्य और मंगलजीवन की मैं कामना करती हूं। महामहिम ने कहा कि भारत की परंपरा ने संतों ने सदियों से अपने कर्म और धर्म से जनमानस को राह दिखाई है। समकालीन समाज में व्याप्त सामाजिक कुरुतियों और अंधविश्वासों के खिलाफ लोगों को जागरुक किया। संतों ने छुआछूत और जात-पात के भेदभाव को दूर करने की सीख दी। संतों ने महिलाओं को समाज में उचित स्थान दिलाने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया चाहे गुरु नानकदेव, संत रविदास, कबीरदास, मीराबाई हों या संत तुकाराम उन्होंने अपने उपदेशों से समाज को सही राह दिखाई। ये समाज का भी दायित्व है कि बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान दें। महिलाएं भी स्वयं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें इसी से हमारा देश भी सबल बनेगा। सीएम यादव ने की बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये नवदंपति जोड़े आज महाशिवरात्री के पर्व पर विवाह बंधन में बंधकर आप मां पार्वती और भगवान शंकर स्वरुप हो गए हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को इस महाआयोजन के लिए बधाई और धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने समाज के सामने शासन सत्ता और संत की मौजूदगी में जात-पात की दीवार तोड़ने और छुआछूत को मिटाने का संदेश दिया। सीएम यादव ने कहा कि पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने इस आयोजन ने जातिगत भावनाओं को कुचलते हुए सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता को बढ़ाया है। आज इसी बात की आवश्यकता है कि सामाजिक सौहार्द का ये सबसे अच्छा उदाहरण है। आपने वसुधैव कुंटुंबकम की भावना और सर्वे भवन्तु सुखिन को चरितार्थ कर दिखाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत विवाहित जोड़ों को दिये जाने वाले 51 हजार रु. की राशि इन दंपतियों को भी दी जाएगी। राज्यपाल ने सामूहिक विवाह आयोजन को सराहा इस अवसर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि बागेश्वर जनसेवा समिति ने धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से ये सामाजिक सेवा का सराहनीय कार्य है। समाज के वंचित वर्ग, गरीब परिवार की बेटियों के सम्मानजनक जीवन की शुरुआत का ये आयोजन अनुकरणीय है। सामाजिक विवाह समारोह से भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कारों की सीख मिलती है और बाल विवाह जैसी कुरुतियां समाप्त होती है। recent visitors 77

ड्रग टेस्टिंग लैब में जांच के लिए भेजी गई 13 जीवनरक्षक दवाइयां निकली अमानक

भोपाल भोपाल की ड्रग टेस्टिंग लैब में 13 जीवनरक्षक दवाइयां अमानक निकली हैं। इस कारण इनके उपयोग पर प्रदेश में रोक लगा दी गई है। इनमें से कुछ दवाइयों के सैंपल ड्रग विभाग ने एमवाय अस्पताल से भी सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत लिए थे। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम ने जीवनरक्षक दवाएं, सलाइन और सिरिंज अमानक पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग को भेजे हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं में हार्मोन बढ़ाने वाली दवाइयों के साथ ही एनेस्थिसिया के इंजेक्शन भी शामिल हैं। आदेश के मुताबिक डेक्सट्रोस 5 प्रतिशत (बैच नंबर- एमपी230801055), नार्मल सलाइन 0.9 प्रतिशत (बैच नंबर-एमपी22063102), डिस्पोजेबल सिरिंज विथ निडल 2 एमएल (बैच नंबर- आर2203171), केटेमाइन हाइड्रोक्लोराइड 10 एमजी (बैच नंबर- वी22197), माइक्रोनाइज्ड प्रोगेस्ट्रोन 100 एमजी (बैच नंबर यूएचटी22004), सोडियम बिकार्बोनेट इंजेक्शन (बैच नंबर-1322038), नाइट्रोग्लिसरिन इंजेक्शन 25 एमजी (बैच नंबर-एआई22328), एस्प्रिन लो डोज 75 एमजी (बैच नंबर-एपीएसटी1012) आदि पर रोक लगाई है।     recent visitors 73

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाशिवरात्रि पर सपत्नीक भगवान महाकाल की पूजा कर अभिषेक किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक महाशिवरात्रि महापर्व पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बाबा श्री महाकाल का जल, दुग्ध अभिषेक भी किया। विक्रम महोत्सव 2025 के पूर्व कलश यात्रा का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य, उनके युग, भारत उत्कर्ष, नव जागरण और भारत विद्या पर एकाग्र विक्रमोत्सव-2025 समारोह के शुभारंभ के पहले बुधवार सुबह कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इस मौके पर श्रीराम तिवारी निदेशक-महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, डॉ. प्रशांत पुराणिक, डॉ. रमण सोलंकी, संजय यादव, संजय अग्रवाल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 38

उज्जैन के विक्रमोत्सव मेले में वाहन खरीदी में टैक्स पर 50 फीसदी की छूट,1 करोड़ की कार पर 8 लाख तक रजिस्ट्रेशन फीस बचेगी

उज्जैन उज्जैन में आज से शुरू होने वाले उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेले को लेकर इंदौर के डीलरों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बताया जा रहा है कि शुभारंभ के बाद वाहनों का वेरिफिकेशन और डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू होगी। विक्रमोत्सव का शुभारंभ शाम 8:30 बजे होगा। इंदौर के डीलरों के अनुसार, पहले दिन के लिए करीब 500 कारों की बुकिंग हो चुकी है, जिसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट से बिक्री बढ़ने की उम्मीद ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सह सचिव विशाल पमनानी ने बताया कि, रजिस्ट्रेशन शुल्क पर 50% की सीधी छूट मिलने के कारण इस बार पिछले साल से अधिक वाहन बिकने की उम्मीद है। पिछले साल मेले में 23,000 से अधिक वाहन बिके थे, जिनमें करीब 17,000 कारें थीं। इस बार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बुकिंग भी अच्छी हुई है। पिछले साल 40-50 इलेक्ट्रिक वाहन (कार और बाइक) बिके थे, जबकि इस साल 100 से अधिक बिकने की संभावना है। पहले दिन मारुति की गाड़ियों की बुकिंग सबसे अधिक है। डीलरों के मुताबिक, इस बार सबसे ज्यादा मांग SUV कारों की है। ऑडी कंपनी को 50 लाख रुपए की दो कारों की बुकिंग मिल चुकी है। रजिस्ट्रेशन शुल्क पर छूट को ऐसे समझें     महंगी कारों पर 16% तक का रजिस्ट्रेशन टैक्स लगता है।     1 करोड़ की कार पर यह टैक्स 16 लाख रुपये होता है, लेकिन मेले में यह केवल 8 लाख रुपए होगा।     इससे वाहन मालिक को सीधा फायदा होगा।     हालांकि, EV वाहनों पर पहले से ही सिर्फ 4% टैक्स लगता है, इसलिए इस छूट का उन पर ज्यादा असर नहीं होगा।     दोपहिया वाहनों पर छूट का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम रहेगा। उज्जैन में मेला 2024 से शुरू हुआ पहले यह मेला केवल ग्वालियर में आयोजित किया जाता था, लेकिन पिछले साल से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में भी इसकी शुरुआत की। पिछले साल मेले में 23,722 वाहन बिके थे, जिनमें 16,200 कारें शामिल थीं। इस बार मेले में 397 वाहन डीलरों ने स्टॉल लगाए हैं। डीलरों को उम्मीद है कि इस बार 30,000 से ज्यादा वाहन बिकेंगे। इंदौर के लोग भी टैक्स में छूट का लाभ उठाने के लिए उज्जैन मेले से वाहन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। मेला 25 मार्च तक चलेगा, लेकिन डीलरों ने इसे 6 अप्रैल (रामनवमी) तक बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि इस दिन बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदते हैं। उत्सव के दौरान गाड़ी खरीद में बड़ी छूट विक्रमोत्सव के दौरान एक महीने से ज्यादा समय तक चलने वाले व्यापार मेले में बाइक, कार और निजी इस्तेमाल के लिए ओमनी बस के रजिस्ट्रेशन पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट लोगों को गाड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगी। सीएम मोहन ने दिए दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने विक्रमोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि उज्जैन के साथ अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शनियां लगाई जाएं। भीली और गोंडी जैसी जनजातीय भाषाओं के कवियों को भी कवि सम्मेलन में शामिल किया जाए। सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित गीत, कविता और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। विक्रमोत्सव में एक राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन भी होगा। इसमें ड्रोन और रोबोटिक शो जैसे आकर्षक आयोजन होंगे। यह आयोजन विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए खास होगा। नई तकनीकों और खोजों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उज्जैन व्यापार मेला व्यावासिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास है क्योंकि इसमें गाड़ी खरीदने पर ग्राहकों को 50 प्रतिशत टैक्स की छूट दी जाएगी। जिसका बड़ा फायदा गाड़ी खरीदने वाले खरीददारों को होता है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है और इसी दिन से मेले की शुरूआत होने से उम्मीद है कि पहले ही दिन से मेले को अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। recent visitors 63

एक fit और Healthy Nation बनने के लिए हमें Obesity की समस्या से निपटना ही होगा : पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में 'मन की बात' कार्यक्रम में बढ़ते मोटापे पर चिंता जताई थी। मोटापा सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरे की घंटी है। ग्लोबल ओबेसिटी ऑब्जर्वेटरी के अनुसार 2019 में भारत में मोटापे का आर्थिक बोझ लगभग 28.95 अरब डॉलर था जो देश की GDP का 1% है। अगर यही हाल रहा तो इस साल इसके 81.53 अरब डॉलर होने की आशंका है जो GDP का 1.57% होगा। माना जा रहा है कि साल 2060 तक मोटापे से देश की इकॉनमी को 838.6 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। यह देश की GDP का करीब 2.5% है। पिछले साल जुलाई में जारी हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में चेतावनी दी गई थी कि अगर भारतीय फिट नहीं रहेंगे तो देश को डेमोग्राफिक डिविडेंड यानी युवा आबादी का पूरा फायदा नहीं मिलेगा। यानी हमारी आबादी स्वस्थ नहीं होगी तो इसका असर देश के विकास पर पड़ेगा। सर्वे के मुताबिक अगर भारत को अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का फायदा उठाना है, तो इसके लिए यह जरूरी है कि उसके लोगों के स्वास्थ्य मानकों में संतुलित और विविध आहार की ओर बदलाव हो। सर्वे में मोटापे को एक प्रमुख स्वास्थ्य चुनौती बताया गया था। सर्वे के मुताबिक भारत की वयस्क आबादी में मोटापा एक गंभीर चिंता का विषय बन रहा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 5 के अनुसार 18-69 आयु वर्ग के पुरुषों में मोटापे का प्रतिशत 22.9% हो गया है जो पिछले सर्वे में 18.9% था। महिलाओं में मोटापा 20.6% से बढ़कर 24.0% हो गया है। कम शारीरिक गतिविधि इसका एक बड़ा कारण हो सकता है। साथ ही लोगों की खानपान की आदत में भी बदलाव आया है। पैकेट बंद और प्रोसेस्ड खाना खाने से मोटापा बढ़ता है। आपकी थाली में क्या है? आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड पर चिंता जताई है। इसमें चीनी, नमक और अनहेल्दी फैट पर सख्त नियम बनाने की बात कही गई है। इसमें खाने के पैकेट पर चेतावनी लेबल लगाने और जंक फूड के विज्ञापन पर, खासकर बच्चों के लिए, रोक लगाने का सुझाव दिया गया है। स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक जगहों पर ऐसे खाने को हटाने और मिलेट्स, फल और सब्जियों जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाने को सस्ता करने की बात भी कही गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध परिषद (ICRIER) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य क्षेत्र में 2011 से 2021 तक खुदरा बिक्री मूल्य में सालाना 13.37% की तेजी रही है। घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2022-23 के आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रामीण परिवार अपने खाद्य बजट का लगभग 9.6% प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर खर्च करते हैं जबकि शहरी परिवार लगभग 10.64% खर्च करते हैं। नेशनल वेट-लॉस प्लान? इन सब चेतावनियों के बावजूद भारत में मोटापे से निपटने के लिए कोई ठोस राष्ट्रीय रणनीति नहीं है। हालांकि बच्चों और कमजोर वर्गों के पोषण के लिए नीतियां हैं लेकिन सभी आयु वर्ग के लोगों में मोटापे से निपटने के लिए कोई व्यापक योजना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही कदम नहीं उठाए गए तो आर्थिक बोझ बहुत बढ़ जाएगा। राष्ट्रीय पोषण संस्थान में काम कर चुके वैज्ञानिक ए लक्ष्मैया ने बताया कि मोटापे का आर्थिक प्रभाव सिर्फ इलाज की लागत तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'रोजगार का नुकसान, अवसरों की कमी और सोशल सपोर्ट की कमी के कारण भावनात्मक तनाव भी इस आर्थिक बोझ में काफी योगदान करते हैं।' आगे का रास्ता मोटापा सिर्फ व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मामला नहीं है, यह राष्ट्रीय समृद्धि से भी जुड़ा है। अगर भारत अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का पूरा फायदा उठाना चाहता है, तो उसके पास एक स्वस्थ और उत्पादक वर्कफोर्स होना बहुत जरूरी है। आर्थिक सर्वेक्षण साफ कहता है कि अगर हमने अभी मोटापे पर नियंत्रण नहीं किया तो हम अपनी आर्थिक क्षमता का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगे। तो अगली बार जब आप चिप्स का एक और पैकेट खाने के लिए हाथ बढ़ाएं या व्यायाम छोड़ने का फैसला करें, तो याद रखें कि यह सिर्फ आपके स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का भी सवाल है। recent visitors 71

प्रदेश की राजधानी भोपाल का निरंतर होगा सौंदर्यीकरण, जल संरचनाओं के संरक्षण के होंगे कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में संपन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश की प्रगति का एक स्वर्णिम अध्याय है। इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे। राज्य सरकार द्वारा सेक्टर वाइज और एरिया वाइज इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भविष्य में आयोजित की जाएगी। भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी है। समिट के अवसर पर शहर का सौन्दर्यीकरण हुआ। आगे भी यह कार्य जारी रहेंगे। भोपाल की जल संरचनाओं को भी सहेजा जाएगा। उन्हें साफ सुथरा और सुंदर बनाए रखा जाएगा। भोपाल में इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजन किए जाने के लिए एक बड़े कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता है, जिसका निर्माण राज्य सरकार करवाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भोपाल की प्रगति के लिए 25 वर्ष की योजना बना रही है। उद्योगों और व्यवसायों के विकास के लिए निरंतर प्रयास होंगे। मध्यप्रदेश में जैसे रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अच्छे परिणाम मिले उस क्रम में ग्लोबल इन्वेस्टर्स संख्या में रोजगार की संभावनाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में प्राप्त निवेश प्रस्ताव और समिट की सफलताओं के विभिन्न आयामों की विस्तार पूर्वक चर्चा की।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय श्री जगदीश देवड़ा श्री राजेंद्र शुक्ल, खजुराहो सांसद श्री वी. डी. शर्मा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के सफल आयोजन के लिए राजधानी भोपाल के नागरिकों, सभी जनप्रतिनिधियों, प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत एवं मीडिया का आभार भी व्यक्त किया। recent visitors 71

दिल्ली के सेलेक्ट सिटी मॉल के सिनेमा हॉल में लगी आग, फिल्म ‘छावा’ देख रहे दर्शकों में मची अफरा-तफरी

नई दिल्ली दिल्ली के साकेत स्थित मशहूर सेलेक्ट सिटी मॉल में एक सिनेमाघर में आग लग गई. बुधवार (26 फरवरी) को हुई इस घटना की जानकारी मिलने के बाद छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आग पर काबू पा लिया गया. दिल्ली फायर सर्विस ने इसकी जानकारी दी. राजधानी दिल्ली के सेलेक्ट सिटी मॉल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बुधवार शाम 5:44 बजे इस मॉल के एक सिनेमाघर में आग लग गई. इस घटना को लेकर मॉल प्रशासन की ओर से इसकी सूचना दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग को दी गई. इसके बाद 6 फायर टेंडर्स को मौके पर भेजा गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता से काम करते हुए आग पर काबू पाया. आग की घटना में कोई हताहत नहीं जानकारी के अनुसार आग सेलेक्ट सिटी मॉल में स्थित पीवीआर ऑडी-3 सिनेमाघर के स्क्रीन में लगी थी. राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं. आग की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन घटना के समय मॉल में ज्यादा भीड़ नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया. विकी कौशल की फिल्म 'छावा' की चल रही थी स्क्रीनिंग बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति यह हादसा हुआ उसे वक्त पीवीआर स्क्रीन नंबर 3 पर अभिनेता विकी कौशल की बहुचर्चित फिल्म 'छावा' की स्क्रीनिंग चल रही थी. इस दौरान अचानक से पर्दे पर आग लग गई. सिनेमा हॉल में मूवी देख रहे लोगों में भगदड़ मच गई. हालांकि सिनेमा हॉल में कई सारे एग्जिट गेट होने के चलते सभी लोग बड़ी आसानी से सिनेमाघर से बाहर निकल गए. सलेक्ट सिटी मॉल में सामान्य स्थिति बहाल आग बुझाने के बाद फायर ब्रिगेड द्वारा स्थिति का निरीक्षण किया गया और मॉल में सुरक्षा उपायों को लेकर अधिकारियों को सूचित किया गया. फिलहाल मॉल में सामान्य स्थिति बहाल है. दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया, ''इस पूरे घटनाक्रम में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. आग बहुत ही छोटी थी जिस पर दमकल कर्मियों ने कुछ ही देर में काबू पा लिया''. बता दें कि दिल्ली के उपहार सिनेमा हॉल में 1997 में लगी आग में करीब 60 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. recent visitors 69