चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला, अंग्रेजों को को देखना पड़ा हार मुँह

लाहौर अफगानिस्तान ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है। अफगानिस्तान ने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया है। अफगानिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपनी पहली जीत हासिल करने के साथ ही खुद को सेमीफाइनल की रेस में बरकरार रखा है जबकि इंग्लैंड की टीम अंतिम-4 की दौड़ से बाहर हो गई है। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान की टीम ने सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान के 177 रनों की मदद से 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 325 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने 50 ओवर में 49.5 ओवरों में 317 रनों पर ऑलआउट हो गई और अफगानिस्तान ने 8 रनों से मैच अपने नाम कर लिया। इब्राहिम जादरान को रिकॉर्ड तोड़ 177 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड से नवाजा गया। इंग्लैंड के लिए जो रूट ने सबसे ज्यादा 120 रन बनाए। अफगानिस्तान की ओर से गेंदबाजी में अजमतुल्लाह उमरजई ने 5 विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद नबी ने 2 बल्लेबाजों का शिकार किया। अफगानिस्तान की टीम ने वनडे क्रिकेट में इंग्लैंड को लगातार दूसरी बार शिकस्त दी है। इससे पहले अफगान टीम ने वर्ल्ड कप 2023 में दिल्ली में खेले गए मैच में इंग्लैंड को 69 रनों से धूल चटाई थी। इंग्लैंड बाहर इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच खेला गया ये रोमांचक मैच करो या मरो का मुकाबला था। ऐसे में अफगानिस्तान ने जीत हासिल करते हुए चैंपियंस ट्रॉफी की सेमीफाइनल रेस में खुद को बनाए रखा है जबकि इंग्लैंड हार के साथ ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। इंग्लैंड चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर होने वाली तीसरी टीम है। इससे पहले मेजबान पाकिस्तान और बांग्लादेश सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। ग्रुप-ए से भारत और न्यूजीलैंड पहले ही सेमीफाइनल का टिकट कटा चुके हैं। अब ग्रुप-बी से 2 सेमीफाइनलिस्ट टीमों का तय होना बाकी है। सेमीफाइनल के 2 स्पॉट के लिए ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच टक्कर है। ग्रुप-बी में साउथ अफ्रीका 3 पाइंट के साथ पहले पायदान पर है जबकि वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया इतने ही पाइंट के दम पर दूसरे स्थान पर हैं। दोनों टीमों के बीच सिर्फ नेट रन रेट का अंतर है। तीसरे पायदान पर अफगानिस्तान है जिसके 2 मैचों में पहली जीत के बाद 2 अंक हो गए हैं। वहीं, इंग्लैंड का टूर्नामेंट से बोरिया बिस्तर बंध गया है। जादरान ने बनाया ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का सबसे बड़ा स्कोर अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने 146 गेंदों पर 177 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया, यह ICC चैम्पियंस ट्रॉफी के इतिहास में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. उनकी शानदार पारी ने इंग्लैंड के बेन डकेट के 165 रनों को पीछे छोड़ दिया और टूर्नामेंट में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. डकेट ने ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ लाहौर में यह पारी खेली थी. वैसे जादरान के ये 177 रन अफगान‍िस्तान के किसी भी बल्लेबाज द्वारा वनडे में बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्त‍िगत स्कोर भी है. एक छोर पर डटे रहे जादरान इब्राहिम जादरान ने इसके बाद अजमतुल्लाह उमरजई के साथ 72 रन की पार्टनरशिप की। 40वें ओवर की आखिरी गेंद पर उमरजई कैच आउट हुए। उन्‍होंने 31 गेंदों पर 41 की पारी खेली। इब्राहिम जादरान ने एक बाद फिर मोहम्‍मद नबी के साथ पार्टनरशिप की और 111 रन जोड़े। आखिरी ओवर की पहली गेंद पर जादरान कैच आउट हुए। उन्‍होंने 146 गेंदों पर 177 रन की पारी खेली। इसी ओवर में लियाम लिविंगस्टोन ने मोहम्‍मद नबी को पवेलियन भेजा। नबी ने 24 गेंदों पर 40 रन ठोके। गुलबदीन नायब और राशिद खान 1-1 रन बनाकर नाबाद रहे। जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट चटकाए। जो रूट ने पारी को संभाला इंग्‍लैंड टीम को भी कुछ खास शुरुआत नहीं मिली। चौथे ओवर में अजमतुल्लाह उमरजई ने फिल सॉल्‍ट को बोल्‍ड किया। उन्‍होंने 2 चौकों की मदद से 12 रन बनाए। 30 के स्‍कोर पर जेमी स्मिथ भी वापस लौट गए। जेमी ने 9 रन की पारी खेली। 2 विकेट जल्‍दी गिरने के बाद बेन डकेट और जो रूट क्रीज पर डटे। दोनों ने मिलकर 68 रन जोड़े। 17वें ओवर में राशिद खान ने डकेट को LBW आउट किया। इन फॉर्म डकेट ने 45 गेंदों का सामना किया और 38 रन बनाए। रूट ने खेली 120 रन की पारी 22वें ओवर में मोहम्‍मद नबी ने हैरी ब्रूक को कॉट एंड बोल्‍ड आउट किया। ब्रूक ने 3 चौकों की मदद से 21 गेंदों पर 25 रन जड़ दिए। 216 के स्‍कोर पर इंग्‍लैंड को 5वां झटका लगा। कप्‍तान जोस बटलर ने 2 छक्‍के की बदौलत 42 गेंदों पर 38 रन की पारी खेली। लियाम लिविंगस्टोन ने 10 रन बनाए। 46वें ओवर में इंग्‍लैंड को बड़ा झटका लगा। शतक लगा चुके जो रूट अजमतुल्लाह का शिकार बने। रूट ने 111 गेंदों पर 120 रन ठोक दिए। इसके बाद जेमी ओवरटन ने 32, जोफ्रा आर्चर ने 14 रन और आदिल राशिद ने 5 रन बनाए। उमरजई ने किए 5 शिकार अफगानिस्‍तान की ओर से अजमतुल्लाह उमरजई ने पंजा खोला। उन्‍होंने 9.5 ओवर में 58 रन देकर 5 विकेट चटकाए। उनके अलावा मोहम्‍मद नबी को 2 सफलता मिलीं। फजलहक फारूकी, राशिद खान और गुलबीन के खाते में 1-1 विकेट आया। recent visitors 58

मोहम्मद यूनुस की सत्ता में बने रहने की चाल होगी फेल, बांग्लादेश आर्मी चीफ जनरल जमान ने दी खुली चेतावनी

ढाका बांग्लादेश तेजी से अराजकता की ओर बढ़ रहा है। शेख हसीना को हटाने के लिए जो कट्टरपंथी कभी एक साथ आए थे, अब उनमें ही सत्ता को पाने के लिए संघर्ष शुरू हो गया है। राजनीतिक अंतर्कलह, निष्क्रिय पुलिस और कट्टरपंथी इस्लामिस्टों के उदय के साथ देश बिखराव की ओर चल पड़ा है। इस एक अटकलें शुरू हो गई हैं कि क्या बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट हो कता है। इसी सप्ताह बांग्लादेश सेना प्रमुख ने देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए खतरे की चेतावनी दी है। बांग्लादेश में सेना के खिलाफ तेज होती आवाजों के बीच सेना प्रमुख वकार उज-जमान को कहना पड़ा कि उनकी कोई और इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं बस देश को सुरक्षित हाथों में देखा चाहता हूं। पिछले 7-8 महीनों में मैंने बहुत कुछ झेला है। मैं आपको पहले ही चेतावनी दे रहा हूं ताकि आप कल यह न कहें कि मैंने आपको नहीं बताया।' चुनाव पर अल्टीमेटम आर्मी चीफ ने आगे कहा कि यदि आप अपने मतभेदों से आगे नहीं बढ़ सकते और एक दूसरे पर कीचड़ उछालना जारी रखते हैं, तो देश की स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि 'मुझे लगा कि मेरा काम पूरा हो गया है, लेकिन इसे सुलझाने में मुझे ज्यादा समय लगेगा। उसके बाद मैं छुट्टी ले लूंगा।' आर्मी चीफ ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिसंबर तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने चाहिए बांग्लादेश की संप्रभुता का दिखाया डर इस बीच सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने चेतावनी दी है कि अगर लोग अपने मतभेदों को भुला नहीं पाए या एक-दूसरे पर कीचड़ उछालना बंद नहीं कर पाए तो बांग्लादेश की संप्रभुता दांव पर लग जाएगी। ढाका के रावा क्लब में 2009 में पिलखाना में बीडीआर नरसंहार को याद करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा, "अगर आप अपने मतभेदों को भुलाकर साथ मिलकर काम नहीं कर सकते, अगर आप कीचड़ उछालने और लड़ाई में शामिल होते हैं, तो इस देश और राष्ट्र की स्वतंत्रता और संप्रभुता खतरे में पड़ जाएगी।" बांग्लादेशी सेना ने संभाली देश की कानून-व्यवस्था जनरल जमान ने आगे कहा, "मैं आज आपको बता रहा हूं, अन्यथा आप कहते कि मैंने आपको आगाह नहीं किया।" इससे पहले बांग्लादेशी सेना प्रमुख ने कहा था कि जब तक चुनी हुई सरकार नहीं आ जाती, तब तक सेना ही बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था को देखेगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था को सेना देख रही है और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक एक चुनी हुई सरकार नहीं आ जाती है। उनके इस बयान को मोहम्मद यूनुस की कुर्सी के लिए खतरे के तौर पर देखा गया था। आर्मी चीफ की सीधी चेतावनी सीएनएन-न्यूज18 ने शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया है कि वकार-उज-जमान को लग रहा है कि बांग्लादेश को बाहरी हाथों से नियंत्रित किया जा रहा है। सूत्र ने कहा, जनरल जमान 'राजनीतिक नेतृत्व को चुनाव की आवश्यकता की ओर इशारा कर रहे हैं, अन्यथा सेना का नियंत्रण एक और विकल्प है।' बांग्लादेश में एक्टिव है आईएसआई असलियत में शेख हसीना के जाने के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बांग्लादेश अपनी प्लानिंग में जुट गई है। आईएसआई के एजेंट समझे जाने वाली जमात-ए-इस्लामी के लोग बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में पैठ बनाए हुए हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार तो खुलकर अपना पाकिस्तान प्रेम दिखा रहे हैं। अगस्त में पद संभालने के बाद से वे कई बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। मोहम्मद यूनुस को सीधा संदेश इसके अलावा मोहम्मद यूनुस देश में आम चुनाव कराए जाने को लेकर हीलाहवाली कर रहे हैं। यूनुस प्रशासन सुधारों का हवाला देकर चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं कर रहा है। जबकि बांग्लादेश सेना प्रमुख ने शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद 18 महीने के अंदर चुनाव कराने की बात कही थी। ऐसे में बांग्लादेश सेना प्रमुख का ताजा बयान मोहम्मद यूनुस के लिए सीधी चेतावनी है कि सत्ता में बने रहने के लिए अगर चुनाव टाले गए तो उन्हें नई स्थिति के लिए तैयार रहना होगा और वह होगी देश पर सैन्य शासन। देश में सैन्य विद्रोह की जताई थी आशंका सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने कुछ महीने पहले देश में सैन्य विद्रोह की आशंका भी जताई थी। उन्होंने ढाका के रावा क्लब में 2009 के क्रूर पिलखाना नरसंहार के शहीदों की याद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर हमें कोई समस्या या मुद्दा आता है, तो हमें उसे बातचीत के ज़रिए सुलझाना चाहिए। बिना किसी मकसद के इधर-उधर भागने से सिर्फ नुकसान ही होगा। 25 फरवरी 2009 को बांग्लादेश में खूनी सैन्य विद्रोह हुआ था, जिसे बांग्लादेश राइफल विद्रोह या पिलखाना नरसंहार के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन ढाका में बांग्लादेश राइफल्स (BDR) की एक यूनिट ने विद्रोह किया था। recent visitors 73

GIS के बाद मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आने से खुशी का माहौल, 26.61 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव

भोपाल राजधानी में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आने से खुशी का माहौल है। लेकिन साथ ही, पुराने सवाल भी उठ रहे हैं। क्या वाकई में इतना निवेश आएगा? और क्या इतनी नौकरियां मिलेंगी? मुख्य सचिव अनुराग जैन ने GIS में मंगलवार को भरोसा दिलाया कि सरकार निवेश के वादों को हकीकत में बदलने के लिए काम करेगी। 26.61 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश दो दिन चले GIS में 26.61 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह राशि राज्य के कुल कर्ज और बजट से कई गुना ज्यादा है। पिछले पांच सालों में मिले कुल निवेश प्रस्तावों से भी यह काफी ज्यादा है। सरकार का अनुमान है कि इससे 17.34 लाख नौकरियां पैदा होंगी। अगर ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश की बेरोजगारी की समस्या आधी से ज्यादा हल हो सकती है। राज्य में करीब 30 लाख बेरोजगार युवा हैं। राज्य की आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीद GIS में मध्य प्रदेश को मिले निवेश प्रस्तावों से राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है। 26.61 लाख करोड़ रुपये का यह आंकड़ा राज्य के मौजूदा कर्ज 4.15 लाख करोड़ रुपये से छह गुना से भी ज्यादा है। यह राशि राज्य के बजट, जो इस साल 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है, से भी कई गुना ज्यादा है। इससे साफ है कि अगर ये निवेश प्रस्ताव हकीकत में बदलते हैं तो राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। 17.34 लाख नौकरियां मिलने की संभावना निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बड़ी संख्या में पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन प्रस्तावों से 17.34 लाख नौकरियां पैदा होंगी। मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या करीब 30 लाख है। ऐसे में अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो राज्य में बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने GIS में इस बात की उम्मीद जताई कि निवेश के इरादे राज्य में फलित हों। पिछले अनुभवों को देखते हुए बढ़ी चिंता हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए कुछ चिंताएं भी हैं। पहले के निवेश प्रस्तावों में से सिर्फ 10% ही जमीन पर उतरे हैं। इस बार सरकार का कहना है कि वह हर निवेश प्रस्ताव पर नजर रखेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि अधिकारी निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे ताकि उनके वादे पूरे हों। मुख्य सचिव हर महीने इसकी समीक्षा करेंगे। जैन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने GIS के समापन समारोह में यह जानकारी दी। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। बीजेपी ने 4 लाख नौकरियों का किया है वादा सरकारी नौकरियों की बात करें तो अगस्त 2022 से भाजपा सरकार ने 4 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया है। इनमें से करीब एक लाख नौकरियां देने का दावा किया गया है। सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों को मिलाकर मध्य प्रदेश में कुल 24 लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश रोजगार पोर्टल के अनुसार, मंगलवार तक 29,68,663 युवा पंजीकृत थे। यह राज्य में बेरोजगार युवाओं की सही संख्या नहीं है, लेकिन इसे अनुमान का आधार माना जाता है। एक साल में एमपी में हुए 7 क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन एक साल में, राज्य को मध्य प्रदेश में 7 क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों के माध्यम से 4.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार ने कहा था कि क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों में, मध्य प्रदेश को 4.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 4.5 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद थी। अगर GIS और क्षेत्रीय औद्योगिक शिखर सम्मेलनों के आंकड़ों को मिला दिया जाए, तो राज्य को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 21 लाख से ज्यादा नौकरियों का आश्वासन मिला है। recent visitors 67

धार जिले में जरूरतमंद लोगों के पक्के मकान बनाने की मंजूरी मिली, बढ़ती लागत के बावजूद राशि स्थिर

 धार मध्य प्रदेश के धार जिले में जरूरतमंद लोगों के पक्के मकान बनाने की मंजूरी मिल गई है। धार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत इस साल 60 हजार नए मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य मध्य प्रदेश के किसी भी जिले से सबसे अधिक है, जिससे हजारों गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा। बता दें कि, धार में अबतक एक लाख 16 हजार से अधिक आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन क्षेत्रों में बनेंगे मकान धार के 13 ब्लॉकों में नए आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बदनावर (6039 आवास) और सरदारपुर (5550 आवास) को सबसे अधिक मकान बनाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, धार शहर में 2860, धरमपुरी में 3376, मनावर में 3667, उमरबन में 3610 और अन्य जनपदों को भी अलग-अलग लक्ष्य मिले हैं। जिला पंचायत स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की तैयारी चल रही है। बढ़ती लागत के बावजूद राशि स्थिर हालांकि, योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि निर्माण सामग्री और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में डेढ़ लाख और शहरी क्षेत्रों में ढाई लाख रुपये की राशि दी जाती है, जो किश्तों में जारी होती है। गौरतलब है कि, आवास प्लस के दूसरे चरण के लिए साल 2024-25 के लिए धार को पहले 18 हजार का लक्ष्य मिला था। वहीं इसमें इजाफा करते हुए 42 हजार अतिरिक्त आवास का टारगेट दिया है।  5 साल में 10 लाख लोगों को मिलेगी पक्की छत प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0) के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई. इस योजना के अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा. इसमें 50 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे. बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा.     प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 1 करोड़ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 10 लाख आवास मध्यप्रदेश में बनाने का निर्णय लिया गया है। इनका रखा जाएगा विशेष ध्यान इस योजना के अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा. इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (ISS) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा कितनी सब्सिडी मिलेगी? बीएलसी घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा एएचपी घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई. 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है. इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है. शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई. ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई. एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके. recent visitors 65

भाजपा नेतृत्व अन्य राज्यों के अध्यक्षों के सामाजिक समीकरणों को देखकर मध्य प्रदेश में फैसला लेगा

नईदिल्ली भाजपा के संगठन चुनावों में राज्यों के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लगभग आधा दर्जन राज्यों में पार्टी को कुछ नेताओं को लेकर मुखर विरोध के साथ सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों को लेकर काफी पसीना बहाना पड़ रहा है। पार्टी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तभी हो सकता है, जबकि पचास फीसदी यानी आधे राज्यों के चुनाव हो जाएं। भाजपा के संगठन के 38 प्रदेश हैं और अभी लगभग 10 राज्यों के चुनाव ही पूरे हुए हैं। भाजपा को संगठन चुनावों में कर्नाटक में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र को बरकरार रखने के लिए राज्य के नेताओं के एक समूह के मुखर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। तमिलनाडु, केरल व पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को अब एक साल बचा है। ऐसे में वहां बदलाव किया जाए या नहीं और किया जाए तो किसे नेतृत्व दिया जाए, इस पर फैसला नहीं हो पा रहा। उत्तर प्रदेश में नए नेता की तलाश उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने पद छोड़ने की पेशकश कर दी थी। चूंकि, संगठन चुनाव होने थे, इसलिए बदलाव नहीं किया गया था। सूत्रों का कहना है कि होली के बाद ही नए अध्यक्ष का फैसला हो पाएगा। सामाजिक व क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाब से नया अध्यक्ष चुना जाएगा। मध्य प्रदेश में दलित व आदिवासी चेहरे पर विचार मध्य प्रदेश में मौजूदा अध्यक्ष वीडी शर्मा को पांच वर्ष हो गए हैं। वहां राजपूत, ब्राह्मण के साथ दलित व आदिवासी नेताओं के नाम पर भी विचार किया गया है। भाजपा नेतृत्व अन्य राज्यों के अध्यक्षों के सामाजिक समीकरणों को देखकर फैसला लेगा। तेलंगाना-गुजरात में अहम हैं सामाजिक समीकरण तेलंगाना और गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। दोनों राज्यों में अभी चुनाव नहीं हैं, ऐसे में वहां पर भविष्य की चुनौती व संभावनाओं को देखते हुए बदलाव किए जाने हैं। दोनों ही राज्यों में सामाजिक समीकरण काफी अहम हैं। हालांकि, पार्टी में कुछ नेता इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि एक व्यक्ति, एक पद को लेकर भाजपा अपने रुख में कुछ लचीलापन रखे और कुछ राज्यों को इसका अपवाद बनाकर रखा जाए। हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व इसके पक्ष में नहीं दिख रहा। recent visitors 99

CBSE का बड़ा बदलाव​, 2026 से साल में दो बार होंगे ​क्लास 10th Board Exam

नई दिल्ली सीबीएसई 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। बोर्ड ने इस संबंध में एक मसौदा नीति को तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। बोर्ड ने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों सहित तमाम हितधारकों से इस पर प्रतिक्रिया मांगी है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर देने की सिफारिश की है। https://x.com/DDNewslive/status/1894411333711663172 उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें 10वीं कक्षा में 2025-26 से दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए एक मसौदा नीति विकसित करने और सभी हितधारकों जैसे स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम जनता से प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए सीबीएसई वेबसाइट पर होस्ट की जाए। भारद्वाज ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद मसौदा नीति विकसित की गई है और उसे सीबीएसई की बेवसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। हितधारक 9 मार्च तक मसौदा नीति पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। प्रतिक्रियाओं की जांच की जाएगी और नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं की दो बार होने वाली परीक्षाओं का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। 2026 में होने वाली 10वीं की परीक्षा का पहला राउंड 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगा। दूसरे राउंड की बोर्ड परीक्षा 5 मई 2026 से 20 मई 2026 तक चलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय मीटिंग में सीबीएसई को दो बार बोर्ड एग्जाम की स्कीम तैयार करने को कहा था। सीबीएसई ने मंगलवार को ड्राफ्ट पॉलिसी जारी कर दी है, जिस पर 9 मार्च तक सुझाव मांगे गए हैं। खत्म होगी सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा सुझावों के आधार पर पॉलिसी में जरूरी बदलाव भी हो सकते हैं और उसके बाद फाइनल पॉलिसी जारी हो जाएगी। कंपार्टमेंट की परीक्षा अब नहीं होगी। जो छात्र पहले राउंड (सभी पेपर या कुछ पेपर) को क्लियर नहीं कर पाएंगे, उनके लिए मई में दूसरे बोर्ड एग्जाम में अपीयर होने का मौका रहेगा। CBSE Exams: 34 दिन में पूरे होंगे दोनों राउंड 2026 में जब दसवीं की बोर्ड परीक्षा दो बार होगी, तो दोनों राउंड केवल 34 दिनों में पूरे हो जाएंगे। एनबीटी ने अपनी पहले की रिपोर्ट में बताया भी था कि फरवरी और मई 2026 में होने वाली परीक्षा कम दिनों में पूरी की जाएगी। 2025 के मौजूदा सत्र में 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेगी। यानी एक ही परीक्षा में 32 दिनों की समय-सीमा रखी गई है। अब 2026 में पहले राउंड की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 18 दिनों में 6 मार्च तक खत्म हो जाएगी। जबकि दूसरे राउंड की परीक्षा 5 मई से शुरू होकर 16 दिनों में 20 मई को खत्म होगी। इस तरह से दोनों राउंड की परीक्षा केवल 34 दिनों में पूरी हो जाएगी और जल्दी रिजल्ट भी आ जाएगा। दसवीं में सीबीएसई कुल 84 विषयों की परीक्षा आयोजित करेगा और करीब 1,72,90,000 आंसर शीट्स जांची जाएंगी। 2026 की दसवीं की परीक्षा में 26.60 लाख छात्रों की भागीदारी होगी। प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होंगे सीबीएसई दसवीं में छात्र लिखित परीक्षा तो दो बार दे सकेंगे, लेकिन प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होगा। अलग-अलग विषयों में होने वाले प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट के जो नंबर मिल जाएंगे, उसे लिखित परीक्षा के बेस्ट स्कोर में जोड़कर रिजल्ट जारी किया जाएगा। कब, कहां मिलेगी सीबीएसई मार्कशीट? पहले राउंड की परीक्षा के बाद कोई पासिंग डॉक्युमेंट जारी नहीं होगा। पहली परीक्षा की परफॉर्मेंस डिजिलॉकर में उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग 11वीं में एडमिशन के लिए किया जा सकेगा। अगर स्टूडेंट दूसरे राउंड की परीक्षा नहीं देना चाहेगा, तो वह डिजिलॉकर के स्कोर के जरिए एडमिशन ले सकेगा। सेकंड राउंड के बाद जो फाइनल रिजल्ट तैयार होगा, उसके बाद ही पासिंग डॉक्युमेंट जारी किए जाएंगे। दोनों राउंड की परीक्षा के बाद ही मेरिट सर्टिफिकेट जारी होगा। पास नहीं होने पर भी 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन पहले राउंड में सीबीएसई क्लास 10 में जो छात्र पांचों विषयों में क्वालीफाई होंगे, उन्हें भी पास घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में भी छात्र को 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन मिल सकेगा। जब छात्र दूसरे सत्र की परीक्षा देगा और क्वालीफाई हो जाता है, तो उस स्थिति में ही उसका एडमिशन कंफर्म माना जाएगा। जो छात्र पहले एग्जाम में क्वालीफाई नहीं होते हैं, उन्हें इंप्रूवमेंट कैटिगरी में रखा जाएगा और वे दूसरे राउंड की परीक्षा के लिए एलिजिबिल होंगे। सीबीएसई ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में कोई स्पेशल एग्जामिनेशन यानी कंपार्टमेंट परीक्षा नहीं होगी। अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में सफल नहीं होता है या कुछ विषयों में सफल नहीं होता है, तो अभी तक उसे जुलाई में कंपार्टमेंट की परीक्षा देने का मौका मिलता था। लेकिन अब मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में उसे बैठने का विकल्प दिया जा रहा है। CBSE 2 Exams: दोनों बार विषय नहीं बदलेंगे ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक छात्र ने जिन विषयों में पहली परीक्षा दी होगी, दूसरे राउंड में भी उन्हीं विषयों की परीक्षा देने का विकल्प मौजूद रहेगा। दूसरे राउंड की परीक्षा के दौरान सब्जेक्ट चेंज करने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन यहां पर छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण यह है कि अगर किसी स्टूडेंट ने पहले राउंड की परीक्षा के लिए आईटी सब्जेक्ट चुना है और वह इसे बदलना चाहता है, तो अगर वह पहले राउंड में आईटी की परीक्षा नहीं देता तो सेकंड राउंड में वह आईटी के बदले दूसरा विषय चुन सकता है। लेकिन अगर पहले राउंड में आईटी का पेपर दे दिया तो फिर वह सेकंड राउंड में इस विषय को चेंज नहीं कर सकता। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह सिफारिश की गई है कि छात्रों को बोर्ड परीक्षा में अपना प्रदर्शन सुधारने का अवसर दिया जाएगा। जिसके बाद यह ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की गई है।   recent visitors 56

GIS में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 60,000 करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए, राजगढ़ जिले को मिलेगा लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 60,000 करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए हैं। इस निवेश का लाभ राजगढ़ जिले को भी मिल सकता है, क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि बायोगैस प्लांट के लिए जमीन की मांग कर चुके हैं। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो राजगढ़ में जल्द ही कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित हो सकता है, जिससे जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। रिलायंस के अधिकारियों की जिले में रुचि 10 अक्टूबर 2024 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा से मुलाकात कर बायोगैस प्लांट के लिए भूमि आवंटन की मांग की थी। इस मुलाकात के बाद, कलेक्टर ने संबंधित विभागों को लैंड बैंक तैयार करने और इस परियोजना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। रिलायंस इंडस्ट्रीज का विजन रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी अनुपम जैन ने बताया रिलायंस का उद्देश्य है कि भारत को क्लीन और ग्रीन एनर्जी में लीडर बनाना चाहिए। नई पीढ़ी के लिए सस्टेनेबल यूचर क्रिएट करना हमारा लक्ष्य है। मध्य प्रदेश सरकार की नीति इस दिशा में सहायक है, इसलिए राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। औद्योगिक विकास की नई उमीदें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में साइन हुए एमओयू से राजगढ़ जिले में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। यदि कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित होता है, तो इससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि यह जिला ग्रीन एनर्जी सेक्टर में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है। राजगढ़ में बायोगैस प्लांट की संभावनाएं क्यों ? भूमि उपलब्धता: जिले में पहले से ही 2000 हेक्टेयर भूमि का लैंड बैंक तैयार है, जो औद्योगिक निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुविधाजनक लोकेशन: राजगढ़ का भौगोलिक स्थान, बेहतर आवागमन सुविधा, जल संसाधन और मानव संसाधन की उपलब्धता इसे औद्योगिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बनाती है। सरकार की नीतियां: मप्र सरकार रिन्यूएबल एनर्जी और बायोगैस प्लांट के विस्तार के लिए अनुकूल नीतियां बना रही है, जिससे ऐसी परियोजनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। विभाग को जमीन आवंटन करेंगे अभी आईडीसी से आधिकारिक पत्र नहीं आया है, लेकिन हमें जैसे ही पत्र मिलेगा, हम संबंधित विभाग को जमीन आवंटन करेंगे। राजगढ़ में उद्योगों की स्थापना की अपार संभावनाएं हैं और हम इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। -डॉ. गिरीश मिश्रा, कलेक्टर, राजगढ़ recent visitors 66