चंबल का सर्वे कराएगी सरकार, घड़ियालों के घोंसलों को संरक्षण का संदेश

भोपाल राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियालों के घोंसलों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार चंबल नदी का विशेष सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है। चंबल नदी में 2,462 घड़ियाल हैं और कई दुर्लभ प्रजातियों के कछुए भी पाए जाते हैं। घड़ियालों के घोंसलों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग फरवरी से चंबल नदी में सर्वे शुरु कराएगा। नदी की बाढ़ के कारण केवल तीन प्रतिशत बच्चे जीवित बच पाते हैं, जिसे देखते हुए यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं बता दें कि घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं। इसके लिए वह नदी के किनारे रेत में गहरा गड्डा खोदते हैं। खनन और अन्य मानवीय गतिविधियों से घड़ियालों के घोंसलों को हमेशा खतरा बना रहता है। नदी में बाढ़ आने पर भी घोंसले नष्ट हो जाते हैं। इनकी रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए वन विभाग सर्वेक्षण का कार्य करेगा। चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है इसमें घड़ियालों की नए सिरे से गणना के साथ उनके घोंसलों को चिह्नित कर उनकी रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है। चंबल नदी में डॉल्फिन भी हैं। इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य जारी है। त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास है ताकि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर घड़ियालों का संरक्षण किया जा सके। घड़ियालों की नेस्टिंग साइट को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। चंबल नदी के तटीय इलाकों में सर्वेक्षण कर घड़ियालों के घोंसलों को चिह्नित किया जाएगा, ताकि उन्हें संरक्षित किया जा सके।   चंबल नदी दुनिया के 80 % से अधिक घड़ियालों का घर घड़ियालों के बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिवर्ष लगभग 200 अंडे एकत्र कर देवरी पुनर्वास केंद्र में लाए जाते हैं, जहां उन्हें तीन साल तक सुरक्षित पालने के बाद नदी में छोड़ दिया जाता है। चंबल नदी दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक वयस्क घड़ियालों का घर है। सरकार ने घड़ियालों की घटती संख्या को देखते हुए 10 नए घड़ियाल भी हाल ही में छोड़े हैं और नई घड़ियाल संरक्षण परियोजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है। recent visitors 25

टेक्नोलॉजी ने बदल दिया पुलिसकर्मियों का दिन, छुट्टी होगी बस एक क्लिक में

भोपाल प्रदेश के एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी खबर है। छुट्टी और डेपुटेशन आदि के लिए अब उन्हें आवेदन लेकर नहीं घूमना होगा, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (एचआरएमआइएस) के माध्यम से वह कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसकी प्रगति देख सकेंगे। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने एचआरएमआइएस बनाया है, जिसके पहले चरण का काम इस माह पूरा हो जाएगा। इसमें उनकी सेवा पुस्तिका भी स्कैन करके ऑनलाइन की जा रही है। इसके कई मॉड्यूल हैं। इसमें पुलिसकर्मियों को कई सुविधाएं हो जाएंगी। जैसे वे अपनी सालाना गोपनीय रिपोर्ट ऑनलाइन देख सकेंगे। बता दें कि इसके पहले पुलिस में वर्ष 2015 से पर्सनल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) चलता था, लेकिन इसे अपडेट नहीं किया गया। नई आवश्यकताओं की दृष्टि से तकनीकी तौर पर बहुत अच्छा साबित नहीं हो रहा था, जिससे बंद कर दिया गया।   पीआईएस की कमियों को किया गया दूर इस कारण उसकी जगह एचआरएमआईएस लाया गया है। पीआईएस में जो कमियां थीं, उन्हें इसमें दूर किया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। लगभग दो लाख का शेष है। सर्विस रिकॉर्ड में वह अपने पुरस्कार, सजा, ली गईं और बकाया छुट्टियों का विवरण ऑनलाइन देख सकेंगे। बता दें स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित कई विभागों में पहले से ही एचआरएमआईएस लागू है। कर्मचारियों की उपस्थिति को भी इससे जोड़ा गया है। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों में लगभग 70 हजार मैदानी पदस्थापना वाले हैं। उनके लिए एचआरएमआईएस से बड़ी सुविधा हो जाएगी। recent visitors 25

सीमा सुरक्षा को बूस्ट! बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को रिकॉर्ड 7.8 लाख करोड़, 15% इजाफा

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के रक्षा क्षेत्र के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपए की तुलना में करीब 15 प्रतिशत ज्यादा है। बजट में रक्षा बलों के लिए सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। यह रकम पूंजीगत खर्च का हिस्सा है और यह वित्त वर्ष 2025-26 में दिए गए 1.80 लाख करोड़ रुपए से लगभग 21.8 प्रतिशत अधिक है। रक्षा बजट में ये बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है, जब हाल ही में भारत ने कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया और दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं। यह कदम सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' नीति के अनुरूप है, जिसमें देश में ही रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ने यह भी प्रस्ताव रखा कि विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के लिए इस्तेमाल होने वाले पुर्जों को बनाने में लगने वाले कच्चे माल के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी माफ की जाएगी। इससे रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को फायदा मिलेगा। बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद यह बजट देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन बनाता है। इस बजट का रुख पहले से चल रही उस रणनीति को आगे बढ़ाता है, जिसमें सेना के आधुनिकीकरण, एयर डिफेंस सिस्टम और नई पीढ़ी के प्लेटफॉर्म पर ज्यादा खर्च किया जा रहा है। कैपेक्स में बढ़ोतरी का कारण फाइटर जेट, युद्धपोत, मिसाइल, तोप और अन्य आधुनिक रक्षा उपकरणों के लिए ज्यादा बजट दिया जाना है। रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए ज्यादा बजट मिलने से सरकारी रक्षा कंपनियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सप्लायर कंपनियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पूरे सेक्टर में ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं। सरकारी क्षेत्र की जिन कंपनियों को फायदा होने की संभावना है, उनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) शामिल हैं, जो सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए उपकरण बनाती हैं। इसके अलावा मिधानी, बीईएमएल, भारत डायनामिक्स जैसी छोटी निजी कंपनियों और ड्रोन सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। यह सब भारत में ही रक्षा उपकरणों की खरीद को बढ़ावा देने की सरकार की नीति का हिस्सा है। recent visitors 154

माघी पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम: संगम तट पर 2 करोड़ श्रद्धालु, सीएम योगी का संदेश

प्रयागराज माघी पूर्णिमा के पावन मौके पर आज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माघ मेला के छठे प्रमुख स्नान पर्व पर करीब 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। यह संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा है, जिसके चलते प्रशासन ने सभी घाटों पर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं। सुबह से ही श्रद्धालु संगम नोज, रामघाट और अन्य घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। कल्पवास पूरा करने वाले कल्पवासी भी आज संगम से विदा होकर घर लौट रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पक्के इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवान तैनात हैं। मोटरबोट से गश्त चल रही है। प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है और नो-व्हीकल जोन घोषित है। शहर में कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि कल्पवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए अलग रूट बनाए गए हैं, ताकि भीड़ व्यवस्थित रहे। मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि अनुमान से ज्यादा भीड़ को देखते हुए हर घाट पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। डीएम ने संगम क्षेत्र का पैदल दौरा किया और कंट्रोल रूम से स्थिति मॉनिटर की। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर श्रद्धालुओं को माघी पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आस्था, भक्ति और संगम की महिमा का जिक्र करते हुए कहा कि माघ मेला आस्था का महापर्व है और सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। माघी पूर्णिमा माघ मेला का एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व है, जहां आस्था, तप और अध्यात्म का अनोखा संगम होता है। मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ समाप्त होगा। recent visitors 33

केंद्रीय बजट में मानवीय फैसला: मोटर दुर्घटना मुआवजे के ब्याज को किया जाएगा टैक्स-फ्री

नई दिल्ली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026-27 पेश करते समय ऐलान किया कि मोटर एक्सीडेंट मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह इनकम टैक्स से मुक्त होगा। इस प्रस्ताव का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ितों को मुआवजे की पूरी राशि मिले और उसमें से कोई कटौती न हो। इसके तहत अब ऐसे ब्याज पर टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) भी नहीं काटा जाएगा। यह घोषणा संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार पेश किए गए केंद्रीय बजट में की गई। इस आम बजट में टैक्स से जुड़े कई ऐलान किए गए। मौजूदा नियमों के तहत मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) द्वारा दिए गए ब्याज को टैक्स योग्य आय माना जाता था। अक्सर मुआवजा मिलने में देरी हो जाती है, जिससे ब्याज की रकम काफी बढ़ जाती है और पीड़ितों या उनके परिजनों को उस पर टैक्स देना पड़ता है। इस वजह से कई बार पीड़ितों को मुआवजे की पूरी रकम नहीं मिल पाती थी। उन्हें इलाज, पुनर्वास और रोज़ी-रोटी के लिए मिलने वाले पैसों में भी कमी झेलनी पड़ती थी। कई मामलों में टैक्स रिफंड की जटिल प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ता था। वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह टैक्स छूट सिर्फ 'नेचुरल पर्सन', यानी आम व्यक्ति को मिलने वाले ब्याज पर ही लागू होगी। सरकार ने इसे मुआवजे की मानवीय भावना से जुड़ा फैसला बताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, "मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया ब्याज इनकम टैक्स से मुक्त होगा और इस पर कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा।" यह नया नियम वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होने की उम्मीद है, जिससे चल रहे और आने वाले मामलों में पीड़ितों को तुरंत राहत मिलेगी। भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या बनी हुई हैं। हर साल हजारों लोगों की मौत होती है और कई लोग घायल होते हैं। मुआवजे के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ती है। अक्सर मामलों में फैसले में देरी होने से ब्याज की रकम बढ़ जाती है, जो पीड़ितों को हुए नुकसान और परेशानी की भरपाई के लिए दी जाती है। अब टैक्स हटने से मुआवजा ज्यादा फायदेमंद होगा। कानूनी विशेषज्ञों, पीड़ित अधिकार समूहों और बीमा कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान होगा। इस फैसले से मुआवजे की रकम में कटौती नहीं होगी और मामलों के जल्दी निपटारे को भी बढ़ावा मिल सकता है। यह प्रस्ताव वित्त मंत्री की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें टैक्स नियमों को आसान बनाना और ज़रूरतमंद लोगों को सीधी राहत देना शामिल है। साथ ही बजट में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक स्थिरता पर भी खास ध्यान दिया गया है। इस टैक्स छूट से लाखों प्रभावित परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे सड़क हादसों के मामलों में मिलने वाला न्याय टैक्स कटौती के कारण कम नहीं होगा। recent visitors 36

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर दी प्रतिक्रिया

विकास को मिलेगी और अधिक गति गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलओं पर विशेष फोकस शहरी विकास, तीर्थ स्थल सुधार, महिला छात्रावास निर्माण, अस्पतालों के अपग्रेडेशन और टेक्सटाईल्स क्षेत्र की सौगातों से प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कदम है। बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। यह बजट विकास को और अधिक गति देगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक अर्थव्यवस्था में उच्च स्थान दिलवाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आर्थिक प्रगति को बढ़ाना, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास बजट की मुख्य विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेली कॉलेज इंदौर में केंद्रीय बजट पर विषय-विशेषज्ञों से संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के बाद केन्द्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट की सभी क्षेत्रों में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टैक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की वस्त्र उद्योग सेक्टर की दूरगामी नीतियों से संपूर्ण राष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश को भी विशेष लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में इनकम टैक्स में छोटे करदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान करने की व्यवस्था है। राजकोषीय घाटे का 4.3% का लक्ष्य रखा गया है। राज्यों के लिए एक लाख 40 हजार करोड़ रुपए का अनुदान रखा गया है, जिससे मध्यप्रदेश को भी लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत को बायोफार्मा हब बनाया जाएगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाएँ भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में विनिर्माण क्षेत्रों का रणनीतिक विकास करने को प्राथमिकता दी गई है, इससे भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और ए.आई. के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त गाइड उपलब्ध कराने की व्यवस्था से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। पुरातत्व की दृष्टि से संरक्षित स्थलों को खोलने के निर्णय से देश-विदेश के लोग हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत से परिचित और प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों को टैक्स में दी गई राहत से वैश्विक स्तर पर पर्यटन के क्षेत्र में भारत का महत्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा बजट सबका साथ- सबका विकास की भावना के अनुरूप है।   recent visitors 27

बजट डे पर डबल झटका: सोना-चांदी गिरे, भाषण के बीच सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को भारत का आम बजट (Aam Budget 2026) की घोषणा कर दी है। इस दौरान सरकार का मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं, गरीब छात्रों, उद्योगों, चिकित्सा पर खास फोकस रहा। उन्होंने बताया है कि 1 अप्रैल से भारत में नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है। इसके साथ ही वह 9वीं बार बजट पेश करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया गया। खास बात है कि साल 2019 में जब सीतारमण ने पहला बजट पेश किया था, तब वह चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटा पारंपरिक बही खाता लेकर पहुंचीं थीं। साल 2017 से बजट एक फरवरी को ही पेश किया जाता है। बजट 2026 स्पीच टाइम लोकसभा में सीतारमण की तरफ से पूरा बजट भाषण पढ़ने के कुछ देर बाद बजट को राज्यसभा के पटल पर रखा गया। संसद का मौजूदा बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। उसके बाद नौ मार्च से दूसरे चरण की बैठक शुरू होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र दो अप्रैल को समाप्त होगा। बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं     1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू होने जा रहा है     संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया     किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहु भाषीय एआई टूल 'भारत विस्तार' बनाने का प्रस्ताव     देश में दूसरा 'राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरोसाइंसेज संस्थान' (निमहैन्स-2) खोला जाएगा   बजट पर क्या बोले भाजपा सांसद केंद्रीय बजट 2026 पर भाजपा सासंद कमलजीत सहरावत ने कहा, "आज का बजट विकसित भारत और भारत की संस्कृति दोनों को मिलाकर बनाया गया है। भारत को बायोफार्मा हब के रूप में विकसित किया जाए… पर्यटन को बढ़ाने के लिए कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात की गई है। टैक्स प्रक्रिया को आसान करने की बात की गई है। 2047 के विकसित भारत को जिस तरह से आगे बढ़ना चाहिए उसका रोडमैप इसमें रखा गया है।" दवाओं पर छूट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए, मैं 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के पर्सनल इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।' बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता, फीका और निराशाजनक है: कांग्रेस कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को फीका और निराशाजनक करार देते हुए रविवार को कहा कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा और इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई। नए इनकम टैक्स एक्ट पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा, ''इसे (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया और आयकर अधिनियम, 2025 पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा (What is New Income Tax Act 2025)। सरलीकृत आयकर नियमों और फॉर्म को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, जिससे करदाताओं को इसकी आवश्यकताओं से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।'' उन्होंने आगे कहा कि फॉर्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि सामान्य नागरिक बिना किसी कठिनाई के इनका पालन कर सकें। वर्ष 2025 का आयकर कानून राजस्व तटस्थ है और इसमें कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसने केवल प्रत्यक्ष कर कानूनों को समझने में सरल बनाया है, अस्पष्टताओं को दूर किया है, जिससे मुकदमों की गुंजाइश कम हुई है। recent visitors 41