मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेली कॉलेज इंदौर में कार्यक्रम को किया संबोधित

शासकीय चिकित्सालयों में बनाए जाएंगे गर्भ संस्कार कक्ष चिकित्सा विश्वविद्यालयों में की जाएगी गर्भ संस्कार के अध्ययन- अध्यापन की व्यवस्था पुस्तक "गर्भ संस्कार" का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परंपरा और विज्ञान कभी अलग-अलग नहीं रहे। सनातन व्यवस्था के संस्कार केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है। गर्भ में पल रहे शिशु को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संस्कारित करना ही गर्भ संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में बनने वाले शासकीय चिकित्सालयों के भवनों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों में गर्भ संस्कार के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी, शीघ्र ही इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में गर्भ संस्कार पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंग वस्त्रम तथा श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "गर्भ संस्कार" का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन समुदाय को गर्भ संस्कार का प्रचार- प्रसार करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृत्व केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है, गर्भ शरीर निर्माण के साथ संस्कार की पहली पाठशाला भी है। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया है कि 5-6 महीने से ही बच्चे पर माँ की भावनाओं और बाह्य वातावरण का प्रभाव पढ़ने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत में अभिमन्यु तथा अन्य पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद की सामर्थ्य सर्वविदित है। कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोविड से बचाव के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेद की प्रक्रियाओं अपनाया। आयुर्वेद में गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकारा गया है। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहा है। अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य श्री भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत का चिंतन विश्व को संचालित करने का नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करने का है। भारत “सुपर राष्ट्र” बनेगा, जो जीवन के विविध क्षेत्रों में दुनिया को सही दिशा दिखाएगा। उन्होंने कहा कि सृष्टि के चक्र में भारत ने उत्थान और पतन दोनों देखे हैं, लेकिन उसकी आत्मिक शक्ति और बीज रूप में सामर्थ्य इतनी मजबूत है कि वह फिर उठ खड़ा होने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मनुष्य का निर्माण केवल शिक्षा या भौतिक संपदा से नहीं, बल्कि सुशिक्षा और सुसंस्कार से ही संभव है। मानव संपदा के बिना राष्ट्र का उत्थान संभव नहीं। श्री जोशी ने कहा कि पश्चिमी दृष्टि मनुष्य को मशीन मानती है, जबकि भारतीय चिंतन मनुष्य को पूर्ण विकसित मनुष्य बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब शस्त्र अयोग्य हाथों में चले जाते हैं तो दुष्परिणाम होते हैं, इसलिए शक्ति के साथ संस्कार अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर पुण्य सलिला देवी अहिल्याबाई की श्रेष्ठ परंपरा वाली नगरी है। इंदौर से इस आयोजन का होना प्रतीकात्मक है, क्योंकि विचारों का प्रस्फुटन प्रायः मध्य से होता है। श्री जोशी ने युवाओं और दंपत्तियों से आग्रह किया कि शास्त्रों में निहित मूल्यों को केवल प्रस्तुति तक सीमित न रखें, बल्कि आचरण में उतारें। इसके लिए जनजागरण और व्यापक आंदोलन आवश्यक है, ताकि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति सही मार्ग पर चल सके और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। उन्होंने कार्यक्रम के शोधकर्ताओं, प्रयोगकर्ताओं और आयोजकों से कहा कि इस पहल की सार्थकता तभी है जब समाज इसे गंभीरता से अपनाए और अनुभवों को साझा कर आगे बढ़े। कार्यक्रम को डॉ. अनिल कुमार गर्ग और डॉ. हितेश भाई जानी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया और श्री गोलू शुक्ला, जनप्रतिनिधि, आरोग्य भारती के श्री अशोक वार्ष्णेय, श्री योगेंद्र महंत, श्री गुणवंत कोठारी, श्री विनोद अग्रवाल, श्री विक्रम सिंह पवार, डॉ. हितेश भाई जानी, श्री राधेश्याम शर्मा गुरु जी और डॉ. अनिल कुमार गर्ग सहित आध्यात्मिक-धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 25

बजट 2026 अपडेट: हाई स्पीड रेल, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और और भी 8 बड़ी योजनाएं

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश करते हुए कहा कि 'सुधार एक्सप्रेस' अपनी राह पर है। बजट भाषण में उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने 'कोरी बयानबाजी' के बजाय 'सुधारों' का रास्ता चुना है। कहा कि देश 'विकसित भारत' बनने की दिशा में कदम उठाता रहेगा। 7 नए हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर से लेकर हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल तक, बजट की 10 बड़ी बातों पर आइए नजर डालते हैं। 1- सात हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर और एक फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में अलग-अलग शहरों के बीच सात हाई-स्पीड कॉरिडोर और पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत के बीच एक नए विशेष फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा। – ये प्रस्तावित गलियारे मुंबई और पुणे, पुणे और हैदराबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई, चेन्नई और बेंगलुरु, दिल्ली और वाराणसी तथा वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच विकसित किए जाएंगे। – पश्चिम बंगाल के डंकुनी को गुजरात के सूरत से जोड़ने वाला एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा। – अभी अहमदाबाद और मुंबई के बीच एक हाई-स्पीड कॉरिडोर पर काम जारी है। इसी तरह, कई राज्यों और जिलों में दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर – ईस्टर्न और वेस्टर्न का काम जारी है। 2- हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। देश में 700 से अधिक जिले हैं। 3- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40 हजार करोड़ – इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को और मजबूती देने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये आवंटित किया जाएगा। – पूंजीगत वस्तुओं के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए दो जगहों पर हाई टेक्नॉलजी वाले 'टूल रूम' स्थापित किए जाएंगे। – देश में स्मार्ट टीवी और मोबाइल उत्पादन में और ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है। – देश में मोबाइल फोन का उत्पादन चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक करीब 6.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक या लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। 5- यूनिवर्सिटी टाउनशिप का ऐलान एजुकेशन सेक्टर पर खास फोकस रहा। पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप के साथ राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान बनाने की घोषणा। – यूनिवर्सिटी टाउनशिप में आवास, रिसर्च फैसिलिटी, स्टार्टअप स्पेस, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक ढांचा शामिल होगा, जिससे छात्रों, शिक्षकों और रिसर्चर को एक बेहतर और जीवंत शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा। -पूर्वी भारत में शिक्षा और विकास को बढावा देने के लिए नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान खोले जायेंगे। 6- किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ीं योजनाएं – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट 2026-27 में मत्स्य पालन, पशुपालन योजना को मजबूत बनाने के साथ ही देश के काजू और नारियल को वैश्विक ब्रांड बनाया जाएगा। -भारतीय काजू और भारतीय कोको को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्राण्ड बनाए जाने का प्रस्ताव -500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की पहल से मत्स्य पालन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के साथ ही पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता विकास से रोजगार के अवसर प्रदान किये जाएंगे। – कोकोनट प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही एक करोड़ किसानों समेत तीन करोड़ लोगों को सहायता प्रदान करेगी। । -चंदन के कारोबार को बढ़ाने के लिए सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर भारतीय चंदन इकोसिस्टम के गौरव को पुनर्स्थापित किया जाएगा। 7- देश के भीतर डेटा सेंटर को बढ़ावा देने के लिए 'टैक्स हॉलिडे' – उन विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक 'टैक्स हॉलिडे' का लाभ मिलेगा जो देश में स्थित डेटा सेंटर का उपयोग करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करती हैं। – सीतारमण ने कहा कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और डेटा सेंटर में निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। – इस टैक्स हॉलिडे का लाभ उठाने के लिए कंपनियों को एक भारतीय पुनर्विक्रेता इकाई के माध्यम से भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देनी होंगी। 8- टैक्स से जुड़े अहम ऐलान – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया। – मामूली शुल्क के भुगतान के साथ आयकरदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। – शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के मामले में टीडीएस 5 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत – मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजा को कर से छूट मिलेगी। – एक अप्रैल से आयकर अधिनियम, 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। – विदेश में अघोषित संपत्ति पर अब आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा। – जब तक अपील लंबित रहती है तब तक टैक्स पेयर को पेनाल्टी पर इंट्रेस्ट नहीं देना होगा। 9- MSME की मदद के लिए ‘कॉरपोरेट मित्र’ – सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में 'कॉरपोरेट मित्रों' का एक दस्ता तैयार किया जाएगा। – 'कॉरपोरेट मित्रों' का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। – इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी। 10- राजकोषीय घाटा को जीडीपी का 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य – सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहेगा जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है। – सीतारमण ने अपने 2026-27 के बजट भाषण में कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कर हस्तांतरण राशि के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये प्रदान करेगी जबकि शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। – केंद्रीय बजट 2026-27 का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। – चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में अनुमानित राजकोषीय घाटा (सरकारी व्यय और आय के बीच का अंतर) सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। recent visitors 35

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम, केंद्रीय बजट 2026-27

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी। उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। कर सुधार और आम जनता को राहत आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। recent visitors 32

रेल सफर होगा सुपरफास्ट! बजट में 7 हाई स्पीड रेल लाइनें, दिल्ली से वाराणसी तक नई कनेक्टिविटी

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के कायाकल्प के लिए एक महात्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। सरकार ने देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जो भारतीय रेल को पूरी तरह बदल देंगे। बजट प्रस्तावों के अनुसार, इन कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन की तर्ज पर हाई-स्पीड ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनकी गति 250-320 किमी/घंटा तक हो सकती है।   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है। इनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलिगुड़ी शामिल हैं। 1. मुंबई – पुणे (महाराष्ट्र): आर्थिक राजधानी और आईटी हब के बीच की दूरी को न्यूनतम समय में समेटने के उद्देश्य से इसे मंजूरी दी गई है। 2. दिल्ली – वाराणसी (उत्तर प्रदेश): दिल्ली को धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी से जोड़ने वाला कॉरिडोर। आपको बता दें कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। 3. हैदराबाद – बेंगलुरु: दक्षिण भारत के दो सबसे बड़े टेक हब के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी। 4. बेंगलुरु – चेन्नई: चेन्नई बंदरगाह और बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला कॉरिडोर। 5. दिल्ली – अहमदाबाद: मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के विस्तार के रूप में दिल्ली तक कनेक्टिविटी। 6. मुंबई – नागपुर: 'समृद्धि महामार्ग' के समानांतर महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए। 7. हावड़ा – वाराणसी: पूर्वोत्तर भारत को मध्य और उत्तर भारत के हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ना। इससे पहले रेलवे ने कहा था कि 2026 के अंत तक 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रोल-आउट का लक्ष्य रखा गया है, जो राजधानी एक्सप्रेस की जगह लेंगी। इसके साथ ही स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम 'कवच' के नवीनतम संस्करण को 44,000 रूट किलोमीटर तक विस्तारित करने के लिए प्रस्तावित है।   recent visitors 41

बजट पर पीएम मोदी: रिफॉर्म्स को नई दिशा, नागरिकों में निवेश से बनेगा आत्मनिर्भर भारत

नई दिल्ली पीएम मोदी ने रविवार को बजट पर कहा, 'देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। जो बदलाव किए गए हैं वो एक्सप्रेशन से भरे हुए भारत के साहसिक प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान देते हैं।' उन्होंने कहा कि बजट से रिफॉर्म्स को नई गति मिलेगी। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया। पीएम ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है। इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है। यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है। recent visitors 32

यूपी आरटीई प्रवेश नियमों में बड़ा फेरबदल, कल से आवेदन लेकिन किराए पर रहने वाले बाहर

लखनऊ शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेश के नियमों में बदलाव किया गया है। किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में घर का पंजीकरण जरूरी है। बच्चों के यूनिफार्म का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में अब निदेशालय स्तर से ही भेजा जाएगा। इसमें बैंक से आधार कार्ड का सत्यापन जरूरी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राजधानी में संचालित 1576 प्राइवेट स्कूलों में करीब 21000 सीटों पर प्रवेश के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेज की ऑनलाइन कॉपी विभाग के वेबसाइट पर भी अपलोड होगी। संबंधित निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य यूजर आईडी के माध्यम से संबंधित बच्चों के दस्तावेज को चेक भी कर सकते हैं। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के प्रवेश में पादर्शिता बनी रहेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, बीते साल 1398 निजी स्कूलों में कुल 18000 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन लिए गए थे। इस बार स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ- साथ सीटों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस विभाग की ओर से आपूर्ति की जा रही है इसके लिए संबंधित स्कूलों से डाटा मांगा गया है। निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए पहले चरण की 2 से 16 फरवरी तक आवेदन होंगे। 21 फरवरी से 7 मार्च तक द्वितीय चरण और 12 से 25 मार्च तक तृतीय चरण के लिए आवेदन होंगे। आवेदन और दस्तावेज जांच के बाद 18 फरवरी को पहली लॉटरी, 9 मार्च को द्वितीय लॉटरी और 27 मार्च को तृतीय चरण की लॉटरी जारी होगी। आईटीई प्रवेश के लिए इन दस्तावेज की होगी जरूरत शहर निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को ही आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश मिलेंगे। जिला शिक्षा परियोजना समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रवेश के दौरान तहसीलदार द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र में जॉब कार्ड,चिकित्सा प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की जरूरत होगी। मानक के अनुसार, इनमें से जरूरी दस्तावेज होने पर ही प्रवेश आवेदन होंगे।   recent visitors 27

दवा निर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर कदम: बजट में बायोफार्मा हब के लिए ₹10,000 करोड़ का पैकेज

नई दिल्ली Union Budget 2026 बजट 2026-27 में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा शक्ति प्रोग्राम के तहत अगले पांच साल में इस क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बता दें कि बायोफार्मा शक्ति योजना का लक्ष्य बायोफार्मा इकोसिस्टम को विकिसित करना है। बायोफार्मा के तहत सूक्ष्मजीवों, प्रोटीनों के जरिए दवाओं का निर्माण किया जाता है जिसके साइड इफेक्ट्स कम होते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर में बड़ा निवेश करने से देश में फार्मा सेक्टर को बड़ी मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य योजना को उन्नत करना है। यह निवेश भारत को वैश्विक बायो फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने और गैर संक्रामक बीमारियों से निपटने में मदद करेगा। युवाओं पर केंद्रित बजट सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में बताया कि कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और अनवरत बनाए रखना होगा ताकि वैश्विक उथल-पुथल का मजबूती से समाना किया जा सके। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके क्षमता निर्माण की है ताकि देश को समृद्धि के मार्ग पर ले जाया जा सके। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप तीसरा कर्तव्य संसाधन, सुविधा और अवसर तक हर परिवार, समाज, इलाके और सेक्टर की पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए समर्थन का वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने सात रणनीतिक सेक्टरों में विनिर्माण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव किया। देश के बायो फार्मा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अगले पांच साल 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायो फार्मा शक्ति का प्रस्ताव किया। इसके तहत देश में बायोलॉजिक्स और बायो सिमिलर बनाने के लिए पारितंत्र तैयार किये जायेंगे। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए तीन राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा सात संस्थानों को अपग्रेड किया जायेगा। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संस्थान को मजबूत कर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जायेगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गयी है जिसके तहत उपकरण आदि तैयार किये जायेंगे, फुल स्टैक स्वदेशी आईपी तैयार किया जायेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जायेगा। उद्योग के नतृत्व में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जायेगा और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अप्रैल 2025 में शुरू की गयी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना के लिए आवंटन 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।   recent visitors 48