मध्य प्रदेश सरकार के कुछ लोग प्रतिनिधि के रूप में महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महाकुंभ के मेले में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जाएंगे. उनके साथ मध्य प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी महाकुंभ में जा सकते हैं. अभी जाने की तारीख तय नहीं हुई है. महाकुंभ को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बातचीत में कहा, ''प्रयागराज में आयोजित किए जाने वाले महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं को जायजा लेंगे. इसके अलावा साधु संतोष से आशीर्वाद भी लेंगे.'' उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के कुछ लोग प्रतिनिधि के रूप में महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे. सरकार सिंहस्थ 2028 की तैयारी को लेकर व्यापक पैमाने पर विकास कार्य कर रही है. ऐसी स्थिति में महाकुंभ का मेला सिंहस्थ 2028 के पहले हिंदुओं का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है. उज्जैन में स्थाई निर्माण के लिए साधु संतों को आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन में भी साधु संतों के स्थाई आश्रम बनाने के लिए सरकार ने कई सुविधाएं देने का ऐलान किया है. साधु संतों को महाकुंभ के मेले में यह भी संदेश पहुंचाया जाएगा कि वे उज्जैन में अपना स्थाई निर्माण करें ताकि हर बार सिंहस्थ में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े. सिंहस्थ 2028 के लिए सीएम मोहन यादव का दावा मुख्यमंत्री के मुताबिक इस बार सिंहस्थ 2028 महाकुंभ मेला में साल 2016 की तुलना में दोगुना श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.  महाकुंभ 13 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा. इसके लिए यूपी सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी की है. साथ ही मुख्य जगहों से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी नहीं हो. recent visitors 56

पीएम मोदी 13 जनवरी को कश्मीर आएंगे और जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे

श्रीनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे और श्रीनगर-सोनमर्ग मार्ग पर जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे। सुरंग के माध्यम से सोनमर्ग तक हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी 13 जनवरी को यहां आएंगे और जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे। यह सुरंग गगनगीर से सोनमर्ग तक रोड को बाईपास करेगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पूरे साल हिल स्टेशन पर आने की सुविधा मिलेगी। गगनगीर-सोनमर्ग खंड भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण बंद हो जाता है, जो हर साल इस क्षेत्र में होता है। जेड-मोड़ सुरंग जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में गगनगीर और सोनमर्ग के बीच 6.5 किलोमीटर लंबी 2-लेन वाली सड़क सुरंग है। पहले जो रोड उपयोग में थी, वह हिमस्खलन से प्रभावित थी और अक्सर कई महीनों तक बंद हो जाती थी। लेकिन जेड-मोड़ सुरंग सोनमर्ग पर्यटक शहर को सभी मौसमों में जोड़ने वाली सुविधा प्रदान करती है। इस 6.5 किलोमीटर लंबी सुरंग को पार करने में केवल 15 मिनट लगते हैं, जबकि पहाड़ियों पर ऊपर-नीचे टेढ़े-मेढ़े रास्ते से यात्रा करने में घंटों लगते थे। साथ ही यह, पास की जोजी-ला सुरंग के साथ, श्रीनगर-लेह हाईवे पर यह भू-रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग बालटाल (अमरनाथ गुफा), कारगिल और लद्दाख क्षेत्र के अन्य स्थानों को साल भर मौसम-रहित कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे सैन्य रसद में भी वृद्धि होगी और पर्यटन तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सोनमर्ग को सभी मौसमों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के अलावा, यह सुरंग स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में मदद करेगी और क्षेत्र में पर्यटन तथा संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देगी। यह 31 सड़क सुरंगों में से एक है, जिनमें से 20 जम्मू-कश्मीर में और 11 लद्दाख में हैं। सुरंग का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था। 20 अक्टूबर 2024 को सुरंग के कर्मचारियों पर आतंकवादी हमला हुआ था। दो आतंकवादी गगनगीर में श्रमिकों के शिविर में घुसे और अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में जेड-मोड़ सुरंग का निर्माण कर रही इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के छह गैर-स्थानीय श्रमिकों सहित सात नागरिक मारे गए थे। इस हमले में एक स्थानीय डॉक्टर की भी मौत हो गई थी।   recent visitors 69

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश विश्व में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले स्थान पर और मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। देश के दुग्ध उत्पादन में 57.62% की वृद्धि हुई है और यह विश्व रिकॉर्ड है। डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का औसत 673 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) किया गया है। इसे मंत्रि-परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा। डॉ. यादव ने बताया कि अनुबंध के तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी तथा दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाताई कि इस सबके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से बढ़कर दोगुनी से भी अधिक (3500 करोड़ रूपये) हो जाएगी। मध्यप्रदेश देश का डेयरी कैपिटल बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संकल्पों को पूरा करने में एनडीडीबी के साथ हुआ अनुबंध महत्वपूर्ण साबित होगा। यह राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार है, जिसे बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा। एक दुग्ध समिति लगभग 1 से 3 गांव में दुग्ध संकलन करती है, 9 हजार दुग्ध समितियां के माध्यम से लगभग 18 हजार ग्रामों को कवर किया जा सकेगा। दुग्ध संकलन भी 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी द्वारा दुग्ध उत्पादक संस्थाओं (एमपीओ) के माध्यम से कवर किए गए गांव की संख्या 1390 से बढ़ाकर 2590 की जाएगी तथा दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। वर्तमान में डेयरी प्लांट की क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। सांची ब्रांड होगा और मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार से इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दुग्ध संघ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए प्रबंधन शुल्क और नए प्रसंस्करण प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कोई परामर्श शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकता अनुसार तकनीकी एवं प्रबंधन विशेषज्ञों को सरकार के पे-रोल पर दुग्ध संघ में पदस्थ किया जाएगा तथा कार्यरत अमले का हित संरक्षण भी किया जाएगा। दुग्ध सहकारी समितियां से संबद्ध डेयरी किसानों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी। दुग्ध उत्पादकों की समृद्धि के लिए समर्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विगत चैत्र माह से प्रारंभ हुए नव वर्ष से आने वाली गुड़ी-पड़वा तक गौ-वंश रक्षा वर्ष मनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने दुधारू पशु पालने पर अनुदान तथा दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पशुपालकों एवं गौसंवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है। recent visitors 65

मप्र सरकार ‘सिंहस्थ मेले’ के दौरान प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को अपनाएगी: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि 2028 में उज्जैन में होने वाले ‘सिंहस्थ मेले’ के दौरान मध्यप्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को अपनाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि प्रयागराज में आगामी कुंभ के समापन के बाद, भीड़ प्रबंधन, ड्रोन सर्वेक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों एवं स्टार्टअप्स का एक सम्मेलन उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने ‘सिंहस्थ मेले’ के लिए बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों सहित तैयारियों की समीक्षा की। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। इससे पहले, 2021 में उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में कुंभ मेला आयोजित किया गया था। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ की व्यवस्थाओं को सर्वोत्तम रूप देने के लिए प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ के मॉडल का भी अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सिंहस्थ-2028 में दोनों कुंभों की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को लागू करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।’’ यादव ने अधिकारियों को सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे के साथ समन्वय के उद्देश्य से एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के घाटों तक सुगम आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन, इंदौर और देवास में किए जा रहे निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ के मद्देनजर विभागों में प्रशासनिक ढांचे का आवश्यकतानुसार तत्काल विस्तार किया जाए।   recent visitors 95

महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन का संचालन किया जाएगा, जो कि भोपाल मंडल के बीना, रानी कमलापति और इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी

भोपाल यात्रियों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन द्वारा विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। इस कड़ी में लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) – लालकुआ विशेष ट्रेन और मौला अलि – वाराणसी – मौला अलि महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यह रहेगा ट्रेन का टाइम टेबल 05074 लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) विशेष ट्रेन यह ट्रेन 11 जनवरी से प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी। ट्रेन लालकुआ स्टेशन से शाम 5:55 बजे प्रस्थान करेगी। यह अगले दिन सुबह 06 बजे बीना, 7:50 बजे रानी कमलापति, 9:30 बजे इटारसी और अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन दोपहर 3:25 बजे क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) स्टेशन पहुंचेगी। 05073 क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु)- लालकुआ विशेष ट्रेन यह ट्रेन 14 जनवरी से प्रत्येक मंगलवार को चलाई जाएगी। ट्रेन क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) स्टेशन से सुबह 7:15 बजे प्रस्थान करेगी। यह अगले दिन दोपहर 12:05 बजे इटारसी, 1:40 बजे रानी कमलापति, 15:45 बजे बीना और अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 9:05 बजे लालकुआ स्टेशन पहुंचेगी। 07087 मौला अलि – वाराणसी महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन ट्रेन 07087 मौला अलि – वाराणसी महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 17 फरवरी को रात 11.55 बजे मौला अलि स्टेशन से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन शाम 5:40 बजे इटारसी स्टेशन एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 11:10 बजे वाराणसी स्टेशन पहुंचेगी। 07088 वाराणसी – मौला अलि महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन ट्रेन 07088 वाराणसी – मौला अलि महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 19 फरवरी को शाम 7.15 बजे वाराणसी स्टेशन से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपर 2:40 बजे इटारसी स्टेशन एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 07 बजे मौला अलि स्टेशन पहुंचेगी। इंदौर-लखनऊ बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन यात्रियों की मांग और सुविधा को ध्यान में रखते इंदौर से लखनऊ के लिए एक फेरा स्पेशल ट्रेन का परिचालन स्पेशल किराया के साथ किया जाएगा। इंदौर-लखनऊ स्पेशल ट्रेन(09335) 9 जनवरी को रात 10 बजे इंदौर रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। 10 जनवरी को दोपहर 5 बजे लखनऊ पहुंचेगी। इस दौरान ट्रेन का ठहराव देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदारामनगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल और उन्नाव रेलवे स्टेशन पर रहेगा। ट्रेन 20 स्लीपर कोच के साथ चलेगी।   recent visitors 67

महाकुंभ: प्रयागराज रेल मंडल ने जरूरी कदम उठाया, श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए

प्रयागराज प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां आने वाले भक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। महाकुंभ 2025 में लाखों लोगों के आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को देखते हुए प्रयागराज रेल मंडल ने जरूरी कदम उठाया है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की सेहत को ध्यान में रखकर रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए गए हैं। प्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि महाकुंभ 2025 में आने वाले भक्तों के लिए रेलवे अधिकारी तीर्थयात्रियों के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। इसके तहत प्रयागराज जंक्शन और अन्य रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए गए हैं। ये कमरे डॉक्टरों, चिकित्सा सुविधाओं और मिनी आईसीयू समेत उन्नत उपकरणों से सुसज्जित होंगे। तीर्थयात्रियों के लिए उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उनमें कार्डियक मॉनिटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, डिफाइब्रिलेटर और डीसी बिजली की आपूर्ति होगी। सभी मेडिकल सुविधाएं होंगी। 24 घंटे इसे ऑपरेट किया जाएगा। 2019 में एक लाख लोगों को चिकित्सा सुविधा दी गई थी, इस बार उससे ज्यादा की उम्मीद है। प्रयागराज जंक्शन पर 10 बेड व्यवस्था रहेगी। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाई जाएगी। रेलवे चेकिंग स्टाफ, मेडिकल की टीम के अलावा अन्य वॉलिंटियर्स को श्रद्धालुओं की मदद के लिए ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2019 में कई हजार लोगों को स्वास्थ्य सेवा देकर उनकी जान बचाई गई थी। रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम होने से डायबिटीज के पेशेंट, अधिक पैदल चलने से थकान से बेहोशी सहित अन्य मेडिकल समस्या से जूझ रहे लोगों का इलाज किया जाएगा। मेडिकल अस्पताल में मरीज को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने शहर के सभी प्रमुख और रेलवे के अस्पताल से समन्वय स्थापित किया है। प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ 2025 में आने श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य की जरूरी सुविधाएं प्रदान करने के सभी जरूरी प्रयास किए गए हैं।   recent visitors 101

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है। इसकी तुलना किसी मत मजहब और संप्रदाय से नहीं हो सकती। हजारों वर्षों की विरासत मेरे पास है। इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन भी उतनी ही प्रचीन है। आकाश के भी ऊंचा है सनातन की परंपरा, इसकी तुलना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित 'महाकुम्भ महासम्मलेन' कार्यक्रम में बोल रहे थे। महाकुम्भ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि देवासुर संग्राम के बाद अमृत की बूंदें चार पवित्र स्थलों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरीं। इन स्थानों पर महाकुम्भ के आयोजन भारत के ज्ञान, चिंतन और सामाजिक दिशा तय करने का अवसर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ के आयोजन के दौरान भारत के ऋषि-मुनि एकत्र होकर उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंतन करते थे। यह आयोजन न केवल परंपरा का सम्मान है, बल्कि इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना भी आवश्यक है। विरासत और विकास का संगम है महाकुम्भ 2025 : योगी सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि महाकुम्भ का आयोजन भारत में विरासत और विकास के अद्भुत संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 2019 के प्रयागराज कुम्भ में यह देखा गया कि कैसे आधुनिक तकनीक, प्रबंधन और संस्कृति का सामंजस्य किया गया। यही प्रयास आने वाले महाकुम्भ में भी होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर महाकुम्भ को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस आयोजन से न केवल देश के नागरिक, बल्कि दुनियाभर के लोग भी आकर्षित हो रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है। यह आयोजन जाति, पंथ और लिंग भेदभाव को समाप्त करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 10 वर्षों में जो प्रगति की है, महाकुम्भ इसका सशक्त माध्यम बनेगा। यह भारत की समृद्धि, विरासत और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रमाण है। सीएम योगी ने कहा कि विदेशी जूठन खाने वाले लोग हमें बदनाम करने में लगे हैं। देश में जातिवाद का जहर घोलकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है। सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है राष्ट्रीय एकता और हिंदू एकता पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है। हिंदू एकता और राष्ट्रीय एकता एक-दूसरे के पूरक हैं। इतिहास गवाह है कि जब हम बंटे हैं, तो कमजोर हुए हैं, और जब एकजुट हुए हैं, तो अजेय बने हैं। इसीलिए मैंने पहले कहा था कि बंटोगे तो कटोगे और एक रहोगे तो नेक रहोगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जाति और मजहब के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं। ये वही शक्तियां हैं जो भारत को कमजोर करने का षड्यंत्र रचती हैं। लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। आज यूपी का नागरिक पलायन नहीं कर रहा, माफिया और अपराधी कर रहे हैं। वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाने वालों से वापस लेंगे एक-एक इंच जमीन वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन कब्जे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफियाओं का बोर्ड। हमारी सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया है और एक-एक इंच जमीन की जांच करवा रही है। जिन लोगों ने वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाई है, उनसे जमीन वापस ली जाएगी और गरीबों के लिए आवास, शिक्षण संस्थान और अस्पताल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुम्भ की परंपरा वक्फ से कहीं पुरानी है। सनातन धर्म की ऊंचाई आकाश से भी ऊंची और गहराई समुद्र से भी गहरी है। इसकी तुलना किसी मत या मजहब से नहीं की जा सकती। सीएम योगी ने विपक्ष पर किया तीखा प्रहार सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि अगर भारत को समझना है, तो राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को पढ़ो। जो नेता लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने इनकी बातों को कभी नहीं समझा। उन्होंने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि हमने अयोध्या को विकास और विरासत का केंद्र बनाया। जो लोग अयोध्या के विकास का विरोध कर रहे थे, उन्हें वहां जाने का नैतिक अधिकार नहीं है। संभल में धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ संभल में धार्मिक स्थलों पर विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में श्रीहरि विष्णु का दसवां अवतार कल्कि का उल्लेख पुराणों में मिलता है। वहां धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ। हमारी सरकार ने न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की और दंगाइयों को सख्त संदेश दिया। धर्म परिवर्तन और घर वापसी के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि अगर कोई अंतर्मन से अपने धर्म में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए। यह धर्म और परंपरा के प्रति जागरूकता का संकेत है।   recent visitors 78