विशाखापत्तनम में पीएम मोदी ने सीएम चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण के साथ रोड शो में लिया हिस्सा

विशाखापत्तनम पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्‍य नेताओं ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण के साथ विशाखापत्तनम में रोड शो में हिस्सा लिया। इस दौरान सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा। स्थानीय जनता पीएम मोदी का एक झलक पाने को बेताब नजर आई। बीच-बीच में मोदी-मोदी के नारे भी लगे। पीएम मोदी ने भी लोगों को निराश नहीं किया। उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय दौरे पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा दौरे पर हैं। इस दौरान वो आंध्र प्रदेश को करोड़ों की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने कहा, वो विशाखापत्तनम में ग्रीन एनर्जी से जुड़े प्रमुख कार्यों का उद्घाटन करने को लेकर उत्सुक हैं। सतत विकास, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़े कदम के रूप में प्रधानमंत्री मोदी 8 जनवरी (बुधवार) को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम मोदी ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि हरित ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख कार्यों का उद्घाटन करने के लिए मैं विशाखापत्तनम के लोगों के बीच आने को उत्सुक हूं। यह बहुत खुशी की बात है कि एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ग्रीन हाइड्रोजन हब प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जाएगी। इससे यह राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस तरह का पहला हब बन जाएगा। आंध्र प्रदेश के बाद पीएम मोदी ओडिशा जाएंगे। 9 जनवरी की सुबह 10 बजे भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। recent visitors 93

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में उच्च गुणवत्ता को लक्ष्य बनाए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में उच्च गुणवत्ता को लक्ष्य बनाए। लक्ष्य और प्राप्ति के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों को पर्याप्त स्वायत्ता दी गई है। जरूरी है कि कुलगुरू अपनी क्षमताओं, विश्वविद्यालय के संसाधनों और आस-पास के परिवेश के अनुसार विकास की संभावनाओं की पहचान करें। ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में अपने सीमित दायरे से बाहर निकलें। वर्तमान की मांग और भविष्य की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि टॉस्क फोर्स बना कर समय-सीमा में सभी विश्वविद्यालयों की कार्ययोजना तैयार कराई जाए। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राजभवन में आयोजित शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलगुरूओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी मौजूद थे। विद्यार्थी कल्याण के लिए संवेदनशील रहें : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कुलगुरूओं से कहा है कि विद्यार्थी कल्याण के विषयों के प्रति संवेदनशील रहें। अभिभावक अपने बच्चें सरकार के भरोसे पर शासकीय विश्वविद्यालयों में भेजते हैं। उनकी देख-भाल पालक के दृष्टिकोण के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि कुलगुरू नियमित आधार पर छात्रावास, मेस, खेल सुविधाओं और कक्षाओं का नियमित निरीक्षण भी करें। रोजगार की क्षेत्रीय संभावनाओं के लिए पाठ्यक्रम बनाए राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार की सम्भावनाओं को बढ़ाने वाले पाठ्यक्रमों पर फोकस करें। डिग्री, डिप्लोमा के साथ ही मांग आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ किये जाएं। स्थानीय उद्योगों, व्यवासायिक प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता के रोजगार लिए संबद्ध विषयों के अध्ययन की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं की उपलब्धता और उनके उन्नयन के लिए भी विशेष प्रयास करने की जरूरत बताई। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि  रेडक्रास की गतिविधियों में विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता की जाए। रोज़गार आधारित कोर्स प्रारंभ करने बनाएं प्लॉन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय बहु विषयक आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय बनें। परम्परागत विषयों के साथ ही मांग आधारित और रोजगार की उच्च संभावनाओं वाले कोर्स प्रारंभ करने विशेष प्रयास करें। ऑनलाईन वैल्यूएशन कार्य को बढ़ावा दें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रदान स्वायत्ता के आधार पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाएं। विद्यार्थियों को प्रवेश की सुविधा, उत्कृष्ट शिक्षा, समय पर परीक्षा और तत्काल परिणाम घोषणा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन की व्यवस्था को बढ़ावा दें। इसी तरह प्रवेश के समय ही अंकसूची और डिग्री वितरण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के डीजी लॉकर में उनकी त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो। शासकीय विश्वविद्यालयों को मिलेगा पूरा सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालयों को पूरा सहयोग सरकार दे रही है। विश्वविद्यालयों को वित्तीय, भौतिक और मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सरकार ने नवीन पहल कर संसाधन सम्पन्न बनाया है। विश्वविद्यालयों का स्टॉफ सरकार के लिए शासकीय सेवकों के समान ही महत्वपूर्ण है। स्व-वित्तीय व्यवस्था पर मंथन करें विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर होना होगा। विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के लिए संसाधन और संभावनाओं के दोहन के लिए नई दूरदृष्टि के साथ कार्य करना होगा। इसके लिए निज संसाधनों, स्व-वित्त पोषित और पीपीपी मॉडल की उपयुक्तता के संबंध में कुलगुरूओं को अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का प्रदर्शन करना होगा। विश्वविद्यालय की भौतिक एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं को बेहतर करना, कुलगुरूओं का दायित्व है। जिसके आधार पर उनके कार्य का मूल्यांकन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत, तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम आधारित विश्वविद्यालयों को उनके कार्य क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करना चाहिए। डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी के हित में : उच्च शिक्षा मंत्री श्री सिंह बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि परीक्षाओं का प्रभावी, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन जरूरी है। डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी हितों के अनुकूल है। विश्वविद्यालय परीक्षा मूल्यांकन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करें। समय पर परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए डिजिटल वैल्यूएशन प्रणाली की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राशियों के जमा करने की व्यवस्था का भी परीक्षण करें। विश्वविद्यालय के विकास में राशि के उपयोग और निवेश के संबंध में भी कार्यवाही की जाना चाहिए।   recent visitors 84

‘अधिकाधिक काम हो ऑनलाइन, पारदर्शिता हो प्राथमिकता’, राजस्थान-आवासन आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिक से अधिक काम ऑनलाइन कर कार्य में पारदर्शिता लायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मण्डल की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की आज के समय में ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध करवाना अति आवश्यक है इनके आभाव में कार्यों में तेजी एवं पारदर्शिता लाना कठिन है। इस बैठक में भूमि बैंक, महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामले, जलापूर्ति, सीवर लाइन, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, डीएलपी कार्य, वृक्षारोपण अभियान और आगामी "बुधवार नीलामी उत्सव" में अधिशेष संपत्तियों को शामिल करने की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर समीक्षा व गहन चिंतन किया गया। डॉ शर्मा ने कहा की निर्माण स्थल पर बचाव और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए । निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वहाँ बोर्ड लगाया जाए, बैरिकेडिंग कर रिफ्लेक्टर लगाये जाए जिस से की वहाँ किसी प्रकार का कोई हादसा ना हो। इसमें किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को भूमि बैंक को मजबूत करने के लिए उपलब्ध भूमि संसाधनों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियंता फील्ड में जाकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अविलंभ जमीनों के प्रस्ताव तैयार करें। पारदर्शिता बनाए रखने और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवासन आयुक्त ने क्षेत्र में मंडल की सभी जमीनों पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। आवासन आयुक्त ने परियोजनाओं में जलापूर्ति एवं सीवर लाइन की कार्य प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा की किसी भी योजना के निर्माण कार्य के आरंभ होने से पहले ही सीवर लाइन तथा जलापूर्ति संबंधी प्लानिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने हस्तांतरण की जा चुकी परियोजनाओं में भी नियमानुसार रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जलापूर्ति और सीवर लाइन में कोताही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए समय पर कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और टीमों को किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को दूर करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ स्ट्रीट लाइटों को लगाने एवं मरम्मत का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा बढ़ाने के लिए उचित रोशनी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा भी की गई। डॉ. शर्मा ने टीमों को लंबित मरम्मत को तुरंत ठीक करने और भविष्य में शिकायतों से बचने के लिए गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए । साथ ही, आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत होने वाले कार्यों को डीएलपी नियमानुसार ही करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं किसी भी परिस्थिति में ऐसे कार्यों के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति नहीं जारी की जाए। ऐसा पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में आवासन आयुक्त ने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट एएमयू से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए समस्त अभियंता एवं अधिकारी अपने -अपने जिले के जिला कलक्टर से समन्वय कर निवेशकों के साथ सम्पर्क स्थापित करें और भूमि के चिह्निकरण, भू आवंटन आदि प्रकरणों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आवासन आयुक्त ने चल रहे न्यायालयीन मामलों की स्थिति की समीक्षा की, अधिकारियों को समय पर कानूनी जवाब प्रस्तुत करने और विकास कार्यों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विवादों को हल करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होनें राज्य सरकार की मंशानुसार चल रहे पौधरोपण के कार्यो की समीक्षा भी की। डॉ शर्मा ने कहा कि पौधों को रोपने के साथ ही उनका संरक्षण और संवर्द्धन भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में उन्होनें अपने क्षेत्रों में हुए पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण पर ध्यान देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी प्रदान किये। बैठक में आगामी "बुधवार नीलामी उत्सव" में अधिशेष आवासों को शामिल करने पर चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को अधिशेष घरों की सफल नीलामी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। ताकि आमजन के लिए आवास प्राप्त करना सुलभ व किफायती बने। इस बैठक में मुख्य सम्पदा प्रबंधक श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल, मुख्य अभियंता मुख्यालय श्री तेजवीर मीना, मुख्य नगर नियोजक श्री अनिल माथुर, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताश यादव सहित समस्त अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे। recent visitors 138

‘यमुना जल समझौते की जल्द बनेगी क्रियान्वयन ज्वाइन्ट टास्क फोर्स’, राजस्थान- मुख्यमंत्री भजनलाल ने हरियाणा के सीएम सैनी से की चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी अंचल के किसानों को जल्द ही यमुना जल का लाभ मिलेगा। इस संबंध में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के समक्ष हरियाणा के सीएम श्री नायब सैनी के साथ मंगलवार को चर्चा पूरी हो गई है। शर्मा ने कहा कि इस जल समझौते की जल्द क्रियान्विति के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की एक ज्वाइन्ट टास्क फोर्स बनेगी जो डीपीआर पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौता दोनों राज्यों के लिए  बहुत अच्छा समझौता है। राजस्थान का शेखावाटी अंचल लंबे समय से यमुना जल का इंतजार कर रहा है। अब वो इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही अधिकारियों की ज्वाइन्ट टास्क फोर्स डीपीआर का काम शुरू करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जिस तरह जल जीवन मिशन और नदियों से जोड़ने का काम किया है उससे राजस्थान सहित पूरे देश में पानी की कमी नहीं रहेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने मीडिया को बताया कि हरियाणा में जो अतिरिक्त पानी है, वह राजस्थान को मिले, यह एक सकारात्मक पहल है। recent visitors 68

लोक निर्माण विभाग ने सभी काम किए निरस्त, छत्तीसगढ़-बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल निलंबित

रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसे दिए गए सभी कार्य निरस्त कर दिए हैं। बस्तर परिक्षेत्र जगदलपुर के विभागीय मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सुरेश चंद्राकर का पंजीयन निलंबित किया गया है। मुख्य अभियंता द्वारा लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत सुरेश चंद्राकर "अ" वर्ग ठेकेदार, बीजापुर के पत्रकार श्री मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी के रूप में समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाने तथा गिरफ्तार किए जाने के कारण उसके पंजीयन को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। मुख्य अभियंता की अनुशंसा को दृष्टिगत रखते हुए विभाग ने सुरेश चंद्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सुरेश चंद्राकर को दिए गए सड़क निर्माण के कार्यों को लंबे समय तक बंद पाए जाने तथा कार्यों की धीमी गति के कारण उसे दिए गए सभी कार्यों को निरस्त कर दिया गया है। recent visitors 96

‘हमारी कोशिश आम सहमति बनाने की है’, एक देश एक चुनाव पर बोले जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी

नई दिल्ली। भाजपा सांसद और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने एक देश एक चुनाव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संसद के उन सदस्यों के बीच आम सहमति बनेगी जो जेपीसी का हिस्सा होंगे। भाजपा नेता ने कहा कि जेपीसी का प्रयास विधेयकों की "निष्पक्ष" तरीके से जांच करना होगा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि संसदीय पैनल इस मामले में प्रत्येक हितधारक की बात सुनेगा। भाजपा नेता पीपी चौधरी ने कहा, "हमारा प्रयास हर क्षेत्र के लोगों चाहे वह राजनीतिक दलों से हो या नागरिक समाज से हो या न्यायपालिका से सभी की बात सुनना होगा। हम सभी का इनपुट लेना चाहते हैं। हम सरकार की तरफ से पेश किए गए विधेयकों का निष्पक्ष तरीके से परीक्षण करेंगे। हमारा प्रयास आम सहमति तक पहुंचना होगा। मुझे विश्वास है कि हम देशहित के लिए काम करेंगे।" पीपी चौधरी ने बताया कि संबंधित मंत्रालय आज बैठक के पहले दिन सदस्यों को जानकारी देगा। उन्होंने कहा कि सबकी राय ली जाएगी कि आगे कैसे बढ़ा जाए। जेपीसी अध्यक्ष ने कहा, "आज पहले दिन सदस्यों को संबंधित मंत्रालय द्वारा जानकारी दी जाएगी। आगे कैसे बढ़ना है इस पर हम सबकी राय लेंगे।" बता दें कि जेपीसी को एक देश एक चुनाव की जांच करनी है, जिसमें लोकसभा के सदस्य कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और मनीष तिवारी, राकांपा-एसपी नेता सुप्रिया सुले, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और भाजपा के पीपी चौधरी बांसुरी स्वराज और अनुराग सिंह ठाकुर शामिल हैं। राज्यसभा के सदस्य भी इस पैनल का हिस्सा हैं। एक देश एक चुनाव को लागू करने के लिए दो विधेयक  संविधान 129वां संशोधन विधेयक 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2024 संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए गए थे। इसका उद्देश्य देशभर में लोकसभा और विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराना है। विधेयक की जांच और इस पर चर्चा के लिए इसे जेपीसी के पास भेजा गया है। विपक्षी नेताओं ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया। recent visitors 75

दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा दांव चला, ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का किया ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने 'सनातन सेवा समिति' के गठन का ऐलान किया है। इसे भाजपा के 'मंदिर प्रकोष्ठ' का जवाब माना जा रहा है। अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में भाजपा के मंदिर प्रकोष्ठ के कई सदस्यों को इस विंग में शामिल भी किया गया। पुजारियों और ग्रंथियों को मासिक 18 हजार रुपए का ऐलान कर चुकी पार्टी ने कई संतों की मौजूदगी में नई विंग की घोषणा की। आम आदमी पार्टी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संतों का स्वागत किया गया जिनमें जगतगुरु रामानुजाचार्य, स्वामी योगेश्वर महाराज, स्वामी अवधेश महाराज, कथावाचक आचार्य श्री मधुर दास जी महाराज, बालाजी महंत महेश चंद्र जी महाराज समेत अनेक संत और पुजारी शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल ने संतों को भगवा अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। संतों ने 18 हजार रुपए वाली घोषणा को लेकर केजरीवाल की तारीफ की। केजरीवाल ने कहा कि ऊपर वाला तय करता है कि किस काम के लिए उसे किसे चुनना है। उन्होंने कहा कि वह ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य क्रांति और बिजली सुधार के लिए उन्हें चुना। केजरीवाल ने कहा, 'अब सनातन धर्म के लिए जो इतना बड़ा काम किया जा रहा है, सनातन धर्म के लिए जो पुजारी वर्ग, संत वर्ग 24 घंटे काम करता है, जो लोगों और भगवान के बीच सेतु का काम करता है, उन लोगों के लिए सेवा करने का मौका हमें दिया, इसके लिए मैं अपने आप को और आम आदमी पार्टी को सौभाग्यशाली मानता हूं।' जो कहा है वह पूरा करेंगे: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा, 'भाजपा का एक मंदिर प्रकोष्ठ है वे लोग समय-समय पर वादे करते रहे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। आम आदमी पार्टी जो कहती है वह करती है। चाहे हम ऐलान करने में थोड़ी देरी कर दें, लेकिन ऐलान कर देते हैं तो रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन ना जाए। जो हम कह रहे है वह करेंगे। चुनाव बाद इसे लागू करेंगे। आप लोगों का इसमें गाइडेंस रहेगा सभी संतों और सनातन धर्म के लोगों का।' इमामों को पहले से मिल रहा पैसा, घेर रही थी भाजपा गौरतलब है कि अब तक इमामों को मासिक सहायता राशि देती आ रही आप सरकार ने कहा है कि एक बार फिर सत्ता मिली तो पुजारियों और ग्रंथियों को भी 18 हजार मासिक सम्मान राशि दी जाएगी। सिर्फ इमामों को वेतन देने की वजह से भाजपा लंबे समय से हमलावर थी और पुजारियों को भी वेतन देने की मांग उठा रही थी। चुनाव के ऐलान से ठीक पहले 'आप' ने वादा कर दिया कि चौथी बार सरकार मिलने पर पुजारियों और ग्रंथियों को भी सम्मान राशि दी जाएगी। recent visitors 62