राज्य कर्मचारियों का बीमा भी कराएगी सरकार, तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंगलवार को मंत्रालय परिसर में मंत्रालय कर्मचारी परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया। मंत्रालय परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कमल पुष्प की रजत प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राज्यकर्मी सम्मान और साधुवाद के पात्र हैं, क्योंकि इनकी कर्मठता और सामूहिक परिश्रम से ही मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। राज्यकर्मी सच्चे अर्थों में कर्म योगी है। ये प्रदेश की शासन और प्रशासन व्यवस्था की धुरी हैं। राज्यकर्मी पूरी निष्ठा और मेहनत से अपने पदीय दायित्व निभाएं, इनके सभी हितों और अनुलाभों (इंसेंटिव्स) का सरकार पूरा-पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी रिक्त पदों को क्रमश: भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्दी ही सभी रिक्त पद भरे जाएंगे। पदोन्नति वाले मसले पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के साथ चर्चा कर शासकीय सेवकों को पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता से सभी जरूरी कदम उठा रही है। जल्द ही मामले का सकारात्मक समाधान निकालकर पात्रों को पदोन्नति दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी राज्य कर्मचारियों का बीमा कराने की मंशा से आगे बढ़ रही है। सरकार की मंशा है कि सभी राज्य कर्मियों के खुद के मकान भी हों। राज्य कर्मियों को अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में सरकार मदद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कर्मचारी-अधिकारी की क्षमता और योग्यता का पूरा लाभ लेंगे और प्रदेश की बेहतरी के लिए उसका सदुपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यकर्मी शासन व्यवस्था का अभिन्न अंग है इसलिए इनके हित संवर्धन के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में प्रदेश का हित है और प्रदेश के हित में ही राष्ट्र का हित है। कार्यक्रम के संयोजक श्री सुभाष वर्मा द्वारा स्वागत उद्बोधन देकर केन्द्र सरकार के समान राज्य कर्मियों को महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, सचिवालय भत्ता व अन्य सभी कर्मचारी हितैषी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया और अपना मांग पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं भारत माता के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय परिवार द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया और यात्रा को उसके गंतव्य स्थल की ओर रवाना किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप, क्षेत्रीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री कुलदीप गुर्जर, श्री घनश्याम दास भकोरिया, श्री संजय राठौर, श्री जी.पी. सिंह सहित मंत्रालयीन अधिकारी कर्मचारी संघों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मंत्रालय के कर्मचारी बन्धु उपस्थित थे।   recent visitors 50

स्टील्थ फाइटर जेट ने उड़ाई दुश्मनों की नींद, चीन-पाक डम-डम के बीच भारत का बड़ा दांव

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना को पांचवी जेनरेशन के अति आधुनिक डीप पेनेट्रेशन एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को स्वदेश में ही विकसित करने की मेगा परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। नए फाइटर जेट को मंजूरी: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पांचवी जनरेशन के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम (एएमसीए) परियोजना के कार्यान्वयन माडल को मंगलवार को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) उद्योग भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वित करने के लिए तैयार है। कितनी लगेगी लागत: परियोजना की शुरुआती विकास लागत करीब 15000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। घरेलू फर्म बनाएंगी: रक्षा मंत्रालय का यह कदम देश की सरकारी और निजी कंपनियों के लिए संयुक्त भागीदारी में देश में पांचवी पीढ़ी के आधुनिक लड़ाकू विमानों के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।  एएमसीए के कार्यान्वयन मॉडल को रक्षा क्षेत्र से जुड़ी सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों के लिए बेहतर बताते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसमें निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों को प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण से समान अवसर मिलेगा। विश्व के बदलते सामरिक परिदृश्य में युद्ध के बदलते आयामों में भारत के लिए पांचवी पीढ़ी के आधुनिक लड़ाकू जेट अनिवार्य जरूरत नजर आ रहे हैं। भारत अपनी वायु शक्ति क्षमता को बढ़ाने के लिए एडवांस्ड स्टील्थ फीचर्स के साथ मीडियम वेट डीप पेनेट्रेशन फाइटर जेट विकसित करने की महत्वाकांक्षी एएमसीए परियोजना पर काम कर रहा है। निजी कंपनियों की भागीदारी: निजी और सरकारी क्षेत्र की कंपनियां स्वतंत्र रूप से या संयुक्त उद्यम या कांर्सोटियम के रूप में बोली लगा सकती हैं। हालांकि, इसमें शर्त होगी कि संयुक्त उद्यम में बोलीदाता एक कंपनी अनिवार्य रूप से भारतीय होनी चाहिए जो देश के कानूनों और नियमों का अनुपालन करती हो। स्क्वाड्रन की कमी दूर होगी: भारतीय वायुसेना के पास मौजूदा समय में 31 स्क्वाड्रन हैं, जो स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन से काफी कम हैं। इसलिए भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और एक मजबूत घरेलू एयरोस्पेस औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वदेशी इंजन का विकास: भारत का रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अपने स्वदेशी विमान इंजन GTRE GTX-35VS कावेरी इंजन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। यह इंजन मुख्य रूप से  लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के लिए है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह एएमसीए विमानों का प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए स्वदेशी विशेषज्ञता, क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चीन की बढ़ती ताकत: हमारा पड़ोसी देश चीन अपनी वायुसेना का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसके साथ ही वह हमारे दुश्मन देश पाकिस्तान की भी खुलकर मदद कर रहा है। चीन ने अपनी छठवीं पीढ़ी का विमान J-36 बनाकर इसका परीक्षण भी कर लिया है। ऐसे में देश की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना का मजबूत करने के लिए यह जरूरी है। यह एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। बता दें कि कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति ने पिछले साल लड़ाकू जेट विकास कार्यक्रम को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। परियोजना की शुरुआती विकास लागत करीब 15000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। भारतीय वायुसेना एएमसीए परियोजना की दीर्घकालिक आवश्यकता को देखते हुए इस पर जोर दे रही है। लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के विकास के बाद एएमसीए के तहत लड़ाकू विमान विकास परियोजना का अगला चरण है। recent visitors 88

आज MP सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय

विशेष लेख भोपाल एक समय था जब महिलाएं सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन आज मध्यप्रदेश में हालात बदल रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय है। यह बदलाव धीरे-धीरे हर घर, हर गांव और हर शहर में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत होकर सक्रियता पूर्वक कार्य कर रहे है। उनका कहना है कि हम नारी सशक्तिकरण को केवल योजना के रूप में नहीं जन आंदोलन के रूप में देख रहे है। नारी शक्ति मिशन हमारे इस दृष्टिकोण का विस्तार है जिसमें हर जिले से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा अब “अपना सुरक्षित आवास” प्रदेश में इंदौर और भोपाल में 250 बेड क्षमता के 3 वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित है। इसके अतिरिक्त "स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट"  योजना में वर्ष 2024-25 में 5412 बिस्तरीय 8 नये हॉस्टलों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 4 महिला एवं बाल विकास विभाग और 4 उद्योग विभाग द्वारा संचालित किये जायेगे। इसमें सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में 100-100 बिस्तरों के 4 हॉस्टलों के लिए 40.59 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब घर से दूर काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा। जब ज़िंदगी मुश्किल हो, तब साथ देता है वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर पहले से ही संचालित हैं। जिनके माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 763 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। अब 8 और नए सेंटर मंजूर किए गए हैं- पेटलावद, पीथमपुर, मनावर, लसूडिया, साबेंर, मैहर, पांढूर्णा और मऊगंज में वन स्टॉप सेंटर की मंजूरी दी गई है। अब तक कुल एक लाख 27 हजार 94 संकटग्रस्त महिलाओं को इन केन्द्रों से लाभ मिल चुका है।  एक कॉल, और मदद हाजिर महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को अब 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है। यानी अब कोई भी महिला मुसीबत में हो तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस, काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी मदद सब एक साथ मिल सकती है। वर्ष 2024-25 में लगभग 82 हजार 552 महिलाओं को त्वरित सहायता मिली है। योजना के प्रारंभ से अब तक एक लाख 57 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। बहनों के हक की कमाई: सीधे उनके हाथ में लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1551.86 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में पहुंच रही है। न केवल पैसा, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी दी जा रही है ताकि बहनें सिर्फ उपभोक्ता नहीं, डिजिटल युग की सहभागी बनें। छोटे कदम, बड़ी उड़ान – लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2 लाख 73 हजार 605 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ और लगभग 223 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति यूनि-पे के जरिए वितरित की गई। अब तक कुल 50 लाख 41 हजार 810 बेटियां इस योजना का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विगत वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मध्यप्रदेश द्वारा शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 30 हजार 929 हितग्राही महिला पंजीकृत किये गये। आत्म-निर्भरता की राह पर महिला उद्यमिता मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना ने हजारों महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण दिलाकर उनके छोटे-छोटे व्यवसायों को सहारा दिया है। अब महिलाएं न सिर्फ घर चला रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। अब तक 30 हजार 264 महिला समूहों और 12 हजार 685 महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 648.67 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है। कठिन वक्त में “शक्ति-सदन” बन रहा सहारा ऐसी महिलाएं और बच्चियां जो बेहद कठिन हालात में हैं, उनके लिए 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित किये जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षित अस्थायी आश्रय मिलता है। वर्ष 2024-25 में एक हजार 824 महिलाएं और 461 बच्चे लाभान्वित हुए है। आगामी समय में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में शक्ति सदन स्थापित किये जायेगें। सशक्त वाहिनी से बदलाव- 156 को मिली नौकरी ‘सशक्त वाहिनी’ के तहत हजारों बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्म रक्षा प्रशिक्षण मिला है। इसके तहत 11 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 156 युवतियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ। साथ ही 2.6 लाख से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान में भाग लिया। एक राज्य, एक संकल्प – नारी शक्ति को देना सम्मान राज्य सरकार द्वारा नारी शक्ति मिशन के तहत जिला, परियोजना और ग्राम स्तर पर 100 दिवसीय जागरूकता "हम होंगे कामयाब अभियान" चलाया गया। इसमें प्रदेश में जेंडर संवादों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सायबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की महिलाओं को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना भी सिखाया गया। निश्चित ही सरकार के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में महिलाएँ स्वाबंलबी हो रही है और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।   बिन्दु सुनील   recent visitors 66

बीते नौ दिनों में कोविड-19 से संक्रमित 11 लोगों की मौत, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा एक्टिव केस

नई दिल्ली  देशभर कोरोना के मामलों में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कई राज्यों में हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। देशभर में कोरोना से इस साल अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 1047 हो गई है। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा 430 एक्टिव केस केरल में हैं। महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 104 और गुजरात में 83 केस हैं। कर्नाटक के 80 केसों में से सिर्फ 73 बेंगलुरु में हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। ठाणे में ही 25 मई  को अस्पताल में इलाज करा रहे 21 साल के युवक की मौत हो गई। उसका 22 मई से इलाज चल रहा था। वहीं, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी मौतें हुईं हैं। जयपुर में सोमवार को कोरोना के दो मरीजों की मौत हो गई। इनमें से एक रेलवे स्टेशन पर मृत मिला था। उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दूसरी मौत प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 26 साल के युवक की हुई। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं। भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं। बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि, निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता। भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं। JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं।   recent visitors 58

मंत्री राजवाड़े ने आश्रम में बुजुर्गों से उनके स्वास्थ्य, खानपान, मनोरंजन एवं दैनिक आवश्यकताओं की जानकारी ली

रायपुर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित शासकीय नवीन वरिष्ठजन आश्रम का औचक निरीक्षण  किया। उन्होंने आश्रम परिसर में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी और जरूरतों के संबंध में जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बुजुर्गों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारी सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की दिशा में तत्पर है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आश्रम की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए साफ-सफाई की स्थिति को और बेहतर बनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने आश्रम में स्वच्छता संबंधी मानकों का कठोरता से पालन करने तथा नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आश्रम में बुजुर्गों से आत्मीयता के साथ चर्चा करते हुए उनके स्वास्थ्य, खानपान, मनोरंजन एवं दैनिक आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस मौके पर आश्रम में निवासरत कई बुजुर्गों ने उनके समक्ष अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बुजुर्गों के सुझाव को गंभीरता से लेते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने आश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आश्रम प्रबंधन समिति के सदस्यगण तथा कर्मचारीगण उपस्थित थे। recent visitors 66

ग्वालियर की सड़कों पर अब नहीं दौड़ेंगे पुराने वाहन, कबाड़ में भेजने के आदेश

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में वायु प्रदूषण सुधारने की ओर कलेक्टर ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग को एक निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार अब जिले की सड़कों पर 20 वर्ष से अधिक पुराने निजी वाहन और 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर नहीं आएंगे। अगर ऐसा वाहन चलता मिलता है तो परिवहन विभाग इनको जब्त कर लेगा। जहां से इन्हें परिवहन विभाग के स्क्रैप केंद्र भेज दिया जाएगा। कलेक्टर ने तीन दिन में मांगी सूची कलेक्टर रुचिका चौहान ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को ऐसे वाहनों की सूची तीन दिन में पेश करने का निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सरकार के प्रावधान को भी प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रावधानों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त सूची के आधार पर वाहनों का चलना प्रतिबंधित किया जाएगा। अब सड़कों पर न चलें पुराने वाहन कलेक्टर ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए हैं. शासन के प्रावधानों एवं प्रदूषण को देखते हुए ग्वालियर जिले में पुराने वाहन सड़क पर न चलें. इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. निजी एवं शासकीय वाहनों के उपयोग की समय-सीमा शासन द्वारा निर्धारित की गई है. बारिश से पहले सड़कों का पूरा हो निर्माण कलेक्टर ने बरसात से पूर्व सड़कों की मरम्मत के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभाग की सभी सड़कों की मरम्मत बरसात से पहले करा लें. इसके साथ ही पुल-पुलियों की मरम्मत कराएं और शामन बोर्ड जरूर लगवाएं. शाइन बोर्ड पर ग्लोशाइन पट्टी भी लगाई जाए ताकि अंधेरे में भी नागरिकों को दिखाई दे सकें.  जिले में 12 लाख 53 हजार वाहन रजिस्टर्ड ग्वालियर जिले में लगभग 12 लाख 53 हजार वाहन रजिस्टर्ड है। इनमें 01 लाख 33 हजार निजी वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने शामिल है। वहीं प्रदेश में लगभग 13 लाख 50 हजार वाहन स्क्रैप कराने लायक है। इनमें दो पहिया,तीन पहिया और चार पहिया वाहन शामिल है। निजी वाहन स्क्रैप कराने पर रोड टैक्स में 25% की छूट मिलेगी। वहीं कमर्शियल वाहन पर 15% तक की रोड टैक्स की छूट मिलेगी। शासन द्वारा अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर डिस्पोजल करने पर ही यह छूट दी जाएगी। recent visitors 63

मोहन सरकार ने ट्रांसफर की तारीख बढ़ाई, अब इस दिन तक कर सकेंगे तबादले के लिए आवेदन

भोपाल  मध्य प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। तबादले के लिए ज्यादा आवेदन के चलते यह फैसला लिया गया है। आइए जानते है एमपी में कब तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। मध्य प्रदेश में तबादले को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है। शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक आवेदन आए है। सबसे ज्यादा ट्रांसफर की मारामारी स्कूल शिक्षा विभाग में है, जहां 35 हजार आवेदन आ चुके हैं। राजस्व में 8 हजार और स्वास्थ्य में 4 हजार से ज्यादा तबादलों के आवेदन आए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। 10 जून तक हो सकेंगे टांसफर मध्यप्रदेश सरकार ने तबादलों की तारीफ 31 मई से बढ़ाकर 10 जून कर दी है इसके बाद अब प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी अपने ट्रांसफर के लिए 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं। यहां बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले तीन साल से ट्रांसफर पर प्रतिबंध था जो बीते दिनों हटाया गया है और अब नई तबादला नीति के तहत ट्रांसफर हो रहे हैं। एमपी के सरकारी कर्मचारी-अधिकारी अब 10 जून तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले प्रदेश सरकार ने तबादले के लिए आवदेन की तिथि 31 मई निर्धारित की थी। आपको बता दें कि प्रदेश में पिछले तीन सालों से ट्रांसफर पर प्रतिबंध था। अब नई तबादला नीति के तहत ट्रांसफर होने हैं। ट्रांसफर के लिए आए ज्यादा आवेदन तीन साल बाद ट्रांसफर विंडो खुलने से प्रदेश में तबादले को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है। शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक आवेदन आए हैं। सबसे ज्यादा ट्रांसफर की मारामारी स्कूल शिक्षा विभाग में है, जहां 35 हजार आवेदन आ चुके हैं। राजस्व में 8 हजार और स्वास्थ्य में 4 हजार से ज्यादा तबादलों के आवेदन आए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। recent visitors 57