मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

जल बचायें, क्योंकि जल की हर बूंद में समाया है जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शीतलदास की बगिया में घाटों की सफाई की सफाई मित्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की सुबह भोपाल शहर स्थित शीतलदास की बगिया पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के घाटों की सफाई में सेवा कार्य (श्रमदान) किया और सफाई मित्रों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां घाटों की सफाई की। मुख्यमंत्री ने सफाई नौका में बैठकर सफाई कर्मियों से चर्चा की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने की आत्मीय अपील भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से आव्हान किया कि हर संभव तरीके से जल बचाईये, क्योंकि जल की हर बूंद में जीवन है, अमृत है। इसकी हर बूंद में हमारा सुनहरा भविष्य समाया है। जल बचाना हमारी आज की जरूरत भी है और बेहतर कल के लिए जिम्मेदारी भी। आज जल बचेगा, तभी हमारा कल सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी संभव उपाय किये जायें। जल बचाना सिर्फ सरकार की ही क्यूं, पूरे समाज, हर वर्ग, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। आज जल सहजेंगे, तभी तो हमारा आने वाला कल संवरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत उपयोग के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जिसके तहत पुरानी बावड़ियों, कुंओं, तालाबों, सरोवरों और अन्य परम्परागत जल स्रोतों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अपने-अपने स्तर पर पानी बचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है, यह पुण्य भावना प्रदेश के हर नागरिक के मन में होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफाई मित्रों को "सफाई दूत" निरुपित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि हमारे जीवन की शैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि अपने घर, आस-पड़ोस और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय सहभागिता दें और जल स्रोतों की स्वच्छता व संरक्षण को प्राथमिकता दें। बड़ा बाग की पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन भी किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शीतलदास की बगिया से बड़ा बाग स्थित ऐतिहासिक पुरानी बावड़ी पहुंचें और वहां जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम भोपाल द्वारा कराए जा चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार "विरासत से विकास" की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और पुरानी विरासतों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल संरक्षण के लिए अद्भुत व्यवस्थाएं बनाई थीं। आज जरूरत है कि हम उन ऐतिहासिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन करें और उन्हें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संजोकर रखें। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' में सबकी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य पूरी गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ पूर्ण किए जाएं। इस दौरान लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम सभापति किशन सूर्यवंशी, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त, अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। बड़े बाग की पुरानी बावड़ी नगर निगम भोपाल के जोन क्रमांक 05 वार्ड क्रमांक 09 में स्थित जल संरचनाओं में बड़े बाग की बावड़ी का महत्वपूर्ण स्थान है। बावड़ी का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व किया गया था। बावड़ी तीन मंजिला है, इसकी दीवार सीढियों और मुंडेर से लेकर मेहराब तक बेल पत्तियां बनी है। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर निगम भोपाल द्वारा इस बावड़ी से प्लास्टिक वेस्ट, फ्लोटिंग पदार्थ एवं लगभग 40 क्यूबिक मीटर सिल्ट निकाली गयी। बावड़ी की दीवारों से नुकसानदेह खरपतवार को अलग किया गया, जिससे बावड़ी की आवक क्षमता 2000 लीटर प्रति घंटा हो गयी है। वर्तमान में इसके जल का उपयोग निस्तार कार्यों में हो रहा है। बावड़ी में दीवारों एवं सीढ़ियों की मरम्मत कर इनकी रंगाई-पुताई, पलेग स्टोन बिछाने एवं लोहे की जाली (फेब्रीकेशन) लगाने का कार्य भी किया गया है।   recent visitors 59

युक्तियुक्तकरण से विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा- मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। मुख्यमंत्री साय  ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा। स्कूल शिक्षा सचिव ने जानकारी दी कि एक ही परिसर में पढ़ाई की निरंतरता बने रहने से बच्चों की ड्रॉपआउट दर घटेगी, और छात्र ठहराव दर में सुधार होगा।शालाओं के युक्तियुक्तकरण से बच्चों को बार-बार प्रवेश लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी शिक्षा यात्रा अधिक सहज और निरंतर होगी। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से विद्यालय परिसरों में बेहतर अधोसंरचना तैयार करना भी सरल होगा, जिसमें पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल सुविधाएं साझा की जा सकेंगी। राज्य सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित क्लस्टर विद्यालय अवधारणा के अनुरूप है, जहां एकीकृत परिसर में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि  इस प्रक्रिया में केवल प्रशासनिक समन्वय किया गया है, न कि किसी पद को समाप्त किया गया है। इस कदम से शिक्षकों का न्यायसंगत वितरण संभव होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक सुलभ रूप से उपलब्ध हो सकेगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छात्रों और शिक्षकों के अनुपात के प्रावधानों का पालन करते हुए युक्तियुक्तकरण किया गया है, जिसकी राज्य में  शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। "छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल वर्तमान शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी, सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था का आधार तैयार करेगी।स्कूल शिक्षा विभाग का स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का दूरदर्शी निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा मंर एक सशक्त पहल है।युक्तियुक्तकरण से न केवल शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। यह छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" recent visitors 59

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत, ITR फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ी, जानें कब तक कर सकते हैं दाखिल

नई दिल्ली इनकम टैक्स विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समयसीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दी है। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा में यह विस्तार टैक्सपेयर्स को दस्तावेज एकत्र करने और दिशा-निर्देशों और अनुपालन मानदंडों में बदलावों के साथ तालमेल बिठाने के लिए अधिक समय प्रदान करेगा। आईटीआर फॉर्म, सिस्टम डेवलपमेंट की जरूरतों और टीडीएस क्रेडिट रिफ्लेक्शन में कई महत्वपूर्ण संशोधन हुए हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ट्वीट किया, "इससे सभी के लिए एक सहज और अधिक सटीक फाइलिंग अनुभव सुनिश्चित होगा। औपचारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी।" यह फैसला इस साल ITR फॉर्म में किए गए महत्वपूर्ण अपडेट, फाइलिंग सिस्टम में आवश्यक समायोजन और TDS क्रेडिट रिफ्लेक्शन में देरी के मद्देनजर लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, आईटीआर की डेडलाइन सभी कैटेगरी के टैक्‍सपेयर्स के लिए एक सहज और अधिक सटीक टैक्‍स फाइलिंग अनुभव सुनिश्चित करना है. CBDT ने कहा कि संशोधित समयसीमा के बारे में औपचारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी. यह विस्तार सैलरीड कर्मचारी, कारोबारी और अन्य नॉन-ऑडिट टैक्‍सपेयर्स को बहुत जरूरी राहत प्रदान करता है, जिन्हें आम तौर पर फाइलिंग सीजन के दौरान अंतिम समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. टैक्‍सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे अतिरिक्त समय का उपयोग फॉर्म 26AS को सत्यापित करने, टीडीएस क्रेडिट का मिलान करने और सटीक रिटर्न दाखिल करने में करें. 12 लाख तक की टैक्‍स छूट,लेकिन… गौरतलब देश में 1 अप्रैल 2025 से न्यू टैक्स रिजीम लागू हो चुके हैं. 12 लाख की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. इसके अलावा न्यू टैक्स रिजीम के साथ 75000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन का भी लाभ मिलने वाला है. यानी जिनकी सैलरीड इनकम सालाना 12.75 लाख रुपये है, उन्हें कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा. बता दें, इससे पहले न्यू टैक्स रिजीम 7 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता था. इसका सबसे ज्यादा फायदा मिडिल क्लास को होना है. हालांकि आईटीआर भरने में इस बार 12 लाख टैक्‍स छूट का लाभ नहीं मिलेगा, क्‍योंकि यह आईटीआर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भरा जाएगा और टैक्‍स छूट वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिया गया है.   ITR की लास्‍ट डेट चूकने के बाद क्‍या होगा? अगर आपने नियत तिथि तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है, जो अब 15 सितंबर, 2025 है, तो आपके पास अभी भी विलंबित रिटर्न दाखिल करने का विकल्प है. हालांकि आपको लागू विलंब शुल्क देना पड़ेगा, लेकिन अधिकांश कटौती और छूट उपलब्ध रहेंगी.  वहीं आप किसी भी नुकसान को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए विलंबित रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 है. recent visitors 51

एम्स भोपाल ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कसी कमर, 20 बेड का वार्ड तैयार,टास्क फोर्स का किया गठन

भोपाल देश में कोरोना के दो नए वैरिएंट के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। मध्यप्रदेश में अब तक इंदौर में 6 मामले ही सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य संस्थाओं को सारी तैयारियां करने के निर्देश भी दिए हैं। एम्स भोपाल ने भी कोरोना मरीजों के उपचार के लिए तैयारियां तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक एम्स में 20 बेड का जनरल वार्ड तैयार कर लिया गया है। वहीं वेंटीलेटर से युक्त एक आईसीयू भी कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। जबकि जिला अस्पताल जेपी और हमीदिया में किसी तरह की तैयारी नहीं दिख रही है। लोगों को जागरूक होना जरूरी कोरोन के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट (जेएन. 1) के दो सब-वैरिएंट (एनबी. 1.8.1 और आईएफ 7) एक्टिव हैं। एमपी में अभी तक इंदौर में 6 मरीज मिले हैं। जिसमें से एक वृद्धा की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को जागरूक होना जरूरी है। जो लोग विदेश से यात्रा कर लौटे हैं, उन्हें एहतियातन जांच कराना चाहिए। यदि सर्दी-जुकाम या वायरल से पीड़ित होते हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं और ट्रैवल हिस्ट्री भी न छिपाएं। चार साल में धूल खा रही मशीन हमीदिया अस्पताल में कोरोना के वैरिएंट की जांच करने वाली जीनोम सिक्वेसिंग मशीन धूल खा रही है। गौरतलब है कि चार साल पहले कोरोना लहर के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने जीएमसी में पांच करोड़ रुपए की लागत से जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन स्थापित की थी। लेकिन तब से अब तक इस मशीन से एक भी टेस्ट नहीं हो सका। यही नहीं जीएमसी की वायरोलॉजी लैब की हालत भी खराब है। यहां कोरोना टेस्ट के लिए रिएजेंट तक नहीं है।  नए वेरिएंट से डर नहीं बचाव है जरूरी एक बार फिर कोरोनावायरस (Coronavirus in Madhya Pradesh) ने अपना डरावना रूप दिखाना शुरू कर दिया है. भारत के भी 20 राज्यों में Covid-19 मरीजों की बड़ी संख्या सामने आ रही है. कोविड-19 के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रकोप के असर से मध्य प्रदेश भी अछूता नहीं है. इंदौर और उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. अब कोविड के नए रूप के बीच एमपी और राजधानी भोपाल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या हाल है और खुद को कैसे बचाना है, भोपाल के वरिष्ठ डॉक्टर सुरेशचंद्र शर्मा से जानिए. कोरोनावायरस के नए वेरिएंट के बढ़ते असर के बीच भोपाल के रेडक्रॉस हॉस्पिटल में एडिशनल सुपरीटेंडेंट वरिष्ठ डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि इस नए वायरस का राजधानी भोपाल में अब तक तो कोई खास असर नहीं दिखा है, हां बस वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है लेकिन वो कोविड नहीं है. कोरोना का ये वेरिएंट जरूर नया है, पर हमें अपनी वही पुरानी आदत जैसे- मास्क लगाना और लगातार हाथ धुलने की आदत को अपनाना होगा. कोरोना के खिलाफ एक ही ब्रह्मास्त्र कोविड-19 के दो नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 के भारत में केस मिलने के बाद पब्लिक में डर को लेकर डॉ शर्मा ने कहा कि इस वायरस से डरने की नहीं बल्कि हमें वही अपनी पुरानी आदतों को अपनाना होगा. इसके साथ ही कोरोना के खिलाफ हमें सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र यानी सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करना है. इसके साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अभी जाने से बचना है. बाकी इस बीमारी में डर नहीं बस सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य प्रदेश कोविड से लड़ाई को कितना तैयार? दुनियाभर के कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते केस का डर भारत में भी दिखने लगा है. जिसके चलते केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकारें भी स्वास्थ सुविधाओं को पुख्ता करने में जुट गई हैं. कोरोना के इस नए वेरिएंट से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने भी सभी जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा है. जिसके बाद राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सीएमएचओ समेत बड़े अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया. भोपाल के सीनियर डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने तैयारियों को लेकर कहा कि भोपाल पूरी तरह से कोरोना के इस नए हमले से लड़ने को तैयार है. नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। एम्स पूरी तरह तैयार है। समय पर जांच, बेहतर इलाज और सही जानकारी देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को सही जानकारी मिले और डर की जगह सतर्कता बरती जाए। संस्थान ने तेज जांच और इलाज के लिए जरूरी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया है।   recent visitors 52

MP में पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए मंगलवार को 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया. गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन अधिकारियों को एडिशनल एसपी और डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदोन्नत कर नई नियुक्तियाँ दी गई हैं. प्रमुख रूप से, 2013 बैच के सहायक सेनानी संजय कौल को डिप्टी कमांडेंट बनाकर 14वीं बटालियन SAF ग्वालियर में तैनात किया गया है. वहीं, नीरज कुमार ठाकुर को 25वीं बटालियन भोपाल में डिप्टी कमांडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. भोपाल मुख्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारियों को AIG स्तर पर पदोन्नति दी गई है, जिनमें रवि कुमार द्विवेदी, अलरिज बिसेंट सिंह, विपिन शिल्पी और स्वाति मुराब वाडेकर शामिल हैं. विशेष शाखा, SAF, RAPTC, हॉक फोर्स, हाईकोर्ट सुरक्षा, और जिला इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है. गीता डोंगरे चौहान को एएसपी पीटीसी इंदौर, नरेश बाबू अन्नोटिया को एएसपी ट्रैफिक इंदौर और दीपक नायक को एडिशनल डीसीपी सुरक्षा भोपाल नियुक्त किया गया है. गृह विभाग ने जारी किया आदेश, पुलिस विभाग में संतुलन बनेगा इसके अलावा, रणजीत सिंह राठौर, सुभाष शर्मा, वेदांत प्रकाश शर्मा, सूरजमल राजोरिया, अजय प्रिय आनंद और निहित उपाध्याय सहित कई अधिकारियों को अलग-अलग बटालियनों और इकाइयों में डिप्टी कमांडेंट के पद पर नियुक्त किया गया है. गृह विभाग की इस कार्यवाही को पुलिस महकमे के भीतर नेतृत्व और जिम्मेदारियों में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. दीपक नायक, अमित कुमार, नदीम को भोपाल में मिली जिम्‍मेदारी दीपक नायक, सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा भोपाल में नियुक्त किया गया है. अमित कुमार मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (स्टाफ ऑफिसर), पुलिस कमिश्नर कार्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. नदीम उल्लाह खान, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल को उप सेनानी, सुरक्षा वाहिनी, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. सुरेश कुमार दामले, एसडीओपी बरेली, जिला रायसेन को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भोपाल नियुक्त किया गया है. नरेश बाबू, गीता डोंगरे को इंदौर में मिली नई जिम्‍मेदारी नरेश बाबू अन्नोटिया, सहायक पुलिस आयुक्त ट्रैफिक जोन 1, नगरीय पुलिस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस उपयुक्त ट्रैफिक, इंदौर में पदस्थ किया गया है. गीता डोंगरे चौहान, उप पुलिस अधीक्षक पीटीएस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इंदौर में पदोन्नति दी गई है. अजय प्रिय आनंद बालाघाट तो निहित उपाध्याय पहुंचे छिंदवाड़ा अजय प्रिय आनंद, सहायक सेनानी 23वीं बटालियन भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थ किया गया है. निहित उपाध्याय, सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा में नियुक्त किया गया है. रविंद्र कुमार बोयट, एसडीओपी मूंदी, नर्मदा नगर जिला खंडवा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आगर मालवा में पदस्थ किया गया है सुजीत सिंह भदौरिया, एसडीओपी पोहरी, जिला शिवपुरी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला दमोह में तैनाती मिली है. ज्योति उमठ, नगर पुलिस अधीक्षक गुना को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन में पदोन्नत किया गया है. भावना मरावी, एसडीओपी गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर में पदस्थ किया गया है. recent visitors 52

सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि इंदौर की आधुनिकता की ओर बढ़ती दिशा का प्रतीक भी

इंदौर भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक नये युग में प्रवेश करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार 31 मई, 2025 को भोपाल से वर्चुअली इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्री सेवा का  शुभारंभ करेंगे। यह लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा येलो लाइन का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर है। इसमें पाँच स्टेशन गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 6 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 5 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 4 स्टेशन और सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर ट्रैफिक और प्रदूषण कम करेगा, साथ ही यात्रियों को आरामदायक सफर प्रदान करेगा। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि इंदौर की आधुनिकता की ओर बढ़ती दिशा का प्रतीक भी है। इंदौर में 31.32 किलोमीटर का मेट्रो प्रोजेक्ट इंदौर में कुल 31.32 किलोमीटर लम्बाई का मेट्रो प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट में 22.62 किलोमीटर एलेवेटेड एवं 8.7 किलोमीटर भूमिगत मेट्रो है। मेट्रो की येलो लाइन पर 28 स्टेशन होंगे, जो शहरी यात्रा को आसान, तेज़ और पर्यावरण के अनुकूल बनायेंगे। मेट्रो के 31.32 किलोमीटर के सम्पूर्ण प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 हजार 500 करोड़ रूपये है। प्रारंभिक तौर पर 6 किलोमीटर के कॉरिडोर का उद्घाटन किया जा रहा है इसकी लागत लगभग 1520 करोड़ रूपये है। यह परियोजना इंदौर को एक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इंदौर मेट्रो की खास बातें •      वातानुकूलित, प्रदूषण रहित आधुनिक कोच •      एक ट्रेन की यात्री क्षमता : लगभग 980 यात्री •      सभी स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा •      दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि और स्पर्शनीय टाइलें •      सभी स्टेशन व डिपो पर CCTV कैमरे और अग्निशमन उपकरण •      यात्रियों की सुरक्षा के लिये आपातकालीन बटन और इंटरकॉम •      दृष्टिहीन यात्रियों के लिए ऑडियो अनाउंसमेंट प्रणाली •      मेट्रो स्टेशनों पर व्हील-चेयर, बैठने की सुविधा, शौचालय और पीने का पानी recent visitors 63

जिहादी दरिंदे मोहसिन खान पर पांचवा केस दर्ज, नाबालिग को 15 दिन तक बंधक बनाकर रखा और सामूहिक दुष्कर्म किया

 इंदौर  हिंदू युवतियों  के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी शूटिंग कोच मोहसिन के खिलाफ अन्नपूर्णा पुलिस ने पांचवां प्रकरण दर्ज किया है। मोहसिन ने नाबालिग को 15 दिन तक बंधक बनाकर रखा और भाई इमरान व दोस्त फैजान के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में एसआईटी गठित की है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म, बार-बार दुष्कर्म, धोखाधड़ी सहित 14 धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। उधर, कोर्ट ने आरोपी मोहसिन को छह दिन के रिमांड पर सौंपा है। मदद के नाम पर किया धोखा     पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पिता की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिचित ने मोहसिन के सिल्वर ऑक्स कॉलोनी स्थित फ्लैट पर साफ-सफाई का काम दिलवाया। फरवरी 2020 में काम शुरू किया था। एक दिन आरोपी ने कहा कि अच्छे से रहा कर। इसी बहाने बुरी नीयत से शरीर पर हाथ लगाया। तब मेरी आयु 17 वर्ष थी। इसके बाद वह रोजाना गंदी हरकत करने लगा। कभी गोद में बैठा लेता था। मना करने पर कहता था यह काम भी करना पड़ेगा। वह नए कपड़े पहनने के लिए देता था। वह स्वयं ही कपड़े उतारता था और पहनाता था। मोहसिन ने अप्राकृतिक संबंध बनाए। लॉकडाउन में खाना बनाने के बहाने बुलाया था घर पीड़िता ने बताया मोहसिन से मिलने उसका भाई इमरान और दोस्त फैजान आया करते थे, इन्होंने ने भी मुझे बुरी नीयत से हाथ लगाया। लॉकडाउन में खाना बनाने के बहाने घर पर बुलाया। तीनों ने 15 दिन बंधक बनाकर रखा और सामूहिक दुष्कर्म किया। मोहसिन अश्लील वीडियो दिखाता था। सामूहिक दुष्कर्म के दौरान आरोपियों ने वीडियो भी बनाए थे। पहली बार एसआईटी गठित मामले में बारीकी से हर पहलुओं पर जांच करने पुलिस उपायुक्त ऋषिकेश मीणा ने एसआईटी गठित की है। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ितों के बयानों पर गंभीरता से जांच होगी। वीडियो फुटेज भी देखे जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूरे घटनाक्रम का अलग-अलग ब्योरा लिया जाएगा। आरोपी का मोबाइल जब्त किया है। मोबाइल से सारी चैटिंग डिलीट कर दी थी, जिन्हें दोबारा खोला जाएगा। मोबाइल की भी फोरेंसिक जांच होगी। बता दें कि यह पहली बार है जब लव जिहाद के मामले में विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह टीम पीड़ितों के अलावा एकेडमी के सभी विद्यार्थियों से बात कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। खुलासा -जबरन मांस खिलाया… धर्म परिवर्तन कर शादी के लिए किया मजबूर अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में लव जिहाद और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार मोहसिन खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने मोहसिन व उसके साथियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। लॉकडाउन के दौरान हुई इस घटना में पीड़िता ने मोहसिन के अलावा उसके भाई इमरान और एक जिम ट्रेनर फैजान पर भी कई बार गैंगरेप करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, उसे 15 दिनों तक अन्नपूर्णा रोड स्थित सिल्वर ऑक्स कॉलोनी की एक मल्टी में बंद कर रखा गया। इस दौरान उसे भूखा-प्यासा रखा गया और बार-बार शारीरिक शोषण किया गया। मोहसिन के दोस्त इमरान और फैजान भी फ्लैट पर आते था और कई बार एक साथ, तो कभी अलग-अलग पीड़िता के साथ दुष्कर्म करता था। पीड़िता का कहना है कि इमरान, मोहसिन का सगा भाई है जबकि फैजान एक जिम में ट्रेनर है और समय-समय पर एकेडमी में आता-जाता रहता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने घटना के वीडियो भी बनाए और वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रहने को कहा। मानसिक प्रताड़ना के चलते वह लंबे समय तक किसी से कुछ नहीं कह पाई। लेकिन हाल ही में मोहसिन पर मीडिया में आ रही खबरों के बाद उसने हिम्मत जुटाई और हिन्दू संगठन की मदद से थाने पहुंची। सोमवार शाम को पीड़िता ने अन्नपूर्णा थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जबरन मांस खिलाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तीनों आरोपी उसे जबरन मांस खाने के लिए दबाव डालते थे, और इंकार करने पर जान से मारने की धमकी देते थे। प्रेस से उसका हाथ जला दिया। पीड़िता के अनुसार, मोहसिन और फैजान द्वारा उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाकर इमरान से शादी करने के लिए मजबूर किया जाता था। मोहसिन पिस्तौल दिखाकर धमकी देता था कि यदि उसने यह बात किसी को बताई, तो वह उसे और उसकी विधवा मां को जान से मार देगा। अब तक पांच मामले दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मोहसिन खान पर पहले से ही चार मामले दर्ज हैं जिनमें नाबालिग से छेड़छाड़, यौन शोषण, महिला से अभद्रता और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप शामिल हैं। ताजा शिकायत के बाद अब उस पर कुल पांच एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। चर्चित लव जिहाद मामले में आज एक और अपडेट है। पुलिस ने जिहादी दरिंदे मोहसिन खान पर पांचवा केस दर्ज कर लिया है। यह केस दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अप्राकृतिक कृत्य, मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज किया है। ⁠मोहसिन के अलावा फैजान ओर उसके भाई को भी आरोपी बनाया गया है। कई बिंदुओं पर जांच शुरू     एडिशनल डीसीपी जोन-4 आनंद यादव के मुताबिक कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। मोहसिन की डिग्री के बारे में जानकारी मांगी है। रायफल एसोसिएशन को भी पत्र लिखा है। रहवासी क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियों के बारे में भी नगर निगम को पत्र लिखा है। recent visitors 61