बंगलूरू में आठ महीने की बच्ची में दिखे संक्रमण के लक्षण ने किया अलर्ट, HMPV वायरस भारत पहुंचा?

बंगलूरू। चीन में फैल रहे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) संक्रमण की भारत में दस्तक हो गई। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बंगलूरू में एक आठ महीने की बच्ची एचएमपीवी संक्रमित पाई गई है। हालांकि अभी तक भारत में एचएमपीवी का केस मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं कर्नाटक सरकार का कहना है कि वायरस के स्ट्रेन के बारे में जानकारी नहीं है। चीन में इन दिनों ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) का प्रकोप देखने को मिल रहा है। वायरस से बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की खबरें आ रही हैं। इसे लेकर भारत में भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। कई राज्यों ने एडवाइजरी और अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही भारत में एचएमपीवी वायरस जैसा का पहला केस सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बंगलूरू के बैपटिस्ट अस्पताल में एक आठ महीने की बच्ची में एचएमपीवी वायरस जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि बच्ची में संक्रमण की पुष्टि एक निजी लैब में हुई है। कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनकी प्रयोगशाला में नमूने की जांच नहीं हुई है। निजी अस्पताल की रिपोर्ट में यह सामने आया है। स्ट्रेन को लेकर जानकारी नहीं है। नमूने को सरकारी प्रयोगशाला में भेजा गया है। वहीं सरकार ने वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया है। सतर्कता बरती जा रही है। क्या है ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी)? 0- ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस, जिसे एचएमपीवी के छोटे नाम से भी जाना जाता है, इंसानों की श्वसन प्रक्रिया पर प्रभाव डालने वाला वायरस है। इसकी पहली बार पहचान 2001 में हो गई थी। तब नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाया था। यह पैरामाइक्सोविरीडे परिवार का वायरस है। 0- श्वसन संबंधी अन्य वायरस की तरह यह भी संक्रमित लोगों के खांसने-छींकने के दौरान उनके करीब रहने से फैलता है। 0- कुछ स्टडीज में दावा किया गया है कि यह वायरस पिछले छह दशकों से दुनिया में मौजूद है। एचएमपीवी का किस पर और कितना असर? 0- यह मुख्य तौर पर बच्चों पर असर डालता है। हालांकि, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों और बुजुर्गों पर भी इसका प्रभाव दर्ज किया गया है। 0- इस वायरस की वजह से लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार, कफ की शिकायत हो सकती है। ज्यादा गंभीर मामलों में गला और श्वांस नली के जाम होने से लोगों के मुंह से सीटी जैसी खरखराहट भी सुनी जा सकती है। 0- कुछ और गंभीर स्थिति में इस वायरस की वजह से लोगों को ब्रोंकियोलाइटिस (फेफड़ों में ऑक्सीजन ले जाने वाली नली में सूजन) और निमोनिया (फेफड़ों में पानी भरना) की स्थिति पैदा कर सकता है। इसके चलते संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। 0- चूंकि इसके लक्षण कोरोनावायरस संक्रमण और आम फ्लू से मिलते-जुलते हैं, इसलिए इन दोनों में अंतर बता पाना मुश्किल है। हालांकि, जहां कोरोनावायरस की महामारी हर सीजन में फैली थी। वहीं एचएमपीवी अब तक मुख्यतः मौसमी संक्रमण ही माना जा रहा है। हालांकि, कई जगहों पर इसकी मौजूदगी पूरे साल भी दर्ज की गई है। 0- कोरोना के इतर इस वायरस के कारण ऊपरी और निचले दोनों श्वसन पथ में संक्रमण का खतरा हो सकता है। 0- सामान्य मामलों में इस वायरस का असर तीन से पांच दिन तक रहता है। वैक्सीन और उपचार के क्या तरीके हैं? मौजूदा समय में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस से बचाव के लिए कोई टीका (वैक्सीन) मौजूद नहीं है। इसके अलावा एंटी वायरल दवाइयों का प्रयोग इस पर असर नहीं डालता। ऐसे में एंटी वायरल का प्रयोग इंसानों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम कर सकता है। इस वायरस से जूझ रहे लोगों को लक्षण हल्का करने के लिए कुछ दवाएं दी जा सकती हैं। हालांकि, वायरस को खत्म करने लायक उपचार अभी मौजूद नहीं है। recent visitors 48

आज CM यादव 66 मेडिकल मोबाइल यूनिट को दिखाएंगे हरी झंडी

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मूलमंत्र के अनुक्रम में प्रदेश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए ‘पीएम जनमन’ के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) सेवा की शुरुआत की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 6 जनवरी को पीएम जनमन योजना के तहत 21 जिलों के 87 विकासखंडों के लिए 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। मुख्यमंत्री निवास श्यामला हिल्स में कार्यक्रम होगा। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम प्रदायगी सुनिश्चित होगी। 1268 ग्रामों की 3.12 लाख आबादी को मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट की लागत 33 लाख 86 हजार रूपये है। इस यूनिट से अनूपपुर, अशोक नगर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दतिया, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया एवं विदिशा जिले के 87 विकासखंड के 1268 गांव की लगभग 3 लाख 12 हजार से अधिक की आबादी को सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। जीपीएस से लैस इन यूनिट में सक्शन मशीन, कान जांच की आटो स्कोप, एक्स-रे मशीन, स्ट्रेक्चर, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि उपकरण होंगे। माह में 24 दिन गाँव का भ्रमण मोबाइल मेडिकल यूनिट माह में 24 दिन गांवों का भ्रमण करेंगी और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। ये यूनिट दिन में 2 गांव तथा 50 मरीजों को देखेगी। इस यूनिट में एक-एक डॉक्टर, नर्स, एएनएम/एमपी डब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन और फीजियोथेरेपिस्ट मरीजों को सेवाएं प्रदान करेंगे। मरीजों को 65 प्रकार की दवाईयां भी दी जाएंगी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी उपस्थित रहेंगे।   recent visitors 150

रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 07081/07082 गुंटूर – आजमगढ़ – विजयवाड़ा महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 01-01 ट्रिप चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 07081 गुंटूर-आजमगढ़ महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 07081 गुंटूर-आजमगढ़ महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 14 फरवरी 2025 को गुंटूर स्टेशन से रात 23.00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन शाम 17.40 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन शाम 17.15 बजे आजमगढ़ स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 07082 आजमगढ़-विजयवाड़ा महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 07082 आजमगढ़-विजयवाड़ा महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 16 फरवरी 2025 को रात्रि 19.45 बजे आजमगढ़ स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन 15.40 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 07.30 बजे विजयवाड़ा स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, दोरनाकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, रामागुंडम, मंचेरियल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी जंक्शन, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, वाराणसी जंक्शन, शाहगंज जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी। कोच संरचना: इस विशेष ट्रेन में 09 शयनयान श्रेणी, 02 सामान्य श्रेणी, 08 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 22 डिब्बे होंगे। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 96

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर से दौड़ेंगी सरकारी बसें

भोपाल मध्य प्रदेश वासियों के लिए दो दशक पहले बंद की गई राज्य सरकार संचालित बस सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बस सुविधा शुरू करने का ऐलान किया. मुख्यमंत्री विदिशा जिले के लटेरी कस्बे में सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि गरीबों को बस सेवाओं की आवश्यकता होती है. संपन्न लोगों के पास खुद की गाड़ियां होती हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "याद कीजिए, 20 साल पहले की स्थिति. सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें दौड़ा करती थीं. परिवहन निगम की बस सेवाओं की फिर से आवश्यकता है. हम सरकारी बस सेवाएं दोबारा शुरू करने जा रहे हैं." हालांकि, उन्होंने बस शुरू करने की समय सीमा नहीं बताई. बता दें कि दो दशक पहले मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवाओं को बंद कर दिया गया था. बस बंद होने के बाद मार्गों पर निजी ऑपरेटर्स का कब्जा हो गया है. बड़े शहरों में बस सेवा नगर निगमों की तरफ से संचालित की जाती हैं. गौरतलब है कि लोक परिवहन सेवा गरीब लोगों के सस्ती होती है. मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर से दौड़ेंगी सरकारी बसें सरकारी बसों के संचालन से मध्य प्रदेश की जनता को बुनियादी सुविधा मिलने लगेगी. आम जनता को सस्ती और सुलभ यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गठित मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को 2005 में बंद कर दिया गया था. लिहाजा, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई. यात्रियों को भारी परेशानी होने लगी. परिवहन व्यवस्था पर निजी ऑपरेटर्स ने कब्जा जमा लिया. प्राइवेट बस ऑपरेटर्स मुनाफा वाले रूट पर सेवाएं देने लगे. ग्रामीण इलाकों में यात्री बस की सुविधा नदारद हो गई. यात्रियों की असुविधा को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी बसों को शुरू करने ऐलान किया. recent visitors 80

ग्वालियर में शीतलहर को देखते हुए 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदला, आज रहेगी छुट्टी

ग्वालियर ग्वालियर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया है। 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है। यह आदेश सरकारी और गैर-सरकारी सभी स्कूलों, आईसीएससी और सीबीएसई स्कूलों पर लागू होगा। परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार को निर्देशित किया, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। इससे पहले, 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के चलते स्कूल बंद थे। स्कूलों के समय में बदलाव बच्चों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से लिए गए इस निर्णय के तहत स्कूलों के समय में बदलाव कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने सभी स्कूलों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय जिले में बढ़ती ठंड और गिरते पारे को देखते हुए लिया गया है, जिससे बच्चों को शीतलहर से बचाया जा सके। recent visitors 64

मध्यप्रदेश के देवास में राजघाट और सतियारा घाट में बनेगा रिवर फ्रंट, 5 हजार दर्शक क्षमता वाला एम्फीथिएटर

बुरहानपुर कलेक्ट्रेट मार्ग स्थित बीज विकास निगम की जमीन पर प्रस्तावित नगर निगम कार्यालय का नया भवन 7.70 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इसके साथ ही पहली बार 66 लाख की लागत से महापौर आवास और 104 लाख रुपये की लागत से निगम अधिकारियों के लिए आवासों का निर्माण कराया जाएगा। राजघाट और सतियारा घाट में बनेगा रिवर फ्रंट विधायक अर्चना चिटनिस के अनुसार लंबे समय से ताप्ती नदी के राजघाट और सतियारा घाट में रिवर फ्रंट बनाने का प्रस्ताव अटका हुआ था। इस योजना के तहत सात करोड़ की लागत से दोनों स्थानों पर रिवर फ्रंट जैसा निर्माण कराया जाएगा।   पांच हजार दर्शक क्षमता वाला एम्फी थिएटर आने वाले समय में नगर निगम के पास पांच हजार दर्शक क्षमता वाला एम्फी थिएटर भी होगा। इसका निर्माण चार करोड़ की लागत से होगा। इसके अलावा पांच करोड़ की लागत से जल शोधन संयंत्र व इंटकवेल में सोलर पावर प्लांट की स्थापना कराई जाएगी। योजना के लिए बेंची जाएंगी जमीनें ये सारे निर्माण कार्य नगर निगम पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत शहर में मौजूद बेशकीमती जमीनें बेच कर कराएगा। योजना के तहत शहरी क्षेत्र की 16230 वर्गमीटर जमीन बेच कर 54.25 करोड़ रुपये प्राप्त किए जाएंगे, जबकि अन्य कार्यों को मिला कर कुल 73.57 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।  जिला स्तरीय समिति से सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद इन प्रस्तावों को स्वीकृति के लिए साधिकार समिति को भेजा जा चुका है। विकास कार्यों को लेकर रविवार को महापौर माधुरी पटेल, विधायक अर्चना चिटनिस, पूर्व महापौर अतुल पटेल ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से भेंट की और जानकारी दी। नगर निगम क्षेत्र में 160-160 लाख की लागत से आवासी भवन और फायर स्टेशन का निर्माण होगा। शनवारा से कलेक्टर कार्यालय तक 520 लाख से सर्विस रोड, साइड ड्रेन, यूटिलिटी डक्ट, फुटपाथ और साइनेज सहित कार्य होंगे। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास 412 लाख में 50-50 सीटर छात्रावास, बाउंड्रीवाल और फर्नीचर का निर्माण होगा। कलेक्ट्रेट परिसर में 60 लाख की लागत से पार्टीशन और फर्नीचर कार्य होगा। पुलिस विभाग के लिए 53.60 लाख में कांफ्रेंस हॉल, 41.80 लाख में कम्युनिटी हॉल, और 45 लाख में दूरदर्शन कार्यालय निर्माण प्रस्तावित हैं। पुनर्घनत्वीकरण योजना में पुराने भवनों की भूमि पर 80 लाख से सीमेंटीकृत मार्ग, 120 लाख से सड़क निर्माण, 60 लाख से होमगार्ड भंडार गृह, 109.60 लाख से ई-टाइप बंगले, 666.90 लाख से रनिंग ट्रैक और अन्य कार्य होंगे। recent visitors 63

अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बना भारत

नई दिल्ली भारत में मेट्रो रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। अब देश में मेट्रो रेल नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 1000 किमी तक पहुंच गई है। इस बड़े नेटवर्क के साथ, भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली के लोगों को दी थी पहली मेट्रो दिल्ली ने 2002 में अपनी मेट्रो यात्रा की शुरुआत की थी, जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली के लोगों को पहली मेट्रो दी और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली वासियों को नई मेट्रो परियोजनाओं और नमो भारत का उपहार दे रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में इसका परिवर्तन और विस्तार अभूतपूर्व रहा है, खासकर 2014 के बाद से। पिछले दशक में मेट्रो नेटवर्क में तीन गुना वृद्धि पिछले दशक में मेट्रो नेटवर्क में तीन गुना वृद्धि हुई है। मेट्रो नेटवर्क 2014 में केवल 248 किलोमीटर से बढ़कर अब 1000 किलोमीटर हो गया है। आज 11 राज्यों के 23 शहरों में मेट्रो रेल नेटवर्क है। 2014 में यह केवल 5 राज्यों और 5 शहरों में था। आज मेट्रो में प्रतिदिन एक करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं, जो 2014 के 28 लाख यात्रियों की तुलना में 2.5 गुना अधिक बढ़ोतरी है। मेट्रो ट्रेनें आज प्रतिदिन 2.75 लाख किलोमीटर की यात्रा करती हैं वहीं, मेट्रो ट्रेनें आज प्रतिदिन कुल 2.75 लाख किलोमीटर की यात्रा करती हैं, जो एक दशक पहले के रोजाना 86 हजार किलोमीटर का तीन गुना है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत, केंद्र सरकार लाखों नागरिकों के लिए यात्रा की सुविधा और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए निर्बाध, किफायती और आधुनिक शहरी परिवहन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन परिवर्तनकारी प्रयासों के तहत, पीएम मोदी रविवार को साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन से न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन तक नमो भारत ट्रेन की यात्रा करने वाले हैं। लाखों लोगों को अब हाई-स्पीड और आरामदायक यात्रा के विकल्प मिलेंगे पीएम मोदी की यह यात्रा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 13 किलोमीटर लंबे हिस्से के उद्घाटन का प्रतीक होगी। 4,600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित यह कॉरिडोर दिल्ली और मेरठ के बीच क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, जिससे लाखों लोगों को हाई-स्पीड और आरामदायक यात्रा के विकल्प मिलेंगे। नमो भारत कॉरिडोर के अलावा, पीएम मोदी जनकपुरी और कृष्णा पार्क के बीच दिल्ली मेट्रो फेज-4 के 2.8 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन करेंगे। 1,200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, यह दिल्ली मेट्रो फेज-4 का पहला परिचालन खंड है। कृष्णा पार्क, विकासपुरी और जनकपुरी के कुछ हिस्सों सहित पश्चिमी दिल्ली के निवासियों को इसका फायदा मिलेगा। रिठाला-कुंडली सेक्शन बनने से उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और हरियाणा में कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ेगी प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली मेट्रो फेज-4 के 26.5 किलोमीटर लंबे रिठाला-कुंडली सेक्शन की आधारशिला भी रखेंगे। 6,230 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह नया कॉरिडोर दिल्ली के रिठाला को हरियाणा के नाथूपुर (कुंडली) से जोड़ेगा। इसका उद्देश्य उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और हरियाणा में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है, जिससे रोहिणी, बवाना, नरेला और कुंडली जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।   recent visitors 177