खेल मंत्री को अभ्यास सत्र में किया क्लीन बोल्ड, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रतापगढ़ की सुशीला ‘बुमराह’ को लिया गोद

जयपुर। राजस्थान की प्रतिभावान क्रिकेट खिलाड़ी सुशीला मीणा ने अपनी तेज गेंदबाजी से खेल मंत्री और ओलंपियन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को नेट प्रैक्टिस के दौरान क्लीन बोल्ड कर सबको चौंका दिया। आरसीए एकेडमी में आयोजित इस अभ्यास सत्र का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सुशीला की सटीक गेंदबाजी और राठौड़ के मिडिल स्टंप उखड़ने का दृश्य चर्चा का विषय बन गया है। खेल मंत्री राठौड़ ने सुशीला मीणा को सम्मानित करते हुए कहा, राजस्थान में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमें उनकी पहचान कर सही दिशा में प्रोत्साहन देना होगा। आने वाले समय में दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज राजस्थान से होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि आरसीए और राज्य सरकार मिलकर युवा खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। तेंदुलकर भी कर चुके हैं तारीफ प्रतापगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य धरियावद कस्बे की रहने वाली है सुशीला मीणा, जो पहले ही अपनी गेंदबाजी से सबका ध्यान खींच चुकी है, का पिछले महीने एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनके गेंदबाजी एक्शन की तुलना पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान से की गई थी। इस वीडियो पर मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। सुशीला की गेंदबाजी प्रतिभा को देखते हुए राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) ने उन्हें गोद लेने का निर्णय लिया है। इससे उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलेंगी। खेल मंत्री राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल क्षेत्र में हो रहे सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। आरसीए पदाधिकारियों में हुई नोंकझोंक इधर सुशीला मीणा को आरसीए द्वारा गोद लिए जाने के आरसीए एडहॉक कमेटी के कार्यक्रम के दौरान आरसीए के पूर्व सचिव और आरसीए के कन्वीनर विधायक जयदीप बिहाणी के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई। जिस पर खेल मंत्री ने कहा कि इस तरह के लड़ाई- झगड़े ठीक नहीं है। हमें खेल से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने का काम करना चाहिए। recent visitors 66

FBI की जांच में खुलासा, अमेरिका न्यू ऑर्लियंस में जब्बार ने हमले से पहले दो बार फ्रेंच क्वार्टर का दौरा कर बनाया वीडियो

न्यू ऑर्लियंस। अमेरिका के न्यू ऑर्लियंस में हुए आतंकी हमले में संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने नया खुलासा किया है। एफबीआई ने बताया कि ट्रक हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी शम्सुद्दीन जब्बार ने पहले भी दो बार न्यू ऑर्लियंस का दौरा किया था। उसने हैंड्स-फ्री चश्मे से फ्रेंच क्वार्टर का वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसके अलावा, एफबीआई की जांच में यह भी पता चला है कि जब्बार ने हमले से पहले मिस्र के काहिरा और कनाडा के ओंटारियो की यात्रा भी की थी। हालांकि, एफबीआई ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि जब्बार की विदेश यात्राएं न्यू ऑर्लियंस में हुए हमले से संबंधित थी या नहीं। बता दें कि जब्बार अमेरिका के ह्यूस्टन शहर का रहने वाला है, उसके पास वहां की नागरिकता भी है। 13 जुलाई 2023 को अमेरिका लौटा था जब्बार न्यू ऑर्लियंस फील्ड ऑफिस के प्रभारी एफबीआई के विशेष एजेंट लियोनेल मायर्थिल ने एक प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें उन्होंने बताया कि हमारी जांच में पता लगा है कि जब्बार ने 22 जून से 3 जुलाई 2023 तक काहिरा, मिस्र की यात्रा की थी। कुछ दिनों बाद, उसने 10 जुलाई को ओंटारियो, कनाडा के लिए उड़ान भरी और 13 जुलाई 2023 को वह अमेरिका लौट आया। जब्बार की गतिविधियों के बारे में पता लगा रहे अधिकारी मायर्थिल ने कहा कि हमारे एजेंट इस बारे में पता लगा रहे हैं कि वह कहां गया था और किन लोगों से मुलाकात की थी। यह भी जानकारी ली जा रही है कि जब्बार की ये यात्राएं न्यू ऑर्लियंस में उसकी गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं या नहीं। न्यू ऑर्लियंस में हुए हमले में 15 लोगों की हुई थी मौत एफबीआई के अनुसार, जब्बार ने इस्लामिक स्टेट जिहादी समूह के प्रति अपनी वफादारी का वादा किया था। उसने न्यू ऑर्लियंस के भीड़भाड़ वाले फ्रेंच क्वार्टर में नए साल के दिन लोगों को मारने और घायल करने के लिए पिकअप ट्रक का इस्तेमाल किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे मार गिराया। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 30 अन्य लोग घायल हो गए थे। लास वेगास घटना के कुछ घंटे बाद हुआ न्यू ऑर्लियंस में हमला एफबीआई ने बताया कि न्यू ऑर्लियंस हमला लास वेगास में ट्रंप टावर के बाहर टेस्ला के साइबर ट्रक में हुए विस्फोट के कुछ घंटों बाद हुआ। इस घटना में ड्राइवर की मौत हो गई थी। हमले से पहले जब्बार ने ऑनलाइन वीडियो पोस्ट किया था जब्बार ने हमले से कुछ घंटे पहले ऑनलाइन वीडियो पोस्ट करके इस्लामिक स्टेट के प्रति अपने समर्थन की घोषणा की थी। यह अमेरिका में वर्षों में सबसे घातक आईएस-प्रेरित हमला था, जिसने संघीय अधिकारियों द्वारा चेतावनी दिए गए अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खतरे को उजागर किया। recent visitors 105

मुआवजे के प्रकरण ने रूक दिया भारतमाला प्रोजेक्ट का काम, अब पुलिस सुरक्षा में होगा शुरू

रायपुर भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस-वे के पहले फेस का काम ग्राम नायकबांधा के किसानों ने चार माह से रुकवा रखा है। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता, काम शुरू करने नहीं देंगे। मगर, अब यह काम पुलिस सुरक्षा में किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जब ठेकेदार काम करने जाते हैं, तो ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंच जाते हैं। दरअसल, 559 मीटर जमीन के मुआवजे का प्रकरण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने रोक दिया है। इसलिए किसान आक्रोशित हैं। रुका हुआ काम शुरू कराने के लिए एनएचएआई ने अभनपुर एसडीएम को पुलिस बल उपलब्ध कराने का आवेदन किया है। वहीं, 559 मीटर जमीन के मुआवजे का प्रकरण एनएचएआई के अफसरों ने सीधे संभागीय कमिश्नर के कोर्ट में प्रस्तुत किया है। नियम है कि भू-अर्जन होने के बाद एनएचएआई काम शुरू कर सकती है। मुआवजा प्रकरण लंबित होने पर भी काम रोका नहीं जा सकता। पुलिस बल की मांग की गई है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा गया है। मुआवजा वितरण में गड़बड़ी की आशंका एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यहां मुआवजा वितरण में भारी गड़बड़ी हुई है। इसका प्रकरण अब रायपुर कमिश्नर कोर्ट में लंबित है। सुनवाई 12 जनवरी को होनी है। राजस्व विभाग के अनुसार, 559 मीटर जमीन का मुआवजा करीब 29.5 करोड़ रुपये का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरा बांट दिया गया। इसमें मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। ऐसे में मुआवजा राशि 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपये पहुंच गई। मुआवजे की राशि देने के लिए राजस्व विभाग से फाइल एनएचएआई को भेजी गई। वहां गड़बड़ी का संदेह होने पर प्राधिकरण ने मुआवजा रोका हुआ है।   246 करोड़ बांटा मुआवजा, 78 करोड़ रोका बता दें कि चार एकड़ भूमि एक ही व्यक्ति के नाम पर थी। मुआवजे के लिए सर्वे होने से तक उस भूमि को एक ही परिवार के 14 लोगों के नाम पर बांट दी गई। इसके बाद एक ही परिवार के सदस्यों को 70 करोड़ रुपये मुआवजा का भुगतान कर दिया गया। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ की मुआवजा राशि निर्धारित की गई। इसमें से 246 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं, 78 करोड़ रुपये का भुगतान रोक दिया है। recent visitors 118

सरकार ने दिया तगड़ा झटका, केंद्रीय कर्मियों की ‘सामान्य भविष्य निधि’ पर नहीं बढ़ी ब्याज दर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'एक जनवरी से 31 मार्च' 2025 की तिमाही के लिए सामान्य भविष्य निधि 'जीपीएफ' पर मिलने वाले ब्याज की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पिछले छह वर्षों से ब्याज दरें एक ही प्वाइंट पर अटकी हैं। इसे केंद्रीय कर्मियों के लिए तगड़ा झटका बताया जा रहा है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने गत सप्ताह जीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज की दरों की घोषणा की है। इसमें कहा गया है कि इस तिमाही के लिए भी ब्याज की दर 7.1 फीसदी ही रहेगी। इससे पहले 'एक अक्तूबर से 31 दिसम्बर' 2024 की तिमाही में भी जीपीएफ की ब्याज दर 7.1 फीसदी रही थी। सरकार से थी ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने 'एक अक्तूबर से 31 दिसम्बर' तिमाही के दौरान जनरल प्रोविडेंट फंड और उससे मिलते जुलते अन्य प्रोविडेंट फंड के लिए ब्याज की दरें घोषित की थीं। उस वक्त ब्याज दर 7.1 प्रतिशत रखी गई। नव वर्ष में सरकारी कर्मियों को एनडीए सरकार से जनरल प्रोविडेंट फंड की दरों में बदलाव किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्रालय ने ब्याज की दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। लंबे समय से ब्याज दरों को स्थिर रखा गया है। कोरोना के दौरान भी नहीं बढ़ाई गई दरें वर्ष 2021-22 के दौरान सामान्य भविष्य निधि तथा उसी प्रकार की अन्य निधियों के अभिदाताओं की कुल जमा रकमों पर दी जाने वाली ब्याज दर एक जुलाई 2021 से लेकर सितंबर 2021 तक 7.1 फीसदी रखी गई थी। आर्थिक कार्य विभाग के 19 अप्रैल 2021 को जारी संकल्प में भी सामान्य भविष्य निधि की राशि पर ब्याज दर 7.1 फीसदी तय की गई थी। उस वक्त देश में कोरोना की दूसरी लहर ने अपना कहर बरपा रखा था। तब केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता भी 18 माह से रोका गया था। इसी वजह से कर्मियों को यह उम्मीद थी कि सरकार 'जीपीएफ' की राशि पर मिलने वाले ब्याज की दरों में बढ़ोतरी करेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका। एक जुलाई 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 तक जीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज की दर 7.1 फीसदी रखी गई थी। इन विभागों में लागू होती हैं दरें ये दरें सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं), अंशदायी भविष्य निधि (भारत), अखिल भारतीय सेवा भविष्य निधि, राज्य रेलवे भविष्य निधि (रक्षा सेवाएं), भारतीय आयुद्ध विभाग भविष्य निधि, भारतीय आयुद्ध कारखाना कामगार भविष्य निधि, भारतीय नौसेना गोदी कामगार भविष्य निधि, रक्षा सेवा अधिकारी भविष्य निधि और सशस्त्र सेना कार्मिक भविष्य निधि पर लागू होती हैं। जीपीएफ में जमा कर्मियों की राशि पर बैंकों के मुकाबले ब्याज अधिक मिलता है, इसलिए बहुत से कर्मचारी अपना शेयर बढ़ा देते हैं। जीपीएफ में ज्यादा वेतन इसलिए कटवाया जाता था, ताकि कर्मचारी अपनी बड़ी जरूरत के समय इसका इस्तेमाल कर सकें। अब वार्षिक योगदान की सीमा 5 लाख रुपये तय कर्मचारी अपने जीपीएफ में से 90 फीसदी राशि निकाल सकते हैं। हालांकि इस लेकर नियम-शर्तें बदलती रहती हैं। बच्चों की शिक्षा, शादी, घर बनाना या उसके लिए प्लाट खरीदना, फ्लैट लेना है, पुश्तैनी मकान की रिपेयर करानी है और घर का लोन चुकाना है, जैसे कामों में जीपीएफ राशि काम आ जाती है। तीन वर्ष पहले केंद्र सरकार ने एक वित्त वर्ष में जनरल प्रोविडेंट फंड में वार्षिक योगदान की सीमा 5 लाख रुपये तय कर दी थी। नए प्रावधान के अनुसार, एक वित्त वर्ष में जीपीएफ खाते में जमा की गई कुल राशि पांच लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती है। recent visitors 62

18 लाख से ज्यादा किसानों का खरीदा गया धान, नवा रायपुर बन रहा आईटी हब

रायपुर राज्य सरकार नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित कर रही है। आने वाले दिनों में यहां आईटी के क्षेत्र में 10,000 नए रोजगार उपलब्ध होने की संभावना है। वर्तमान में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने सेवाएं शुरू की हैं, जिनसे अब तक 260 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज ने 180 और टेली परफॉर्मेंस ने 80 पदों पर भर्ती की है। टेली परफॉर्मेंस ने 100 और कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है। सीएसएम टेक्नोलाजीज ने 200 प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। सरकार की योजना नवा रायपुर के आईटी हब बनने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रायपुर और नवा रायपुर के बीच आईटी पेशेवरों के लिए मुफ्त बस सेवा की तथा स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान भी उपलब्ध कराने की योजना है। साथ ही सीबीडी सेक्टर 21 में अत्याधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। आईटी व आईटी-इनबेल्ड सर्विसेस का हो रहा विकास राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर क्षेत्र में आईटी और आईटी- इनेबल्ड सर्विसेस का विकास हो रहा है। राज्य सरकार की योजनाओं और संस्थाओं की पहल से नवा रायपुर युवाओं के लिए रोजगार और विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने सेवाएं शुरू की हैं, जिनमें युवाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है। राज्य में अब तक 93.44 टन धान की खरीदी एक तरफ सरकार जहां आईटी सेक्टर को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ किसानों के लिए भी कल्याणकारी नीतियां बना रही है। राज्य में अभी तक लगभग 93.44 लाख टन धान की खरीदी हो चुकी है। इसके एवज में 18.69 लाख किसानों को 21 हजार 40 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। प्रदेश के सभी पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय के लिए टोकन की सुविधा आनलाइन एप (टोकन तुंहर हाथ) एवं उपार्जन केंद्रों में 25 जनवरी तक के लिए उपलब्ध है। किसान सुविधा अनुसार तारीख का चयन कर नियमानुसार धान बिक्री कर सकते हैं। धान उठाव के लिए लगभग 62.72 लाख टन का डीओ और टीओ जारी किया गया है, अब तक 36.38 लाख टन धान का उठाव कर लिया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को 62,494 किसानों से 2.90 लाख टन धान खरीदा गया। recent visitors 50

46 करोड़ की परियोजना लाएगी रंग, त्रिपुरा में अगले माह से दौड़ेंगी बिजली से चलने वाली ट्रेनें

अगरतला त्रिपुरा में जल्द ही पटरियों पर बिजली से चलने वाली ट्रेनें दौड़ती दिखेंगी। दरअसल, सोमवार को एक अधिकारी ने जानकारी दी कि राज्य में रेलवे के एक महत्वपूर्ण विद्युतीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद इस साल फरवरी तक बिजली से चलने वाली ट्रेनें शुरू हो सकती हैं। 46 करोड़ रुपये की इस विद्युतीकरण परियोजना की शुरुआत 2022 में की गई थी, जो त्रिपुरा को राष्ट्रीय रेलवे ग्रिड से जोड़ेगी। वर्तमान में राज्य में डीजल से चलने वाली ट्रेनें चल रही हैं। टीएसईसीएल कर रहा तैयार अधिकारियों ने बताया कि त्रिपुरा राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (टीएसईसीएल) फरवरी तक राज्य में रेलवे की विद्युत ट्रांसमिशन लाइन को बिजली की आपूर्ति करने के लिए तैयार हो जाएगा। जबकि उत्तर-पूर्व रेलवे (एनएफआर) ने पहले ही त्रिपुरा में धर्मनगर के माध्यम से बड़ापुर से अगरतला तक के मार्ग का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। क्या बोले अधिकारी? टीएसईसीएल के सहायक जनरल मैनेजर (ट्रांसमिशन) निरुपम गुहा ने बताया, 'हमने उनकोटी जिला के कुमारघाट, खोवाई जिला के तेलियामुरा और गोमती जिला के उदयपुर में तीन ट्रैक्शन पावर सबस्टेशन लगाने का काम शुरू किया था। कुमारघाट सबस्टेशन का काम पिछले मार्च में पूरा हो गया था।' उन्होंने कहा कि तेलियामुरा का सबस्टेशन इस महीने और उदयपुर का सबस्टेशन फरवरी तक पूरा हो जाएगा। तीनों टैक्शन सबस्टेशनों के पूरा होने के बाद टीएसईसीएल रेलवे के विद्युत ट्रांसमिशन लाइन को धर्मनगर से अगरतला और अन्य जगहों तक ऊर्जा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि रेलवे ने प्रत्येक सबस्टेशन के लिए पांच मेगावाट बिजली की मांग की है और आवश्यकता पड़ने पर अधिक बिजली भी आपूर्ति की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य में अधिक आधुनिक और तेज ट्रेनें शुरू की जाएंगी, जो राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस जगह का काम पूरा उत्तर-पूर्व रेलवे (NFR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा, 'बड़ापुर से अगरतला तक का विद्युतीकरण काम धर्मनगर के माध्यम से पूरा हो चुका है, केवल लुंबिंग-बड़ापुर खंड में पहाड़ी क्षेत्र बाकी है। हम इस खंड के विद्युतीकरण को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कदम उठा रहे हैं।' recent visitors 110

बिजली का बिल दे सकता है शोक, बढ़े सकता है प्रति यूनिट 50 पैसे रेट

जबलपुर बिजली कंपनी दरें बढ़ाकर घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ डालना चाह रही है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 151-300 के बीच का स्लैब खत्म कर 151 यूनिट के बाद फ्लैट रेट वसूलने का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को दिया है। प्रस्ताव स्वीकृत हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान मध्यवर्ग के उन उपभोक्ताओं को होगा जो सब्सिडी के दायरे से बाहर आते हैं। प्रदेश में ऐसे करीब 25 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं, जिन पर 50 पैसे प्रति यूनिट का बोझ डालने की तैयारी हो रही है। 24 जनवरी तक बुलाई गई आपत्ति मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने इस संबंध में याचिका मप्र विद्युत नियामक आयोग में दी है। इस पर सुनवाई से पूर्व आयोग ने जनता से 24 जनवरी तक आपत्ति बुलाई है। बता दें कि एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल राजस्व आवश्यकता 58744 करोड़ व वर्तमान दरों पर प्राप्त राजस्व 54637 करोड़ बताया है। कंपनी ने इस अंतर की राशि 4107 करोड़ रुपये की भरपाई के लिए औसत 7.52 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया है। उपभोक्ताओं की चार श्रेणियों को तीन में समेटा इस प्रस्ताव में कंपनी ने घरेलू उपभोक्ता की बिजली खपत की चार श्रेणी को तीन में समेट दिया है। पहली श्रेणी 50 यूनिट, दूसरी श्रेणी 51 से 150 यूनिट और तीसरी श्रेणी 151 से ऊपर की रखी गई है। अभी 151 से 300 यूनिट की श्रेणी के लिए अलग दर तय थी। अब कंपनी 151 यूनिट के ऊपर एक दर तय करना चाह रही है। इससे 50 पैसे का बोझ प्रति यूनिट उपभोक्ता पर डालने का प्रस्ताव है। प्रदेश में अभी एक करोड़ 27 लाख कुल घरेलू उपभोक्ता हैं। इसमें बिजली कंपनी करीब एक करोड़ उपभोक्ता को सब्सिडी देती है। ये उपभोक्ता 150 यूनिट मासिक खपत के दायरे में आते हैं। कंपनी 100 यूनिट के लिए 100 रुपये और अगली 50 यूनिट पर सामान्य दर से बिलिंग करती है, इससे उपभोक्ता को करीब 450 रुपये से अधिक की बचत होती है। इस बीच 25 लाख से ज्यादा ऐसे बिजली उपभोक्ता है जिनकी मासिक खपत 151 से 300 यूनिट के भीतर रहती है। ऐेसे उपभोक्ताओं को भी अब फ्लैट रेट पर बिल भरना होगा। मध्यवर्गीय पर बोझ अधिक बिजली मामलों के जानकार एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि टैरिफ में बदलाव करने से मध्यम वर्ग के उपभोक्ता जिनकी मासिक खपत 151 यूनिट से 300 यूनिट के बीच है उन पर अधिक बोझ डाला जा रहा है। ये वर्ग सरकारी सब्सिडी के दायरे से बाहर होता है, इसलिए उन्हें बिजली की पूरी कीमत देनी पड़ती है। एक दर की योजना मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी के सीजीएम शैलेंद्र सक्सेना ने बतााया कि कंपनी 151 से 300 यूनिट के स्लैब को खत्म कर एक दर तय करना चाहती है। ऐसी श्रेणी के उपभोक्ता से एक सामान्य दर से बिजली बिल लिया जाएगा। recent visitors 127