26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जल्द लाया जायेगा भारत, प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका तैयार

मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में 26/11 आतंकी हमले में शआमिल रहा पाकिस्तान मूल का कनाडाई बिजनेसमैन तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत को सौंपा जा सकता है। इसके लिए डिप्लोमैटिक चैनल्स पर काम शुरू हो गया है। अमेरिका की एक कोर्ट तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को जायज बता चुकी है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण को लेकर बातचीत चल रही है।  रिपोर्ट के अनुसार, तहव्वुर राणा को राजनयिक माध्यमों से भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है। अगस्त 2024 में, नौवें सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय ने फैसला सुनाया कि तहव्वुर राणा दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। अमेरिकी पैनल ने दी प्रत्यर्पण को लेकर जानकारी पैनल ने जिला न्यायालय द्वारा तहव्वुर हुसैन राणा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज करने के निर्णय की पुष्टि की, जिसमें मुम्बई में आतंकवादी हमलों में कथित भागीदारी के लिए राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने योग्य घोषित करने के मजिस्ट्रेट न्यायाधीश के निर्णय को चुनौती दी गई थी। पैनल ने यह भी माना कि भारत ने मजिस्ट्रेट जज के इस निष्कर्ष के समर्थन में पर्याप्त सक्षम साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं कि राणा ने आरोपित अपराध किए हैं। मुंबई पुलिस ने 26/11 हमलों के सिलसिले में 405 पन्नों की चार्जशीट में राणा का नाम शामिल किया है। राणा पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिव होने का आरोप है। प्रत्यर्पण को लेकर क्या हैं पेच? अदालत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में Non Bis is Idem एक अपवाद है, जो कि तब लगा होता है, जब आरोपी को उसी अपराध के लिए पहले दोषी ठहराया जा चुका हो, या बरी किया जा चुका है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि राणा के खिलाफ भारत में लगाए गए आरोप अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ चलाए गए मामलों से अलग हैं, इसीलिए नॉन बिस, इन आइडम अपवाद लागू नहीं होता है। बता दें कि 26 नवंबर 2011 को मुंबई में हुई हमलों के लगभग एक साल बाद FBI ने शिकागो में राणा को गिरफ्तार किया था। राणा और उसके साथी कोलमैन हेडली ने मिलकर मुंबई हमलों के लिए जगहों की रेकी की थी, और पाकिस्तान के आतंकवादियों को अंजाम देने के लिए एक खाका तैयार किया गया है। तहव्वुर राणा के खिलाफ सबूत अमेरिकी अदालत ने राणा के प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज कर दी, जिसमें भारत द्वारा उसके खिलाफ पर्याप्त सबूतों का हवाला दिया गया। उसका नाम 26/11 हमलों के लिए मुंबई पुलिस की चार्जशीट में शामिल है। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। राणा ने कथित तौर पर मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की मुंबई में संभावित ठिकानों की टोह लेने में मदद की थी। आरोपपत्र में हेडली के साथ मिलकर इन हमलों की योजना बनाने में उसकी संलिप्तता का विवरण दिया गया है। गैर-बिस इन आइडेम क्लॉज नहीं होंगे लागू अदालत ने कहा कि भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि में गैर-बिस इन आइडेम क्लॉज यहां लागू नहीं होता है। यह क्लॉज उस स्थिति में प्रत्यर्पण को रोकता है जब किसी व्यक्ति पर उसी अपराध के लिए कहीं और मुकदमा चलाया गया हो। हालांकि, राणा के खिलाफ भारत और अमेरिका में आरोप अलग-अलग हैं, इसलिए यह अपवाद अप्रासंगिक है। मुंबई हमलों के एक साल बाद शिकागो से गिरफ्तार हुआ राणा मुंबई आतंकी हमलों के करीब एक साल बाद FBI ने राणा को शिकागो में गिरफ्तार किया था। अमेरिका में आरोपों से बरी होने के बावजूद, भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के कारण वह हिरासत में है। 26/11 की पूरी प्लानिंग तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली ने मिलकर मुंबई को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए एक योजना बनाई। उनके ब्लूप्रिंट में हमलों के लिए प्रमुख स्थानों की पहचान की गई थी। वर्तमान में, राणा लॉस एंजिल्स की जेल में बंद है और भारत में उसके प्रत्यर्पण के संबंध में आगे की कार्यवाही का इंतजार कर रहा है। recent visitors 73

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में नष्ट होगा, भोपाल से ले जाने के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

भोपाल  यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में रखा 40 साल से रखा 337 मिट्रिक टन कचरे का का निपटान पीथमपुर में किया जाएगा। इसके लिए भोपाल से पीथमपुर तक 250 किमी तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। कचरे को 12 कंटेनरों से पशिष्ट की पैकिंग, लोडिंग और परिवहन सीपीसीबी द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ किया जाएगा। कंटेनर्स के साथ पुलिस सुरक्षा बल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा क्विक रिस्पॉस टीम रहेगी। यह कंटेनर लीक प्रूफ फायर रेजिस्टेंट हैं। प्रति कंटेनर में दो प्रशिक्षित ड्राइवर नियुक्त हैं। इन कंटेनरों का मूवमेंट जीपीएस से मॉनिटर किया जाएगा। ग्रीन कॉरिडोर भोपाल, सीहोर, देवास, इंदौर से धार होते हुए पीथमपुर के बीच बनेगा।   यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को भरने का काम रविवार को शुरू हुआ। इसको कंटेनरों में पैक करने के लिए दो सौ से ज्यादा मजदूरों की ड्यूटी लगाई गई। इनकी तीस-तीस मिनट की शिफ्ट लगाई गई,जिससे उनको किसी प्रकार का नुकसान ना हो यह सुनिश्चित किया जा सके। मजदूरों को पीपीई किट दी गई और उनका बल्ड प्रेशर नापने की मशीन भी रखी गई। 2015 में किया 10 मीट्रिक टन कचरे का निपटान सीपीसीबी की कॉनिटरिंग में सभी निर्धारित पैरामीटर अनुसार सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए 10 मीट्रिक टन अपशिष्ट विनिष्टिकरण का ट्रॉयल रन-2015 में किया गया। शेष बचे 337 मीट्रिक टन रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का निष्पादन सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों के अनुक्रम में तथा उच्च न्यायालय द्वारा गठित ओवर साइट कमेटी/टास्क फोर्स कमेटी के निर्णय 19 जून 2023 के अनुक्रम में किया जा रहा है।     पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। मजदूरों की सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है काफिले के साथ पुलिस की गाड़ियां और एम्बुलेंस रहेगी जिससे आपात स्थिति में काफिले के साथ मौजूद स्टाफ को ज़रूरत पड़ने पर त्वरित मेडिकल सहायता उपलब्ध हो सकेगी. सभी केमिकल को विशेष तरह के बैग्स में भरा जा रहा है, जिसमें लीकेज नहीं होता. कचरा हटाने के लिए जो मजदूर लगाए गए हैं, उन सब का हेल्थ चेकअप किया गया है। एक मजदूर को सिर्फ 30 मिनट काम करना होगा, जिसके बाद दोबारा काम शुरू करने से पहले उसे आराम करने का समय दिया जाएगा. एक ट्रक में 30 टन कचरा डाला जाएगा. हर मजदूर को सुरक्षा किट और मास्क के साथ ही फैक्ट्री में प्रवेश दिया जा रहा है। पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट  मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।    recent visitors 54

घुसपैठ कर भारत आई प्रधान बनी बांग्लादेशी महिला? TMC नेता पर लगे फर्जी दस्तावेजों से नागरिकता हासिल करने के आरोप

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के रशीदाबाद की ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून की नागिरकता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. मालदा जिले में टीएमसी के नेतृत्व वाली रशीदाबाद ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून को लेकर कहा जा रहा है कि वो बांग्लादेशी अप्रवासी हैं. इतना ही नहीं उनपर आरोप है कि वो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थीं. मीडिया रिपोर्ट्स में लवली खातून का असली नाम नासिया शेख बताया जा रहा है. ऐसे में स्थानीय चुनाव में हिस्सेदारी और पंचायत प्रमुख बनने के बारे में सवाल उठना लाजमी हो गए हैं. इस संबंध में कलकत्ता हाई कोर्ट ने SDO से रिपोर्ट भी तलब कर ली है. चुनाव जीतने के बाद TMC में हुई शामिल चंचल की रहने वाली रेहाना सुल्ताना ने 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी. रेहाना ने 2022 में ग्राम पंचायत चुनाव लड़ा था लेकिन वो लवली खातून से चुनाव हार गईं थीं. सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा,'याचिका दाखिल करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन लवली खातून से हार गईं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. खातून के चुनाव जीतने के बाद एक या दो महीने के भीतर वह टीएमसी में शामिल हो गईं.' भारत में रहकर बनवाए फर्जी दस्तावेज मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया गया था और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र, लेकिन सभी फर्जी दस्तावेजों की बुनियाद पर ये डॉक्यूमेंट्स बने हैं. याचिकाकर्ता का दावा है कि यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि खातून ने अपना नाम और आधिकारिक रिकॉर्ड बदलने सहित अपनी पहचान बदल दी है. लवली खातून से हारी थीं रेहाना सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा कि याचिका दायर करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह लवली खातून से हार गई थीं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। खातून के चुनाव जीतने के एक या दो महीने के भीतर ही वह टीएमसी में शामिल हो गई थीं। लवली खातून पर क्या हैं आरोप? इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वकी भादुड़ी ने कहा कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर एक बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया था, और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया। बांग्लादेश से आया चालाक घुसपैठिया भादुड़ी ने कहा है कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्टेटस जैसे फर्जी दस्तावेज भी बनवाए हैं। हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी। एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था। हर कोई जानता है कि उसके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक ​​कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है। वकील ने आगे सवाल उठाया कि खातून कैसे चुनाव लड़ सकती हैं, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। इस बीच लवली खातून ने द एक्सप्रेस द्वारा किए गए कॉल का जवाब नहीं दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 'पड़ोसी गांव में किसी को बनाया पिता' रेहाना के वकील भादुड़ी ने कहा,'हम स्थानीय पुलिस स्टेशन और स्थानीय प्रशासन के पास गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए हम 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय चले गए.' उन्होंने कहा कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्थिति जैसे दस्तावेजों में भी हेराफेरी की है. हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी और एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था. सभी जानते हैं कि उनके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NRC) में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है.' यह ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश के नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से देश में घुस आए थे. recent visitors 56

Ex Constable Saurabh Sharma के घर 9 दिन से जारी Raid में मिला 93 Crore का खजाना

भोपाल  27 दिसंबर से भोपाल के करोड़पति आरटीओ पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के यहां छापेमारी देश भर में सुर्खियों में रही। उसके घर 9 दिन में बैक टू बैक तीन एजेंसियों ने छापे मारे। इस दौरान धनकुबेर सौरभ के पास 93 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मिली है। इनमें 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश से लेकर 23 करोड़ की अन्य संपत्तियों और 6 करोड़ की एफडी शामिल है। इतने खुलासों ने जांच दलों को भी हैरानी में डाल दिया है। उसके यहां ईडी से लेकर लोकायुक्त और आयकर विभाग तीनों कार्रवाई को अंजाम दिया। शर्मा पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। उसके पास आय से कई गुना अधिक चल अचल संपत्ति मिली है। वह भी मात्र कुछ सालों के काम करने के बाद। छापेमारी का क्रम ऐसा रहा ईडी ने 27 दिसंबर को सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी के ठिकानों पर छापे मारे थे। ये सभी लोग सौरभ के काम में मददगार बताए जा रहे हैं। शुरुआती छापेमारी में सौरभ की कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। इसके बाद ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाया और उनके परिवार, दोस्तों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। इस दौरान भी कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसने सभी को हैरत में डाल दिया है। ईडी को अब तक शर्मा के परिजनों और दोस्तों के खातों में 4 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा 23 करोड़ रुपये की और संपत्ति भी जांच के घेरे में है। परिवार और दोस्तों के नाम बेनामी संपत्तियां भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में की गई छापेमारी में 6 करोड़ रुपये की एफडी भी मिली हैं। ईडी को शक है कि शर्मा ने अपने परिवार, दोस्तों और कंपनियों के नाम पर कई बेनामी संपत्तियां खरीदी हैं। ईडी का कहना है कि ये सभी लोग सौरभ के अवैध कारोबार से फायदा उठा रहे थे। या फिर उसके काम में मदद कर रहे थे। इस मामले में अभी जांच जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। बता दें सौरभ शर्मा का अब तक लोकायुक्त पता नहीं लगा सकी है। सौरभ शर्मा दुबई में है या भारत में इसको लेकर एजेंसी के अधिकारी ही कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इस बीच सौरभ शर्मा के यहां लगातार अलग-अलग एजेंसियों की तलाशी में काली कमाई निकल रही है। जानकारी के अनुसार सौरभ शर्मा के करीबियों की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने उसके ठिकानों पर 19 और 20 दिसंबर को सर्च की थी। इस दौरान सौरभ के भोपाल स्थित घर और कार्यालय से 7.98 करोड़ रुपए की चल संपत्ति बरामद की गई थी। वहीं, आयकर विभाग ने भी एक कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैस जब्त किया था।    लाल डायरी में छिपा है 2000 करोड़ का घोटाला?   पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दावा किया कि सौरभ शर्मा से जब्त की गई लाल डायरी में नेता और अफसरों के नाम पर 2000 करोड़ रुपए के लेन-देन का हिसाब दर्ज है। इस डायरी में कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे नेता और अधिकारियों की पहचान छिपाई गई है।   पटवारी की मांग: केंद्रीय एजेंसी से जांच हो पटवारी ने मांग की है कि लाल डायरी का सत्यापन केंद्रीय एजेंसियों से करवाया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि लोकायुक्त पुलिस के पास मौजूद डायरी में छेड़छाड़ की जा सकती है। उन्होंने इसे सार्वजनिक करने की भी मांग की। recent visitors 51

लखनऊ में 4 बहनों और मां की हत्‍या, पुलिस ने बेटे को किया अरेस्‍ट, पिता भी शक के घेरे में

लखनऊ  नए साल के पहले दिन लखनऊ के होटल में 5 लोगों का मर्डर कर दिया गया। मरने वालों में 4 लड़कियां और उनकी मां शामिल है। पुलिस ने इस मामले में बेटे को अरेस्‍ट किया है। आरोपी का नाम अरशद बताया जा रहा है। उसकी उम्र लगभग 24 साल है। पारिवारिक विवाद में मर्डर की बात सामने आई। लखनऊ सामूहिक हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, मृतकों के गले और कलाई पर चोट के निशान हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी पांच लोगों को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया, फिर उनके हाथ की नसों को काट कर मौत के घाट उतार दिया गया. पारिवारिक कलह में बेटे द्वारा वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल, पुलिस ज्यादा कुछ कहने से बच रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही सारी चीजें साफ होंगी. फिलहाल, हत्यारोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.   प्राप्त जानकारी के मुताबिक, परिवार आगरा से आया था और लखनऊ के होटल शरणजीत के रूम नंबर- 109 में 30 दिसंबर से ठहरा हुआ था. कुल सात लोग रुके हुए थे, जिनमें मां और 4 बेटियों की हत्या हुई है. आरोप बेटे पर है, जिसका नाम अरशद है. पुलिस पूछताछ में अरशद सिर्फ इतना ही कह रहा है कि ये हमारा पारिवारिक मसला है. वह बार-बार बस एक लाइन दोहरा रहा है कि 'मुझे पता है यह लोग क्या करती हैं…' लखनऊ पुलिस का कहना है कि होटल से एक महिला और 4 लड़कियों की डेड बॉडी बरामद हुई है. उनके गले और कलाई पर निशान मिले हैं. हत्या कैसे हुई ये पोस्टमार्टम से क्लियर होगा. हालांकि, ये साफ है कई गोली मारकर मर्डर नहीं हुआ है. वहीं, पुलिस सूत्रों ने बताया कि कलाई और गर्दन पर पतले धारदार हथियार के निशान मिले हैं. आपको बता दें कि मृतक 4 बेटियों में से दो नाबालिग हैं. जबकि, दो की उम्र भी 18 और 19 साल ही है. लखनऊ के होटल के अंदर हुई इन 5 हत्याओं से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है. आरोप है कि बेटे अरशद ने अपनी मां और 4 बहनों को मौत के घाट उतार दिया है. शक पिता बदर पर भी है. वह अभी फरार है. अरशद से पूछताछ की जा रही है. वारदात लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र में बीती रात हुई है, जहां आगरा का रहने वाला परिवार होटल शरणजीत में रुका हुआ था. शुरुआती पड़ताल में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है. फिलहाल, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों के नाम 1. आलिया (उम्र 9 वर्ष, बहन) 2. अल्शिया (उम्र 19 वर्ष, बहन) 3. अक्सा (उम्र 16 वर्ष, बहन) 4. रहमीन (उम्र 18 वर्ष, बहन) 5. अस्मा (मां) 5. आरोपी का नाम- अरशद (24)   पुलिस के अनुसार अरशद ने धारदार ब्‍लेड से पांचों की हत्‍या की है। पुलिस ने जब पूछताछ की तो अरशद बार-बार अपने बयान बदलने लगा। जब सख्‍ती दिखाई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। यह भी पता चला कि परिवार 30 दिसंबर को लखनऊ घूमने आया था। अरशद का कहना है कि ये हत्‍याएं पिता ने की हैं, वह (अरशद) किसी तरह बच गया। इसके बाद पिता मौके से भाग गए। अरशद ने आशंका जताई कि उसके पिता भी खुदकुशी कर सकते हैं। ये लोग नाका इलाके के होटल शरणजीत में ठहरे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। मरने वालों के नाम आलिया (9), अल्शिया (19), अक्‍सा (16), रहमीन (18) और अस्‍मा बताए जा रहे हैं। अस्‍मा इन बच्‍चों की मां थी। पुलिस ने इस मामले में बताया कि पारिवारिक कलह की वजह से आरोपी अरशद ने यह हत्‍याएं की हैं। मामले की जांच जारी है। शवों को पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। आरोपी का नाम अरशद है। पिता का नाम बदर है। वह इस्लाम नगर, टेढ़ी बगिया, कुबेरपुर, आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है। यह जानकारी डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने दी। recent visitors 53

ICC टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग-बुमराह ने 907 रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए, टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में नंबर-1 पर

 मुंबई इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार (1 जनवरी) को ताजा रैंकिंग जारी की है. इसमें भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने धमाल मचाते हुए नए साल के पहले ही दिन इतिहास रच दिया है. बुमराह आईसीसी टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में नंबर-1 पर काबिज हैं. इसके अलावा उनके रेटिंग पॉइंट्स भी 907 हो गए हैं. यह अपने आप में ऐतिहासिक रिकॉर्ड है. बुमराह इतने रेटिंग पॉइंट्स हासिल करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले अश्विन ने दिसंबर 2016 में सबसे ज्यादा 904 रेटिंग अंक हासिल किए थे. बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में धमाल मचा रखा है, जिसका फायदा उन्हें आईसीसी रैंकिंग में हासिल हुआ है. साथ ही बुमराह 907 रेटिंग अंकों के साथ सर्वकालिक सूची में इंग्लैंड के स्पिनर डेरेक अंडरवुड के साथ संयुक्त 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज सिडनी बार्न्स (932) और जॉर्ज लोहमैन (931) शीर्ष पर हैं, जबकि इमरान खान (922) और मुथैया मुरलीधरन (920) तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टॉप विकेट टेकर हैं बुमराह बता दें कि भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है. यहां दोनों टीमों के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है, जिसका चौथा मुकाबला मेलबर्न में हुआ. इस चौथे मैच में ऑस्ट्रेलिया 184 रनों से जीता. इस तरह मेजबान टीम सीरीज में 2-1 से आगे हो गई है. अब आखिरी टेस्ट 3 जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा. सीरीज में अब तक बुमराह ही टॉप विकेट टेकर हैं. उन्होंने 4 टेस्ट की 8 पारियों में सबसे ज्यादा 30 विकेट झटके हैं. उनका औसत भी 12.83 का रहा है. उनके बाद दूसरे नंबर पर पैट कमिंस हैं, जिन्होंने 20 विकेट लिए. बुमराह को इसी प्रदर्शन का दमदार फायदा मिला है. सीरीज के तीसरे यानी गाबा टेस्ट में भी बुमराह ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने पहली पारी में 76 रन देकर 6 विकेट झटके थे. जबकि बुमराह ने गाबा टेस्ट की दूसरी पारी में 18 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए थे. सीरीज के पहले टेस्ट में बुमराह ने 8 विकेट और दूसरे टेस्ट में 4 विकेट लिए थे. recent visitors 70

नए साल की शुरुआत राहतभरी खबर से, 6 महीने बाद सस्ता हुआ LPG सिलेंडर! जानिए नए दाम

मुंबई नए साल (New Year 2025) की शुरुआत हो गई है और पहले ही दिन एक राहत भरी खबर आई है. दरअसल, 1 जनवरी 2025 को ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने LPG सिलेंडर के दाम में कटौती की है. गैस सिलेंडर के दाम दिल्ली से मुंबई तक 14-16 रुपये तक कम किए गए हैं. हालांकि, ये कटौती कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में की है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14 किलोग्राम वाले) की कीमतें नए साल की शुरुआत में भी स्थिर बनी हुई हैं, यानी इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. इतना सस्ता हुआ LPG सिलेंडर 1 January 2025 यानी साल के पहले दिन 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी की गई हैं. IOCL की वेबसाइट पर अपडेट किए गए दाम के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में 1 जनवरी से 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर अब 1804 रुपये का हो गया है, जो कि बीते 1 दिसंबर को 1818.50 रुपये का था. यानी एक सिलेंडर का दाम 14.50 रुपये घट गया है. दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के अन्य महानगरों में भी इसकी कीमतें बदली हैं. जानें इन शहरों में LPG सिलेंडर की नई कीमत बिहार की राजधानी पटना में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 2095.5 रुपये देने होंगे. जबकि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 1925 रुपये और नोएडा यानी गौतम बुद्ध नगर में 1802.50 रुपने देने होंगे. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 1 जनवरी 2025 से 2073 रुपये और झारखंड की राजधानी रांची में 1962.50 रुपये चुकाने होंगे. क्या होगा असर अब आपके लिए होटल रेस्टोरेंट में खाना खाने का बिल जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. साथ ही ऑनलाइन फूड आर्डर करने पर भी आपको राहत मिल सकती है. 19 किलो वाला सिलेंडर होटल और ढाबा वाले ही इस्तेमाल करते हैं. इन्हें 14 किलो वाले सिलेंडर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. पिछले कई महीनों में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो रहा था जिसपर नए साल के पहले महीने में फिलहाल ब्रेक लग गया है. मुंबई-कोलकाता में ये है नया रेट राजधानी दिल्ली के अलावा कोलकाता में पहली जनवरी से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1927 रुपये से घटकर 1911 रुपये हो गई है. यहां एक सिलेंडर की कीमत (LPG Cylinder Price In Kolkata) में 16 रुपये की कटौती की गई है. इसके साथ ही मुंबई में सिलेंडर के दाम (Mumbai LPG Price) भी 15 रुपये कम हुए हैं और दिसंबर में 1771 रुपये में मिलने वाले कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम घटकर 1756 रुपये का रह गया है. चेन्नई की अगर बात करें, तो यहां 1980.50 रुपये वाला 19Kg Cylinder अब 1 जनवरी 2025 से 1966 रुपये का मिलेगा. दिसंबर के पहले दिन हुआ था महंगा इससे पहले बीते महीने दिसंबर की पहली तारीख को महंगाई का तगड़ा झटका लगा था और 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि नवंबर में 1802 रुपये का था. कोलकाता में ये 1911.50 रुपये से 1927 रुपये का, Mumbai में 1754.50 रुपये से 1771 रुपये और चेन्नई में 1964.50 रुपये से 1980.50 रुपये का हो गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये 1 अगस्त के दाम पर ही मिल रहा है. 1 जनवरी को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये दिल्ली में 803 रुपये का मिल रहा है. इसके अलावा कोलकाता में इसकी कीमत 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है. recent visitors 85