राजाभोज एयरपोर्ट पर पहली बार दिसंबर में 1,50,976 यात्रियों का आवागमन हुआ, 1,373 उड़ानों का मूवमेंट दर्ज किया गया

 भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का राजा भोज विमानतल लोगों को काफी पसंद आ रहा है. यहां सेआने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. फ्लाइटों की संख्या में वृद्धि और विमानतल पर मिलने वाली सुविधाओं के चलते भोपाल एयरपोर्ट यात्रियों को रास आने लगा है.इसकी वजह से लगातार लाखों की संख्या में यात्री अब भोपाल से देश के कोने-कोने में यात्रा कर रहे हैं. संत हिरदाराम नगर स्थित राजाभोज एयरपोर्ट ने दिसंबर 2024 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है।बता दें कि पहली बार इस महीने में 1,50,976 यात्रियों का आवागमन हुआ। इसके साथ ही 1,373 उड़ानों का मूवमेंट दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। 2023 के दिसंबर में यह आंकड़ा 1,31,259 यात्रियों और 1,143 उड़ानों का था। इस तरह यात्रियों की संख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यात्रियों की संख्या में इजाफा विंटर शेड्यूल में उड़ानों की संख्या बढ़ने से यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, पूरे साल 2024 में 14,711 उड़ानों का मूवमेंट हुआ, जो 2023 के 13,481 उड़ानों से 9 प्रतिशत अधिक है। साल 2023 में कुल 13,20,205 यात्रियों ने यात्रा की थी, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 15,26,629 तक पहुंच गई, जो 16 प्रतिशत की बढ़त है। बात करें नवंबर 2024 की तो इस महीने में 1,37,157 यात्रियों का आवागमन हुआ और 1,224 उड़ानों का मूवमेंट हुआ। आर्थिक रुप से मिली मजबूती इन आंकड़ों से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यात्रियों की संख्या में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है। इससे पिछले पूराने रिकॉर्ड टूट चुके हैं। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने पर राज्य सरकार को आर्थिक रुप से भी मजबूती मिली है। recent visitors 52

सरकारी नौकरी में तलाश में लगे युवाओं के लिए खुशखबरी, आबकारी आरक्षक पदो की भर्ती परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी, आवेदन 15 फरवरी से

भोपाल सरकारी नौकरी में तलाश में लगे युवाओं के लिए खुशखबरी है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (एमपीईएसबी) की ओर से आबकारी विभाग, मध्यप्रदेश के अन्तर्गत आबकारी आरक्षक पदो की सीधी एवं बैकलॉग भर्ती परीक्षा-2024 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती का एलान किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 फरवरी 2025 से शुरू कर दी जाएगी जो निर्धारित अंतिम तिथि 1 मार्च 2025 तक जारी रहेगी। आवेदन शुरू होने के बाद अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से भर्ती में शामिल होने के लिए फॉर्म भर सकेंगे। भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां कार्यक्रम महत्वपूर्ण तिथियां एप्लीकेशन शुरू होने की तिथि 15 फरवरी 2025 आवेदन पत्र भरने की लास्ट डेट 1 मार्च 2025 एप्लीकेशन फॉर्म में संशोधन करने की तिथि 15 फरवरी से 8 मार्च 2025 परीक्षा की तिथि 8 जुलाई 2025 कौन ले सकेगा भर्ती में भाग एमपी एक्साइज कांस्टेबल भर्ती में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही निर्धारित कटऑफ डेट से अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 33 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। इसके साथ ही उम्मीदवारों को शारीरिक मापदंड को भी पूरा करना होगा। ध्यान दें कि यह जानकारी पिछली भर्ती के अनुसार है, विस्तृत नोटिफिकेशन जारी होते ही नई जानकारी अपडेट कर दी जाएगी। परीक्षा के बारे में डिटेल एमपीईएसबी की ओर से जारी किये गए विज्ञापन के मुताबिक इस भर्ती के लिए परीक्षा की संभावित तिथि 8 जुलाई 2025 तय की गई है। परीक्षा का आयोजन दो शिफ्ट में करवाया जायेगा। पहली शिफ्ट का एग्जाम सुबह 9 से 11 बजे तक संपन्न होगा वहीं दूसरी शिफ्ट की परीक्षा का आयोजन दोपहर 2:30 से 4:40 तक करवाया जायेगा। पहली शिफ्ट के लिए उम्मीदवारों को सुबह 7 से 8 के बीच परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग करनी होगी वहीं दूसरी शिफ्ट के परीक्षार्थी दोपहर 1 से लेकर 2 बजे तक रिपोर्टिंग कर सकेंगे। आवेदन शुल्क इस भर्ती में आवेदन के साथ अनारक्षित अभ्यर्थियों के लिए 500 रुपये तय किया गया है। मध्य प्रदेश के मूल निवासी जो एससी/ एसटी/ ओबीसी/ दिव्यांगजन/ ईडब्ल्यूएस वर्ग से आते हैं उनको शुल्क के रूप में 250 रुपये का भुगतान करना होगा। कियोस्क के माध्यम से आवेदन करने पर आपको 60 रुपये पोर्टल शुल्क देना होगा वहीं रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के माध्यम से आवेदन करने पर पोर्टल शुल्क 20 रुपये देना होगा। recent visitors 70

नए साल में इंदौर वासियों को मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिलने वाली है. उम्मीद है कि अगले महीने से मेट्रो पटरी पर दौड़ने लगेगी

इंदौर नए साल में इंदौर वासियों को मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिलने वाली है. उम्मीद है कि अगले महीने से मेट्रो पटरी पर दौड़ने लगेगी. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) की तैयारी अंतिम चरण में है. बस मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त  (CMRS) की हरी झंडी का इंतजार है. अधिकारियों का कहना है कि हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा. दावा किया जा रहा है कि जनवरी या फरवरी माह में मेट्रो ट्रेन दौड़ने लगेगी. बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में गांधीनगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक 3 के बीच लगभग 6 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी. उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सितंबर 2023 में किया गया था. अधिकारियों ने आगे बताया कि मेट्रो का संचालन शुरू होने के बाद मार्ग की लंबाई भी बढ़ाई जाएगी. कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक मेट्रो शुरू होने से सड़क यातायात का दबाव कम होगा. इसके अलावा लोगों को कम समय में सफर की सुविधा भी मिलेगी. शुरुआत में चलाई जाएगी तीन डिब्बों की मेट्रो ट्रेन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुरुआत में तीन डिब्बों की मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी. यात्रियों की संख्या बढ़ने पर मेट्रो में तीन अतिरिक्त डिब्बे जोड़ दिए जाएंगे. डिब्बों को बढ़ाने का फैसला यात्रियों की तादाद पर निर्भर होगा. बताया जा रहा है कि मेट्रो ट्रेन के एक डिब्बे में 300 यात्री सफर करेंगे और सीट पर बैठने वाले 50 यात्री शामिल हैं. इंदौर में 7500 करोड़ की लागत वाली मेट्रो ट्रेन परियोजना के पहले चरण नींव 14 सितंबर 2024 को रखी गई थी.  शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रेन का गलियारा का बनाया जाना है. मेट्रो ट्रेन के चलने की खबर से इंदौर वासी उत्साहित हैं. recent visitors 49

पर्यटन स्थलों पर लोगों की रही भीड़, हुए दो हादसे , कही पलटी नाव, तो कही पलटी बोलेरो

रायगढ़ नए साल के पहले दिन जिले के पर्यटन स्थल पर लोगों की भीड़ रही. वहीं आज दो अलग-अलग हादसे हुए, जिसमें लोग बाल-बाल बचे. टीपाखोल डेम में नाव पलटी है. नाव में सवार तीन लोग बाल-बाल बचे हैं. लाइफ जैकेट के कारण गहरे पानी में डूबने से पहले गोताखोरों ने बचा लिया. वहीं दूसरी घटना भी डेम के पास हुई है जहां पर्यटकों से भरा बोलेरो पलटने से अफरा-तफरी मच गई. बता दें कि टीपाखोल डेम शहर से सात किलोमीटर दूर है. नए साल के कारण यहां भारी भीड़ रही. ग्राम पंचायत टीपाखोल द्वारा डेम में मोटर वोट और नाव चलाई जाती है. डेम के पास ही नया साल मनाने गए पर्यटकों से भरा बोलेरो वाहन पलट गया. इस हादसे में भी लोग बाल-बाल बचे. recent visitors 67

सरकार ने आज से “वन नेशन, वन सब्‍सक्रिप्‍शन” योजना शुरू की, डिजिटल ज्ञान संसाधनों तक निर्बाध पहुंच

नईदिल्ली सरकार ने आज से वन नेशन वन ससब्‍सक्रिप्‍शन-ओएनओएस योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्‍य विद्यार्थियों को सिंगल सब्‍सक्रिप्‍शन प्‍लेटफार्म के तहत शोधपत्रों, जरनलों और शैक्षिक सामग्री सहित व्‍यापक डिजिटल ज्ञान संसाधनों तक निर्बाध पहुंच उपलब्‍ध कराना है। इस योजना से अलग-अलग जगह सब्‍सक्रिप्‍शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ज्ञान सबको सुलभ होगा। विश्‍वविद्यालयों और आईआईटी सहित सरकारी सहायता प्राप्‍त उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों के एक करोड 80 लाख विद्यार्थियों को इस पहल के अंग के रूप में दुनिया भर के शीर्ष जरनल में प्रकाशित शोध पत्रों को देखने की सुविधा मिलेगी। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने बताया कि योजना तीन चरणों में लागू होगी। फेज-वन में हमने सारी रिसर्च सैंट्रल और स्‍टेट गवर्मेंट की जितनी रिसर्च इन्‍स्‍टीट्यूट, यूनिवर्सिटीज़, कॉलेजिस सबको मिलाया। उसको एक्‍सपीरियंस करके हम फेज-टू में हमारी जो प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेजिस हैं उनको हम देखेंगे कि कैसे मिलाया जाए फेज टू में और फेज-थ्री जब होगा कि जब आपके कोई भी नागरिक देश का अगर वो नॉलेज को एक्सिस करना चाहता है कर पाए तो वो फेज-थ्री होगा। तो पहले तीन साल हमने फेज-वन किया है उसके बाद फेज-टू और उसके बाद फेज-थ्री। केन्‍द्रीय मंत्रिमण्‍डल ने पिछले वर्ष 25 नवम्‍बर को वन नेशन, वन सब्‍सक्रिप्‍शन योजना को स्‍वीकृति दी थी। मंत्रिमंडल के फैसले के दौरान केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने योजना के बारे में विस्‍तार से बताया था। उन्‍होंने बताया कि ओएनओएस योजना के तहत तीन वर्ष की अवधि के लिए छह हजार करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। यह चुनिंदा उत्‍कृष्‍ट ओपन एक्‍सेस जर्नलों में प्रकाशन के वास्‍ते लाभार्थी लेखकों के लिए सालाना एक सौ पचास करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता भी उपलब्‍ध कराएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 नवंबर 2024 को इस दृष्टिकोण के अनुरूप वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन योजना को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य देश के सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) और केंद्र सरकार के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के सभी छात्रों,  शिक्षकों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय विद्वानों की पत्रिकाओं और लेखों तक पहुंच प्रदान करके ज्ञान की बाधाओं को तोड़ना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के शैक्षणिक और अनुसंधान समुदाय सर्वोत्तम वैश्विक संसाधनों से लैस हों, नवाचार को बढ़ावा दें और विभिन्न विषयों में अनुसंधान की गुणवत्ता को बढ़ाएं। वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन योजना वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की भारत की महत्वाकांक्षा की आधारशिला है। यह पहल विकासशील भारत@2047 विजन का एक प्रमुख घटक है। यह रोडमैप अत्याधुनिक अनुसंधान, तकनीकी उन्नति और आत्मनिर्भर प्रगति द्वारा संचालित एक अग्रणी वैश्विक शक्ति के रूप में भारत के उभरने की कल्पना करता है। ऐसी पहलों के माध्यम से, भारत ज्ञान की अपनी समृद्ध विरासत का निर्माण करने की तैयारी कर रहा है, जिससे वह वैश्विक नवाचार और खोज में सबसे आगे खड़ा हो सके। एक अच्‍छा जनरल की एक्सेस कितनी कम रहती इसलिए प्रधानमंत्री जी ने इसको एक नए स्‍वरूप में डाला है कि क्‍यों ना हम सभी यूनिवर्सिटी अपने रिसोर्सिस को पूल कर लें, कॉमन कर लें। कॉमन करके जितने विश्‍व प्रसिद्ध जनरल हैं उन सबको खरीदें उनका सब्सक्रिप्‍शन करें और उसके बाद में देशभर में जितने भी हमारे एजुकेशनल इन्‍स्‍टीट्यूशंस हैं उन सब में वो उपलब्‍ध हो जाएं। इट्स ए वेरी इंट्रेस्टिंग थॉट एंड दिस इज़ लेट टू द सिक्‍स थाउजेंड करोड़, प्रोग्राम फॉर वन नेशन, वन सब्‍सक्रिप्‍शन। recent visitors 89

नए साल में सतना को बड़ा तोहफा,सतना से पीएम पर्यटन हवाई सेवा की हुई शुरुआत

सतना आज पूरे भारतवर्ष में नए साल का जश्न बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। रात 12 बजे से ही लोग पटाखे फोड़ कर एक-दूसरे को बधाइयां देकर नए साल की शुरुआत कर रहे हैं। आज के दिन को स्पेशल बनाने के लिए लोग तमाम तरह की एक्टीविटिज करते हैं। दोस्तों के संग पिकनिक, पार्टी आदि करते हैं। कुछ लोग घर पर ही पार्टी ऑर्गेनाइजर करते हैं। कुछ लोग साल के पहले दिन मंदिर घूमने जाते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश की सतना वीडियो के लिए भी नया साल ढ़ेरों सौगात लेकर आया है। दरअसल, आज से पीएम पर्यटन हवाई सेवा शुरू हुई । जब रनवे पर सुबह 11:30 छह सीटर प्लेन उतरा । यह स्थानीय लोगों के लिए नए साल का बेहतरीन तोहफा माना जा रहा है। पीएम पर्यटन हवाई सेवा शुरू हवाई सेवा के शुरू होने से एक शहर से दूसरे शहर की कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुगम हो जाएगी। अब लोगों को कहीं जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। पहले कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण लोगों को दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन या बस का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब उनकी यह समस्या दूर हो चुकी है। हालांकि, यह हवाई सेवा सप्ताह में केवल दो दिन मिलेगी जिनमें रविवार और बुधवार शामिल है। रविवार को पैसेंजर्स सतना से वाया खजुराहो होकर भोपाल की यात्रा कर सकते हैं। वहीं, बुधवार को सतना से वाया जबलपुर होकर भोपाल के लिए फ्लाई ओला एयरलाइन की वायु सेवा जाएगा। यात्रा करने से पहले फ्लाइट के रूट के बारे में अवश्य जान लें। रूट     रविवार को सबसे पहले फ्लाइट भोपाल से खजुराहो आएगी। यहां से सतना आकर सिंगरौली जाएगी। उसके बाद सिंगरौली से फिर रवाना होकर सतना होते हुए खजुराहो होकर भोपाल को वापसी करेगी।     वहीं, बुधवार को भी भोपाल से जबलपुर और फिर सतना जाकर सिंगरौली जाएगी। इसी तरह वापसी में सिंगरौली से वापस सतना होते हुए जबलपुर के रास्ते भोपाल को पहुंचेगी। किराया किराए की बात करें तो यह यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बहुत कम रखा गया है। एक तरफ के लिए यात्रियों को 2500 से ₹4000 तक खर्च करने होंगे। recent visitors 45

नए साल में मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने विभिन्न योजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली 1 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं और पैकेजों को मंजूरी दी। इन फैसलों से किसानों को राहत मिल सकती है, खासकर उर्वरकों और फसल बीमा से जुड़े मामलों में। डीएपी उर्वरक कंपनियों के लिए स्पेशल पैकेज केंद्र सरकार ने डीएपी (डायअमोनियम फास्फेट) उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के लिए एक स्पेशल पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत कंपनियों को मिलने वाली सब्सिडी के अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। डीएपी उर्वरक की मांग भारत में बहुत अधिक है, लेकिन इसके अधिकतर कच्चे माल का आयात किया जाता है, खासकर चीन, सऊदी अरब और मोरक्को जैसे देशों से। वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण डीएपी की लागत बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए उर्वरक की कीमतें भी बढ़ी हैं। सरकार ने इन कंपनियों को वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है ताकि उर्वरक की कीमतों को स्थिर रखा जा सके और किसानों को राहत मिले। यह पैकेज 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा, जिससे अगले कुछ वर्षों तक किसानों को महंगे उर्वरकों से राहत मिलेगी और उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी। फसल बीमा योजना में किए सुधार केंद्र सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी या अन्य कारणों से फसल को हुए नुकसान के लिए किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अब, सरकार ने इस योजना के नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया है, ताकि यह किसानों के लिए और अधिक सुलभ हो। सरकार के मुताबिक, फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम की दर को कम किया जाएगा और बीमा प्राप्त करना किसानों के लिए आसान बनाया जाएगा। पहले जहां किसानों को बीमा लेने के लिए जटिल प्रक्रिया का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इसे सरल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार इस योजना में कवरेज की सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, ताकि किसानों को और अधिक सहायता मिल सके। इस कदम से छोटे और मझले किसानों को फायदा होने की संभावना है, क्योंकि उन्हें कम खर्च में अधिक बीमा कवर मिलेगा और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्राप्त होगी। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से किया मना इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के साथ बातचीत करने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने एसकेएम को 3 जनवरी 2025 को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था, लेकिन एसकेएम ने इसे ठुकरा दिया। एसकेएम का कहना है कि वे किसी भी न्यायालयिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते क्योंकि उनकी लड़ाई केंद्र सरकार के साथ नीतिगत मुद्दों पर है, और इसमें न्यायालय की कोई भूमिका नहीं हो सकती। एसकेएम ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने संघर्ष को न्यायालय से बाहर, सीधे तौर पर सरकार से करेंगे। एसकेएम के नेताओं का कहना है कि वे सरकार से किसानों के लिए ज्यादा राहत देने और उनके मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करेंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के साथ कोई भी बैठक नहीं करेंगे। खनौरी बॉर्डर पर महापंचायत की घोषणा संयुक्त किसान मोर्चा ने 4 जनवरी 2025 को खनौरी बॉर्डर पर एक महापंचायत बुलाने की घोषणा की है। इस महापंचायत में पंजाब और आसपास के राज्यों के किसानों को आमंत्रित किया गया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने इस महापंचायत का आयोजन किया है, और उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में किसानों को महत्वपूर्ण संदेश दिए जाएंगे। किसान नेताओं का कहना है कि इस महापंचायत में आगामी आंदोलन की रणनीतियों और किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, किसान नेताओं का कहना है कि महापंचायत के माध्यम से वे सरकार को यह संदेश देंगे कि किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उनके हितों के खिलाफ किसी भी नीतिगत फैसले को मंजूरी नहीं दी जाएगी। किसानों के संघर्ष की निरंतरता किसान आंदोलन ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण मोड़ लिए हैं, और अब यह आंदोलन कृषि नीतियों के विरोध में केंद्र सरकार से सीधे संवाद की ओर बढ़ रहा है। जबकि सरकार ने अब तक कई फैसले किसानों के पक्ष में लिए हैं, एसकेएम और अन्य किसान संगठन चाहते हैं कि सरकार उनके द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर पूरी तरह से ध्यान दे और ठोस कदम उठाए। इस महापंचायत में किसानों को आगामी फैसलों और रणनीतियों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। एसकेएम के नेता इसे किसानों की आवाज को और अधिक मजबूत करने के एक मौके के रूप में देख रहे हैं। सरकार के फैसलों का असर सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों का असर किसानों पर पड़ेगा, क्योंकि ये न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। विशेषकर डीएपी की सब्सिडी और फसल बीमा में सुधार से किसानों को सीधी राहत मिल सकती है, जो उनकी आय को स्थिर रखने में मदद करेगा। सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र के सुधारों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है, जो किसानों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। recent visitors 59