उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय में मुफ्त पढ़ाई करेंगे कामगारों के बच्चे

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को सीबीएससी बोर्ड की पढ़ाई कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों से आवेदन मांगे गए हैं। पात्र और इच्छुक पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपने बच्चों के प्रवेश के लिए 25 जनवरी तक आफलाइन आवेदन कर सकते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुंवर रणंजय पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बालक और बालिकाओं के प्रवेश अटल आवासीय विद्यालय समिति की ओर से संचालित अटल आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा। यहां पर कक्षा 6 और 9 में 140-140 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें 70-70 बालक और 70-70 बालिकाएं होगी। यह सीट गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए है। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र 20 जनवरी तक शहर के शास्त्रीनगर स्थित श्रमायुक्त कार्यालय से मुफ्त प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 जनवरी तक यहीं पर जमा किए जा सकता है।श्रमिक जिनका पंजीयन 30 नवंबर तक कम से कम तीन वर्ष पूरा कर चुका हो। इन श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को प्रवेश मिलेगा। कक्षा छह में प्रवेश के लिए जन्मतिथि एक मई 2013 से पहले और 31 जुलाई 2015 के बाद नहीं होना चाहिए। कक्षा नौ में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार की जन्मतिथि एक मई 2010 से पहले और 31 जुलाई 2012 के बाद नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए कहां मिलेगा फॉर्म वे छात्र जो इन स्कूलों में आवेदन करना चाहते हैं, वे अटल आवासीय स्कूलों में नए सेशन में दाखिला लेने के लिए हाथरस, अलीगढ़, एटा व कासगंज के योग्यता पूरी करने वाले स्टूडेंट्स जिला प्रोबेशन अधिकारी, बीईओ, बीएसए, बीडीओ और श्रम विभाग ऑफिस से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरकर जमा करें। आवेदन के लिए जरूरी योग्यता अटल आवासीय विद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए बच्चों का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कोरोना काल में बेसहारा बच्चे, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे इसके लिए पात्र होंगे। साथ ही अगर छात्र कक्षा-6 में दाखिला ले रहा है, तो उसका जन्म 01 मई, 2013 से 31 जुलाई, 2015 के बीच होना चाहिए। कक्षा-9 में एडमिशन लेने वाले बच्चे का जन्म 01 मई, 2010 से 31 जुलाई, 2012 में होना चाहिए। एक परिवार से अधिकतम 02 बच्चे ही इन स्कूलों में एडमिशन पा सकते हैं। वहीं श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन 30 नवंबर, 2024 तक कम से कम 03 साल की सदस्यता पूरी कर चुके हो। कब आयोजित कराई जाएगी परीक्षा साल 2025-26 सेशन कक्षा-6 और कक्षा-9 में दाखिले के लिए 25 दिसंबर से ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2025 है। बता दें, इसके तहत कोविड के दौरान बेसहारा बच्चों को जिला प्रोबेशन अधिकारी ऑफिस में आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पूरे होने के बाद 02 मार्च को श्रम विभाग द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। वहीं वर्तमान में गभाना के टमकौली के स्कूल में कक्षा-6, 7 और 9 का पढ़ाई सत्र चल रहा है, जिसमें लगभग 360 स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसमें से 140 छात्र 2025-26 में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैंठेगे। एडमिशन ले चुके छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं अटल आवासीय स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहना-खाना बिल्कुल फ्री होगा। साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रमों का पालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी। मॉर्डन क्लासरूम के साथ कंप्यूटर साइंस लैब आदि सुविधाएं दी जाएगी। recent visitors 70

दिल्ली से सीधे श्रीनगर पहुंचेगी ट्रेन, PM नरेंद्र मोदी करेंगे पहला सफर

 श्रीनगर कश्मीर घाटी को हर मौसम में शेष भारत से जोड़े रखने के लिए सरकार ने लंबे समय से कनेक्टिविटी पर काम किया है. नए साल पर भारतीय रेलवे के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी क्योंकि जनवरी में दिल्ली से श्रीनगर(Shri nagar) को सीधे जोड़ने वाली एक रेल लाइन शुरू होने वाली है. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल ट्रायल चल रहा है कि PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली पहली वंदे भारत(Vande Bhaat) एक्सप्रेस का उद्घाटन करेंगे. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि PM नरेंद्र मोदी उद्घाटन वाले दिन ट्रेन में यात्रा करेंगे. उत्तरी सर्किल के सेफ्टी कमिश्नर की ओर से 15 जनवरी से पहले अंतिम परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘कटरा रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम चल रहा है. रोड़ी से लदी मालगाड़ी, इंजन को टेस्टिंग के तहत इस रूट पर दौड़ाया जा रहा है. अंजी नदी पर भी इसे चलाकर देखा जा रहा है.’ इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत की यात्रा कर सकते हैं. उपाध्याय ने कहा कि कटरा से रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम पूरा हो चुका है, जो एक तेजी से चलने वाली प्रक्रिया थी, जिसे पूरा किया गया है.इसके अलावा, यहां सबसे मुश्किल काम था टी-33 टनल का निर्माण, जो अब पूरा हो चुका है. रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि अगर सेफ्टी ऑडिट में कोई कमी पाई जाती है तो उसे भी दूर करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद ऐसा पहला मौका होगा कि कश्मीर हर मौसम में शेष भारत से किसी योजना के माध्यम से जुड़ा रहेगा, 17 किलोमीटर के रियासी कटरा खंड के चलते. भारतीय रेलवे ने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए भी यह गेमचेंजर होगा, उन्होंने कहा कि दिल्ली से सीधे कश्मीर तक ट्रेन का पहुंचना बड़ा कदम है, यह किसी सपने को सच करने जैसा होगा. उन्होंने कहा कि यह इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बड़ा कदम है, इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी. रेलवे अधिकारी ने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि रेलवे का किराया एयर टिकट से काफी कम है. काजीगुंड बारामूला सेक्शन 2009 में शुरू हुआ था और जून 2013 में बनिहाल काजीगुंड सेक्शन शुरू हुआ था और जुलाई 2014 में उधमपुर से कटरा के बीच 25 किलोमीटर का सफर शुरू हुआ था. इसी साल फरवरी में बनिहाल से सांगलदन रेलवे स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल भी हुआ था. 2005-06 में शुरू हुई इस रेल लाइन पर उधमपुर, श्रीनगर और बारामूला के बीच 38 सुरंगें बनाई गईं, जिनमें से टी-49 12.75 किलोमीटर लंबी है, जो देश के रेलवे नेटवर्क की सबसे लंबी सुरंग है, और कुल 927 पुल बनाए गए हैं. recent visitors 73

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मविश्वास से भरे भारत के मूड को दर्शाते हुए देश के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आत्मविश्वास से भरे भारत के मूड को दर्शाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में देश के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। साथ ही 2024 में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति और परिवर्तन को याद किया। पीएम मोदी ने इसे एक "काव्यात्मक उत्सव" (पोएट्री सेलिब्रेशन) बताते हुए एक्स पर साझा अपनी पोस्ट में कहा, "मेरा भारत बढ़ रहा।" पीएम मोदी ने एक भावपूर्ण संदेश में लिखा, "स्पेस से लेकर धरती तक, रेलवे से लेकर रनवे तक, संस्कृति से लेकर नवाचार तक, भारत के लिए 2024 अभूतपूर्व प्रगति और परिवर्तन के वर्ष के रूप में दर्ज किया गया!" पीएम मोदी ने कहा, "यह एक काव्यात्मक उत्सव है क्योंकि हम 2025 में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।" पीएम मोदी ने नए साल के पोस्ट में 2.41 मिनट का एक वीडियो-एनिमेशन शेयर किया, जिसमें साल 2024 में हासिल की गई उपलब्धियों को दर्शाया गया। वीडियो में देश के अंतरिक्ष प्रक्षेपण, सुपर-कंप्यूटिंग, रक्षा विनिर्माण में वृद्धि, विमानन उद्योग में वृद्धि, पानी के नीचे हावड़ा मैदान मेट्रो, रामेश्वरम रेल पुल और वंदे भारत रेल जैसे बुनियादी ढांचे के चमत्कार शामिल हैं। वीडियो में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास, अबू धाबी में पहले मंदिर और तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू करने को भी उजागर किया गया। 2024 में सरकार के प्रदर्शन के वर्चुअल रिपोर्ट कार्ड, एनीमेशन क्लिप में अर्थव्यवस्था के बारे में विशेष जानकारी दी गई। 700 बिलियन डॉलर के विदेशी भंडार को उजागर करने के अलावा, इसने एशिया में तीसरी सबसे बड़ी ताकत के रूप में देश के उभरने और 24.82 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने को भी दर्शाया। रोजगार सृजन के मोर्चे पर, वीडियो में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को भी उजागर किया गया। खेल के क्षेत्र में, 2024 के लिए पीएम मोदी के द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में पैरा-ओलंपिक में भारत द्वारा जीते गए रिकॉर्ड 29 पदकों पर भी प्रकाश डाला गया। पर्यावरण के लिए, पीएम मोदी के वीडियो में “एक पेड़ मां के नाम” का संदेश दिया गया, जिसके कारण 102 करोड़ पौधे लगाए गए और भारत की हरित ऊर्जा उत्पादन क्षमता में हुई वृद्धि को उजागर किया गया। 17 सितंबर को अपना जन्मदिन सैन्य जवानों के साथ मनाने के लिए जाने जाने वाले पीएम मोदी ने देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी और लिखा कि आशा करते हैं कि यह साल सभी के लिए समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य लेकर आएगा।   recent visitors 83

छत्तीसगढ़ सरकार 2026 तक नक्सलियों के सफाये के लक्ष्य पर खरी उतरती नजर आ रही, अब तक 237 नक्सलियों को ढेर किया

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में 2024 में अब तक 237 नक्सली ढेर किए जा चुके है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि इस वर्ष मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद जवानों का हौंसला बढ़ा हुआ है। बस्तर में नक्सलियों के लिए कोई रास्ता नहीं बच गया है। नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें क्योंकि आने वाले दिनों में अभियान और भी तेज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बस्तर में अब तक 237 नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है जिनमें से 217 के शव पुलिस को मिले हैं। अन्य 20 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि नक्सली स्वयं कर चुके हैं। इस अवधि में 925 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है तो 792 नक्सली अपने हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौट आए हैं। इन मुठभेड़ में पुलिस को नक्सलियों के 284 हथियार पुलिस को मिले हैं जिसमें इंसास, एके-47 राइफल समेत कई बड़े हथियार हैं। इनमें से कई हथियार नक्सलियों ने पुलिस से लूटे थे। जानिए कितने नक्सली एक साल में ढेर इन मुठभेड़ में पुलिस को नक्सलियों के 284 हथियार पुलिस को मिले हैं, जिसमें इंसास, एके-47 राइफल समेत कई बड़े हथियार हैं। इनमें से कई हथियार नक्सलियों ने पुलिस से लूटे थे। इस वर्ष सुरक्षा बल ने सीधे नक्सलियों को निशाना बनाकर अभियान चलाया। बीते चार दशक में एक वर्ष के भीतर सर्वाधिक 124 बार पुलिस व नक्सलियों के बीच आमना-सामना हुआ। इन मुठभेड़ों में नौ करोड़ 24 लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सलियों को ढेर किया गया है। इनमें 25 लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली रणधीर, नीति, रुपेश उर्फ कोलू जोगन्ना शामिल थे। 28 नए कैंप सीधे नक्सलियों के गढ़ में प्रदेश में इस वर्ष 28 नवीन सुरक्षा कैंप सीधे नक्सलियों के गढ़ में खोले गए हैं। विगत माहभर में ही लगभग दस नए कैंप नक्सलियों के आधार क्षेत्र तेलंगाना राज्य सीमा से सटे दक्षिण व पश्चिम बस्तर क्षेत्र में खोले गए हैं। इसी तरह अबूझमाड़ में भी सुरक्षा कैंपों की दीवार खड़ी कर दी गई है। आईजीपी सुंदरराज पी. ने कहा कि इस वर्ष मिली सफलता के बाद जवानों का हौसला बढ़ा हुआ है। बस्तर में नक्सलियों के लिए कोई रास्ता नहीं बच गया है। नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। अबूझमाड़ में 130 नक्सली हुए ढेर अबूझमाड़ में पिछले एक साल यानि 2024 में सुरक्षाबलों और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 130 नक्सलियों को मार गिराने में सफलता मिली है, वहीं पूवर्ती गांव जो नक्सली कमांडर हिडमा का गांव था वहां भी पुलिस ने कैंप खोला है, अबूझमाड़ इलाके में कुल सात नए पुलिस कैंप खोले गए हैं, जहां पहले पगडंडियों के सहारे जाना मुश्किल होता था वहां पर अब चार पहिया गाड़ियां दौड़ती नजर आ रही है, नियद नेल्लानार योजना के तहत गांवों में विकास के कार्य कर दशकों से मूलभूत सुविधाओं से नक्सली दहशत के चलते महरूम रहने वाले ग्रामीणों के लिए सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से होने लगा है. वहीं सरकार की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर पिछले पांच साल में जितने नक्सलियों ने सरेंडर किया था, उतने नक्सली एक साल में सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में वापस लौट आए है. जो अबूझमाड़ में सफलता की कहानी कहता नजर आता है. अबूझमाड़ में बनी पक्की सड़कें 2024 की शुरुआत में अबूझमाड़ से नारायणपुर जिला मुख्यालय तक जाने के लिए सड़क मार्ग सोनपुर, कोहकामेटा और आंकाबेड़ा तक ही सीमित था, लेकिन 2024 में नक्सलियों के खिलाफ शुरु हुए अभियान के बाद यहां की स्थिति बदली है. नक्सलियों के खिलाफ प्रहार की रणनीति में बदलाव आने के साथ ही नक्सलियों के आधार इलाके में पुलिस बेस कैंप स्थापित करने के साथ ही सड़को का निर्माण कार्य भी तेजी से होने लगा. एक साल के अंदर अबूझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित घने जंगलों से घिरे कस्तूरमेटा, मोहंदी, इरकभट्टी, कच्चापाल, मसपूर, होरादी और गारपा तक पुलिस ने पहुंच कर पुलिस कैंप खोलने के साथ ही इन इलाकों तक सड़को का निर्माण कार्य नियद नेल्लानार योजना के तहत तेजी से कराया जहां चार दशकों से लोग नक्सलियों के दहशत के साए में जीवन जीने को मजबूर हुआ करते थे, वहां पुलिस ने उन्हें अपनी अभिव्यक्ति की आजादी दिलाई है. 2025 में 6 नए थाने बनाने की योजना 2025 के साल में नारायणपुर पुलिस अबूझमाड़ में 6 नए थाने का विस्तार करने वाली हैं, जिसमे गारपा और कस्तूरमेटा में पुलिस ने अपने कैंप स्थापित कर दिए है, जिन्हें थाने का दर्जा मिलेगा वहीं फारसबेडा, तोके, कुतुल और गोमागल में थाना खोलना है जो बताता है कि अब नारायणपुर पुलिस नक्सलियों के कोर इलाके में घुसने की 2025 में योजना बना चुकी है. आने वाला साल अबूझमाड़ में एक नया इतिहास फिर लिखता नजर आएगा. क्योंकि 2024 में अबूझमाड़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़े आपरेशन करने की रणनीति में बदलाव करते हुए नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ से लगे कोंडागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर और बीजापुर जिले की पुलिस के साथ मिलकर नक्सलियों के आधार इलाके में आपरेशन लांच किया है. पुलिस की रणनीति में आए बदलाव का एक बड़ा असर नक्सलियों के कोर इलाके अबूझमाड़ में देखने को मिला. 2024  में नारायणपुर पुलिस अन्य जिलों के साथ मिलकर 130 नक्सलियों को अबूझमाड़ में मार गिराने में सफलता हासिल किया. 130 नक्सलियों को उन इलाको में जाकर पुलिस के जवानों ने मारा जहां कभी फोर्स नहीं पहुंच पाई थी और उन इलाकों को नक्सलियों ने अपना ठिकाना बना दिया लिया था, लेकिन अब यहां से नक्सलियों ने अपना ठिकाना बदला है. नक्सलियों के गढ़ से नाम से जाने जाने वाले अबूझमाड़ और वहां रहने वाले ग्रामीणों के लिए 2024 का साल बड़े बदलाव लेकर आया जहा लोगों को नक्सलियों के दहशत और भय के साए में जीवन जीने से आजादी मिली, वही इन इलाकों में नियद नेल्लानार योजना के तहत विकास के रास्ते के निर्माण की नई बयार लिखी गई, अब इन रास्तों से विकास से महरूम रहने वाले ग्रामीणों को दशकों बाद 2025 के नए साल में विकास की किरण की सौगात मिलेगी. यह जानकारी नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की तरफ से मिली है.    recent visitors 49

मुख्यमंत्री ने की विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में स्मार्ट सिटी कार्यालय के सभा कक्ष में आगामी विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में विक्रम व्यापार मेले का आयोजन एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सम्राट विक्रमादित्य न्याय, दानशीलता, सुशासन, वीरता की अद्वितीय मिसाल है। वे एक महान शासक थे। उन्होंने न केवल विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से बाहर किया बल्कि सुशासन के सभी क्षेत्रों में उनका विशेष स्थान रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के साहस, पराक्रम और पुरूषार्थ, उनकी कथाएं, उनके द्वारा प्रारंभ किया गया विक्रम संवत्, उनके महान इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि उज्जैन को मूर्तिशील्प का केन्द्र बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। मध्यप्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के विभिन्न आयामों को देश और विदेश के सामने लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किया है। सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत् के प्रवर्तन के अवसर पर उज्जैन में आने वाले दिनों में भव्य आयोजन किया जाएगा। विक्रमादित्य की न्याय परंपरा पर विश्वविद्यालय में सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। विक्रम व्यापार मेले में सरकार द्वारा निवेशकों को मंच प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं इन्हें और अधिक विकसित किया जाएगा। उज्जैन में धार्मिक पर्यटकों की संख्या में अत्यंत वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विक्रम व्यापार मेले के आयोजन और विक्रमोत्सव के आयोजन की समीक्षा की। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से गत वर्ष आयोजित विक्रम व्यापार मेले के बारे में मूलभूत जानकारी दी। बताया गया कि इस वर्ष विक्रम व्यापार मेले के आयोजन के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर का चयन किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में विक्रम व्यापार मेले-2025 के लियिे स्थल के प्रस्तावित ले-आउट, प्रस्तावित दुकानों की जानकारी और आयोजन के संबंध में अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस बार के व्यापार मेले में ऑटो एक्स-पो और धार्मिक पर्यटन को भी विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के आयेाजन का उद्देश्य यह है कि सब लोग आपस में मिलें, एक नए जीवन का संकल्प लें और सभी के जीवन में खुशियाँ आएं।  बैठक में सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, श्री सतीश मालवीय, श्री जितेन्द्र पण्ड्या, एडीजी श्री उमेश जोगा, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जयति सिंह, विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक डॉ.श्रीराम तिवारी, डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुँवर, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.अर्पण भारद्वाज, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक, श्री बहादुर सिंह बोरमुण्डला, एमपीआईडीसी के श्री राजेश राठौर, श्री विशाल राजोरिया एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   recent visitors 60

महाकुंभ 2025 में योगी सरकार का विशेष इंतजाम, मिलेगा 5 रुपये में आटा और 6 रुपये में चावल

महाकुंभनगर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ मेला को लेकर तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। महाकुंभ में योगी सरकार ने अखाड़ों, संस्थाओं और कल्पवासियों के लिए बड़े पैमाने पर अन्न भंडार की व्यवस्था की है। ऐसा पहली बार है, जब महाकुंभ में इतने बड़े पैमाने पर अखाड़ों, संस्थाओं और कल्पवासियों को नाम मात्र की कीमत पर राशन की सुविधा प्रदान की जा रही है। सीएम योगी के निर्देश पर अखाड़ों-संस्थाओं और कल्पवासियों को मात्र 5 रुपए में आटा और 6 रुपए में चावल उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए मेला क्षेत्र में 138 उचित मूल्य की दुकानों पर राशन उपलब्ध कराया गया है। 18 रुपए प्रति किलो की दर पर चीनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार महाकुंभ को दिव्य, भव्य के साथ साथ नव्य रूप देने में लगे हैं। इसके लिए उन्होंने अफसरों को सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। खासकर श्रद्धालुओं के भोजन के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ में आने वालों के लिए अन्न भंडार खोल दिया है। यहां मेला क्षेत्र में उचित मूल्य की 138 दुकानें खोली गई हैं, जहां पर कल्पवासियों के लिए एक लाख बीस हजार सफेद राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। इस बार कल्पवासियों, अखाड़ों और संस्थाओं को राशन के लिहाज से बेहद कम कीमत पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा हैं। महाकुंभ में अखाड़ों-कल्पवासियों को 5 रुपए प्रति किलो की दर से आटा और 6 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चावल उपलब्ध कराया जाना है। इसके अलावा कल्पवासियों को 18 रुपए प्रति किलो की दर से चीनी भी उपलब्ध कराई जाएगी। अखाड़ों और संस्थाओं को 800 परमिट की व्यवस्था है। गैस कनेक्शन की भी सुविधा राशन देने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने भोजन पकाने के लिए भी सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इस काम के लिए सभी 25 सेक्टर्स में एजेंसियां निर्धारित की गई हैं। ये एजेंसियां कल्पवासियों, अखाड़ों और संस्थाओं को नया गैस कनेक्शन प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही उन्हें रिफिल करने का भी पूरा इंतजाम है। इसके अलावा जिन कल्पवासियों के पास अपना खुद का खाली गैस सिलेंडर है, उन्हें भी यहां पर रीफिल करा सकते हैं। तीन विशेष प्रकार के सिलेंडर भरने की व्यवस्था महाकुंभ में की गई है। इनमें 5 किलो, 14.2 किलो और 19 किलो के सिलेंडर भरे जा सकेंगे। अन्न भंडार के पांच गोदाम स्थापित महाकुंभ में अखाड़ों-कल्पवासियों और संस्थाओं को भोजन के लिए किसी प्रकार की समस्या न आने पाए, इस लिहाज से मेला क्षेत्र में 138 दुकानों पर विशेष इंतजाम किया गया है। साथ ही अन्न भंडार के पांच गोदाम भी तैयार किए गए हैं। इन गोदामों पर 6000 मीट्रिक टन आटा और 4000 मीट्रिक टन चावल और 2000 मीट्रिक टन चीनी भी रहेगी। इन सामग्रियों की रहेगी व्यवस्था मेला क्षेत्र में दी जा रही इस विशेष सुविधा के अंतर्गत हर कल्पवासी को 3 किलो आटा, 2 किलो चावल और एक किलो चीनी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। जनवरी से फरवरी अंत तक राशन की यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही वन नेशन वन कार्ड की सुविधा भी प्राप्त होगी। 100 कुंतल सामान हर दुकान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। recent visitors 81

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा, नए साल में बढ़ेगा महंगाई भत्ता, सैलरी-पेंशन में होगी फिर वृद्धि

नईदिल्ली  2024 की तरह नया साल 2025 केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सौगातों भरा होने वाला है, क्योंकि जनवरी 2025 से एक बार फिर कर्मचारियों पेंशनरों के महंगाई भत्ते में इजाफा होगा। हालांकि डीए में कितनी बढ़ोतरी होगी यह AICPI के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करेगा। अबतक जुलाई से अक्टूबर के आंकड़े आ चुके है लेकिन नंवबर दिसंबर के अंक आना बाकी है, इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है।साल 2024 की बात करें तो जनवरी 2024 से 4% तो जुलाई से 3% DA बढ़ाया गया था, जिसके बाद डीए 53% हो गया है, अब अगली वृद्धि जनवरी 2024 से होना है, जिसका ऐलान बजट 2025-26 के बाद होने की संभावना है। DA Hike 2025: कितने प्रतिशत बढ़ेगा महंगाई भत्ता?     वर्तमान में 48 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनरों को 53% डीए का लाभ मिल रहा है। अब अगला डीए जनवरी 2025 से बढ़ाया जाना है, जो कि AICPI इंडेक्स के जुलाई से दिसंबर 2024 के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।     जुलाई से अक्टूबर तक के आंकड़ों पर गौर करें तो AICPI Index अंक 144.5 और DA स्कोर 55.05% पहुंच चुका है, ऐसे में डीए में 3% वृद्धि होना तय है, हालांकि अभी नवंबर दिसंबर के आंकड़े आना बाकी हैं।     नवंबर के आंकड़े 31 दिसंबर को श्रम मंत्रालय द्वारा जारी किए जाएंगे और दिसंबर के अंक 30 जनवरी 2025 को जारी होंगेइसके बाद तय होगा डीए में कितने प्रतिशत वृद्धि होगी।     अनुमान है कि जनवरी 2025 से 3 से 4 फीसदी वृद्धि हो सकती है।इसका ऐलान मार्च में होली के आसपास हो सकता है।यह वृद्धि 7th Pay Commission के तहत की जाएगी।     उदाहरण के तौर पर जिन कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये है, उन्हें 3 फीसदी डीए बढ़ने पर 540 रुपये और 2,50,000 रुपये की अधिकतम सैलरी पाने वालों को 7,500 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी। पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिनकी पेंशन में 270 से 3,750 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। ऐसे होती है महंगाई भत्ते की गणना     डीए और डीआर में बढ़ोतरी का कैलकुलेशन औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के 12 महीने के औसत में हुई प्रतिशत वृद्धि के आधार पर की जाती है। सरकार अमूमन हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को इन भत्तों में संशोधन करती है।     केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए DA ऐसा होता है कैलकुलेट- DA% = [(Average of AICPI (Base Year 2001 = 100) पिछले 12 महीने के लिए – 115.76)/115.76] x 100     पब्लिक सेक्टर कर्मचारियों के लिए DA ऐसा होता है कैलकुलेट- DA% = [(Average of AICPI (Base Year 2001 = 100) पिछले 3 महीने के लिए – 126.33)/126.33] x 100 recent visitors 68