न्यूजीलैंड ने सबसे पहले किया नव वर्ष 2025 का स्वागत, ऑकलैंड में जोरदार जश्न

ऑकलैंड दुनिया में सबसे पहले नए साल का आगाज किरीटीमाटी द्वीप (Christmas Island) पर 3.30 बजे हुआ। यह द्वीप प्रशांत महासागर में स्थित है और किरिबाती रिपब्लिक का हिस्सा है।यहां का समय भारत से 7.30 घंटे आगे है, यानी जब भारत में 3:30 बजे होते हैं, तो किरीटीमाटी में नया साल शुरू हो जाता है। इसके बाद चैथम द्वीप न्यूजीलैंड में भी नए साल का जश्न शुरू हो गया है। जैसे ही घड़ी में रात के 12 बजेंगे वैसे ही पुराना साल विदा हो जाएगा और नए साल का स्वागत होगा। सबसे आखिरी में नए साल का जश्न दक्षिण प्रशांत में अमेरिकी समोआ और नीयू द्वीप में होता है। अलग-अलग टाइम जोन के कारण कई देश अलग-अलग समय पर नए साल का जश्न मनाएंगे। भारत से पहले 41 देश ऐसे हैं, जहां नया साल मनाया जाता है। न्यूजीलैंड में नए साल पर जगमगा उठा सिडनी हार्बर ब्रिज नए साल के स्वागत में सिडनी में खास तैयारी की गई है. सिडनी हार्बर ब्रिज और ओपेरा हाउस पर ‘फैमिली फायरवर्क्स’ का शानदार प्रदर्शन हुआ. ये नए साल के आगाज पर की गई. इससे पहले यह शो हर साल रात से तीन घंटे पहले भी आयोजित किया गया. जिससे परिवार के लोग और बच्चे भी इस खूबसूरत नजारे का आनंद ले सकें. किरीटीमाटी द्वीप पर सबसे पहले नए साल का आगाज किरीटीमाटी द्वीप (Christmas Island) पर सबसे पहले नए साल का आगाज हुआ. भारतीय समयानुसार आज दोपहर 3.30 बजे ही यहां 2025 का आगाज हो गया. यह द्वीप प्रशांत महासागर में स्थित है और किरिबाती रिपब्लिक का हिस्सा है. यहां का समय भारत से 7.30 घंटे आगे है, यानी जब भारत में 3:30 बजे होते हैं, तो किरीटीमाटी में रात के 12 बजते हैं.   न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आतिशबाजी के साथ New Year2025 का स्वागत न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आतिशबाजी के साथ New Year 2025 का स्वागत किया गया. ऑकलैंड के प्रसिद्ध  क्लॉक टावर रोशनी से जगमगता नजर आया. नए साल को हो गया आगाज, न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में मना जश्न न्यूजीलैंड ने साल 2025 का स्वागत आतिशबाजी के साथ किया. ऑकलैंड में लोगों ने नए साल का जश्न मनाना शुरू कर दिया है. भारत में रात 12 बजे के बाद नए साल की जश्न मनाया जाएगा. recent visitors 66

WMO ने चेतावनी दी 2024 का रिकॉर्ड तोड़ने वाला तापमान 2025 में भी जारी रहेगा

नई दिल्ली नए साल 2025 दुनिया के सबसे अधिक गर्म तीन साल में से एक हो सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी कि 2024 का रिकॉर्ड तोड़ने वाला तापमान अगले साल भी जारी रहेगा। इसकी वजह है कि ग्रीनहाउस गैस का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई तक बढ़ रहा है। इससे भविष्य में और भी अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। 2025 के लिए यूके मौसम कार्यालय के दृष्टिकोण में यह चेतावनी शामिल है। यह बताता है कि यह ग्लोबल एवरेज तापमान के लिए तीन सबसे गर्म वर्षों में से एक होने की संभावना है। यह 2024 और 2023 के ठीक पीछे होगा। साल 2023 में रिकॉर्ड गर्मी WMO ने पहले ही अनुमान लगा लिया है कि 2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म साल होगा। यह अब लगभग तय है कि पहली बार पेरिस समझौते की सीमा 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक होगी। यह पूर्व-औद्योगिक (1850-1900) के स्तर से ऊपर है। यह 2023 में रिकॉर्ड तोड़ 1.45 डिग्री सेल्सियस के बाद है, जो कि रिकॉर्ड पर सबसे गर्म साल था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को अपने नए साल के संदेश में कहा कि आज मैं आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट कर सकता हूं कि हमने अभी-अभी जानलेवा गर्मी का एक दशक झेला है। रिकॉर्ड पर शीर्ष दस सबसे गर्म साल पिछले दस सालों में हुए हैं, जिसमें 2024 भी शामिल है। कम करना होगा उत्सर्जन डब्लूएमओ के इस अवलोकन का उल्लेख करते हुए कि 2015-2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म दस साल होंगे। गुटेरेस ने कहा कि यह वास्तविक समय में जलवायु का टूटना है। हमें बर्बादी की इस राह से बाहर निकलना होगा – और हमारे पास खोने के लिए समय नहीं है। 2025 में, देशों को उत्सर्जन में नाटकीय रूप से कमी करके और नवीकरणीय भविष्य की ओर संक्रमण का समर्थन करके दुनिया को सुरक्षित रास्ते पर लाना होगा। जैसे-जैसे वैश्विक तापमान बढ़ता है और अत्यधिक गर्मी की घटनाएँ अधिक बार और गंभीर होती जाती हैं। डब्लूएमओ ने अत्यधिक गर्मी के जोखिमों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की बढ़ती आवश्यकता पर भी जोर दिया। तापमान तस्वीर का केवल एक हिस्सा वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन और क्लाइमेट सेंट्रल की एक नई रिपोर्ट का हवाला दिया। इसने उल्लेख किया कि जलवायु परिवर्तन ने 29 चरम मौसम की घटनाओं में से 26 को तीव्र कर दिया है। इससे 2024 में कम से कम 3,700 लोगों की मौत हो गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए। गर्मी का एक डिग्री का हर अंश मायने रखता है और जलवायु चरम सीमाओं, प्रभावों और जोखिमों को बढ़ाता है। WMO महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि तापमान तस्वीर का केवल एक हिस्सा है। जलवायु परिवर्तन चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती घटनाओं और प्रभावों के रूप में लगभग दैनिक आधार पर हमारी आंखों के सामने होता है। उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई हालांकि, वैश्विक मौसम निकाय ने बार-बार स्पष्ट किया है कि एक या एक से अधिक वर्षों में 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान का मतलब यह नहीं है कि पेरिस समझौते में बताए गए 'पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान वृद्धि को सीमित करने के प्रयासों को जारी रखना' पहुंच से बाहर है। WMO ने कहा कि पेरिस समझौते में उल्लिखित तापमान वृद्धि के स्तर के बढ़ने को एक विस्तारित अवधि, आमतौर पर दशकों या उससे अधिक समय तक के बढ़ने के रूप में समझा जाना चाहिए। हालांकि समझौता स्वयं एक विशिष्ट परिभाषा प्रदान नहीं करता है। recent visitors 73

जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग, तप, साधना और साहचर्य से जीना सिखाती है हमारी संस्कृति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री, उज्जैन में बैरवा जयंती में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विभिन्न धर्मों, समाजों, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है। सब मिलकर यहां सद्भावपूर्वक रहते हैं। सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी संस्कृति की पहचान है। हमारी आस्था और जीवन मूल्य हमें विकास की ओर ले जाते हैं। योग, तप, साधना और साहचर्य से जीवन का समग्र विकास की शिक्षा सिर्फ भारतीय संस्कृति ही सिखाती है। समाज में जनजागृति लाने में महर्षियों की बड़ी अहम भूमिका रही है। महर्षि बालीनाथ जी बैरवा उन्हीं में से एक थे। वे परम संत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन में महर्षि बालीनाथ जी बैरवा जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो असंभव दिखता है, वो केवल सनातन धर्म में ही संभव है। महर्षि बालीनाथ जी ने समाज की कुरीतियों, रूढ़ियों और बुराइयों को खत्म किया और सबको सद्मार्ग की ओर ले जाने का काम किया। उन्होंने बालीनाथ जी की स्मृति में देश के दूरदराज से आए बैरवा समाजजन का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस प्रदेश स्तरीय सामाजिक कार्यक्रम में आकर वे बेहद प्रसन्न है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अखिल जूनवाल द्वारा लिखित पुस्तक भीम वंदना का विमोचन भी किया। इसके बाद बैरवा समाज की बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, अखिल भारतीय बैरवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश जारवाल, लालाराम बैरवा, राधेश्याम बैरवा, मुकेश टेटवाल, सी.एल. बैरवा, प्रभुराम सहित अन्य समाजजन उपस्थित थे।  अगले साल होगी राज्य स्तरीय पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अगले साल बैरवा समाज की राज्य स्तरीय पंचायत का आयोजन करेगी। इसमें देश के विभिन्न अंचलों में रह रहे बैरवा समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हो रहे औद्योगिक विकास में बैरवा समाज के उद्योगपति और व्यवसायियों को जोड़कर बैरवा समाज का सर्वांगीण विकास करेगी। उन्होंने कहा कि बैरवा समाज के बच्चे खूब पढ़ें, लिखें और आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर जरूरी प्रयास और सहयोग भी करेगी। सरकार पूरे ब्याज सहित मिल मजदूरों को उनका हक दिलाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि बालीनाथ जी के बताए मार्ग से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार गरीबों के जीवन में उजाला लाने और उनके कष्टों का निवारण करने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने उज्जैन की विनोद मिल के मजदूरों का संकट खत्म किया, उन्हें उनके सभी हक दिलाए। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मामले का भी समाधान किया। हम ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों को भी उनका हक दिलाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी सभी बंद मिलों, जिनके मजदूरों को उनका हक अब तक नहीं मिल पाया है, सरकार पूरे ब्याज सहित उन मिल मजदूरों को उनका वाजिब हक दिलाएगी। मिशन मोड में किया जा रहा गरीब, युवा, किसान और नारी कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश में गरीब, युवा, किसान, महिला और सभी जरूरतमंदों का कल्याण अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध होकर प्रयास कर रही है। विकास के लाभ से किसी को भी वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सबके सपने साकार करने के लिए हम हर जरूरी कदम उठाएंगे।   recent visitors 159

छिंदवाड़ा : अब बिना हेलमेट के बाइक सवार को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा,आदेश का पालन नहीं करने वालो के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में अब बिना हेलमेट के बाइक सवार को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। ये आदेश मंगलवार को हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जारी किए गए है। छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक अजय पांडे की मौजूदगी में हुई। इस बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में बाइक सवारों की मौत को लेकर बिना हेलमेट पर पुनः सख्ती से कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। जिले में हेलमेट का उपयोग न करने पर सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौत को रोकने के लिए बिना हेलमेट बाइक चालकों को पेट्रोल न दिए जाने के निर्देश पेट्रोल पंप चालकों को दिए गए हैं। वहीं, जो इसका पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है। छिंदवाड़ा सिवनी नेशनल हाईवे की होगी मरम्मत बैठक में छिंदवाड़ा-सिवनी राष्ट्रीय राजमार्ग हुए गड्ढों को लेकर का कलेक्टर ने परियोजना निदेशन एन.एच.ए.आई. को निर्देश दिये कि मार्ग की मरम्मत और गड्ढा मुक्त करने के कार्य को प्राथमिकता के साथ 20 जनवरी के पहले पूरे कर लिया जाए, ताकि इस पर आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने छिंदवाड़ा-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 547 में सिल्लेवानी घाटी में साइन बोर्ड लगाने और मैनपावर लगाते हुए झंडी के साथ यातायात के नियंत्रण के लिए स्थल पर नियुक्त करने के निर्देश दिए। ई-रिक्शा और ऑटो पर होगी नंबरिंग यातायात को व्यवस्थित करने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी ई-रिक्शा और ऑटो में स्टीकर लगाकर नंबरिंग करने के निर्देश दिए गए। ई रिक्शा ऑटो केवल शहर में ही चलाए जाएंगे और उन्हें एक शहर से अन्य शहर या ब्लॉकों में जाने के लिए आर.टी.ओ. की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अन्यथा की स्थिति में जप्ती की कार्यवाही की जाएगी। पार्किंग के लिए होगी लाइन मार्किंग छिंदवाड़ा शहर में व्यवस्थित पार्किंग के लिए लाइन मार्किंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि, जिससे यातायात व्यवस्थित रह सके। अभी बड़े वाहन भी मुख्य मार्गों में  कहीं भी खड़े रहते हैं। बसें भी निर्धारित स्थलों पर ही रोकी जाएं। विशेषकर मानसरोवर बस स्टैंड तक पहुंचने वाले मुख्य मार्गों और रेलवे स्टेशन के सामने वाले क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर पार्किंग स्थल के लिए लाइन मार्किंग करें। प्रतिबंधित क्षेत्र में पार्किंग करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। यहां पर लगाए जाएंगे संकेतक बोर्ड बैठक में प्रिंस ढाबा, रामगढी, घाट परासिया के सभी ब्लेक स्पॉटों पर 6-6 दुर्घटना संकेतक बोर्ड लगाने और अन्य सुधार कार्य करवाने, रेल्वे स्टेशन से कुंडीपुरा थाना तक प्रकाश की व्यवस्था तथा रोड मार्किंग, महिला थाना छिंदवाड़ा से नया कुंडीपुरा थाना छिंदवाडा तक मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था करने एवं पाटनी चौक पर सिग्नल निर्माण शीघ्र पूर्ण करने और भरता देव कट पांईट व माननीय न्यायालय के सामने गुरैया रोड पर यातायात सिंग्नल के निर्माण हेतु सर्वे कार्य कराने के निर्देश दिए गए।   recent visitors 165

नए साल के जश्न के मद्देनजर भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में प्रमुख मार्गों पर पुलिस के चैकिंग पाइंट लगाए जाएंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में न्यू ईयर पार्टी को लेकर पुलिस ने चैकिंग और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं, खासतौर पर राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में प्रमुख मार्गों पर पुलिस के चैकिंग पाइंट लगाए जाएंगे, इसके अलावा शाम 6 बजे के बाद से ओवर स्पीड, ब्रीथ एनालाइजर और बॉडी कैमरों से भी नजर रखी जाएगी. अगर कोई ओवर स्पीड़िंग और शराब के नशे में वाहन चलाता मिलता है तो उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी. जबकि न्यू ईयर पार्टी को लेकर आयोजन स्थलों और पिकनिक स्पॉट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत अलर्ट रहे. भोपाल-इंदौर में पार्टी की तैयारियां राजधानी भोपाल समेत इंदौर और अन्य सभी शहरों में नए साल के स्वागत के लिए पार्टी के इंतजाम किए गए हैं, पिकनिक स्पॉट समेत अन्य सभी जगहों पर नाइट पार्टी के इंतजाम भी किए गए हैं, यही वजह है कि डीजीपी ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं. भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि शहर में 50 प्रमुख पाइंट पर पुलिस तैनात रहेगी और चैंकिंग भी तेज रहेगी. क्योंकि सभी आयोजन स्थलों पर रात दस बजे तक ही पार्टी की अनुमति दी गई है. वहीं भोपाल के सैर सपाटा, बोट क्लब और बड़ा तालाब के किनारे पर रात दस बजे के बाद भीड़ जमा नहीं होने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं सार्वजनिक स्थलों पर भी धूमधड़ाके को लेकर सख्त मनाही की गई है. इंदौर में भी पुलिस अलर्ट वहीं इंदौर में भी पुलिस अलर्ट पर रहेगी, यहां भी प्रशासन ने रात 10 तक की ही अनुमति दी है, जबकि सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नहीं बढ़ने की बात कही गई है. जबकि इंदौर के सभी नाइट क्लब और रेस्तरा में भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इसके अलावा अवैध शराब को लेकर भी पुलिस ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा शहरों में होटल-ढाबे और रेस्ट्रां भी अपने तय समय पर ही बंद होंगे, वहीं शहरों में अतिरिक्त पुलिसबल भी तैनात किया जाएगा. इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर भी चैकिंग की जाएगी. लाउड स्पीकर का शोर नहीं होगा मध्य प्रदेश में पुलिस ने लाउड स्पीकर को लेकर भी गाइडलाइन जारी है. रात दस बजे के बाद लाउड स्पीकर नहीं बजाने की अनुमति दी गई है. वहीं आयोजकों को कुछ निर्देश भी दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यक्रम स्थल पर अनुमानित लोगों की संख्या होनी चाहिए. कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगेंगे, जबकि धारधार हथियार रखने पर भी पाबंदी रहेगी. इस तरह एमपी में सभी जगहों पर पुलिस की निगरानी रहेगी.  recent visitors 90

MP में सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ाई, कई शहरों में शीतलहर चलने के आसार

भोपाल  प्रदेश में सोमवार को दिन का सबसे कम 18 डिग्री सेल्सियस तापमान टीकमगढ़ का दर्ज किया गया, जिससे टीकमगढ़ और नौगांव में सोमवार का दिन सबसे शीतल रहा। पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है इसके साथ ही हवाओं का रुख उत्तरी हो गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल ही में जबरदस्त बर्फबारी हुई है। वहां से आ रही सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है। आगामी तीन से चार दिन तक रात के तापमान में गिरावट बनी रह सकती है। कई शहरों में शीतलहर चलने के आसार हैं। दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा मध्यप्रदेश में सोमवार को अधिकतर शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा। सबसे ठंडा टीकमगढ़ रहा, जहां पारा 18 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 18.5 डिग्री, ग्वालियर-रीवा में 19 डिग्री, सीधी में 19.8 डिग्री, खजुराहो में 20.2 डिग्री और सतना में 20.3 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 21 डिग्री, जबलपुर में 21.6 डिग्री, उमरिया में 22 डिग्री, पचमढ़ी, मलाजखंड-सागर में 22.5 डिग्री, भोपाल में 22.6 डिग्री और गुना में 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन-रात के तापमान में गिरावट इससे पहले प्रदेश में वर्षा का दौर थमने के बाद दिन-रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार-रविवार की रात कई शहरों में पारा लुढ़का। वहीं, रविवार को दिन के तापमान में 6.2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट धार में हुई। यहां तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। नये साल के पहले दिन एक जनवरी से कड़ाके की सर्दी का दौर फिर शुरू हो जाएगा। सबसे ज्यादा असर उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में दिखाई देगा।रविवार को मौसम खुलते ही ठिठुरन बढ़ गई और सोमवार को सुबह कई क्षेत्रों में कोहरा भी रहा। दरअसल, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के बाद उत्तरी हवाओं के प्रभाव से ठिठुरन बढ़ी है। बारिश के बाद अब बर्फीली ठंड का दौर हुआ शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल के टेम्परेचर में पिछले 24 घंटों में 6.4 डिग्री की गिरावट दर्ज का गई। वहीं, राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री से गिरकर 5.4 डिग्री सेल्सियस, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9. 3 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश भर में कुहासा छाने के आसार जताए हैं। आने वाले समय में प्रदेश भर में ठंड और भी बढ़ने की संभावनाएं है। वहीं, कहा जा रहा है कि, राजधानी का तापमान वर्तमान तापमान से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और नीचे गिर सकता है। उत्तर छत्तीसगढ़ में एक जनवरी से कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है। सरगुजा संभाग और उससे लगे जिलों में एक जनवरी से सुबह से ही हल्के से मध्यम कुहासा बनने की संभावना है। सुबह से मार्गों में विजिबिलिटी कम रहेगी। सरगुजा संभाग के इतर राजधानी रायपुर में भी सुबह के समय धुंध अथवा हल्का कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में आने वाले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 -5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद कोई विशेष बदलाव की संभावना नही है। शीतलहर क्या होती है? शीतलहर तब होती है जब सामान्य तापमान से 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ जाती है और यह ठंडी हवाओं के कारण और भी प्रभावी हो जाती है। शीतलहर के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? शीतलहर के दौरान गर्म कपड़े पहनें, घर के अंदर रहें, पर्याप्त गर्म पेय पदार्थ लें और हीटर या अंगीठी का उपयोग सावधानीपूर्वक करें। ठंड के दौरान कौन सी बीमारियां हो सकती हैं? ठंड के दौरान सर्दी, जुकाम, फ्लू, निमोनिया, और हाइपोथर्मिया जैसी समस्याएं आम होती हैं। ठंड से बचने के लिए कौन से घरेलू उपाय किए जा सकते हैं? अदरक वाली चाय, गर्म सूप, और सूखे मेवे का सेवन करें। इसके अलावा, सरसों का तेल या गर्म तेल से मालिश करें और शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। उत्तरी भारत पर प्रभाव पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के राज्य इस मौसम पैटर्न से विशेष रूप से प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट और बादल छाए रहने की संभावना है। लोगों को स्थानीय पूर्वानुमानों के साथ अपडेट रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वर्तमान में, उत्तरी भारत में अपेक्षाकृत स्थिर मौसम की स्थिति है। हालाँकि, जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ निकट आता है, मौसम में बदलाव की आशंका है। आईएमडी ने निवासियों को सतर्क रहने और संभावित प्रतिकूल मौसम प्रभावों के खिलाफ आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।   recent visitors 40