अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधि मंडल की चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट कर बीड़ी उद्योग में रोजगार के अवसरों और अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में बीड़ी उद्योग संघ के सचिव अर्जुन खन्ना के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि बीड़ी निर्माण एक ऐसा पूर्णत: श्रम आधारित कुटीर ग्रामोद्योग है, जिसमें न्यूनतम पूंजी या बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। संघ ने प्रदेश के उच्च गुणवत्ता और श्रेणी के तेंदूपत्ते से बीड़ी उत्पादन की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने संबंधी सुझाव रखते हुए प्रति मानक बोरी तेंदूपत्ता पर सब्सिड़ी बढ़ाने का अनुरोध किया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन के माध्यम से प्रदेश को संगठित और विनियमित बीड़ी उत्पादन के केन्द्र के रूप में सुदृढ़ किया जा सकता है। इससे रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के सुझावों को क्रियान्वित करने का हरसंभव प्रयास करेगी।   recent visitors 78

बर्फीली हवाओं से ठिठुरा प्रदेश, सीजन में पहली बार पहुंचा 1 डिग्री तापमान, इंदौर, कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में शीतलहर का कहर कायम है। इसी बीच मौसम विभाग ने इंदौर, जबलपुर समेत 37 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। बर्फीली हवाओं के चलते मध्यप्रदेश का तापमान लगातार लुढ़कता जा रहा है। सीजन में पहली बार हिल स्टेशन पचमढ़ी और शहडोल के कल्याणपुर में पारा 1 डिग्री पर पहुंचा। इधर बैतूल में ठंड से अब लोग परेशान हो रहे हैं। सोमवार सुबह फसलों पर ओस की बूंदें जम गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत की ओर से आ रही बर्फीली हवाओें के चलते प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीते 24 घंटे के दौरान सबसे कम तापमान हिल स्टेशन पचमढ़ी और शहडोल के कल्याणपुर में 1 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा। जबलपुर में 4, ग्वालियर में 5.2, इंदौर में 9.4 उज्जैन में 6.8 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के सबसे कम तापमान वाले शहरों में शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी की रात सबसे ठंडी रही। इसके साथ ही उमरिया में 2.3 डिग्री, मंडला में 2.5 डिग्री, शाजापुर में 2.8 डिग्री और अमरकंटक में 3.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बैतूल में ठंड का कहर देखने को मिल रहा है। यहां फसलों पर ओस की बूँदें जम गई। जिसका वीडियो भी सामने आया है। जिसमें गन्ने की पत्तियों पर ओस जमी हुई दिखाई दे रही है। ऐसे में खेतों में सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2021 के बाद इस वर्ष तापमान में रिकार्ड गिरावट दर्ज की गई है। शीतलहर का अलर्ट जारी गिरते हुए तापमान के साथ बर्फीली हवाओं ने मौसम को ज्यादा ठंडा बना दिया है। मौसम विभाग द्वारा 30 से ज्यादा जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। जबलपुर, रतलाम, उमरिया, भोपाल, मंडला, गुना, सिवनी, नीमच, शाजापुर, शहडोल, बड़वानी, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, सागर जैसे जिलों में शीतलहर का प्रकोप देखने को मिलेगा। यहां रात के साथ दिन के समय भी ठंड का एहसास होने वाला है। कोल्ड वेव की चेतावनी मौसम विभाग ने दिसंबर के अंत से जनवरी के शुरुआती 20 से 22 दिन घना कोहरा और सर्द हवा चलने की चेतावनी जारी की है। इंदौर, उज्जैन, खंडवा, अलीराजपुर, ग्वालियर, भोपाल, बुरहानपुर, मंदसौर, झाबुआ, शिवपुरी, अशोक नगर, देवास, शिवपुर कला, दतिया, शिवपुरी, भिंड, डिंडोरी, सिंगरौली, पन्ना, टीकमगढ़, सागर, बालाघाट, सतना में कोल्ड वेव का असर दिखाई देगा। उमरिया, राजगढ़, और शाजापुर जैसे जिलों में पाला पड़ने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और मंडला में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, जबलपुर में भी शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, छतरपुर, पन्ना, सतना, सिंगरौली, कटनी, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी है। इसके साथ ही उमरिया, मंडला, शाजापुर का गिरवर, अनूपपुर का अमरकंटक, रायसेन, राजगढ़, बालाघाट के मलाजखंड में भी पारा 5 डिग्री से नीचे रहा। नौगांव, मलाजखंड, रीवा, खजुराहो, सतना, टीकमगढ़ में तापमान 6 डिग्री के नीचे दर्ज किया गया। अगले 24 घंटे कड़ाके की सर्दी पड़ेगी सागर में सर्द हवाओं के कारण इन दिनों शहर में लोग शाम 6 बजे ही घर में दुबक जाते हैं और सुबह 10 बजे के बाद घर से निकला उचित समझते हैं। रविवार को भी दिनभर सर्द हवाओं ने ठिठुरा दिया। अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि हवा की रफ्तार कम होने से दिन और रात के पारे में हल्की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के असर से आगामी 24 घंटे में कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहेगा। 48 घंटों के बाद हल्की राहत मिलने की संभावना है। recent visitors 51

संभल में 48 साल बाद खुले मंदिर के कुएं की खुदाई में तीन मूर्तियां निकली

संभल यूपी के संभल में 48 साल बाद खुले मंदिर के पास स्थित कुएं की खुदाई के दौरान एक के बाद एक तीन मूर्तियां निकली हैं.  करीब 15 से 20 फीट तक मंदिर की खुदाई हो चुकी है. इस दौरान कुएं में से खंडित हो चुकी ये मूर्तियां निकली हैं. जो कि 7 से 8 इंच लंबी है. देखने से ये मूर्ति माता-पार्वती जी, गणेश जी और लक्ष्मी जी की प्रतीत हो रही हैं. फिलहाल, जांच-पड़ताल जारी है और मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है. दरअसल, संभल के दीपसराय से सटे खग्गू सराय में करीब 4 दशक साल से बंद पड़े पुराने शिव मंदिर को प्रशासन ने शनिवार को फ‍िर से खुलवाया. मंदिर के खुलते ही यहां पुलिस प्रशासन और लोगों की भीड़ लग गई. पूजा-अर्चना भी शुरू हो गई. वहीं, प्रशासन की ओर से मंदिर के बिल्‍कुल पास पाट दिए गए एक कुएं की भी खुदाई करवाई गई. जब इसकी 15 फीट तक खुदाई हुई तो इसमें एक-एक कर देवी-देवताओं की मूर्तियां निकलने लगीं. संभल के मंदिर पर खुदाई के दौरान कुएं से तीन मूर्तियां निकालने के बाद एडिशनल एसपी श्रीशचंद्र और सीओ अनुज चौधरी मौके पर पहुंचे हैं. उन्होंने खुदाई में निकली मूर्तियां देखीं और मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा. गौरतलब हो कि संभल जिले में बिजली चोरी चेकिंग के दौरान मिले प्राचीन हिंदू मंदिर से अब पुराने अवशेष मिल रहे हैं. आज मंदिर के पास मौजूद कुएं की खुदाई के दौरान और खंडित मूर्तियां मिली हैं. फिलहाल, इसे प्रशासन को सौंप दिया गया है. अब इसकी जांच की जाएगी. इन सबके बीच संभल में मुस्लिम बहुल इलाके में बंद मिले 46 साल पुराने मंदिर की कार्बन डेटिंग कराने की तैयारी चल रही है. संभल के जिला प्रशासन ने भस्म शंकर मंदिर, शिवलिंग और वहां मिले कुएं की कार्बन डेटिंग कराने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को पत्र लिखा है. इस जांच के जरिए प्रशासन पता करना चाहता है कि मंदिर और इसकी मूर्ति आखिर कितनी पुरानी है. आपको बता दें कि बता दें कि बिजली चोरी रोकने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने बीते शनिवार को 1978 से बंद पड़े इस मंदिर को ढूंढा था. इसके बाद 15 सितंबर को इस मंदिर में विधि-विधान और मंत्रोचारण के साथ पूजा आरती की गई. जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया के मुताबिक यह कार्तिक महादेव का मंदिर है. यहां एक कुआं मिला है, जो अमृत कूप है. मंदिर मिलने के बाद यहां 24 घंटे सुरक्षा के लिए टीम तैनात की गई है. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. यहां जो अतिक्रमण है, उसे हटाया जा रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि सांप्रदायिक दंगों और हिंदू आबादी के विस्थापन के कारण ये मंदिर 1978 से बंद पड़ा था. नगर हिंदू महासभा के संरक्षक विष्णु शंकर रस्तोगी (82) ने बाताया कि वह मैं जन्म से ही खग्गू सराय में रहते आए हैं. 1978 के दंगों के बाद हिंदू समुदाय को इस इलाके से पलायन करना पड़ा था. तब से ही हमारे कुलगुरु को समर्पित यह मंदिर बंद था. 46 सालों से बंद पड़ा ये मंदिर सपा सांसद जियाउररहमान बर्क के घर से 200 मीटर की दूरी पर मिला है. मंदिर के अंदर हनुमान जी की प्रतिमा, शिवलिंग और नंदी स्थापित हैं. फिलहाल यहां डीएम और एसपी ने सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की है.   recent visitors 59

शहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन, अमेरिका में चल रहा था इलाज

 सैन फ्रांसिस्को दुनियाभर में शास्त्रीय संगीत में भारत को अलग पहचान दिलाने वाले उस्ताद और मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं रहे। 73 साल की उम्र में जाकिर हुसैन का निधन हो गया। जाकिर हुसैन ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आखिरी सांस ली। जाकिर हुसैन फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे। जिसके चलते उन्हें दिल से जुड़ी समस्याएं पैदा हुईं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हार्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण उनकी मौत हो गई।  रिपोर्ट की मानें को जाकिर हुसैन के परिवार ने एक बयान में कहा कि उन्हें 'इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस' नामक एक दुर्लभ फेफड़ों की बीमारी थी, जिसकी वजह से कॉम्प्लिकेशन आने लगे थे। इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) क्या है? इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। आप सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों में छोटी-छोटी हवा की थैलियों से होते हुए खून में जाता है और फिर यहां से शरीर के सभी अंगों को मिलता है। लेकिन आईपीएफ होने पर फेफड़ों के भीतर निशान ऊतक बढ़ने लगते हैं। जिससे सांस लेना मुश्किल होने लगता है। उम्र के साथ ये समस्या और भी खराब होने लगती है। इससे फेफड़ों के जरिए खून में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। जिससे आपके शरीर के दूसरे अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के लक्षण और इलाज आपको बता दें इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस का कोई इलाज नहीं है इस सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है। स्थिति गंभीर होने पर लंग ट्र्रांसप्लांट का विकल्प होता है। धीरे धीरे फेफड़ों में ऊतक बढ़ने लगते हैं और फेफड़ों में जख्म जैसे हो जाके हैं। जिसकी वजह से आपको सीने में दर्द या जकड़न, पैर में सूजन, भूख में कमी, गले में खराश, खांसी, थकान महसूस होना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, वजन घटना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर आप किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित हैं तो मुश्किलें और बढ़ने लगती हैं। recent visitors 95

जीवाजी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया

जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज हो रहा है साकार : उप राष्ट्रपति धनखड़ जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीवाजी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया उप राष्ट्रपति ने जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा का किया अनावरण ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सिंधिया परिवार का शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। मैंने आज उन महापुरूष की मूर्ति का अनावरण किया है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत में शिक्षा सहित अनेक क्षेत्र में अपने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। साथ ही शिक्षा को गति देने का कार्य भी किया है। शिक्षा से ही व्यक्ति के अंदर भाव आता है और मानव का निर्माण होता है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि परिवर्तनशील दुनिया है, बदलाव होते रहेंगे लेकिन शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। तकनीक में हमारा देश काफी आगे निकल चुका है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान भी नई-नई तकनीकों को लायेगा, ऐसी उम्मीद है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। विशेष अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सुदेश धनखड़ उपस्थित थीं। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सिंधिया परिवार का संसद में हमेशा योगदान रहा है। स्व. माधवराव सिंधिया ने अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया है। उन्हें जो भी मंत्रालय मिला है, उसमें उन्होंने अपना श्रेष्ठ कार्य किया है। उप राष्ट्रपति ने कहा जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज साकार हो रहा है। ग्वालियर के लिये आज का दिन रहेगा यादगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के लिये आज का दिन यादगार रहेगा। आज ग्वालियर में दो बड़े कार्यों का शुभारंभ हुआ है। जियो साइंस म्यूजियम के माध्यम से पृत्वी की उत्पत्ति, उसकी रचना, भू-गर्भिक घटनाओं की जानकारी का संकलन प्राप्त होगा। साथ ही ज्ञान, विज्ञान के समावेश से युवाओं नई जानकारियां प्राप्त होंगीं। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण भी किया गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय ने न केवल मध्यप्रदेश में बल्कि सम्पूर्ण देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति करते हुए देश के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और सशक्त बनाने का कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर शहर संगीत, शिक्षा और अपनी ऐतिहासिकता के लिये जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से ही विनम्रता प्राप्त होती है और विनम्रता से ही पात्रता प्राप्त होती है। जीवाजी विश्वविद्यालय 250 एकड़ में स्थापित है, जिसे मेरी दादी माँ और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा प्रारंभ किया गया था। जीवाजी विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने जो बीज बोया था वह आज वट वृक्ष की तरह खड़ा हो गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान आधुनिकता की ओर अग्रसर है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने इस मौके पर जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रदर्शनी में दर्शाए गए जीवाजी विश्वविद्यालय के इतिहास व उपलब्धियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उप राष्ट्रपति धनखड़ एवं अतिथियों ने इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण भी किया।   recent visitors 37

BCCI ने सीरीज के बीच यश दयाल, मुकेश और नवदीप को रिलीज करने का लिया फैसला

ब्रिसबेन. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गाबा में जारी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट की बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय टीम ने अपने तीन प्लेयर्स को वापस स्वदेश भेजने का फैसला लिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिन तीन खिलाड़ियों को वापस भेजा जा रहा है, वो सारे तेज गेंदबाज हैं। चलिए अब आपको सीधा उन प्लेयर्स का नाम बताते हैं और ये जानते हैं कि आखिर उन्हें क्यों सीरीज के बीच में वापस भेजा जा रहा है। किन तीन प्लेयर्स की रिलीज किया गया? भारतीय क्रिकेट टीम ने ट्रेवल रिजर्व यश दयाल, मुकेश कुमार और नवदीप सैनी को रिलीज करने का फैसला किया है और इन तीनों के 21 दिसंबर से शुरू होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में शामिल होने की संभावना है। तीनों तेज गेंदबाज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शुरू होने के पहले से ही टीम के साथ हैं। मगर टीम मैनेजमेंट ने महसूस किया कि उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में मैदान से बाहर बैठकर सीट गर्म करने से बेहतर उन्हें भारत में जाकर क्रिकेट खेलना बेहतर होगा। क्योंकि ब्रिसबेन मैच के बाद केवल दो टेस्ट बचे हैं। घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेंगे प्लेयर्स लंबी गर्मियों के बाद स्वदेश लौटने से पहले भारत अपना अगला मैच मेलबर्न और फिर आखिरी मैच तीन जनवरी से सिडनी में खेलेगा। नवदीप सैनी और मुकेश कुमार को अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सीनियर मेंस सिलेक्श कमिटी ने बतौर रिजर्व प्लेयर शामिल किया था। बाद में यश दयाल को खलील अहमद के रिप्लेसमेंट के तौर पर भेजा गया था, जो पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान नेट्स में इंजर्ड हो गए थे। मुकेश लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में हैं, क्योंकि वह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले भारत ए के दो प्रैक्टिस मैच का भी हिस्सा थे। माना जा रहा है कि वह बंगाल के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के लिए तैयार हैं, जो एक सप्ताह में शुरू होगी। नवदीप सैनी और यश दयाल का भी यही प्लान है। recent visitors 50

मध्य प्रदेश में शीतलहर का कहर, अगले 24 घंटे के दौरान सूबे कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी: मौसम विभाग

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड जमा देने वाला एहसास करा रही है। एमपी के रायसेन, राजगढ़, खंडवा, शाजापुर, उमरिया, मंडला, सिवनी, नौगांव (छतरपुर), अनूपपुर, नीमच, शिवपुरी, सिंगरौली, पंचमढ़ी में शीत लहर चली। आलम यह है कि सूबे में सबसे कम न्यूनतम तापमान 1°C कल्याणपुर (शहडोल) / पंचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान सूबे कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 16 दिसंबर को भी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के शाजापुर, उमरया, रायसेन, सीहोर, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, भोपाल, जबलपुर जिलों के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीतलहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जगहों पर पाला भी पड़ सकता है। इन जिलों में यलो अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, मंदसौर, अशोकनगर, शिवपुरी, दितया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सतना, डिंडोरी, कटनी, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, मैहर, पांढुणा, विदिशा, हरदा, बड़वानी, नीमच, मऊगंज, राजगढ़, आगर, छतरपुर जिलों के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला भी पड़ सकता है। 17 दिसंबर को शीत लहर की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, नरिसंहपुर, छिंदवाड़ा जिलों में शीतल दिन का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो सूबे में उत्तर भारत की ओर से आ रही सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने 17 दिसंबर को भी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के अनूपपुर, शिवपुरी, नर्मदापुरम, बड़वानी, नीमच, सिंगरौली, उमरिया, मंडला, राजगढ़, रतलाम, सिवनी और गुना जिलों के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर देखी गई। एमपी से सटे राजस्थान में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान कई दिनों से जीरो डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। चुरू में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री, भीलवाड़ा में 2.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। recent visitors 55