पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई ‘बीमा सखी योजना’ का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'बीमा सखी योजना' का लाभ लेने के लिए रविवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने बीमा सखी फॉर्म भरा है। पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के बारे में यशस्वी यादव ने कहा, “मैं विज्ञान विषय की छात्रा हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने महिलाओं के लिए बीमा सखी योजना लॉन्च की है। पहले हम लोग अपने माता-पिता पर निर्भर थे। लेकिन, इस योजना के तहत हम लोग आर्थिक रूप से खुद पर निर्भर हो सकते हैं। इसके साथ ही हम लोग अपने परिवार को भी सपोर्ट कर सकते हैं। इस योजना से गृहिणी भी आत्मनिर्भर हो जाएंगी।“ 'बीमा सखी योजना' के बारे में जानकारी देते हुए सचिन सिंह ने कहा, "जो महिलाएं गृहिणी हैं और अपने परिवार को संभाल रही हैं, उनके लिए पीएम मोदी द्वारा इस योजना के तहत हर महीने सात हजार रुपये सैलरी के साथ विशेष लाभ दिया जाएगा, साथ ही कमीशन भी दिया जाएगा। इसके अलावा, कई अन्य लाभ हैं, जैसे समूह बीमा, चिकित्सा सहायता, और भी बहुत कुछ, जो उन्हें प्रदान किया जाएगा। मैं पीएम मोदी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने इस तरह से महिलाओं के बारे में सोचा, खासकर उनके लिए जो कुछ करना चाहती हैं, कुछ बनना चाहती हैं। इस योजना से जुड़ने के लिए आवेदक को महज 10वीं पास होना अनिर्वाय है। आवेदक की उम्र 18 साल से 70 साल के बीच में होनी चाहिए।" रुचि चावला ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहूंगी। क्योंकि उन्होंने महिला को सशक्त बनाने के लिए बीमा सखी योजना के तहत एक पहल की है। अब महिलाएं अपने सपनों को पंख दे सकती हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकती हैं। इसके लिए मैं पीएम मोदी का दिल से आभार व्यक्त करना चाहती हूं।" एक अन्य महिला ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद करना चाहती हूं कि साल 2024 में हम लोगों के लिए बीमा सखी योजना दी है। इस योजना से हम महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। इस योजना से जुड़कर हमें सैलरी भी मिलेगी, साथ ही कमीशन भी मिलेगा।" बता दें कि इस योजना के तहत 15 दिसंबर को पालघर जिले के वसई पूर्व के एवरसाईन सिटी में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर बीमा सखी फार्म भरा है। recent visitors 77

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- ‘मोदी सरकार में नहीं है बांग्लादेश को जवाब देने की काबिलियत’

नई दिल्ली बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ देश समेत दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इस बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं. इस दौरान उन्होंने इंडिया गठबंधन में लीड करने को लेकर चल रहे घमासान पर भी प्रतिक्रिया दी है. 'बांग्लादेश को जवाब देने में सक्षम नहीं मोदी सरकार' शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "बांग्लादेश में जिस तरह से वहां रहने वाले हिंदू पर वहीं के मुस्लिम अत्याचार कर रहे हैं ये बहुत ही चिंता का विषय है. आज बांग्लादेश भले ही बांग्लादेश है… पहले वो पाकिस्तान था और उससे भी पहले वो भारत था. वे हिंदू हमारे हैं, हम उनसे जुड़े हैं, इसलिए चिंतित हैं." उन्होंने कहा, "हम भारत सरकार से इसे रोकने की उम्मीद कर रहे हैं और अनुरोध भी कर रहे हैं, लेकिन समय बीतता जा रहा है, हमें इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. यह सोचने वाली बात है कि हिंदूवादी सरकार होने के बावजूद भी भारत सरकार उस पर ठीक से जवाब में सक्षम नहीं है." इंडिया गठबंधन को लीड करने पर क्या बोले शंकराचार्य इंडिया गठबंधन को लीड करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये उनका अपना मामला है. उन्होंने कहा, "मैं या बाहर का कोई व्यक्ति उस पर नहीं बोल सकता है. गठबंधन में शामिल सभी दल ये विचार करेंगे कि कौन उनका प्रतिनिधित्व करेगा." मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर डेमोक्रेसी, प्लुरलिज्म एंड ह्यूमन राइट्स (सीडीपीएचआर) ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें अगस्त 2024 में बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद वहां अल्पसंख्यकों की स्थिति पर रिपोर्ट दिया है. इस रिपोर्ट में 150 से अधिक हिंदू परिवारों पर हमले, कई घरों में आग लगाने, करीब 20 मंदिरों में तोड़फोड़ और लूटपाट का दावा किया है. उत्तरी बांग्लादेश के सुनामगंज जिले में हिंदू समुदाय के घरों, दुकानों और स्थानीय लोकनाथ मंदिर में तोड़फोड़ कर उसे नुकसान पहुंचाने के आरोप में शनिवार (14 दिसंबर 2024) को चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस मामले में पुलिस ने 12 नामजद सहित 150 से 170 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है. recent visitors 71

देवेंद्र फडणवीस सरकार में चंद्रशेखर बावनकुले, नितेश राणे और पंकजा मुंडे समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं ने शपथ ली

मुंबई महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार पूरा हो चुका है।  नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान 39 विधायकों ने मंत्रिपद की शपथ ली। शपथ लेने वालों में चंद्रशेखर बावनकुले, नितेश राणे और पंकजा मुंडे समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं ने शपथ ली। शिवसेना की तरफ से गुलाबराव पाटिल, भारत गोगवले, संजय शिरसाट ने शपथ ली। एनसीपी की तरफ से छगन भुजबल और हसन मुश्रिफ समेत कई दिग्गजों को मंत्री बनाया गया है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार से पहले नाराजगी की खबरें भी सामने आईं। शिवसेना नेता नरेंद्र भेंडिकर ने मंत्री पद न मिलने से विधानसभा उपनेता पद से इस्तीफा दे दिया। महाराष्ट्र में इन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली- भाजपा के नितेश राणे, आकाश फुंडकर, एनसीपी के बाबासाहेब पाटिल, शिवसेना के प्रकाश अबितकर ने महाराष्ट्र के मंत्रिपद की शपथ ली। मराठा कुनबी समुदाय के नेता और महाड़ से शिवसेना विधायक भारत गोगवले, भाजपा विधायक नितेश राणे ने मंत्रिपद की शपथ ली। एकनाथ शिंदे के करीबी संजय शिरसाट ने मंत्रिपद की शपथ ली। उनके अलावा मराठा समुदाय के बड़े नेता प्रताप सरनाइक ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। नरहरि झिरवाल, दत्तात्रेय भरणे, अदिति तटकरे, संजय सावकारे ने मंत्रिपद की शपथ ली। सतारा सीट से भाजपा विधायक शिवेंद्र राजे, नासिक की सिन्नर सीट से एनसीपी विधायक माणिकराव कोकाटे और जयकुमार गोरे ने मंत्रिपद की शपथ ली। फडणवीस के करीबी नेता और रालेगांव से भाजपा विधायक अशोक उइके ने मंत्रिपद की शपथ ली। शिवसेना विधायक शंभूराज देसाई, मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीश शेलार. चंद्रकांत पाटिल, धनंजय मुंडे और राधा कृष्ण पाटिल ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। पंकजा मुंडे ने फडणवीस सरकार में मंत्रिपद की शपथ ली। वह बीड की पराली सीट से विधानसभा चुनाव जीतीं थी। उनके बाद भाजपा नेता अतुल सावे ने मंत्री पद की शपथ ली। भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा, शिंदे गुट के नेता उदय सामंत और भाजपा के सीनियर नेता जय कुमार रावल ने मंत्रिपद की शपथ ली। गुलाबराव के बाद शिवसेना विधायकों गणेश नाइक, मालेगांव आउटर से विधायक दादा भुसे और संजय राठौड़ ने मंत्रिपद की शपथ ली। शिवसेना नेता और विधायक गुलाबराव पाटिल ने मंत्रिपद की शपथ ली। गुलाबराव ने शिवसेना नेताओं की तरफ से सबसे पहले शपथ ली। वो एक वक्त उद्धव ठाकरे के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में एकनाथ शिंदे से जुड़ गए। भाजपा विधायक गिरीश महाजन ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। वो सीएम देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं। भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के बाद मुस्लिम नेता और कोल्हापुर के कागल से एनसीपी विधायक हसन मुश्रिफ ने मंत्रिपद की शपथ ली। हसन अजित पवार के साथ उन नेताओं में एक हैं, जिन्होंने शरद पवार के खिलाफ बगावत की थी। मंत्रियों का ढाई साल कार्यकाल सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार मेंमंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों का कार्यकाल सिर्फ ढाई साल का होगा। शिवसेना और एनसीपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कई मंत्रियों से बाकायदा एफिडेविट भी लिखाया गया है। इसके पीछे की मंशा यह है कि ढाई साल के बाद और विधायकों को मंत्री पद का मौका मिलेगा। इसमें ढाई साल के भीतर कार्यकुशलता और विकास परियोजनाओं को भी परखा जाएगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि कई ऐसे विधायक हैं, जो दो से तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। उनकी नाराजगी को दूर करने के लिए ढाई साल का फॉर्मूला रखा जा सकता है। इससे पहले सीएम फडणवीस ने नवगठित सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने राज्य में लागू की जाने वाली योजनाओं और परियोजनाओं पर भी चर्चा की। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति ने 230 सीटें जीतकर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। चुनाव में भाजपा को 132, शिवसेना शिंदे समूह को 57 तथा अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 41 सीटें मिली। recent visitors 89

विष्णुदत्त शर्मा पहुंचे खजुराहो, केन बेतवा लिंक परियोजना की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

खजुराहो मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा खजुराहो पहुंचे। जहां उन्होंने केन बेतवा लिंक परियोजना की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वीडी शर्मा ने बताया कि केन बेतवा लिंक परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। रविवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा खजुराहो पहुंचे। मीडिया से चर्चा करते हुए खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी केन बेतवा लिंक परियोजना के फाउंडेशन स्टोन का अनावरण करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का केन बेतवा लिंक परियोजना एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। जिसको भारत के प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं, जो एक सौभाग्य की बात है। आपको बता दें कि वीडी शर्मा, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर सारी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए खजुराहो पहुंचे हैं। वे प्रशासन और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड की बहु प्रतीक्षित केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का भूमिपूजन इसी महीने 25 दिसंबर को होगा। नदी जोड़ो अभियान की कल्पना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की थी और 25 दिसंबर को अटल जी जयंती भी है। सीएम डॉ मोहन यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस परियोजना की आधारशिला रखने का आग्रह किया है। recent visitors 34

प्रयागराज महाकुंभ मेले का लोगो भोपाल में यूपी के दो मंत्रियों ने किया लॉन्च

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रयागराज महाकुंभ मेले के लोगो का यूपी के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और कृषि राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने लॉन्च किया। यूपी सरकार के मंत्रियों ने मध्यप्रदेश की जनता को कुंभ में आने का न्यौता दिया। इस अवसर पर मंत्री सिंह ने कहा कि- महाकुंभ एकता का वैश्विक प्रतीक बनेगा। पिछले कुंभ से दिव्य और अद्भुत होगा। दावा किया कि इस बार कुंभ में 45 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। बता दें कि प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ मेला लगेगा। यह कुंभ प्लास्टिकमुक्त रहेगा। श्रद्धालु डिजिटल कुंभ का अनुभव भी करेंगे। कुंभ स्थल स्वच्छ, स्वास्थ्य, सुरक्षा, शुद्ध पेयजल, स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को पहचान के लिए रिस्ट बैंड भी दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बंगले यूपी सरकार के दो मंत्री पहुंचे। यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और स्वतंत्र देव सिंह नेता प्रतिपक्ष के बंगले पहुंचे और प्रयागराज कुंभ आने के लिए निमंत्रण दिया। नेता प्रतिपक्ष ने मंत्रीद्वय का स्वागत किया और आने की सहमति दी है। recent visitors 52

उपराष्ट्रपति ने ग्वालियर में महाराज श्रीमंत जीवाजी राव सिंधिया का प्रतिमा का किया अनावरण

ग्वालियर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महाराज श्रीमंत जीवाजी राव सिंधिया का प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन मेरे लिए भावुक है। वहीं वाइस प्रेसिडेंट ने माधव राव सिंधिया को याद किया। साथ ही कहा कि महाराज जीवाजी राव जानते थे कि शिक्षा समानता, जागरूकता लाती है, शिक्षा से ही लोकतंत्र और संविधान है। रविवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ग्वालियर पहुंचे। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनका स्वागत किया। उपराष्ट्रपति एयरपोर्ट से महाराजबाड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने जियो साइंस म्यूजियम का लोकार्पण किया। इसके बाद जीवाजी विश्वविद्यालय में महाराज जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर समेत कई दिग्गज मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर में दो अलग-अलग जगह कार्यक्रम हुए। आज जियो साइंस म्यूजियम का उद्घाटन और श्रीमंत जीवाजी राव जी की प्रतिमा का अनावरण हुआ है। ग्वालियर के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। माधवराव जी सांसद के माधव थे- जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। मैंने सिंधिया परिवार की तीन पीढ़ियों की राजनीति को देखा है। मुझे 1989 में राजमाता का आशीर्वाद मिला, जो आज मुझे इस मुकाम पर ले आया है। माधवराव जी सांसद के माधव (कृष्ण) थे। माधवराव ने सभी मंत्रालय में अपने काम से अमित छाप छोड़ी। रेल मंत्रालय में जो काम किया वो सब जानते हैं। उनके काम और आकर्षक को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मुसीबत-दुख के समय माधवराव सबसे पहले फोन करते थे। आज संसद में माधव की ज्योति (ज्योतिरादित्य) को अनुभव कर रहा हूं। दुनियां आज सिंधिया परिवार की सेवा और परंपरा का लोहा मानती है। शिक्षा से ही लोकतंत्र और संविधान उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज हमने जीवाजी राव जी की मूर्ति का अनावरण किया है। जीवाजी राव ने आजादी के बाद जनता की सेवा, शिक्षा के लिए अविस्मरणीय काम किया। मूर्ति के अनावरण पर आज का दिन मेरे लिए भावुक दिन है। महाराज जीवाजी राव जानते थे कि शिक्षा समानता, जागरूकता लाती है, शिक्षा से ही लोकतंत्र और संविधान है। महाराज में जनता की सेवा के लिए हमेशा ऊर्जा रहती थी। क्वालिटी एजुकेशन जरूरी- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके नक्शे कदम पर चल रहे है। सिंधिया के पास भविष्य के लिए विज़न है, आज भविष्य के लिए ठोस विज़न की जरूरत भी है। आज AI का जमाना है, लेकिन इसमें संस्थाओं को जागरूक रहना जरूरी है, आज क्वालिटी एजुकेशन की जरूरी है, आज चिंता का विषय है। शिक्षा को व्यवसाय की बजाए सेवा के रूप में लेना चाहिए। मैं जीवाजी विश्विद्यालय के छात्रों को इंडियन पार्लियामेंटमेंट में आमंत्रित करता हूं। recent visitors 52

क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11 बजे तक खुलेंगी शराब की दुकानें, उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने बड़ा फैसला लिया

लखनऊ शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है. क्रिसमस और नववर्ष 2025 के सेलिब्रेशन को देखते हुए उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. जिसके अनुसार प्रदेश में 24, 25 और 31 दिसंबर को रात 10 बजे के बजाय 11 बजे रात तक शराब की दुकान दुकानें खुलेंगी. इस संबंध में विभाग की तरफ से आदेश भी जारी कर दिया गया है. आबकारी विभाग के आदेश में कहा गया है कि राजस्वहित को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है. जिसके अनुसार क्रिसमस के उत्सव दिनांक 25-12-2024 के एक दिन पूर्व से अर्थात दिनांक 24-12-2024 व दिनांक 25-12-2024 को तथा नव वर्ष के अवसर पर मनाये जाने वाले उत्सव अर्थात दिनांक 31-12-2024 को दुकानों को खोले जाने का समय प्रातः 10.00 बजे से रात्रि 11.00 बजे तक रहेगा. recent visitors 117