प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर नहीं बनेंगे डीन, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इंदौर राजधानी भोपाल और प्रदेश के 18 मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती को लेकर चल रहे विवाद में हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने साफ तौर पर कहा कि किसी सीनियर प्रोफेसर को जूनियर के तहत काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट का सरकार से सवाल     दरअसल, हाई कोर्ट ने इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लिए वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश पांडे को डीन नियुक्त करने का आदेश भी दिया। दरअसल, डॉ. पांडे की डीन पद पर सीधी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 दिसंबर को सुनवाई हुई थी। इस मामले में जस्टिस शुक्ला ने सरकार से पूछा कि डॉ. पांडे से जूनियर प्रोफेसर डॉ. अशोक यादव को डीन का प्रभार क्यों सौंपा गया, जबकि सरकार कोई ठोस जवाब या दस्तावेज पेश नहीं कर पाई। हाई कोर्ट ने वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश पांडे को एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर का डीन नियुक्त करने का आदेश भी दिया। दरअसल, प्रो. डॉ. वेद प्रकाश पांडे की इंदौर में डीन के पद पर सीधी भर्ती से नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 दिसंबर को सुनवाई हुई। इसमें जस्टिस शुक्ला ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि डॉ. पांडेय से जूनियर डॉ. अशोक यादव को किस आधार पर डीन का प्रभार सौंपा गया। कोर्ट ने यह पाया कि सरकार ने कोई तथ्य या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों की सुनवाई 7 जनवरी को सरकार के वकील ने तर्क दिया कि प्रोफेसरों की गोपनीय रिपोर्ट डीन नहीं, बल्कि कमिश्नर व संचालक लिखते हैंं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज पेश नहीं दे सके। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब 7 जनवरी तक मांगे हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती के मामलों की सुनवाई भी इसी दिन निर्धारित की गई है। 7 जनवरी को फिर सुनवाई वहीं इस पर सरकार के वकील ने तर्क दिया कि डीन की गोपनीय रिपोर्ट कमिश्नर और संचालक लिखते हैं, न की प्रोफेसर। हालांकि, इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब 7 जनवरी तक देने को कहा है, और अन्य मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई भी उसी दिन होगी। recent visitors 60

बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की उठ रही मांग

बेंगलुरु पत्नी और उसके परिवार वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जान देने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष को न्याय देने की मांग उठ रही है। देश भर में हलचल तेज है और मांग उठ रही है कि अब दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा को लेकर बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है। ऐसा इसलिए ताकि किसी के भी साथ पक्षपात न हो। इस बीच गुरुवार को बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग हुई। एक एनजीओ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग ईको स्पेस सोसायटी के बाहर जुटे। इसके अलावा कई शहरों में अतुल सुभाष के लिए मार्च निकाले गए हैं। इन लोगों के हाथों में कैंडल, अतुल सुभाष की तस्वीर वाले पोस्टर थे। इसके अलावा सोसायटी के बाहर जुटे लोगों ने हम न्याय चाहते हैं के नारे भी लगाए। टेक प्रोफेशनल सुभाष ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से ही चर्चा तेज है कि क्या देश में कानून में कुछ बदलाव की जरूरत है। सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन नाम के एनजीओ से जुड़े शख्स सजीत ने कहा, 'हम अतुल सुभाष की मौत से बेहद दुखी हैं। वह फर्जी केसों और कानून के बेजा इस्तेमाल से परेशान थे। हम उनकी यादों का सम्मान करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए हम मार्च निकाल रहे हैं।' इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को कंपनी को नौकरी से हटा देना चाहिए। इन लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला ने अपने पति पर आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली होती तो उसे तुरंत अरेस्ट कर लिया जाता। लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया है। इसी प्रदर्शन में आए एक शख्स नरसिंह ने तो दावा किया कि वह भी ऐसे ही एक मामले का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा भी पत्नी के साथ 2020 से मुकदमा चल रहा है और तब से मैं अपने बच्चे को देख भी नहीं पाया हूं। नरसिंह ने कहा, 'अतुल की तरह ही मैं भी कानूनी लड़ाई में उलझा हूं। मैंने अपने बेटे को तब से दो बार ही देखा है और एक बार तो थाने में देखने को मौका मिला था। मुझसे कहा जा रहा है कि यदि फर्जी केसों से बचना है तो फिर 5 करोड़ रुपये दो। समस्या यह है कि हम लोगों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। पुलिस और अदालत हमेशा महिला का ही पक्ष लेती है। हमें संघर्ष में अकेला छोड़ दिया जाता है।' बता दें कि अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले करीब डेढ़ घंटे का एक वीडियो शेयर किया था और वह 24 पन्नों का एक लेटर भी लिखकर गए थे। recent visitors 151

पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की, फिर किया गंगा पूजन, देंगे 5500 करोड़ की सौगात

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। पीएम मोदी यहां विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी संगम नगरी को 5500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने यहां महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया। पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। पीएम ने मां गंगा का किया दर्शन पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे की शुरुआत मां गंगा के दर्शन पूजन के साथ की। पीएम मोदी ने मां गंगा का विधिविधान से पूजन अर्चन किया। उन्हें दूध और चुनरी अर्पित की और आरती उतार कर देश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां गंगा का पूजन किया। पीएम मोदी ने संगम तट पर स्थित अक्षय वट वृक्ष स्थल की भी पूजा अर्चना की और बाद में उन्होंने लेटे हुए हनुमान हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे प्रयागराज पहुंचे। जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। संगम नगरी को 5500 करोड़ की सौगात प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ देर तक महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेंगे और संगम नगरी में 5500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।  प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों को रोकने, टैप करने, मोड़ने और उपचारित करने की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे नदी में बिना उपचार वाले जल का गंगा नदी में पहुंचना पूरी तरह से रोक पाना सुनिश्चित होगा। वे पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मंदिर के प्रमुख गलियारों और चैटबॉट का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे। इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक' चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे। यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा। सुरक्षा के हैं चाक चौबंद इंतजाम प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के आगमन को लेकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एयरपोटर् से लेकर संगम तक का बड़ा क्षेत्रफल नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। सेना के जल, थल और नभ तीनों कोर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के साथ ही नौ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा आरएएफ और पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद नजर आ रहे हैं। जरूरी स्थानों अचूक निशानेबाज (स्नाइपर) तैनात किए गये हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एंटी सबोटाज की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद है। recent visitors 136

हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य की जनता के नाम अपने संदेश में कहा है कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है। हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा। बीते 12 महीनों में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के अपने संकल्प को पूरा करने की दिशा में हम सफलता के साथ लगातार आगे बढ़े हैं। इस दौरान हमने प्रदेश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम किया और उपलब्धियां हासिल की, हमारी प्राथमिकता में वे लोग रहे जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने हमें अंत्योदय का संदेश दिया है। इसी के अनुरूप हमने प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। हमने राज्य के जनजातीय समाज के गौरव को फिर से ऊंचाई पर स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। उनकी आय और रोजगार में वृद्धि के लिए अनेक कदम उठाए गए। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई, जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति में पर्यटन को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की। प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर तेजी से अमल करते हुए आवासों के निर्माण के लिए बड़ी राशि भी जारी की गई। इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नक्सलवाद के पूरी तरह खात्में के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ें हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि हम राज्य में सुशासन स्थापित करेंगे। इसके लिए तकनीक का प्रयोग करते हुए शासन-प्रशासन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में हमें अच्छी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास की नीति पर चलते हुए हम आने वाले दिनों में भी विकास के नये सोपान तय करेंगे। आप सभी को इन उपलब्धियों की बहुत-बहुत बधाई। recent visitors 107

शीतलहर : अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए

भोपाल आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी ने शीतलहर से होने वाले दुष्प्रभावों और उससे बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिसम्बर और जनवरी माह में शीतलहर के दौरान सर्द हवाओं से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव के दृष्टिगत सावधानियों और तैयारियों के वृहद निर्देश आदेश में शामिल हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा "नेशनल गाइडलाइंस फॉर प्रिपरेशन ऑफ एक्शन प्लान – प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ कोल्ड वेव एंड फ्रॉस्ट" जारी की गई है, जिससे शीतलहर से बचाव और प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इन दिशा-निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों और अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में शीतलहर से बचाव हेतु व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जिला और विकासखंड स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश आयुक्त स्वास्थ्य ने दिये हैं। साथ ही शीतघात और हाइपोथर्मिया से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं की त्वरित पहचान और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सभी अस्पतालों में करने के लिये कहा गया है। सुरक्षात्मक उपाय एवं सावधानियाँ स्थानीय स्तर पर संचार माध्यमों से मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के प्रति जागरूक रहने की नागरिकों को सलाह दी गयी है। मौसम के पूर्वानुमानों का पालन करें। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और घर के अंदर ही रहें। ठंड में लंबे समय तक बाहर न रहें। ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनकर सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढककर रखें। विटामिन सी युक्त फल और सब्जियां खाएं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। आस-पड़ोस में रहने वाले वृद्धजनों और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नाक बहना, नाक बंद होना, फ्लू और नाक से खून आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बंद कमरों में अंगीठी/कोयले का उपयोग न करें कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता का खतरा बंद कमरों में अंगीठी या फायर पॉट का उपयोग करने से होता है, जिससे जान का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बंद कमरों में अंगीठी फायर पॉट का प्रयोग न करें। फ्रॉस्टबाइट के दौरान त्वचा सफेद या फीकी पड़ सकती है। कपकपी, मांसपेशियों में अकड़न, बोलने में कठिनाई, अधिक नींद आना, सांस लेने में कठिनाई और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हाइपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत गर्म कपड़े पहनाएं और उसे गर्म स्थान पर रखें। कंबल, तौलिया या चादर से शरीर को ढकें। गर्म पेय पदार्थ देकर शरीर के तापमान को बढ़ाएं। लक्षणों के बढ़ने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर के तापमान को घटाता है और रक्त धमनियों में संकुचन करता है। फ्रॉस्टबाइट प्रभावित अंगों को रगड़ने से बचें, इससे और अधिक नुकसान हो सकता है। बेहोश व्यक्ति को तरल पदार्थ न पिलाएं।   recent visitors 71

बीजापुर मुठभेड़ में सुरक्षा बल ने दो वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया

बीजापुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास के पहले शुक्रवार की सुबह बासागुड़ा थाना क्षेत्र के लेंड्रा के जंगल में नक्सलियों से हुए मुठभेड़ में सुरक्षा बल ने दो वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया है। पुलिस के अनुसार लेंड्रा क्षेत्र में भारी संख्या में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना के बाद केंद्रीय रिजर्व बल (सीआरपीएफ), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम को अभियान पर भेजा गया था। लेंड्रा के जंगल में पहुंचते ही नक्सलियों ने जवानों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए। घटनास्थल की सर्चिंग पर दो वर्दीधारी नक्सली के शव और स्वचालित हथियार पुलिस को मिले हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद मौके की सर्चिंग करने पर घटनास्थल से 2 नग 12 बोर सिंगल शॉट गन, 1 नग कंट्री मेड गन, वायर, 5 किलो का टिफिन बम, प्रिंटर, नक्सली वर्दी, साहित्य एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है। घटना में मारे गए नक्सलियों की शिनाख्तगी एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही थाना बासागुड़ा द्वारा की जा रही है। दो दिन पहले मुनगा में मारा गया था प्लाटून कमांडर बीजापुर जिले में ही दो दिन पहले सुरक्षा बल ने मुनगा के जंगल में हुए मुठभेड़ में एक वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया था। मारे गए नक्सली की पहचान गंगालूर एरिया कमेटी प्लाटून कमांडर पांडू माड़वी के रूप में की गई है। recent visitors 61

सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी का लोकार्पण किया

 रायसेन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को रायसेन जिले में स्थित 'रातापानी टाइगर रिजर्व' का लोकार्पण किया। इस दौरान सीएम ने टाइगर रिजर्व का भ्रमण भी किया। जिले में सीएम के कार्यक्रम को लेकर बाइक रैली का भी आयोजन किया गया। भोपाल, सीहोर और रायसेन जिले के युवाओं की ‘एक विरासत से विकास की अनूठी दौड़’ बाइक रैली में सीएम और एक्टर रणदीप हुड्‌डा ने खुद बुलेट चलाई। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा, मुझे आज तक नहीं समझ आया कि टाइगर और लायन में जंगल का राजा लायन कैसे हो सकता है। जंगल का राजा तो टाइगर ही होता है। दोनों में मूल अंतर यह है कि टाइगर अपने भोजन के लिए खुद शिकार करता है। टाइगर रोज शाम को 4 बजे अपने एरिया की निगरानी करता है कि कहीं कोई घुसपैठिया तो नहीं आया। उसके उलटा लायन की जिंदगी में वह अपने परिवार में विश्वास करते हैं। वे परिवार में अपनी मादाओं के साथ रहता है। वह अपना शिकार खुद नहीं करता। बाकी लोग शिकार करते हैं, वह खाता है। इस दौरान सीएम ने फिल्म वीर सावरकर में रणदीप हुड्डा की एक्टिंग की तारीफ की। उन्होंने कहा- दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस से कई लोग आज भी उनके बारे में नादानी की बात करते हैं।   राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व है रातापानी जंगल मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ दिनों पहले ही रायसेन जिले के रातापानी जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया है। कान्हा, सतपुड़ा, बांधवगढ़, पेंच, संजय दुबरी, पन्ना और वीरांगना दुर्गावती के बाद यह राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व है। राज्य सरकार ने रातापानी टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी की थी। सीएम मोहन यादव ने आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया इसमे कहा गया कि टाइगर रिजर्व बनने से, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से बजट मिल सकेगा जिससे वन्यजीवों का बेहतर तरीके से प्रबंधन संभव होगा। इसमें कहा गया कि रातापानी टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1,271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद रातापानी वन को राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। रणदीप हुड्डा ने भी चलाई बाइक कार्यक्रम के दौरान फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा ने कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं। जहां भगवान कृष्ण ने दुनिया को अन्याय के खिलाफ लड़ने की सीख दी थी। आज उस धरती पर आया हूं जहां भगवान ने शिक्षा ग्रहण की। कार्यक्रम में CM मोहन यादव और रणदीप हुड्डा के साथ कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर और भाजपा प्रभारी मंत्री डॉ महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। रातापानी में 96 बाघ रातापानी टाइगर रिजर्व एकमात्र लैंडस्केप बन गया है, जहां 96 बाघों ने उपस्थिति दर्ज कराई है। रातापानी टाइगर रिजर्व लैंडस्केप में वर्ष 2026 में होने वाली गणना में 150 से अधिक बाघ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। 2026 तक प्रदेश में बाघों की संख्या 1100 के आसपास हो सकती है। इसका सर्वे रातापानी टाइगर रिजर्व से शुरू होगा। रातापानी में इस समय 12 से अधिक बाघिन शावकों के साथ मूवमेंट कर रही हैं। इनकी संख्या तकरीबन 30 है। ये शावक गणना तक वयस्क हो जाएंगे। बाघिनों के मूवमेंट वाले इलाके में 60 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। लैंडस्केप क्या है… हर टाइगर रिजर्व का एरिया होता है। बाघों की गणना के दौरान एक जोन चिह्नित किया जाता है, इसे लैंडस्केप कहते हैं। रातापानी का लैंडस्केप भोपाल से देवास तक है। इसे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तय करता है। टाइगर रिजर्व का मुख्य क्षेत्र 763.812 वर्ग किलोमीटर रातापानी टाइगर रिजर्व का मुख्य क्षेत्र 763.812 वर्ग किलोमीटर और बफर क्षेत्र 507.653 वर्ग किलोमीटर है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित नौ गांवों को वन की अधिसूचना में मुख्य क्षेत्र से बाहर रखा गया है जिससे ग्रामीणों के मौजूदा अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा। भोपाल से सटा है ये रायसेन जिल बता दें कि रातापानी वन प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे रायसेन जिले में स्थित है। एनटीसीए की तकनीकी समिति ने एक दिसंबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को भी टाइगर रिजर्व का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। recent visitors 63