बेंगलुरु पुलिस ने अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को किया अरेस्ट, प्रयागराज से सास-साला धर दबोचे

गुरुग्राम बेंगलुरु में कथित तौर पर पत्नी द्वारा उत्पीड़न से तंग आकर खुदकुशी करने वाले एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को बेंगलुरु पुलिस ने रविवार को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, निकिता के मां और भाई को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। बेंगलुरु की व्हाइट फील्ड डिवीजन की डीसीपी शिवकुमार ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया को हरियाणा के गुरुग्राम से और उसकी मां निशा और भाई अनुराग को प्रयागराज से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने कहा कि आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। निकिता और उसके परिवारवालों पर पर अतुल के खिलाफ मामला वापस लेने के लिए 3 करोड़ रुपये और बेटे का मुंह दिखाने के लिए 30 लाख रुपये रुपये मांगने का आरोप है। वार्ता के अनुसार, अतुल सुभाष खुदखुशी मामले में गिरफ्तारी से बचने को रात के अंधेरे में फरार होने के बाद आरोपियों ने 12 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। बता दें कि, मृतक के भाई विकास ने 9 दिसंबर को बेंगलुरु के मराठाहल्ली थाने में भाई की पत्नी और ससुरालवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में वॉन्टेड मृतक की पत्नी निकिता और उसके परिवार के लोगों को समन भेजकर तीन दिन में थाने में हाजिर होने को कहा था। मुकदमे वापस लेने को 3 करोड़, बेटा दिखाने को 30 लाख की थी मांग अतुल सुभाष के भाई विकास ने आरोप लगाया था कि अतुल की पत्नी निकिता और ससुराल वालों ने मुकदमा वापस लेने के लिए 3 करोड़ और इकलौते बेटे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की थी। यही वजह और मुकदमों से परेशान होकर अतुल सुभाष ने बेंगलुरु में आत्महत्या कर ली थी। विकास ने बताया था कि अतुल और निकिता की 2019 में शादी हुई थी। भाई से पैसे ऐंठने को निकिता, उसकी मां निशा, भाई अनुराग व चाचा ससुर सुशील ने पूरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाया और अत्यधिक मानसिक और शारीरिक तनाव दिया। निकिता और उसके परिवार ने मेरे भाई अतुल के खिलाफ कई झूठे मामले दर्ज कराए और उन मामलों को बंद करने के लिए आरोपी 3 करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे। मेरे भाई को अपने बच्चे को देखने और उससे मिलने के लिए भी 30 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। विकास ने कहा कि जौनपुर अदालत की सुनवाई के दौरान भाई अतुल के बयानों का मजाक उड़ाकर उसे आत्महत्या करने के लिए उकसाया गया और कहा गया या तो अतुल को उन्हें 3 करोड रुपये देने चाहिए या आत्महत्या कर लेनी चाहिए। गौरतलब है कि, 34 वर्षीय अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को बेंगलुरु में कथित तौर पर अलग रह रही अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और ससुरालवालों के उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली थी। निकिता, उसकी मां निशा, भाई अनुराग और चाचा सुशील के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49

बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की उठ रही मांग

बेंगलुरु पत्नी और उसके परिवार वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जान देने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष को न्याय देने की मांग उठ रही है। देश भर में हलचल तेज है और मांग उठ रही है कि अब दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा को लेकर बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है। ऐसा इसलिए ताकि किसी के भी साथ पक्षपात न हो। इस बीच गुरुवार को बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग हुई। एक एनजीओ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग ईको स्पेस सोसायटी के बाहर जुटे। इसके अलावा कई शहरों में अतुल सुभाष के लिए मार्च निकाले गए हैं। इन लोगों के हाथों में कैंडल, अतुल सुभाष की तस्वीर वाले पोस्टर थे। इसके अलावा सोसायटी के बाहर जुटे लोगों ने हम न्याय चाहते हैं के नारे भी लगाए। टेक प्रोफेशनल सुभाष ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से ही चर्चा तेज है कि क्या देश में कानून में कुछ बदलाव की जरूरत है। सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन नाम के एनजीओ से जुड़े शख्स सजीत ने कहा, 'हम अतुल सुभाष की मौत से बेहद दुखी हैं। वह फर्जी केसों और कानून के बेजा इस्तेमाल से परेशान थे। हम उनकी यादों का सम्मान करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए हम मार्च निकाल रहे हैं।' इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को कंपनी को नौकरी से हटा देना चाहिए। इन लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला ने अपने पति पर आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली होती तो उसे तुरंत अरेस्ट कर लिया जाता। लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया है। इसी प्रदर्शन में आए एक शख्स नरसिंह ने तो दावा किया कि वह भी ऐसे ही एक मामले का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा भी पत्नी के साथ 2020 से मुकदमा चल रहा है और तब से मैं अपने बच्चे को देख भी नहीं पाया हूं। नरसिंह ने कहा, 'अतुल की तरह ही मैं भी कानूनी लड़ाई में उलझा हूं। मैंने अपने बेटे को तब से दो बार ही देखा है और एक बार तो थाने में देखने को मौका मिला था। मुझसे कहा जा रहा है कि यदि फर्जी केसों से बचना है तो फिर 5 करोड़ रुपये दो। समस्या यह है कि हम लोगों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। पुलिस और अदालत हमेशा महिला का ही पक्ष लेती है। हमें संघर्ष में अकेला छोड़ दिया जाता है।' बता दें कि अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले करीब डेढ़ घंटे का एक वीडियो शेयर किया था और वह 24 पन्नों का एक लेटर भी लिखकर गए थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 139

अतुल सुभाष ने अपने बेटे को लिखी चिट्ठी, 2038 में खोलने को क्यों कहा, 4 साल के बेटे के लिए छोड़ा गिफ्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या का मामला चर्चा में छाया बना हुआ है। इस बीच एक भावुक बात सामने निकलकर आई है। आतुल सुभाष ने अपनी जान लेने से पहले अपने 4 वर्षीय बेटे के लिए एक उपहार और एक पत्र छोड़ा है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने बेटे से यह उपहार और पत्र 2038 में खोलने के लिए कहा है। यानी कि 34 साल बाद। इस रहस्यमय उपहार और पत्र में कुछ खास बातें छिपी हुई हैं। आतुल सुभाष ने अपने अंतिम पत्र में एक चौंकाने वाला दावा किया है कि उनकी पत्नी ने उनके बेटे को उनसे दूर रखा और वह कभी भी अपने बेटे से नहीं मिल पाए। पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम करने वाले अतुल सुभाष ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने शादी के बाद जारी तनाव और उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों तथा उसकी पत्नी, उसके रिश्तेदार एवं उत्तर प्रदेश के एक जज द्वारा प्रताड़ित किए जाने का विस्तृत विवरण दिया है। पुलिस ने बताया कि सुभाष का शव मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। उनके कमरे में एक तख्ती भी लटकी मिली जिसमें लिखा था ‘‘न्याय मिलना बाकी’’ है। अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले डेढ़ घंटे का एक वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का जिक्र किया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में सुभाष यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, ‘‘मुझे लगता है कि आत्महत्या कर लेनी चाहिए क्योंकि मैं जो रुपये कमा रहा हूं उससे मेरे दुश्मन और मजबूत हो रहे हैं। उन्हीं रुपयों का इस्तेमाल मुझे बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है और यह चक्र यू हीं चलता रहेगा। मेरे द्वारा चुकाए गए करों से प्राप्त धन से यह न्यायालय और पुलिस व्यवस्था मुझे, मेरे परिवार को और अन्य सज्जन लोगों को परेशान करेगी।’’ सुभाष ने मांग की कि उनकी मौत के बाद पत्नी और उसके परिवार को उनके शव के पास जाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने वीडियो में अपने परिजनों से कहा कि जब ​​तक उनका कथित उत्पीड़न करने वालों को सजा नहीं मिल जाती तब तक वे उनकी अस्थियों का विसर्जन न करें। सुभाष ने न्याय की मांग करते हुए अपने परिजनों से आग्रह किया कि यदि उसका उत्पीड़न करने वालों को दोषी नहीं ठहराया जाता है तो वे उसकी अस्थियों को अदालत के नाले के बाहर फेंक दें। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘सुभाष के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हमने उसकी पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।’’ पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सुभाष का अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक कलह था और उसकी पत्नी ने सुभाष के खिलाफ उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज कराया था। अधिकारी ने बताया कि सुभाष ने अपना सुसाइड नोट कई लोगों को ईमेल के जरिए भेजा तथा उसे एक व्हॉट्सऐप समूह पर भी साझा किया था, जिससे वह जुड़ा हुआ था। सुभाष ने सुसाइड नोट में आग्रह किया कि उसके बच्चे का लालन-पालन उसके माता-पिता को सौंपा जाए। सुभाष ने सुसाइड नोट में बताया कि 2019 में उसने शादी की थी और अगले साल उसका एक बेटा हुआ। सुसाइड नोट में उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के परिजन उन्हें (सुभाष) बार-बार रुपयों के लिए परेशान करते थे और लाखों रुपये मांगते थे और जब उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया तो उनकी पत्नी कथित तौर पर 2021 में बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई। सुभाष ने आरोप लगाया, ‘‘मेरी पत्नी मेरे बच्चे को अलग रखेगी और मुझे, मेरे बुजुर्ग माता-पिता तथा मेरे भाई को परेशान करने के लिए और भी मामले दर्ज कराएगी। मैं गुजारा भत्ता के लिए उसे जो पैसे देता हूं वह उसका इस्तेमाल हमारे बच्चे के कल्याण के बजाय मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।’’ Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 103