तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी रचनाओं का संग्रह जारी किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी संपूर्ण रचनाओं का संग्रह जारी किया। इस संग्रह का शीर्षक ‘कालवरिसैयिल् भरतियार् पडैप्पुगळ्' है और यह कालानुक्रमिक क्रम में 21 खंडों में महाकवि भरतियार की संपूर्ण संग्रहित रचनाएं हैं। इसे सीनी विश्वनाथन ने संकलित किया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कवि सुब्रह्मण्य भारती को मां भारती की सेवा के लिए समर्पित एक गहन विचारक के रूप में याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के भविष्य के लिए उनके दूरदर्शी विचारों की सराहना की। साथ ही युवा और महिला सशक्तिकरण, विज्ञान एवं नवाचार में विश्वास और संचार के माध्यम से राष्ट्र के एकीकरण पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, "…मैं इस महान कवि को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी विरासत को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आज का दिन भारत की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक विरासत और उसके स्वतंत्रता संग्राम की यादों के साथ-साथ तमिलनाडु के गौरव का भी महत्वपूर्ण अवसर है। महाकवि सुब्रह्मण्य भारती की रचनाओं का प्रकाशन उनके प्रति एक उल्लेखनीय श्रद्धांजलि है।" उन्होंने कहा कि महाकवि सुब्रह्मण्य भारती के कार्यों का, उनकी रचनाओं का प्रकाशन एक बहुत बड़ा सेवायज्ञ और बहुत बड़ी साधना है। और आज उसकी पूर्णाहुति हो रही है। हमारे देश में शब्दों को केवल अभिव्यक्ति ही नहीं माना गया है। हम उस संस्कृति का हिस्सा हैं, जो "शब्द ब्रह्म" की बात करती है, शब्द के असीम सामर्थ्य की बात करती है। हमारे ऋषि-मुनियों की वाणी सिर्फ उनके विचार नहीं बल्कि उनके चिंतन, अनुभव और साधना का निचोड़ हैं। सुब्रह्मण्य भारती जैसा व्यक्तित्व सदियों में कभी एक बार मिलता है। उनका चिंतन, मेधा और बहु-आयामी व्यक्तित्व हर किसी को हैरान करता है। पीएम मोदी ने कहा, "वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो समझते थे कि भविष्य में क्या छिपा है। उस समय भी जब समाज कई समस्याओं का सामना कर रहा था, उन्होंने युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण की वकालत की। उन्हें विज्ञान और नवाचार में भी विश्वास था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई उपकरण होना चाहिए जिससे हम कांची में बैठकर काशी में क्या हो रहा है, यह देख सकें और हम आज इसे जी रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सुब्रह्मण्य भारती ऐसे महान मनीषी थे, जो देश की आवश्यकताओं को देखते हुए काम करते थे। उनका विजन बहुत व्यापक था। उन्होंने हर उस दिशा में काम किया, जिसकी जरूरत उस कालखंड में देश को थी। भरतियार केवल तमिलनाडु और तमिल भाषा की ही धरोहर नहीं हैं, वो एक ऐसे विचारक थे जिनकी हर सांस मां भारती की सेवा के लिए समर्पित थी। recent visitors 175

गीता के सामूहिक स्वर पाठ से प्रदेश का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज, सीएम ने दी बधाई

भोपाल श्रीमद्भगवद्गीता के सामूहिक स्वर पाठ से हृदय प्रदेश के आसमान को गुंजायमान करने और विश्वपटल पर हमारी प्राचीन संस्कृति एवं सनातन धर्म का गौरवगान कराने की अभिलाषा आज साकार हो गई। भोपाल और उज्जैन की धरा पर हजारों आचार्यों द्वारा गीता के सामूहिक स्वर पाठ से प्रदेश का नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज हो गया है। भोपाल में आयोजित 'जनकल्याण पर्व, मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान एवं अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव' कार्यक्रम में सहभागिता कर प्रदेश की 1.28 करोड़ लाड़ली बहनों को 1572 करोड़ रुपये एवं 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 334 करोड़ रुपये से अधिक राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस अप्रतिम उपलब्धि पर समस्त धर्मप्रेमियों एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, कैबिनेट मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कृष्णा गौर, भोपाल महापौर मालती राय सहित अन्य गणमान्य साथी उपस्थित रहे। भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया गया है। साथ ही साधो बैंड मुंबई द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी गई। मध्य प्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद् भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जा रही है। लाल परेड मैदान की ओर कई मार्ग परिवर्तित लाल परेड मैदान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह आठ बजे से कार्यक्रम स्थल के आसपास के कुछ मार्ग परिवर्तित किए गए। कार्यक्रम के दौरान रोशनपुरा चौराहा से गांधी पार्क, लालपरेड मैदान की ओर, डीबी सिटी तिराहे से जेल रोड, लिली चौराहे से जहांगीराबाद पर यातायात का काफी दबाव रहेगा। इसलिए टीटीनगर न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की ओर जाने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें लिंक रोड नंबर-एक से होते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहा, सुभाष नगर आरओबी, बोगदापुल से होकर भारत टॉकीज होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। रेलवे स्टेशन से आने वाली बसें होंगी डायवर्ट वहीं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से टीटी नगर की ओर आने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें भारत टॉकीज से होते हुए पुल बोगदा, सुभाष नगर आरओबी, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-एक, ईओडब्ल्यू आफिस के सामने, बीएसएनएल तिराहा, प्रेस कांप्लेक्स, बोर्ड ऑफिस चौराहे से होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। इसी तरह लोक परिवहन एवं अनुमति प्राप्त सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश लाल परेड की ओर आने वाले मार्गों डीबी सिटी तिराहे से जेल मुख्यालय रोटरी की ओर, लिली चौराहे से पुलिस मुख्यालय की ओर, रोशनपुरा से गांधी पार्क तिराहे की ओर पूर्णतः प्रतिबंधित है। recent visitors 106

पाकिस्तान ICC Champions Trophy 2025 का बहिष्कार करेगा तो, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है

मुंबई  चैम्पियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर चल रहे गतिरोध के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अगर टूर्नामेंट से हटने का फैसला करता है तो उसे भारी नुकसान होगा. अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाली इस 50 ओवरों के टूर्नामेंट से हटने पर पीसीबी को न सिर्फ राजस्व का भारी नुकसान होगा, बल्कि उसे मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो पीसीबी के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा. इस अधिकारी ने कहा, ‘पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों की तरह उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (MPA) पर भी हस्ताक्षर किए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का हिस्सा पाने का हकदार होता है.’ अधिकारी में कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि आईसीसी ने अपनी सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है, जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैम्पियंस ट्रॉफी सहित आईसीसी की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे.’ आईसीसी पिछले हफ्ते चैम्पियंस  ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल करने में सफल रहा था. इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा. इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी. इसकी हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए बाध्य नहीं होगा. प्रशासक ने कहा कि अगर पाकिस्तान चैम्पियंस ट्रॉफी से हटता है तो आईसीसी और यहां तक कि आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल अन्य 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं. प्रसारक भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बाहर हो जाने से सभी हितधारकों को नुकसान होगा. उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला है. 1996 के बाद पाकिस्तान का यह पहला ICC इवेंट 1996 के वर्ल्ड कप आयोजन के बाद यह पाकिस्तान का पहला आईसीसी इवेंट है, तब भारत और पाकिस्तान भी इस आयोजन का को-होस्ट था. लेकिन फ‍िलहाल पाक‍िस्तान में इस टूर्नामेंट की संभावना बेहद कम है. 2012 में दोनों देशों के बीच हुई थी द्व‍िपक्षीय सीरीज भारत और पाकिस्तान ने 2012 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है, लेकिन पिछले साल भारत में हुए वनडे वर्ल्ड कप सहित आईसीसी टूर्नामेंटों में वे एक-दूसरे का सामना करते रहे हैं. पिछले साल पाकिस्तान द्वारा आयोजित एशिया कप को भी हाइब्रिड मॉडल में बदल दिया गया था, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था. भारत ने तब अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले थे. 2017 के बाद पहली बार हो रहा है चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का आयोजन चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 के बाद ICC कैलेंडर में वापसी कर रही है. इसको  'हाइब्रिड' मॉडल में बदला जा सकता है, जिसमें भारत अपने सभी मैच किसी दूसरे स्थान पर खेल सकता है, संभवतः UAE में… जबकि टूर्नामेंट का बाकी हिस्सा पाकिस्तान द्वारा आयोजित किया जाएगा. पाकिस्तान ने 2017 में इंग्लैंड में आयोजित चैम्पियंस ट्रॉफी के पिछले संस्करण को जीता था. वह इस बार 19 फरवरी से 9 मार्च तक होने वाले टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा. भारत ने साल 2008 से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है. भारतीय टीम आखिरी बार 2008 में एशिया कप के लिए पाकिस्तान गई थी. भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज आखिरी बार 2012-13 में हुई थी. इसके बाद दोनों टीमों के बीच सिर्फ एशिया कप और आईसीसी टूर्नमेंट में ही मुलाकात हुई है. बहिष्कार के साथ राशिद को सता रहा इस बात का डर हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राशिद लतीफ ने कहा कि पाकिस्तान को अब चैंपियंस ट्रॉफी का बहिष्कार कर देना चाहिए। बीसीसीआई के इस कदम से पहले पीसीबी को यह कदम उठाना चाहिए। चैंपियंस ट्रॉफी अब और नहीं होनी चाहिए। हमें हमेशा बलि का बकरा बनाया गया है। चाहे वह अफगान युद्ध हो या क्रिकेट। पीसीबी, एसीबी और आईसीसी एक जैसे हैं, वे बीसीसीआई के खिलाफ नहीं लड़ सकते। उन्हें पाकिस्तान को आगे धकेलने का मौका मिल गया है। हमने हाथ मिलाया है और इसके खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन एकमात्र डर यह है कि अगर भारत ने बहिष्कार किया तो हम कहां खड़े होंगे? मुख्य प्रसारणकर्ता स्टार इंडिया ने आईसीसी को दी चेतावनी इस मुद्दे की जड़ बीसीसीआई और पीसीबी के बीच चल रहा तनाव है, जिसमें भारत सरकार अपनी क्रिकेट टीम को पाकिस्तान नहीं भेजने के लिए दृढ़ संकल्पित है। वित्तीय निहितार्थ बहुत बड़े हैं। मुख्य प्रसारणकर्ता स्टार इंडिया ने आईसीसी को चेतावनी दी है कि भारत के हटने से टूर्नामेंट के मीडिया अधिकारों का 90 प्रतिशत मूल्य खत्म हो जाएगा। जबकि पाकिस्‍तान के हटने पर 10 प्रतिशत मूूूल्‍य कम होगा। recent visitors 63

सैटेलाइट स्पेस कम्युनिकेशन बनाएगा भारत : केंद्रीय मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली सैटेलाइट नेटवर्क की अभी बहुत चर्चा हो रही है। एलन मस्क की स्टारलिंक समेत कई बड़ी कंपनियां अभी इसी रेस में हैं। इस बीच भारत सरकार की तरफ से बड़ा बयान दिया गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ किया कि सरकार आत्मनिर्भर स्पेस कम्युनिकेशन सेक्टर विकसित करना चाहती है। इसमें सैटेलाइट मैनुफैक्चर और लॉन्च सर्विस को भी शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री का बयान कम्युनिकेशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पेस कम्युनिकेशन के मुख्य खिलाड़ियों से मुलाकात की थी। इसमें Eutelsat Oneweb, Jio-SES, Hughes Communications भी शामिल थे। इसमें चर्चा हुई कि लोकल स्पेस सेक्टर को विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात के बार अपने आइडिया भी X पर शेयर किए थे। सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर बड़ा फैसला उन्होंने लिखा, 'सैटेलाइट कम्युनिकेशन इकोसिस्टम के मुख्य प्लेयर्स के साथ मीटिंग की। इसमें कई स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया था। भारत को सैटेलाइट कम्युनिकेशन का मुख्य खिलाड़ी बनाने के लिए हमने मुख्य पहलुओं पर चर्चा की । हमने भारत के लिए नए अवसरों पर भी बातचीत की। आत्मनिर्भर भारत को इससे काफी बल मिलेगा।' विवरण की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे IN-SPACe- एक स्वायत्त केंद्रीय नियामक निकाय, देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इंटरनेट सर्विस पर भी हुई चर्चा सैटेलाइट कम्युनिकेशन मीटिंग के अलावा, सिंधिया ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के भी कुछ अहम लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जानकारी दी, टेलीकॉम सेक्टर को दुरुस्त करने के लिए हमने कई अहम पहलुओं पर चर्चा की। हमारा फोकस था कि कोस्ट को कैसे कम किया जा सकता है ? साथ ही बेहतर इंटरनेट सर्विस को प्रोवाइड किया जा सकता है। क्योंकि अभी ये बहुत ज्यादा मायने रखती है। DoT के अधिकारी और स्टेकहोल्डर्स को भी इसमें शामिल किया गया था। recent visitors 59

भोपाल में स्कूलों की टाइमिंग बदली, जारी किया आदेश, अब 9 बजे से होंगा संचालन

भोपाल जिले में तापमान में कमी और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि विद्यालय का संचालन अब सुबह 9 बजे से पूर्व नहीं किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के स्वास्थ्य पर शीतलहर के प्रतिकूल प्रभाव को कम करना है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन पूर्व नियत समय सारणी के अनुसार ही किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश का पालन करें और विद्यार्थियों की भलाई के लिए उचित कदम उठाएं। राजधानी भोपाल में कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब जिले के 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुलेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। अभी और गिरेगा तापमान मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में जारी बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान और गिर सकता है। अनुमान है कि अगले 6-7 दिनों तक न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। साथ ही, प्रदेश के न्यूतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की कमी देखी जा सकती है। इंदौर में पांच डिग्री लुढ़का पारा प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल का रात का न्यूनतम तापमान सबसे कम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा ग्वालियर में 10.8 डिग्री, इंदौर में 11.4 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में दिन के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली। यहां तापमान सबसे कम 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 24.5 डिग्री, ग्वालियर में 24.8 डिग्री और जबलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पिपरसमा (शिवपुरी) में 6.8 डिग्री, मरूखेडा (नीमच) में 7.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर)/गुना में 8.6 डिग्री और सीहोर/पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 9 डिग्री के साथ इन शहरों में प्रदेश का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया।   recent visitors 33

यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधोसंरचना के विस्तार और अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों और कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि अधोसंरचना विकास के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रक्रिया की सतत मॉनीटरिंग कर समयसीमा के भीतर उपकरण खरीदी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने सीटी स्कैन, एमआरआई, कैथ लैब, पेट-स्कैन, लाईनैक, और ब्रेकी-थेरेपी जैसे उन्नत उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के चिकित्सकीय संस्थानों में औषधि एवं कंज्यूमेबल की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उक्त सामग्री आवश्यकतानुसार संस्थानों में उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने ट्रांसफर पोर्टल की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विभागीय स्तर पर पोर्टल को और अधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिये ताकि ट्रांसफर प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 87

पीएम मोदी ने कुवैत का निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक किया स्वीकार, जल्द ही जा सकते ही इस ‘ऐतिहासिक’ यात्रा पर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहयोग और साझेदारी को बढ़ाते हुए जल्द ही कुवैत की यात्रा कर सकते हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस प्रमुख पश्चिम एशियाई देश की पहली यात्रा होगी। इस समय खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की अध्यक्षता भी कुवैत के पास ही है। पिछले हफ्ते कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने कुवैत नेतृत्व की ओर से प्रधानमंत्री को 'शीघ्रतम अवसर मिलने पर' देश की यात्रा करने का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर लिया था। कुवैत एकमात्र जीसीसी सदस्य देश है जहां पीएम मोदी ने 2014 में पदभार संभालने के बाद से अब तक दौरा नहीं किया है। कोविड महामारी के कारण 2022 में प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई थी। जीसीसी में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान और कतर भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर में, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र के दौरान कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात की थी। यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी। पिछले सप्ताह, भारत की यात्रा पर आए कुवैत के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया था कि कुवैत की जीसीसी की वर्तमान अध्यक्षता के अंतर्गत भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच घनिष्ठ सहयोग और मजबूत होगा। पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए समर्थन व्यक्त किया था। उन्होंने कुवैत में रहने वाले दस लाख भारतीयों की देखभाल के लिए कुवैत के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। recent visitors 64