राज्यपाल अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि माता-पिता, बड़े-बुजुर्गों का सम्मान हमारी महान संस्कृति की धरोहर है। उनके प्रति आदर और संस्कार घर से ही विकसित होते है। उन्होंने रामायण में उल्लेखित माता-पिता और बुजुर्गों के सम्मान पर आधारित प्रसंगों का जिक्र भी किया। राज्यपाल पटेल अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के अवसर पर प्रशासनिक अकादमी में आयोजित कार्यकम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग की विषय पर आधारित “वरिष्ठ नागरिकों की देख-भाल, सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, कानूनी सुरक्षा और मानव अधिकार” ‘स्मारिका’ का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों को अपने खान-पान और सेहत का विशेष ध्यान रखना होता है। परिजन बुजुर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशीलता और कृतज्ञता का भाव रखे। उन्होंने मानव अधिकारों के संरक्षण के प्रति जनजागरण के प्रयासों के लिए आयोग को साधुवाद दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मानव अधिकार नैसर्गिक अधिकार है। ये अधिकार व्यक्ति का स्वाभिमान, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करते है। इन अधिकारों तक समाज के अंतिम कड़ी के व्यक्ति की सुलभ पहुँच हो, इसकी जिम्मेदारी सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भी है। उन्होंने कहा कि राज्य मानव अधिकार आयोग की भूमिका, मानवाधिकारों के रक्षक और संरक्षक के रूप में है। आयोग वंचित और गरीब वर्ग की आशा और विश्वास के केन्द्र में है। सरकार और समाज का मार्गदर्शक भी है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान, हमारे संस्कारों और संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। वरिष्ठ नागरिक, हमारे परिवार और समाज के लिए धरोहर होते है, अनुभव का खजाना होते है। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बुजुर्ग चलते-फिरते इनसाइक्लोपीडिया होते हैं। उनके पास जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान का अनुभव है। बुजुर्ग शारीरिक रूप से कमजोर हो सकते हैं, लेकिन उनका अनुभव अमूल्य है। युवाओं को चाहिए कि वे बुजुर्गों के सान्निध्य में रहें, उनके अनुभव का लाभ लें और उन्हें सम्मान दें। वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति न केवल परिवार की ताकत है, बल्कि समाज की भी अमूल्य धरोहर है। उनकी सेवा और सम्मान ही हमारी संस्कृति का आधार है। यदि हम अपने मूल्यों और परंपराओं का सम्मान करेंगे, तो निश्चित रूप से विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होंगे। वरिष्ठ नागरिकों के प्रति कृतज्ञता और आदर की भावना ही समाज की खुशहाली की सच्ची राह है। मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष मनोहर ममतानी ने कहा कि भारतीय परिवेश में वृद्धजनों के आर्थिक, सामाजिक और वैधानिक संरक्षण किये जाने की आवश्कता है। उन्होंने कहा कि आयु एक सतत् अपरिर्वतनीय, सार्वभौमिक प्रक्रिया है। जो गर्भाधान से शुरू होकर व्यक्ति की मृत्यु तक होती है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन की महत्वपूर्ण समस्याओं में प्रमुख रूप से शारीरिक दूर्बलता, मानसिक रोग, अकेलेपन की समस्या, आर्थिक असुरक्षा, संयुक्त परिवार का अभाव, मनोंरजन की समस्याओं से बुजुर्गों को बाहर निकालने के लिए समाज को आगे आना होगा। ममतानी ने कहा कि सरकार के साथ-साथ हम लोगों को भी वरिष्ठजनों के सम्मान एवं उनकी सुरक्षा के लिये कार्य करना होगा। कार्यवाहक अध्यक्ष ममतानी ने कहा कि मानव अधिकार आयोग वरिष्ठजनों संरक्षण के लिये संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार आयोग के संज्ञान में 1343 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। आयोग द्वारा राज्य सरकार के माध्यम से 1228 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। उन्होंने कहाकि आयोग द्वारा नवाचार के रूप में प्रदेश के 24 जिलों में शिविरों का आयोजन कर मानव अधिकार से संबंधित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। ममतानी ने आयोग के उद्देश्यों, कार्यों और योजनाओं पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आयोग के सदस्य राजीव कुमार टंडन ने स्वागत उद्बोधन दिया। विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन की श्रीमती सोनाली पोक्षे वायंगणकर ने कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक राजेश गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याणार्थ केन्द्र और राज्य सरकार की संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशासनिक अकादमी में अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत विशेष शिविर लगाया गया। जिसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाये गये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष कैम्प का अवलोकन किया और सहजता से सेवा प्रदाय करने के निर्देश दिये। पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं मानव अधिकार) डी.सी. सागर ने भगवान श्रीराम के पावन ग्रंथ रामचरित मानस के लंका काण्ड में विजय रथ के श्लोक सुनायें। उन्होंने "सौरज धीरज तेहि रथ चाका, सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका, बल विवेक दम परहित घोरे, छमा कृपा समता रजू जोरे" का उदाहरण दिया इस दोहे में बहादुरी, धैर्य, सत्य, शालीनता, द्दढ़ संकल्प, शिक्त, बुद्धिमत्ता, आत्म-नियंत्रण, परोपकार, क्षमा, कृतज्ञता और समानता के 12 गुण निहित हैं जो आदर्श व्यक्ति में होते है। सागर ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुलिस विभाग द्वारा बनाए गए सिटीजन ऐप की कार्य प्रणाली बताई। राज्यपाल पटेल का राज्य मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष ममतानी ने पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मानव अधिकार आयोग के पुलिस महानिरीक्षक अशोक गोयल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी के महा निदेशक जे.एन. कंसोटिया, न्यायाधीशगण, वरिष्ठजन और आयोग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।   recent visitors 41

अब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद बनाएंगे: TMC MLA हुमांयू कबीर

कोलकाता अयोध्या में बाबारी मस्जिद विध्वंस विवाद खत्म हो गया। विवादित रहे स्थल पर राम मंदिर का निर्माण हो गया लेकिन राजनीति में बाबरी मस्जिद मुद्दा अब भी जिंदा है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक का इसी बीच विवादित बयान सामने आया है। हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नई बाबरी मस्जिद बनाएंगे। हुमांयू कबीर अपने विवादास्पद बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। भरतपुर के विधायक ने दावा किया है कि वह बाबरी मस्जिद बेलडांगा में बनाएंगे। पश्चिम बंगाल का बेलडांगा इलाका मुस्लिम बाहुल है। मस्जिद बनाने के लिए देंगे एक करोड़ रुपये बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनाने के ऐलान के साथ ही हुमायूं कबीर ने वादा किया है कि वह इस मस्जिद को बनाने के लिए अपने पास से एक करोड़ रुपये देंगे। उन्होंने दावा किया कि बाबारी मस्जिद बनाने के प्रस्ताव पर काम शुरू हो गया है। मस्जिद निर्माण की नींव वह 6 दिसंबर 2025 तक रखेंगे। बाबरी मस्जिद ट्रस्ट भी बनाएंगे हुमायूं कबीर ने कहा कि बंगाल में मुसलमानों की आबादी का लगभग 30 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने मुस्लिम समुदाय की भावनाओं और अधिकारों पर खास ध्यान दिया है। उन्होंने बेलडांगा में बनने जा रही बाबरी मस्जिद के लिए बहरामपुर क्षेत्रों के मदरसा अध्यक्षों और सचिवों सहित 100 से अधिक सदस्यों वाली एक बाबरी मस्जिद ट्रस्ट बनाने का भी ऐलान किया। मुसलमानों से जुटाएंगे धन हुमांयू कबीर ने कहा कि बाबरी मस्जिद ट्रस्ट बेलडांगा में दो एकड़ में बनने जा रही मस्जिद के निर्माण की देखरेख करेगा। उन्होंने कहा कि मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम सपोर्ट करेंगे और धन भी जुटाएंगे। ट्रस्ट दान में आने वाले धन को मैनेज करेगा। कांग्रेस से टीएमसी में आए थे हुमायूं ममता बनर्जी के पहले कार्यकाल में मंत्री रहे हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं। टीएमसी में आने से पहले वह 2011 में कांग्रेस के टिकट पर रेजिनगर विधानसभा सीट से अपना पहला चुनाव लड़े थे। हुमायूं अकसर ऐसे बयान देते रहते हैं, जिससे टीएमसी को विपक्ष का सामना करना पड़ता है। हाल ही में टीएमसी ने हुमायूं को उनके एक बयान के लिए नोटिस भी दिया था। बाबरी मस्जिद विवाद क्या हुमायूं ने कहा कि मुगल कमांडर मीर बाक़ी ने 1528-29 में बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाया था। उनका आरोप है कि 1992 में हिंदू राष्ट्रवादी भीड़ ने मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया था, जिसके बाद हिंसा हुई थी। मस्जिद पर लंबे समय तक राजनीति चली और कोर्ट में केस चला। 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने अयोधया की विवादित भूमि को रामजन्मभूमि का हिस्सा बताते हुए मंदिर निर्माण का फैसला सुनाया था। recent visitors 149

जयराम रमेश ने कहा- विपक्ष के सांसदों को सदन में बोलने का नहीं मिलता है मौका, इसलिए लाए अविश्वास प्रस्ताव

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने पेश किया है। कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसदों के हस्ताक्षर वाले इस प्रस्ताव को राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी को सौंप दिया गया है। इस प्रस्ताव को ममता बनर्जी की टीएमसी का भी समर्थन मिल गया है। जयराम रमेश ने कहा कि यह कठिन फैसला है, लेकिन मजबूरी में हमें ऐसा करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसदों को तो सदन में बोलने का भी मौका नहीं दिया जाता। उनका माइक तक बंद कर दिया जाता है। यह पक्षपात की स्थिति है और इसलिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है। जयराम रमेश ने लिखा, ‘विपक्षी INDI अलायंस से जुड़े सभी दलों के पास राज्यसभा के चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। वह राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन पक्षपात के साथ कर रहे थे। INDI अलायंस के दलों के लिए यह एक कठिन फैसला है, लेकिन संसदीय लोकतंत्र के हित में है। इसलिए हमें ऐसा कदम उठाना पड़ा है। अविश्वास प्रस्ताव को हमने राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी को सौंप दिया है।’ हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव में विपक्षी दलों के किसी भी नेता सदन के हस्ताक्षर नहीं हैं। यहां तक कि सोनिया गांधी के साइन भी इस प्रस्ताव में नहीं हैं। कहा जा रहा है कि कुल 60 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। recent visitors 51

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा सामंजस्य और आपसी सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना संभव

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सामंजस्य और आपसी सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना संभव है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अपोलो सेज हॉस्पिटल परिसर में "ओरल कैंसर डिटेक्शन और डेंटल ट्रीटमेंट वैन" सेवा का शुभारंभ किया। यह मोबाइल वैन अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है, जो मुंह के कैंसर की शीघ्र पहचान और संपूर्ण दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। इस पहल को डेनेशिया ग्रुप और रोटरी क्लब के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, यह वैन विशेष रूप से उन नागरिकों की सेवा के लिए समर्पित है जो आर्थिक अथवा भौगोलिक कारणों से चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इस वैन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और भोपाल के आस-पास के जिलों कर कैंसर एवं दंत रोगों की पहचान और उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डेनेशिया ग्रुप और रोटरी क्लब के सहयोग की सराहना करते हुए इसे मानवता की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन में सामूहिक प्रयासों का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि इस वैन के संचालन से न केवल ओरल कैंसर की शीघ्र पहचान और उपचार होगा, बल्कि दंत चिकित्सा सेवाओं से भी हजारों नागरिक लाभान्वित होंगे। यह पहल समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह वैन लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अपोलो सेज हॉस्पिटल की सुविधाओं का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि वैन में उन्नत तकनीक से लैस ओरल कैंसर डिटेक्शन सिस्टम है, जो कुछ ही मिनटों में कैंसर की पहचान कर सकता है। इसके अतिरिक्त, वैन में एक आधुनिक डेंटल चेयर और अन्य चिकित्सा उपकरण हैं, जो जटिल से जटिल दंत समस्याओं का इलाज कर सकते हैं। वैन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिजली न होने की स्थिति में भी पेट्रोल जनरेटर की सहायता से निर्बाध रूप से कार्य करती है। यह वैन न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि प्रदेश के हर कोने तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। सेज ग्रुप के चेयरमैन संजीव अग्रवाल, डेनेशिया ग्रुप के चेयरमैन पी के त्रिपाठी सहित रोटरी क्लब के प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।   recent visitors 35

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार के एक वर्ष के कार्यों से कराया अवगत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को संसद भवन नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को भोपाल में फरवरी 2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष में किये गये कार्यों से अवगत कराकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर 11 दिसम्बर 2024 से 2 महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारंभ कर रही है। पहला कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक आयोजित होगा। यह प्रदेश के समग्र विकास और जनहित पर आधारित रहेगा। दूसरा कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विकास के प्रमुख 4 स्तंभ युवा, नारी, किसान और गरीब के सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए चिन्हित योजनाओं में शत-प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त करना है। अभियान में आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित आवेदकों की समस्याओं का निराकरण भी किया जायेगा।   recent visitors 33

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों से पूछा किआखिर फ्री की रेवड़ी कब तक बांटी जाएगी? रोजगार के अवसर बनाने की जरूरत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने  सरकारों की ओर से फ्री में दी जा रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठाया है. कोर्ट ने पूछा कि आखिर फ्री की रेवड़ी कब तक बांटी जाएगी? कोर्ट ने कहा कि कोविड महामारी के बाद से मुफ्त राशन प्राप्त कर रहे प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर बनाने की जरूरत है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने उस वक्त हैरानी जताई जब केंद्र ने अदालत को बताया कि 81 करोड़ लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मुफ्त या सब्सिडी वाला राशन दिया जा रहा है. इसपर बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, 'इसका मतलब है कि केवल टैक्सपेयर्स ही बाकी हैं.' एनजीओ की ओर से दायर एक मामले में पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि उन प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन  मिलना चाहिए जो "ई-श्रमिक" पोर्टल पर पंजीकृत हैं. इसपर बेंच ने कहा, 'फ्रीबीज़ कब तक दिए जाएंगे? क्यों न हम इन प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर, रोजगार और क्षमता निर्माण पर काम करें?' वकील भूषण ने कहा कि अदालत ने समय-समय पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि प्रवासी मजदूरों को राशन कार्ड जारी किया जाए ताकि वे केंद्र द्वारा प्रदान किए गए मुफ्त राशन का लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि हाल ही में दिए गए आदेश में यह कहा गया है कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, लेकिन वे "ई-श्रमिक" पोर्टल पर पंजीकृत हैं, उन्हें केंद्र द्वारा मुफ्त राशन दिया जाएगा. कोर्ट ने क्या कहा… जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'यह समस्या है. जैसे ही हम राज्यों को आदेश देंगे कि वे सभी प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन दें, कोई भी यहां नहीं दिखाई देगा. वे भाग जाएंगे. राज्यों को यह पता है कि यह जिम्मेदारी केंद्र की है, इसीलिए वे राशन कार्ड जारी कर सकते हैं.' भूषण ने कहा कि यदि 2021 की जनगणना की जाती, तो प्रवासी मजदूरों की संख्या में वृद्धि होती, क्योंकि केंद्र वर्तमान में 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर है. इसपर बेंच ने कहा, "हम केंद्र और राज्यों के बीच मतभेद नहीं पैदा करें, क्योंकि ऐसा करने से स्थिति बहुत कठिन हो जाएगी."   recent visitors 52

मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला, तापमान में गिरावट के चलते ठिठुरन बढ़ गई, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल पड़ाहों पर हो रही बर्फबारी से बर्फीली हवाएं चलने लगी है जिससे मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में 16 शहरों में तापमान 12 डिग्री से कम तो राजगढ़ गुना सबसे ठंडे रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 दिन 11 से 13 दिसंबर तक अशोक नगर, गुना और धार जिले में शीतलहर (कोल्ड वेव) की स्थिति बनी रहेगी और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी।वर्तमान में उत्तर प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी होने से अगले 24 घंटों में प्रदेश के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट होने की आशंका है। खास करके पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदला रहेगा।  तापमान में गिरावट के चलते ठिठुरन बढ़ गई है। रात के तापमान में पांच डिग्री तक की कमी आई है, जिससे ठंड का असर तेज हो गया है। दिन के तापमान में भी एक डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. चार दिनों बाद ठंड ने पकड़ी रफ्तार पिछले चार-पांच दिनों से तापमान में बढ़ोतरी और आसमान पर बादलों की मौजूदगी के कारण ठंड का असर कम हो गया था। हालांकि, रविवार से ठंड ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे तीन दिन पहले, शनिवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा था। केवल एक दिन में न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री और अधिकतम तापमान में एक डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे ठंड का असर बढ़ गया है। लोग अब ठंड से राहत पाने के लिए गर्म कपड़े पहनने और अलाव जलाने का सहारा ले रहे हैं। ठंड बढ़ने से जिले के किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखी जा रही है। किसानों के लिए फायदेमंद ठंड वर्तमान में किसान रबी सीजन की प्रमुख फसलें, जैसे गेहूं और चने, की बुवाई में व्यस्त हैं। अधिकतर क्षेत्रों में बुवाई पूरी होने के बाद अब सिंचाई की जा रही है। रबी सीजन की फसलों का उत्पादन ठंड पर निर्भर करता है। ठंडक बढ़ने से गेहूं और चने की फसल को फायदा होगा और उत्पादन बेहतर हो सकेगा। मंगलवार सुबह ठंडी हवाओं और ठिठुरन के साथ मौसम ने सर्दी का एहसास कराया। हल्की धुंध छाई रही और खेतों में गेहूं की फसलों पर ओस की बूंदें नजर आईं। 15 दिसंबर के बाद MP के इन जिलों में कड़ाके की ठंड-कोल्ड डे एमपी मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ते ही 15-20 दिसंबर के बाद प्रदेश में कोल्ड डे, घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति देखने मिलेगी । दिसंबर अंत और जनवरी में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं के साथ घने कोहरा छाया रहेगा।खास करके इस बार सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। भोपाल संभाग के राजगढ़ और उज्जैन जिलों के कुछ-कुछ हिस्सों में अच्छी ठंड पड़ेगी। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     प्रदेश में सबसे ठंडा जिला राजगढ़ रहा, जहां रात का पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान पचमढ़ी से भी कम है। पचमढ़ी का पारा 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा।     पिपरसमा (शिवपुरी) में 6.8 डिग्री, मरूखेडा (नीमच) में 7.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर)/गुना में 8.6 डिग्री और सीहोर/पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 9 डिग्री दर्ज न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।     धार में 9.4 डिग्री, पचमढ़ी में 9 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, रायसेन में 9.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 10.5 डिग्री, नौगांव में 11.2 डिग्री, रीवा में 11.0 डिग्री और उमरिया में 11.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।     इंदौर में अधिकतम तापमान 22.9 डिग्री, भोपाल में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 24.5 डिग्री, ग्वालियर में 24.8 डिग्री और जबलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। recent visitors 58