सुप्रीम कोर्ट में पहले एक याचिका दाखिल की गई थी, किसान आंदोलन के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी

नई दिल्ली शंभू बॉर्डर पर डटे किसानों ने एक ओर दिल्ली कूच स्थगित कर दिया है. वहीं किसान आंदोलन के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में पहले एक याचिका दाखिल की गई थी, इसमें शंभू बॉर्डर समेत सभी हाईवे को खोलने के निर्देश केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार को देने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट कल इस मामले में सुनवाई करेगा. याचिका में कहा गया है कि इस तरह हाईवे को अवरुद्ध करना लोगों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है. साथ ही ये नेशनल हाईवे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत भी अपराध है. ऐसे में हाईवे को रोकने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. याचिका में गुहार लगाई गई है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकारों को प्रदर्शनकारी किसानों को हाइवे से हटाने के निर्देश दे. शंभू बॉर्डर से किसानों को हटाने के संबंध में 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. इसी मामले में कल सुनवाई होनी है. याचिका में यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है कि आंदोलनकारी किसानों द्वारा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक अवरुद्ध न किए जाएं और राज्य और केंद्र को आम जनता के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करना चाहिए. बता दें कि शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का जत्था दिल्ली कूच के इरादे से आगे बढ़ा, लेकिन हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली के लिए पैदल मार्च स्थगित कर दिया. पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि कम से कम 8 किसान घायल हुए हैं और उनमें से एक को चंडीगढ़ के पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) ले जाया गया है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हमने 'जत्था' (101 किसानों का समूह) वापस बुला लिया है. recent visitors 62

मध्य प्रदेश में तूफान ‘फेंजल’ अब बेअसर, 13 जिलों में अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में तूफान ‘फेंजल’ अब बेअसर हो चुका है। वहीं हवाओं का रुख भी उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी की ओर हो गया है। सर्द हवाओं के असर से प्रदेश में एक बार फिर सर्दी बढ़ने लगी है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जिलों में अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना हैं। जबलपुर समेत 13 जिलों में बारिश हो सकती है। जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में बर्फीली हवाएं चलेंगी और भोपाल, इंदौर-उज्जैन में ठंड का असर रहेगा। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तरी इलाकों और पहाड़ों पर मौसम बदल सकता है। इस दौरान पहाड़ों पर बर्फबारी भी हो सकती है। ऐसा होने पर बर्फ पिघलने के बाद बर्फीली हवा प्रदेश में आएगी। वहीं, अगले 24 घंटे में पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है। जिसमें जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली में कहीं-कहीं बारिश होने का अलर्ट है। पूर्वी हिस्से में जहां बारिश और बादल रहेंगे वहीं, उत्तर और पश्चिमी हिस्से में ठंड का असर बढ़ जाएगा। बर्फीली हवाएं ग्वालियर-चंबल में सीधे आएंगी, जिससे यह ठिठुर सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन में भी तेज ठंड का असर रहेगा। पिछले तीन-चार दिन की राहत के बाद प्रदेश एक बार फिर रात का तापमान लुढ़क गया है। शुक्रवार-शनिवार की रात 12 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा। शहडोल के कल्याणपुर, नौगांव में 8 डिग्री, सिंगरौली के देवरा और रीवा में 8.2 डिग्री, सतना के चित्रकूट और शिवपुरी के पिपरसमा में 8.5 डिग्री, राजगढ़ में 9 डिग्री, टीकमगढ़ में 9.1 डिग्री, खजुराहो मंं 9.2 डिग्री, उमरिया में 9.4 डिग्री, पचमढ़ी में 9.6 डिग्री और सतना में 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुना, सीधी, रायसेन और मंडला में तापमान 12 डिग्री से नीचे ही रहा। बड़े शहरों में भी रात के तापमान में गिरावट हुई है। इसके बाद भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 16.3 डिग्री, ग्वालियर में 10.1 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में 11.1 डिग्री दर्ज किया गया।   recent visitors 69

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किया सैंपल पेपर, इस बार अलग होगा 10वीं और 12वीं परीक्षा का पैटर्न

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से शुरू होंगी। विद्यार्थियों को तैयारी करने के लिए करीब ढाई माह का समय शेष है। मंडल ने विद्यार्थियों को बदले पैटर्न पर परीक्षा की तैयारी कराने के लिए सैंपल पेपर वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। इसमें प्रत्येक विषय के प्रश्नों का पैटर्न और अंकयोजना को अपलोड किया है। 10वीं का प्रश्नपत्र 75 अंक का और आंतरिक मूल्यांकन 25 अंक का होगा। वहीं 12वीं का प्रैक्टिकल वाले विषयों का पेपर 70 अंक का और 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा। नान प्रैक्टिकल वाले विषयों का पेपर 80 अंक का होगा। इस बार दो अंक के छोटे-छोटे प्रश्र ज्यादा हल करने होंगे। वस्तुनिष्ट प्रश्न 30 अंक के होंगे और इस बार दीर्घउत्तरीय प्रश्नों की संख्या कम होंगी। स्कूलों में सैंपल पेपर से तैयारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छमाही परीक्षा के बाद भी कक्षा लगाकर तैयारी कराई जाएगी। दरअसल एमपी बोर्ड जुलाई में सभी विषयों के चैप्टरों का समूह बनाकर अंक योजना जारी कर चुका है। विषय के समूह बनाकर जारी किए गए है अंक माशिमं की 10वीं व 12वीं परीक्षा में पिछले साल तक विषयवार चैप्टरों के अनुसार अंक योजना निर्धारित की थी। इसमें बताया गया था कि किस विषय का कौन सा चैप्टर से कितने अंक के प्रश्र प्रश्नपत्र में आएंगे, लेकिन इस बार इसमें बदलाव किया गया है। वर्ष 2024-25 की परीक्षा में विषय में चैप्टरों का समूह बनाया गया है। छुट्टी के दिन भी लग रही है कक्षाएं भोपाल के कई स्कूलों में रविवार और त्योहार के दिन भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाईं जा रही हैं। सीएम राइज स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों को चयनित कर उनकी जिम्मेदारी शिक्षकों को अलग से दी गई है। सीएम राइज स्कूल रशीदिया के प्राचार्य केडी श्रीवास्तव ने बताया कि 10वीं व 12वीं में कमजोर विद्यार्थियों को चयनित किया गया है। उनकी विशेष तैयारी कराई जा रही है। 12वीं में नान प्रैक्टिकल विषय प्रश्नपत्र – 80 अंक आंतरिक मूल्यांकन – 20 अंक इस तरह का होगा प्रश्नों का पैटर्न     वस्तुनिष्ठ प्रश्न – 32 अंक     10 प्रश्र – दो अंक(शब्द संख्या) -30 शब्द – 20 अंक     चार प्रश्र – तीन अंक (शब्द संख्या) – 75 शब्द – 12 अंक     चार प्रश्र – चार अंक(शब्द संख्या) -120 शब्द – 16 अंक     प्रैक्टिकल वाले विषय के प्रश्नपत्र-70 अंक     प्रैक्टिकल – 30 अंक 10वीं का प्रत्येक विषय का प्रश्नपत्र – 75 अंक आंतरिक मूल्यांकन – 25 अंक इस तरह का होगा प्रश्नपत्रों का पैटर्न     वस्तुनिष्ट प्रश्न – छह     रिक्त स्थानों की पूर्ति – छह अंक     सही गलत प्रश्न – छह अंक     सही जोड़ी बनाओ – छह अंक     एक वाक्य में उत्तर – छह अंक     12 प्रश्र – दो अंक(शब्द संख्या 30 शब्द) – 24 अंक     तीन प्रश्न – तीन अंक(शब्द संख्या 75 शब्द)- नौ अंक     तीन प्रश्न – चार अंक (शब्द संख्या 120 शब्द) – 12 अंक   recent visitors 150

उत्तराखंड में एंट्री करने वाले वाहनों पर लगेगा ग्रीन सेस, फास्टैग वॉलेट से कटेगा पैसा

उत्तराखंड उत्तराखंड सरकार जल्द ही दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर हरित उपकर लगाएगी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह राशि 20 रुपए से लेकर 80 रुपए तक होगी तथा यह वाणिज्यिक और निजी वाहनों दोनों पर समान रूप से लागू होगी। वाहन मालिकों के फास्टैग वॉलेट से कटेगी राशि अधिकारी ने बताया कि दोपहिया, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहन, उत्तराखंड में पंजीकृत वाहन और एंबुलेंस तथा फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छूट दी जाएगी। संयुक्त आयुक्त (परिवहन) सनत कुमार सिंह ने बताया कि उपकर लगाने की व्यवस्था को लागू करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य दिसंबर के अंत तक इस प्रणाली को चालू करना है।'' अधिकारी ने कहा कि स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे उत्तराखंड के बाहर पंजीकृत वाहनों की पहचान करेंगे और वाहन मालिकों के फास्टैग वॉलेट से सीधे राशि काट ली जाएगी। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि तिपहिया वाहनों पर 20 रुपए, चार पहिया वाहनों पर 40 रुपए, मध्यम वाहनों पर 60 रुपए और भारी वाहनों पर 80 रुपए का शुल्क लगेगा। अधिकारी ने बताया कि उपकर एक दिन के प्रवेश के आधार पर लगाया जाएगा, लेकिन वाहन मालिकों के पास विस्तारित वैधता पास के लिए उच्च दर का भुगतान करने का विकल्प भी होगा, जैसे कि त्रैमासिक पास के लिए दैनिक दर का 20 गुना और वार्षिक पास के लिए दैनिक दर का 60 गुना भुगतान करना होगा।   recent visitors 86

मध्यप्रदेश में मुफ्त की योजना का लाभ मिलेगा 15 लाख परिवारों को, तेंदूपत्ता संग्राहको को भी मिलेगा सबंल का लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश के दो हेक्टेयर भूमि वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी संबल का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजना को स्वीकृति दे दी है। इस योजना का उन तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिलेगा जो संबल योजना के अपात्र हैं यानी जिन संग्राहकों के पास एक हेक्टेयर से अधिक और दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि है। एक हेक्टेयर कृषि भूमि वालों को लाभ संबल योजना में सिर्फ एक हेक्टेयर कृषि भूमि वाले संग्राहक को लाभ मिल सकता है। नई योजना के तहत वे तेंदूपत्ता संग्राहक ही योजना के पात्र मान जाएंगे, जिनकी पत्नी या पति शासकीय सेवा में न हों, आयकर दाता न हों तथा आयु 18 से 60 वर्ष हो। योजना के तहत संग्राहक की मृत्यु पर उसके वारिस को पांच हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता दी जाएगी।   35 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक इसके अलावा दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये, स्थायी अपंगता पर दो लाख रुपये एवं आंशिक अपंगता पर एक लाख रुपये अनुग्रह राशि के रूप में दिए जाएंगे। बता दें, मध्य प्रदेश में 15 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार है और 35 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक संग्रहण का कार्य करते हैं। इन्हें नहीं मिलेगा लाभ ऐसे तेंदूपत्ता संग्राहक जिनकी मृत्यु 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर होती है तो अनुग्रह राशि नहीं दी जाएगी। प्राकृतिक आपदा में मृत्यु पर भी यह अनुग्रह राशि नहीं दी जाएगी क्योंकि इसमें सहायता राजस्व विभाग द्वारा दी जाती है। recent visitors 103

हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र गीता में समाहित है और गीता सदैव हमारी प्रेरणा रही है, यही कारण है कि आज दुनिया की लाखों सभ्यताएं नष्ट भ्रष्ट हो गई परंतु हमारी हस्ती आज भी कायम है। हमने हमेशा आध्यात्म को सर माथे रखा। हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि हैं। प्रदेश में जिन स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े उन्हें मथुरा, वृंदावन की तरह ही विकसित किया जाएगा। प्रदेश भर में आज से 12 तारीख तक गीता उत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें गीता के माहात्म्य और शिक्षाओं को घर-घर पहुंचाया जाएगा। गीता, गंगा और गौ माता हमारी भाग्य विधाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शाजापुर में नवीन बस स्टैंड के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 22 करोड़ 43 लाख 37 हजार रूपये लागत के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 27 करोड़ 58 लाख 64 हजार रूपये लागत के 11 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित रचना पाठ में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन एक आदर्श साहित्यकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राजनेता थे। उनके ही कारण शाजापुर में रेलवे लाइन आई। मैं उनकी दृण इच्छा शक्ति और रचनाधर्मिता को नमन करता हूं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी भी महान कवि थे। कवियों और साहित्यकारों का समाज के उत्थान में बहुमूल्य योगदान है। यदि महर्षि वाल्मीकि नहीं होते तो भगवान श्रीराम के और यदि वेदव्यास न होते तो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को जन-जन तक कौन पहुंचाता। मैं मालवा के महान कवि महाकवि कालिदास और घटखर्पर को भी नमन करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता हमारे लिए अत्यंत पूजनीय है। पूरे प्रदेश में गौशालाएं बनाई जा रही हैं और जनता को घर-घर गाय पालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिस घर में गए पलती है वह घर गोकुल ही तो है। किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी और बिजली के साथ ही दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, सरकार दुग्ध खरीदी पर बोनस देगी। वर्तमान में प्रदेश में पूरे देश का 9% दुग्ध उत्पादन होता है, सरकार इसे 20% तक पहुंचाने के लिए प्रयत्नशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आधुनिक भारत का भगीरथ बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का देश की नदियों को जोड़ने का स्वप्न अब साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपए की लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंजूरी दी है। इसी माह लगभग 70 हजार करोड़ की लागत की पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस परियोजना से मालवा क्षेत्र की पुरानी कहावत "मालव देश गहन गंभीर, डगडग रोटी, पग पग नीर" फिर से चरितार्थ होने वाली है। शाजापुर में मेडिकल और शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज भी खुलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, अब 30 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं, 8 निर्माण अधीन है तथा 14 के टेंडर होने वाले हैं। इनमें शाजापुर का मेडिकल कॉलेज भी है। उन्होंने शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शाजापुर में आलू-प्याज मंडी बनाई जाएगी तथा पुरानी बाईपास को फोरलेन करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। मक्सी को तहसील बनाने की घोषणा पर भी कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 7 करोड रुपए की लागत के बस स्टैंड का आज शाजापुर में लोकार्पण किया गया है, यहां निजी बसों के अलावा भविष्य में राज्य परिवहन निगम की बसें भी आएगी। दो सरपंचों को पंचायत का प्रगति पत्रक सौंपा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले की ग्राम पंचायत खोरियाएमा सरपंच श्रीमती अनिता पाटीदार एवं सुन्दरसी सरपंच श्री देवीसिंह छावड़ी को ग्राम पंचायत का प्रगति पत्रक सौंपा। उल्लेखनीय है कि शाजापुर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की पहल पर ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं उद्यानिकी, राजस्व, स्कूल शिक्षा के संबंध में हुए कार्यों की जानकारी का संकलन किया गया है। यह पंचायत प्रगति पत्रक ग्राम पंचायतों में महत्वपूर्ण योजनाओं के लक्ष्य एवं प्रगति की संख्यात्मक जानकारी को प्रदर्शित करता है, इससे योजनाओं के मूल्यांकन में आसानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस स्टैंड के लोकार्पण समारोह में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया। इस अवसर पर सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी और विधायक श्री अरूण भीमावद ने संबोधित किया। साहित्य अकादमी के निदेशक श्री विकास दुबे ने बालकृष्ण शर्मा नवीन का जीवन परिचय दिया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण एवं शाजापुर जिले के प्रभारी श्री नारायण सिंह कुशवाह, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सहित विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।   recent visitors 130

सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम सरदार पटेल की आत्मा को संतोष प्रदान करते हैं, जो अधूरे संकल्प थे, उन्हें मोदी ने पूरा किया: अमित शाह

जोधपुर जोधपुर दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम सरदार पटेल की आत्मा को संतोष प्रदान करते हैं। जो अधूरे संकल्प थे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया है। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल के योगदान को दबाने का प्रयास किया, लेकिन अब उन्हें उचित सम्मान मिला है। सरदार पटेल को भारत रत्न से सम्मानित करने और उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के फैसले ने उनके योगदान को नई पहचान दी है। सरदार पटेल के अधूरे संकल्प हुए पूरे गृह मंत्री ने धारा 370 और 35ए के हटने, कॉमन सिविल कोड लाने और ट्रिपल तलाक को समाप्त करने जैसे कदमों को सरदार पटेल के सपनों को पूरा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के संकल्पों को पूरा करने में मोदी सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल का योगदान शाह ने सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके बिना भारत का वर्तमान स्वरूप असंभव था। उन्होंने रियासतों को एकीकृत कर भारत को मजबूत किया। जोधपुर एयरबेस और अन्य राष्ट्रीय परियोजनाओं में उनकी भूमिका को याद करते हुए शाह ने कहा कि सरदार पटेल को कांग्रेस ने कभी उचित सम्मान नहीं दिया, लेकिन मोदी सरकार ने "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" बनाकर उनकी विरासत को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया। recent visitors 82